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सांस्कृतिक भारत निर्माण पर परिसंवाद, नाट्य मंचन बना आकर्षण का केंद्र

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व के दूसरे दिन शनिवार को स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और सांस्कृतिक भारत निर्माण में उनके योगदान पर आधारित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं, साहित्य प्रेमियों और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। परिसर भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। नाट्य मंचन की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के प्रेरक वाक्य ‘ उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए ’ से हुई।  करीब 90 मिनट तक चला नाट्य मंचन  द्वितीय दिवस का मुख्य आकर्षण स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान विषय पर आयोजित परिसंवाद रहा। नाट्य मंचन शुरू होने से पहले वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति, आत्मगौरव और आध्यात्मिक चेतना को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और चरित्र निर्माण का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। करीब 90 मिनट तक स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने उनके संघर्ष, तपस्या और शिकागो धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक उद्बोधन को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर कर दिया। पानी पंचायत पुस्तक का हुआ विमोचन  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की उपस्थिति में पानी पंचायत पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और समाज की सहभागिता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद आज भी युवाओं के लिए आदर्श हैं। उनके विचार संकल्प शक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हैं। इस दौरान कृषि मंत्री एवं संयोजक सूर्य प्रताप शाही, पूर्व मंत्री व विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सिद्धार्थ शंकर, भाजपा नेता डॉ. नीरज सिंह, राजेंद्र सिंह तथा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य मौजूद रहे।

26 अप्रैल का राशिफल: शुभ अवसरों की उम्मीद, कुछ राशियों को मिल सकती हैं नई चुनौतियाँ

मेष राशि दिन आपके लिए संतुलित और सकारात्मक रहेगा। आप धैर्य और समझदारी से अपनी समस्याओं का समाधान निकाल पाएंगे। परिवार के साथ आपके संबंध बेहतर होंगे और संतान की ओर से कोई खुशखबरी मिल सकती है। अगर आप नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो नए अवसर सामने आ सकते हैं। हालांकि, कुछ नए विरोधी भी बन सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। दोस्तों के साथ समय बिताकर आप खुद को रिलैक्स महसूस करेंगे। वृषभ राशि आपको अपने शब्दों और व्यवहार पर विशेष ध्यान देना होगा। किसी को कुछ ऐसा न कहें जिससे उसे ठेस पहुंचे। लव लाइफ में थोड़ी अनबन हो सकती है, इसलिए समझदारी से काम लें। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें और किसी से उधार लेने या देने से बचें। सफलता पाने के लिए आपको ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी, क्योंकि भाग्य का साथ थोड़ा कम रहेगा। परिवार के सहयोग से कुछ समस्याएं हल हो सकती हैं। मिथुन राशि दिन थोड़ा उलझन और मानसिक तनाव वाला हो सकता है। परिवार की कुछ बातें आपको परेशान कर सकती हैं, जिससे आपका ध्यान काम में कम लगेगा। इसलिए बड़े फैसले लेने से बचें। बच्चों या परिवार के साथ समय बिताने से आपको मानसिक शांति मिलेगी। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों का सहयोग कम मिल सकता है, जिससे निराशा हो सकती है। किसी से पैसे उधार लेने से बचें। कर्क राशि अगर आप किसी के साथ साझेदारी में काम शुरू करते हैं, तो आपको फायदा हो सकता है। हालांकि, विरोधियों से सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि वे आपकी छवि खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। सेहत का खास ध्यान रखें और जरूरत से ज्यादा भागदौड़ से बचें। अचानक यात्रा के योग बन सकते हैं और विदेश में रहने वाले किसी रिश्तेदार से अच्छी खबर मिल सकती है। सिंह राशि आर्थिक और कारोबार के मामलों में आपके लिए लाभकारी रहेगा। बिजनेस में अच्छा मुनाफा मिल सकता है, लेकिन शेयर या जोखिम भरे निवेश से बचना ही बेहतर होगा। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के तरीके में बदलाव लाने की जरूरत पड़ सकती है। कार्यस्थल पर सीनियर्स से किसी भी तरह की बहस से बचें, वरना नुकसान हो सकता है। साथ ही, जीवनसाथी की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता बनी रह सकती है। कन्या राशि आपके लिए नए अवसर लेकर आएगा। नए संपर्क बनेंगे, जो भविष्य में आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आप किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट या चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं। काम के सिलसिले में अचानक यात्रा करनी पड़ सकती है। हालांकि, कुछ विरोधी आपको परेशान करने की कोशिश करेंगे, इसलिए सतर्क रहें। पैसों के लेन-देन में सावधानी रखें और किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से बचें। तुला राशि दिन मिला-जुला रहेगा, लेकिन परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा। घर में किसी मेहमान का आगमन हो सकता है या कोई शुभ कार्य हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। आप परिवार और बच्चों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। संतान के करियर से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण फैसला लेना पड़ सकता है। भाई-बहनों से बातचीत करके आप अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढ सकते हैं। वृश्चिक राशि कुछ चुनौतियां आ सकती है। बिजनेस में थोड़ी उलझनें आ सकती हैं, इसलिए कोई भी फैसला सोच-समझकर लें। अच्छी बात यह है कि आपको रुका हुआ पैसा मिल सकता है, जिससे आर्थिक राहत मिलेगी। हालांकि, खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी है, वरना बाद में परेशानी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपको सफलता और प्रमोशन के संकेत मिल सकते हैं। दोस्तों या मेहमानों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। धनु राशि आपके लिए सामान्य लेकिन संतुलित रहेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा और घर में किसी खुशी का माहौल बन सकता है। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। किसी काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है, जो आपके लिए फायदेमंद रहेगी। अगर आप किसी संपत्ति से जुड़ा फैसला ले रहे हैं, तो दस्तावेजों को ध्यान से जांच लें। पिता की सेहत का विशेष ध्यान रखें। मकर राशि दिन आपके लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। काम का दबाव ज्यादा रहेगा, जिससे मानसिक और शारीरिक थकान महसूस हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें और आराम भी करें। अगर आप कहीं बाहर जा रहे हैं, तो अपने कीमती सामान की सुरक्षा का ध्यान रखें। परिवार में किसी सदस्य को सफलता मिल सकती है, जिससे खुशी का माहौल बनेगा। किसी भी काम को भाग्य पर छोड़ने की बजाय खुद मेहनत करें। कुंभ राशि आप परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे और पुरानी यादों को ताजा करेंगे। कहीं घूमने का प्लान भी बन सकता है। पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। अविवाहित लोगों के लिए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, परिवार में छोटी-मोटी कलह हो सकती है, इसलिए समझदारी से स्थिति संभालें। छात्रों को सीनियर्स की मदद मिल सकती है। मीन राशि लव लाइफ अच्छी रहेगी और पार्टनर से कोई सरप्राइज मिल सकता है। आप अपने रिश्ते में ज्यादा जुड़ाव महसूस करेंगे। बिजनेस में साझेदारी करने से बचें, क्योंकि इससे विवाद हो सकता है। ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी रखें। छात्रों को किसी प्रतियोगिता में सफलता मिल सकती है। माता की सेहत का ध्यान रखें, खासकर पैरों से जुड़ी समस्या हो सकती है।

मुख्यमंत्री योगी के आर्थिक सलाहकार प्रो. केवी राजू बने नीति आयोग के सदस्य

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आर्थिक सलाहकार प्रोफेसर केवी राजू को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। प्रो. केवी राजू को नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति की गई है। प्रो. केवी राजू सहित कई विशेषज्ञों को नीति आयोग में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियुक्त किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति की गई है। अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जबकि राजीव गौबा, प्रो. केवी राजू, प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास को भी पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया है। प्रो. केवी राजू करीब नौ वर्षों से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे हैं। इससे पहले वे कर्नाटक के मुख्यमंत्री के भी आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं। प्रो. केवी राजू को अकादमिक और शोध क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। वह हैदराबाद स्थित आईसीआरआईएसएटी में प्रिंसिपल साइंटिस्ट, कोलंबो के आईडब्ल्यूएमआई में सोशल साइंटिस्ट और वाशिंगटन डीसी के आईएफपीआरआई में विजिटिंग रिसर्च फेलो के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वह बेंगलुरु के आईएसईसी में प्रोफेसर भी रह चुके हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत गुजरात के आईआरएमए आनंद से की थी। प्रो. राजू की अब तक 26 किताबें और 100 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी यह नियुक्ति लंबे अनुभव और आर्थिक नीति के क्षेत्र में योगदान को दर्शाती है।

अलीगढ़ हादसे पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ में पाइपलाइन मरम्मत के दौरान दुर्घटना में एक श्रमिक की मौत का संज्ञान लिया है। मामले के लिए जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति घटना की सम्पूर्ण जांच कर 3 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके साथ ही मृतक मजदूर के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद घोषित की गई है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि अलीगढ़ नगर निगम द्वारा रेलवे रोड क्षेत्र में संचालित सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत सड़क, सीवर एवं नाला निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसी क्रम में अप्सरा सिनेमा के सामने क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य जलकल विभाग द्वारा कराया जा रहा था। कार्यस्थल पर सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और सुरक्षा उपकरण भी लगाए गए थे। बावजूद इसके पाइपलाइन जोड़ने के दौरान अचानक सड़क का एक हिस्सा ढह गया, जिससे एक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।  नगर निगम ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। अपर नगर आयुक्त इसके अध्यक्ष, अधिशासी अभियंता (निर्माण) और कर निर्धारण अधिकारी सदस्य नियुक्त किए गए हैं। समिति को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

ममता दीदी की चिंता, हिंदू अधिक हुए तो सड़कों पर कैसे होगी इफ्तारी: सीएम योगी

नदिया/पूर्व बर्धमान/उत्तर 24 परगना. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की जमीन से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दो-टूक कहा कि ममता दीदी ने इसीलिए सीएए का विरोध किया था, क्योंकि उन्हें चिंता है कि हिंदू ज्यादा हो गए तो सड़कों पर इफ्तारी कैसे होगी? टीएमसी लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती। पहले चरण के मतदान में सबने इसकी गुंडागर्दी देखी। लेकिन, 4 मई को जब परिणाम आएगा तो टीएमसी के गुंडों को छिपने की जगह नहीं मिलेगी। बंगाल में डबल इंजन सरकार बनने की आहट से ये गुंडे काम-धंधे की तलाश में जुट गए हैं। कोई सोच रहा कि कहां पंचर की दुकान खोलूं तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता कर रहा है। लेकिन, हमलावर जहां जाएंगे, हम उन्हें वहां से खोज निकालेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को नबद्वीप विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार श्रुति शेखर गोस्वामी, कटवा से बीजेपी प्रत्याशी कृष्ण घोष तथा बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। भीषण गर्मी में भी सीएम योगी के प्रति बंगालवासियों के लगाव में कोई कमी नहीं दिखाई दी। जनसभाओं में मौजूद हजारों की भीड़ लगातार ‘योगी-योगी’ का नारा लगाती रही। सीएम ने इस स्नेह के लिए मतदाताओं का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि बंगाल अब अराजकता स्वीकार नहीं करेगा। कांग्रेस, कम्युनिस्टों व टीएमसी ने बंगाल के माथे पर लूटपाट का जो कलंक लगाया है, अब उससे मुक्त होने का समय है। बंगाल के लोगों ने डबल इंजन सरकार लाने का फैसला किया है, जो डबल स्पीड से काम करेगी। टीएमसी के गुंडों से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार आवश्यक है। 4 मई को बंगाल में हर ओर लहराएगा केसरिया झंडा सीएम योगी ने पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान के लिए मतदाताओं का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि हर मतदाता के मन में भाव था कि बंगाल को टेरर, माफियाराज व करप्शन से मुक्ति दिलाकर फिर से भारत की पहचान का प्रतीक बनाना है और भाजपा की डबल इंजन सरकार लाना है। मतदान दिवस के नजारे बता रहे थे कि जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो केसरिया झंडा बंगाल में हर ओर लहराता दिखाई देगा।  टीएमसी ने बंगाल के सामने खड़ा किया पहचान का संकट सीएम योगी ने कहा कि 500 वर्ष पहले चैतन्य महाप्रभु ने हरे कृष्णा, हरे रामा… की मधुर धुन के माध्यम से दुनिया को आकर्षित कर भारत के सनातन ध्वज को वैश्विक पटल पर स्थापित करने का जो कार्य किया था, आज वही कार्य इस्कॉन के संन्यासी कर रहे हैं। यह भारत की आध्यात्मिक विरासत, गौरव, त्याग, बलिदान, साहस और स्वाभिमान की माटी है। यह भारत के अध्यात्म, देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा है। भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को दिशा देने में इस भूमि ने महत्वपूर्ण नेतृत्व किया। यह वही बंगाल है, जिसे कभी देश की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ के रूप में जाना जाता था। आज वही बंगाल टीएमसी के राज में पहचान के लिए मोहताज है। यहां उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं, किसानों को उपज का उचित दाम, नौजवानों को रोजगार और सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक और गुंडागर्दी चरम पर है। टेरर, माफियाराज व करप्शन की प्रतीक बनी टीएमसी सरकार में भाजपा कार्यकर्ता संजय भौमिक की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी गई और तृणमूल के गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं। बंगाल में लैंड, सैंड, कैटल माफिया हावी हैं। पीएम मोदी विकास के लिए जो पैसे भेजते हैं, टीएमसी के गुंडे हड़प जाते हैं, लेकिन अब बंगाल जाग गया है। अब कटमनी, अराजकता का खेल समाप्त होगा। टीएमसी ने किया था सीएए का विरोध  सीएम ने मतदाताओं से कहा कि आपके हक पर घुसपैठियों से डकैती डलवाने वाली टीएमसी सरकार से मुक्ति का समय आ गया है, क्योंकि जो काम भारत और बंगाल के हित में है, टीएमसी उसका विरोध करती है। संसद में प्रधानमंत्री जी सीएए (सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट) का प्रस्ताव लेकर आए तो टीएमसी ने विरोध किया। यह एक्ट गारंटी देता है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से किसी हिंदू, बौद्ध, जैन व सिख को प्रताड़ित कर भारत भेजा गया है और वह पांच साल से अधिक समय से यहां रह रहा है तो उसे भारत की नागरिकता मिलेगी। इसी एक्ट के कारण बंगाल के अंदर काफी संख्या में नागरिकता दी गई, लेकिन ममता दीदी को यह बुरा लगता है। उन्हें चिंता है कि हिंदू ज्यादा होगा तो सड़कों पर इफ्तारी कैसे होगी। लेकिन, यूपी में कोई सड़क पर नमाज या इफ्तार पार्टी नहीं कर सकता। वहां मस्जिद से आवाज भी नहीं आती।  पीएम मोदी के कारण सुरक्षित महसूस कर रहा मतुआ समुदाय सीएम ने कहा कि यहां मतुआ समुदाय के लोग भारी संख्या में रहते हैं। 1947 व 1971 में ये भारत आए थे। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी नहीं चाहती थी कि इन्हें भारत की नागरिकता मिले, लेकिन पीएम मोदी के कारण मतुआ समुदाय गर्व के साथ आगे बढ़कर भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षित महसूस कर रहा है।  विस्थापितों को यूपी में मिला जमीन का अधिकार सीएम योगी ने बताया कि मैंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं को 12 अप्रैल को लखीमपुर खीरी में नागरिकता व जमीन अधिकार प्रमाण पत्र दिए हैं। हमारे यहां चार जनपद ऐसे हैं, जहां मतुआ समुदाय के लोग और बांग्लादेश से विस्थापित बंगाली परिवार रहते हैं। उन सभी को सीएए के कारण नागरिकता व जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जा रहा है। यह कार्य इसलिए हो रहा है, क्योंकि पीएम मोदी ने उनके बारे में सोचा। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी के पास यह सोच नहीं थी। सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बना यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति बंगाल से भी बदतर थी। त्योहारों से पहले उत्साह नहीं, बल्कि आशंका का माहौल रहता था। युवाओं के लिए रोजगार नहीं था, किसान आत्महत्या करते थे, दंगे और कर्फ्यू आम थे, और कानून-व्यवस्था कमजोर थी। रामभक्तों पर गोली चलाई जाती थी। लेकिन 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया। अब प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव का माहौल है। न कर्फ्यू है, न अराजकता। यूपी में … Read more

नारायणपुर के सबसे सुदूर ‘लंका’ गांव तक पहुंचा प्रशासन

​रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और जिला प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन में नारायणपुर जिला में विकास और सुशासन की एक नई इबारत लिखी जा रही है। जिले के ओरछा विकासखंड के सुदूर और दुर्गम छोर पर स्थित लंका गांव में दो दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन कर प्रशासन ने यह सिद्ध कर दिया कि विकास की किरणें अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।       ​ दुर्गम रास्तों को पार कर ग्रामीणों के द्वार पहुंचा 'सुशासन' ​जिला मुख्यालय से लगभग 130 किलोमीटर दूर और इन्द्रावती नदी के किनारे बसा लंका गांव, जो कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता था, वहां आजादी के बाद पहली बार जिला स्तरीय प्रशासनिक शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन की टीम ने नदी-नालों और पहाड़ों के कठिन रास्तों को पार कर ग्रामीणों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को न केवल सुना, बल्कि मौके पर ही उनका समाधान भी किया। सुशासन एक्सप्रेस बनी ग्रामीणों के लिए वरदान इस शिविर में सबसे बड़ा आकर्षण 'सुशासन एक्सप्रेस' रही। वाई-फाई युक्त इस मोबाइल सेवा वाहन ने ग्रामीणों की तकनीकी बाधाओं को दूर कर दिया। इस वाहन के माध्यम से ​तत्काल आधार कार्ड, जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र सहित 27 प्रकार के आवश्यक दस्तावेज मौके पर ही तैयार किए गए। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने की मजबूरी से मुक्ति मिली। सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक कुल 17,520 आवेदनों का त्वरित निस्तारण कर रिकॉर्ड बनाया गया है। ​शिविर में आवेदनों की झड़ी ​दो दिवसीय शिविर में लंका सहित आसपास के पांच गांवों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कुल 310 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 242 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। इस शिविर में ​प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 179, मनरेगा जॉब कार्ड के 34, राशन कार्ड के 25 और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 18 आवेदन प्रमुख रहे। शिविर में ​कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा, "नियद नेल्लानार योजना के तहत आयोजित ये शिविर अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में शासन की मजबूत उपस्थिति का प्रमाण हैं। इससे न केवल ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है, बल्कि विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का उनका सपना भी साकार हो रहा है।  आगामी 29 और 30 अप्रैल को शिविर का आयोजन आदनार में किया जाएगा। जिसमें मलमेटा, कोंजे और बोडुम के ग्रामीण लाभान्वित होंगे। सुशासन का यह कारवां निरंतर जारी रहेगा।

विशेष ग्राम सभा में ग्रामवासियों को जनगणना के सम्बन्ध किया जा रहा है जागरुक

रायपुर.  छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में 24 अप्रैल 2026 को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर ग्रामीणों को आगामी जनगणना 2027 और स्व-गणना प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से सही जानकारी भरने, मकान सूचीकरण, और जनगणना प्रगणकों को सहयोग देने के लिए प्रेरित करना है। ग्रामीणों को मोबाइल फोन के माध्यम से जनगणना पोर्टल पर स्वयं की जानकारी ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया  समझाई जा रही है। तहसीलदार और ग्राम प्रभारी अधिकारियों द्वारा ग्राम सभा में जनगणना पोर्टल का लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे लोग सही जानकारी दर्ज कर सकें। जनगणना के सही आंकड़ों से भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधन वितरण और प्रशासनिक निर्णयों को बेहतर बनाना है। ग्राम पंचायत देवदा तहसील मंदिर हसौद में, ग्राम पंचायत नाहरडीह में पंचायती राज दिवस, ग्राम पंचायत निमोरा,ग्राम पंचायत ख़मतराई तहसील आरंग में आयोजित ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को जनगणना से संबंधित सभी आवश्यक बिंदुओं की जानकारी दी गई है। इसके अलावा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान सहजता से किया गया है। ग्राम सभा के दौरान  जनगणना की प्रक्रिया, इसकी गोपनीयता, तथा सही जानकारी उपलब्ध कराने के महत्व पर विशेष जोर दिया जाएगा। अधिकारियों द्वारा यह भी स्पष्ट किया  गया है। जनगणना में दी गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। बैठक में सरपंच  उप-सरपंच,  पंचायत सचिव सहित जनप्रतिनिधिगण और ग्राम वासी उपस्थित रहे।     भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing & Housing Census)”  का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना  होगा। इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी-    प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/ व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता,     शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी (Self-Enumeration ID)  प्रगणक को बतानी होगी। जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

विकसित भारत के आधार स्तंभ हैं युवा : मंत्री टंकराम वर्मा

​रायपुर. धमतरी के पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित दो दिवसीय 'युवा फेस्ट-2026' का आज अत्यंत उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक माहौल में समापन हुआ। इस महाकुंभ ने न केवल युवाओं की प्रतिभा को एक सशक्त मंच प्रदान किया, बल्कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति और आधुनिक संगीत के अद्भुत संगम से पूरे शहर को ऊर्जा से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया। अपने ओजस्वी उद्बोधन में मंत्री वर्मा ने कहा कि ​युवा फेस्ट जैसे आयोजन न केवल युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देते हैं, बल्कि उनमें नवाचार और आत्मविश्वास का संचार भी करते हैं। आज का युवा ही 'विकसित भारत-2047' का मुख्य आधार स्तंभ है। स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलकर आप सभी राष्ट्र निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करें। ​उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की युवा-कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए युवाओं से इनका लाभ उठाकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। ​‘जादू बस्तर’ ने बिखेरा संगीत का जादू कार्यक्रम के अंतिम दिन 'दायरा बैंड' (जादू बस्तर) की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। बैंड ने छत्तीसगढ़ी लोकधुनों और समकालीन फ्यूजन के ऐसे सुर छेड़े कि पूरा परिसर झूम उठा। लोक और आधुनिक संगीत के इस बेजोड़ मेल ने युवा पीढ़ी के साथ-साथ सभी आयु वर्ग के दर्शकों का मन मोह लिया। ​प्रशासन की सराहना और प्रतिभाओं का सम्मान मंत्री वर्मा ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, विशेषकर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर रामू रोहरा ने भी युवाओं से अपनी रचनात्मकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की। ​समापन समारोह में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेल और नवाचार से जुड़ी 23 विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पीजी कॉलेज ने इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रनिंग ट्रॉफी अपने नाम की। ​कौशल और संवाद का मंच कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि फेस्ट का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना था, जहाँ वे स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और कला-संस्कृति के व्यावहारिक ज्ञान से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर करता रहेगा। ​शिक्षा विभाग और महाविद्यालय प्रशासन के सहयोग से संपन्न हुआ यह आयोजन जिले के युवाओं के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ। ​

सीएम योगी की खेल प्रोत्साहन नीति को मिलेगा बल, मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में खेलों के विकास और युवाओं को नई दिशा देने के लिए योगी सरकार का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट तेजी से साकार हो रहा है। मेरठ के सरधना क्षेत्र में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बन रहा है। यह उत्तर प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देशभर के राज्यों के खिलाड़ियों के लिए भी गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह विश्वविद्यालय खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। फिलहाल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य लगभग 85 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है।  ईपीसी मोड पर बन रहा प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय मेरठ जिले में मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण करीब 36.9813 हेक्टेयर (लगभग 91.38 एकड़) भूमि पर किया जा रहा है। यह विश्वविद्यालय लगभग 369.11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय को ईपीसी मोड पर बनाया जा रहा है और इसकी नोडल एजेंसी लोक निर्माण विभाग है। पीडब्ल्यूडी द्वारा अब तक करीब 247.01 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।  मुख्यमंत्री ने 31 मई तक निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने 31 मई तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है। इसी के चलते निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है और वर्तमान में भवन निर्माण के बाद अब फिनिशिंग का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। निर्धारित समयसीमा के भीतर इस परियोजना को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। मेरठ जिला राष्ट्रीय राजधानी के समीप होने के कारण प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के निकट होने से अन्य प्रदेशों के खिलाड़ियों को लाभ होगा। अन्य कोर्सों के संचालन के लिए एनसीटीई से अनुमति मिलना बाकी मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय युवाओं में खेल संस्कृति विकसित करने और उन्हें खेलो के प्रति प्रेरित करने पर ध्यान केन्द्रित करेगा। इससे ग्रामीण भारत के युवाओं को आधुनिक खेल प्रशिक्षण सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी।विश्वविद्यालय के पहले कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत के नेतृत्व में संस्थान तेजी से अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत कर रहा है। कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने बताया कि फिलहाल विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीइएस) विषय संचालित हो रहा है, लेकिन आगामी सत्र से बीपीएड, एमपीएड, बीएससी योगा और डिप्लोमा जैसे नए विषय शुरू करने के लिए प्रस्तावित है। इन विषयों के संचालन के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन से अनुमति मिलना बाकी है। मई में होगी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में मई में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक प्रस्तावित है। नए कोर्सों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद विश्वविद्यालय में लगभग 300 नए छात्रों के प्रवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे यह साफ है कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में बड़े पैमाने पर खेल शिक्षा का केंद्र बनने जा रहा है। यह विश्वविद्यालय एक शिक्षण एंड एफिलिएटिंग विश्वविद्यालय होगा। इस विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स सम्बंधित विषय में सैद्धान्तिक (थ्योरी) व प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) पेपर्स का विषय ज्ञान के आधार पर डिग्री दी जाएगी।  स्नातक से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई की सुविधा  पाठ्यक्रमों की बात करें तो इसमें फिजिकल एजूकेशन, हेल्थ एंड एप्लाइड स्पोर्ट्स साइंसेज, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी स्पोर्ट्स कोचिंग, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मॉस मीडिया टेक्नोलॉजी, एडवेन्चर स्पोर्ट्स एंड यूथ अफेयर्स जैसे विषय शामिल होंगे। इन विषयों के तहत स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और पीएचडी तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति और उत्कृष्टता लाना है।  खेलों का हब बनेगा विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय को आधुनिक और अत्याधुनिक खेल सुविधाओं से लैस किया जाएगा। जिसमें सिंथेटिक ट्रैक, हॉकी मैदान, फुटबॉल ग्राउंड, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और कबड्डी मैदान शामिल होंगे। साथ ही लॉन टेनिस कोर्ट, जिम्नेजियम हॉल, सिंथेटिक रनिंग स्टेडियम, स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय हॉल, स्पोर्ट्स साइंस लैब भी विकसित किए जाएंगे। यहां 22 ओलंपिक खेलों का संचालन होगा। इस साल से एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, बैटमिंटन, वेट लिफ्टिंग, बॉक्सिंग, रेसलिंग, योग, ताइक्वांडो, जूडो, स्विमिंग और कबड्डी शुरू हो जाएगा। जबकि अगले साल से शूटिंग, आर्चरी, बॉलीवाल, बास्केटबॉल, वुशु, घुड़सवारी और पानी के खेल शामिल हो जाएंगे।  यूपी को देश का सबसे मजबूत खेल केंद्र बनाने का लक्ष्य कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने कहा कि मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय खेलों के समग्र विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विश्वस्तरीय कोचिंग, अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और खेल विज्ञान अनुसंधान के माध्यम से खेल शिक्षा में नए मानक स्थापित करना है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का मिशन है कि उत्तर प्रदेश को भारतीय खेलों का सबसे शक्तिशाली केंद्र बनाना है, जहां से अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, वैश्विक चैंपियन और ओलंपियन तैयार किए जा सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बनने से क्षेत्र का विकास होने के साथ ही रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि यह सब कुलाधिपति और मुख्यमंत्री की प्रेरणा और उनकी सोच के अनुरूप यह देश का सबसे बड़ा खेल विश्वविद्यालय बनने जा रहा है।

मुख्यमंत्री से सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लोकसभा सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने शर्मा का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर आर्ट की आकर्षक प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।