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जेलों में मोबाइल पर हाईकोर्ट की नाराज़गी, प्रशासन से पूछे तीखे सवाल

चंडीगढ़. नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने जहां आरोपित को नियमित जमानत दे दी, वहीं जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए हरियाणा के जेल प्रशासन को आत्ममंथन करने की जरूरत बताई है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई कैदी हिरासत में रहते हुए मोबाइल फोन के जरिये आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यह आदेश जस्टिस संजय वशिष्ठ की एकल पीठ ने आरोपित आकाश उर्फ रिंकू द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिकाकर्ता ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में नियमित जमानत की मांग की थी। मामला फतेहाबाद के भूना थाना में दर्ज एफआइआर से जुड़ा है, जिसमें 505 ग्राम हेरोइन बरामद होने के बाद कई आरोपितों के नाम सामने आए थे। जांच के दौरान मुख्य आरोपित मोहन लाल ने बताया था कि उसने यह नशीला पदार्थ दिल्ली क्षेत्र में एक विदेशी नागरिक से खरीदा था और इस सौदे में अन्य आरोपितों की वित्तीय भूमिका रही। पुलिस ने आगे की जांच में कई सह-आरोपितों को गिरफ्तार किया और याचिकाकर्ता को भी जांच में शामिल किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है और उसे केवल पुलिस रिकार्ड में शामिल होने के कारण फंसाया गया है। यह भी कहा गया कि जिस मोबाइल फोन को नष्ट करने का आरोप लगाया गया, वह कभी उसके कब्जे में था ही नहीं, खासकर तब जब वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में था। अदालत ने रिकार्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कई आपराधिक मामले जरूर दर्ज हैं, लेकिन एनडीपीएस एक्ट में केवल एक ही मामले में सजा हुई है। अन्य मामलों में या तो वह बरी हुआ या सजा पूरी कर चुका है। सबसे अहम टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि एक कैदी जेल में रहते हुए अन्य आरोपितों से मोबाइल फोन के जरिये संपर्क में बताया जा रहा है, जबकि इसकी जानकारी जेल प्रशासन को नहीं थी। कोर्ट ने कहा कि या तो आरोप झूठे हैं या फिर जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है। इन टिप्पणियों के साथ अदालत ने आरोपित को जमानत देते हुए निर्देश दिया कि भविष्य में यदि वह समान गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसकी जमानत रद की जा सकती है। साथ ही, ट्रायल कोर्ट को मामले का स्वतंत्र और शीघ्र निपटारा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आंगनवाड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाने की मांग, Punjab में मोबाइल और पोषण ट्रैकर पर जोर

फतेहगढ़ साहिब. फतेहगढ़ साहिब में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन पंजाब (सीटू) के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष हरजीत कौर ने जिला प्रशासन को संबोधित करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए खरीदे गए नए मोबाइल फोन बिना किसी देरी के तुरंत वितरित किए जाएं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल देने का फैसला लिया था, लेकिन लंबे इंतजार के बाद अब जाकर फोन खरीदे गए हैं। कर्मचारियों को मोबाइल देने की मांग हरजीत कौर ने आशंका जताई कि इन मोबाइल फोन को कार्यकर्ताओं को देने के बजाय अन्य सरकारी कार्यों जैसे बीएलओ ड्यूटी या नशा सर्वेक्षण के लिए दूसरे कर्मचारियों को दिया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कार्यकर्ता किसी भी हालत में इस्तेमाल किए हुए फोन स्वीकार नहीं करेंगी और उन्हें केवल सील बंद यानी डिब्बा बंद फोन ही चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने निजी मोबाइल फोन से ही कई सरकारी काम कर रही हैं, जिनमें पोषण ट्रैकर, एम सेवा और पीएमबीवाई जैसे अनुप्रयोग शामिल हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से मोबाइल उपयोग के लिए मात्र 153.84 रुपये मासिक भत्ता दिया जा रहा है, जो आज के समय में रिचार्ज खर्च के लिए भी पर्याप्त नहीं है। यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनसे नए-नए कार्यों की अपेक्षा की जाती है, तो जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएं। यदि खरीदे गए मोबाइल फोन किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग किए गए, तो यूनियन इसकी जिम्मेदारी लेने से इनकार करेगी और आने वाले समय में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द मांगें पूरी करने की मांग की।

जनता के बीच पहुंची Durg पुलिस, ‘पुलिस जन मित्र योजना’ से रिश्ते होंगे मजबूत

दुर्ग. पुलिस एवं आम नागरिकों के बीच संवाद, विश्वास एवं सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने थाना सुपेला एवं थाना खुर्सीपार क्षेत्र में “पुलिस जन मित्र योजना” का शुभारंभ किया. इस योजना के तहत दुर्ग पुलिस नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा, महिला सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता, सूने मकानों की सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान कर रही है. विभिन्न जन-जागरूकता पोस्टर एवं मार्गदर्शिका के माध्यम से नागरिकों को हेल्पलाइन नंबर 1930 (साइबर फ्रॉड), 1091 (महिला सुरक्षा) एवं 1033 (नशा नियंत्रण) की जानकारी दी जाकर आवश्यक सुरक्षा उपायों एवं सावधानियों से अवगत कराया जा रहा है. यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से नागरिकों को पुलिस कार्यों से जोड़ते हुए उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है. योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता, बेहतर समन्वय एवं अपराधों की रोकथाम में सहायता प्राप्त होगी. आम नागरिकों से दुर्ग पुलिस की अपील दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे “पुलिस जन मित्र योजना” से जुड़कर कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा साइबर अपराध, नशा, यातायात नियमों एवं व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति सजग रहें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देकर सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें.

सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति

किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति छिन्दवाडा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,190 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति "मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम" के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषि भूमि के भूअर्जन पर गुणन कारक (मल्टीफिकेशन फैक्टर) को दोगुना करते हुए 2.0 कर दिया गया है। इससे अब अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा किसानों को दोगुना के स्थान पर बाजार दर से 4 गुना प्राप्त होगा। यह निर्णय संपूर्ण प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के अधिग्रहण पर लागू होगा। मंत्रि-परिषद ने नगरीय सीमा में मुआवजा गुणन कारक को यथावत एक रखा गया है। मंत्रि-परिषद ने इसके साथ सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के कार्यों के लिए लगभग 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति भी दी है। भू-अर्जन पर बाजार दर का 4 गुना मुआवजा मिलने से किसानों को होगा जबरदस्त फायदा मंत्रि-परिषद ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ' मध्यप्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015 ' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गुणन कारक (Multiplication Factor) को बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है, जिससे किसानों को अब उनकी कृषि भूमि का बाजार दर से 4 गुना मुआवजा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी। इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में मंत्री तुलसीराम सिलावट, राकेश सिंह और चेतन्य कुमार काश्यप की उप-समिति ने अनुशंसा की थीं। उप-समिति ने अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने के साथ ही विभिन्न् किसान संगठन क्रेडाई,सीआईआई और फिक्की से चर्चा के बाद यह रिपोर्ट तैयार की थी। सरकार के इस पारदर्शी और किसान-हितैषी निर्णय से प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा लाभ पहुँचेगा। इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन जिले की इन्दौख- रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की लागत राशि 157 करोड़ 14 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 10,800 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से झारड़ा तहसील के 35 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। छिन्दवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिये स्वीकृत राशि 840 करोड़ 80 लाख रूपये के स्थान पर लगभग 969 करोड़ रूपये का विशेष पुनर्वास पैकेज स्वीकृति किया गया है। यह विशेष पैकेज त्वरित क्रियान्वयन व विस्थापितों के अपेक्षित सहयोग के लिए केन-बेतवा अन्तर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के समकक्ष प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है। छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले में संगम 1 बाँध, संगम 2 बाँध, रामघाट बांध एवं पांढुर्णा जिले में बेलेंसिग रिजर्वायर (पांढुर्णा) इस प्रकार कुल 4 बांध प्रस्तावित है, जिससे छिन्दवाड़ा एवं पांढुर्णा जिलों के 1,90,500 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी । परियोजना से छिन्दवाड़ा जिले के 369 एवं पांढुर्णा जिले के 259 ग्राम इस प्रकार कुल 628 ग्राम लाभान्वित होंगे। लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार म..प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़कों का निर्माण को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 7 हजार 212 करोड़ रूपये, ग्रामीण सडकों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण और उन्नयन के कार्य की निरंतरता के लिए 6 हजार 150 करोड रूपये, पुलों और सड़कों के उन्नयन के लिए 1 हजार 87 करोड़ रूपये, भवनों के मरम्मत और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 765 करोड़ रूपये और वृहद पुलों का निर्माण की योजना को सोलहवें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031) तक में निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 9 हजार 950 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,191 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत ग्राम क्षेत्रों में शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत विद्यार्थियों को साइकिल प्रदाय करने से संबंधित निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखने के लिए 990 करोड़ रूपये और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं के वेतन भत्ते, कार्यालयीन व्यय एवं संस्थानों का सृदृढ़ीकरण से संबंधित 8 योजनाओं के संचालन के लिए 1,200 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना मध्यप्रदेश में वर्ष 2004-05 से संचालित की जा रही है। निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना अंतर्गत निर्धारित मापदण्ड अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत् विद्यार्थी जो कि शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत् है, तथा वह जिस ग्राम का निवासी है उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक / हाईस्कूल संचालित नहीं है तथा वह अध्ययन के लिए किसी अन्य ग्राम या शहर के शासकीय स्कूल में … Read more

क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 को हरी झंडी, Haryana के सीएम सैनी बोले- विपक्ष महिला विरोधी

गुरुग्राम. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुग्राम में हरियाणा कैबिनेट की बैठक की। लोकसभा में नारी वंदन अधिनियम गिरने के विरुद्ध भाजपा सरकार विधानसभा में विपक्ष के विरोध में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल को बुलाया गया है। सीएम नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 विधानसभा के स्पेशल सत्र में लाया जाएगा। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा के कॉमन कैडर के ग्रुप डी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए जरूरी नियम बनाने पर भी सहमति बनी है। अगर कॉमन कैडर ग्रुप डी कर्मचारियों ने 5 साल से ज्यादा की सर्विस पूरी की तो वे क्लर्क के पद पर प्रमोशन के लिए एलिजिबल होंगे। हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज रिक्रूटमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस बिल 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी गई है। ड्राफ्ट बिल में क्लर्क के पद के लिए ग्रुप डी से प्रमोशन के कोटे को 20% से 30% करने का प्रावधान किया गया। साथ ही 5% एक्स ग्रेशिया पद रखने की अनिवार्यता भी नियमों में शामिल की गई। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि 16 व 17 अप्रैल को संसद में जो कुछ हुआ उसने विपक्षी दलों का असली चेहरा देश के सामने उजागर किया। विपक्षी दलों का असली चरित्र महिला विरोधी और सत्ता का लोभी है। यह दिन देश के इतिहास में काले दिन के रूप में दर्ज हुआ। विपक्षी दलों ने महिलाओं को केवल वोट बैंक समझा लेकिन निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी से वंचित रखा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की भागीदारी कोई दया नहीं, उनका अधिकार है। विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया और कहा के इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा। गृहमंत्री ने तथ्यों के साथ स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। आने वाले समय में महिलाएं अपने वोट की ताकत से महिला विरोधी दलों को करारा जवाब देंगी।

अर्चना पूरन सिंह की ‘बहू’ बिकिनी में छाईं, बेटे के साथ कार में रोमांटिक अंदाज में नजर आईं

मुंबई  मशहूर एक्ट्रेस अर्चना पूरन सिंह के दोनों बेटे आर्यमन और आयुष्मान अपनी लव लाइफ को लेकर काफी ओपन हैं. अर्चना के बड़े बेटे आर्यमन एक्ट्रेस योगिता बिहानी संग रिश्ते में हैं. वहीं छोटे बेटे आयुष्मान योग ट्रेनर समीक्षा शेट्टी को डेट कर रहे हैं।    बिकिनी में अर्चना की बहू का जलवा आर्यमन और योगिता लंबे समय से एक दूसरे संग लिवइन रिलेशनशिप में रह रहे हैं. दोनों के रिश्ते को परिवार की मंजूरी भी मिल गई है. अर्चना भी अपनी होने वाली बहू के काफी क्लोज हैं।  बिकिनी में छाईं अर्चना की बहू           अर्चना के दोनों बेटे इन दिनों अपनी गर्लफ्रेंड्स संग वेकेशन पर हैं. अर्चना की होने वाली बड़ी बहू योगिता बिहानी ने वेकेशन से कई सारी तस्वीरें शेयर की हैं। योगिता एक तस्वीर में बीच पर चिल करती हुई दिखाई दे रही हैं. ब्लैक कटआउट मोनोकनी में वो काफी किलर लगीं। वेकेशन की दूसरी तस्वीर में योगिता व्हाइट बिकिनी में किलर पोज देती नजर आईं. उनका स्वैग देखते ही बनता है. फैंस उनके बोल्ड अंदाज पर दिल हार रहे हैं। योगिता अपने मंगेतर आर्यमन के साथ भी कार में रोमांटिक होती दिखीं. दोनों सुकून के पल बिताते दिखाई दिए.इस तस्वीर में योगिता बिकिनी पहने समंदर में चिल करती हुई दिखाई दे रही हैं. चारों तरफ पानी और सनसेट का खूबसूरत नजारा उनकी तस्वीर को और भी ज्यादा खूबसूरत बना रहा है. योगिता बिहानी की बात करें तो वो एक फेमस एक्ट्रेस हैं. कुछ टीवी शोज करने के बाद उन्होंने फिल्मों में कदम रखा. वो 'विक्रम वेधा' और 'द केरल स्टोरी' जैसी मूवीज में नजर आ चुकी हैं।  योगिता, अर्चना पूरन सिंह के बड़े बेटे आर्यमन की गर्लफ्रेंड हैं. योगिता और अर्चना लिवइन रिलेशनशिप में रहते हैं. दोनों जल्द ही शादी के बंधन में बंधेंगे। 

चौंकाने वाला स्कैम Bihar में: बकरी को बकरा बताकर बिक्री, फेविक्विक से फर्जी बदलाव का खुलासा

कटिहार. अगर आप मटन के शौकीन हैं और बाजार से बकरे का मीट खरीदते हैं तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। फलका हाट-बाजार में इन दिनों जालसाजी का एक ऐसा अनोखा तरीका सामने आया है, जिसे सुनकर लोग दंग हैं। यह नहीं कहा जा सकता है यह तरीका सिर्फ फलका तक ही सीमित है। वैसे फलका के कुछ शातिर कसाई फेविक्विक का इस्तेमाल कर ग्राहकों की आखों में धूल झोंक रहे हैं और 800 रुपये प्रति किलो की दर से बकरी को बकरा का मांस बनाकर बेच रहे हैं। कैसे हो रहा है फेविक्विक का कमाल बाजार में बकरे (खस्सी) के मांस की मांग और कीमत ज्यादा होती है। इसी का फायदा उठाने के लिए जालसाज कसाई बूढ़ी बकरियों को काटते हैं और फिर फेविक्विक की मदद से उनके शरीर पर कृत्रिम तरीके से अंडकोष (हाइड्रोसिल) चिपका देते हैं। दूर से देखने पर ग्राहक को लगता है कि वह बकरे का मांस खरीद रहा है, जबकि असल में वह घटिया दर्जे का बकरी का मीट होता है। पकड़ी गई चोरी, बाजार में मचा हंगामा इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब कुछ जागरूक ग्राहकों ने मांस खरीदते समय संदेह होने पर उसे खींचकर देखा। फेविक्विक से चिपकाया गया हिस्सा अलग होते ही कसाई की पोल खुल गई। बताया जा रहा है कि फलका हाट व बाजार में इस बात को लेकर कई बार ग्राहकों और बुचर (कसाई) समाज के बीच तीखी झड़प और विवाद भी हो चुका है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग ठगी के इस नए तरीके से मटन प्रेमियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने फलका प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि ऐसे कसाइयों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और दुकानों की औचक जांच की जाए। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक फलका सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डा अश्वनी कुमार ने बताया कि मांस जैसे खाद्य पदार्थ पर फेविक्विक जैसे घातक केमिकल का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

वैश्विक साझेदारी की ओर Punjab: Netherlands संग व्यापार बढ़ाने की तैयारी, CM मान की नजर इंडस्ट्री पर

चंडीगढ़. नीदरलैंड्स-इंडिया चैंबर आफ कामर्स एंड ट्रेड की चेयरपर्सन मिस एडिथ नार्डमैन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने और निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने वैल्यू एडिशन, निर्यात आधारित विकास और वैश्विक सप्लाई चेन के साथ तालमेल, विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में पंजाब के रणनीतिक फोकस को भी रेखांकित किया। भगवंत मान ने एनआइसीसीटी से पंजाब को डच उद्योगों से जोड़ने और क्षेत्र-विशेष भागीदारी तथा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को सक्रिय करने की अपील की। इस दौरान हेग में हुए निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक ताकत और उभरते अवसरों को प्रस्तुत किया, जिसमें नीदरलैंड्स के उद्योगपतियों, व्यापार प्रतिनिधियों और साझेदारों ने भाग लिया। उन्होंने राज्य में अनुकूल औद्योगिक माहौल, कुशल कार्यबल, प्रगतिशील नीतियां और निवेशक अनुकूल प्रशासनिक ढांचे के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की औद्योगिक व व्यापार विकास नीति 2026 देश की सबसे प्रतिस्पर्धी नीतियों में से एक है। मुख्यमंत्री ने फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल के माध्यम से सिंगल-विंडो क्लीयरेंस व समयबद्ध स्वीकृति के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से “पंजाब आइए, निवेश कीजिए और आगे बढ़िए” की बात कह निवेश के लिए आह्वान किया।

खड़गे पर चंद्राकर का वार: Ajay Chandrakar बोले- ‘संन्यास लेकर माला जपें’

रायपुर. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिसे लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने खड़गे के बयान का पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आतंकवादियों के निकट संपर्क में है. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह आतंकवादियों के साथ डिनर करते थे. विधायक चंद्राकर ने तंज करते हुए नसीहत दी कि खड़गे की जीभ और दिमाग नियंत्रण में नहीं है, उन्हें संन्यास लेकर माला जपना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष पर चंद्राकर ने किया हमला छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल्द ही विशेष सत्र की चर्चा है, जिसमें राज्य सरकार निंदा प्रस्ताव लाने जा रही है. महिला आरक्षण कानून और डीलिमिटेशन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित न होने के विरोध में यह प्रस्ताव लाया जाएगा. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने विशेष सत्र को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसपर विधायक चंद्राकर ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद स्पष्ट होगा कि सत्र क्यों हो रहा है. नेता प्रतिपक्ष का जवाब देंगे. उन्हें विधि विधाई प्रक्रिया का ज्ञान नहीं है. कांग्रेस में यदि कोई ज्ञानी हो तो वह उनसे जानकारी ले. बीजेपी मुद्दे को जनता तक लेके जा रही : विधायक चंद्राकर  कांग्रेस ने बीजेपी सांसदों से रामचरित मानस और संविधान की कसम खाकर महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ या नहीं, इसका जवाब मांगा है. मामले पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि इसमें प्रश्नों से बात नहीं हो पाएगी, जिनकी मांग है वो खुलकर चर्चा करें. जो परिस्थितियां बनी है वो विधेयक में है. बीजेपी मुद्दे को जनता तक लेके जा रही है. 

खाद्य मंत्री राजपूत ने किया अपील: पीएनजी पाइपलाइन वाले क्षेत्र में कनेक्शन जरूर लें

जिस क्षेत्र में पीएनजी पाइपलाइन है, वहां इसका कनेक्शन जरूर लें : खाद्य मंत्री राजपूत पीएनजी नेटवर्क का हो रहा तेजी से विस्तार भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि वर्तमान मिडिल ईस्‍ट संघर्ष से उत्‍पन्‍न परिस्थितियों से निपटने के लिए भारत सरकार द्वारा पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्‍तार कर, ऐसे स्‍थानों पर जहां पर सीजीडी संस्‍था की पाईलाईन मौजूद है, घरेलू, व्‍यावयिक एवं औद्योगिक उपभोक्‍ताओं को एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इस संबंध में जिला स्‍तर पर जिला प्रशासन, खाद्य विभाग, नगरीय निकाय, ऑयल कंपनी एवं सीजीडी संस्‍थाओं के अधिकारियों द्वारा सतत रूप से कैंम्‍पों का आयोजन कर पीएनजी के लाभ एवं पीएनजी कनेक्‍श्‍न प्राप्‍त करने की प्रक्रिया से आम जनता को अवगत कराया जा रहा है। जहाँ पर पीएनजी की पाइपलाइन है यदि वहाँ के उपभोक्ता ने पीएनजी कलेक्शन नहीं लिया तो उनको जून के बाद एलपीजी का सिलेंडर प्राप्त नहीं होगा। इसलिए ऐसे उपभोक्ताओं को जिनके घर के पास से पीएनजी की पाइप लाइन जा रही है, उनको पीएनजी का कनेक्शन लेना अनिवार्य है। मंत्री राजपूत ने गैस उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि जिस क्षेत्र में पीएनजी की पाइप लाइन है, वहां पीएनजी कनेक्शन जरूर लें। यह एलपीजी से ज्यादा सस्ती और सुरक्षित है। पीएनजी का मतलब पाइप्ड नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) है। यह मुख्य रूप से मीथेन (CH4) से बनी एक प्राकृतिक गैस है, जो पाइपलाइन के माध्यम से सीधे घरों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। यह सिलेंडर (एलपीजी) का एक सुरक्षित, सुविधाजनक और स्वच्छ विकल्प है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से कुकिंग के लिए किया जाता है। पीएनजी के लाभ एक हरा ईंधन – मीथेन में कार्बन और हाइड्रोजन का अनुपात सबसे कम है, जो पीएनजी को सबसे स्वच्छ ईंधनों में से एक बनाता है। भारत में पीएनजी के घरेलू भंडार बहुत अधिक हैं, इसलिए एलपीजी की तुलना में पीएनजी का उत्पादन और आपूर्ति भू-राजनीतिक उथल-पुथल से कम प्रभावित होती है। एलपीजी प्राप्‍त करने के लिये उपभोक्ताओं को ऑयल कंपनी में बार-बार सिलेण्‍डर बुक कराना पड़ता है, जबकि पीएनजी में कुकिंग गैस 24×7 सुलभ रूप से उपलब्ध होती है। एलपीजी की अपेक्षाकृत पीएनजी कम दर पर उपलब्‍ध है। पीएनजी के उपभोक्‍ता को उसके द्वारा वास्‍तविक उपयोग की गई, मात्रा का ही भुगतान करना होता है, जबकि एलपीजी के संबंध में पूरा सिलेंडर बुक करके प्राप्‍त किया जाता है। पीएनजी पर पकाए गए भोजन का पोषण मूल्य बेहतर होता है, क्योंकि एलपीजी की तुलना में पीएनजी से निकलने वाली गर्मी की तीव्रता कम होती है। मौजूदा एलपीजी स्टोव को बहुत कम खर्च पर पीएनजी के उपयोग के लिए बदला जा सकता है। क्या PNG सुरक्षित है पीएनजी बिल्कुल सुरक्षित है, क्योंकि नेचुरल गैस (पीएनजी) हवा से हल्की होती है। रिसाव की स्थिति में, गैस ऊपर उठ जाएगी और पर्याप्त वेंटिलेशन के साथ आसपास की हवा में फैल जाएगी। पीएनजी कनेक्शन कैसे प्राप्त करें पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें। केवायसी दस्तावेज के रूप में पहचान और स्वामित्व प्रमाण/मकान मालिक की एनओसी लायें कण्‍ट्रोल रूम सीजीडी संस्‍थाओं को घरेलू एवं व्‍यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्‍शन प्राप्‍त करने के लिये सीजीडी संस्‍थाओं के कन्‍ट्रोल रूम नं. निम्‍नानुसार हैं। i. अवंतिका गैस लिमिटेड इंदौर, उज्‍जैन, ग्‍वालियर (9424098887) ii. गैल गैस लिमिटेड देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788) iii. नवेरिया गैस लिमिटेड धार (07292-223311) iv. थिंक गैस भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107) v. आईओसीएल गुना (9425991090), मउगंज, रीवा(9424836488), अशोकनगर(9425119522), मुरैना(7223982333) vi. बीपीसीएल मैहर, सतना, शहडोल(9424738607), सीधी, सिंगरौली(9424341954) vii. गुजरात गैस लि. रतलाम (7412230292) प्रदेश के उन शहरों में जिन स्‍थानों से पाईपलाईन गई है, उस पाईपलाईन के आस-पास के घरेलू एवं व्‍यावसायिक उपभोक्‍ता पीएनजी कनेक्‍शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश के अन्‍य जिलों में पाईपलाईन का विस्‍तार होने के उपरांत पीएनजी कनेक्‍शन प्रदाय किये जा सकेंगे।