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मारे गए भाजपा कार्यकर्ता की मां से मंच पर मिले योगी, बोले- बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ

सीएम योगी की तीसरी जनसभा गमछा व छाता लेकर चिलचिलाती धूप में पहुंचे हजारों मतदाताओं को मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त- ‘ए बार खेला शेष’ हावड़ा पश्चिम बंगाल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। उदयनारायणपुर में टीएमसी के गुंडों की अराजकता व धमकी के बावजूद हजारों की भीड़ चिलचिलाती धूप में सिर पर गमछा और छाता लिए सीएम योगी को देखने-सुनने के लिए उमड़ पड़ी। भाजपा उम्मीदवार प्रभाकर पंडित के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने लोगों को आश्वस्त किया कि 4 मई के बाद तृणमूल कांग्रेस के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। मंच पर पहुंचने से पहले सीएम योगी ने सभी कार्यकर्ताओं से परिचय भी प्राप्त किया। टीएमसी के गुंडे यहां सभा नहीं होने दे रहे थे, मैंने कहा कि अवश्य आऊंगा सीएम योगी मंच पर भाजपा कार्यकर्ता स्व. सुबोध जीत की मां से मिले और उनका दर्द बांटा, फिर कहा कि टीएमसी के गुंडों ने सुबोध को मारकर उनके जैसे हजारों कार्यकर्ताओं को पैदा किया है। मुझे यह भी पता लगा कि टीएमसी के गुंडे यहां भाजपा प्रत्याशी की सभा नहीं होने दे रहे हैं, टेंट नहीं लगने दे रहे हैं। तब मैंने कहा कि धूप में खड़े होकर भी उनके लिए सभा करूंगा, मैं कई कार्यक्रम स्थगित कर उदयनारायणपुर आया हूं। सीएम ने उदयनारायणपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं को बहादुर बताते हुए उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि 4 मई के बाद टीएमसी के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू होगी, उन्हें जवाब दिया जाएगा। टीएमसी के गुंडों की धमकी की परवाह किए बगैर लोग यहां आए सीएम योगी ने धूप में खड़े मतदाताओं के उत्साह को प्रणाम किया। कहा कि आज यहां पंडाल नहीं लगाने दिया गया, कहा गया कि प्रभाकर पंडित की सभा में टेंट व माइक नहीं जाएगा। टीएमसी के गुंडों ने हमारे कार्यकर्ताओं को भी धमकाया। लेकिन, टीएमसी के गुंडों, धूप व गर्मी की परवाह किए बिना आप लोग मां दक्षिणेश्वर काली को नमन करते हुए, बंगाल के वीर बलिदानियों की परंपरा के अनुरूप जो शपथ लेकर आए हैं, वह देखकर मैं कह रहा हूं कि उदयनारायणपुर समेत हावड़ा की सभी विधानसभा सीटों पर कमल खिलने वाला है। बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है सीएम योगी ने कहा कि कश्मीर में जैसे धारा-370 हमेशा के लिए समाप्त की गई,  वैसे ही बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है। कभी बंगाल की पहचान नॉलेज व कल्चरल कैपिटल के रूप में थी, लेकिन 15 वर्ष में टीएमसी के शासनकाल में 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए। धान, चावल, मछली उत्पादन कम हुआ। ग्रोथ इंजन वाला बंगाल टीएमसी, कम्युनिस्टों व कांग्रेस की लूट के कारण कंगाली की ओर बढ़ गया। हमें बंगाल को पुनर्स्थापित करना है। बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ सीएम ने तृणमूल नेताओं के बयानों पर भी जवाब दिया। कहा कि उनका एक मेयर कहता है कि बंगाल में आधी आबादी को ऊर्दू पढ़ाएंगे,  हम कहते हैं कि ऊर्दू पढ़ने वाले वहीं जाएं, जहां ऊर्दू में शिक्षा मिलती हो। बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। टीएमसी की एक सांसद कहती हैं कि दिल में काबा, नयनों में मदीना, लेकिन वे जान लें कि बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ है। भारत की आध्यात्मिक परंपरा व विरासत बंगाल की रग-रग में बसी है। भाजपा सरकार बनाइए, डेमोग्राफी चेंज होने से बचाइए सीएम ने कहा कि ममता दीदी रामनवमी के जुलूस पर प्रतिबंध लगाती हैं। 2017 के पहले यही अराजकता, गुंडागर्दी यूपी में भी थी। पर्व-त्योहारों के पहले महीनों कर्फ्यू होता था, लेकिन अब यूपी में उपद्रव नहीं, उत्सव है। बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले का यमराज के घर जाने का टिकट कट जाता है। गरीब की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने वाले के सात जन्मों का हिसाब-किताब एक साथ हो जाता है। 2017 के पहले यूपी में भी जयश्रीराम बोलने पर लाठी-डंडे और गोली चलती थी, आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो गया। इसे कोई रोक नहीं पाया। टीएमसी के गुंडों का जवाब केवल कमल का फूल है। भाजपा की डबल इंजन सरकार बनाइए, बंगाल को टीएमसी की गुंडागर्दी से और डेमोग्राफी चेंज होने से बचाइए। अब बंगाल में उत्सव में बाधा बनने वालों का खेला होगा सीएम योगी ने कहा कि ममता दीदी कहती है कि खेला होबे, मैं कहता हूं कि ममता दीदी ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म और विकास शुरू)। मोदी जी द्वारा विकास के लिए भेजे गए पैसे में बंगाल सरकार की डकैती बंद होगी। रामनवमी व दुर्गापूजा के कार्यक्रम हर्षोल्लास से होंगे। कोई इसमें बाधा बनेगा तो उसका खेला शुरू हो जाएगा। मतदाताओं की ताकत बंगाल को गुंडागर्दी से निजात दिलाएगी। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्त बांग्ला बनेगा। अब ऑन्धकार हटबे, सूरोज उठेबे, कोमोल खिलबे (अंधकार हटेगा, सूरज उगेगा, कमल खिलेगा।

युवाओं के लिए खुशखबरी: Bihar में इंटर्नशिप प्रोग्राम, 12वीं पास को भी मिलेगा ₹6000 तक स्टाइपेंड

शिवहर. जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने कौशल विकास योजनाओं में गति लाने के निर्देश दिए। मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जिला कौशल विकास समिति एवं जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र की समीक्षात्मक बैठक में जिलाधिकारी ने अलग-अलग दोनों विभागों के कार्यों की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि कौशल विकास योजना के तहत बिहार सरकार ने इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि यह 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद युवाओं को इंटर्नशिप कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजना है। वित्तीय सहायता: युवाओं को इंटर्नशिप कार्यक्रम के दौरान तीन महीने से लेकर 12 महीने तक की अवधि के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। उच्चतर माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को इंटर्नशिप के लिए चार हजार आईटीआई डिप्लोमा उत्तीर्ण उम्मीदवारों को पांच हजार व स्नातक एवं स्नातकोत्तर युवाओं को छह जार रुपये प्रति माह की इंटर्नशिप मिलेगी। जिलाधिकारी ने इसके विस्तृत स्तर का प्रचार प्रसार करने हेतु निर्देशित किया, ताकि अधिक से अधिक इच्छुक अभ्यर्थी इस योजना से लाभान्वित हो सकें। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि यह भारत सरकार की एक पहल है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को देश की शीर्ष 500 कंपनियों में 12 महीने की व्यावहारिक कार्य अनुभव प्रदान करना है। 18 से 24 वर्ष के युवा जो पूर्णकालिक रोजगार में नहीं हैं, इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। जिसमें नौ हजार प्रति माह स्टाइपेंड औरछह हजार की एकमुश्त सहायता मिलती है। 21 से 24 आयुवर्ग के 10वीं, 12 वीं, आईटीआई, डिप्लोमा, या बीए, बीकॉम, बीएससी, बीसीए, बीबीए स्नातक पास, जिनकी परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम है वह इसके पात्र है। कुशल युवा कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विभाग द्वारा लक्ष्य को इस वित्तीय वर्ष मैं शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने हेतु निर्देशित किया। जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र को निबंधन के लक्ष्य को सत प्रतिशत हासिल करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही रोस्टर बना कर सभी विद्यालयों में काउंसलिंग कराने का निर्देश दिया गया।

कौशल विकास कार्यक्रमों को सीधे रोजगार से जोड़ने के निर्देश, तत्काल रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी

आईटीआई सुधार, इंडस्ट्री पार्टनरशिप और आधुनिक कोर्सेज के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार योग्य बनाकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का लक्ष्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य की दिशा में स्किल डेवलपमेंट सेक्टर को और अधिक प्रभावी एवं परिणामपरक बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की समीक्षा करते हुए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कौशल विकास कार्यक्रमों को सीधे रोजगार से जोड़ा जाए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के बाद तत्काल रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि योगी सरकार स्किल डेवलपमेंट को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार मानते हुए इसे उद्योगों से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। आईटीआई सुधार, इंडस्ट्री पार्टनरशिप और आधुनिक कोर्सेज के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार योग्य बनाकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश में तेजी से बढ़ते औद्योगिक निवेश और एमएसएमई सेक्टर के विस्तार को देखते हुए स्किल्ड मैनपावर की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में कौशल विकास कार्यक्रमों को रोजगार से जोड़ने की यह पहल उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। समयबद्ध हों सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को उत्तर प्रदेश सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट केवल प्रमाण पत्र देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका अंतिम लक्ष्य युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाए। आईटीआई आधुनिकीकरण और इंडस्ट्री लिंकिंग पर जोर बैठक में आईटीआई के व्यापक आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा हुई। टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण को पूरी तरह इंडस्ट्री-ओरिएंटेड बनाया जाए, जिससे युवाओं को प्रशिक्षण के तुरंत बाद रोजगार मिल सके। इसके साथ ही डिलाइट इंडिया के साथ वर्चुअल प्रेजेंटेशन में नई तकनीकों के अनुरूप स्किलिंग को अपडेट करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में आधुनिक उपकरण, अत्याधुनिक लैब और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके। ड्रॉपआउट रोकने के लिए ठोस रणनीति मंत्री अग्रवाल ने कौशल विकास मिशन और आईटीआई में बढ़ते ड्रॉपआउट को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके मूल कारणों की पहचान कर प्रभावी समाधान लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण पूरा कराने के लिए प्रोत्साहन तंत्र विकसित किया जाए। इसके तहत छात्रों के लिए नियमित इंडस्ट्री विजिट, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजीटी) और ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) को बड़े स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिल सके। “प्रोजेक्ट प्रवीण” और न्यू एज कोर्स पर फोकस उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट प्रवीण” की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे न्यू एज टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स शुरू किए जाएं और उन्हें सीधे उद्योगों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल कौशल प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, जिससे वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सफल छात्रों के अनुभव साझा कराए जाएं, ताकि नए प्रशिक्षुओं को प्रेरणा मिल सके। साथ ही सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, जिससे युवाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के चकदहा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी बंकिम चंद्र घोष के लिए मांगे वोट

सीएम योगी की दूसरी जनसभा उत्तर प्रदेश की तरह ‘डबल इंजन सरकार’ बनने पर बंगाल में भी विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू होगा: सीएम योगी नदिया पश्चिम बंगाल के चकदहा में बुधवार को आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की राजनीतिक दिशा को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने नदिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए इसे चैतन्य महाप्रभु की वैष्णव परंपरा की भूमि बताया और कहा कि बंगाल अब बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। मुख्यमंत्री ने ममता सरकार पर कानून-व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक अस्मिता के मुद्दों पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रत्याशी बंकिम चंद्र घोष के पक्ष में वोट मांगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह डबल इंजन सरकार बनने पर बंगाल में भी विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू होगा। इस बार ममता दीदी का खेला खत्म मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में 7000 से ज्यादा बड़े उद्योग बंद हुए और यूपी में 9 वर्ष में 17000 से अधिक बड़े उद्योग आए हैं। वहां लाखों नौजवानों को रोजगार मिल रहा है। 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्य कर रही हैं। अन्नदाता किसान खुशहाल है, चारों ओर विकास की बहार है। 500 वर्षों में जो कार्य नहीं हुआ, मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के रूप में वह भी पूरा हो गया। यूपी के अंदर यह हो सकता है,  क्योंकि वहां डबल इंजन की बीजेपी सरकार है। अब तो बंगाल में भी बहार है, क्योंकि इस बार यहां भी बनने जा रही डबल इंजन सरकार है। कमल निशान पर बंकिम चंद्र घोष को इतना वोट दीजिए कि टीएमसी, कांग्रेस और अन्य सभी दलों के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो जाए। नदिया फिर से वैष्णव परंपरा की धरा के रूप में स्थापित होकर, सनातन के झंडे को पूरे बंगाल में ऊंचा करता हुआ दिखाई दे। ममता दीदी कहती हैं कि खेला होबे, लेकिन मैं कहने आया हूं कि ममता दीदी ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म और विकास शुरू)। नए बंगाल के निर्माण का आह्वान मुख्यमंत्री ने कहा कि नदिया भारत की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। जैसे उत्तर भारत में काशी का महत्व है, वैसे ही पूर्वी भारत में नवलद्वीप और नदिया जिले की भी अपनी एक पहचान है। यह वही भूमि है, जिसने चैतन्य महाप्रभु के अंतःकरण में भारत की आध्यात्मिक वैष्णव परंपरा की अलख जगाकर पूरे भारत में भक्ति की एक नई धारा को प्रवाहित किया था। यह बंगाल की धरा एक बार फिर चैतन्य महाप्रभु की सनातन वैष्णव धारा को पुनर्जीवित करने का आह्वान कर रही है। नदिया से उठी यह आवाज चैतन्य महाप्रभु की भावनाओं के अनुरूप 'नए बंगाल' के निर्माण के लिए आप सबका आह्वान कर रही है। नदिया के दिल में महाकाली और नैनों में चैतन्य महाप्रभु का वास मुख्यमंत्री ने कहा कि टीएमसी की वर्तमान सरकार यहां की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उनका एक मेयर कहता है कि बंगाल के अंदर आधी आबादी से उर्दू बुलवाएंगे। मैं उनसे कहने के लिए आया हूं कि बंगाल की धरती पर बांग्ला बोली जाएगी। बांग्ला संस्कृति के माध्यम से भारत को एक नई ऊंचाई दी जाएगी। उनकी एक सांसद कहती हैं कि 'दिल में काबा और नयन में मदीना', लेकिन मैं उनसे कहना चाहता हूं कि नदिया इसे स्वीकार नहीं करेगा। नदिया के दिल में महाकाली हैं और हमारे नैनों में चैतन्य महाप्रभु का वास है, ताकि वैष्णव परंपरा को घर-घर तक पहुंचाया जा सके। टेरर का प्रतीक बन गई टीएमसी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रवींद्रनाथ टैगोर, अरविंदो घोष, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पावन धरा में टीएमसी के गुंडे चीरहरण कर रहे हैं, लूट रहे हैं। टीएमसी टेरर, माफिया राज व करप्शन का पर्याय बन गई है। जो बंगाल कभी भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन हुआ करता था, भारत के विकास में मजबूती के साथ आगे बढ़ता था, जिस बंगाल में उद्योगों की लंबी श्रृंखला थी, नौजवानों के पास रोजगार था, अन्नदाता किसान की मेहनत से धरती सोना उगलती थी, आज उसी बंगाल में उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं। नौजवान बेरोजगार हैं। धान व मछली का उत्पादन घट रहा है। आलू उत्पादक किसान अपमानित महसूस कर रहा है। बंगाल में आज उपद्रव जैसा माहौल है। राम के नाम से चिढ़ती हैं ममता दीदी मुख्यमंत्री ने कहा कि नदिया वैष्णव परंपरा की धरा है और ममता दीदी तो राम नाम से चिढ़ती हैं। दुर्गा पूजा नहीं होने देतीं,  विसर्जन जुलूसों पर लाठीचार्ज होता है, हमले होते हैं, उत्सव के पहले प्रतिबंध शुरू हो जाते हैं, कर्फ्यू लग जाता है। यह लूटपाट का, माफिया का राज है। बंगाल ने रवींद्रनाथ टैगोर के माध्यम से स्वतंत्र भारत को राष्ट्रगान दिया। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के माध्यम से राष्ट्रगीत दिया। लेकिन, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के पुश्तैनी परिसर पर टीएमसी के गुंडों ने कब्जा कर लिया। वहां भारत माता व गुरुदेव के चित्रों को उतारकर जबरदस्ती ममता व अभिषेक बनर्जी का फोटो लगा दिया। बंगाल इस प्रकार की अराजकता को स्वीकार नहीं कर सकता। इस गुंडागर्दी, अराजकता में बहन-बेटी, व्यापारी कोई सुरक्षित नहीं है। अन्नदाता किसान उपेक्षित और नौजवान हताश-निराश है।

लापरवाही पर गिरी गाज: Rajnandgaon में राजस्व निरीक्षक निलंबित

राजनांदगांव. शासकीय कार्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के कारण खैरझिटी राजस्व निरीक्षक मंडल के राजस्व निरीक्षक अवधराम ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने की है। कार्यालय कलेक्टर, भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजनांदगांव द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि संबंधित राजस्व निरीक्षक ने अपने क्षेत्र के सीमांकन प्रकरणों को लंबे समय तक बिना किसी प्रगति के लंबित रखा। इस संबंध में जनसामान्य से शिकायत प्राप्त होने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अवधराम ठाकुर द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई, जिसके तहत निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर, भू-अभिलेख शाखा, राजनांदगांव निर्धारित किया गया है।

कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित: राज्यपाल पटेल का बयान

कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने पांचवें "समर्थ भारत कॉन्क्लेव" का किया शुभारंभ भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि कौशल आधारित सामाजिक उद्यमिता विकसित भारत का पथ है। इस दिशा में वैचारिक स्तर पर चिंतन की पहल समसामयिक और सराहनीय है। कॉन्क्लेव, शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी की समाप्ति के लिए समाधान का वैचारिक मंच बने। उन्होंने कहा कि कौशल और सामाजिक उद्यमिता से विकसित भारत निर्माण के चिंतन में सामाजिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों जैसे स्वच्छता, शिक्षा, जल संरक्षण, लैंगिक समानता, प्राथमिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के समाधान खोजने का प्रयास किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में पांचवें "समर्थ भारत कॉन्क्लेव" के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कॉन्क्लेव का आयोजन  “विकसित  भारत  के  निर्माण में कौशल विकास और सामाजिक उद्यमिता”  विषय पर किया गया है। राज्यपाल पटेल ने कॉन्क्लेव से पहले कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।    राज्यपाल पटेल ने कहा कि कॉन्क्लेव में कौशल विकास की प्रासंगिकता, शिक्षा–उद्योग-समन्वय, सामाजिक उद्यमिता विस्तार, ग्रामीण युवाओं के सशक्तिकरण, स्टार्ट-अप इको सिस्टम की मजबूती, महिला और वंचित वर्गों की सहभागिता का पथ प्रदर्शन पर बल दिया जाए। डिजिटल एवं तकनीकी कौशल, नीतिगत सहयोग और सतत विकास के संतुलित मॉडल पर विचार जरूरी है, ताकि आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता के ठोस उपाय खोंजें जाए। उन्होंने कहा समय की आवश्यकता है कि सरकारी, कॉर्पोरेट क्षेत्र एवं गैर-लाभकारी संगठन के समन्वित और एकजुट प्रयासों को नवाचारी सोच और सतत विकास के लिए, उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाए। राज्यपाल पटेल ने प्रतिभागियों से कौशल आधारित सामाजिक उद्यमिता के द्वारा समाज की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील और व्यवहारिक नवाचारों पर चिंतन का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर, समृद्ध, सशक्त और विकसित भारत की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। स्किल इंडिया मिशन, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया आदि योजनाओं से देश में सशक्त स्टार्ट-अप इको सिस्टम बना है। उन्होंने कहा कि जरूरी है कि हम समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने नए और उपयोगी तरीके विकसित करें, ताकि गरीब और वंचित लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार एवं खुशहाली आए। युवाओं को समावेशी विकास का सहभागी बनाएं राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारी लगभग 65 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। युवाओं को जमीनी स्तर से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्हें पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर, नई और रचनात्मक पहल के द्वारा आर्थिक परिवर्तन का माध्यम तथा समावेशी विकास का सहभागी बनाना होगा। डिजिटल एवं तकनीकी कौशल, नीतिगत सहयोग और सतत विकास के संतुलित मॉडल और आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता के ठोस उपायों से परिचय करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के लिए कौशलयुक्त मानव संसाधन और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली सोच समय की मांग है। शिक्षण संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि शिक्षा व्यवस्था तकनीकी, प्रबंधकीय और उद्यमशील क्षमतावान ऐसे युवा तैयार करें, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफल हो सकें। राज्यपाल पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर 2 दिवसीय आयोजन का शुभारंभ किया। वोकेशनल ट्रेनर्स को सम्मानित किया। उनका आईसेक्ट के चान्सलर संतोष चौबे ने पुष्प-गुच्छ और अंगवस्त्रम् भेंट कर स्वागत किया। स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन, स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के चान्सलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने दिया। आईसेक्ट के चान्सलर संतोष चौबे ने संस्थान की स्थापना से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए कौशल और सामाजिक उद्यमिता प्रयासों की विस्तार से चर्चा की। आभार स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के कुलगुरू डॉ. विजय सिंह ने व्यक्त किया। इस अवसर पर रविन्द्र नाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के वी.सी. डॉ. आर.पी. दुबे, वाधवानी फाउंडेशन के कर्नल संतोष, प्रो. चान्सलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी और विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।  

‘अब सिस्टम बदलने का वक्त’: Bhagwant Mann का बड़ा बयान, मुफ्त सुविधाएं रहेंगी जारी

चंडीगढ़. देश की राजनीति में भगवंत मान एक मात्र एसे मुख्यमंत्री हैं जो स्टेज से लेकर स्टेट तक को लीड कर रहे हैं। बतौर कलाकार मुख्यमंत्री भगवंत मान की ताकत ‘पोलटिकल सटायर’ हुआ करती थी। जो राजनीतिक सिस्टम पर चोट करती थी। 2022 में भगवंत मान मुख्यमंत्री बने तो उनके हाथों में हरा कलम आ गया। बतौर कलाकार मैं अपने शब्दों से सिस्टम पर चोट करता था। लोगों ने हाथों में हरा कलम जब से थमाया है। तब से मैं सिस्टम को बदल रहा हूं। ताकि सिस्टम में सुधार हो। विचार मंच के दौरान ‘चुनौतियां और राह’ पर बोलते हुए भगवंत मान ने कहा कि 70 साल का घाटा चार वर्षों में पूरा नहीं किया जा सकता। आम आदमी पार्टी ने भले ही चुनाव में लोगों से किए गए गारंटियों को पूरा कर दिया हो लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। इस दौरान उन्होंने न अपने निजी जीवन से लेकर पंजाब के राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर खुल कर विचार रखे। गरीबों को मिलने वाली मुफ्त योजना जारी रहेगी मु्ख्यमंत्री ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी ने 300 यूनिट फ्री बिजली का वायदा किया तो कहा गया कि ‘रेवड़ियां’ बांट रहे हैं। उन्होंने कहा ‘फिर 15 लाख का पापड़ पहले किसने बेचा था। अब कह रहे हैं कि जुमला था। नेताओं का तो टोल भी फ्री है और गाड़ी भी। तेल भी फ्री हैं जो टेलीफोन का बिल भी। जब गरीबों को बिजली, राशन, ईलाज, बस सफर मिलता हैं तो इन नेताओं को दर्द क्यों होता है। गरीब आदमी भले ही डायरेक्ट टैक्स नहीं देता लेकिन इन डायरेक्ट टैक्स तो देता ही है। गरीब आदमी के चाय से लेकर रात को सोते समय चलने वाले पंखे पर भी टैक्स है।’ उन्होंने कहा कि अंबानियों का जब कर्जा माफ हो जाता हैं तो गरीबों को सहूलियत क्यों नहीं दिया जा सकता है। यह योजनाएं बंद नहीं होगी। क्योंकि जब आम लोगों को यह भरोसा हो जाए कि उसके द्वारा दिए जाने वाला इन-डायरेक्ट का लाभ उन्हें ही मिलेगा तो उन्हें टैक्स देने का दुख नहीं होता। फसली विविधिकरण संभव नहीं, धान होगा तो पराली भी होगी किसानों को पारंपरिक खेती से मुक्ति दिलवाने के उठ रहे सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञापन देने मात्र से फसली चक्र नहीं टूटने वाला है। इसके लिए किसानों को बदली हुई फसल का मूल्य देना होगा। दीवारों पर हमने बहुत लिखा कि ‘हम दो हमारे दो’ तो इससे क्या जनसंख्या नियंत्रित हो गई। पराली में लगने वाली आग के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि असली कारण को समझना ही होगा। अक्टूबर-नवंबर में दशहरा-दीपावली और दशहरा एक साथ आते हैं। किसान धान की पराली में इसलिए आग लगाता हैं क्योंकि उसे 10 से 12 दिन के भीतर गेहूं की फसल लगानी होती है। जब पंजाब 185 लाख मिट्रिक टन धान सेंट्रल पूल में देता हैं तो पंजाब बहुत अच्छा लेकिन इसके साथ पराली भी तो होगी। जब किसान पराली जलाते हैं तो कहा जाता हैं कि किसानों पर पर्चा दर्ज कर दो। 10 दिन से किसान अन्नदाता से अपराधी बन जाता है दस दिन पहले जो किसान अन्नदाता होता हैं 10 दिन बाद ही वह अपराधी बन जाता है। किसानों को पराली संभालने का इंसेंटिव देना होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में पराली जलती भी नहीं हैं कि दिल्ली में हंगामा शुरू हो जाता है। एनजीटी के सेवानिवृत्त जज ने भी स्पष्ट किया कि पंजाब को यूं ही बदनाम किया जाता है। पंजाब के धुएं से दिल्ली को असर नहीं पड़ता। लेकिन जज साहब ने यह बात तब कहीं जब वह सेवानिवृत्त हो गए। सर्विंग में होते हुए उन्होंने यह बात नहीं कहीं। मुख्यमंत्री ने मार्डन खेती पर विशेष जोर दिया। पंजाब के छात्र जमीन पर नहीं बैठते मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है। स्कूल आफ एमिनेंस तो बने ही हैं साथ ही पंजाब का अब कोई भी ऐसा स्कूल नहीं हैं जहां पर बच्चे जमीन पर पढ़ते हो। कोई स्कूल ऐसा नहीं हैं जो बिना चाहरदिवारी के हो। स्कूलों में लैब बने हैं और सकरारी स्कूल के बच्चे जेईई और नीट की परीक्षा पास कर रहे हैं। यह वहीं स्कूल जहां दो-तीन साल पहले तक बच्चों को जेईई और नीट के बारे में पता तक नहीं था। ड्रग्स को लेकर पंजाब बदनाम किया जा रहा ड्रग्स के मुद्दे पर उठे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, बदनाम तो पंजाब को किसा जाता हैं लेकिन 3000 किलों ड्रग्स मुंद्रा पोर्ट से पकड़ी जाती है। पंजाब सरकार ड्रग्स के खिलाफ मुहीम चला रही है। वहीं, नए इनोवेशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब प्रति दिन 15 मौतें सड़कों पर हो रही थी। लोग इसे कुदरती आपदा मानते थे लेकिन यह मानवीय आपदा थी। मुख्यमंत्री ने कहा जब मैंने सड़क सुरक्षा फोर्स का गठन किया तो सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में कमी आई। आज प्रति वर्ष 2600 कीमती जानें बचाई जा रही है।

मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए समन्वित प्रयास करें: मंत्री कुशवाह

चिंतन शिविर संपन्न मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना हम सब का दायित्व मैदानी अमले के सुझावों को योजनाओं के क्रियान्वयन में किया जाएगा शामिल भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायन सिंह कुशवाह ने कहा है कि मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। विभाग के मैदानी अमले की योजनाओं और कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर उतारने में भागीदारी कैसे सुनिश्चित की जाए, योजनाओं को लागू करने के साथ नीति निर्माण में उनके सुझाव को कैसे शामिल किया जा सकता है इस विषय पर विस्तृत विचार विमर्श के लिये सामाजिक न्याय विभाग द्वारा विभागीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय विभाग मानवीय संवेदनाओ से जुड़ा विभाग है। इसके माध्यम से हम कमजोर और असहाय लोगों की सहायता कर सकते है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन की सेवा ईश्वर सेवा से कम नहीं है। मंत्री कुशवाह ने कहा कि राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुँचे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। मंत्री कुशवाह ने कहा कि विभागीय योजनाओं के प्रति व्यापक जनजागरूकता बढ़ाई जाए, जिससे अधिक से अधिक पात्र हितग्राही लाभान्वित हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिंतन शिविर में विभागीय कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि जिलों में लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए। साथ ही, हितग्राहियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल एवं सुगम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों, दिव्यांगजन एवं वंचित समुदायों के सशक्तिकरण के लिए विभाग सतत प्रयासरत है। अधिकारियों को सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए जनसमस्याओं का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। वृद्धजनों के लिए वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे चिंतन शिविर में प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने विभाग की आगामी एक वर्ष की कार्ययोजना के महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शासकीय और अशासकीय योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्वालिटी ऑडिट ऐप के माध्यम से नियमित जांच की जाएगी, अटल अभ्युदय योजना के अंतर्गत वृद्धजनों के लिए वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साथ ही, प्रत्येक जिले में ट्रांसजेंडर जिला बोर्ड तथा भिक्षावृत्ति की निगरानी के लिये जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। नए जिलों में डीडीआरसी (जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र), नशामुक्ति केंद्र एवं वृद्धाश्रम स्थापित करने की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2027 तक नशामुक्त भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेशभर में विशेष नशामुक्ति अभियान चलाया जाएगा तथा नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग्स डिमांड के अंतर्गत प्रत्येक जिले में विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी। साथ ही जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों को वन स्टॉप सेंटर के रूप में विकसित करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण कृष्ण गोपाल तिवारी ने कहा कि योजनाओं के जमीनीस्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी विभागीय अमले पर है उनकी कार्यक्षमता और संवेदनशीलता से ही विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति संभव होगी। उन्होंने अमले से अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की। चिंतन शिविर में आये जिले के अधिकारियों के 5 समूह गठित कर नशामुक्त भारत, वृद्धाश्रम व अन्य संस्थाओं के संचालन, भिक्षुक गृह और ट्रांसजेंडर से संबंधित योजना के संचालन, शासकीय और अशासकीय संस्थाओं से संचालन और गुणवत्ता नियंत्रण तथा दिव्यांगजन पुर्नवास केन्द्र तथा निराश्रित निधि के उपयोग और प्रक्रिया विषय पर सुझाव मांगे गये। शिविर में प्रदेश के सभी जिलों से आए अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर कार्य करते समय आने वाली समस्याओं, चुनौतियों एवं अनुभवों को साझा किया। शिविर का उद्देश्य प्रक्रियात्मक जटिलताओं, संसाधनों की कमी तथा समन्वय संबंधी मुद्दों को समझकर उनके समाधान के लिये व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करना रहा, जिससे योजनाओं का लाभ सुगमता एवं समयबद्ध तरीके से पात्र हितग्राहियों तक पहुँच सुनिश्चित की जा सकेगा। चिंतन शिविर में निःशक्त जन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया, प्रदेश संयोजक दिव्यांगजन कल्याण प्रकोष्ठ संदीप रजक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

भोपाल से 24 ट्रेनों का डायवर्ट रूट, 30 अप्रैल तक यात्रियों को झेलनी होगी मुश्किलें

भोपाल  भोपाल रेलवे स्टेशन पर समर सीजन का असर साफ नजर आ रहा है। जहां प्लेटफार्म पर यात्रियों की गहमागहमी बनी रहती है वहीं सभी ट्रेनें खचाखच भरी आ रहीं हैं। समर सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है पर इसके बावजूद दिक्कत कम नहीं हुई। रेलवे के मेंटेनेंस ने यात्रियों को मिलने वाली राहत को घटा दिया है। एक बार फिर रेलवे मेंटेनेंस के चलते भोपाल से गुजरने वाली कई ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है। इससे यात्रियों की परेशानी खासी बढ़ गई है। भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों के मुताबिक, मेंटेनेंस के चलते भोपाल से गुजरने वाली 24 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार दानापुर मंडल एवं प्रयागराज स्टेशन पर होने वाले निर्माण कार्य के चलते इन ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों पर डायवर्ट किया गया है। प्रयागराज रूट पर जाने वाली ट्रेनें खासी प्रभावित हुई हैं। ऑनलाइन चेकिंग करने के बाद ही अपने रेल यात्रा शुरू करें रेलवे की ओर से बताया गया है कि ये ट्रेन 30 अप्रेल तक डायवर्ट रहेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा ये सुझाव भी दिया गया है कि वे ऑनलाइन चेकिंग करने के बाद ही अपने रेल यात्रा शुरू करें। प्रयागराज रूट पर जाने वाली ये ट्रेनें हुईं प्रभावित, रेलवे ने रूट किया डायवर्ट 15560 अहमदाबाद- दरभंगा एक्सप्रेस 15559 दरभंगा- अहमदाबाद एक्सप्रेस 15018 गोरखपुर- लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 15017 लोकमान्य तिलक-गोरखपुर एक्सप्रेस 15267 रक्सौल- लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 15268 लोकमान्य तिलक-रक्सौल एक्सप्रेस 11033 पुणे-दरभंगा एक्सप्रेस 11034 दरभंगा-पुणे एक्सप्रेस 01025 दादर- बलिया स्पेशल 01027 दादर- गोरखपुर स्पेशल 01026 बलिया- दादर स्पेशल 01028 गोरखपुर- दादर स्पेशल 22131 पुणे-बनारस एक्सप्रेस 22132 बनारस-पुणे एक्सप्रेस 11060 छपरा- लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस 18609 रांची-एलटी एक्सप्रेस 18610 एलटी-रांची एक्सप्रेस। रेलवे ने स्थायी समाधान निकालने के तहत प्लेटफार्म नंबर 6 के साइड रेन बसेरा के पास स्थायी होल्डिंग एरिया बनाने की तैयारी की इधर भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर करीब 3000 यात्रियों के बैठने की क्षमता वाला पक्का होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा। यह करीब 10 हजार वर्गमीटर का होगा। खासतौर पर सिंहस्थ 2028 को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है। अभी किसी आयोजन, त्योहार आदि पर यात्रियों की संख्या बढ़ने पर प्लेटफॉर्म के बाहर टेंट लगाकर उनके बैठने के इंतजाम किए जाते हैं। रेलवे ने इसका स्थायी समाधान निकालने के तहत प्लेटफार्म नंबर 6 के साइड रेन बसेरा के पास स्थायी होल्डिंग एरिया बनाने की तैयारी की है।

नर्मदापुरम जनसुनवाई में कलेक्टर का दिल जीतने वाला कदम, गर्मी में फरियादियों के लिए ठंडा पानी और शरबत

नर्मदापुरम  मध्य प्रदेश के सभी जिलों में हर मंगलवार को जनसुनवाई होती है. जहां कलेक्टर, एसपी व बड़े अधिकारी लोगों की परेशानी सुनते हैं और उसका समाधान करते हैं. जनसुनवाई को लेकर अलग-अलग तरह की खबरें देखने मिलती है. वहीं नर्मदापुरम में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जनसुनवाई को संवेदनशील और जनहितैषी बनाया है. आमतौर पर सरकारी दफ्तरों में अपनी समस्याएं लेकर आने वाले लोगों को लंबी प्रतीक्षा और असुविधाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन अब यह तस्वीर बदलती नजर आ रही है।  जनसुनवाई में पहले ठंडा पानी और शरबत, फिर समस्याएं कलेक्टर सोमेश मिश्रा के पदभार संभालने के बाद जनसुनवाई में एक अनोखा इनोवेशन शुरू किया गया है. अब जनसुनवाई में पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पहले ठंडा पेयजल, शरबत उपलब्ध कराया जाता है और आराम से बैठने के लिए कुर्सी दी जाती है. इसके बाद उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना जाता है और आवेदन लिए जाते हैं. यह छोटा सा बदलाव आमजन के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. गर्मी और लंबी कतारों के बीच ठंडा पानी और बैठने की सुविधा न केवल लोगों को सुकून देती है, बल्कि यह प्रशासन की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।  कलेक्टर ने नेमप्लेट पर लिखवाया अपना नंबर यह पहल इस बात का संकेत है कि शासन केवल आदेश देने तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और आवश्यकताओं को समझने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है. इतना ही नहीं, कलेक्टर ने पारदर्शिता और पहुंच को बढ़ावा देने के लिए अपने कार्यालय के बाहर नेम प्लेट पर अपना मोबाइल नंबर भी अंकित करवाया है. इससे आमजन सीधे संपर्क कर सकते हैं और अपनी समस्याएं आसानी से साझा कर सकते हैं।  ठंडा पानी पीकर तरोताजा हुए लोग, फिर सुनाई समस्याएं मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में इस नई व्यवस्था का असर साफ दिखाई दिया. लोग पहले ठंडा पेयजल लेकर तरोताजा हुए, फिर उन्होंने अपनी समस्याएं रखी. इससे न केवल माहौल सकारात्मक बना, बल्कि लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ. कुल मिलाकर, यह पहल दर्शाती है कि यदि प्रशासन चाहे तो छोटे-छोटे कदमों के माध्यम से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. कलेक्टर सोमेश मिश्रा की यह पहल निश्चित रूप से अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है।