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भोपाल में गैस एजेंसी पर कार्रवाई की तैयारी, खाद्य विभाग ने एडीएम को सौंपा रिपोर्ट, एक एजेंसी रिटायर्ड अफसर की

भोपाल  राजधानी भोपाल में गैस एजेंसियों से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां खाद्य विभाग की जांच में भारी अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद की बीएस एचपी गैस एजेंसी में सिलेंडर स्टॉक, सप्लाई और बिलिंग में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंप दी गई है, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक हजारों गैस सिलेंडर गायब पाए गए हैं और उपभोक्ताओं को बिना डिलीवरी के ही ‘डिलीवर्ड’ दिखाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह मामला बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितता और उपभोक्ता ठगी से जुड़ा हो सकता है। भोपाल के जेके रोड स्थित फीनिक्स एचपीसीएल और कोटरा सुल्तानाबाद स्थित बीएस एचपी गैस एजेंसियों की जांच पूरी हो गई है। इसके बाद खाद्य विभाग ने जांच रिपोर्ट एडीएम प्रकाश नायक को सौंपी है। दो में से एक एजेंसी खाद्य विभाग के ही रिटायर्ड अफसर और उनके रिश्तेदार की है। बता दें कि एजेंसियों में गैस सिलेंडर की सप्लाई की शिकायत मिली थी। इसके बाद फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने टीम से जांच करवाई थी। जांच में सामने आया कि करीब 36 हजार वर्गफीट क्षेत्र में दोनों एजेंसियों के साझा गोदाम बने हैं। दोनों एजेंसियां का रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी से कनेक्शन जांच में एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों की होना सामने आया है। फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया कि जांच रिपोर्ट  को कलेक्टर को सौंपी। आगे की कार्रवाई कलेक्टर द्वारा की जाएगी। स्टॉक जांच में सबसे बड़ी गड़बड़ी फीनिक्स एजेंसी में मिली। यहां 350 घरेलू, 350 कमर्शियल, और 2 हजार 5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर गायब थे। बीएस एजेंसी के गोदाम में भी 254 भरे सिलेंडर गायब मिले। यहां कमर्शियल सिलेंडरों के स्टॉक में भी गड़बड़ी सामने आई। जांच में एजेंसियां रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदारों की होना सामने आया है। मुख्य विवरण जांच में सामने आया कि फीनिक्स एजेंसी से 350 घरेलू, 350 कमर्शियल और करीब 2 हजार छोटे सिलेंडर गायब हैं। वहीं बीएस एजेंसी के गोदाम से भी 254 भरे सिलेंडर कम पाए गए।रिपोर्ट्स के अनुसार कई उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन गैस बुकिंग की, लेकिन उन्हें सिलेंडर कभी नहीं मिला। इसके बावजूद सिस्टम में डिलीवरी पूरी दिखा दी गई। जांच में यह भी पाया गया कि ऐसे सिलेंडर ज्यादा कीमत लेकर अन्य ग्राहकों को बेच दिए गए। मिड हेडिंग: फर्जी बिलिंग का खेल जांच में फर्जी बिलिंग और अतिरिक्त वसूली का मामला भी सामने आया है।एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं से होम डिलीवरी चार्ज लेने के बावजूद उन्हें खुद आकर सिलेंडर लेने पर मजबूर किया गया।बताया गया कि ‘कैश एंड कैरी’ के नाम पर हर महीने लाखों रुपए की अवैध वसूली की जा रही थी। इसके अलावा 238 रुपए का फर्जी ‘सुरक्षा निरीक्षण शुल्क’ लेकर करीब 10 लाख रुपए तक की वसूली का मामला भी उजागर हुआ है। खाद्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गैस सिलेंडर की सप्लाई में गड़बड़ी हो रही है। इसके बाद फूड कंट्रोलर ने टीम गठित कर जांच शुरू कराई।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों एजेंसियों का साझा गोदाम करीब 36 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बना है और संचालन में पारदर्शिता की कमी है। एक एजेंसी रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी बताई जा रही है। मिड हेडिंग: सप्लाई में हेरफेर ट्रांसपोर्ट और सप्लाई सिस्टम में भी गड़बड़ी मिली है।रिपोर्ट के अनुसार गैस सिलेंडर लेकर आने वाले ट्रक तय समय से कई घंटे देरी से पहुंचे, जिससे बीच में हेरफेर की आशंका जताई गई है।इसके अलावा एजेंसी द्वारा बताए गए 9 डिलीवरी वाहनों में से केवल 5 ही सक्रिय पाए गए, जिससे वितरण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। आधिकारिक बयान अधिकारियों के अनुसार यह मामला गंभीर है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।सूत्रों के मुताबिक 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई है और जल्द ही FIR दर्ज हो सकती है।जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। प्रभाव / विश्लेषण इस मामले ने शहर के हजारों गैस उपभोक्ताओं को प्रभावित किया है।बिना डिलीवरी के भुगतान, फर्जी बिलिंग और अवैध वसूली जैसी गतिविधियों से लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला गैस वितरण प्रणाली में निगरानी की कमी को उजागर करता है और इससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े होते हैं। प्रशासन अब इस मामले में सख्त कार्रवाई के मूड में है।FIR दर्ज होने के बाद संबंधित एजेंसियों के संचालकों पर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और लाइसेंस रद्द होने की संभावना है। आने वाले दिनों में अन्य गैस एजेंसियों की भी जांच तेज हो सकती है, ताकि इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।  सिलेंडर बुक हुए, लेकिन ग्राहकों तक पहुंचे ही नहीं जांच में सामने आया कि गैस एजेंसियों के संचालकों ने बड़ी संख्या में सिलेंडरों का हेरफेर किया है। जिन्होंने ऑनलाइन गैस सिलेंडर बुक कराए थे, एजेंसियों की ओर से उन उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं पहुंचाए। जब उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचे तो पता चला कि उनको सिलेंडर की डिलीवरी हो गई है, जबकि उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचे ही नहीं थे। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सिलेंडर अधिक पैसे लेकर किसी और को दिए गए। एजेंसियों के गोदाउन में स्टॉक के अनुसार भी सिलेंडर नहीं पाए गए। इतना नहीं शहर इन एजेंसियों की अलावा अन्य एजेंसियों व अवैध परिवहन, अवैध रिफिलिंग करने वालों की भी जांच रिपोर्ट एडीएम को दी गई है। 10 से 12 मामलों की जांच रिपोर्ट सौंपी गई है। ऐसे में इन एजेंसियों के संचालकों व अवैध गैस सिलेंडरों का परिवहन व रिफिलिंग करने वालों पर जुर्माना व एफआईआर तक कार्रवाई हो सकती है। एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुमोदन पर एडीएम संबंधित गैस कंपनियों को एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव जल्द भेजा सकता है। 238 रुपए का फर्जी सुरक्षा चार्ज, 10 लाख की वसूली उजागर जेके रोड स्थित मीनाल रेसिडेंसी की मेसर्स फिनिक्स एचपीसीएल गैस एजेंसी में 10 तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। जानिए क्या हैं वो 10 प्रकार की गड़बड़ियां, इनके जरिए कैसे … Read more

BJP की बड़ी कार्यशाला में निगम-मंडल नियुक्तियों की चर्चा, CM, प्रदेश अध्यक्ष और कई दिग्गज शामिल

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर में भाजपा के संगठनात्मक महाअभियान को लेकर आज एक बड़ी कार्यशाला आयोजित की जा रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग के तहत जिला स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण के लिए विषय वक्ताओं को तैयार करने का यह विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। इंदौर के डेली कॉलेज में आयोजित इस पश्चिम मध्य क्षेत्रीय कार्यशाला में देश और प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने भाग लिया। सत्र में भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने मार्गदर्शन दिया। कार्यशाला को अलग-अलग सत्रों में आयोजित किया गया है। इस कार्यशाला में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा, दमन-दीव और दादरा एवं नगर हवेली सहित छह राज्यों के 348 से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। दरअसल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग महाअभियान के तहत मंडल स्तर के प्रशिक्षण पहले ही पूरे किए जा चुके हैं और अब जिला स्तर के प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए विषय वक्ताओं को तैयार करने के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है, ताकि संगठन को और अधिक मजबूत किया जा सके। प्रशिक्षण वर्ग को लेकर डेली कॉलेज में खास तैयारी की गई है। पूरे परिसर को भगवा रंग से सजाया गया है। प्रशिक्षण वर्ग में आने वाले सभी कार्यकर्ताओं के मोबाइल भी बाहर ही जमा कराए जा रहे हैं, जो पूरा प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद ही उन्हें वापस दिए जाएंगे।

EVM के बटन पर गोंद या परफ्यूम लगाना पड़ा महंगा, बंगाल चुनाव से पहले EC ने कसी नकेल

कोलकाता भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारियों को कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बटनों के साथ होने वाली छेड़छाड़ को रोकने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए दिए गए हैं। ये हैं EVM बटनों से छेड़छाड़ रोकने के लिए सख्त नियम- सभी उम्मीदवार बटन स्पष्ट रूप से दिखने चाहिए बैलट यूनिट पर लगे हर उम्मीदवार के बटन पूरी तरह से खुलकर और साफ-साफ दिखाई देने चाहिए। किसी भी बटन को टेप, गोंद, चिपकने वाले पदार्थ या किसी अन्य सामग्री से ढकना या छिपाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। आयोग का कहना है कि मतदाता को अपना वोट डालने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और यह सुनिश्चित होना चाहिए कि कोई भी बटन जानबूझकर छिपाकर मतदान को प्रभावित न किया जाए। बटन पर कोई रंग, स्याही, परफ्यूम या केमिकल नहीं लगाया जाएगा बैलट यूनिट के उम्मीदवार बटन पर किसी भी प्रकार का रंग, स्याही, परफ्यूम (इत्र), केमिकल या अन्य कोई पदार्थ लगाना निषिद्ध है। ऐसा करने का उद्देश्य वोट की गोपनीयता भंग करना हो सकता है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाएगा। कभी-कभी कुछ लोग बटन पर ऐसे पदार्थ लगाकर बाद में पता लगाने की कोशिश करते हैं कि किस बटन को दबाया गया था, जिससे मतदान की गोपनीयता खतरे में पड़ जाती है। आयोग इसे वोट की पवित्रता पर हमला मानता है। कोई भी अनियमितता मिलने पर तुरंत सूचना दें यदि प्रिसाइडिंग अधिकारी को मतदान केंद्र पर ऊपर बताई गई कोई भी बात नजर आए, जैसे बटन ढका हुआ हो या उस पर कोई पदार्थ लगा हो तो उन्हें तुरंत सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को सूचित करना होगा। यह चुनावी अपराध है आयोग ने साफ कहा है कि ऐसे सभी मामले को EVM से छेड़छाड़ माना जाएगा जो चुनावी अपराध है। आयोग ने चेतावनी दी है कि वह ऐसे दोषियों के खिलाफ सख्त फौजदारी कार्रवाई करने में बिल्कुल नहीं हिचकेगा। तुरंत रिपोर्टिंग और पुनर्मतदान की चेतावनी पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि उन्हें मतदान केंद्र पर ऐसी किसी भी संदिग्ध घटना का पता चलता है, तो वे बिना देरी किए संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को इसकी सूचना दें। चुनाव आयोग ने चेतावनी दी है कि वह ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। यदि किसी बूथ पर ऐसी घटना की पुष्टि होती है, तो आयोग वहां पुनर्मतदान का आदेश भी दे सकता है। आगामी विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम चुनाव आयोग के ये निर्देश पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले मतदान से ठीक पहले लागू किए गए हैं। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में गुरुवार 23 अप्रैल को मतदान होगा। बंगाल में दो चरणों में चुनाव हो रहा है। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को निर्धारित है। केरल, पुडुचेरी और असम में इस महीने की शुरुआत में ही मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन सभी राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव संपन्न कराने में लगे किसी भी अधिकारी की ओर से यदि कोई लापरवाही, कदाचार, पक्षपात या विफलता पाई जाती है तो इसे बेहद गंभीरता से लिया जाएगा। चूक की गंभीरता के आधार पर कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पहलगाम हमले के बलिदानी Vinay Narwal को श्रद्धांजलि, Karnal में नम आंखों से अंतिम सलाम

करनाल. करनाल के संत कबीर पब्लिक स्कूल में पहलगाम हमले के बलिदानी विनय नरवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विनय नरवाल की बहन सृष्टि ने कहा कि उनके भाई के नाम पर करनाल में एक चिकित्सा संस्थान का नामकरण किया जाए। उनका पूरा परिवार एक साल पहले हुए आतंकी हमले की घटना से अभी तक उभरा नहीं है। हलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले को कल एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। इस हमले ने जहां देश को झकझोर दिया था, वहीं हरियाणा के करनाल के एक परिवार के लिए समय जैसे उसी दिन थम गया। हमले की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर भारतीय नौसेना के बलिदानी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता, राजेश नरवाल ने नम आंखों से अपने बेटे को याद किया। राजेश नरवाल ने उस काली रात को याद करते हुए बताया कि वह पल उनके जीवन का सबसे कठिन समय था। उन्होंने कहा कि कल एक साल पूरा हो जाएगा। मुझे वह पल आज भी साफ याद है, मैं सो रहा था, तभी मुझे वह बुरी खबर मिली। उस एक पल ने मेरी पूरी दुनिया बदल दी। जिंदगी जैसे वहीं थम सी गई। क्या बोले विनय नरवाल के पिता विनय नरवाल के पिता ने कहा कि एक शहीद का पिता होने का गौरव तो है, लेकिन एक पिता का हृदय आज भी इस सच्चाई को स्वीकार करने में संघर्ष कर रहा है। राजेश ने भावुक होते हुए कहा, "शुरुआत में ऐसा लगता था जैसे वह बस अभी वापस आ जाएगा। दिमाग को हकीकत पता थी, लेकिन मन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं था। यह बहुत दर्दनाक है। मुझे उसकी बहुत याद आती है, और उसकी वही अच्छी यादें अब मुझे सबसे ज्यादा परेशान करती हैं।" बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। मृतकों में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल थे। बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। मृतकों में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी शामिल थे।

बिहार में आज बड़ी बैठक: Samrat Choudhary की कैबिनेट ‘विकसित भारत, समृद्ध बिहार’ एजेंडे पर करेगी मंथन

पटना. मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे से लौटते ही एक्‍शन मोड में होंगे। प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात के बाद बुधवार शाम छह बजे उन्होंने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी दूसरी कैबिनेट बैठक है, लेकिन राजनीतिक लिहाज से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली में पीएम से मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने ‘विकसित भारत और समृद्ध बिहार’ के विजन पर मार्गदर्शन मिलने की बात कही। इसे सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले फैसलों के लिए केंद्रीय नेतृत्व से ‘ग्रीन सिग्नल’ के तौर पर देखा जा रहा है। कैबिनेट में दिखेगा पावर बैलेंस? कैबिनेट बैठक में डिप्टी सीएम व‍िजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद रहेंगे। फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने के कारण सभी विभाग इन्हीं तीन नेताओं के पास हैं। ऐसे में आज की बैठक में लिए जाने वाले फैसले सरकार की प्राथमिकताओं और सत्ता के भीतर पावर बैलेंस को भी साफ कर सकते हैं। विश्वासमत से पहले ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ 24 अप्रैल को होने वाले विशेष विधानसभा सत्र में सम्राट चौधरी को विश्वासमत हासिल करना है। इससे ठीक पहले कैबिनेट बैठक को ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार कुछ बड़े और जनहित से जुड़े फैसलों के जरिए राजनीतिक बढ़त लेने की कोशिश कर सकती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है। भाजपा संगठन से भी साधा तालमेल दिल्ली दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने भाजपा नेतृत्व से भी मुलाकात की। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ उनकी बैठक को संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

मानवता की मिसाल: Dantewada में सेना के जवानों ने गर्भवती की बचाई जान

दंतेवाड़ा. नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों ने मानवता की मिसाल पेश की है। दंतेवाड़ा के सालेपाल गांव में गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। इलाके में एंबुलेंस सुविधा समय पर नहीं मिल सकी। सूचना मिलते ही सीआरपीएफ जवान मौके पर पहुंचे। महिला को सुरक्षित वाहन में बैठाकर बारसूर अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर इलाज मिलने से स्थिति संभल गई। चिकित्सकों ने बताया कि प्रसव मामलों में हर मिनट अहम होता है। जवान भर्ती होने तक अस्पताल में साथ रहे। परिजनों ने नम आंखों से जवानों का आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा सुरक्षा बल भरोसे का चेहरा बन रहे हैं। स्वास्थ्य और मदद के मोर्चे पर भी जवान साथ खड़े हैं। इस पहल ने जनता और सुरक्षा बलों का रिश्ता और मजबूत किया है। खाट पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड फोर्स के जवानों ने दिवस मानवता की मिसाल पेश की थी. दंतेवाड़ा (Dantewada) में सर्च ऑपरेशन के दौरान प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला (pregnant woman) को डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) फोर्स के जवान ने खाट पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया. यहां तैनात जवान अक्सर यहां के निवासियों की मदद करते हैं. अब ऐसा ही एक मामला दंतेवाड़ा के गांव रेवाली में सामने आया. यहां डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड फोर्स के जवानों ने गर्भवती महिला को खाट पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाया. दरअसल, नक्सलियों ने गांव रेवाली की सड़क को कई जगह से काट दिया था. इस बीच गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. उनके पति ने जब एंबुलेंस के लिए फोन किया तो नक्सलियों द्वारा सड़क काट दिए जाने के कारण एम्बुलेंस वालों ने गांव तक पहुंचने में असमर्थता जताई.

केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही महादेव का जयकारा, दर्शनार्थियों पर हुई पुष्प वर्षा

रुद्रप्रयाग केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही पूरा धाम हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। इसी के साथ केदारनाथ यात्रा का शुभारंभ हो गया। कपाटोद्घाटन के सैकड़ों श्रद्धालु साक्षी बने। बाबा केदार के धाम को को करीब 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहले ही धाम पहुंच चुके थे और कपाट खुलने के इस अद्भुत क्षण साक्षी बने। बाबा के कपाट खुलने से हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार प्रातः शुभ मुहूर्त में ठीक 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसी के साथ केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया। कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे। इस दौरान हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने और पूरा धाम भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। प्रातः लगभग 4 बजे से ही धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हो गए थे। पंचमुखी डोली की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भगवान की डोली को मंदिर प्रांगण में लाया गया, जहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत कपाट खोलने की तैयारियां पूरी की गईं।ठीक 8 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही सर्वप्रथम भगवान की पंचमुखी डोली को गर्भगृह में प्रवेश कराया गया और सभी धार्मिक औपचारिकताओं के पश्चात भगवान केदारनाथ विधिवत विराजमान हुए। कपाट खुलने के दौरान हेलीकॉप्टर से मंदिर पर भव्य पुष्प वर्षा की गई, जिसने श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था को और भी बढ़ा दिया।इस भव्य आयोजन के साथ ही बाबा केदार के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का सिलसिला शुरू हो गया है।श्रद्धा, आस्था और भक्ति के इस अद्भुत संगम ने पूरे केदारनाथ धाम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।  

एमपी के एक जिले में जल संकट बढ़ा, 15 जुलाई तक अभावग्रस्त घोषित, कलेक्टर ने जारी किया सख्त आदेश

छतरपुर  एमपी के छतरपुर जिले में इस वर्ष औसत से कम वर्षा के चलते आने वाले ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत पूरे जिले… छतरपुर (राजेश चौरसिया): एमपी के छतरपुर जिले में इस वर्ष औसत से कम वर्षा के चलते आने वाले ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत पूरे जिले को 15 जुलाई 2026 तक के लिए जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। पेयजल स्रोतों का सीमित उपयोग जरूरी जारी आदेश के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के पेयजल स्रोतों का उपयोग सिंचाई या व्यावसायिक कार्यों में नहीं कर सकेगा। प्रशासन का उद्देश्य आम जनता के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। 150 मीटर दायरे में नए नलकूप पर प्रतिबंध हैंडपंप या ट्यूबवेल के 150 मीटर की परिधि में नए हैंडपंप या ट्यूबवेल का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा निस्तारी तालाबों के पानी का उपयोग भी सिंचाई और व्यावसायिक कार्यों के लिए नहीं किया जा सकेगा। विशेष अनुमति के बाद ही होगा नलकूप खनन शासकीय कार्यों को छोड़कर अन्य सभी नलकूपों के खनन पर रोक लगा दी गई है। हालांकि विशेष परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की लिखित अनुमति मिलने पर ही नलकूप खोदे जा सकेंगे। उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क जिला प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय संभावित जल संकट को देखते हुए लिया गया है, ताकि गर्मी के दौरान आम लोगों को पेयजल की कमी का सामना न करना पड़े। 150 मीटर के दायरे में नहीं खुदेंगे नए हैंडपंप-ट्यूबवेल प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले में नए नलकूपों के खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। अब किसी भी मौजूदा हैंडपंप या ट्यूबवेल के 150 मीटर के दायरे में नया हैंडपंप या ट्यूबवेल नहीं खोदा जा सकेगा। शासकीय कार्यों के लिए नलकूप खनन को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। हालांकि, आम लोगों को विशेष परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की लिखित अनुमति प्राप्त होने पर ही नलकूप खोदने की परमिशन मिल सकेगी। निस्तारी तालाबों के पानी से सिंचाई और व्यापार पर बैन प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी के मौसम में आम जनता के लिए पेयजल की कमी को दूर करना है। इसके लिए तय किया गया है कि अब जिले में कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के पेयजल स्रोतों का उपयोग खेतों की सिंचाई या व्यावसायिक कार्यों के लिए नहीं कर सकेगा। इसके अतिरिक्त, निस्तारी तालाबों के पानी का उपयोग भी सिंचाई और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए पूरी तरह से वर्जित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वन8 कम्यून पर कर्ज का बोझ, विराट कोहली ने किया नाता तोड़, कोर्ट ने लगाया ताला

 बेंगलुरु बेंगलुरु के चर्चित रेस्टोरेंट वन8 कम्यून (One8 Commune) पर आखिरकार ताला लग गया है. शहर के सिविल कोर्ट के आदेश के बाद इस आउटलेट को बंद कर दिया गया, क्योंकि मालिकों पर ₹2 करोड़ से ज्यादा का बकाया किराया और अन्य भुगतान लंबित था।  इस पूरे मामले में बड़ा नाम जुड़ा है भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली का, जिन्होंने अब इस रेस्टोरेंट से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, कोहली ने न सिर्फ अपनी साझेदारी खत्म की, बल्कि अपने ब्रांड 'One8' का नाम भी इस आउटलेट से हटा लिया है।  रेस्टोरेंट का संचालन ट्रायो हिल्स हॉस्पिटैलिटी कर रही थी, जिसने करीब 6 महीने से किराया नहीं चुकाया था. इसके अलावा मेंटेनेंस चार्ज और रेवेन्यू शेयर भी बकाया थे. लगातार नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर बिल्डिंग मालिक को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जिसके बाद कोर्ट ने रेस्टोरेंट को बंद करने का आदेश दिया।  यह आउटलेट पहले भी नियमों के उल्लंघन को लेकर विवादों में रहा था. बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) ने फायर सेफ्टी और अन्य नियमों को लेकर कई बार नोटिस जारी किए थे. सूत्रों के अनुसार, इन्हीं मुद्दों और बार-बार की शिकायतों के चलते कोहली ने खुद को इस प्रोजेक्ट से दूर कर लिया।    बताया जा रहा है कि ब्रांड वैल्यू गिरने और ग्राहकों की संख्या कम होने से बिजनेस पर भी असर पड़ा, जिससे नुकसान लगातार बढ़ता गया. फिलहाल कोर्ट के निर्देश के अनुसार, जब तक सभी बकाया राशि का भुगतान नहीं हो जाता, रेस्टोरेंट बंद ही रहेगा। क्या है वन8 कम्यून? र‍िपोर्टो के मुताब‍िक- वन8 कम्यून (One8 Commune) विराट कोहली द्वारा स्थापित एक प्रीमियम रेस्टोरेंट और बार सीरीज है. यह ब्रांड दिल्ली (एयरोसिटी), गुरुग्राम, पुणे, कोलकाता, नोएडा, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में स्थित है और वर्ल्ड लेवल के व्यंजनों, शानदार माहौल और जीवंत सामुदायिक भोजन (Dining) के लिए जाना जाता है.  यह विराट कोहली के 'वन8' ब्रांड का हिस्सा है और इसे ट्रू पैलेट हॉस्पिटैलिटी के साथ पार्टनरश‍िप में चलाया जाता है। 

हरा सोना संग्राहकों के लिए बड़ी राहत, आय बढ़ाने की दिशा में 920 करोड़ रुपए का संभावित भुगतान

हरा सोना संग्राहकों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, 920 करोड़ रुपए का होगा संभावित भुगतान लगभग 920 करोड़ रुपए का होगा संभावित भुगतान तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में जुड़े 13 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार रायपुर छत्तीसगढ़ और अन्य वन क्षेत्रों में तेंदूपत्ता को हरा सोना कहा जाता है, जो आदिवासियों और वनवासियों की आजीविका का मुख्य साधन है। हाल के नीतिगत बदलावों और सरकारी पहलों के कारण इन संग्राहकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस कार्य से प्रदेश के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवार जुड़े हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को लगभग 920 करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है।           वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य शासन द्वारा लघु वनोपज संग्राहकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। वर्ष 2024 से प्रति मानक बोरा की दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए कर दी गई है, जिसका सीधा लाभ लाखों ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। वर्ष 2026 में राज्य के 31 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के अंतर्गत 902 प्राथमिक समितियों में तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य प्रस्तावित है। इस वर्ष लगभग 15 लाख से अधिक मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का अनुमान है। एक मानक बोरे में 1000 गड्डियां होती हैं और प्रत्येक गड्डी में 50 पत्ते शामिल रहते हैं।  लगभग 11 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण होने की संभावना           बस्तर संभाग के 10 जिला यूनियनों की 216 समितियों में करीब 4 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। वहीं अन्य 21 यूनियनों की 868 समितियों में लगभग 11 लाख मानक बोरा संग्रहण होने की संभावना है। इस कार्य से प्रदेश के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवार जुड़े हैं। बस्तर संभाग में वर्ष 2025 के 3.90 लाख परिवारों की तुलना में इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 4.04 लाख हो गई है। इस साल अब तक 14 हाजर 57 नए परिवार इस कार्य से जुड़े हैं। 10 नए फड़ और बेहतर तैयारी         नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार 10 नए फड़ों की स्थापना की गई है, जहां 2100 से अधिक मानक बोरा संग्रहण का अनुमान है। इसके अलावा सुकमा और केशकाल क्षेत्रों में भी नए फड़ जोड़े गए हैं। पिछले वर्ष नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बाधाओं के कारण 351 फड़ों में संग्रहण नहीं हो सका था, लेकिन इस वर्ष सभी फड़ों में कार्य शुरू करने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। सुगम संचालन और पारदर्शी भुगतान         संग्रहण कार्य को सुचारू बनाने के लिए संग्राहक कार्ड, बोरा, सुतली, गोदाम और परिवहन जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। साथ ही तेन्दूपत्ता के भंडारण का बीमा भी कराया जा रहा है। संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी। 920 करोड़ रुपये का संभावित भुगतान        इस वर्ष निर्धारित दर के अनुसार संग्राहकों को लगभग 920 करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है। इससे ग्रामीण और आदिवासी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा। तेन्दूपत्ता संग्रहण को लेकर सरकार की यह पहल न केवल वनवासियों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।