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सुल्तानपुर में सुखोई और मिराज की उड़ान, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को बनाया जाएगा रनवे

सुल्तानपुर  उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में बनें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार को इंडियन एयरफोर्स का युद्धभ्यास होगा. एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में वायुसेना के लिए बने रनवे पर आधुनिक लड़ाकू विमान जैसे सुखोई और मिराज इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड एक्टिवेशन एक्सरसाइज करते नजर आएंगे. यह आयोजन युद्ध जैसी आपात स्थित से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर किया जा रहा है. इसका आयोजन उस दिन किया जा रहा है, जब आज पहलगाम हमले बरसी है, जिसमें पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा 26 निर्दोष भारतियों का कत्लेआम किया गया था. जिसके बाद इंडियन आर्म्ड फोर्सेज की तरफ से 6 मई को ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।  रिपोर्ट के अनुसार, एक्सप्रेसवे के चयनित हिस्से को इस तरह विकसित किया गया है कि जरूरत पड़ने पर यह पूरी तरह हवाई पट्टी का काम कर सके. इसके लिए सड़क की चौड़ाई, मजबूती और सतह की गुणवत्ता को विशेष मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है. साथ ही आसपास का क्षेत्र भी इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि विमान संचालन के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।  इस समय होगा आयोजन दोपहर 2 बजे से लेकर रात 8 बजे तक लगातार एयर शो का आयोजन होगा. खास बात यह है कि रात के अंधेरे में होने वाला एरियल लाइट शो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में फाइटर जेट्स इस हवाई पट्टी पर उतरेंगे, जिससे आयोजन और भी भव्य बनेगा. वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव और पहलगाम हमले की पहली बरसी को देखते हुए इस सैन्य प्रदर्शन ने लोगों में देशभक्ति का जज्बा और भी मजबूत कर दिया है।  ड्रिल का यह है उद्देश्य प्रशासन और वायुसेना के अधिकारियों के बीच इस आयोजन को लेकर लगातार समन्वय किया जा रहा है. आज दोपहर दो बजे से यहां अभ्यास किया जाएगा, जिसमें सुखोई और मिराज जैसे लड़ाकू विमान इस एक्सप्रेसवे पर उतरकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे की उपयोगिता को परखना है. यह अभ्यास इसलिए भी जरूरी है, ताकि युद्ध या अन्य संकट की स्थिति में पारंपरिक एयरबेस के अलावा भी विमानों के संचालन के विकल्प उपलब्ध होंगे. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पहले से ही उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है, और अब इसका यह सैन्य उपयोग इसे और अधिक रणनीतिक महत्व प्रदान करता है. स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि अभ्यास के दौरान आम लोगों को असुविधा न हो और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा सके। 

हरियाणा पुलिस में ट्रांसफर बम! Haryana Police के 46 HPS अधिकारी इधर-उधर

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने मंगलवार देर रात पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए 46 हरियाणा पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां कर दीं। इस फेरबदल के तहत राज्य के कई जिलों में डीएसपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है। गौरतलब है कि डीएसपी पानीपत, सिरसा, रोहतक और गुरुग्राम (ACP) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों को तैनात किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो में भी कई अधिकारियों की अदला-बदली की गई है।  गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई एसीपी (ACP) को बदला गया है। इसके अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), सीआइडी, एचएसएनसीबी और आइआरबी जैसी विशेष इकाइयों में भी फेरबदल किया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव में कई अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग से हटाकर स्पेशल यूनिट्स में भेजा गया है, वहीं कुछ अधिकारियों को अहम जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि आगामी चुनौतियों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।  प्रशासनिक स्तर पर भी हुआ तबादला गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को हरियाणा सरकार पांच आइएएस और 15 एचसीएस अधिकारियों के तबादले किए थे। आइएएस अधिकारी विजय कुमार सिद्धप्पा भाविकट्टी को राज्यपाल का सचिव, श्रम आयुक्त तथा श्रम विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। वर्तमान में विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक तथा विशेष सचिव अनीश यादव को हैफेड तथा हरियाणा इंटरनेशनल हार्टिकल्चरल मार्केटिंग कारपोरेशन गन्नौर के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। आइएएस अधिकारी डा. सुभिता ढाका को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां नियुक्त किया गया है।

एनकाउंटर के बाद गिरफ्त में ‘गोलू गोहाना’, Chandigarh पुलिस की बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़. बुधवार को चंडीगढ़ पुलिस ने कुख्यात बदमाश गोलू गोहाना को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया. गुप्त सूचना के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने ये कार्रवाई की. मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से बदमाश गोलू घायल हो गया. जिसे पुलिस ने इलाज के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गोलू हथियार सप्लाई करने का काम करता था. गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने गोलू गोहाना को सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड के पास गिरफ्तार किया. पुलिस की टीम को देखते ही गोलू ने भागने की कोशिश की. इस दौरान उसने पुलिस की टीम पर फायरिंग कर दी. जिसके जवाब में पुलिस की टीम ने भी फायरिंग की. जिसके बाद टांग में गोली लगने से गोलू घायल हो गया. जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. गनीमत रही की किसी पुलिसकर्मी को गोली नहीं लगी. पैर में गोली लगने से बदमाश घायल: चंडीगढ़ पुलिस इंस्पेक्टर सतविंदर दुहन ने बताया कि "ऑपरेशन सेल की टीम को आरोपी की लोकेशन की सूचना मिली थी. इसके बाद टीम ने मौके पर घेराबंदी की. खुद को घिरता देख आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके चलते मुठभेड़ की स्थिति बनी. पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया." मौका का निरीक्षण करती पुलिस की टीम हथियार सप्लाई करने का आरोप: इंस्पेक्टर सतविंदर दुहन ने बताया कि "फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. गोलू गोहाना के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वो लंबे समय से फरार चल रहा था. पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामलों को लेकर जांच में जुटी है. आरोपी से पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है."

महतारी वंदन योजना का लाभ पाने के लिए KYC जरूरी, Bastar में महिलाएं करा रहीं अपडेट

जगदलपुर. महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही महिलाओं के सामने अब तकनीकी संकट खड़ा हो गया है। ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य होते ही हजारों महिलाएं दफ्तरों के चक्कर काटने मजबूर हैं। सर्वर और नाम मिसमैच ने भुगतान प्रक्रिया अटका दी है। करीब 1.73 लाख हितग्राहियों में लगभग 2 हजार मामलों में डेटा मिसमैच सामने आया है। दो साल पहले आवेदन के दौरान हुई गलत एंट्री अब परेशानी बन गई है। भीषण गर्मी में महिलाएं महिला एवं बाल विकास कार्यालय पहुंच रही हैं। कई जगह आंगनबाड़ी स्तर पर सुधार के बजाय सीधे दफ्तर भेजा जा रहा है। राज्य स्तर पर डेटा सुधार में 5 से 7 दिन का समय बताया जा रहा है। 30 जून तक समय सीमा तय होने से महिलाओं की चिंता और बढ़ गई है। विभाग ने साफ किया है कि ई-केवाईसी पूरी तरह निशुल्क है। रुपयों की मांग करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। महतारी वंदन योजना आत्मनिर्भर महिला की ओर कदम 1 मार्च 2024 से लागू इस महत्वाकांक्षी योजना ने राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में क्रांति ला दी है। विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित किए जा रहे हैं।मार्च 2024 से सितम्बर 2025 तक 69.15 लाख से अधिक महिलाओं को 12,376.19 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। राशि महिलाओं की आत्मनिर्भरता, पोषण और मूलभूत जरूरतों की पूर्ति में सहायक है।चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 5, 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 179 महतारी सदन के निर्माण के लिए 52.20 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक सदन 2,500 वर्गफुट में 29.20 लाख रुपए की लागत से बनेगा, जो महिलाओं के लिए प्रशिक्षण, बैठक और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र होगा। स्वरोजगार और उद्यमिता का विस्तार जिसमें मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को 7,900 रुपए की सहायता एक सिलाई मशीन के लिए दी जा रही है।दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से 3 वर्ष से पंजीकृत महिला श्रमिकों को 1 लाख रुपए की अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत गर्भवती महिला श्रमिकों को 20,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि उन्हें पौष्टिक आहार मिल सके। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना ने पंजीकृत श्रमिकों को अपनी 18-21 वर्ष की अविवाहित पुत्रियों के पढ़ाई लिखाई तथा अन्य आवश्यक खर्चों के लिए 20,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त  और आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी साय सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसमें महतारी शक्ति ऋण योजना के माध्यम से  उन्हें बिना जमानत के 25,000 रुपए का ऋण देकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।सक्षम योजना – 2 लाख से कम वार्षिक आय वाली महिलाओं को 3% ब्याज पर 2 लाख रुपए तक ऋण भी दिया जा रहा है।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) – 800 करोड़ रुपए का प्रावधान, “लखपति महिला” और “ड्रोन दीदी” जैसी नवाचारी पहलें भी योजनाओं में शामिल है।इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ, उन्हें रोजगार के स्थायी अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं।

गडकरी ने पेश किया नया विजन: 100% इथेनॉल पेट्रोल से चलेगी कारें, कंपनियों को होंगे बड़े चैलेंज

नई दिल्ली देश के अंदर अब E20 यानी 20% इथेनॉल मिक्स पेट्रोल मिलने लगा है। सरकार पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा को धीरे-धीरे करके बढ़ाएगी। हालांकि, अब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत से पेट्रोल में "100% इथेनॉल ब्लेंडिंग" की तरफ बढ़ने का एक अपील की है। उन्होंने इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में बोलते हुए कहा कि ऊर्जा के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर होना अब सिर्फ एक पर्यावरणीय लक्ष्य नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है। गडकरी का ये बयान ऐसे समय में आया हैं जब ग्लोबल एनर्जी मार्केट पश्चिम एशिया में चल रहे लंबे संघर्ष से जूझ रहे हैं, जिसने पारंपरिक तेल सप्लाई चेन को काफी हद तक बाधित कर दिया है। साथ ही, आयात बिलों को बढ़ा दिया है। उनके इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य का मुख्य कारण जीवाश्म ईंधन के आयात पर भारत की भारी निर्भरता है। वर्तमान में देश अपनी तेल जरूरतों का लगभग 87% आयात के जरिए पूरा करता है, जिससे सरकारी खजाने से सालाना लगभग 22 लाख करोड़ रुपए खर्च हो जाते हैं। अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाना गडकरी ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे "संकट" ने इस व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर दिया है, जिससे भारत के लिए अपने ट्रांसपोर्ट सेक्टर को इंटरनेशनल कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से अलग करना जरूरी हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि 100% इथेनॉल (E100) मॉडल की तरफ बढ़कर (जैसा ब्राजील में सफलतापूर्वक लागू किया गया है) भारत अपने विशाल कृषि अधिशेष का लाभ उठा सकता है। यह बदलाव न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि किसानों को "अन्नदाता" से "ऊर्जादाता" में बदलकर उन्हें सीधा आर्थिक बढ़ावा भी देगा। ICE इंजन में बदलाव की जरूरत भारत ने पिछले तीन सालों में अपने बायोफ्यूल प्रोग्राम में तेजी से प्रगति की है। 1 अप्रैल, 2026 को पूरे देश में E20 (20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल) को लागू करने के बाद, सरकार अब अगले लक्ष्य की ओर देख रही है। जहां E20 का उपयोग मौजूदा इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) में मामूली बदलावों के साथ किया जा सकता है। वहीं E100 या E85 की ओर बढ़ने के लिए फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल (FFVs) की तरफ एक मजबूत बदलाव की आवश्यकता है। गडकरी ने बताया कि आने वाले CAFE III (कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता) स्टैंडर्ड, जो 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले हैं, ये इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए प्रोत्साहन देंगे। बताया जा रहा है कि E85 फ्यूल के लिए एक मसौदा अधिसूचना पहले से ही अंतिम चरण में है, जो इस बात का संकेत है कि हाी ब्लेंडिंग स्तरों के लिए बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जा रही है। अल्टरनेटिव फ्यूल को बढ़ावा गडकरी ने साफ किया कि जहां एक तरफ सरकार अल्टरनेटिव फ्यूल को बढ़ावा दे रही है। वहीं, ग्राहकों को इस बदलाव के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसके बजाय, ध्यान टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट की क्वालिटी को बेहतर बनाने पर होगा, ताकि ग्रीन गाड़ियां ज्यादा आकर्षक लगें। मैन्युफैक्चरर्स के लिए चुनौती ऐसे इंजन बनाने में है जो ज्यादा इथेनॉल कंसंट्रेशन को संभाल सकें, क्योंकि यह आम पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा कोरोसिव होता है। ग्रीन हाइड्रोजन में भी संभावनाएं इथेनॉल के अलावा, गडकरी ने ग्रीन हाइड्रोजन की संभावनाओं को भी "फ्यूचर फ्यूल" के तौर पर खास तौर पर बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर प्रोडक्शन लागत को घटाकर लगभग $1 प्रति किलोग्राम तक लाया जा सके, तो यह भारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर में क्रांति ला सकता है। हालांकि, अभी के लिए, इथेनॉल ही "जहरीले" फॉसिल फ्यूल का सबसे ज्यादा मुमकिन और तुरंत मिलने वाला ऑप्शन बना हुआ है। यह एक ऐसा सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल पेश करता है जो खेती के कचरे को भारत के भविष्य की तरक्की के लिए ईंधन में बदल देता है।

मोजतबा खामेनेई का अंत! ईरान में जो डर था, वही हुआ, IRGC ने किया बड़ा कांड, क्या ट्रंप का सपना सच हुआ?

तेहरान  ईरान में जिसका डर था, लगता है वह खेल हो गया. अमेरिका ने ईरान पर अटैक कर सियासी तौर पर दो फाड़ करवा दिया है. अमेरिका ईरान में रिजीम चेंज करना चाहता था. ईरानी सरकार और सेना में तकरार से ऐसा लग रहा कि डोनाल्ड ट्रंप का मकसद पूरा होने वाला है. जी हां, ईरान में खामेनेई की सत्ता पर अब किसी और का कंट्रोल हो गया है. खुद ईरान की सेना यानी आईरजीसी ने ही ईरान की सत्ता पर कंट्रोल कर लिया है. ईरान में अब मोजतबा खामेनेई की नहीं चल पा रही है. उन्हें साइडलाइन कर दिया गया है. पेजेशकियान भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं. आईआरजीसी ने खामेनेई को सरकार से अलग-थलग कर दिया है और सरकारी कामकाज पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है. कई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. ईरान में यह सबकुछ तब हो रहा, जब अमेरिका बातचीत का दूसरा दौर शुरू करने को बेताब है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज यानी बुधवार को अमेरिका-ईरान की वार्ता होने वाली है।  दरअसल, जब से अमेरिका-इजरायल ने मिलकर ईरान पर अटैक किया है, तब से तेहरान में सियासी अनिश्चितता छाई हुई है. ईरान पर अभी किसका कंट्रोल है, किसी को कुछ नहीं समझ आ रहा. आपसी सियासी तकरार अब उभरने लगी हैं. 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका के हमलों में पुराने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बना दिया गया. लेकिन उनकी हालत और जगह के बारे में साफ जानकारी नहीं मिल रही है. वे पिछले कई हफ्तों से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं. कुछ अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे गंभीर रूप से घायल या असमर्थ हो सकते हैं।  ईरान की सत्ता पर किसका कंट्रोल? टाइम्स ऑफ इंडिया ने रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कथित तौर पर देश के प्रमुख कामकाज पर नियंत्रण कर लिया है. ऐसा करके ईरानी सेना ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को किनारे कर दिया है. उन्हें पूरी तरह से राजनीतिक गतिरोध में धकेल दिया है, क्योंकि सेना देश के सत्ता के मुख्य केंद्रों पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है. इतना ही नहीं, मोजतबा खामेनेई के दखल को भी रोक दिया है. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरजीसी (IRGC) ने राष्ट्रपति की नियुक्तियों और फैसले को रोक दिया है. साथ ही सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बना दिया है, जिससे खामेनेई सरकार प्रभावी रूप से कार्यकारी नियंत्रण से बाहर हो गई है।  IRGC ने खुफिया मंत्री की नियुक्ति रोक दी फॉक्स न्यूज और ईरान इंटरनेशनल ने बताया कि ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान पिछले गुरुवार को एक नए खुफिया मंत्री को नियुक्त करना चाहते थे. मगर आईआरजीसी के मुख्य कमांडर अहमद वाहिदी ने इसमें हस्तक्षेप किया और उनके प्रयास को विफल कर दिया. हुसैन देहगान सहित सभी प्रस्तावित उम्मीदवारों को खारिज कर दिया गया।  फॉक्स न्यूज के अनुसार, आईआरजीसी के मुख्य कमांडर अहमद वाहिदी ने जोर देकर कहा कि युद्ध जैसी स्थितियों को देखते हुए सभी महत्वपूर्ण और संवेदनशील नेतृत्व पदों का चयन और उन पर निगरानी सीधे आईआरजीसी द्वारा की जानी चाहिए, जब तक कि कोई और आदेश न आ जाए. ईरान की राजनीतिक व्यवस्था के तहत राष्ट्रपति आमतौर पर खुफिया मंत्रियों को तभी नामित करते हैं जब उन्हें सुप्रीम लीडर की मंजूरी मिल जाती है, क्योंकि इस पद के पास प्रमुख सुरक्षा विभागों पर अंतिम अधिकार होता है।  ईरानी सुप्रीम लीडर कहां हैं?  हाल के समय में सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का कोई अता-पता नहीं है. न तो उनके लोकेशन की जानकारी है और न ही उनके स्वास्थ्य की. कई बार मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि वह तेहरान में ही हैं और घायल हैं. मोजतबा खामेनेई के बारे में स्पष्ट जानकारी न होने के कारण ईरानी सेना प्रभावी रूप से राष्ट्रपति को उनके पसंदीदा उम्मीदवार को आगे बढ़ाने से रोक रहा है, जिससे ईरान की सुरक्षा व्यवस्था पर उसकी पकड़ और मजबूत हो गई है।  गौरतलब है की अमेरिकी अटैक के बाद से मोजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से दुनिया के सामने नहीं आए हैं. वह जिंदा हैं या नहीं हैं, कहां हैं और कहां नहीं, इसे लेकर भी अनिश्चितता है. फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार, कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे शायद काम करने में असमर्थ हो गए हैं. रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरानी सेना आईआरजीसी के वरिष्ठ कमांडरों के नेतृत्व वाली एक ‘सैन्य परिषद’ ने उन तक पहुंच को सीमित कर दिया है, जिससे वे प्रभावी रूप से सरकारी अधिकारियों से अलग-थलग पड़ गए हैं और सूचनाओं का आदान-प्रदान भी सीमित हो गया है।  खामेनेई की मृत्यु के बाद सत्ता का खालीपन फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है. इससे ईरानी व्यवस्था के शीर्ष पर नेतृत्व का एक खालीपन पैदा हो गया है. हालांकि यह माना जा रहा है कि उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने एक प्रमुख भूमिका संभाल ली है, लेकिन उनकी ओर से सार्वजनिक रूप से बहुत कम उपस्थिति या कोई आधिकारिक संचार देखने को मिला है. विश्वसनीय सूत्रों ने ईरान इंटरनेशनल को बताया कि ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने हाल के दिनों में मोजतबा खामेनेई के साथ एक आपात बैठक करने की बार-बार कोशिश की है, लेकिन उनके सभी अनुरोधों का कोई जवाब नहीं मिला है और उनसे कोई संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है।  मोजतबा खामेनेई के चारों ओर एक घेरा फॉक्स न्यूज और ईरान इंटरनेशनल ने बताया कि आईआरजीसी के सीनियर अधिकारियों से बनी एक सैन्य परिषद अब मुख्य निर्णय लेने वाली संरचना पर पूर्ण नियंत्रण रखती है. यह परिषद मोजतबा खामेनेई के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बनाए हुए है और देश की स्थिति पर सरकारी रिपोर्टों को उन तक पहुंचने से रोक रही है. इसी बीच बताया जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई के करीबी लोगों के घेरे में एक अभूतपूर्व आंतरिक संकट उभर रहा है. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ करीबी सहयोगी अली असगर हेजाजी को हटाने के लिए जोर डाल रहे हैं. हेजाजी … Read more

गर्लफ्रेंड ने वीडियो बनाई, बॉयफ्रेंड जलता रहा; वेस्टर्न स्टाइल रोमांस के चक्कर में हुई यह घटना

बेंगलुरु किरण और 27 साल की प्रेरणा पिछले एक साल से रिलेशनशिप में थे। दोनों ही एक ही टेलीकॉम कंपनी में साथ काम करते थे।  जब प्रेरणा का भाई और मां घर पर नहीं थे, तब उसने किरण को अपने घर बुलाया। पुलिस जांच के अनुसार, प्रेरणा ने किरण को एक विदेशी स्टाइल में प्रपोजल देने के लिए कहा। उसने किरण को एक कुर्सी पर बैठाया और उसके हाथ-पैर बांधने शुरू कर दिए। जब किरण ने हाथ-पैर कसकर बांधने पर सवाल उठाया, तो प्रेरणा ने उसे यह कहकर शांत कर दिया कि यह एक रोमांटिक सरप्राइज का हिस्सा है। किरण ने अपनी प्रेमिका पर भरोसा किया और विरोध नहीं किया। जैसे ही किरण पूरी तरह असहाय हुआ कि प्रेरणा ने उसके ऊपर पेट्रोल छिड़क दिया और आग लगा दी। कुर्सी से बंधे होने के कारण किरण के पास बचने का कोई रास्ता नहीं था और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह केवल एक हत्या नहीं थी, बल्कि एक विकृत मानसिकता का प्रदर्शन था। सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि जब किरण आग की लपटों में घिरा हुआ था तो आरोपी प्रेरणा अपने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो बना रही थी। पुलिस को संदेह है कि पेट्रोल पहले से ही घर में लाकर रखा गया था। यह साबित करता है कि यह क्षण भर के गुस्से में की गई वारदात नहीं बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। हत्या के पीछे का मकसद प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि प्रेरणा इस बात से बेहद नाराज थी कि किरण उसे नजरअंदाज कर रहा था और उसने शादी करने से इनकार कर दिया था। इसी गुस्से और बदले की भावना ने उसे इस क्रूर कदम को उठाने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में प्रेरणा ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने दावा किया कि वह वॉशरूम में थी और बाहर निकलने पर उसने किरण को जलते हुए पाया। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक सबूतों ने उसके झूठ की पोल खोल दी, क्योंकि किरण अपने साथ कोई ज्वलनशील पदार्थ लेकर नहीं आया था। पुलिस ने प्रेरणा को हिरासत में ले लिया है। हत्या का मोबाइल वीडियो पुलिस के लिए सबसे बड़ा सबूत बन गया है।

पहलगाम नरसंहार रोक सकते थे ये दो लोग, 3000 रुपये के लालच में इन्होंने की गद्दारी

पहलगाम  22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए खौफनाक आतंकी हमले में 26 नागरिकों को उनके परिवारों के सामने ही बेरहमी से भून दिया गया था। अब इस मामले की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला और दुखद पहलू सामने आया है। जांच से पता चला है कि अगर जेल में बंद दो स्थानीय कश्मीरी निवासियों ने समय रहते पुलिस को सूचना दी होती, तो इस भीषण नरसंहार को आसानी से रोका जा सकता था। चंद रुपयों के लिए आतंकियों को दी पनाह इस मामले में गिरफ्तार किए गए दो स्थानीय लोगों की पहचान परवेज अहमद और बशीर अहमद जोथड के रूप में हुई है। जांच में यह बात सामने आई है कि इन दोनों ने महज 3000 रुपये के लालच में तीन पाकिस्तानी आतंकियों को अपने घर में पनाह दी थी और उनकी मदद की थी। 21 अप्रैल की रात यानी हमले से ठीक एक रात पहले तीनों आतंकी इन दोनों के घर आए थे। उन्होंने वहां करीब 5 घंटे बिताए और खाना भी खाया। बातचीत के दौरान आतंकी पाकिस्तानी लहजे वाली उर्दू-पंजाबी मिश्रित भाषा बोल रहे थे। उनके पास अत्याधुनिक हथियार थे और वे 'अली भाई' नाम के शख्स का जिक्र कर रहे थे। अली भाई असल में लश्कर-ए-तैयबा के द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का शीर्ष कमांडर और मुख्य आरोपी साजिद जट्ट है, जो पाकिस्तान के कसूर इलाके का रहने वाला है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रात करीब 10:30 बजे आतंकी वहां से निकले। जाते समय उन्होंने अपने साथ कुछ खाना पैक किया और खाना पकाने का बर्तन, कंबल व तिरपाल भी साथ ले गए। इन सब संदिग्ध हरकतों के बावजूद परवेज और बशीर ने चुप्पी साधे रखी। हमले वाले दिन आतंकियों को देखा, फिर भी रहे खामोश हमले वाले दिन (22 अप्रैल, 2025) दोपहर करीब 12:30 बजे- यानी कत्लेआम शुरू होने से कुछ घंटे पहले परवेज और बशीर ने तीनों आतंकियों को बैसरन में एक बाड़ के पीछे छिपते हुए देखा था। इन आतंकियों की पहचान बाद में फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई। यह पूरी तरह से स्पष्ट था कि इलाके में एक बड़ा आतंकी हमला होने वाला है। वे चाहते तो तुरंत पुलिस या स्थानीय टूरिस्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन को इसकी सूचना दे सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। वे अपने घोड़ों (टट्टुओं) के साथ वहां से दूर चले गए और अपने पर्यटक ग्राहकों के लौटने का इंतजार करने लगे। दोपहर 1:00 बजे से 1:30 बजे के बीच, उन्होंने पर्यटकों को घोड़ों पर बिठाकर वापस पहलगाम सुरक्षित पहुंचा दिया। हमले के बाद फरार और एनआईए की कार्रवाई जब इन दोनों को बैसरन में हुए दिल दहला देने वाले कत्लेआम की खबर मिली, तो वे समझ गए कि यह काम उन्हीं आतंकियों ने किया है जिन्हें उन्होंने पनाह दी थी। खुद को बचाने के लिए वे तुरंत अपनी 'ढोक' (पहाड़ों पर बनी अस्थायी झोपड़ी) छोड़कर वहां से भाग गए और छिप गए। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने आखिरकार उन्हें ढूंढ निकाला और 22 जून, 2025 को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पाकिस्तान का सीधा कनेक्शन और चार्जशीट दिसंबर 2025 में एनआईए ने इस मामले में चार्जशीट (आरोप पत्र) दायर की। इस चार्जशीट में परवेज अहमद और बशीर अहमद के साथ-साथ मुख्य साजिशकर्ता साजिद जट्ट, तीनों पाकिस्तानी हमलावरों (जो अब मारे जा चुके हैं) और लश्कर/TRF को एक आतंकी संगठन के तौर पर नामजद किया गया है। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान का सीधा हाथ होने की पुष्टि फेसबुक द्वारा दी गई जानकारी से भी हुई है। भारत में एक भ्रामक पोस्ट फैलाई गई थी जिसमें दावा किया गया था कि 'जिब्रान हमारा आदमी था'। फेसबुक की जांच में यह पोस्ट पाकिस्तान के रावलपिंडी और बहावलपुर के फोन नंबरों से जुड़ी पाई गई, जो इस हमले में पाकिस्तानी साजिश का एक और पुख्ता सबूत है।

मानेसर-पलवल हाईवे के आसपास बनेंगे 5 मॉडर्न सिटी, Haryana सरकार का सिंगापुर मॉडल पर फोकस

चंडीगढ़. प्रदेश सरकार कुंडली-मानेसर- पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के किनारे 135 किलोमीटर क्षेत्र में पांच नए शहर विकसित करने का प्लान तैयार कर लिया है। सरकार का दावा है कि इन शहरों में औद्योगिक विकास का ढ़ांचा सिंगापुर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। जो विकसित भारत 2047 विजन के लिए देश का गेटवे बनेगा। वर्ष 2031 तक की संभावित जनसंख्या काे आधार बना पांच नए शहर विकसित करने के लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन सरकार की ओर से कर दिया गया है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने योजना को लेकर हुई चर्चा में बताया कि केएमपी की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, एक्सप्रेस वे इस दिशा में मजबूत कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराएगा। औद्योगिक नीति में किए आवश्यक संशोधन इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने अपनी औद्योगिक नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं, ताकि निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिल सके। उन्होंने कहा हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) का उद्देश्य केवल राजस्व अर्जित करना नहीं, बल्कि उद्योगपतियों को बेहतर सुविधाएं, त्वरित सेवाएं और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना होना चाहिए। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 10 नई इंडस्ट्रियल माडल टाउनशिप (आइएमटी) स्थापित करने की घोषणा की थी। इनमें से पांच आईएमटी को स्वीकृति मिल चुकी है और उनके विकास की प्रक्रिया जारी है। उद्योग विभाग के बजट में 125 फीसदी इजाफा इनमें से तीन राजधानी क्षेत्र में बननी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी और आगामी बजट में इसे और बढ़ाने की योजना है, ताकि प्रदेश में औद्योगिक विस्तार को निरंतर मजबूती मिलती रहे। आने वाले समय में जब नई आईएमटी विकसित होंगी, तो हरियाणा देश की औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि भौगोलिक रूप से हरियाणा दिल्ली से तीन ओर से जुड़ा है और दिल्ली स्थित आइजीआइ एयरपोर्ट तथा नोएडा के जेवर बने एयरपोर्ट की पहुंच करीब 30 मिनट में होने के कारण देश-विदेश के निवेशकों के लिए क्षेत्र अत्यंत आकर्षक बन गया है।

तपता Jalandhar: 40.2 डिग्री पर पहुंचा तापमान, पावर कट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं

जालंधर. सीजन का मंगलवार का दिन सबसे गर्म दिन रिकार्ड किया गया। तापमान अब तक का सर्वाधिक 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने वीरवार और शुक्रवार को लू चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं इस बीच तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं 27 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ-साथ वर्षा होने की संभावना जताई है। गर्मी के साथ ही शहर में पानी की किल्लत बढ़ने लगी है। कई इलाकों में लोग पानी न आने से परेशान रहे। बिजली के कटों ने दिक्कत और बढ़ा दी है। पावरकाम ने अगले पांच दिन लंबे बिजली कट लगाने की घोषणा की है। इससे दोपहर को पानी की सप्लाई प्रभावित, होगी क्योंकि ट्यूबवेल नहीं चल पाएंगे। नगर निगम ने इस कारण सुबह-शाम एक-एक घंटा पानी की सप्लाई का समय बढ़ा दिया है। सोमवार को गुरु अमरदास नगर में पानी की किल्लत दूर हुई तो न्यू इंदिरा कालोनी में पानी की सप्लाई को लेकर नाराजगी सामने आई है। अब मंगलवार को वार्ड नंबर दो के तहत आते बचिंत नगर और परशुराम नगर में पानी की कमी के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। वहीं नगर निगम की लेटलतीफी से भी लोग पानी की कमी झेल रहे हैं। करीब 35 ट्यूबवेल लगाए जा चुके हैं, लेकिन बिजली के कनेक्शन न होने की वजह से यह शुरू नहीं किए जा सके। इनमें न्यू इंदिरा कालोनी में 11 महीने पहले लगा ट्यूबवेल भी शामिल है। वहीं अगले पांच दिन बिजली के कट सुबह 10 बजे दोपहर तीन बजे के बीच लगाए जाने हैं। अप्रैल में तेजी से बढ़ रहा तापमान बीते वर्षों में अप्रैल के 21 दिनों की बात करें तो 2022 में सर्वाधिक तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जबकि 2023 में तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था। गर्मी को लेकर सेहत विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत गर्मी से बचाव के लिए लोगों को सेहत के प्रति अधिक सतर्क रहने का आह्वान किया गया है। सिविल सर्जन डा. राजेश गर्ग ने कहा कि लोग लू से बचाव करें। बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व बीमार लोग दिन में घरों से बाहर न निकलें। खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना होगा, जिसमें हरी सब्जियों और मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर का सेवन करना चाहिए। इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। उन्होंने कहा कि गर्मी से तेज सिरदर्द, बेचैनी, चक्कर आना, मांसपेशियों की कमजोरी, जी मिचलाना और उल्टी आना व दिल की धड़कन तेज हो जाती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से जांच करवानी चाहिए। धूप में बाहर जाना बहुत जरूरी हो तो पानी साथ लेकर जरूर जाएं व थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर पानी पीते रहें। जरूरत पड़ने पर मुफ्त एंबुलेंस सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 108 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्हाेंने कहा कि धीरे-धीरे गर्मी बढ़ती जाएगी, इसलिए जितना हो सके, दिन में घर से बाहर निकलने से परहेज करें। ऐसा करके आप कई बीमारियों से बच सकते हैं।