samacharsecretary.com

Old Pension Scheme लागू: Chhattisgarh High Court का बड़ा फैसला, संवर्ग शिक्षकों को फायदा

बस्तर. प्रदेश के 1998-99 संवर्ग शिक्षकों को बड़ी कानूनी जीत मिली है. उच्च न्यायालय ने उनके पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. नियुक्ति की वास्तविक तिथि से पुरानी पेंशन का रास्ता साफ हुआ. राज्य शासन की चुनौती को कोर्ट ने खारिज कर दिया. पहले सिंगल बेंच ने 120 दिनों में लाभ देने कहा था. अब डिवीजन बेंच ने भी उस आदेश को बरकरार रखा है. इस फैसले से हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी. लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई का अंत माना जा रहा है. शिक्षक संगठन इसे न्याय की जीत बता रहे हैं. राजधानी में महापंचायत बुलाकर अगली रणनीति बनेगी. सरकार से जल्द आदेश जारी करने की मांग तेज हो गई है. हजारों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है. शिक्षक वर्ग में फैसले के बाद उत्साह का माहौल है.

झारखंड में नई पहल,बंजर जमीन पर लगेगा सोलर प्लांट, सरकार खरीदेगी बिजली

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन करें। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कम अवधि के लिए खेती की जाने वाली जमीन या बंजर भूमि पर ग्रामसभा के माध्यम से सामूहिक सोलर खेती करें। सरकार उत्पादित बिजली की खरीदारी करेगी। इस पहल से ग्रामीणों की आय में जहां वृद्धि होगी, वहीं वे समृद्ध-आत्मनिर्भर बन सकेंगे। सीएम सोरेन शुक्रवार को रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह सह मुखिया सम्मेलन (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल) को संबोधित कर रहे थे। सिंचाई के लिए नई तकनीक का हो रहा इस्तेमाल सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। सीएम ने यह भी कहा कि समग्र विकास व ग्रामीण सशक्तीकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। आप सभी ऐसे लोग हैं, जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी ग्राम पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। आपकी कार्यकुशलता से ही राज्य के सर्वांगीण विकास का रास्ता तय हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य-देश का विकास तभी होगा, जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य की जड़ हैं। जब जड़ें मजबूत होंगी, तभी पेड़ मजबूत होगा। गांवों को मजबूत करने की दिशा में उनकी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। सीएम ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी। पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना परिवर्तनकारी पहल मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना’ की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

OPS को लेकर बढ़ी सख्त,CAG ने राजस्थान सरकार से वित्तीय डेटा मांगा

जयपुर  राजस्थान में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) एक बार फिर चर्चा में है. इस बार मामला सरकारी फाइलों और आर्थिक गणित से जुड़ा है. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने शनिवार को राजस्थान सरकार को एक अहम नोटिस जारी किया है, जिसमें राज्य के खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक असर का ब्यौरा मांगा गया है. आइए, आसान शब्दों में समझते हैं कि इस नोटिस के पीछे की कहानी क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है. क्या मांग रहा है CAG? CAG ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया है कि वह OPS से जुड़ी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे. इस रिपोर्ट के जरिए सरकार को यह बताना होगा कि अगले 10 वर्षों में पेंशन स्कीम के कारण सरकारी खजाने पर कितना आर्थिक दबाव पड़ेगा. रिपोर्ट में मुख्य रूप से ये जानकारी देनी होगी CAG की इस विस्तृत रिपोर्ट में राजस्थान सरकार को तीन प्रमुख पहलुओं पर फोकस करना होगा. सबसे पहले, अगले 10 सालों में OPS के कारण सरकारी खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का अनुमान लगाना अनिवार्य है. इसके साथ ही, राज्य की मौजूदा बजट स्थिति और वित्तीय हालात का सटीक खाका पेश करना होगा, ताकि पेंशन भुगतान और राजस्व आय के बीच के संतुलन को स्पष्ट रूप से समझा जा सके. क्यों जरूरी है यह रिपोर्ट? यह कोई सामान्य सवाल-जवाब नहीं है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. CAG ने यह जानकारी वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (FRBM Act) के तहत मांगी है. क्या होता है FRBM Act? यह एक्ट एक तरह का 'रूलबुक' है, जो राज्य सरकारों को अनुशासन में रखता है. इसके तहत किसी भी राज्य को यह स्पष्ट करना अनिवार्य है कि वह अपने खर्चों का प्रबंधन कैसे कर रहा है और भविष्य में उसके वित्तीय दायित्व (Financial Obligations) क्या होंगे. यह एक्ट सुनिश्चित करता है कि राज्य सरकार कर्ज के जाल में न फंसे और विकास के लिए पर्याप्त फंड बचा रहे. रिपोर्ट जमा करने की डेडलाइन राजस्थान सरकार को यह पूरी जानकारी 15 जून तक जमा करानी है. सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति का स्पष्ट आईना पेश करना होगा, जिससे यह पता चल सके कि भविष्य में पेंशन का बोझ राज्य के विकास कार्यों या अन्य योजनाओं को प्रभावित तो नहीं करेगा. मामला क्या है? याद दिला दें कि राजस्थान में साल 2022 में तत्कालीन सरकार ने नई पेंशन योजना (NPS) को हटाकर वापस ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू की थी. तभी से यह मुद्दा देशभर में बहस का विषय बना हुआ है कि लंबे समय में यह स्कीम राज्य की अर्थव्यवस्था पर क्या असर डालेगी. अब CAG की इस रिपोर्ट से वित्तीय स्थिति की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी.

Punjab Politics: Waris Punjab De लड़ेगा नगर निगम चुनाव, कैंडिडेट्स का ऐलान जल्द

मोगा. अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' ने मोगा नगर निगम चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि नगर निगम के तहत आने वाले सभी 50 वार्डों में उतारे जाने वाले उम्मीदवारों के नामों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा। प्रैस बयान में पार्टी के हलका इंचार्ज रछपाल सिंह सोसन ने कहा कि नगर निगम चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी के संरक्षक बापू तरसेम सिंह और सांसद सरबजीत सिंह खालसा की मंजूरी के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की तरफ से उतारे जाने वाले साफ छवि वाले उम्मीदवारों में हिंदू, सिख, ईसाई और मुस्लिम वर्गों के अलावा महिलाओं को भी काफी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि पंजाब भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। उन्होंने कहा कि वह खुद एक व्यापारी हैं और व्यापारियों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल 'वारिस पंजाब दे' मोगा शहर के हर तरफ के विकास, ड्रग्स के खात्मे और व्यापारियों के कारोबार से जुड़े मुद्दों पर नगर निगम चुनाव लड़ेगा। 

रूस का यूक्रेन पर एक रात में भारी हमला, 600+ ड्रोन और मिसाइल, जमीन-समुद्र-हवा से अटैक

कीव  रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक, रूस ने 24-25 अप्रैल की रात देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए बड़ा हवाई हमला किया. इस हमले में रूस ने 47 मिसाइलों और 619 ड्रोन का इस्तेमाल किया।  यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रात 6 बजे से शुरू हुए इस हमले में कुल 666 हवाई हमले किए गए. इनमें 12 बैलिस्टिक मिसाइलें (Iskander-M और S-400), 29 Kh-101 क्रूज मिसाइलें, 5 कैलिबर मिसाइलें और 619 अलग-अलग तरह के ड्रोन शामिल थे. इन ड्रोन में बड़ी संख्या ईरान के 'शाहेद' जैसे कामिकाजे ड्रोन की थी, जो खास तौर पर टारगेट पर सीधे टकराकर विस्फोट करते हैं।  यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने इस बड़े हमले का काफी हद तक मुकाबला किया. वायुसेना के मुताबिक, कुल 610 टारगेट्स को या तो मार गिराया गया. इसमें 30 मिसाइलें और 580 ड्रोन शामिल हैं. खास बात यह है कि 26 Kh-101 और 4 कैलिबर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान को टाला जा सका।  13 मिसाइलों ने यूक्रेन को किया हिट यूक्रेन पूरी तरह से इस हमले को रोकने में सफल नहीं रहा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 13 मिसाइलें और 36 ड्रोन अपने टारगेट तक पहुंचने में कामयाब रहे, जिससे देश के 23 अलग-अलग स्थानों पर हमले हुए. इसके अलावा, गिराए गए ड्रोन के मलबे भी 9 जगहों पर गिरे, जिससे स्थानीय स्तर पर नुकसान हुआ. अभी भी चार मिसाइलों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।  जमीन, समुद्र और हवा तीनों से ईरान पर हमले! रूस ने यह हमला जमीन, समुद्र और हवा, तीनों माध्यमों से किया. मिसाइलें रूस के अलग-अलग इलाकों जैसे मिलेरोवो, कुर्स्क और ब्रायंस्क से दागी गईं, जबकि कुछ लॉन्चिंग कैस्पियन सागर और क्रीमिया क्षेत्र से भी हुई. यह साफ संकेत है कि रूस अब यूक्रेन के खिलाफ मल्टी-डायमेंशनल अटैक स्ट्रैटेजी अपना रहा है। 

राष्ट्रपति Droupadi Murmu का अनोखा अंदाज, प्रोटोकॉल से हटकर सराही साड़ी की कलाकारी

भागलपुर. अंग प्रदेश की लोककला मंजूषा राष्ट्रपति भवन तक पहुंची। राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'आर्टिस्ट-इन-रेजिडेंसी' कार्यक्रम में जब राष्ट्रपति ने मंजूषा कलाकृति से बनी साड़ी को देखा तो वे बोल उठीं, 'वाह, क्या रंग है। बेहतरीन कलाकारी है। इस साड़ी को हम कार्यक्रम में जाने के लिए पहनेंगे। इसे बनाने वाले कलाकार कौन हैं?” राष्ट्रपति के यह बोलते ही मंजूषा गुरु मनोज पंडित को सामने लाया गया। राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए मनोज से निर्धारित दो मिनट के स्थान पर लगभग सात मिनट तक बातचीत की। टूटी प्रोटोकॉल की औपचारिकता मनोज को पहले बताया गया था कि उन्हें राष्ट्रपति से केवल दो मिनट बात करने का अवसर मिलेगा, लेकिन बातचीत निर्धारित समय से अधिक चली और प्रोटोकॉल की औपचारिकता टूट गई। मनोज पंडित के अनुसार, उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे राष्ट्रपति से दो मीटर की दूरी बनाए रखें। वे इसका पालन भी कर रहे थे। इस बीच बिहुला मंजूषा कला से बनी साड़ी राष्ट्रपति तक पहुंचाने के लिए एक अन्य महिला कलाकार को आगे लाया गया। साड़ी देख खुश हो गईं राष्ट्रपति राष्ट्रपति के हाथ में जैसे ही साड़ी आई, वे उसे देखकर प्रसन्न हो गईं। राष्ट्रपति स्वयं आगे आईं और मंजूषा कला तथा इसके तीन रंगों के बारे में जानकारी लेने लगीं। उन्हें बताया गया कि मंजूषा कला सातवीं शताब्दी की परंपरा है और इसमें केवल तीन रंगों का उपयोग होता है। पूरी जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रपति ने इस कला को बेहतरीन बताया और कहा कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए। मनोज पंडित ने कहा कि डीएम और नगर आयुक्त के सहयोग से मंजूषा कला राष्ट्रपति भवन तक पहुंच पाई है। आम लोगों का भी इसमें भरपूर सहयोग रहा है। उल्लेखनीय है कि मनोज पंडित को राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'आर्टिस्ट-इन-रेजिडेंसी' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।

बराबरी की टक्कर में आमने-सामने चेन्नई और गुजरात, किसका पलड़ा भारी?

चेन्नई डियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 37वां मुकाबला चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। CSK ने अब तक 7 मुकाबले खेले हैं। 3 मैच में उसे जीत और 4 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, GT ने भी अब तक 7 मैच खेले हैं। उसे भी 3 मैच में जीत और 4 मैच में हार मिली है। ऐसे में आइए मैच से जुड़ी बातों पर एक नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच रहा है बराबरी का मुकाबला IPL में दोनों टीमों के बीच 8 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान CSK को 4 मैच में जीत मिली है। GT ने भी 4 मुकाबले अपने नाम किए हैं। IPL 2025 में दोनों के बीच एक मैच हुआ था। उसको CSK ने 83 रन से जीता था। IPL 2024 में दोनों टीमों के बीच 2 मैच हुए थे। पहले मैच में GT को 35 रन से जीत मिली थी। दूसरा मुकाबला CSK ने 63 रन से जीता था। ऐसी हो सकती है CSK की प्लेइंग इलेवन CSK को मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ 103 रन से जीत मिली थी। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना चाहेंगे। कप्तान रुतुराज गायकवाड़ को अच्छी शुरुआत मिली थी, लेकिन वह फिर बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे। ऐसे में वह अपना खोया हुआ लय हासिल करना चाहेंगे। संभावित एकादश: संजू सैमसन (विकेटकीपर), रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), सरफराज खान, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा, जेमी ओवरटन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, गुरजपनीत सिंह और मुकेश चौधरी। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है GT की टीम GT को अपने पिछले मुकाबले मे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 5 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी। टीम 205/3 का स्कोर बनाने के बावजूद मुकाबला हारी थी। ऐसे में CSK के खिलाफ ये टीम जोरदार वापसी करना चाहेगी। कप्तान शुभमन गिल उम्दा पारी खेल टीम को जीत दिलाना चाहेंगे। संभावित एकादश: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, जेसन होल्डर, राशिद खान, मानव सुथार, कगिसो रबाडा और मोहम्मद सिराज ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर GT: प्रसिद्ध कृष्णा, अनुज रावत, ग्लेन फिलिप्स, निशांत सिंधु और अरशद खान। CSK: प्रशांत वीर, मैथ्यू शॉर्ट, मैट हेनरी, अकील हुसैन और उर्विल पटेल। कैसा है एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच का मिजाज? चेन्नई की पिच लाल मिट्‌टी से बनी है जो आमतौर पर स्पिनरों को मदद करती है। हालांकि, शुरुआती कुछ ओवरों में तेज गेंदबाजों को फायदा मिलता है। यहां की विकेट अमूमन सूखी और सख्त होती है जो मैच आगे बढ़ने के साथ और खराब होती जाती है। बल्लेबाजों को बड़े-बड़े शॉट्स लगाने के लिए नजरें जमाने होती है। हाउस्टेट के मुताबिक, IPL में यहां पर पहली पारी का औसत स्कोर 165 रन है। कैसा होगा चेन्नई का मौसम? एक्यूवेदर के मुताबिक 26 अप्रैल को चेन्नई में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री रहने की उम्मीद है। मैच दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। ऐसे में खिलाड़ियों को गर्मी से परेशानी हो सकती है। मैच के दौरान बारिश की संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें सैमसन ने पिछले 8 मुकाबलों में 171.28 की स्ट्राइक रेट से 334 रन बनाए हैं। GT के लिए सुदर्शन ने पिछले 10 मैचों में 154.5 की स्ट्राइक रेट से 377 रन बनाए हैं। गिल के बल्ले से पिछले 9 मैच में 346 रन निकले हैं। गेंदबाजी में अंशुल ने पिछले 10 मैच में 19 विकेट चटकाए हैं। नूर के नाम 10 मैच में 14 विकेट है। GT के लिए रबाडा ने पिछले 8 मैच में 10 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? CSK और GT के बीच यह मुकाबला 26 अप्रैल को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

गवाही बदलने के आरोप में महेंद्र चावला गिरफ्तार, लाखों की रिकवरी

पानीपत आसाराम और नारायण साईं प्रकरण में मुख्य गवाह रहे महेंद्र चावला के कब्जे से पुलिस ने 42 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। बाकी की रकम उनके दूसरे भतीजे के पास है। पुलिस भतीजे की तलाश में दबिश दे रही है। रिमांड का समय पुरा होने पर महेंद्र चावला को शनिवार को अदालत के सामने पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने 18 अप्रैल को महेंद्र चावला उनके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम को गिरफ्तार किया था। तीनों के खिलाफ सेक्टर-12 निवासी भगत सिंह ने चांदनीबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। आरोप है कि महेंद्र चावला ने सनौली गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा के साथ चल रहे केस में गवाही से पलटने के नाम पर 70 लाख रुपये लिए थे। बाद में 80 लाख रुपये की मांग की गई थी। पुलिस ने महेंद्र चावला को पहले तीन दिन के रिमांड पर लिया था। महेंद्र के कब्जे से 24 लाख रुपये बरामद किए गए थे। वीरवार को तीनों को दोबारा फिर से अदालत के सामने पेश किया गया था। देवेंद्र चावला व राम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं, महेंद्र चावला को दोबारा फिर से दो दिन के रिमांड पर लिया था। दो दिन के रिमांड के दौरान उसके कब्जे से करीब 18 लाख रुपये और बरामद हुए। अभी तक महेंद्र चावला व उनके परिजनों से पुलिस 42 लाख रुपये की नकदी बरामद कर चुकी है। वहीं, पूछताछ में पता चला है कि बाकी की नकदी महेंद्र चावला के दूसरे भाई के बेटे के पास है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। शनिवार को महेंद्र चावला को अदालत के सामने पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।   महेंद्र चावला व उसके परिजनों से अब तक 42 लाख रुपये की नकदी बरामद हो चुकी है। बाकी की नकदी उसके दूसरे भतीजे के पास होने की जानकारी मिल रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। महेंद्र चावला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। -सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय।  

रायपुर : सपनों को मिली पक्की छत: प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली प्रदीप राम की जिंदगी

रायपुर : सपनों को मिली पक्की छत: प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली प्रदीप राम की जिंदगी रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मलगवां खुर्द के हितग्राही प्रदीप राम इसकी एक प्रेरक मिसाल हैं। कभी कच्चे और खपरैल के मकान में असुरक्षित जीवन बिताने को मजबूर प्रदीप राम आज अपने पक्के घर में सम्मानपूर्वक रह रहे हैं। वे बताते हैं कि पहले बरसात के मौसम में छत से पानी टपकना आम बात थी, जिससे परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सीमित आय के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था और दो छोटे बच्चों के साथ कच्चे घर में रहना हमेशा चिंता का विषय बना रहता था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। अब उनका परिवार सुरक्षित माहौल में रह रहा है और घर में पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध हो गई हैं। प्रदीप राम ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस पहल ने उनके सपनों को साकार कर दिया है। उनका कहना है कि यह पक्का मकान केवल एक आवास नहीं, बल्कि उनके परिवार की खुशियों और सुरक्षित भविष्य की नींव है।

CG BJP का प्लान तैयार: जिलावार ट्रेनिंग से कार्यकर्ताओं के कौशल को मिलेगा नया आयाम

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी की आज प्रदेश कार्यालय में अगले महीने से शुरू होने वाले प्रशिक्षण को लेकर अहम बैठक होने वाली है. जिलों में प्रशिक्षण वर्ग को लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी. सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि बीजेपी सिर्फ चुनाव के समय नहीं, बल्कि हर समय तैयारी करती है. शांतिकाल में भी हम युद्ध के लिए शस्त्र तैयार रखते हैं. कार्यकर्ताओं को पार्टी के इतिहास, कार्यपद्धति की ट्रेनिंग देंगे. प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं के कौशल विकास फोकस होगा. मंडल, जिला और प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित होंगे. नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग का खुलासा ईडी जांच में नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग का खुलासा होने के बाद छत्तीसगढ़ का सियासी तेज है. राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस और भूपेश बघेल पर हमला बोला है. गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसीलिए कांग्रेस और भूपेश बघेल ने ईडी पर रोका छेका किया. कांग्रेस ने फॉरेन फंडिंग से लोगों को जेएनयू भेजा. आदिवासी क्षेत्रों में फंडिंग से कई गतिविधियां संचालित की गई. कांग्रेस का नक्सलियों के बीच नेटवर्क था, यह जनता जान चुकी थी. भाजपा सांसद ने कहा कि मोदी सरकार ने विदेशी फंडिंग वाले गैर सरकारी संगठन पर रोक लगाई. वहीं प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून भी भाजपा ही लेकर आई. भारतीय राजनीति में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ. संदीप पाठक, राघव चढ्ढा समेत कई आप सांसद ने पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली. इसे लेकर बीजेपी सांसद संतोष पांडे ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक कहावत है. बकरी पालन हो तो फईरिका से भी काम चल जाता है. लेकिन बीजेपी का गेट बहुत बड़ा है, सिंहद्वार है. इसमें सभी तरह के लोगों का प्रवेश हो जाता है. उन्हें अपनी रीति-नीति में ढाल कर राष्ट्र के लिए उपयोगी बनाया जाता है.  TS सिंहदेव पर सांसद संतोष का पलटवार  TS सिंहदेव के प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की आशंका को लेकर बड़ा बयान दिया था. इस पर अब बीजेपी सांसद संतोष पांडे ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि इतने परेशान क्यों हो रहे हैं टीएस सिंहदेव. कोरोना काल में अफवाह फैलाने का ठेका अपने ही ले रखा था. कोरोना वैक्सीन के बारे में क्या अफवाह नहीं फैलाया? यहां तक कहा था कि इससे विकृति होगी, नपुंसकता आ जायेगी. लेकिन उसी वैक्सीन से हमने 150 देश की मदद की थी.