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मई 2026 में बनेगा द्विद्वादश राजयोग, इन राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

 ज्योतिष शास्त्र में जब दो ग्रह एक-दूसरे से 30 डिग्री के अंतर पर स्थित होते हैं, तो उसे द्विद्वादश योग कहा जाता है. मई का महीना बहुत ही विशेष माना जा रहा है. दरअसल, मई के महीने में कई सारे शुभ योगों का निर्माण होने जा रहा है, जिनमें से एक है द्विद्वादश राजयोग. द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 मई 2026, सोमवार की सुबह करीब 06:36 बजे एक महत्वपूर्ण ग्रह स्थिति बनने जा रही है. इस समय शुक्र और गुरु ग्रह एक-दूसरे से 30 डिग्री के कोण पर रहेंगे, जिससे द्विद्वादश योग का निर्माण होगा. ज्योतिष में शुक्र को सुख, प्रेम, धन और विलासिता का प्रतीक माना जाता है, जबकि गुरु ज्ञान, भाग्य और समृद्धि से जुड़ा ग्रह है. ऐसे में इन दोनों शुभ ग्रहों का यह संबंध कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. यह प्रभाव कुछ दिनों तक बना रह सकता है. तो आइए जानते हैं कि द्विद्वादश योग से किन राशियों को लाभ होगा. वृषभ राशि वृषभ राशि के लोगों के लिए यह समय भावनात्मक और पारिवारिक रूप से सुखद रहेगा. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. जीवन के प्रति नजरिया सकारात्मक बनेगा. प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा. आध्यात्मिक चीजों की ओर भी झुकाव बढ़ सकता है. तुला राशि तुला राशि वालों के लिए यह योग खुशहाली के संकेत दे रहा है. घर-परिवार में सुख-सुविधाएं बढ़ सकती हैं. समाज में आपकी पहचान मजबूत होगी. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. करियर में भी अच्छे मौके मिल सकते हैं. प्रेम जीवन में नई शुरुआत या मजबूती आने की संभावना है. धनु राशि धनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला साबित हो सकता है. व्यापार में लाभ के योग बनेंगे. दांपत्य जीवन में खुशियां बढ़ेंगी. अचानक धन लाभ के मौके मिल सकते हैं. धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी, जिससे मानसिक संतुलन बना रहेगा. मीन राशि मीन राशि के लोगों के लिए यह योग कई क्षेत्रों में प्रगति का संकेत दे रहा है. घर और संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा हो सकता है. शिक्षा, कला और रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. रिश्तों में सुधार आएगा और सफलता के नए रास्ते खुल सकते हैं. परिवार से जुड़े मामलों में धैर्य रखना फायदेमंद रहेगा.

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग ने दिया महत्वपूर्ण अपडेट, पूरा प्लान किया साझा

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग ने एक बड़ा अपडेट दिया है। दरअसल, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अपनी वेबसाइट पर एक नोटिफिकेशन जारी कर आगे की बैठकों के बारे में बताया है। वेतन आयोग के मुताबिक 28 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक दिल्ली में होने वाली बैठकों में भाग लेने और आयोग से बातचीत करने के लिए बड़ी संख्या में अनुरोध प्राप्त हुए हैं। हालांकि, सीमित समय और व्यस्त कार्यक्रम के कारण सभी अनुरोधों को स्वीकार कर पाना संभव नहीं है। हालांकि, वेतन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों के दौरान अधिकतम संख्या में यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और विभिन्न एसोसिएशनों से संवाद करने का प्रयास किया जाएगा लेकिन हर संगठन को समय देना कठिन हो सकता है। वेतन आयोग का कहना है कि आने वाले महीनों में दिल्ली के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी बैठकें आयोजित की जाएगी। इन बैठकों के बारे में वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी दी जाएगी। आयोग ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर से बाहर के इच्छुक हितधारक अपने राज्य या नजदीकी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में आयोग से मुलाकात के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों के संगठनों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें दिल्ली आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पिछले साल वेतन आयोग का गठन बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया था। जनवरी महीने में ऐलान के बाद नवंबर में वेतन आयोग के चेयरमैन और अन्य सदस्यों का गठन हुआ। वहीं, इसी साल फरवरी में वेतन आयोग ने आधिकारिक वेबसाइट को लॉन्च किया है। वेतन आयोग इस वेबसाइट पर हर जरूरी अपडेट साझा करेगा। 18 महीने का इंतजार वेतन आयोग के गठन के बाद 18 महीनों में सिफारिशों की रिपोर्ट सरकार को सौंपना है। यह सरकार को तय करना है कि वह वेतन आयोग की सिफारिशें अक्षरश: मान लेगी या संशोधन करेगी। बहरहाल, वेतन आयोग पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से अपनी मांगें और सुझाव रखने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न कर्मचारी संघों में उत्सुकता बनी हुई है। वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों में संशोधन, पेंशन सुधार और सेवा शर्तों में बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर कई संगठन आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन आयोग अब सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में बैठकों का दौर शुरू हुआ है। आगामी महीनों में होने वाली बैठकों के आधार पर वेतन और पेंशन से जुड़े बड़े फैसलों की दिशा तय हो सकती है।

पारिवारिक पेंशन पर बड़ा फैसल,अवैध विवाह से पत्नी को नहीं मिलेगा अधिकार

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने परिवारिक पेंशन (फैमिली पेंशन) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ वैध (कानूनी रूप से मान्य) पत्नी ही पेंशन की हकदार होती है। अवैध विवाह से किसी महिला को न तो पत्नी का दर्जा मिलता है और न ही विधवा होने के दावे से फैमिली पेंशन का अधिकार। महिला ने मृत सेना अधिकारी की दूसरी पत्नी होने का दावा करते हुए फैमिली पेंशन देने की मांग की थी। याची ने कहा था कि उसका विवाह उस समय हुआ था जब अधिकारी की पहली शादी वैध थी और पहली पत्नी जिंदा थी। बाद में पहली पत्नी की मृत्यु हो गई और ऐसे में अब वह अधिकारी की विधवा होने के नाते फैमिली पेंशन की हकदार है। इस पर कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पेंशन का अधिकार मृत कर्मचारी की मृत्यु के समय मौजूद वैध वैवाहिक स्थिति पर निर्भर करता है। बाद की परिस्थितियों से यह अधिकार पैदा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दूसरी शादी, यदि पहली शादी के दौरान हुई है, तो वह स्वतः अवैध है। पहली पत्नी की मृत्यु से इस अवैध विवाह को बाद में वैध नहीं बनाया जा सकता। पहली शादी वैध रहते दूसरी शादी कानूनन शून्य होती है। ऐसी शादी से महिला को पत्नी या विधवा का कानूनी दर्जा नहीं मिलता। इन परिस्थितियों में पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भी दूसरी शादी को वैध नहीं माना जा सकता, इसलिए पेंशन का अधिकार बाद में भी उत्पन्न नहीं हो सकता।  – जस्टिस संदीप मौदगिल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट  

इंस्टाग्राम लेकर आया नया फीचर ऐप, स्नैपचैट जैसा है ‘Instants’

इंस्टाग्राम ने एक नया ऐप अनवील किया है, जिसका नाम इंस्टैंट्स है. यह  इमेज शेयरिंग फीचर के साथ आता है. ये स्नैपचैट से इंस्पायर्ड है. इंस्टैंट्स से बाद भेजे गए इमेज एक बार देखने के बाद खुद ब खुद डिलीट हो जाते हैं या 24 घंटे के बाद ऑटोमेटिक डिलीट हो जाएंगे. इंस्टाग्राम की पुराना इतिहास रहा है कि वह अपने राइव्ल्स ऐप के पॉपुलर फीचर को कॉपी करता है. इसमें एक सबसे बड़ा उदाहरण रील्स है, जो टिकटॉक से इंस्पायर्ड है. इसी तरह से स्नैपचैट ने साल 2013 में स्टोरीज फॉर्मेट को पेश किया था. बाद में इंस्टाग्राम ने साल 2016 में अपने प्लेटफॉर्म में इस फीचर को पेश शामिल कर दिया है. अब इसी तरह से इंस्टाग्राम ने फिर से ये काम किया है. प्राइवेसी के लिए भी खास है न्यू ऐप इंस्टाग्राम ने अब इमेज शेयरिंग फीचर वाले इंस्टैंट्स को पेश किया है. प्राइवेसी के मद्देनजर यह एक अच्छा ऐप साबित होगा. यूजर्स सीक्रेट फोटो पर इसको यूज कर सकते हैं. इंस्टाग्राम ने Instants को थोड़ा बेहतर बनाने की कोशिश की है. इंस्टाग्राम ने इसमें 24 घंटे की टाइम लाइन को शामिल किया है. फोटो को रियल और अनफिल्टर्ड रखने के लिए ये फीचर यूजर्स को सिर्फ कैप्चर के लिए सिंगल टैप का ऑप्शन देगा और इसमें कोई एडिटिंग ऑप्शन नहीं मिलेगा. इंस्टाग्राम ने इंस्टैंट को क्यों पेश किया? रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम ऐप से अलग इंस्टैंट्स का फोकस रियल टाइम शेयरिंग, रॉ इमेज इमेज पर है. इसमें फोटो शेयर करने के बाद जब कोई यूजर्स उसे एक बार देख लेता है तो वह उसके बाद ऑटोमेटिक डिलीट हो जाएगी. यह फोटो सिर्फ 24 घंटे तक ही रहती है. इंस्टाग्राम न्यू ऐप की मदद से इंफ्लुएंसर्स की तरफ फोकस को बढ़ाना चाहती है. इसमें वह विज्ञापनों की संख्या को भी शामिल करेगा. आने वाले दिनों में इसको लेकर और भी अपडेट आएंगे.

UK Board Result 2026 घोषित,10वीं-12वीं के टॉपर्स की सूची जारी

देहरादून उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) ने वर्ष 2026 के 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं.  राज्य के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने शनिवार को परिणाम जारी किए. छात्र ऑफिशियल वेबसाइट  ubse.uk.gov.in और uaresults.nic.in पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं. इस साल 10वीं का कुल पास प्रतिशत 92.10% रहा जबकि 12वीं का पास प्रतिशत 85.11% दर्ज किया गया है. उत्तराखंड बोर्ड 10वीं और 12वीं का बोर्ड रिजल्ट जारी कर दिया गया है. इस साल 10वीं में 92.10% और 12वीं में 85.11% छात्र पास हुए. रिजल्ट जारी करने के साथ ही बोर्ड ने टॉपर्स की लिस्ट भी जारी कर दी है.  छात्र आधिकारिक वेबसाइट ubse.uk.gov.in और uaresults.nic.in पर रिजल्ट चेक कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर भरना होगा जिसके बाद वे अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड भी कर पाएंगे.   हाईस्कूल (10वीं) में रामनगर स्थित एमपी इंटर कॉलेज के छात्र अक्षत गोयल ने 500 में से 491 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. वहीं, इंटरमीडिएट (12वीं) में बागेश्वर की गीतिका पंत और ऊधमसिंह नगर की सुशीला मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से टॉप किया है. दोनों छात्राओं ने 490-490 अंक प्राप्त किए हैं. कुल कितने छात्र हुए पास? उत्तराखंड बोर्ड 12वीं का कुल पास प्रतिशत 85.11 प्रतिशत रहा. इस साल लड़कियों का प्रदर्शन बेहतर रहा जिनका पास प्रतिशत 88.09% रहा, जबकि लड़कों का 81.93% रहा. ऐसे चेक करें रिजल्ट     उत्तराखंड बोर्ड 10वीं और 12वीं का  रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट ubse.uk.gov.in पर देख सकते हैं-     सबसे पहले बोर्ड आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.     इसके बाद होमपेज पर बोर्ड एग्जाम सेक्शन में जाकर रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें.     इसके बाद 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिंक को चुनें.     अपना रोल नंबर और कैप्चा कोड डालें और गेट रिजल्ट पर क्लिक कर दें. स्क्रीन पर रिजल्ट शो होने लगेगा.  

डेयरी सेक्टर में बदलाव,आईटी लैब से गाय-भैंस की जल्दी प्रेग्नेंसी टेस्टिंग

लखनऊ यूपी में करीब और 190.20 लाख गोवंश 330.10 लाख भैंस हैं। इसमें प्रजनन योग्य 89.36 लाख गाय और 153.12 लाख भैंस हैं। इसमें करीब एक लाख गाय भैंस में समय से गर्भ धारण नहीं करने की समस्या पाई जाती है। अभी तक पशुओं के गर्भवती होने की जांच तीन माह में हो पाती हैं। यदि कोई गाय या भैंस गर्भ नहीं धारण की है तो तीन से चार माह बाद ही उसे दोबारा गर्भ धारण कराया जाता है। इस अंतर को कम करने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश में आईटी इनैबल्ड पशु गर्भपरीक्षण प्रयोगशाला बनाई जा रही है। इन प्रयोगशाला में किट के जरिये 28 दिन में ही जांच हो सकेगी। यदि कोई गाय भैस गर्भवती नहीं हुई है तो किसान माहभर बाद ही उसे दोबारा सीमेन चढ़वा सकेगा। साथ ही पशु चिकित्सक से संपर्क करके उसका उपचार भी करा सकेगा। इसकी शुरुआत बुंदेलखंड, पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच ब्लॉकों से की जा रही है। यानी हर क्षेत्र में एक-एक ब्लॉक का चयन किया जा रहा है। कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए अतिहिमीकृत वीर्य द्वारा कृत्रिम गर्भाधान को बढावा दिए जाने की नीति बनाई गई है। सभी पशु अस्पतालों में हिमीकृत बीज रखने के लिए अलग अत्याधुनिक लैब भी बनाई जा रही है। इसी तरह विदेशी नस्ल के सांडों के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान कराकर संकर नस्ल तैयार कर दूध की मात्रा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को दी जाएंगी गाय गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि कई गौशाला में अच्छी नस्ल की गायें हैं। इन गायों का उपचार कराया गया है। कुछ गर्भवती भी हैं। इन्हें किसानों को दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुदेलखंड में यह प्रयोग काफी सफल रहा है।  

अमेरिका-ब्रिटेन को टक्कर देंगी भारतीय मिसाइलें: अपग्रेड मिशन तेज, Prahlada Ramarao का हिसार दौरा

हिसार. अगर युद्ध के मैदान में भारत का वर्चस्व कायम रखना है तो हमें अमेरिका, ब्रिटेन, इटली व फ्रांस जैसे देशों की सुपर हाइपरसोनिक मिसाइलों को चकमा दे नष्ट करने वाली एंटी-बैलिस्टिक राकेट की जरूरत है। इसके लिए भारतीय वैज्ञानिक मिसाइलों को अपग्रेड करने के लिए 3 बिंदुओं पर काम कर रहे हैं, जिनमें रफ्तार-घुमावदार व ब्रेन सिस्टम शामिल है। ये बात पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने कही। वे शुक्रवार को गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय स्थित चौधरी रणबीर सिंह आडिटोरियम में आयोजित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। दैनिक जागरण के संवाददाता ने उनसे बातचीत की, जिसमें उन्होंने ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों के परीक्षण से लेकर भविष्य की तैयारियों को लेकर कई जानकारियां साझा भी की। सेना ने की एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड मुख्यातिथि एवं पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा रामाराओ ने बताया कि 1985 में भारत का बांग्लादेश के साथ विवाद चल रहा था। जिसमें बांग्लादेश ने कुछ मिसाइलों से भारत में अटैक किए। जिसको रोकने के लिए भारतीय सेना ने सरकार से एडवांस एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की डिमांड की थी। तब सरकार ने हाई लेवल की मीटिंग बुलाई, जिसमें सेना, वैज्ञानिक, नीति आयोग सहित अन्य क्षेत्रों के टाप अधिकारी मौजूद रहे। जिसमें थल व वायु सेना के टाप अधिकारियों ने मिसाइलों का ड्राफ्ट तैयार कर वैज्ञानिकों की टीम को दिया। इस दौरान टीम में डा. एपीजे अब्दुल कलाम भी मौजूद रहे। ब्राह्मोस व आकाश मिसाइलों ने एकसाथ हिट किए थे तीन टारगेट मुख्यातिथि ने बताया कि ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल बनाने में करीब 10 साल लगे। 1995 में ब्राह्मोस व आकाश मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया। इस दौरान थल व वायु सेना के टाप अधिकारी मौजूद थे। दोनों मिसाइलों ने मात्र 5 सेकेंड के अंदर एकसाथ तीन टारगेट को हिट किया। रूस के साथ तैयार की मिसाइल पद्मश्री वैज्ञानिक डा. प्रह्लादा ने बताया कि ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने के लिए 15 साल का समय मांगा गया था। लेकिन रूस ने भारत के साथ मिलकर जेवी टीम बनाई, जिसमें दोनों देशों के वैज्ञानिकों ने मिलकर 5 साल के अंदर ही ब्राह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तैयार की।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयार,सरकारी स्कूलों में पढ़ाई अनिवार्य करने पर जोर

पटना  बिहार में मंत्रियों और अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे। इसे लेकर राज्य सरकार जल्द ही ठोस कदम उठा सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र किया। सीएम सम्राट चौधरी का स्पष्ट कहना था कि राज्य में शिक्षा की ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे मंत्री और अधिकारी के बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ने को बाध्य हो। इसी दिशा में जुलाई में राज्य के 209 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज को चालू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही स्कूल और कॉलेज में छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी की तैनाती की जाएगी। नवंबर में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई घोषणाएं की। उन्होंने बताया कि एनडीए सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर नवंबर में पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में 1.36 लाख करोड़ रुपये के बिहार में निवेश हुए। लेकिन, सरकार की उपलब्धियों को जिस तरह जनता के बीच पहुंचाना चाहिए था नहीं पहुंचा पाई। मेरी सरकार की प्राथमिकता रोजगार, कारोबार बढ़ावा देना और प्रवासन रोकना है। प्रखंड,अंचल और थानों पर सीएमओ की सीधी नजर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से जन समस्याओं के निदान के लिए प्रखंड, अंचल और थानों पर मुख्यमंत्री सचिवालय (सीएमओ) के माध्यम से सीधी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत पर बीमा कंपनियों की ओर से परिजनों को चार लाख और राज्य सरकार की ओर से भी चार लाख दिए जाएंगे। घोषणाओं को लागू करने के लिए ठोस कदम सीएम सम्राट चौधरी की ओर से शिक्षा, निवेश और जन समस्याओं के निदान को लेकर विधानसभा में जो ऐलान किया है, इसे प्रभावी बनाने के लिए सम्राट चौधरी जल्द की कोई ठोस निर्णय ले सकते हैं। इसके अलावा स्वच्छ प्रशासन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कई बड़े फैसले ले सकते हैं। कैबिनेट विस्तार के बाद सख्त फैसला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व की नीतीश सरकार में भी कई सख्त फैसला लेकर सभी को चौंकाने का काम किया। अब राज्य की बागडोर संभालने के बाद उनकी ओर से कई महत्वपूर्ण फैसला लिए जाने की संभावना है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैबिनेट विस्तार के बाद ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सभी को विश्वास में लेकर सख्त फैसला लेंगे, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो और युवाओं को रोजगार मिल सके।  

पंजाब के लुधियाना में बिजली गुल, मॉक ड्रिल के दौरान 30 लोगों का रेस्क्यू

लुधियाना. शहर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार रात जिला प्रशासन ने 15 मिनट का ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित कर अपनी तत्परता का दमदार प्रदर्शन किया। रात 7:55 बजे सायरन बजते ही पूरे इलाके में अलर्ट जारी हुआ और ठीक 8 बजे पीएयू, किचलू नगर, अग्र नगर सहित कई क्षेत्रों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। अंधेरे में डूबे इन इलाकों में अचानक बना आपातकालीन माहौल वास्तविक स्थिति जैसा प्रतीत हुआ। इस दौरान विभिन्न एजेंसियों ने मिलकर राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया। खासतौर पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) परिसर में एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति का दृश्य तैयार कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को सुरक्षित निकालने का हुआ अभ्यास मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस, नगर निगम और पंजाब होम गार्ड्स की टीमों ने संयुक्त रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। टीमों ने यह अभ्यास किया कि आपदा के समय घायलों को सुरक्षित कैसे निकाला जाए, मौके पर प्राथमिक उपचार कैसे दिया जाए और उन्हें तेजी से अस्पताल कैसे पहुंचाया जाए। मॉक ड्रिल के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल और भीड़ प्रबंधन की भी रिहर्सल की गई। एंबुलेंस के जरिए डमी घायलों को अस्पताल पहुंचाकर आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और प्रतिक्रिया समय का आकलन किया गया। पूरी प्रक्रिया मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत संचालित की गई। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर पूनम सिंह ने कहा कि ऐसे अभ्यास किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। दो मिनट तक लगातार बजा सायरन मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद ‘आल क्लियर’ सिग्नल के तौर पर दो मिनट तक लगातार सायरन बजाया गया, जिसके बाद बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। नायब तहसीलदार रंजीत सिंह ने इसे सफल बताते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास से विभागों के बीच समन्वय मजबूत होता है और रिस्पान्स टाइम बेहतर होता है। इस दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने मिलकर शहर की सुरक्षा तैयारियों की मजबूत झलक पेश की।

Naxal Surrender: तेलंगाना में बड़ा समर्पण, कमांडर हेमला के साथ 47 माओवादी छोड़ेंगे हथियार

जगदलपुर. नक्सल मोर्चा में तेलंगाना में हलचल नजर आ रही है. 18 वर्षीय महिला माओवादी मुडियम रामे उर्फ राजिता के आत्मसमर्पण के बाद छत्तीसगड़ कैडर के 47 और नक्सली समर्पण की तैयारी में हैं. यह हलचल भले ही तेलंगाना में हो रही है, लेकिन इसका असर बस्तर में भी पड़ेगा, क्योंकि समर्पण करने वाले तमाम नक्सली बस्तर क्षेत्र में सक्रिय थे. तेलंगाना के मुलुगु जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां 18 वर्षीय मुडियम रामे उर्फ राजिता ने मुलुगु पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला लिया. मुलुगु एसपी सुधीर रामनाथ केकान ने उसे 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. बीजापुर जिले के बसागुड़ा क्षेत्र की रहने वाली मुडियम रामे उर्फ राजिता साउथ बस्तर डिवीजनल कमेटी में पार्टी सदस्य के तौर पर सक्रिय थी. इसके साथ ही 9वीं प्लाटून में भी उसकी भूमिका बताई गई है. पुलिस की ओर से पुनर्वास योजना के तहत उसे मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की गई. जानकारी के अनुसार, मुडियम रामे उर्फ राजिता के बाद हैदराबाद में आज बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे. इनमें बटालियन नंबर-1 के कमांडर हेमला वेज्जा के साथ छत्तीसगढ़ कैडर के 47 माओवादी 34 हथियारों के साथ समर्पण करने जा रहे हैं. आत्मसमर्पण कार्यक्रम तेलंगाना डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष होगा. यह समर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.