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जालंधर में गेहूं की 3.31 लाख मीट्रिक टन खरीद, 882 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ

जालंधर जिले की मंडियों में गेहूं की आवक ने अब रफ्तार पकड़ ली है। पंजाब सरकार के एक-एक दाना खरीदने के वादे के बीच जिला प्रशासन ने दावा किया है कि अब तक 3,31,419 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने शुक्रवार को खरीद प्रक्रिया का जायजा लेते हुए बताया कि किसानों को फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी भी कर दी गई है। हालांकि, कागजों में खरीद की रफ्तार जितनी तेज है, मंडियों में लिफ्टिंग की सुस्त चाल ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस सीजन में जिले में कुल 5 लाख 27 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 60 फीसदी से ज्यादा आवक हो चुकी है। डीसी ने खरीद एजेंसियों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि खरीदी गई फसल का स्टॉक मंडियों से तुरंत उठाया जाए। असल में, अगर समय पर लिफ्टिंग नहीं हुई तो आने वाले दिनों में फसल रखने के लिए जगह कम पड़ जाएगी, जिससे जाम जैसी स्थिति बन सकती है। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लिफ्टिंग में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का सबसे बड़ा दावा किसानों को समय पर पेमेंट देने का है। डीसी वालिया के अनुसार, अब तक खरीदी गई फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी सुनिश्चित की गई है।

सुबह उठते ही आईना देखना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें वास्तु के नियम

 हममें से ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि सुबह नींद खुलते ही सबसे पहले आईना देखते हैं. बालों को ठीक करना हो या बस चेहरा देखना, हमें लगता है इसमें बुरा क्या है? लेकिन वास्तु शास्त्र की मानें तो ये छोटी सी आदत आपके पूरे दिन को खराब कर सकती है.   चेहरे पर होती है रात भर की सुस्ती वास्तु कहता है कि जब हम सोकर उठते हैं, तो हमारे शरीर में आलस और नकारात्मक ऊर्जा भरी होती है. आपने गौर किया होगा कि सुबह चेहरा थोड़ा सूजा हुआ और बुझा-बुझा सा दिखता है.  जैसे ही आप आईना देखते हैं, वो नकारात्मक तरंगें आपकी आंखों के जरिए वापस शरीर में चली जाती हैं. नतीजतन पूरा दिन भारीपन और चिड़चिड़ेपन में बीतता है.  खुद को देखने से अच्छा है ईश्वर को याद करना शास्त्रों में सुबह के समय को ब्रह्म मुहूर्त के आसपास का सबसे पवित्र समय माना गया है. धर्मग्रंथों के अनुसार, सुबह उठते ही सबसे पहले अपने इष्ट देव का स्मरण करना चाहिए या अपनी हथेलियों के दर्शन करने चाहिए. हथेलियों के दर्शन का रहस्य हथेलियों को देखते समय इस मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है. "कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती। करमूले स्थितो ब्रह्मा प्रभाते करदर्शनम्॥" इसका अर्थ है कि हाथ के अग्र भाग में माँ लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु (या ब्रह्मा) का वास होता है. जब आप आईना देखते हैं, तो आप इस दैवीय ऊर्जा के बजाय अपनी शारीरिक माया से जुड़ जाते हैं, जिसे अध्यात्म में मोह-माया का प्रतीक माना गया है. बेड के सामने आईना? अगर आपके बेड के ठीक सामने ड्रेसिंग टेबल है और आपकी आंख खुलते ही सबसे पहले अपनी शक्ल दिखती है, तो ये वास्तु के हिसाब से बड़ा दोष है. धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि सोते समय हमारी आत्मा का एक सूक्ष्म अंश शरीर से बाहर विचरण करता है, और आईना उस ऊर्जा को भ्रमित कर सकता है.  इससे घर में तनाव बढ़ता है. तो फिर सुबह उठकर क्या करें? आईने को ढक दें: अगर बेडरूम में आईना है और उसे हटा नहीं सकते, तो रात को सोते समय उस पर एक साफ पर्दा या सफेद कपड़ा डाल दें. यह नकारात्मक ऊर्जा को सोखने से रोकता है. धार्मिक चित्रों के दर्शन: अपने कमरे में ऐसी जगह पर भगवान, उगते हुए सूरज या चहचहाते पक्षियों की तस्वीर लगाएं जहाँ सुबह सबसे पहले आपकी नजर पड़े. शास्त्रों में इसे मंगल दर्शन कहा गया है. हथेलियां चूमकर दिन शुरू करें: बिस्तर छोड़ने से पहले अपनी हथेलियों को देखें, उन्हें अपने चेहरे पर फेरें. इससे हाथों की सकारात्मक ऊर्जा आपके शरीर में प्रवाहित होती है. चेहरा धोने के बाद ही देखें आईना: जब आप फ्रेश हो जाएं, नहा लें या कम से कम ठंडे पानी से आंखें धो लें, तब आईना देखना सुरक्षित माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि जल से शुद्ध होने के बाद शरीर का आभामंडल (Aura) स्वच्छ हो जाता है.

लॉरेंस गैंग पर शिकंजा: AGTF ने हथियारों के साथ सहयोगी को दबोचा

चंडीगढ़. पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजीटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सक्रिय सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपित के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया आरोपित राजस्थान में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपित विभिन्न राज्यों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी थी। एजीटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया और आरोपित को दबोच लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह गैंगस्टर अर्जू बिश्नोई के संपर्क में था, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जाता है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क पंजाब, राजस्थान और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहकर हथियारों की सप्लाई, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपित से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। इसके साथ ही ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक’ यानी इस गैंग से जुड़े पुराने और नए संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। एजीटीएफ की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बड़े गैंग्स के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एजीटीएफ की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि पंब पुलिस राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बाबू खेमानी पर बड़ी कार्रवाई: रेड में 5 महंगी कारें और करोड़ों की दौलत का खुलासा

रायपुर. क्रिकेट सट्टे का मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी के घर शुक्रवार को पुलिस ने छापामार कार्रवाई की। पड़ताल के दौरान पुलिस को 5 महंगी कारों के साथ बाबू खेमानी और उसके परिवार की करोड़ों की संपत्तियों का खुलासा हुआ। गंज पुलिस और क्राइम ब्रांच की 10 टीमों ने शुक्रवार को बाबू के आमानाका के मारुति एनक्लेव स्थित मकान में छापा मारा। सर्च वारंट लेकर पहुंची पुलिस की टीम को घर में बाबू और करण की पत्नियों के अलावा उसकी मां भी मिली। जानकारी के मुताबिक, मारुति एनक्लेव में कान के अलावा रविभवन में मोबाइल दुकान, जोरापारा में गोदाम, महासमुंद – बागबाहरा मेनरोड में 1 एकड़ जमीन के अलावा बीएमडब्ल्यू, क्रेटा सहित अन्य ब्रांड की 5 महंगी कारें मिली है। पुलिस ने बाबू और करण के अलावा उसके पिता के बैंक खातों के ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है। बाबू और करण ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के लिए अलग-अलग नाम से 50 से अधिक आईडी बनाए थे। कई म्यूल खातों का भी इस्तेमाल किया गया है। कई आपत्तिजनक वीडियो आरोपी बाबू पहले महादेवबुक ऐप से जुड़ा था। इसके बाद सट्टे का अपना काम शुरू कर दिया था। बाबू और उसके भाई करण से जुड़े लोगों की भी पुलिस जांच कर रही है। खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताने वाला बाबू खेमानी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया में रील और वीडियो बनाता था। इसमें से कई वीडियो गाली-गलौज व आपत्तिजनक भी है। पूर्व महापौर के भतीजे से दोस्ती सटोरिया बाबू खेमानी के साथ शहर के पूर्व महापौर के भतीजे का वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है। इसमें दोनों गाली-गलौज में बातचीत कर रहे है। उल्लेखनीय है कि कबीर नगर सट्टे पर कार्रवाई के दौरान बाबू के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था। इसमें उसका चचेरा भाई ओम खेमानी पकड़ा गया था। उस दौरान बाबू और करण के बारे में पुलिस को जानकारी मिल गई थी।

दशकों का अंधेरा टूटा, अबूझमाड़ के ईरपानार गाँव में पहली बार पहुँची बिजली

दशकों का अँधेरा टूटा, अबूझमाड़ के ईरपानार गाँव में पहली बार पहुँची बिजली रायपुर कभी नक्शे पर नाम भर रह गया ईरपानार आज उम्मीदों की नई पहचान बन गया है। अबूझमाड़ के गहरे जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम पगडंडियों के बीच बसे इस छोटे से गांव में पहली बार बिजली पहुँची है। वर्षों तक अंधेरे में जीवन गुजारने वाले ग्रामीणों के घरों में जब पहली बार बल्ब जले, तो गांव ने सिर्फ उजाला नहीं देखा, बल्कि विकास को महसूस किया। ईरपानार नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन यह दूरी सामान्य रास्ते जैसी नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए कच्चे मार्ग, पहाड़ी चढ़ाई, घने वन क्षेत्र और कई स्थानों पर पैदल सफर करना पड़ता है। बरसात के मौसम में संपर्क और भी कठिन हो जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, नारायणपुर संभाग ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया। कार्यपालन अभियंता सहित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मिशन मोड में काम कर सफलता हासिल की।  घने जंगलों के बीच चला विकास अभियान  कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि ईरपानार तक बिजली पहुंचाना सामान्य तकनीकी कार्य नहीं था। कई हिस्सों में बिजली खंभे, तार और सामग्री पहुंचाने के लिए कठिन श्रम करना पड़ा। टीम को ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों, जंगलों और सीमित संसाधनों के बीच काम करना पड़ा। कई स्थानों पर मशीनों की बजाय मानव श्रम और स्थानीय सहयोग से सामग्री पहुंचाई गई।बिजली लाइन विस्तार, पोल स्थापना और कनेक्शन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कर विभागीय टीम ने मिसाल पेश की है। ₹56.11 लाख की लागत, लेकिन असर पीढ़ियों तक ग्राम ईरपानार के विद्युतीकरण कार्य पर कुल ₹56.11 लाख की लागत आई। इस परियोजना के तहत गांव के परिवारों को पहली बार विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया , एवं उस सोच का प्रतीक है जिसमें अंतिम छोर पर बसे परिवार को भी विकास का समान अधिकार दिया जा रहा है। अब बच्चों के सपनों को मिलेगा उजाला बिजली आने से अब गांव के बच्चों को रात में पढ़ाई के लिए रोशनी मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग जैसी सामान्य सुविधा, जो शहरों में सहज है, अब यहां भी उपलब्ध होगी। पंखे, लाइट और छोटे घरेलू उपकरणों से जीवन आसान होगा। भविष्य में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, संचार सुविधाओं और छोटे व्यवसायों के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।  ग्रामीणों की आंखों में दिखी खुशी  जब पहली बार गांव में बल्ब जले, तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर उत्साह दिखाई दिया। कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने अपने घरों में पहली बार स्थायी रोशनी देखी है। वर्षों से लालटेन, लकड़ी और सीमित साधनों पर निर्भर जीवन अब बदलने लगा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और बिजली विभाग की टीम के प्रति आभार जताया। लोगों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक दिन बताया।  अबूझमाड़ में बदलाव की नई शुरुआत   ईरपानार जैसे अन्य दूरस्थ गांवों को भी प्राथमिकता के आधार पर बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।

मई 2026 में बनेगा द्विद्वादश राजयोग, इन राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

 ज्योतिष शास्त्र में जब दो ग्रह एक-दूसरे से 30 डिग्री के अंतर पर स्थित होते हैं, तो उसे द्विद्वादश योग कहा जाता है. मई का महीना बहुत ही विशेष माना जा रहा है. दरअसल, मई के महीने में कई सारे शुभ योगों का निर्माण होने जा रहा है, जिनमें से एक है द्विद्वादश राजयोग. द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 मई 2026, सोमवार की सुबह करीब 06:36 बजे एक महत्वपूर्ण ग्रह स्थिति बनने जा रही है. इस समय शुक्र और गुरु ग्रह एक-दूसरे से 30 डिग्री के कोण पर रहेंगे, जिससे द्विद्वादश योग का निर्माण होगा. ज्योतिष में शुक्र को सुख, प्रेम, धन और विलासिता का प्रतीक माना जाता है, जबकि गुरु ज्ञान, भाग्य और समृद्धि से जुड़ा ग्रह है. ऐसे में इन दोनों शुभ ग्रहों का यह संबंध कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. यह प्रभाव कुछ दिनों तक बना रह सकता है. तो आइए जानते हैं कि द्विद्वादश योग से किन राशियों को लाभ होगा. वृषभ राशि वृषभ राशि के लोगों के लिए यह समय भावनात्मक और पारिवारिक रूप से सुखद रहेगा. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. जीवन के प्रति नजरिया सकारात्मक बनेगा. प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा. आध्यात्मिक चीजों की ओर भी झुकाव बढ़ सकता है. तुला राशि तुला राशि वालों के लिए यह योग खुशहाली के संकेत दे रहा है. घर-परिवार में सुख-सुविधाएं बढ़ सकती हैं. समाज में आपकी पहचान मजबूत होगी. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. करियर में भी अच्छे मौके मिल सकते हैं. प्रेम जीवन में नई शुरुआत या मजबूती आने की संभावना है. धनु राशि धनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला साबित हो सकता है. व्यापार में लाभ के योग बनेंगे. दांपत्य जीवन में खुशियां बढ़ेंगी. अचानक धन लाभ के मौके मिल सकते हैं. धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी, जिससे मानसिक संतुलन बना रहेगा. मीन राशि मीन राशि के लोगों के लिए यह योग कई क्षेत्रों में प्रगति का संकेत दे रहा है. घर और संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा हो सकता है. शिक्षा, कला और रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. रिश्तों में सुधार आएगा और सफलता के नए रास्ते खुल सकते हैं. परिवार से जुड़े मामलों में धैर्य रखना फायदेमंद रहेगा.

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग ने दिया महत्वपूर्ण अपडेट, पूरा प्लान किया साझा

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग ने एक बड़ा अपडेट दिया है। दरअसल, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अपनी वेबसाइट पर एक नोटिफिकेशन जारी कर आगे की बैठकों के बारे में बताया है। वेतन आयोग के मुताबिक 28 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक दिल्ली में होने वाली बैठकों में भाग लेने और आयोग से बातचीत करने के लिए बड़ी संख्या में अनुरोध प्राप्त हुए हैं। हालांकि, सीमित समय और व्यस्त कार्यक्रम के कारण सभी अनुरोधों को स्वीकार कर पाना संभव नहीं है। हालांकि, वेतन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों के दौरान अधिकतम संख्या में यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और विभिन्न एसोसिएशनों से संवाद करने का प्रयास किया जाएगा लेकिन हर संगठन को समय देना कठिन हो सकता है। वेतन आयोग का कहना है कि आने वाले महीनों में दिल्ली के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी बैठकें आयोजित की जाएगी। इन बैठकों के बारे में वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी दी जाएगी। आयोग ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर से बाहर के इच्छुक हितधारक अपने राज्य या नजदीकी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में आयोग से मुलाकात के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों के संगठनों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें दिल्ली आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पिछले साल वेतन आयोग का गठन बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया था। जनवरी महीने में ऐलान के बाद नवंबर में वेतन आयोग के चेयरमैन और अन्य सदस्यों का गठन हुआ। वहीं, इसी साल फरवरी में वेतन आयोग ने आधिकारिक वेबसाइट को लॉन्च किया है। वेतन आयोग इस वेबसाइट पर हर जरूरी अपडेट साझा करेगा। 18 महीने का इंतजार वेतन आयोग के गठन के बाद 18 महीनों में सिफारिशों की रिपोर्ट सरकार को सौंपना है। यह सरकार को तय करना है कि वह वेतन आयोग की सिफारिशें अक्षरश: मान लेगी या संशोधन करेगी। बहरहाल, वेतन आयोग पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से अपनी मांगें और सुझाव रखने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न कर्मचारी संघों में उत्सुकता बनी हुई है। वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों में संशोधन, पेंशन सुधार और सेवा शर्तों में बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर कई संगठन आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन आयोग अब सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में बैठकों का दौर शुरू हुआ है। आगामी महीनों में होने वाली बैठकों के आधार पर वेतन और पेंशन से जुड़े बड़े फैसलों की दिशा तय हो सकती है।

पारिवारिक पेंशन पर बड़ा फैसल,अवैध विवाह से पत्नी को नहीं मिलेगा अधिकार

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने परिवारिक पेंशन (फैमिली पेंशन) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ वैध (कानूनी रूप से मान्य) पत्नी ही पेंशन की हकदार होती है। अवैध विवाह से किसी महिला को न तो पत्नी का दर्जा मिलता है और न ही विधवा होने के दावे से फैमिली पेंशन का अधिकार। महिला ने मृत सेना अधिकारी की दूसरी पत्नी होने का दावा करते हुए फैमिली पेंशन देने की मांग की थी। याची ने कहा था कि उसका विवाह उस समय हुआ था जब अधिकारी की पहली शादी वैध थी और पहली पत्नी जिंदा थी। बाद में पहली पत्नी की मृत्यु हो गई और ऐसे में अब वह अधिकारी की विधवा होने के नाते फैमिली पेंशन की हकदार है। इस पर कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पेंशन का अधिकार मृत कर्मचारी की मृत्यु के समय मौजूद वैध वैवाहिक स्थिति पर निर्भर करता है। बाद की परिस्थितियों से यह अधिकार पैदा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दूसरी शादी, यदि पहली शादी के दौरान हुई है, तो वह स्वतः अवैध है। पहली पत्नी की मृत्यु से इस अवैध विवाह को बाद में वैध नहीं बनाया जा सकता। पहली शादी वैध रहते दूसरी शादी कानूनन शून्य होती है। ऐसी शादी से महिला को पत्नी या विधवा का कानूनी दर्जा नहीं मिलता। इन परिस्थितियों में पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भी दूसरी शादी को वैध नहीं माना जा सकता, इसलिए पेंशन का अधिकार बाद में भी उत्पन्न नहीं हो सकता।  – जस्टिस संदीप मौदगिल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट  

इंस्टाग्राम लेकर आया नया फीचर ऐप, स्नैपचैट जैसा है ‘Instants’

इंस्टाग्राम ने एक नया ऐप अनवील किया है, जिसका नाम इंस्टैंट्स है. यह  इमेज शेयरिंग फीचर के साथ आता है. ये स्नैपचैट से इंस्पायर्ड है. इंस्टैंट्स से बाद भेजे गए इमेज एक बार देखने के बाद खुद ब खुद डिलीट हो जाते हैं या 24 घंटे के बाद ऑटोमेटिक डिलीट हो जाएंगे. इंस्टाग्राम की पुराना इतिहास रहा है कि वह अपने राइव्ल्स ऐप के पॉपुलर फीचर को कॉपी करता है. इसमें एक सबसे बड़ा उदाहरण रील्स है, जो टिकटॉक से इंस्पायर्ड है. इसी तरह से स्नैपचैट ने साल 2013 में स्टोरीज फॉर्मेट को पेश किया था. बाद में इंस्टाग्राम ने साल 2016 में अपने प्लेटफॉर्म में इस फीचर को पेश शामिल कर दिया है. अब इसी तरह से इंस्टाग्राम ने फिर से ये काम किया है. प्राइवेसी के लिए भी खास है न्यू ऐप इंस्टाग्राम ने अब इमेज शेयरिंग फीचर वाले इंस्टैंट्स को पेश किया है. प्राइवेसी के मद्देनजर यह एक अच्छा ऐप साबित होगा. यूजर्स सीक्रेट फोटो पर इसको यूज कर सकते हैं. इंस्टाग्राम ने Instants को थोड़ा बेहतर बनाने की कोशिश की है. इंस्टाग्राम ने इसमें 24 घंटे की टाइम लाइन को शामिल किया है. फोटो को रियल और अनफिल्टर्ड रखने के लिए ये फीचर यूजर्स को सिर्फ कैप्चर के लिए सिंगल टैप का ऑप्शन देगा और इसमें कोई एडिटिंग ऑप्शन नहीं मिलेगा. इंस्टाग्राम ने इंस्टैंट को क्यों पेश किया? रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम ऐप से अलग इंस्टैंट्स का फोकस रियल टाइम शेयरिंग, रॉ इमेज इमेज पर है. इसमें फोटो शेयर करने के बाद जब कोई यूजर्स उसे एक बार देख लेता है तो वह उसके बाद ऑटोमेटिक डिलीट हो जाएगी. यह फोटो सिर्फ 24 घंटे तक ही रहती है. इंस्टाग्राम न्यू ऐप की मदद से इंफ्लुएंसर्स की तरफ फोकस को बढ़ाना चाहती है. इसमें वह विज्ञापनों की संख्या को भी शामिल करेगा. आने वाले दिनों में इसको लेकर और भी अपडेट आएंगे.

UK Board Result 2026 घोषित,10वीं-12वीं के टॉपर्स की सूची जारी

देहरादून उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) ने वर्ष 2026 के 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं.  राज्य के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने शनिवार को परिणाम जारी किए. छात्र ऑफिशियल वेबसाइट  ubse.uk.gov.in और uaresults.nic.in पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं. इस साल 10वीं का कुल पास प्रतिशत 92.10% रहा जबकि 12वीं का पास प्रतिशत 85.11% दर्ज किया गया है. उत्तराखंड बोर्ड 10वीं और 12वीं का बोर्ड रिजल्ट जारी कर दिया गया है. इस साल 10वीं में 92.10% और 12वीं में 85.11% छात्र पास हुए. रिजल्ट जारी करने के साथ ही बोर्ड ने टॉपर्स की लिस्ट भी जारी कर दी है.  छात्र आधिकारिक वेबसाइट ubse.uk.gov.in और uaresults.nic.in पर रिजल्ट चेक कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर भरना होगा जिसके बाद वे अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड भी कर पाएंगे.   हाईस्कूल (10वीं) में रामनगर स्थित एमपी इंटर कॉलेज के छात्र अक्षत गोयल ने 500 में से 491 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. वहीं, इंटरमीडिएट (12वीं) में बागेश्वर की गीतिका पंत और ऊधमसिंह नगर की सुशीला मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से टॉप किया है. दोनों छात्राओं ने 490-490 अंक प्राप्त किए हैं. कुल कितने छात्र हुए पास? उत्तराखंड बोर्ड 12वीं का कुल पास प्रतिशत 85.11 प्रतिशत रहा. इस साल लड़कियों का प्रदर्शन बेहतर रहा जिनका पास प्रतिशत 88.09% रहा, जबकि लड़कों का 81.93% रहा. ऐसे चेक करें रिजल्ट     उत्तराखंड बोर्ड 10वीं और 12वीं का  रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट ubse.uk.gov.in पर देख सकते हैं-     सबसे पहले बोर्ड आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.     इसके बाद होमपेज पर बोर्ड एग्जाम सेक्शन में जाकर रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें.     इसके बाद 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिंक को चुनें.     अपना रोल नंबर और कैप्चा कोड डालें और गेट रिजल्ट पर क्लिक कर दें. स्क्रीन पर रिजल्ट शो होने लगेगा.