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बस्तर में क्रिकेट का जश्न: Sachin Tendulkar आज बच्चों संग मैदान में उतरेंगे

रायपुर. क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Cricketer Sachin Tendulkar) 22 अप्रैल को सपरिवार दंतेवाड़ा (Dantewada) पहुंच रहे हैं. यह उनका पहला बस्तर विजिट है. यहां वे बल्ला थामकर बच्चों के साथ क्रिकेट खेलेंगे. सारी कवायद इसलिए ताकि नक्सलमुक्त बस्तर (Bastar) को अब खेलकूद जैसी गतिविधियों से विकास को उस मुकाम तक पहुंचाया जाए, जिससे यह वैश्विक पटल पर अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर सके. उल्लेखनीय है कि बस्तर अब नक्सल मुक्त हो चुका है और बस्तर में हर क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है. इसी क्रम में बस्तर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की कवायद की जा रही है. तेंदुलकर छिंदनार, पनेड़ा और जावंगा समेत अन्य गांवों में आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. उनकी संस्था खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने कई कार्यक्रम चला रही है. मानदेशी फाउंडेशन मैदान विकसित करने के साथ शिक्षकों को कोचिंग भी दे रहा है. इस मौके पर तेंदुलकर पनेड़ा में स्टेडियम का उ‌द्घाटन भी करेंगे. 15 शिक्षकों को संस्था अब तक दे चुकी ट्रेनिंग क्रिकेटर तेंदुलकर दंतेवाड़ा में खेल माहौल को नई ऊंचाई देने पहुंच रहे हैं. इससे स्थानीय बच्चों में खेल प्रतिभाएं और विकसित होंगे. मानदेशी फाउंडेशन सालभर से जिले की अलग-अलग संस्थाओं में खेल मैदान तैयार कर रहा है. महाराष्ट्र की यह संस्था करीब 15 से ज्यादा शिक्षकों को मुंबई में कोचिंग भी दे चुकी है. मानदेशी फाउंडेशन खेल मैदानों को सीमित जगह होने के बावजूद इस तरह तैयार करती है, जहां विभिन्न खेल गतिविधियां संचालित हो सकती हैं. दंतेवाड़ा के 25 स्कूल और आश्रमों में खेल गतिविधि संस्था की ओर से गीदम ब्लॉक के 15 स्कूल-आश्रम और पोटाकेबिन में खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं. इनमें छिंदनार, कासोली, पोटाकेबिन कासोली, माध्यमिक शाला कोरलापाल, पोटाकेबिन हितामेटा, गुमड़ा, कारली, बांगापाल, प्राथमिक शाला गुमड़ा, झामूपारा कारली, माध्यमिक शाला झोड़ियाबाड़म, प्राथमिक शाला बुधपदर कासोली, जपोड़ी, गुमरगुंडा, उच्च प्राथमिक शाला माधोपारा हारम और बालक आश्रम छोटे तुमनार शामिल हैं. स्कूल के मैदानों को बचाने के लिए चलाया अभियान सचिन तेंदुलकर के फाउंडेशन द्वारा खेल गतिविधियां जारी रखने प्राथमिक शाला और मिडिल स्कूलों में मुख्य रूप से खेल मैदान डेवलप करवाया जा रहा है. छोटी सी जगह में भी सभी खेल के मैदान कैसे बनते हैं, इसका प्रशिक्षण भी शिक्षकों को दिया गया है.

सीएम मोहन की खड़गे पर तीखी प्रतिक्रिया, बोले- PM मोदी पर विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगें कांग्रेस अध्यक्ष

भोपाल  चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और विवादित टिप्पणी की. उनके इस बयान के बाद सियासी बवाल मच गया है. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे की टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने कहा कि ऐसी विवादित टिप्पणी के लिए खड़गे को माफी मांगनी चाहिए और भविष्य में इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी की निंदा करता हूं. आज देश में अलग प्रकार का माहौल बना हुआ है. कांग्रेस एक के बाद एक वह सब गलतियां कर रही हैं, जिसके कारण उसे नुकसान उठाना पड़ रहा है. कांग्रेसियों को अपने अतीत और आचरण पर गौर करना चाहिए. कांग्रेस ने मीसा बंदी के दौरान विपक्ष के साथ जो व्यवहार किया, उसकी आज तक माफी नहीं मांगी।  हार देखकर बौखला रहीं डीएमके-कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने तमाम प्रकार के अलगाववादी तत्वों को प्रोत्साहन दिया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी बताया. मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे माफी मांगें और भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी से बचें. चुनाव के मद्देनजर डीएमके और कांग्रेस हार देखकर बौखला रही हैं. खड़गे की टिप्पणी की मैं कटु शब्दों में निंदा करता हूं।  हार देखकर बौखला रहीं डीएमके-कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस ने तमाम प्रकार के अलगाववादी तत्वों को प्रोत्साहन दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी बताया। मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे माफी मांगें और भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी से बचें। चुनाव के मद्देनजर डीएमके और कांग्रेस हार देखकर बौखला रही हैं। खड़गे की टिप्पणी की मैं कटु शब्दों में निंदा करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी की निंदा करता हूं। आज देश में अलग प्रकार का माहौल बना हुआ है। कांग्रेस एक के बाद एक वह सब गलतियां कर रही हैं, जिसके कारण उसे नुकसान उठाना पड़ रहा है। कांग्रेसियों को अपने अतीत और आचरण पर गौर करना चाहिए। कांग्रेस ने मीसा बंदी के दौरान विपक्ष के साथ जो व्यवहार किया, उसकी आज तक माफी नहीं मांगी। हार देखकर बौखला रहीं डीएमके-कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस ने तमाम प्रकार के अलगाववादी तत्वों को प्रोत्साहन दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी बताया। मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे माफी मांगें और भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी से बचें। चुनाव के मद्देनजर डीएमके और कांग्रेस हार देखकर बौखला रही हैं। खड़गे की टिप्पणी की मैं कटु शब्दों में निंदा 

चांदी के दाम में 4500 रुपये की बढ़ोतरी, सोने की कीमत भी 2000 रुपये से अधिक बढ़ी

मुंबई  भारतीय बाजार में सोने-चांदी के भाव में जोरदार उछाल आया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव ₹2,000 (1.3%) से अधिक चढ़कर ₹1,53,699 प्रति 10 ग्राम हो गए। वहीं, चांदी के रेट में ₹4,700 (2%) की तेजी आई और यह ₹2,49,423 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतें बढ़ीं। स्पॉट गोल्ड 0.8% चढ़कर 4,755 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गया। इससे पिछले सत्र में इसमें 2% से अधिक की गिरावट आई थी। क्या हैं आज के टिप्स: भारतीय निवेशकों के लिए एमसीएक्स गोल्ड पर ₹1,52,800 – ₹1,51,500 का सपोर्ट और ₹1,54,850 – ₹1,55,500 का रेजिस्टेंस माना जा रहा है। आज क्यों उछले सोने-चांदी के भाव सीजफायर का असर सोने-चांदी के भाव में आज की उछाल के पीछे कई कारण हैं। इनमें से एक कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संघर्ष विराम को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान कोई नया प्रस्ताव नहीं लाता और बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक और हमले नहीं किए जाएंगे। हालांकि, होर्मूज स्ट्रेट अब भी व्यापार के लिए बंद है। ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका उसके जहाजों पर अपनी नाकाबंदी जारी रखेगा, वह इस जलमार्ग को नहीं खोलेगा। यह जलडमरूमध्य दुनिया के 20% तेल की सप्लाई का रास्ता है। क्रूड ऑयल में तेजी, डॉलर में कमजोरी का असर क्रूड तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बने हुए हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। वहीं, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.1% की गिरावट आई, जिससे सोना दूसरी मुद्राओं वालों के लिए सस्ता हो गया। कमजोर डॉलर से सोने की कीमतों को आमतौर पर सपोर्ट मिलता है। फेड के नए चेयरमैन का बयान: ब्याज दरों पर सख्त रुख अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले अध्यक्ष के लिए नामित केविन वार्श ने सीनेट में कहा कि वह स्वतंत्र रूप से काम करेंगे। उन्होंने ब्याज दरों में जल्दी कटौती करने के बजाय महंगाई पर नियंत्रण के लिए नई रूपरेखा बनाने की बात कही। निवेशकों को उम्मीद है कि वार्श ब्याज दरें धीरे-धीरे कम करेंगे, जिससे सोने पर दबाव बना रह सकता है। ट्रंप के फैसले का असर ग्लोबल मार्केट यानी कॉमैक्स पर आज सुबह सोने की कीमत करीब 1 पर्सेंट बढ़कर 4768 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। इससे पिछले सेशन में सोने की कीमतों में 2 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिससे निवेशक थोड़े डरे हुए थे। चांदी की बात करें तो एशियाई ट्रेडिंग घंटों के दौरान चांदी की कीमतों में 1.8 पर्सेंट का सुधार हुआ और यह 77.80 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर पहुंच गई। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सोने की कीमतों में 10 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जबकि चांदी इस दौरान करीब 17 पर्सेंट तक टूट चुकी है। आज की बढ़त ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य का संकट बाजार में इस बदलाव की एक बड़ी वजह सप्लाई में आ रही रुकावट भी है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता अभी भी जहाजों की आवाजाही के लिए बंद है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका उसके जहाजों पर लगी पाबंदी नहीं हटाता, तब तक वह इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को नहीं खोलेगा। इस रास्ते के बंद होने से पूरी दुनिया में एनर्जी सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। सप्लाई चेन प्रभावित होने की वजह से महंगाई बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। यही वजह है कि निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर फिर से सोने की तरफ रुख कर रहे हैं। फेड रिजर्व और डॉलर का दबाव कीमतों में रिकवरी के बावजूद कुछ ऐसे फैक्टर भी हैं जो सोने और चांदी पर लगातार दबाव बना रहे हैं। डॉलर इंडेक्स में पिछले सेशन के दौरान 0.4 पर्सेंट की मजबूती देखी गई है। डॉलर महंगा होने से सोना उन लोगों के लिए महंगा हो जाता है जो दूसरी करेंसी में निवेश करते हैं। इसके अलावा फेडरल रिजर्व के अगले संभावित चेयरमैन केविन वारश के एक बयान ने भी बाजार में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने कहा है कि अगर वे चेयरमैन बनते हैं, तो वे पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम करेंगे। इसका मतलब है कि सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को ऊंचे लेवल पर रख सकता है, जो सोने जैसे एसेट के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता। भारतीय बाजार यानी एमसीएक्स पर सोने और चांदी के रेट में आज थोड़ा बदलाव देखा गया है। 21 अप्रैल के डेटा के मुताबिक, एमसीएक्स पर सोने का भाव 1,51,698 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था। वहीं चांदी की बात करें तो यह 2,44,916 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर देखी गई। ग्लोबल मार्केट में आई रिकवरी के बाद अब निवेशकों की नजर आने वाले समय में होने वाली शांति वार्ता पर टिकी है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे तब तक कोई नया हमला नहीं करेंगे जब तक ईरान की तरफ से कोई नया और ठोस प्रस्ताव नहीं आ जाता। बड़े बदलाव का इंतजार विश्लेषक अहमद असिरी के अनुसार, बुलियन मार्केट अब जियो-पॉलिटिकल रिस्क को पचा चुका है। पिछले कुछ हफ्तों में सोने की कीमतें सीमित दायरे में चल रही हैं। अब बाजार या तो स्थितियों के और बिगड़ने या फिर मैक्रो इकोनॉमी में बड़े बदलाव का इंतजार कर रहा है।

एमपी के मैहर जिले में कक्षा 5 तक स्कूलों की छुट्टियां, प्रशासन ने जारी किया आदेश

 मैहर  एमपी के मैहर जिले में कक्षा 5 तक छुट्टियां घोषित की गई है। इसके लिए आदेश जारी किया गया है। मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक 21 अप्रैल से 30 अप्रैल तक छोटे बच्चों के स्कूल बंद रहेगे। शहर में भीषण गर्मी के कारण छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह अहम निर्णय लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, मैहर जिले में कक्षा नर्सरी से 5वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया गया है। जिसमें सभी सरकारी, प्राइवेट और सीबीएसई और केंद्रीय स्कूल बंद रहेंगे। जबकि कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक लगेगी। वहीं, शिक्षक दोपहर 1:30 बजे तक स्कूल में उपस्थित रहेंगे। मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ये आदेश जारी किया है। 21 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश जारी आदेश के अनुसार, प्री-प्रायमरी से लेकर कक्षा 5वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, केन्द्रीय, सीबीएसई और अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 21 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश रहेगा। Maihar Collector Order Heatwave हालांकि, कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल बंद नहीं किए गए हैं; उनकी कक्षाएं पूर्व निर्धारित समय यानी सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक यथावत संचालित रहेंगी। स्टाफ को दोपहर 1:30 बजे तक उपस्थित रहकर करना होगा काम विद्यालय के शैक्षणिक स्टाफ को दोपहर 1:30 बजे तक उपस्थित रहकर अपने प्रशासनिक कार्य पूर्ण करने होंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से निर्धारित परीक्षाएं और अन्य आवश्यक कार्यक्रम अपने तय समय पर ही होंगे।मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, जिले में अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।  

जिला प्रशासन की सजगता से बाल विवाह पर लगा ब्रेक, कटनी और ढीमरखेड़ा में 3 विवाह रुकवाए गए

जिला प्रशासन की टीम की सजगता और सतर्कता से रूका बाल विवाह, कटनी शहर में 1 और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में हो रहे 2 बाल विवाह को प्रशासन ने रूकवाया कटनी अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर संभावित बाल विवाह की रोकथाम के लिए कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा गठित कोर ग्रुप पूरे जिले सतर्क और सजग रहा। जिससे जिला प्रशासन की की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए, कटनी शहर और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में बाल विवाह की गुप्त सूचना मिलने पर फौरी तौर पर पहुंचे अधिकारियों की टीम ने दोनों स्थानों में हो रहे 3 बाल विवाह को रुकवाया और परिजनों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। कलेक्टर  तिवारी के निर्देश पर इस साल संभावित बाल विवाह पर रोक लगाने एक सशक्‍त, समन्वित और बहुस्‍तरीय व्‍यापक कार्ययोजना के तहत संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कोर टीम का गठन किया गया और जिला व विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर निगरानी तंत्र को पुख्ता और मजबूत कर पैनी नजर रखी गई। इसी वजह से समय रहते प्रशासन की सजगता से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने में कामयाबी मिली। संयुक्त कार्यवाही महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचना प्राप्त हुई कि कटनी के आधार कॉप में एक 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह किया जा रहा है। सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग एवं कोतवाली थाना की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम द्वारा बालिका एवं बालक के आयु सम्बन्धी दस्तावेजों की जाँच कर पाया गया कि बालिका की आयु 16 वर्ष है और बालक की आयु 22 वर्ष है। अधिकारियों द्वारा परिजनों, बारातियों, बैंड, कैटरिंग कर्मियों,कैमरा मैन को बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह बाल विवाह है, जो अपराध की श्रेणी में आता है। संयुक्त टीम के परामर्श उपरांत परिजन बालिका के 18 वर्ष के होने के उपरांत विवाह करने पर सहमत हो गये ।संयुक्त टीम में निधि पटेल, पर्यवेक्षक, रजनीश सोनी, महिला एवं बाल विकास, सुनील सिंह, कोतवाली थाना आदि सम्मिलित रहे। ढीमरखेड़ा में रोके गये दो बाल विवाह विकासखंड ढीमरखेड़ा में ग्राम संकुई के दो 21 वर्ष से कम आयु के बालकों का विवाह किया जा रहा था। बालकों का विवाह जिन बालिकाओं से तय हुआ था,।उनमें से एक बालिका ग्राम पिपरिया सहलावन की थी, जिसकी आयु 19 वर्ष थी। वहीं दूसरी बालिका जो ग्राम बरेली की थी कि ,आयु 20 वर्ष पाई गई। अंजना पटेल, पर्यवेक्षक एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम द्वारा दोनो बालकों के परिजनों को समझाया गया कि विवाह के लिए वर की वैधानिक आयु 21 वर्ष है। इससे कम आयु में बालक का विवाह करना कानूनन अपराध है। मौके पर टीम द्वारा पंचनामा भी तैयार किया गया। परिजनों द्वारा बालकों की आयु 21 वर्ष होने पर विवाह करने की सहमति दी गई।

चंडीगढ़ में अवैध निर्माणों पर शिकंजा! Chandigarh Housing Board ने 32 हजार लोगों को भेजे नोटिस

चंडीगढ़. चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अवैध निर्माण और अतिक्रमण स्वयं हटाकर दंडात्मक कार्रवाई से बचें। बोर्ड अब तक करीब 32,000 नोटिस जारी कर चुका है, जिनमें भवन नियमों के उल्लंघन और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों को चिन्हित किया गया है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत इस महीने की शुरुआत में सीएचबी ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस उन मकान मालिकों को दिए गए हैं जिन्होंने स्वीकृत नक्शे से हटकर अतिरिक्त कमरे, स्टोर, छतों पर बालकनी या अन्य निर्माण किए हैं। कई मामलों में अतिरिक्त खंभे खड़े कर मूल संरचना में बदलाव किया गया है, जो सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बताया गया है। यूटी प्रशासन का कहना है कि यह अभियान भवन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए चलाया जा रहा है। सेक्टर-41 और सेक्टर-45 में कुछ अवैध ढांचे पहले ही गिराए जा चुके हैं। इसके बाद सेक्टर 29 और 30 के मकानों को भी नोटिस जारी किया गया है जिसको लेकर इस समय यहां के निवासियों में हाहाकार मचा हुआ है। सीएचबी ने अलाटियों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द उल्लंघन हटाएं और भवन की मूल संरचना—जैसे खंभे, दीवारें और नींव—को अपने खर्च पर बहाल करें, साथ ही स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट जमा कराएं। उच्च न्यायालय ने 28 नवंबर 2019 के आदेश में असुरक्षित इमारतों की जांच के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 21 अप्रैल 2022 के फैसले में अदालत ने एक महीने के भीतर जरूरी संरचनात्मक सुधार करने और इसकी लागत संबंधित अलॉटियों से वसूलने को कहा था। इस बीच, 8 अप्रैल को सेक्टर-45 में तोड़फोड़ अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई। मेयर सौरभ जोशी समेत कई पार्षद मौके पर पहुंचे और विरोध जताया, जिसके बाद अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया गया। वहीं, सांसद मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर कहा है कि लोगों के घर तोड़ना समाधान नहीं है। उन्होंने जरूरत के मुताबिक किए गए बदलावों को नियमित करने के लिए व्यावहारिक नीति बनाने की मांग की है। वही हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले लोग भी वन टाइम रहता की मांग कर रहे हैं। कब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल दत्त का कहना है कि जब दूसरे राज्यों में वन टाइम राहत मिल सकती है तो चंडीगढ़ में क्यों नहीं। इस साल के अंत में नगर निगम चुनाव भी होने हैं ऐसे में जहां लोगों के मकान पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है वहीं राजनीति भी गरमाई हुई है।

दिव्यांगजनों के लिए बड़ी सुविधा: प्रमाणन और रिन्यूअल कैंप आज से, तीन फेज में चलेगा अभियान

उत्तर बस्तर कांकेर. जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के हित में विशेष पहल करते हुए निःशुल्क सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन, नवीनीकरण एवं प्रमाणीकरण शिविर का आयोजन 22 अप्रैल से किया जा रहा है. कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशन में यह शिविर एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड भारत सरकार के सामाजिक दायित्व के अंतर्गत तथा भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम  जबलपुर के सहयोग से आयोजित किया जाएगा. उपसंचालक समाज कल्याण क्षमा शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे. पहला शिविर 22 अप्रैल को लाइवलीहुड कॉलेज गोविंदपुर कांकेर में, दूसरा 23 अप्रैल को भानुप्रतापपुर और तीसरा शिविर 24 अप्रैल को कोयलीबेड़ा में आयोजित होगा. सभी शिविर प्रातः 10 बजे से शाम 04 बजे तक आयोजित किए जाएंगे. शिविर में दिव्यांगजनों का सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन, चिन्हांकन, प्रमाणीकरण, पेंशन संबंधी समस्याओं का निराकरण एवं हितग्राहियों का सत्यापन किया जाएगा. साथ ही जिन दिव्यांगजनों के मेडिकल प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड नहीं बने हैं, उनका मौके पर ही पंजीयन एवं समाधान किया जाएगा. निःशुल्क सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए पात्र दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता अन्य सहायक उपकरण हेतु तथा 100 प्रतिशत दिव्यांग नेत्र सुगम्य केन, स्मार्टफोन के लिए आय प्रमाण-पत्र, जिनकी सभी स्रोतों से मासिक आय 22,500 रुपये से कम है, उन्हें आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, राशन कार्ड, बैंक खाता विवरण एवं आधार की छायाप्रति साथ लाना अनिवार्य होगा. शिविर में ऐसे दिव्यांग जिनका मेडिकल प्रमाण-पत्र नहीं बना है, उनका मेडिकल यूडीआईडी, अन्य पेंशन विषयक समस्या का समाधान समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाएगा. शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों का प्रमाणीकरण, नवीनीकरण, यूडीआईडी कार्ड बनने से दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता एवं त्वरित लाभ मिलेगा. शिविर में आने से पूर्व अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक या अपडेट करा लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो.

Raipur में नई शुरुआत: PNG गैस पाइपलाइन से सीधे घरों तक पहुंचेगी रसोई गैस

रायपुर. राजधानी रायपुर में नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने का कार्य जल्द शुरू होगा. इसके लिए हरियाणा सिटी गैस कंपनी को पेट्रोलियम मंत्रालय ने अधिकृत किया है. वर्तमान में यह कार्ययोजना शहर में प्रारंभिक दौर में है. (Raipur PNG Service) संबंधित एजेंसी को शहर में गैस पाइप लाइन डालने से पहले नियम अनुसार नगर निगम से एनओसी लेनी होगी. साथ ही निर्धारित दर अनुसार शुल्क भी जमा करना होगा, ताकि इस कार्य से नागरिकों को शहर में प्राकृतिक गैस लाइन की सुविधा केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप जल्द मिले. इस दौरान किसी भी नागरिक को कोई असुविधा न होने पाए. मंगलवार को निगम आयुक्त विश्वदीप ने इसी सिलसिले में गांधी सदन के सभागार में हरियाणा सिटी एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन और दस जोन के जोन कमिश्नरों के साथ बैठक की. निगम आयुक्त विश्वदीप ने हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि को निर्देशित किया है कि वह निगम के संबंधित जोनों के जल और नगर निवेश विभाग के जोन अधिकारियों से तालमेल रखकर शहर में गैस पाइप लाइन डालने का कार्य करें. उन्होंने ये भी कहा कि पेयजल पाइप लाइन किसी भी हालत में क्षतिग्रस्त नहीं होना चाहिए, साथ ही शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों को तत्काल मरम्मत किया जाना चाहिए, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए. बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त ने सभी अभियंताओं को निर्देशित किया कि नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने के कार्य दौरान शहर गर्मी के मौसम में नागरिकों असुविधा न हो यह ध्यान रखें. बैठक में अपर आयुक्त पंकज शर्मा, दस जोन के जोन कमिश्नर, नगर निवेश विभाग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता नितीश झा, उप अभियंता नगर निवेश रविप्रभात साहू, हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन और अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

मध्य प्रदेश के 10 जिलों में हीट वेव अलर्ट: दिन-रात तापमान में बढ़ोतरी, नर्मदापुरम और खजुराहो सबसे अधिक गर्म

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी अब सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रही, बल्कि रात में भी लोगों को चैन नहीं मिल रहा। दिन का तापमान 43 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है, तो वहीं रात का पारा भी 27 डिग्री तक बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि सुबह से ही गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगता है। मंगलवार को खजुराहो और नर्मदापुरम प्रदेश के सबसे ज्यादा तपने वाले इलाके रहे। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में भी तेज गर्मी का असर साफ दिखा।  भोपाल, इंदौर, उज्जैन में 5 दिन लू से राहत आने वाले दिनों हीट वेव प्रदेश के कई और जिलों को अपनी चपेट में लेगी. हालांकि अगले 5 दिन तक प्रदेश की राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन क्षेत्र में हीट वेव से तो राहत रहेगी, लेकिन दिन में तपिश और बढ़ेगी. पिछले 24 घंटे में नर्मदापुरम और खजुराहो में सबसे ज्यादा तापमान 43 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।  10 जिलों में लू का अलर्ट, बढ़ेगा असर बुधवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में दोपहर के समय हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं। कई शहर 40 डिग्री के पार प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। सीधी, नौगांव, रायसेन, रतलाम, नरसिंहपुर, सतना, टीकमगढ़, रीवा, दमोह और सागर जैसे शहर लगातार भीषण गर्मी की चपेट में हैं। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन में पारा 40 डिग्री के आसपास रहा, जबकि इंदौर भी इससे ज्यादा पीछे नहीं रहा।  किन-किन जिलों में चलेगी हीट वेव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई सुरेन्द्रन ने बताया "साइक्लोनिक सकुर्लेशन नार्थ छत्तीसगढ़ बना हुआ है. इसके अलावा दो ट्रफ लाइन बनी हुई थी, इस वजह से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश देखी गई, लेकिन अब आसमान से बादल पूरी तरह साफ हो गए हैं और इसकी वजह से तापमान में 3 डिग्री तक की बढोत्तरी हो सकती है. इसके साथ ही गर्म हवाएं कई क्षेत्रों में लोगों को परेशान करेंगी।      22 अप्रैल को भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर के अलावा रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और धार जिले में हीट वेव का अलर्ट।      23 अप्रैल को 7 जिलों में यलो अलर्ट. भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर जिले में हीट वेव का अलर्ट।      24 अप्रैल को भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर जिले में हीट वेव का अलर्ट।      25 अप्रैल को हीट वेव का और भी जिलों में विस्तार होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने 25 जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है. गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज का कुछ हिस्से, मैहर, उमरिया, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में अलर्ट जारी।      अगले 5 दिन भट्टी बनेगा मध्य प्रदेश, हीटवेव का अलर्ट, रात का भी बढ़ेगा तापमान     मध्य प्रदेश के 10 जिलों में भीषण गर्मी का अलर्ट, रातों को भी नहीं मिलेगा सुकून, गर्म हवाओं का जोर।  मध्य प्रदेश के 22 जिलों में तापमान 40 पार मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो और नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गया. यहां तापमान 43 डिग्री पहुंच गया है. हालांकि रतलाम और शाजापुर के तापमान में एक दिन में 3 डिग्री की बढोत्तरी हुई, इसके चलते यहां तापमान बढ़कर 42 डिग्री पहुंच गया है. जबलपुर, भोपाल, धार, गुना, ग्वालियर, श्योपुर, उज्जैन में दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया।   

पाकिस्तानी मिसाइल दिल्ली की ओर बढ़ी, लेकिन कैसे रास्ते में हुई ढेर? ऑपरेशन सिंदूर ने खोला राज

 नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के वक्त दिल्ली की तरफ बढ़ती उस पाकिस्तानी मिसाइल को शायद यह अंदाज़ा नहीं था कि वह हिंदुस्तान की सरहद नहीं, बल्कि जज़्बे की दीवार से टकराने जा रही है. हरियाणा के आसमान में ही उसे मिट्टी में मिलाकर इंडियन एयरफोर्स ने साबित कर दिया था कि भारत पर आंख उठाने वालों का अंजाम क्या होता है. ऑपरेशन सिंदूर की यह कहानी सिर्फ एक सैन्य सफलता नहीं, बल्कि दुश्मन के लिए सख्त पैगाम है कि अगर कोई हमारे घर की तरफ बढ़ेगा, तो उसका नाम और निशान दोनों नहीं बचेगा।  इंडियन एयरफोर्स ने मई 2025 में पाकिस्तान की तरफ से दागी गई फतेह या शाहीन सीरीज की बैलिस्टिक मिसाइल को दिल्ली पहुंचने से पहले ही हरियाणा के ऊपर सफलतापूर्वक खत्म कर दिया था. यह कार्रवाई पश्चिमी सीमा के पास रणनीतिक रूप से जरूरी सिरसा एयर बेस पर तैनात वायुसेना की यूनिट ने अंजाम दी थी।  एयर कोमोडोर रोहित कपिल के नेतृत्व में एयर डिफेंस ग्रिड ने तत्काल जवाब देते हुए बराक-8 (Barak-8) सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम का उपयोग किया. सिरसा से बरामद मलबे ने उस वक्त इस बड़े खतरे का इशारा किया था. यह सफल ऑपरेशन भारत की सैन्य तत्परता और आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है, जिसने युद्ध के दौरान एक बड़े खतरे को टाल दिया था।  एयर कोमोडोर रोहित कपिल का नेतृत्व इस निर्णायक ऑपरेशन का नेतृत्व 45 विंग के एयर ऑफिसर कमांडिंग, एयर कोमोडोर रोहित कपिल ने किया था. उनके सटीक फैसलों और त्वरित जवाबी कार्रवाई की वजह से ही दिल्ली पर होने वाला हमला नाकाम हो सका. उनकी इस बहादुरी और रक्षात्मक व आक्रामक योजना के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें साल 2025 में 'युद्ध सेवा मेडल' से सम्मानित किया था।  सिरसा की यह घटना भारत के विकसित होते एयर डिफेंस आर्किटेक्चर का एक उदाहरण बन गई है. मौजूदा वक्त में 'सुदर्शन प्रोग्राम' के तहत देश भर में एक मल्टी-लेवल सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है. इसमें एस-400, बराक-8 और स्वदेशी इंटरसेप्टर सिस्टम को इंटीग्रेटेड किया जा रहा है. सिरसा इंटरसेप्ट आधुनिक युद्ध में सतर्कता और आपसी कोऑर्डिनेशन की अहमियत की याद दिलाता है।