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यूपी में रोडवेज का बड़ा बदलाव, वोल्वो बसों की जगह चलेंगी नई AC बसें

लखनऊ  लग्जरी बसों में शुमार वोल्वो बसों धीरे-धीरे रोडवेज से हट रही हैं, जिसका विकल्प रोडवेज की 22 नई एयरकंडीशन 42 सीटर बसें बनेंगी। यह बसें यह बसें कानपुर कार्यशाला से दो बार में लखनऊ के अवध बस डिपो पहुंच चुकी हैं। लखनऊ से गोरखपुर-बनारस और प्रयागराज समेत 8 रूटों पर चलेंगी। इनमें से चार रूटों पर प्रयोग के तौर पर एसी बसें चलाई जा रही हैं। बाकी चार रूटों पर बसों का संचालन 25 अप्रैल से शुरू हो गया। अवध बस डिपो की नई एयरकंडीशन बसें कैसरबाग और आलमबाग से चलाई जाएगी। यह बसें आठ रूटों पर चलेंगी। 42 सीटर एसी बसों के रूट, किराया और समय सारणी तय हो गई है। अवध डिपो के एआरएम सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि गर्मी में यात्रियों के लिए 22 बसें आ चुकी हैं। छह और बसें लाने की तैयारी है। ताकि गर्मी में एसी बसों की मांग पूरी हो सके। यात्री एसी बसों में आनलाइन सीट बुक करा सकते है। आलमबाग से यहां-यहां चलेंगी बसें, किराया-समय सारणी तय -प्रयागराज 460 रुपये, समय सुबह 7 और दोपहर 12 बजे -बनारस 711 रुपये, समय सुबह 9 व 10:30 व दोपहर 3 बजे -गोरखपुर 686 रुपये किराया, समय सुबह 9:30 बजे -आजमगढ़ वाया एक्सप्रेस वे 678 किराया, समय सुबह नौ बजे -मथुरा वाया एक्सप्रेस वे 889 रुपये किराया, समय रात 10:30 बजे -बरसाना 992 रुपये किराया, समय रात 10:30 बजे -गौरी फंटा 537 किराया, समय सुबह आठ बजे कैसरबाग से -आगरा 777 रुपये किराया, समय सुबह 9:30 बजे व रात 11 बजे गर्मी के चलते लखनऊ में पहली बार रात्रिकालीन सिटी बसें चलेंगी वहीं गर्मी के चलते लखनऊ में पहली बार ई बसों के संचालन का समय बदला जाएगा। सुबह सात बजे से शुरू होने वाली ई बसों की सेवाएं शाम सात बजे के बजाए रात 10 बजे तक रात्रिकालीन सिटी बसें चलाने की तैयारी है। दुबग्गा डिपो की ओर से 115 सिटी बसों के फेरे और समय में बदलाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। अभी उन मार्गो को चिन्हित किया जा रहा है, जहां देर रात तक सवारियों वाहनों के इंतजार में भटकती रहती हैं। दुबग्गा डिपो की ओर से आठ रूटों पर 115 ई बसें चलाई जा रही हैं। यह बसें सुबह सात से शाम सात बजे तक चलने के बाद डिपो में आकर खड़ी होती हैं। ऐसे में भीषण गर्मी की संभावना को देखते हुए एसी ई बसें देर रात तक चलाने की मांग की जा रही है। इस वजह से ई बसों का संचालन 12 घंटे से बढ़ाकर 15 घंटे किया जाएगा। एक हफ्ते में ई बसों की समय सारणी, फेरे और रूटों को चिन्हित करके एसी ई बसों का संचालन करेंगे।

क्रांतिवीर राजाओं और जनजातीय योद्धाओं के स्मरण का महापर्व है शौर्य यात्रा

भोपाल.  अखिल भारतीय लोधी, लोधा, लोध क्षत्रिय महासभा मध्यप्रदेश, नर्मदा टाईगर हिरदेशाह शोध संस्था तथा गोंड महासभा के तत्वावधान में 28 अप्रैल 2026 को नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी के बलिदान दिवस पर शौर्य यात्रा का आयोजन भोपाल के जम्बूरी मैदान पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव होंगे। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम, मंत्री प्रहलाद पटेल कार्यक्रम की अध्‍यक्षता करेंगे।  अखिल भारतीय लोधी, लोधा, लोध क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल एवं पूर्व विधायक एवं युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रध्युम्न सिंह लोधी ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में इस वृहद आयोजन की जानकारी दी। जालम सिंह पटेल ने कहा कि यह आयोजन इतिहास की अनदेखी का शिकार उन क्रांतिवीर राजाओं और जनजातीय योद्धाओं के स्मरण का महापर्व है जिनके बलिदान से आजादी की नींव रखी जा सकी लेकिन उनके योगदान को इतिहासकारों के पूर्वाग्रहों ने गुमनाम बना दिया। 1857 में देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम से पहले ही 1842 में पिछड़े, दलित और आदिवासी राजाओं ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया था। इस विद्रोह का नेतृत्व हीरापुर के बहादुर नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी ने किया, बड़ी संख्या में बुंदेला राजा और योद्धा इस संघर्ष में जुड़ते गए। गोंड और राजगोंड राजाओं ने भी इस विद्रोह में अंग्रेजों के हौसले को पस्त किया। करीब दो साल चला यह संघर्ष आपसी दगाबाजी तथा प्रमुख राजाओं और उनके परिजनों को फांसी दिए जाने से कमजोर पड़ गया। अंग्रेजों के खिलाफ यह पहला सशस्त्र विद्रोह था लेकिन इतिहासकारों ने इसे स्वतंत्रता आंदोलन का गौरव नहीं बनने दिया। जालम सिंह पटेल ने बताया कि ब्रिटिश हुकूमत ने देश में जमीनों को हड़पने के लिए तीन काले कानून बनाकर लागू किए थे। किसानों से उनकी आय का 6 से 30 गुना तक लगान वसूला जाने लगा था, जमीन को सिकमी पर देने के लिए भी रोक लगा दी गई थी इस कानून का उल्लंघन करने पर जमीन राजसात कर ली जाती थी, मृत्यु के बाद जमीन का नामांतरण बंद कर दिया गया था और जमीन राजसात की जाने लगी थी। 1834 में 5 साल के लिए लाए गए कानून को बाद में 20 साल के लिए बढ़ा दिया गया इन कानूनों ने साधारण किसानों के साथ जमीदारों और राजाओं के लिए भी अपनी जमीन बचाना मुश्किल कर दिया था। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी ने इन कानूनों के खिलाफ दलित, पिछड़े और आदिवासी राजाओं को एकजुट कर क्रांति का शंखनाद किया। अंग्रेजों की फौज ने नर्मदा टाइगर के नाम से विख्यात नर्मदा टाईगर हिरदेशाह की गिरफ्तारी पर दस हजार का इनाम घोषित था। बड़े इनाम के लालच में शाहगढ़ के बखतबली बुंदेला ने दिसंबर 1843 को उन्हें धोखे से गिरफ्तार करा दिया। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह को नौ महीने तक चुनार जेल में रखा गया। 1857 के विद्रोह में उनके भाई गजराज सिंह लोधी को फांसी की सजा दी गई। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह 28 अप्रैल 1858 को शहीद हुए। बुंदेला विद्रोह में गोंड राजा डेलन शाह ने बड़ी कुर्बानी दी। डेलन शाह को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने 2000 रुपए इनाम घोषित किया था। डेलन शाह को पकड़ पाने में नाकाम अंग्रेजों की फौज ने उनके परिवार पर कहर बरपाया। 17 जनवरी 1858 को डेलन शाह के 16 परिवार सदस्यों और साथियों को एक साथ फांसी दे दी गई इसमें उनका पांच साल का पोता भी शामिल था। इसी दिन डेलन शाह के चार अन्य परिजनों को गोली मारी गई। डेलन शाह इस अन्याय से टूट गये और गिरफ्तार कर लिए गए। इन्हें 16 मई 1858 को फांसी दी गई। मदनपुर के गोंड राजा नरवर शाह पर एक हजार इनाम घोषित था, इनकी जेल में रहते मौत हुई। मधुकर शाह बुंदेला को फरवरी 1844 में नरहट सागर में फांसी दी गई। दीवान गजराज सिंह को 29 नवंबर 1857 को चडालगढ़ जबलपुर में फांसी दी गई। अंग्रेजों ने अनेक वीरों पर भारी भरकम इनाम घोषित किया था, सावंत सिंह पर 5000 का इनाम, चंद्रपुर के दीवान जवाहर सिंह पर 10000, राजा पारीक्षत जैतपुर पर 10000, दीवान बहादुर सिंह,  गणेश जू, सागर के लक्ष्मण सिंह, पहलवान सिंह पर पांच-पांच शहर का इनाम घोषित किया गया गोकुल सिंह, दरियाव सिंह, पंचम सिंह और गणेश जू पर 3000 आदमपुर के शाह पर ₹2000 के नाम घोषित थे। इन वीरों का नाम अमर है लेकिन इतिहास इनका उल्लेख नहीं करता। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी शोध संस्था द्वारा अब लगातार ऐतिहासिक तथ्यों को एकत्रित कर देश के सामने लाया जा रहा है। कार्यक्रम में दीदी उमा भारती (पूर्व मुख्‍यमंत्री), धर्मेन्‍द्र भाव सिंह लोधी (राज्‍यमंत्री), राहुल सिंह (सांसद), विपिन कुमार वर्मा डेविड (विधायक), कमलेश प्रताप शाह (विधायक), प्रेम शंकर वर्मा (विधायक), प्रहलाद सिंह लोधी (विधायक), प्रीतम सिंह लोधी (विधायक), नीरज सिंह लोधी (विधायक), वीरेन्‍द्र सिंह लोधी (विधायक), अनुभा मुंजारे (विधायक), दीदी रामसिया भारती (विधायक), राजकुमार कर्राहे (विधायक), राजा कौशलेन्‍द्र सिंह जूदेव लोधी (वंशज, नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी), ठाकुर राम कुमार सिंह (वंशज, गोंड राजा नरवर शाह) शामिल होंगे। अखिल भारतीय लोधी लोधा लोध महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, एटा उत्तर प्रदेश के विधायक विपिन वर्मा डेविड कार्यक्रम में हिस्सा लेने विशेष रूप से भोपाल आ रहे हैं। आजादी की लड़ाई के इन महानायकों को श्रृद्धा सुमन अर्पित करने प्रदेश भर के लोधी समाज और गोंड समाज के लोग बड़ी संख्या में भोपाल आएंगे। देश के अनेक हिस्सों से समाज के प्रतिनिधि भोपाल के शौर्य समागम में हिस्सा लेंगे।

अवैध खनन गतिविधियों पर सरकार सख्त, केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता दल का निरीक्षण अभियान तेज

रायपुर.  छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और इससे प्राप्त राजस्व का प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि इन संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और नियमों के तहत हो, ताकि प्रदेश को किसी प्रकार की आर्थिक क्षति न हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। समय-समय पर समीक्षा कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। इसी क्रम में संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, इंद्रावती भवन, नया रायपुर के केन्द्रीय खनिज उड़नदस्ता दल और जिला स्तरीय संयुक्त जांच टीम ने संचालक खनिज के निर्देश पर 24 एवं 25 अप्रैल की रात और सुबह आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। जिला सक्ती और जांजगीर-चांपा के विभिन्न स्वीकृत रेत खदानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सक्ती जिले की घुरघट्टी, डोटमा, मरघट्टी, मिरौनी, सकराली, किकिरदा, देवरीमठ और करही खदानों में उत्खनन व परिवहन कार्य बंद पाया गया, जिससे नियमों के पालन की पुष्टि हुई। लेकिन जांजगीर-चांपा जिले में मध्य रात्रि के समय निरीक्षण के दौरान हसदेव नदी के पास हथनेवरा घाट क्षेत्र में अवैध रूप से मशीनों का संचालन करते हुए दो चैन माउंटेन मशीनें पकड़ी गईं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया। इसके अतिरिक्त ग्राम नवापारा में भी दो एक्सकेवेटर मशीनें जब्त की गईं, जिन्हें अग्रिम आदेश तक कोटवार की सुपुर्दगी में दिया गया है। कुल चार मशीनों की जब्ती कर प्रकरण दर्ज किया गया है। इन मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि खनिज संसाधनों की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। केन्द्रीय उड़नदस्ता और जिला टास्क फोर्स को राज्यभर में लगातार निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले समय में ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे, जिससे अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। इस कार्रवाई में संयुक्त संचालक (खनि प्रशासन) श्री भूपेंद्र चंद्राकर, खनि अधिकारी हीरादास भारद्वाज सहित जिला स्तरीय टीम के अधिकारी शामिल रहे

जनगणना 2027 में डिजिटल तकनीक का होगा इस्तेमाल, नीति निर्माण को मिलेगा नया आयाम

नई दिल्ली  भारत की जनगणना 2027 देश की पहली पूरी तरह 'डिजिटल जनगणना' होगी। इसमें मोबाइल के जरिए डेटा जुटाया जाएगा, जिससे सही और विस्तृत जानकारी मिलेगी और बेहतर नीति बनाने में मदद मिलेगी।  एक आधिकारिक फैक्ट-शीट में यह जानकारी दी गई। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस जनगणना में कई नई सुविधाएं होंगी, जैसे कि सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएमएस) पोर्टल के जरिए लगभग रियल-टाइम निगरानी, खुद से जानकारी भरने का विकल्प और जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्रों का व्यापक उपयोग। राजनैतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 30 अप्रैल 2025 को हुई अपनी बैठक में जनगणना 2027 में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लिया। इससे पहले 2011 की जनगणना तक केवल अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की ही व्यवस्थित गणना होती थी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए 11,718.24 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है और डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत इंतजाम किए गए हैं।जनगणना 2027 को दो चरणों में किया जाएगा, ताकि पूरे देश में व्यवस्थित और व्यापक तरीके से डेटा इकट्ठा किया जा सके। सरकार के अनुसार, सुरक्षित डेटा सेंटर और बड़े कार्यबल की मदद से यह जनगणना भरोसेमंद जानकारी देगी, जिससे लक्षित और समावेशी नीति बनाना आसान होगा। बयान में आगे कहा गया है कि जनगणना से जनसंख्या के रुझानों को सही तरीके से समझने में मदद मिलती है और इससे भोजन, पानी, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में बेहतर योजना बनाई जा सकती है। यह स्थानीय स्तर पर भी सटीक जानकारी देता है, ताकि सरकारी योजनाओं को सही जगह तक पहुंचाया जा सके। स्वतंत्रता के बाद यह देश की आठवीं जनगणना होगी, जो पहले से ज्यादा अपडेट और विस्तृत जानकारी देगी। इससे बदलती सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार योजना बनाना आसान होगा। जनगणना देश या किसी विशिष्ट क्षेत्र के सभी व्यक्तियों से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक आंकड़ों के संग्रह, संकलन, विश्लेषण और प्रसार की प्रक्रिया है। जनगणना के माध्यम से एकत्रित सूचनाओं का विशाल भंडार इसे योजनाकारों, प्रशासकों, शोधकर्ताओं और अन्य डेटा उपयोगकर्ताओं के लिए आंकड़ों का सबसे समृद्ध स्रोत बनाता है। जनगणना गवर्नेंस के लिए एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में कार्य करती है, जो राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना होगी और डिजिटल तकनीक, मजबूत डेटा सुरक्षा और आसान प्रक्रियाओं के साथ यह डेटा-आधारित नीति निर्माण को और मजबूत बनाएगी।

बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

उत्तर 24 परगना. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की धरती से तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी विकास व गरीब कल्याण के लिए जो पैसा भेजते हैं, वह पैसा टीएमसी के गुंडे खा जाते हैं। टीएमसी के गुंडों से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार आवश्यक है। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि भाजपा सरकार लाइए, क्योंकि भाजपा का मतलब सुरक्षा-सुशासन की गारंटी, दलित, वंचित, गरीब, महिलाओं को अधिकार, सम्मान व स्वावलंबन है। भाजपा आएगी तो विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, भारत माता को मजबूती प्रदान करने का आधार मिलेगा और बांग्लादेश से घुसपैठ रुकेगी। मुख्यमंत्री शनिवार को केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की मौजूदगी में बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।  पंचर बनाने का ठिकाना तलाश रहे टीएमसी के गुंडे, 4 मई के बाद इन्हें कहीं से भी खोज निकालेंगे सीएम ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर टीएमसी के होंठ सिल जाते हैं। हिंदुओं के पक्ष में सहानुभूति का एक शब्द नहीं निकलता है। पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान कर नौजवानों, माताओं ने साबित किया है कि बंगाल के अंधकार को समाप्त करना है और टीएमसी मुक्त बंगाल का निर्माण करना है। 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के रुझान बताते हैं कि जब 4 मई को ईवीएम खुलेगी तो बंगाल की सभी विधानसभा सीटों पर भगवा लहराएगा और यहां भाजपा की डबल इंजन सरकार आएगी। भाजपा सरकार आने की आहट से बौखलाए टीएमसी के गुंडे ठिकाना ढूंढ़ रहे हैं कि उन्हें कहां जाकर पंचर बनाना है, लेकिन चिंता न कीजिए, 4 मई के बाद इन गुंडों को छिपने का ठिकाना नहीं मिलने वाला है। हमलावर जहां जाएंगे, हम उन्हें वहां से खोज निकालेंगे।  गोहत्या, नौजवानों में निराशा बंगाल के लिए शुभ लक्षण नहीं  सीएम ने कहा कि कल्चरल व नॉलेज कैपिटल के रूप में विख्यात बंगाल को त्याग व बलिदान, साहस व स्वाभिमान, अध्यात्म व देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा के रूप में स्मरण किया जाता है, लेकिन भारत का ग्रोथ इंजन रहा बंगाल अब पहचान के लिए मोहताज है। यहां नौजवान के लिए रोजगार नहीं है, किसान बदहाल और उद्योग धंधे बंद हैं। यहां टीएमसी का टेरर, माफियाराज व करप्शन है। सरेआम गोहत्या, नौजवानों में निराशा बंगाल के लिए शुभ लक्षण नहीं है। सैंड, लैंड, कैटल माफिया बंगाल की पहचान पर संकट खड़ा कर रहे हैं। वहीं यूपी में डबल इंजन सरकार ने इन सबसे मुक्ति पा ली है। अब समय आ गया है, जब बंगाल को टीएमसी, कांग्रेस व कम्युनिस्टों के सिंडिकेट से भी मुक्ति मिलेगी।  पीएम मोदी के कारण सुरक्षित महसूस कर रहा मतुआ समुदाय सीएम ने कहा कि यहां मतुआ समुदाय के लोग भारी संख्या में रहते हैं। 1947 व 1971 में ये भारत आए थे। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी नहीं चाहती थी कि इन्हें भारत की नागरिकता मिले। संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने सीएए (सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट) लाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से विस्थापित हिंदू, बौद्ध, जैन व सिख को भारत की नागरिकता देने की राह बनाई, तब इन दलों ने विरोध किया था। लेकिन, पीएम मोदी के कारण मतुआ समुदाय गर्व के साथ आगे बढ़कर भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षित महसूस कर रहा है।  सीएम योगी ने बताया कि मैंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं को 12 अप्रैल को लखीमपुर खीरी में नागरिकता व जमीन अधिकार प्रमाण पत्र दिया। हमारे यहां चार जनपद ऐसे हैं, जहां मतुआ समुदाय के लोग और बांग्लादेश से विस्थापित बंगाली परिवार रहते हैं। उन सभी को सीएए के कारण नागरिकता व जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जा रहा है। यह कार्य इसलिए हो रहा है, क्योंकि पीएम मोदी ने उनके बारे में सोचा। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी के पास यह सोच नहीं थी।

रेलवे स्टेशनों के पास सक्रिय लुटेरा गिरोह, यात्रियों में दहशत

 पटना बिहार की राजधानी पटना में सफर करना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। शहर में एक बार फिर 'ऑटो गैंग' का खौफनाक साया मंडराने लगा है। अपराधियों का यह गिरोह इतना शातिर है कि यात्री बनकर आपके बगल में बैठता है और मौका मिलते ही सबकुछ लूटकर फरार हो जाता है। पिछले एक महीने के भीतर पटना के विभिन्न इलाकों में इस गैंग ने आधा दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। खासकर रेलवे स्टेशनों के आसपास इनकी सक्रियता सबसे अधिक देखी जा रही है। यात्री बनकर बैठते हैं लुटेरे इस गैंग के काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला है। ये लुटेरे पहले से ही ऑटो में सवारी बनकर बैठे रहते हैं। जब कोई अकेला यात्री, खासकर महिला, ऑटो में बैठती है, तो उसे भनक भी नहीं लगती कि उसके बगल में बैठा शख्स एक अपराधी है। हालिया घटना में, पटना रेलवे स्टेशन से राजाबाजार जा रही एक महिला इसका शिकार बनी। शेखपुरा फ्लाईओवर के पास पहुँचते ही बदमाशों ने ऑटो रुकवाया और महिला के गले से सोने की चेन झपटकर भाग निकले। हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात के बाद ऑटो चालक भी महिला से किराया लिए बगैर लुटेरों के पीछे या दूसरी दिशा में भाग निकलता है, जिससे ऑटो चालक की मिलीभगत की आशंका भी प्रबल हो जाती है। रेलवे स्टेशनों के पास बना रखा है अड्डा पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर और पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन के पास इस गैंग ने अपना जाल बिछा रखा है। बांका के एक व्यक्ति के साथ भी ऐसी ही वारदात हुई, जो इंटरमीडिएट काउंसिल में पेपर जमा करने आए थे। राजेंद्रनगर स्टेशन के पास बदमाशों ने उनका बैग लूट लिया। पुलिस का कहना है कि ये अपराधी अक्सर देर शाम या तड़के सुबह सक्रिय होते हैं, जब सड़कों पर भीड़ कम होती है। हालांकि, जक्कनपुर थाना क्षेत्र से पिछले महीने कुछ गिरफ्तारियां हुई थीं, लेकिन गैंग के नए सदस्यों ने फिर से वारदातों का सिलसिला शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खोजबीन जारी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यात्री दहशत में हैं। पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में भी यह गैंग काफी सक्रिय था। पुलिस अब स्टेशनों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है और यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे शेयरिंग ऑटो में बैठने से पहले सावधानी बरतें।

पटना में नशे के कफ सिरप का बड़ा नेटवर्क उजागर, 40 हजार बोतलें जब्त

पटना पटना शहर के चार इलाकों में गुरुवार रात पुलिस ने छापेमारी कर एक करोड़ 80 लाख का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया। यह कफ सिरप चोरी-छिपे प्रदेश के कई इलाकों में सप्लाई की जाती थी। मामले में एक ऑटो चालक और पटना सिटी में एक मकान मालिक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कुल 40 हजार बोतल कफ सिरप जब्त किया है। वहीं तीन धंधेबाज मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। ऑटो में लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि चित्रगुप्त नगर थाना को सूचना मिली थी कि एक ऑटो से प्रतिबंधित कफ सिरप ले जाया जा रहा है। इसके बाद चित्रगुप्तनगर और बहादुरपुर थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर ऑटो को पकड़ा। बहादुरपुर से ऑटो चालक सुरेश महतो को गिरफ्तार किया गया। ऑटो से पांच कार्टन कोडीन कफ सिरप बरामद किया गया। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र के खेमनीचक से कफ सिरप ला रहा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खेमनीचक और दीदारगंज में छापेमारी की, जहां से 119 कार्टन कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया गया। इनमें कुल 16,130 बोतलें थीं। पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने खुलासा किया है कि इस अवैध धंधे में मनजीत कुमार, नीरज कुमार, रवि समेत अन्य लोग शामिल हैं, जो कफ सिरप के परिवहन, भंडारण और बिक्री का काम करते हैं। पुलिस अब इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पकड़े गए आरोपियों के दूसरे लिंकेज खंगाले जा रहे हैं। पूर्णिया में भी 1035 लीटर कोडिनयुक्त कफ सिरप बरामद वहीं दूसरी तरफ पूर्णिया के जलालगढ़ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध नशीले पदार्थ के कारोबार का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 1035 लीटर कोडिनयुक्त कफ सिरप बरामद किया है। मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया जबकि दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। गुप्त सूचना पर पुलिस का ऐक्शन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर पूर्णिया द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। अभियान का नेतृत्व जलालगढ़ थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने किया। जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में कोडिनयुक्त कफ सिरप बरामद किया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

कोई सोच रहा कि कहां खोलूं पंचर की दुकान तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता में: मुख्यमंत्री

पूर्व बर्धमान. पश्चिम बंगाल के कटवा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनते ही टीएमसी के गुंडों को सिर छिपाने के लिए जगह नहीं मिलेगी। वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और काम-धंधे की तलाश में जुट गए हैं। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कोई सोच रहा कि कहां पंचर की दुकान खोलूं तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता कर रहा है। बंगाल को पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्टों और पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस ने लूटा। यूपी में जितने माफिया कांग्रेस, सपा ने पाले थे, उनकी हड्डी-पसली कुचलने का काम बुलडोजर ने किया। भाजपा प्रत्याशी कृष्ण घोष के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कटवा की पावन धरा, जहां चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य एवं वैष्णव परंपरा के महत्वपूर्ण ग्रंथकार सनातन गोस्वामी ने संन्यास ग्रहण किया था, को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं। कटवा को खेपा काली मंदिर, इच्छाई घोष मंदिर, गोपेश्वर शिव मंदिर, नया कैलाश मंदिर जैसे 108 से अधिक देव मंदिरों के लिए जाना जाता है। यह भारत की आध्यात्मिक विरासत, गौरव, त्याग, बलिदान, साहस और स्वाभिमान की माटी है। यह भारत के अध्यात्म, देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा है। भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को दिशा देने में इस भूमि ने महत्वपूर्ण नेतृत्व किया। यह वही बंगाल है, जिसने भारत को पहचान दी, जिसे कभी देश की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ के रूप में जाना जाता था। आज वही बंगाल पहचान के लिए मोहताज है। यहां उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं, किसानों को उपज का उचित दाम, नौजवानों को रोजगार और सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक और गुंडागर्दी चरम पर है। विकास का पैसा हड़प लेते हैं टीएमसी के गुंडे सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास के लिए जो पैसा भेजते हैं, उसे टीएमसी के गुंडे हड़प लेते हैं। आपके सामने अवसर है कि जो लोग बंगाल को उसकी पहचान के लिए मोहताज बना रहे हैं, उनके सामने पहचान का संकट खड़ा करें। बंगाल को उसकी प्रतिष्ठा वापस दिलानी है और उसे फिर से विकास के पथ पर अग्रसर करना है। बंगाल के हालात देखकर मैं चकित रह जाता हूं। ममता दीदी को ‘जय श्रीराम’ के नारे से परेशानी होती है। यही धरा है, जहां आज से लगभग 500 वर्ष पहले चैतन्य महाप्रभु ने ‘हरे कृष्णा-हरे रामा’ का शंखनाद कर पूरी दुनिया में भारत की वैष्णव परंपरा का संदेश दिया था। उसी धरा पर ‘जय श्रीराम’ बोलने पर ममता दीदी रामभक्तों पर लाठी चलवाती हैं और आम लोगों पर हमले होते हैं। सरेआम हत्याएं हो रही हैं। सैंड और लैंड माफिया हावी हैं, जो युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे हैं। न बेटियां सुरक्षित हैं, न व्यापारी। लव जिहाद और भूमि कब्जे की घटनाएं सामने आ रही हैं। मां दुर्गा की पूजा और शोभायात्राओं में भी बाधाएं डाली जाती हैं। ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होबे’, लेकिन अब कहना होगा ‘खेला शेष, उन्नयन शुरू’ (खेल खत्म, विकास शुरू)। सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बना यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति भी कुछ ऐसी ही थी। त्योहारों से पहले उत्साह नहीं, बल्कि आशंका का माहौल रहता था। युवाओं के लिए रोजगार नहीं था, किसान आत्महत्या करते थे, दंगे और कर्फ्यू आम थे, और कानून-व्यवस्था कमजोर थी। रामभक्तों पर गोली चलाई जाती थी। लेकिन 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया। अब प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव का माहौल है। न कर्फ्यू है, न अराजकता। आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। वहां खुलेआम हत्या नहीं हो सकती। सड़कों पर कोई अव्यवस्था नहीं कर सकता। काशी जाएंगे तो एक नई भव्य काशी नजर आएगी और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है, जिसका कभी कांग्रेस, टीएमसी, कम्युनिस्ट और समाजवादी पार्टी विरोध करते थे। बंगाल से यूपी की तुलना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, जिनमें बड़ी संख्या में बेटियां भी शामिल हैं। इसके अलावा 60 लाख युवाओं को बड़े उद्योगों में और तीन करोड़ से ज्यादा युवाओं को एमएसएमई यूनिट्स के माध्यम से रोजगार मिला है। इसके विपरीत, बंगाल में टीएमसी शासन के दौरान 30 लाख युवा बेरोजगार हुए हैं और उद्योग-धंधे बंद हुए हैं। जहां माफिया और भ्रष्टाचार का माहौल होता है, वहां विकास संभव नहीं होता और उद्योग भी स्थापित नहीं होते। बंगाल में भारी मतदान, बदलाव देखने को मिलेगा उन्होंने कहा कि बंगाल में पहले चरण के मतदान में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है और रुझान बताते हैं कि आगामी परिणामों में बदलाव देखने को मिलेगा। जब ईवीएम खुलेंगी तो कमल ही कमल देखने को मिलेगा। डबल इंजन सरकार बनने पर कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। टीएमसी की गुंडागर्दी सबने देखी, कैसे इन्होंने बीजेपी नेता पर हमला किया। इस अराजकता के खिलाफ बंगाल मुखर होकर सामने आया है। कोई ‘कटमनी’ लेने का साहस नहीं कर पाएगा सीएम योगी ने कहा कि अब बंगाल में पीएम मोदी द्वारा भेजा जाने वाला पैसा सीधे विकास कार्यों में खर्च होगा। कोई भी ‘कटमनी’ लेने का साहस नहीं कर पाएगा। टीएमसी के नेता कई बार से विधायक हैं। उन्होंने सिर्फ अपने परिवार को समृद्ध किया,  कटवा की ओर ध्यान नहीं दिया। उन्हें विकास से कोई मतलब नहीं है। यह परिवारवाद की राजनीति करने वाले लोग विकास पर ध्यान नहीं देते, बल्कि केवल अपने और परिवार के विकास तक ही सीमित रहते हैं।  सुरक्षा नहीं दे पाने वाली सरकार को रहने का अधिकार नहीं सीएम योगी ने कहा कि कटवा से कृष्ण घोष के विधायक बनने का मतलब होगा, सैंड माफिया का पूरी तरह समाप्त होना। कोई बूथ कैप्चरिंग नहीं कर पाएगा। व्यापारियों से ‘कटमनी’ नहीं ली जाएगी और विकास के लिए आने वाले धन का दुरुपयोग नहीं होगा। जो सरकार सुरक्षा नहीं दे सकती उसे रहने का कोई अधिकार नहीं है। यहां रेलवे ब्रिज का निर्माण होगा और भागीरथी नदी पर नए पुल … Read more

Jharkhand Update: लोक भवन में पदों का पुनर्गठन, 40 नई पोस्ट बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट में

रांची. झारखंड में राज्यपाल सचिवालय एवं उनके आवासीय कार्यालय के स्वरूप में बदलाव की तैयारी चल रही है। तैयारियों के अनुसार लोकभवन में वर्तमान में सृजित कई पदों की उपयोगिता अब नहीं रह गई है और इसी कारण से इन पदों को प्रत्यर्पित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त नए प्रकार के कार्यों के लिए नए पद भी सृजित करने की तैयारी है। लोकभवन से इस संदर्भ में एक प्रस्ताव मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग पहुंचा हैं और माना जा रहा है कि कैबिनेट की अगली बैठक में इस पर कोई निर्णय लिया जा सकता है। लोकभवन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार राज्यपाल सचिवालय में बढ़े हुए कार्यों को देखते हुए कर्मियों को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। यहां पूर्व की तुलना में अधिक विधेयक पारित होने के कारण कर्मियों की कमी महसूस की जा रही है। वर्ष 2001 में प्रति वर्ष 5-6 विधेयक ही पारित होते थे लेकिन, अब इनकी संख्या पांच से छह गुना तक बढ़ी है। इसी तरह से राज्य के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित कार्य बढ़ने से कर्मियों की कमी महसूस की जा रही है। बताया गया है कि 2001 में विश्वविद्यालयों की संख्या महज छह थी। जनशिकायत, विवेकाधीन अनुदान आदि से संबंधित मामले भी लोकभवन में बढ़े हैं। इसके अलावा दुमका कार्यालय और मदरा मुंडा राजकीय अतिथिशाला के संचालन को लेकर भी कर्मियों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। नए पदों की स्वीकृति से 74 लाख का बढ़ेगा व्यय झारखंड में लोकभवन और इससे जुड़े सचिवालय में पूर्व से स्वीकृत पदों की संख्या 153 है। इनमें से 82 पदों को प्रत्यर्पित करने की तैयारी कर ली गई है। इनकी जगह पर 122 नए पद स्वीकृत किए जाएंगे। इस प्रकार कर्मियों की संख्या में 40 की बढ़ोतरी होगी। यही कारण है कि अब लोकभवन और इससे जुड़े सचिवालय में कुल पदों की संख्या बढ़कर 193 हो जाएगी। पदों की संख्या बढ़ने से लोकभवन में इस मद में निर्धारित खर्च की राशि में भी बड़ा अंतर देखने काे मिलेगा। कैबिनेट तक पहुंचे प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान में इन पदों के एवज में राज्य सरकार 2.55 करोड़ रुपये प्रति वर्ष व्यय करती है और वर्तमान में हुए बदलाव के बाद राज्य सरकार को वेतन मद में 3.29 करोड़ रुपये व्यय करने होंगे। इस प्रकार राज्य सरकार पर 74.19 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। इसको लेकर लोकभवन सचिवालय की ओर से जारी प्रस्ताव पर मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में चर्चा होगी।

रायपुर : खाद्य एवं औषधि प्रशासन टीम ने की गुणवत्ता जांच,स्वच्छता में कमी पर दुकान को नोटिस

रायपुर  खाद्य सुरक्षा टीम ने भाटापारा एवं दामाखेड़ा में जांच अभियान चलाया। दामाखेड़ा में साहू होटल एवं स्वीट्स  में खाद्य पदार्थ ढंककर नही रखने व फ्रिज में गन्दगी पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा 55 के तहत नोटिस जारी किया गया। भाटापारा शहर के आयुष डेयरी व पटेल डेयरी दतरेंगी का औचक निरिक्षण किया।पटेल डेयरी से मलाई क्रीम का नमूना लेकर जाँच हेतु राज्य खाद्य परिक्षण प्रयोगशाला भेजा गया। पूर्व महीनो में जॉच हेतु लिए गये नमूनों में अविनाश पोहा इंडस्ट्रीज भाटापारा के पैक्ड पोहा व शीतल इंडस्ट्रीज भाटापारा के पैक्ड बेसन में पोषण संबंधी जानकारी अपूर्ण होने के कारण मिथ्याछाप घोषित किया गया है।खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के लेबलिंग व डिस्प्ले रेगुलेशन 2020 के तहत सभी पैक्ड खाद्य उत्पादों में पोषण सुचना संबंधी पूर्ण जानकारी देना अनिवार्य है।