samacharsecretary.com

अवैध निर्माण पर सख्ती: Bahadurgarh प्रशासन का एक्शन, कॉलोनियों में बुलडोजर कार्रवाई

बहादुरगढ़. बहादुरगढ़ में लाइसेंस्ड कॉलोनियों में किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। झज्जर रोड स्थित ओमेक्स सिटी में डीटीपी विभाग की टीम ने अवैध कब्जों को हटाया।कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, जिसके चलते करीब एक घंटे तक तोड़फोड़ की कार्रवाई रुकी रही। लोगों का कहना था कि उन्होंने घरों के बाहर पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग लगाई थी, जिसे प्रशासन द्वारा हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार प्रवीण शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर की जा रही है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं एटीपी सतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि अवैध अतिक्रमण को हर हाल में हटाया जाएगा और कार्रवाई के दौरान किसी भी पेड़-पौधे को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने यही बताया कि आने वाले दिनों में शहर की कई अन्य लाइसेंस शुदा कॉलोनियों में डीटीपी विभाग अतिक्रमण हटाएगा। यह कार्रवाई लगातार कई दिन तक जारी रहने वाली है।

चुनाव से पहले बड़ा खुलासा: Ludhiana में 70% वोटर डाटा पुरानी लिस्ट से मेल, EC ने शुरू की जांच

लुधियाना. भारत चुनाव आयोग के निर्देशों पर पंजाब में जल्द शुरू होने वाले 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए वर्तमान वोटर सूची का मिलान साल 2003 की ऐतिहासिक वोटर सूची से किया जा रहा है। शहरी इलाकों में मैपिंग की रफ्तार 65 फीसदी से कम अब तक जिला लुधियाना के कुल 26,96,474 वोटरों में से करीब 70 प्रतिशत यानी 18,68,074 वोटरों की मैपिंग और मिलान का काम बी.एल.ओज़ द्वारा सफलतापूर्वक मुकम्मल कर लिया गया है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटरों की पहचान और पते की सत्यता को पुख्ता करना है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे। अतिरिक्त जिला चुनाव अधिकारी पूनम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तो काम संतोषजनक है, लेकिन शहरी इलाकों में मैपिंग की रफ्तार 65 फीसदी से कम दर्ज की गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को विशेष प्रयास करने के आदेश दिए गए हैं। 12 दस्तावेजों में से कोई भी एक प्रमाण पत्र करवाना होगा जमा बी.एल.ओज़ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने बूथों पर विशेष कैंप लगाएं और घर-घर जाकर वेरिफिकेशन का काम तेजी से निपटाएं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य में बी.एल.ओज़ का सहयोग करें और मांगे गए जरूरी दस्तावेज मुहैया करवाएं ताकि वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट किया जा सके। वोटरों की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ने उम्र के आधार पर सात अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की हैं। 38 साल या उससे अधिक उम्र के वे वोटर जिनका नाम 2003 की सूची में शामिल है, उन्हें किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। वहीं, जिन वोटरों का नाम उस समय की सूची में नहीं था या जिनकी उम्र 18 से 37 साल के बीच है, उन्हें अपनी उम्र और माता-पिता के रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई भी एक प्रमाण पत्र जमा करवाना होगा। प्रशासन का कहना है कि यह मैपिंग प्रक्रिया आने वाले चुनावों के लिए एक मजबूत नींव का काम करेगी, इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस सत्यापन प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। 

ज्ञानभारतम् सर्वे को मिली रफ्तार : 31 मई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश

समिति गठन, प्रशिक्षण और पांडुलिपि ट्रेजर हंट जैसे नवाचारों पर जोर रायपुर मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि शासकीय संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, महाविद्यालयों एवं निजी संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के लिए सक्रिय प्रयास करें । उन्होंने कहा कि परंपरागत समुदायों और पुरातात्विक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पांडुलिपियां और ज्ञान-संपदा मिल सकती है, इसलिए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जनभागीदारी बढ़ाने के लिए “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों के आयोजन का सुझाव दिया गया, जिससे आम नागरिक भी इस अभियान से जुड़ सकें। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ‘ज्ञानभारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वेक्षण अभियान समिति के सदस्य तथा सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य 31 मई तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि यह सर्वे केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि जिलों में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय समिति का गठन, नोडल अधिकारी की नियुक्ति तथा सर्वेक्षण दलों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय पत्रकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों और जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने पर बल दिया गया। यह अभियान पूरे देश के लिए ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और उसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सर्वेक्षण कार्य के दौरान पांडुलिपियों के स्वामित्व अधिकारों का सम्मान, बिना अनुमति स्थानांतरण न करने और सभी गतिविधियों में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत रूपरेखा, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि शोधकर्ताओं के सहयोग से सुदूर अंचलों से भी पांडुलिपियों की महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की जा सकती है, जिससे इस अभियान को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी, संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

महिलाओं के अधिकारों को लेकर गरमाई सियासत: बिलासपुर में कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

बिलासपुर नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) पारित नहीं होने के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला बिलासपुर शहर द्वारा जिला मुख्यालय में जीडीसी कॉलेज के सामने अम्बेडकर चौक बिलासपुर में कांग्रेस का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया।    इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस पार्टी सहित पूरे विपक्ष का पुतला दहन किया और महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो जिलाध्यक्ष वैभव गुप्ता ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जो मातृशक्ति के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आने वाली थी उसे कांग्रेस पार्टी समेत पूरी विपक्षी दल ने इस अधिनियम का विरोध करके उनके जीवन में आने वाली खुशहाली को छीन लिया है। महिलाओं को मिलने वाले अधिकार से उन्हें कांग्रेस पार्टी ने वंचित किया है। कांग्रेस पार्टी महिला विरोधी पार्टी है जो महिलाओं को अपमानित करती है। महिला आरक्षण बिल महिलाओं को राजनीति में उचित भागीदारी दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल के पारित नहीं होने से महिलाओं के सशक्तिकरण को नुकसान पहुंचेगा और वर्तमान समय में राजनीति और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना बेहद जरूरी है। भारतीय जनता पार्टी महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। इस मौके पर बिलासपुर नगर निगम महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला मंत्री रितेश अग्रवाल, भाजयुमो जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता, प्रदेश मंत्री सन्नी केसरी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रोशन सिंह आलिंद तिवारी, नगर निगम पार्षद नितिन पटेल, सोशल मीडिया जिला संयोजक देवेश खत्री, भाजयुमो महामंत्री केतन वर्मा, राजकमल कश्यप, उपाध्यक्ष नीलेश सिंह, महर्षि बाजपेयी, अजय यादव, अंकित पाल, कोमल साहू, मोनू रजक, पंकज जायसवाल लक्ष्मी वैष्णव, शिवानी स्वर्णकार, गुलशन खांडेकर, साहिल कश्यप, अमर राजपूत, योगेश देवांगन, तनुज वोहरा, विवेक शर्मा, संदीप श्रीवास, किशन यादव, पृथ्वी श्रीवास, शुभम यादव, मीनाक्षी यादव, विवेक ताम्रकार, अनिल सूर्या, कैलाश वस्त्रकार, अरुण लास्कर, कृष्णा जोशी, आदर्श तिवारी, हिमांशु गुप्ता, बिट्टू रामानी, उमेश यादव सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एडवेंचर का नया ठिकाना Kawardha: जंगल सफारी में 35 किमी सफर, 22 बार नदी क्रॉसिंग

कवर्धा. प्रकृति प्रेमियों के लिए सुकूनभरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर क्षेत्र में अब भोरमदेव अभयारण्य के तहत जंगल सफारी की शुरुआत हो रही है। करीब 352 स्क्वायर वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभयारण्य में भोरमदेव रेंज के अंतर्गत 35 किलोमीटर लंबा सफारी रूट तैयार किया गया है। वन विभाग ने इसकी लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली है। इस महीने के अंत में प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा इस जंगल सफारी का शुभारंभ करेंगे। जानिए जंगल सफारी की क्या है खासियत सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है, जहां से पर्यटक प्रवेश करेंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी की गई है। फिलहाल 3 सफारी वाहन उपलब्ध हैं, जिनमें एक वाहन में 6 पर्यटक, साथ में ड्राइवर और गाइड यात्रा करेंगे। इस रोमांचक सफारी के दौरान पर्यटक घने जंगल, पहाड़, झरने, नदी-नाले और प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर आनंद ले सकेंगे। खास बात यह है कि इस सफारी रूट में एक संकरी नदी को लगभग 22 बार पार करना पड़ेगा, जो इसे और भी रोमांचक बनाता है। इसके अलावा कैंपिंग की भी सुविधा विकसित की जा रही है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद खास है जगह डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया कि भोरमदेव अभयारण्य में टाइगर, तेंदुआ, हिरण, हाथी, नीलगाय, वन भैंसा, रंग बिरंगे तीतिलिया और सांभर , भालू, जैसे वन्य प्राणी विचरण करते हैं( अभी हाल में 3 टाइगर और 3 तेंदुआ शिकार करते कैमरे में कैद हुए हैं, जिससे वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह जगह बेहद खास बन जाती है। स्थानीय लोगों को मिलेंगे रोजगार के अवसर डीएफओ ने कहा, जंगल सफारी शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सफारी पूरी करने के बाद पर्यटकों को उसी मार्ग से वापस करियाआमा गेट तक लाया जाएगा, जहां पार्किंग, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। कुल मिलाकर, भोरमदेव अभयारण्य की जंगल सफारी छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण जोड़ने जा रही है।

‘लोकतंत्र को खतरे में डालने का आरोप’, SC ने ममता बनर्जी को मतदान से पहले दी फटकार

नई दिल्ली  पश्चिम बंगाल में चुनावी शोर के बीच सुप्रीम कोर्ट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बड़ी और झकझोर देने वाली खबर आई है. अदालत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री के आचरण पर बेहद सख्त और तीखी टिप्पणी की है. जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने ममता बनर्जी को फटकार लगाते हुए कहा कि जांच के बीच में हस्तक्षेप करना गंभीर मामला है. यह पूरा विवाद कोलकाता में राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की सर्च कार्रवाई से जुड़ा है. कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि किसी राज्य का मुख्यमंत्री जांच की प्रक्रिया में बाधा नहीं डाल सकता. इस मामले ने अब कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट की ये टिप्पणियां ममता सरकार के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती हैं।  ‘मुख्यमंत्री ने जांच के बीच दखल देकर सिस्टम को खतरे में डाला’ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बेहद हैरान करने वाली बात कही है. बेंच ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि देश में ऐसा दिन भी आएगा जब कोई मुख्यमंत्री खुद जांच के बीच में दखल देगा. कोर्ट के मुताबिक यह राज्य बनाम केंद्र का विवाद बिल्कुल नहीं है. यह एक ऐसा मामला है जहां एक व्यक्ति, जो मुख्यमंत्री के पद पर है, वह जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है।  अदालत ने इसे सीधे तौर पर लोकतंत्र के लिए खतरा करार दिया है. जस्टिस मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस कृत्य ने पूरे सिस्टम को जोखिम में डाल दिया है।  सुनवाई के दौरान टीएमसी की ओर से दलील दी गई कि यह मामला संघीय विवाद से जुड़ा है. हालांकि कोर्ट इस तर्क से बिल्कुल सहमत नजर नहीं आया. कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री जांच के बीच नहीं जा सकता. आप इसे केंद्र-राज्य का विवाद बताकर अपना बचाव नहीं कर सकते हैं।  बेंच ने संविधान विशेषज्ञों का जिक्र करते हुए कहा कि सीरवाई और आंबेडकर जैसे दिग्गजों ने भी ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की होगी. किसी ने नहीं सोचा था कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री खुद जांच के दौरान दफ्तर में पहुंच जाएगा।  क्या इस मामले की सुनवाई अब पांच जजों की बड़ी बेंच करेगी? टीएमसी की वकील मेनका गुरुस्वामी ने इस याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाए और मामले को 5 जजों की बेंच के पास भेजने की मांग की. सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को भी सिरे से खारिज कर दिया. कोर्ट ने पूछा कि आखिर इसमें ऐसा कौन सा बड़ा संवैधानिक सवाल है जिसे बड़ी बेंच को भेजा जाए? अदालत ने साफ किया कि हर अनुच्छेद 32 की याचिका को बड़ी बेंच को नहीं सौंपा जा सकता. यह सुनवाई ईडी अधिकारियों द्वारा दायर उन याचिकाओं पर हो रही है जिनमें सीबीआई जांच की मांग की गई है। 

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर IAF की शक्ति: सुखोई और मिराज के उड़ान से गूंज उठा आसमान

 सुल्तानपुर भारतीय वायुसेना आज सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के अखलीकिरी करवत गांव के पास स्थित 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप पर बड़ा युद्धाभ्यास कर रही है. इस एयर शो में सुखोई-30 MKI, जगुआर, मिराज-2000 और तेजस जैसे फाइटर जेट्स के साथ सी-295 और एएन-32 जैसे परिवहन विमान हिस्सा ले रहे हैं।  वायुसेना आपातकालीन स्थितियों में हाईवे को रनवे के रूप में इस्तेमाल करने की अपनी क्षमता को परख रही है. सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने एक्सप्रेस-वे का 12 किलोमीटर का हिस्सा सील कर दिया है और ट्रैफिक को 1 मई तक के लिए डायवर्ट किया गया है. यह युद्धाभ्यास दो चरणों में रात 9 बजे तक चलेगा।  दो शिफ्ट में दिखेगा फाइटर जेट्स का दम एक्सप्रेस-वे की एयरस्ट्रिप पर युद्धाभ्यास का शेड्यूल काफी सख्त रखा गया है. दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक विमानों के करतब दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक भी युद्धाभ्यास जारी रहेगा. सुखोई-30 और मिराज जैसे विमान 'टच एंड गो' ड्रिल के जरिए अपनी युद्धक क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे हैं।  वहीं, एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर के जरिए स्पेशल फोर्सेस को स्लिदरिंग तकनीक से उतारने का अभ्यास भी किया जा रहा है. 320 एमएम मोटी इस विशेष एयरस्ट्रिप को भारी लड़ाकू विमानों के वजन को सहने के लिए ही बनाया गया है।  सामरिक रूप से बेहद अहम है यह अभ्यास यह हाईवे एयरस्ट्रिप युद्ध के समय सेना के लिए बैकअप रनवे का काम करती है. अगर दुश्मन देश मुख्य एयरबेस को निशाना बनाता है, तो वायुसेना इन्हीं हाईवे स्ट्रिप्स से अपनी उड़ानें जारी रख सकती है. मंगलवार को भी नौ विमानों ने यहां करीब एक घंटे तक पूर्वाभ्यास किया था. इस एयर शो से न केवल सेना की तैयारियों को मजबूती मिल रही है, बल्कि सुल्तानपुर और आसपास के क्षेत्रों की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है. आसमान में विमानों की गड़गड़ाहट सुनकर स्थानीय लोग छतों पर जमा हो गए।  पीएम मोदी ने किया था लोकार्पण पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की इस एयरस्ट्रिप का ऐतिहासिक महत्व भी है. 16 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सी-130जे हरक्यूलिस विमान से यहां उतरकर इसका लोकार्पण किया था. उस समय भी सुखोई और जगुआर ने करीब एक घंटे तक आसमान में करतब दिखाए थे. इसके बाद जून 2023 में भी यहां 4 घंटे तक लंबा अभ्यास चला था।  इस युद्धाभ्यास की खासियत यह है कि यहाँ सिर्फ लड़ाकू विमान ही नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना के 'वर्कहॉर्स' यानी मालवाहक विमान भी अपनी ताकत दिखा रहे हैं। C-295 और AN-32 जैसे भारी-भरकम विमानों ने इस हाईवे एयरस्ट्रिप पर लैंडिंग कर यह साबित कर दिया कि आपातकाल में सेना की रसद, टैंक और भारी हथियार भी एक्सप्रेस-वे के जरिए कहीं भी पहुंचाए जा सकते हैं। इस शो का सबसे रोमांचक हिस्सा रहा Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर का ऑपरेशन। आसमान में स्थिर खड़े इस हेलीकॉप्टर से वायुसेना के जांबाज 'विशेष बल' (Special Forces) के जवान 'स्लिदरिंग' तकनीक के जरिए रस्सियों के सहारे नीचे उतरे। यह ड्रिल दर्शाती है कि अगर कहीं आतंकी हमला हो या युद्ध छिड़े, तो हमारी सेना हाईवे के रास्ते पल भर में दुश्मन के पीछे लैंड कर सकती है। जिस एयरस्ट्रिप पर यह सब हो रहा है, उसे बनाने में इंजीनियरिंग का करिश्मा दिखाया गया है। इसकी मोटाई 320 एमएम रखी गई है, जो इसे इतना मजबूत बनाती है कि कई टन वजनी फाइटर जेट्स जब पूरी ताकत से इस पर लैंड करते हैं, तो सड़क को खरोंच तक नहीं आती। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए 12 किलोमीटर के दायरे को किले में तब्दील कर दिया है और 1 मई तक ट्रैफिक पूरी तरह डायवर्ट है ताकि अभ्यास में कोई खलल न पड़े। यह अभ्यास सिर्फ सूरज की रोशनी तक सीमित नहीं है। शेड्यूल के मुताबिक, शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक भी युद्धाभ्यास जारी रहेगा। इसका मकसद यह जांचना है कि अगर रात के घने अंधेरे में दुश्मन पर हमला करना हो या अंधेरे में लैंडिंग करनी हो, तो हमारे पायलट और इंफ्रास्ट्रक्चर कितने तैयार हैं। यह पहली बार नहीं है जब सुल्तानपुर की यह धरती इतिहास लिख रही है। 16 नवंबर 2021 को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से इसी पट्टी पर लैंडिंग कर इसका उद्घाटन किया था। वह भारत के इतिहास का एक ऐतिहासिक पल था जब देश के मुखिया ने खुद हाईवे एयरस्ट्रिप की मजबूती पर मुहर लगाई थी। उसके बाद से लगातार होते ये अभ्यास यह सुनिश्चित करते हैं कि यह रनवे हमेशा 'एक्शन रेडी' रहे। 

इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन का नया कदम, ई रिक्शा पर लगाए जाएंगे रंग-बिरंगे स्टीकर और रूट तय होंगे

इंदौर  देश के विभिन्न शहरों में बेतरतीब तरीके से दौड़ रहे ई-रिक्शा को इंदौर में पहली बार सेक्टर आधारित सिस्टम से चलाया जाएगा. इस सिस्टम के तहत सभी रिक्शा के लिए कलर कोड, रूट नंबर और रूट सिस्टम लागू किया गया है. यह सिस्टम क्या है और इसे कैसे व्यस्ततम सड़कों पर सैकड़ों की तादात में होने वाले रिक्शों से मुक्ति मिलेगी. आखिर कैसे शहर के सभी रूटों पर अलग-अलग रंग के हिसाब से ई रिक्शा शिफ्ट हो जाएंगे. एक दूसरे के इलाके और रूट पर अतिक्रमण करने से क्या सजा मिलेगी, और कैसे इन रिक्शों की निगरानी होगी।  ट्रैफिक की समस्या बढ़ा रहे ई रिक्शा दरअसल, महंगे होते पेट्रोल-डीजल और ई व्हीकल के युग में फिलहाल ई रिक्शा ही अब महानगरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सबसे सस्ती सवारी है. यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और लखनऊ समेत दक्षिण भारत के तमाम शहरों में मुख्य सड़कों पर सबसे बड़ी संख्या में ई-रिक्शा ही नजर आते हैं. हालांकि ई रिक्शा की बढ़ती संख्या ने अब सड़कों पर ट्रैफिक की समस्या को और विकराल बना दिया है, जो बीते कुछ सालों में कई दुर्घटनाओं की वजह बने हैं।  राजवाड़ा में प्रतिबंधित ई रिक्शा मूवमेंट मध्य प्रदेश में सर्वाधिक जनसंख्या वाले इंदौर शहर में पहले से ही बिगड़े हुए ट्रैफिक और सीमित सकरी सड़कों के बीच 10 से 15000 ई रिक्शा यहां के ट्रैफिक के लिए चुनौती बने हुए हैं. इनके लिए न तो कोई निश्चित रूट तय है, न कोई रिक्शा स्टॉप या फिर सवारी बिठाने का कोई नियम कायदा. नतीजतन शहर के मुख्य व्यापारिक केंद्र राजवाड़ा, जवाहर मार्ग और आसपास के अन्य इलाकों में आए दिन रिक्शों की इतनी मारामारी होती थी कि अन्य वाहनों का इलाके की सड़कों से गुजरना मुश्किल था. यही वजह रही कि इंदौर ट्रैफिक पुलिस ने सबसे पहले ई-रिक्शा के मूवमेंट को शहर के राजवाड़ा और आसपास के इलाकों में प्रतिबंधित किया।  4 जोन में चलेंगे ई रिक्शा, सभी का रूट तय इसके बाद इन्हें शहर के निश्चित रूट पर बराबर-बराबर संख्या में चलाने का फैसला किया गया. जिससे कि शहर की सड़कों से ई-रिक्शा का ट्रैफिक समानांतर रूप से अन्य रूट पर डाइवर्ट हो सके. इतना ही नहीं रिक्शा चालकों को भी अपने तय रूट पर प्रतिदिन की कमाई के हिसाब से सवारी भी मिल सके. इस योजना को अमल में लाने के लिये रिक्शा चालक संघ और ट्रैफिक पुलिस की कई दौर की चर्चा का परिणाम यह निकला कि शहर में सभी ई रिक्शा अपने-अपने इलाके के तय किये गए 4 जोन में चलेंगे. पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशा के अनुसार इन चार जोन में शहर के अलग-अलग चार हिस्से शामिल रहेंगे।  हर रिक्शा पर अलग चार रंग के स्टीकर ट्रैफिक डीसीपी राजेश त्रिपाठी बताते हैं कि "शहर में ई रिक्शा चलाने के लिए 4 जोन को अलग-अलग कलर में बांटा गया है. जिसमें जोन क्रमांक एक में चलने वाले रिक्शा पर नीला स्टीकर, 2 पर पीला स्टीकर, 3 पर लाल स्टीकर और जोन क्रमांक 4 पर सफेद कलर का स्टीकर उपयोग में लाया जाएगा. यह स्टीकर शहर के ट्रैफिक थानों में किए जा रहे ऑटो रिक्शा के पंजीयन के दौरान रिक्शा पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा इन्हें रूट भी दिया जा रहा है।  पहले दौर में 6000 रिक्शा का पंजीयन इंदौर शहर में करीब 15000 ई रिक्शा मौजूद हैं. इनमें से 4000 से 5000 ई रिक्शा ऐसे हैं, जो आरटीओ अथवा पुलिस के पास पंजीकृत न होने के कारण अवैध रूप से निजी तौर पर चल रहे हैं. ऐसे रिक्शा चालकों के खिलाफ अब चालानी कार्रवाई होगी. इसके अलावा फिलहाल 6000 रिक्शा ऐसे हैं. जिन पर 4 रंगों के स्टिकर लगाकर उन्हें उनके रूट पर चलने के निर्देश दिए गए हैं।  अपराध से मिलेगी मुक्ति इस सिस्टम के जरिए न केवल पुलिस के पास ई रिक्शा की तमाम जानकारी, उसके मालिक अथवा ड्राइवर की जानकारी होगी, बल्कि यह जानकारी एक ऐप के माध्यम से ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज रहेगी. यदि किसी रिक्शा में यात्रा के दौरान कोई घटना होती है, तो यात्री को उस रिक्शा का नंबर या कलर कोड को ट्रैफिक पुलिस की हेल्पलाइन पर बताना होगा. जिससे पुलिस संबंधित ई-रिक्शा के चालक अथवा मलिक की पहचान कर उस पर तत्काल कार्रवाई कर सकेगी, ऐसी स्थिति में यात्रियों को भी सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।  हाईकोर्ट के निर्देशों का भी पालन इंदौर ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक हाईकोर्ट ने ट्रैफिक की व्यवस्था सुधारने के जो निर्देश दिए हैं, उसके मुताबिक पहले चरण में भारी वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है. जिसमें यात्री बसें भी हैं. जिन्हें बाहर से ही बस स्टैंड पर लाकर डायवर्ट किया गया है. इसी तरह अब ई रिक्शा को भी शहर के खाली रूटों पर डायवर्ट किया जा रहा है. इंदौर ई रिक्शा ऑटो चालक संघ के संस्थापक राजेश बड़कर बताते हैं कि "सभी ई रिक्शा चालकों को वर्दी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा रिक्शा चालक अपने जोन में ही चलेंगे. अन्य जोन में जाने पर उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई होगी. इसके अलावा बिना रजिस्ट्रेशन के अथवा लाइसेंस आदि नहीं पाए जाने पर भी पुलिस द्वारा जब्ती और अन्य कठोर कार्रवाई होगी. वहीं जोन क्रॉस करने पर भी रिक्शा चालक जिम्मेदार होंगे। 

जीआईएस सबस्टेशन, भोपाल में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत, ऊर्जा मंत्री तोमर ने किया खुलासा

जीआईएस सबस्टेशन, भोपाल में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर हुई 70 एमवीए भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि गर्मी के मौसम में राजधानी की विद्युत पारेषण व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन, ई-8 अरेरा कॉलोनी भोपाल की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। नए ट्रांसफार्मर के जुड़ने से इस सबस्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 70 एमवीए हो गई है। जीआईएस गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन तकनीक पर आधारित यह सबस्टेशन सीमित स्थान में निर्मित है, जहां अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। इसके बावजूद कंपनी के इंजीनियरों ने अपनी दक्षता और तकनीकी कौशल का परिचय देते हुए कम स्थान में ही 20 एमवीए क्षमता का एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत कर दिया। पारेषण नेटवर्क को मिली मजबूती एमपी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य के अनुसार विगत दिवस स्थापित इस 20 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त ट्रांसफार्मर से न केवल भोपाल की कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि सबस्टेशन पर वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध हो गई है। इससे आवश्यक रखरखाव (शटडाउन) के दौरान भी विद्युत आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना संभव होगा।  

पंजाब को सीएम भगवंत मान ने दुनिया भर में बेहतरीन निवेश स्थल के रूप में दर्शाया

चंडीगढ़ चंडीगढ़ निवेश को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से वैश्विक स्तर पर प्रयास जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय प्रयास जारी हैं। नीदरलैंड्स-इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड की चेयरपर्सन मिस एडिथ नॉर्डमैन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ रणनीतिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने और निवेश प्रवाह को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने वैल्यू एडिशन, निर्यात आधारित विकास और वैश्विक सप्लाई चेन के साथ तालमेल, विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में पंजाब के रणनीतिक फोकस को भी रेखांकित किया। भगवंत सिंह मान ने एनआईसीसीटी से पंजाब को डच उद्योगों से जोड़ने और क्षेत्र-विशेष भागीदारी तथा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को सक्रिय करने की अपील की। इस दौरान हेग में आयोजित निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक ताकत और उभरते अवसरों को प्रस्तुत किया, जिसमें नीदरलैंड्स के उद्योगपतियों, व्यापार प्रतिनिधियों और साझेदारों ने भाग लिया। उन्होंने वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक विकास और निर्यात आधारित वृद्धि की दिशा में पंजाब के बदलाव पर प्रकाश डाला। साथ ही राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे—जिसमें अनुकूल औद्योगिक माहौल, कुशल कार्यबल, प्रगतिशील नीतियां और निवेशक-अनुकूल प्रशासनिक ढांचा शामिल है—को भी प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया, जो खुलेपन और नवाचार के साझा मूल्यों को दर्शाते हैं। उन्होंने निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार करने में आसानी के प्रति राज्य सरकार की सक्रिय और सुधारवादी दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक और व्यापार विकास नीति 2026 देश की सबसे प्रतिस्पर्धी नीतियों में से एक है। भगवंत सिंह मान ने फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल के माध्यम से सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और समयबद्ध स्वीकृतियों की प्रभावशीलता पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच साझा सांस्कृतिक मूल्यों और उद्यमशीलता की भावना की सराहना करते हुए वैश्विक निवेशकों को “पंजाब आइए, निवेश कीजिए और आगे बढ़िए” का आह्वान किया। उन्होंने राज्य के रणनीतिक लाभों को उजागर करते हुए निवेश को सहज बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे, प्रगतिशील किसानों और वैश्विक मानकों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन जैसी विशेषताओं पर भी जोर दिया। भगवंत सिंह मान ने डच कंपनियों को नए निवेश के लिए पंजाब को संभावित गंतव्य के रूप में चुनने का निमंत्रण दिया। एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रवासी पंजाबियों से संवाद किया, जिससे सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और लोगों के बीच जुड़ाव को गहरा करने का अवसर मिला। उन्होंने नीदरलैंड्स में भारतीय और पंजाबी समुदाय के योगदान की सराहना की, जो सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने उनके सुझाव भी आमंत्रित किए और पंजाब के विकास में प्रवासी समुदाय को महत्वपूर्ण भागीदार बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, नीदरलैंड्स में भारत के राजदूत कुमार तुहिन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। निवेश को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से वैश्विक स्तर पर प्रयास जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय प्रयास जारी हैं। नीदरलैंड्स-इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड की चेयरपर्सन मिस एडिथ नॉर्डमैन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ रणनीतिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने और निवेश प्रवाह को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने वैल्यू एडिशन, निर्यात आधारित विकास और वैश्विक सप्लाई चेन के साथ तालमेल, विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में पंजाब के रणनीतिक फोकस को भी रेखांकित किया। भगवंत सिंह मान ने एनआईसीसीटी से पंजाब को डच उद्योगों से जोड़ने और क्षेत्र-विशेष भागीदारी तथा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को सक्रिय करने की अपील की। इस दौरान हेग में आयोजित निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक ताकत और उभरते अवसरों को प्रस्तुत किया, जिसमें नीदरलैंड्स के उद्योगपतियों, व्यापार प्रतिनिधियों और साझेदारों ने भाग लिया। उन्होंने वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक विकास और निर्यात आधारित वृद्धि की दिशा में पंजाब के बदलाव पर प्रकाश डाला। साथ ही राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे—जिसमें अनुकूल औद्योगिक माहौल, कुशल कार्यबल, प्रगतिशील नीतियां और निवेशक-अनुकूल प्रशासनिक ढांचा शामिल है—को भी प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया, जो खुलेपन और नवाचार के साझा मूल्यों को दर्शाते हैं। उन्होंने निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार करने में आसानी के प्रति राज्य सरकार की सक्रिय और सुधारवादी दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक और व्यापार विकास नीति 2026 देश की सबसे प्रतिस्पर्धी नीतियों में से एक है। भगवंत सिंह मान ने डच कंपनियों को नए निवेश के लिए पंजाब को संभावित गंतव्य के रूप में चुनने का निमंत्रण दिया। एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रवासी पंजाबियों से संवाद किया, जिससे सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और लोगों के बीच जुड़ाव को गहरा करने का अवसर मिला। उन्होंने नीदरलैंड्स में भारतीय और पंजाबी समुदाय के योगदान की सराहना की, जो सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने उनके सुझाव भी आमंत्रित किए और पंजाब के विकास में प्रवासी समुदाय को महत्वपूर्ण भागीदार बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, नीदरलैंड्स में भारत के राजदूत कुमार तुहिन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।