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डेयरी सेक्टर में बदलाव,आईटी लैब से गाय-भैंस की जल्दी प्रेग्नेंसी टेस्टिंग

लखनऊ यूपी में करीब और 190.20 लाख गोवंश 330.10 लाख भैंस हैं। इसमें प्रजनन योग्य 89.36 लाख गाय और 153.12 लाख भैंस हैं। इसमें करीब एक लाख गाय भैंस में समय से गर्भ धारण नहीं करने की समस्या पाई जाती है। अभी तक पशुओं के गर्भवती होने की जांच तीन माह में हो पाती हैं। यदि कोई गाय या भैंस गर्भ नहीं धारण की है तो तीन से चार माह बाद ही उसे दोबारा गर्भ धारण कराया जाता है। इस अंतर को कम करने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश में आईटी इनैबल्ड पशु गर्भपरीक्षण प्रयोगशाला बनाई जा रही है। इन प्रयोगशाला में किट के जरिये 28 दिन में ही जांच हो सकेगी। यदि कोई गाय भैस गर्भवती नहीं हुई है तो किसान माहभर बाद ही उसे दोबारा सीमेन चढ़वा सकेगा। साथ ही पशु चिकित्सक से संपर्क करके उसका उपचार भी करा सकेगा। इसकी शुरुआत बुंदेलखंड, पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच ब्लॉकों से की जा रही है। यानी हर क्षेत्र में एक-एक ब्लॉक का चयन किया जा रहा है। कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए अतिहिमीकृत वीर्य द्वारा कृत्रिम गर्भाधान को बढावा दिए जाने की नीति बनाई गई है। सभी पशु अस्पतालों में हिमीकृत बीज रखने के लिए अलग अत्याधुनिक लैब भी बनाई जा रही है। इसी तरह विदेशी नस्ल के सांडों के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान कराकर संकर नस्ल तैयार कर दूध की मात्रा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को दी जाएंगी गाय गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि कई गौशाला में अच्छी नस्ल की गायें हैं। इन गायों का उपचार कराया गया है। कुछ गर्भवती भी हैं। इन्हें किसानों को दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुदेलखंड में यह प्रयोग काफी सफल रहा है।  

अमेरिका-ब्रिटेन को टक्कर देंगी भारतीय मिसाइलें: अपग्रेड मिशन तेज, Prahlada Ramarao का हिसार दौरा

हिसार. अगर युद्ध के मैदान में भारत का वर्चस्व कायम रखना है तो हमें अमेरिका, ब्रिटेन, इटली व फ्रांस जैसे देशों की सुपर हाइपरसोनिक मिसाइलों को चकमा दे नष्ट करने वाली एंटी-बैलिस्टिक राकेट की जरूरत है। इसके लिए भारतीय वैज्ञानिक मिसाइलों को अपग्रेड करने के लिए 3 बिंदुओं पर काम कर रहे हैं, जिनमें रफ्तार-घुमावदार व ब्रेन सिस्टम शामिल है। ये बात पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने कही। वे शुक्रवार को गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय स्थित चौधरी रणबीर सिंह आडिटोरियम में आयोजित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। दैनिक जागरण के संवाददाता ने उनसे बातचीत की, जिसमें उन्होंने ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों के परीक्षण से लेकर भविष्य की तैयारियों को लेकर कई जानकारियां साझा भी की। सेना ने की एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड मुख्यातिथि एवं पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने बताया कि 1985 में भारत का बांग्लादेश के साथ विवाद चल रहा था। जिसमें बांग्लादेश ने कुछ मिसाइलों से भारत में अटैक किए। जिसको रोकने के लिए भारतीय सेना ने सरकार से एडवांस एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड की थी। तब सरकार ने हाई लेवल की मीटिंग बुलाई, जिसमें सेना, वैज्ञानिक, नीति आयोग सहित अन्य क्षेत्रों के टाप अधिकारी मौजूद रहे। जिसमें थल व वायु सेना के टाप अधिकारियों ने मिसाइलों का ड्राफ्ट तैयार कर वैज्ञानिकों की टीम को दिया। इस दौरान टीम में डा. एपीजे अब्दुल कलाम भी मौजूद रहे। ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों ने एकसाथ हिट किए थे तीन टारगेट मुख्यातिथि ने बताया कि ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल बनाने में करीब 10 साल लगे। 1995 में ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया। इस दौरान थल व वायु सेना के टाप अधिकारी मौजूद थे। दोनों मिसाइलों ने मात्र 5 सेकेंड के अंदर एकसाथ तीन टारगेट को हिट किया। रूस के साथ तैयार की मिसाइल पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा ने बताया कि ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने के लिए 15 साल का समय मांगा गया था। लेकिन रूस ने भारत के साथ मिलकर जेवी टीम बनाई, जिसमें दोनों देशों के वैज्ञानिकों ने मिलकर 5 साल के अंदर ही ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तैयार की।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयार,सरकारी स्कूलों में पढ़ाई अनिवार्य करने पर जोर

पटना  बिहार में मंत्रियों और अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे। इसे लेकर राज्य सरकार जल्द ही ठोस कदम उठा सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र किया। सीएम सम्राट चौधरी का स्पष्ट कहना था कि राज्य में शिक्षा की ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे मंत्री और अधिकारी के बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ने को बाध्य हो। इसी दिशा में जुलाई में राज्य के 209 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज को चालू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही स्कूल और कॉलेज में छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी की तैनाती की जाएगी। नवंबर में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई घोषणाएं की। उन्होंने बताया कि एनडीए सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर नवंबर में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में 1.36 लाख करोड़ रुपये के बिहार में निवेश हुए। लेकिन, सरकार की उपलब्धियों को जिस तरह जनता के बीच पहुंचाना चाहिए था नहीं पहुंचा पाई। मेरी सरकार की प्राथमिकता रोजगार, कारोबार बढ़ावा देना और प्रवासन रोकना है। प्रखंड,अंचल और थानों पर सीएमओ की सीधी नजर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से जन समस्याओं के निदान के लिए प्रखंड, अंचल और थानों पर मुख्यमंत्री सचिवालय (सीएमओ) के माध्यम से सीधी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत पर बीमा कंपनियों की ओर से परिजनों को चार लाख और राज्य सरकार की ओर से भी चार लाख दिए जाएंगे। घोषणाओं को लागू करने के लिए ठोस कदम सीएम सम्राट चौधरी की ओर से शिक्षा, निवेश और जन समस्याओं के निदान को लेकर विधानसभा में जो ऐलान किया है, इसे प्रभावी बनाने के लिए सम्राट चौधरी जल्द की कोई ठोस निर्णय ले सकते हैं। इसके अलावा स्वच्छ प्रशासन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कई बड़े फैसले ले सकते हैं। कैबिनेट विस्तार के बाद सख्त फैसला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व की नीतीश सरकार में भी कई सख्त फैसला लेकर सभी को चौंकाने का काम किया। अब राज्य की बागडोर संभालने के बाद उनकी ओर से कई महत्वपूर्ण फैसला लिए जाने की संभावना है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैबिनेट विस्तार के बाद ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सभी को विश्वास में लेकर सख्त फैसला लेंगे, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो और युवाओं को रोजगार मिल सके।  

पंजाब के लुधियाना में बिजली गुल, मॉक ड्रिल के दौरान 30 लोगों का रेस्क्यू

लुधियाना. शहर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार रात जिला प्रशासन ने 15 मिनट का ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित कर अपनी तत्परता का दमदार प्रदर्शन किया। रात 7:55 बजे सायरन बजते ही पूरे इलाके में अलर्ट जारी हुआ और ठीक 8 बजे पीएयू, किचलू नगर, अग्र नगर सहित कई क्षेत्रों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। अंधेरे में डूबे इन इलाकों में अचानक बना आपातकालीन माहौल वास्तविक स्थिति जैसा प्रतीत हुआ। इस दौरान विभिन्न एजेंसियों ने मिलकर राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया। खासतौर पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) परिसर में एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति का दृश्य तैयार कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को सुरक्षित निकालने का हुआ अभ्यास मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस, नगर निगम और पंजाब होम गार्ड्स की टीमों ने संयुक्त रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। टीमों ने यह अभ्यास किया कि आपदा के समय घायलों को सुरक्षित कैसे निकाला जाए, मौके पर प्राथमिक उपचार कैसे दिया जाए और उन्हें तेजी से अस्पताल कैसे पहुंचाया जाए। मॉक ड्रिल के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल और भीड़ प्रबंधन की भी रिहर्सल की गई। एंबुलेंस के जरिए डमी घायलों को अस्पताल पहुंचाकर आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और प्रतिक्रिया समय का आकलन किया गया। पूरी प्रक्रिया मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत संचालित की गई। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर पूनम सिंह ने कहा कि ऐसे अभ्यास किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। दो मिनट तक लगातार बजा सायरन मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद ‘आल क्लियर’ सिग्नल के तौर पर दो मिनट तक लगातार सायरन बजाया गया, जिसके बाद बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। नायब तहसीलदार रंजीत सिंह ने इसे सफल बताते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास से विभागों के बीच समन्वय मजबूत होता है और रिस्पान्स टाइम बेहतर होता है। इस दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने मिलकर शहर की सुरक्षा तैयारियों की मजबूत झलक पेश की।

Naxal Surrender: तेलंगाना में बड़ा समर्पण, कमांडर हेमला के साथ 47 माओवादी छोड़ेंगे हथियार

जगदलपुर. नक्सल मोर्चा में तेलंगाना में हलचल नजर आ रही है. 18 वर्षीय महिला माओवादी मुडियम रामे उर्फ राजिता के आत्मसमर्पण के बाद छत्तीसगड़ कैडर के 47 और नक्सली समर्पण की तैयारी में हैं. यह हलचल भले ही तेलंगाना में हो रही है, लेकिन इसका असर बस्तर में भी पड़ेगा, क्योंकि समर्पण करने वाले तमाम नक्सली बस्तर क्षेत्र में सक्रिय थे. तेलंगाना के मुलुगु जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां 18 वर्षीय मुडियम रामे उर्फ राजिता ने मुलुगु पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला लिया. मुलुगु एसपी सुधीर रामनाथ केकान ने उसे 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. बीजापुर जिले के बसागुड़ा क्षेत्र की रहने वाली मुडियम रामे उर्फ राजिता साउथ बस्तर डिवीजनल कमेटी में पार्टी सदस्य के तौर पर सक्रिय थी. इसके साथ ही 9वीं प्लाटून में भी उसकी भूमिका बताई गई है. पुलिस की ओर से पुनर्वास योजना के तहत उसे मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की गई. जानकारी के अनुसार, मुडियम रामे उर्फ राजिता के बाद हैदराबाद में आज बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे. इनमें बटालियन नंबर-1 के कमांडर हेमला वेज्जा के साथ छत्तीसगढ़ कैडर के 47 माओवादी 34 हथियारों के साथ समर्पण करने जा रहे हैं. आत्मसमर्पण कार्यक्रम तेलंगाना डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष होगा. यह समर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.

भगवंत मान का बयान: ‘अदरक, लहसुन, जीरा’ जैसे सांसद कभी सब्जी नहीं बनेंगे, AAP छोड़ने वालों पर तंज

चंडीगढ़  राघव चड्डा सहित आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इस बीच, विदेश दौरे से लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बीजेपी पर निशाना साधा। तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी की पंजाबियों के साथ बिल्कुल नहीं बनती है और बीजेपी ने पंजाबियों के साथ गद्दारी की है। मान ने आरोप लगाया कि बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों ईडी, सीबीआई का इस्तेमाल करके आम आदमी पार्टी के नेताओं को डरा-धमका रही है और सरकार को अस्थिर करने के लिए ऑपरेशन लोटस चला रही है। बीजेपी के पास पंजाब में कोई चेहरा नहीं है। पंजाब में बीजेपी की वाशिंग मशीन चल रही है। बीजेपी पंजाब नहीं जीत सकती। उन्होंने आप छोड़ने वाले सातों सांसदों को गद्दार बताते हुए कहा कि भाजपा में उन्हें कुछ भी नहीं मिलने वाला है। 'पार्टी छोड़ने वाले कैप्टन और सिंधिया का हाल देख लें' सात राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पार्टी बड़ी होती है, संगठन बड़ा होता है, व्यक्ति नहीं। ये सात लोग जो गए हैं, वे पंजाबियों के साथ गद्दारी करके गए है। यहां बैठे-बैठे इन्हें पद मिल गए, इन्हें किसी से वोट मांगने की जरूरत नहीं पड़ी। अब ये अपनी राजनीतिक नहीं जान बचाने के लिए वहां गए हैं, लेकिन वहां भी इनका कुछ नहीं होना है। वहां भी इन्हें इस्तेमाल करके छोड़ दिया जाएगा। पहले देख लो कैप्टन साहब की बात कोई नहीं सुनता। सिंधिया का हाल भी सबके सामने है। भगवंत मान ने आप छोड़कर बीजेपी जॉइन कर चुके और करने की आशंका वाले 7 सांसदों की तुलना 7 मसालों से की है. उन्होंने इन सब्जियों की खासियत बताते हुए कहा कि ये सब्जियां तब तक ही अहम हैं जब तक किसी में डाली जाए. अपने आप में इनकी कोई अहमयित नहीं है।  भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया. ये 7 चीजें मिलकर सब्जी को स्वादिष्ट बनाती हैं, लेकिन अकेले ये चीजें सब्जी नहीं बन सकतीं।  बलबीर सिंह ने भी दी प्रतिक्रिया बलबीर सिंह ने भी आप सांसदों के पार्टी छोड़ने पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, जिनको हमने चुन के भेजा था, 'पंजाब के MLAs ने भेजा था, उनको इन लोगों ने धोखा दिया है, विश्वास घात किया है हमारे साथ.अगर उनमे थोड़ी सी भी तमीज होती तो वो रिजाइन करके जाते. ये बीजेपी का ऑपरेशन लोटस है, यही काम करती है बीजेपी।  आज पूरी हो सकती है 7 सांसदों के बीजेपी में विलय की प्रक्रिया दूसरी तरफ, सूत्रों के हवाले से खबर है कि राज्यसभा में 'आप' के 7 सांसदों के बीजेपी में विलय की प्रक्रिया आज पूरी हो सकती है. विलय से जुड़ी सभी कानूनी और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. इन सात सांसदों के गुट को बीजेपी संसदीय दल में शामिल करने की मंजूरी आज राज्यसभा के सभापति दे सकते हैं।  'भाजपा वाले हमारी सरकार के कामों से डरे ' उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के समय भी बीजेपी ने गद्दारी की। अब हमारे सांसदों को अपने साथ शामिल किया जा रहा है, क्योंकि पंजाब में उनका अपना कोई मजबूत आधार नहीं है। लेकिन वे पूछते हैं कि भगवंत मान सरकार का विकल्प क्या है। मान ने कहा कि भाजपा वाले हमारी सरकार के कामों से डरे हुए हैं। इन्होंने जरूर सर्वे करवाया होगा, जिसमें उन्हें पता चला होगा कि उनकी स्थिति बिल्कुल मजबूत नहीं है। इसलिए हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई। पंजाबी दिल से प्यार करते हैं, लेकिन अगर कोई उनसे धोखा करता है, तो वे उसे पीढ़ियों तक याद रखते हैं। मान ने कहा कि मैं सख्त शब्दों में इस चीज की निंदा करता हूं। अमित शाह को यह बात पसंद नहीं आई होगी कि भगवंत मान का कोई विकल्प नहीं है। रवनीत बिट्‌टू तीन-चार दिन पहले राघव चड्‌ढा को गालियां निकाल रहे थे। अब कैसे मिलेंगे। अगर सभापति आज इस विलय को मंजूरी दे देते हैं, तो आम आदमी पार्टी के लिए ये संसद में अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा. इन सात सांसदों के जाने से उच्च सदन में 'आप' की ताकत काफी कम हो जाएगी, जबकि बीजेपी का पलड़ा और भारी हो जाएगा।  तीन नेता बीजेपी में शामिल, 4 पर सस्पेंस बता दें कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शुक्रवार को बीजेपी जॉइन कर ली थी. वहीं, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता के भी बीजेपी में शामिल होने की चर्चा है. हालांकि, इन चारों नेताओं के नाम पर अभी सस्पेंस जारी है। 

मध्‍यम और बड़े कृषकों के लिए गेहूं विक्रय की सुविधा: स्‍लॉट बुकिंग प्रणाली की शुरुआत

मध्‍यम एवं बड़े कृषकों को गेहूं विक्रय करने के लिये स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा प्रारंभ स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई 2026 तक भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि विगत वर्ष समर्थन मूल्‍य पर लगभग 77 लाख मे.टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थिति के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मे.टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्‍य रखा गया है। इन्‍दौर, उज्‍जैन, भोपाल, नर्मदापुरम् संभागों के जिलों में 24 अप्रैल से शाम 6 बजे से मध्‍यम श्रेणी एवं बड़े किसानों के लिए स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। यह सुविधा पूर्व वर्ष अनुसार ही की गई है। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, ग्‍वालियर एवं चम्‍बल संभागों के जिलों में 25 अप्रैल (दोपहर 12 बजे) से मध्‍यम श्रेणी एवं बड़े किसानों से गेहूं उपार्जन के लिये स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है। पूरे प्रदेश में स्‍लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई 2026 तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्‍येक शनिवार को भी स्‍लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये 7.76 लाख किसानों द्वारा 32.16 लाख मे. टन गेहूं के विक्रय के लिये स्‍लॉट बुक किए जा चुके है। प्रदेश में 3 लाख 96 हजार 97 किसानों से 16 लाख 57 हजार 526 मे. टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं विक्रय करने वाले 2,01,254 किसानों को 2166.29 करोड़ रुपये के भुगतान के लिये ईपीओ जनरेट किए गए। उपार्जन केन्‍द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके इसके लिये उपार्जन केन्‍द्र पर प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्‍द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्‍लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्‍द्र किया गया। कृषक द्वारा उपार्जन केन्‍द्र की प्रतिदिन तौल क्षमता 2250 क्विंटल के मान से स्‍लॉट बुकिंग की जा सकेगी। प्रत्‍येक उपार्जन केन्‍द्र पर तौल कांटों की संख्‍या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है, जिससे अधिक संख्‍या में किसान तथा मात्रा के स्‍लॉट बुकिंग कराकर गेहूं का उपार्जन किया जा सकेगा। किसानों को समर्थन मूल्‍य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्‍द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। उपार्जन केन्‍द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्‍थान, जन सुविधाएं आदि की व्‍यवस्‍थाएं की गई हैं। किसानों को उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये समस्‍त आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं की गई हैं, जिसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्‍माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्‍प्‍यूटर, नेट कनेक्‍शन, गुणवत्‍ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्‍ना आदि की व्‍यवस्‍था की गई है। उपार्जन केन्‍द्र पर उपलब्‍ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के पीसी सेप पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्‍य एवं राज्‍य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये आवश्‍यक बारदानों की व्‍यवस्‍था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूं की भर्ती जूट बारदाने के साथ-साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये भण्‍डारण की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था की गई है, जिससे उपार्जित गेहूं का सुरक्षित भण्‍डारण किया जा सके।  

डॉ. अजित बाबू जैन और डॉ. मनोरमा जैन ने जनगणना कार्य में भारतीय नागरिकों को किया जागरूक

ग्वालियर ग्वालियर के जैन दंपति जनगणना कार्य जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में स्वेच्छापूर्वक आम नागरिकों की मदद से भारत के विभिन्न राज्यों में आमजन को जनगणना कार्य में जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं । अप्रैल माह में इन्होंने इंदौर और ग्वालियर क्षेत्र में यह अभियान दो टीमों का गठन करके दो दर्जन सदस्यों के माध्यम से चलाया था । सफलता मिली तो अनेकों लोग जुड़ते गये । तो मप्र के अलग-अलग क्षेत्रों में टीम बनाकर यह कार्य जारी रखा । अनेक लोगों के जुड़ाव हुआ तो अब यही कार्य इतने विशाल स्वरूप में आ चुका है कि भारत के अनेक राज्यों में अलग-अलग टीमों का गठन करके महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, गुजरात में यह अभियान चलाया जा रहा है। यह जैन दंपति  पूरी लगन और मेहनत करके  लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं और टीम के सभी सदस्यों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। इस जैन दंपति ने बताया कि उनका लक्ष्य भारत के प्रत्येक नागरिक तक पहुंच कर उन्हें जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने यह भी बताया कि वे  यह कार्य अपनी स्वेच्छा से एक जिम्मेदार भारतीय नागरिक होने के नाते कर रहे हैं। और वे यह कार्य वगैर किसी शासकीय सुविधा लिए स्वयं अपने खर्चे पर कर रहे हैं। जहां शासकीय सेवक ऐसी ड्यूटी से बचना चाहते हैं, वहां स्वेच्छा पूर्वक अपने खर्चे पर इस कार्य के लिए स्वयं को समर्पित करना सभी के लिए अनुकरणीय उदाहरण है।

DIG भुल्लर की मुश्किलें गहराईं, CFSL रिपोर्ट आई सामने, CBI की प्रारंभिक जांच मंजूर, पंजाब के अफसर रडार पर

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विशेष अदालत ने सीबीआई की ओर से दायर प्रारंभिक जांच (पीई) से संबंधित अर्जी को मंजूर कर लिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है, जिसमें आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। जांच एजेंसी को नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनसे पंजाब के कई IAS-IPS अधिकारियों की भूमिका सामने आई है। सीबीआई ने अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (प्रिलिमनरी इंक्वायरी) जांच शुरू कर दी है। बचाव पक्ष ने किया विरोध सीबीआई की ओर से दायर इस अर्जी का दोनों आरोपियों की तरफ से विरोध किया गया था। बचाव पक्ष ने अदालत में अपने अलग-अलग जवाब दाखिल करते हुए कहा कि सीबीआई की यह अर्जी कानूनी रूप से सही नहीं है। उन्होंने दलील दी कि यह अर्जी अधिकार क्षेत्र से बाहर है और कानून के निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं करती, इसलिए इसे मंजूर नहीं किया जाना चाहिए। बचाव पक्ष के वकीलों ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी बिना उचित आधार के कार्रवाई करना चाहती है और इस तरह की अनुमति देने से आरोपियों के अधिकारों का हनन हो सकता है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि सीबीआई की इस अर्जी को खारिज किया जाए और उन्हें किसी भी तरह की अतिरिक्त जांच की अनुमति न दी जाए। वहीं, सीबीआई की तरफ से दलील दी गई कि मामले में नए और अहम सबूत सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। एजेंसी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मामले की सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार किया और अंततः सीबीआई की अर्जी को मंजूरी दे दी। अदालत के इस फैसले से जांच एजेंसी को आगे की कार्रवाई करने और मामले की गहराई से जांच करने का अधिकार मिल गया है। CFSL रिपोर्ट अदालत में पेश सुनवाई के दौरान केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई, जिसे इस मामले में अहम कड़ी माना जा रहा है। यह रिपोर्ट उन इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच के आधार पर तैयार की गई है, जिन्हें पहले जांच एजेंसी ने जब्त कर फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा था। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट में शिकायतकर्ता और कथित बिचौलिए के बीच हुई बातचीत की ऑडियो सीडी या उससे संबंधित विश्लेषण शामिल हो सकता है। फॉरेंसिक जांच के जरिए इन ऑडियो क्लिप्स की सत्यता, एडिटिंग या छेड़छाड़ की संभावना और आवाज की पहचान जैसे पहलुओं की जांच की जाती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बातचीत असली है या नहीं। यदि रिपोर्ट में बातचीत प्रमाणित होती है, तो यह मामले में एक मजबूत साक्ष्य के तौर पर सामने आ सकती है। इससे यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कथित रूप से किस तरह रिश्वत की मांग या बातचीत की गई थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसी कारण CFSL रिपोर्ट को इस केस में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिस पर आगे की सुनवाई और जांच की दिशा काफी हद तक निर्भर कर सकती है। मोबाइल, दस्तावेज और नकदी जब्त करने की मांगी अनुमति सीबीआई ने मार्च में दायर अपनी प्रारंभिक जांच (पीई) अर्जी में अदालत से आरोपियों के मोबाइल फोन, मूल दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य संबंधित वस्तुएं व नकदी अपने कब्जे में लेने की अनुमति मांगी थी। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कुछ अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। सीबीआई के मुताबिक, मोबाइल फोन, चैट्स, लैपटॉप और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में ऐसे सुराग मिल सकते हैं, जो पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंचने में मदद करेंगे। इसलिए इन सभी चीजों को जब्त कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराना जरूरी बताया गया है, ताकि आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके। DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला, जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे। CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे। बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। इसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्णु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। इसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था। CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्णु शारदा अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।

अरुण साव ने कहा: रायपुर में हर खिलाड़ी को मिलेगा मौका, उत्कृष्टता से संवरेगा भविष्य

रायपुर : हर प्रतिभा को मिलेगा मंच, उत्कृष्ट खिलाड़ियों का संवरेगा भविष्य : अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट क्रिकेट पिच पर दिखा युवाओं का जोश, खेल भावना से जीता सबका दिल रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के ग्राम अखरार में आयोजित रात्रिकालीन विधायक क्रिकेट कप प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विजेता टीम एसके हंटर औराबांधा को जीत की बधाई दी और उप विजेता अखरार इलेवन टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उप मुख्यमंत्री साव ने इस अवसर पर खिलाड़ियों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि फाइनल मुकाबले में युवाओं का जोश और ऊर्जा क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पांच टीमों को क्रिकेट किट वितरित किए और सभी खिलाड़ियों को अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सारिसताल के बागेश्वर इलेवन, अखरार इलेवन, उरई कछार इलेवन, एसपी इलेवन सरईपटेरा और प्रिंस इलेवन कंसरी को क्रिकेट किट प्रदान किए।  साव ने कहा कि गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं निकलें, यही हमारा लक्ष्य है। खेल के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, जो जीवन में सफलता दिलाने में मददगार साबित होता है। खेल युवाओं को स्वस्थ जीवन, अच्छे संस्कार और बेहतर समन्वय की सीख देता है। मुंगेली जिला पंचायत की सभापति सुअनिता साहू और जनपद पंचायत के सभापति वेदराम पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खेलप्रेमी और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।