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फिनलैंड यूनिवर्सिटी के साथ पंजाब सरकार का सहयोग, शिक्षा में सुधार और बेहतर क्लासरूम वातावरण

 चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार और फिनलैंड की टुर्कू यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग से पंजाब के क्लासरूम में प्रत्यक्ष बदलाव दिखने लगे हैं, जिसने शिक्षण प्रथाओं को अधिक आनंदमय और व्यावहारिक बना दिया है और विद्यार्थियों के लिए सीखने का माहौल अधिक प्रभावशाली बन रहा है।  इस पहल के हिस्से के रूप में पढ़ाई-लिखाई रट्टे मारने के तरीकों से हटकर अब अधिक आनंदमय और सहभागितापूर्ण सीखने के माहौल की ओर बढ़ रही है. पंजाब की व्यापक शिक्षा क्रांति में शामिल यह कार्यक्रम स्थानीय क्लासरूम में वैश्विक विशेषज्ञता को शामिल करने पर केंद्रित है, जो एक संरचित ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल के माध्यम से पैमाने को निर्धारित करता है, जिसमें बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगभग 300 शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।  फिनलैंड की अपनी सरकारी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कुकुलो-मोइकोइनेन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पहले से ही स्थानीय क्लासरूम के साथ वैश्विक शिक्षा विशेषज्ञता को एकीकृत करके शानदार परिणाम दे रही है।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के माध्यम से शुरू की गई यह साझेदारी प्रारंभिक और बुनियादी शिक्षा में शिक्षक की भूमिका को मजबूत करने के प्रयासों की ओर अग्रसर है. यह अल्पकालिक हस्तक्षेप के रूप में नहीं बल्कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली में बाल-केंद्रित और खेल-आधारित शिक्षा को शामिल करने के लिए दीर्घकालिक संस्थागत प्रयास के रूप में तैयार की गई है, जिसमें बेहतरीन शिक्षा प्रथाओं को भी शामिल किया गया है।  यह कार्यक्रम शिक्षकों को शोध-आधारित तरीकों से सुसज्जित करने पर केंद्रित है, यह सुनिश्चित करते हुए कि ये दृष्टिकोण पंजाब के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ के अनुकूल हों. उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण सत्र चंडीगढ़ और फिनलैंड के शहरों टुर्कू तथा राउमा दोनों जगह आयोजित किए गए, जिसमें शिक्षकों को कार्यशालाओं, मार्गदर्शन प्रथाओं और स्कूलों के दौरों के माध्यम से क्लासरूम की नई तकनीकों से अवगत करवाना शामिल है. गौरतलब है कि मई 2026 तक चार समूहों में लगभग 300 शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगे, जिससे पूरे पंजाब भर के विद्यार्थियों को लाभ होगा।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देते हुए कहा, "शिक्षा को आनंदमय और दिलचस्प बनाने पर जोर दिया जा रहा है. इसलिए हम रट्टे लगाने के पुराने तरीकों के स्थान पर सक्रिय सहभागिता की ओर बढ़ रहे हैं. शिक्षकों को विशेषज्ञों की सहायता वाले संदर्भ-विशिष्ट प्रोजेक्ट डिजाइन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है ताकि इन विचारों को उनके अपने क्लासरूम में लागू किया जा सके. क्षेत्र से मिले फीडबैक से विद्यार्थियों की भागीदारी और प्रेरणा में सुधार होता है और क्लासरूम का वातावरण सकारात्मक बनता है।  उन्होंने कहा, "शिक्षकों ने नए तरीकों के साथ प्रयोग करने और सीखने की विभिन्न आवश्यकताओं के अनुसार पाठों को ढालने में अधिक विश्वास प्रकट किया है. इस पहल की एक अनूठी विशेषता विदेशी मॉडलों को सीधे लागू करने के बजाय प्रासंगिक अनुकूलन पर जोर देना है. फिनलैंड के विशेषज्ञों से निरंतर सलाह सहायता ने इस बदलाव को सक्षम बनाया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि वैश्विक स्तर के सर्वोत्तम अभ्यासों को स्थानीय प्रणालियों में सार्थक रूप से एकीकृत किया जाए।  इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विस्तृत बातचीत के लिए टुर्कू यूनिवर्सिटी और टुर्कू शिक्षक प्रशिक्षण स्कूल का भी दौरा किया. उन्होंने कहा, "सरकार अब कार्यक्रम को 'ट्रेन-द-ट्रेनर्स' दृष्टिकोण के माध्यम से विस्तारित करने की योजना बना रही है, जिससे प्रांत भर में इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स का एक कैडर तैयार किया जा रहा है." उन्होंने आगे कहा, "निरंतर व्यावसायिक विकास और व्यापक पहुंच का समर्थन करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मिश्रित प्रशिक्षण फॉर्मेट भी विकसित किए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा, "विस्तार के लिए एक संरचित प्रणाली और प्रशिक्षित शिक्षकों के बढ़ते पूल के साथ इस सहयोग को पंजाब के व्यापक शिक्षा सुधारों की नींव के रूप में देखा जा रहा है. प्रांत जन शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि विद्यार्थी सफल होने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें और इस क्षेत्र में गति बनाए रखने के लिए इसी प्रकार की पहल की जाएंगी। 

मध्यप्रदेश में बढ़ी गर्मी, 30 अप्रैल तक स्कूलों की छुट्टी घोषित, सरकार ने जारी किया आदेश

भोपाल  एमपी में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। भीषण गर्मी में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी बीच स्कूल जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों में 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन ने यह अहम निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार राज्य के चार जिलों में भीषण गर्मी के कारण स्कूल में बच्चों को अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान जबलपुर, दमोह, रतलाम जिलों में कक्षा नर्सरी से पांचवीं तक 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, पन्ना जिले में भी स्कूलों में 6वीं से 8वीं कक्षा के बच्चों को 30 अप्रैल तक छुट्टी रहेगी। यहां नर्सरी से 5वीं तक छोटे बच्चों को पहले ही छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके अलावा जिन स्कूलों में छुट्टियां अभी होनी है, शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को निर्देश दिया है कि आउटडोर असेंबली को सीमित एवं छायादार स्थानों पर कराया जाए। तपती धूप और लू के बीच बच्चों की सेहत मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी अब आम जनजीवन के साथ साथ स्कूल शिक्षा व्यवस्था पर भी असर डालने लगी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और कई शहरों में लू के साथ वार्म नाइट जैसी स्थिति बनी हुई है। सागर में स्कूलों की छुट्टी घोषित किए जाने के बाद अब जबलपुर, सिंगरौली, पन्ना, हरदा और नर्मदापुरम जिलों में भी स्कूलों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई 2026 से शुरू होना पहले से तय है लेकिन तेज गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए कई जिलों में यह छुट्टियां पहले ही लागू कर दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि बच्चों को लू और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। कक्षा 5वीं तक के बच्चों को राहत जबलपुर जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर राघवेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं और यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। उन्हें शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन करना होगा। इससे पहले जिला प्रशासन ने स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया था लेकिन तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण अब छुट्टी का निर्णय लिया गया है। छोटे बच्चों के लिए 24 अप्रैल से छुट्टी पन्ना जिले में भी गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी किया है। कलेक्टर ऊषा परमार ने प्री-प्राइमरी से कक्षा 5वीं तक के बच्चों के लिए 24 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित किया है। कक्षा 6वीं से 12वीं तक की कक्षाएं पूर्व निर्धारित समयानुसार संचालित होंगी। इन कक्षाओं का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रखा गया है। प्रशासन का मानना है कि छोटे बच्चों पर गर्मी का असर ज्यादा होता है इसलिए पहले उन्हें राहत दी गई है। गर्मी की तीव्रता और लू के बढ़ते खतरे सिंगरौली जिला प्रशासन ने भी इसी तरह का फैसला लिया है। कलेक्टर गौरव बेनल ने जिले के सभी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया है। गर्मी की तीव्रता और लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे भी जरूरी निर्णय लिए जा सकते हैं। नर्सरी से 8वीं तक छुट्टी नर्मदापुरम जिले में तापमान में तेज वृद्धि और लू की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने और बड़ा फैसला लिया है। यहां नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी छात्रों के लिए आगामी आदेश तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश जिले के सभी सरकारी, निजी, सीबीएसई, आईसीएसई, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और अनुदान प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगा। कलेक्टर सोमेश मिश्रा द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि शिक्षक और संस्था प्रमुख सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक स्कूल में उपस्थित रहेंगे और विभागीय कार्य करेंगे। वहीं पहले से निर्धारित परीक्षाएं और अन्य सरकारी कार्य पूर्व निर्देशानुसार जारी रहेंगे। गर्मी से बच्चों को मिली राहत हरदा जिले में भी गर्मी को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई जारी रहेगी और इन कक्षाओं का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक तय किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। कई शहरों में लू का अलर्ट मध्य प्रदेश के कई शहरों में पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। दिन के साथ साथ रात के तापमान में भी कमी नहीं आ रही है जिसके चलते वार्म नाइट की स्थिति बनी हुई है। छोटे बच्चों में गर्मी का असर जल्दी होता है। लंबे समय तक धूप में रहने से डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 1 मई से शुरू होंगे ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई 2026 से शुरू होने वाले हैं। ऐसे में कई जिलों ने सिर्फ कुछ दिनों पहले ही छुट्टी घोषित कर बच्चों को राहत दी है। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे बच्चों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने दें और पर्याप्त पानी पिलाते रहें। बच्चों की सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस गर्मी के बीच जिला प्रशासन का यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता … Read more

डेंगू और मलेरिया में क्या फर्क है? जानें लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

 गर्मी और बारिश का मौसम आते ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. इनमें डेंगू और मलेरिया सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं. अक्सर लोगों को तेज बुखार, शरीर दर्द या कमजोरी होने पर यह समझ नहीं आता कि यह आम बुखार है या फिर डेंगू या मलेरिया. शुरुआत में डेंगू और मलेरिया के लक्षण काफी हद तक एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन असल में इनके कारण, फैलने का तरीका और इलाज अलग होता है. समय पर सही पहचान न हो तो दोनों ही बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं, इसलिए इनके बीच का फर्क समझना बेहद जरूरी है. डेंगू और मलेरिया में क्या है अंतर डेंगू और मलेरिया दोनों ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां हैं, लेकिन इनके पीछे का कारण अलग होता है. मलेरिया एक परजीवी (Plasmodium parasite) के कारण होता है, जबकि डेंगू एक वायरस से फैलता है. मच्छरों की बात करें तो मलेरिया मादा एनोफिलीज (Anopheles) मच्छर के काटने से फैलता है, जो आमतौर पर रात में एक्टिव होता है. वहीं डेंगू एडीस (Aedes aegypti) मच्छर से फैलता है, जो दिन के समय काटता है. यही वजह है कि दोनों बीमारियों से बचाव के तरीके भी अलग-अलग समय पर ध्यान देने की मांग करते हैं. लक्षण और इलाज में क्या फर्क डेंगू और मलेरिया के लक्षणों में कुछ समानता जरूर होती है, लेकिन इनके पैटर्न अलग होते हैं. मलेरिया में ठंड लगना, कंपकंपी के साथ बुखार आना और पसीना आना आम लक्षण हैं. यह बुखार एक निश्चित अंतराल पर बार-बार आ सकता है. वहीं डेंगू में अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द और स्किन पर रैश जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इलाज की बात करें तो मलेरिया के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं दी जाती हैं, जो शरीर में मौजूद परजीवी को खत्म करती हैं. दूसरी तरफ डेंगू का कोई खास एंटीवायरल इलाज नहीं होता, इसमें मरीज को आराम, पर्याप्त पानी और डॉक्टर की निगरानी में रखा जाता है, ताकि शरीर खुद वायरस से लड़ सके. डेंगू और मलेरिया दोनों से बचने के लिए मच्छरों से बचाव सबसे जरूरी है. घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह होता है. दिन और रात दोनों समय मच्छरों से बचाव करना जरूरी है, इसलिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल भी काफी मददगार होता है. अगर बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए, ताकि समय पर सही इलाज मिल सके. डेंगू और मलेरिया दोनों ही गंभीर बीमारियां हैं, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इनसे बचा जा सकता है. याद रखें, हर बुखार को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है. समय पर जांच और सही इलाज ही इन बीमारियों से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है.

गर्मी से राहत,घर पर बनाएं ठंडा और हेल्दी जलजीरा ड्रिंक

 गर्मी के मौसम में जब धूप सिर चढ़कर बोलती है और लू के थपेड़े लगते हैं तो पूरे शरीर की एनर्जी डाउन हो जाती है. तेज धूप और लू की वजह से शरीर में थकान महसूस होने लगती है और उस समय बस कुछ ठंडा-ठंडा पीने का दिल करता है और ऐसे में बाजार की कोल्ड ड्रिंक्स लोग पीते हैं जो उनकी हेल्थ के लिए अच्छी नहीं होती है क्योंकि उसमें अधिक मात्रा में शुगर होती है. अगर आप भी गर्मियों के दिनों में कुछ हेल्दी और टेस्टी पीना चाहते हैं तो आप घर पर जलजीरा बना सकते हैं. तेज धूप के बाद एक गिलास ठंडा-ठंडा जलजीरा राहत देने का काम करता है. बाजार में मिलने वाला जलजीरा भले ही अच्छा लगे, लेकिन घर पर बना ताजा जलजीरा ज्यादा हेल्दी, टेस्टी और हाइजीनिक होता है. खास बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है. जलजीरा पीने के फायदे जलजीरा सिर्फ एक टेस्टी ड्रिंक नहीं, बल्कि गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला सदियों-पुरानी ड्रिंक है.  इसमें इस्तेमाल होने वाला जीरा डाइजेशन को बेहतर बनाता है, वहीं पुदीना और धनिया शरीर को ताजगी देते हैं. काला नमक और अमचूर इसका टेस्ट बढ़ाने के साथ-साथ पेट को भी आराम पहुंचाते हैं और इस वजह से जलजीरा पीने से पेट की सभी दिक्कतों से आराम मिलता है. शेफ संजीव कपूर के स्टाइल में बनाएं जलजीरा शेफ संजीव कपूर ने घर पर जलजीरा बनाने की रेसिपी शेयर की थी, जो बेहद आसान है और उसे आप भी ट्राई कर सकते हैं. स्टेप बॉय स्टेप ऐसे बनाएं जलजीरा     जब जीरे से खुशबू आने लगे, तो उसे ठंडा करके मिक्सर में पीस लें.     अब इसमें काला नमक, थोड़ा सा अमचूर पाउडर, एक मुट्ठी पुदीना की पत्तियां डालें.     जार में ही थोड़ा धनिया, दो से तीन हरी मिर्च, और दो बड़े चम्मच नींबू का रस भी मिलाएं.     अब इन सभी चीजों में थोड़ा पानी मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें.     एक बड़े जग या ग्लास में बर्फ के टुकड़े और तैयार पेस्ट डालें और ऊपर से ठंडा पानी मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें.     अगर चाहें तो इसमें भुना हुआ जीरा पाउडर, चाट मसाला या बूंदी भी डाल सकते हैं. इससे इसका जलजीरा का टेस्ट और भी बढ़ जाएगा. घर पर बना जलजीरा न सिर्फ गर्मी से राहत देता है, बल्कि डाइजेशन के लिए भी फायदेमंद होता है. बाहर से महंगे ड्रिंक्स खरीदने के बजाय अगर आप यह देसी ड्रिंक घर पर बनाएंगे, तो पूरा परिवार इसे पसंद करेगा. वो आप से इसे बार-बार बनाने की जिद्द भी करेंगे.

बुरहानपुर में नई रेल लाइन का ट्रायल सफल, महाराष्ट्र से कनेक्टिविटी में होगी वृद्धि, 135 की गति से दौड़ी ट्रेन

बुरहानपुर  मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पश्चिम रेल्वे के अंतर्गत एक नए रेलवे रूट (New Rail Line) का ट्रायल किया गया है। दरअसल, महू-अकोला रेल्वे रूट (Mhow-Akola railway route) पर ब्रॉडगेज लाइन कन्वर्जन का लंबे समय से चल रहा है। इसी के अंतर्गत गुरुवार को बुरहानपुर जिले के अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ तक रेलवे रूट (Amulla Khurd-Tukaithed Railway Route) का सीआरएस द्वारा ट्रॉयल किया गया जो पूरी तरह सफल रहा। इस ट्रॉयल में रेल (ट्रेन) 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई गई। इससे पहले खंडवा से तुकईथड़ गांव तक के रूट का कार्य पूरा हो चुका है। जानकारी के लिए बता दें कि,यह खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना का हिस्सा है। इसे महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। कई दिनों से चल रही थी तैयारियां मिली जानकारी के अनुसार, इस ट्रॉयल की तैयारियां पिछले 8 दिनों से चल रही थी। इसके लिए तुकईथड़, रत्नापुर, अमूल्ला खुर्द रेल्वे स्टेशन को भव्य तरीके से सजाया गया था। इस ट्रॉयल से समस्त रेलवे अधिकारियों कर्मचारियों जिन ठेकेदारों ने इस रेल्वे ट्रैक को तैयार किया है सभी में एक खुशी की लहर देखने को मिली। इस ट्रॉयल में सीआरएस अधिकारी, डीआरएम नांदेड़, सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सबसे बड़ा सवाल- कब शुरू होगी ट्रेन सेवा रेलवे रूट का साफा ट्रायल होने के बावजूद अभी रेलवे अधिकारियों ने साफ़ नहीं किया है कि यहां ट्रेन सेवा किस तारीख से शुरू की जाएगी। बता दें कि, क्षेत्र के लोग पिछले 10 सालों से इसका इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या इस सफ़ल सीआरएस ट्रायल होने के बाद भी रेल्वे अधिकारी जल्दी इस रूट पर रेल गाड़ी चलाने के लिए हरि झंडी दिखाएंगे या सिर्फ इस सफ़ल ट्रायल लेने के बाद भी क्षेत्र वासियों को और इंतजार करवाएंगे। तारीख बता पाना मुश्किल- डीआरएम नांदेड़ डीआरएम नांदेड़ डिविजन संदीप पांडे ने पत्रिका के साथ बातचीत में बताया है कि आज अमुल्ला खुर्द से ग्राम तुकईथड़ रेल्वे रूट का सीआरएस ट्रायल सफल रहा। इसमें अभी भी कुछ कमियां मिली है जिन्हें पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पांडे ने कहा कि हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है इस रूट पर रेल गाड़ी कब तक चालू होगी। परियोजना एक नजर में अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना खंडवा-अकोला रेलवे ट्रैक के आधुनिकीकरण (Khandwa-Akola Broad Gauge Conversion Project) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन के अंतर्गत आती है। इस परियोजना का उद्देश्य नैरो गेज को ब्रॉडगेज लाइन में परिवर्तन करना है। इसके अंतर्गत टोटल 206 रेलवे लाइन डलेगी। अभी 26 किमी अमूल्ला से खकनारकला तक का काम चल रहा है। इसकी लागत 250 करोड़ बताई जा रही है। संभावना है कि ये प्रोजेक्ट 2026-27 तक पूरा हो जाएगा। 

एचएसवीपी की सख्त,गुरुग्राम के 51 सेक्टरों में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू

गुरुग्राम गुरुग्राम के 51 सेक्टरों में अवैध निर्माण पर सोमवार से बुलडोजर चलेगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से यह कार्रवाई की जाएगी। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी एक और दो ने सेक्टर-तीन से लेकर सेक्टर-57 तक विकसित 49 सेक्टरों के अलावा सेक्टर-37सी और सेक्टर-110ए के निवासियों से आग्रह किया है कि वह खुद अतिक्रमण हटा लें। शुक्रवार को एचएसवीपी की संपदा अधिकारी डॉ. अनुपमा मलिक ने सेक्टर-34 स्थित अपने कार्यालय में एक वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल से लेकर आठ मई तक तोड़फोड़ की जाएगी। इसको लेकर पांच टीम का गठन किया है, जो अलग-अलग सेक्टरों में तोड़फोड़ करेगी। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल और 28 अप्रैल को सेक्टर-24, 25ए, 27, 43, 31-32ए और 30 में तोड़फोड़ होगी। 29 अप्रैल और 30 अप्रैल को सेक्टर-39, 45, 28, 42 और 51 में बुलडोजर चलेगा। डॉ. मलिक के मुताबिक चार मई और पांच मई को सेक्टर-57, 49, 50, 38, 46, 40 और 41 में तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। सेक्टर-52, 47, 55, 56, 52ए और 53 में छह मई और सात मई को बुलडोजर चलेगा। आठ मई को सेक्टर-54, 29, 32 और सेक्टर-44 में तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। चलेगा बुलडोजर उन्होंने बताया कि इस दौरान सड़कों पर अवैध रूप बनाए गए किचन गार्डन, निजी पार्क, गमलों, मकानों के ऊंचे रैंप, रेहड़ियों, क्योसक के अलावा अन्य अतिक्रमण और अवैध निर्माण को तोड़ा जाएगा। यह कार्रवाई 29 सेक्टरों में होगी। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी-एक राकेश सैनी ने बताया कि उनके कार्यालय अधीन आ रहे 22 सेक्टरों में सोमवार से बुलडोजर चलाया जाएगा। यह कार्रवाई एक जुलाई तक चलेगी। सोमवार से शुरू होगा ऐक्शन सोमवार को सेक्टर-21 से कार्रवाई की शुरूआत की जाएगी। 28 अप्रैल को भी इस सेक्टर में अभियान चलाया जाएगा। 30 अप्रैल और एक मई को सेक्टर-चार, चार मई को सेक्टर-पांच, छह मई को सेक्टर-तीन, आठ मई को सेक्टर-छह, 11 मई और 14 मई को सेक्टर-सात, 15 और 18 मई को सेक्टर-सात एक्सटेंशन, 19 और 20 मई को सेक्टर-नौ, 21 और 22 मई को सेक्टर-नौए, 25 मई और 26 मई को सेक्टर-10, 28 मई और 29 मई को सेक्टर-10ए, एक जून और दो जून को सेक्टर-12ए, तीन जून और चार जून को सेक्टर-14, पांच जून और आठ जून को सेक्टर-15 के पार्ट एक, नौ जून और 10 जून को सेक्टर-15 के पार्ट दो समेत कई स्थानों पर तोड़फोड़ होगी। मकानों की सूची बनेगी संपदा अधिकारी-एक राकेश सैनी और संपदा अधिकारी-दो डॉ. अनुपमा मलिक ने बताया कि तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान कब्जा प्रमाण पत्र का उल्लंघन कर रहे मकानों की सूची बनेगी। स्टिल्ट पार्किंग में अवैध रूप से कमरों का निर्माण लोगों ने कर लिया है। कारों को घर के बाहर खड़ा किया जाता है। घरों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है, जिसकी वजह से भी लोग परेशान हैं। ऐसे में इन मकानों के खिलाफ एचएसवीपी की विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मलबा उठान को लेकर तकरार डीटीपीई अमित मधोलिया ने पांच दिन तक तोड़फोड़ अभियान चलाकर करीब साढ़े सात हजार मकानों के सामने से अवैध निर्माण और अतिक्रमण को तोड़ा है। मधोलिया ने गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया से आग्रह किया था कि तोड़फोड़ के बाद सड़कों पर फैले मलबे का उठान कराएं। दहिया ने जवाब देते हुए इसे उठाने से इनकार किया है।  

सोनाली राऊत का बड़ा दाव,विजय माल्या ने बनाया कई एक्ट्रेसेस का करियर

भारतीय करोबारी विजय माल्या कई हजार करोड़ का घपला करके लंदन भाग गए हैं. माल्या सालों से इंडिया में नहीं हैं, लेकिन आज भी उनकी बातें होती हैं. एक्ट्रेस सोनाली राऊत ने भी उन्हें लेकर कई दावे किए हैं. सोनाली का कहना है कि विजय माल्या ने कई बॉलीवुड हसीनाओं के करियर बनाए हैं. ये भी बताया कि वो असल जिंदगी में कैसे शख्स हैं. माल्या ने बनाया करियर मॉडल-एक्ट्रेस सोनाली राऊत हाल ही में बिग बॉस मराठी सीजन 6 में नजर आईं. शो से बाहर निकलने के बाद उन्होंने साफ-सफाई को लेकर मेकर्स की पोल खोली. उन्होंने बताया कि बिग बॉस हाउस में गंदगी की वजह से उन्हें स्किन एलर्जी हो गई. सोनाली से पूछा गया कि क्या बचपन से ही हाइजिन को लेकर यही रवैया रहा है. फिल्मीबीट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि नहीं. मैंने ये सब विजय माल्या से सीखा है. वो कहती हैं कि जब मैंने किंगफिशर कैलेंडर किया, तो मैं डॉक्टर विजय माल्या से मिली. वो एक क्लासी शख्स हैं, जिन्हें पार्टी करना आता है. किंगफिशर कैलेंडर शूट के दौरान मैं टॉप क्लास के लोगों से मिली. मैं विजय माल्या से बहुत प्रभावित थी. वो बहुत क्लासी और दरियादिल इंसान हैं. उनकी उपस्थिति बहुत स्ट्रॉन्ग है. वो देना जानते हैं. उन्हें इस बात की भी परवाह नहीं है कि लोग क्या सोचेंगे. जो बोला कर दिया. वो पूछते हैं कि बताओ और क्या करना है. किंगफिशर की वजह से हमारे करियर बने हैं. बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म है. इससे दीपिका और कटरीना जैसी बहुत सारी एक्ट्रेस फेमस हुई हैं. सोनाली कहती हैं कि विजय माल्या ने बहुत सारी हीरोइनों का करियर बनाया है. सोनाली ने ये भी बताया कि कैलेंडर शूट से पहले बहुत सारी बातों का ख्याल रखा जाता था.   कैलेंडर के लिए कैसे होता था बिकिनी शूट सोनाली कहती हैं कि ये बिकिनी कैलेंडर था, तो आपको बहुत सारी चीजों का ख्याल रखना होता है. मैं किंगफिशर कैलेंडर का पार्ट थी. हमें तीन महीने पहले फिटनेस, स्किन केयर, सबकी ट्रेनिंग दी गई. उनकी तरफ से जिम दिया जाता था. बालों का ख्याल रखना है. क्या खाना है, कैसे रहना है. कैसे बात करना है. मैंने सब विजय माल्या से ही सीखा है. एक्ट्रेस ने बताया कि जब उन्हें किंगफिशर कैलेंडर के शूट का ऑफर आया तब वो चबी थीं. उन्होंने कहा कि तब मैं चबी थी, लेकिन तीन महीने में मेरा सारा मोटापा खत्म हो गया. मैं बेस्ट ट्रेनर के पास गई, ये सब विजय माल्या की वजह से हो पाया. वो सारी चीजों की देखरेख करते थे. उनसे सीखा है कि खुद की वैल्यू कैसे करनी है.

AAP के 7 सांसदों ने BJP में किया विलय, राघव चड्ढा भी शामिल, शिअद के नेता को AAP ने किया अपना सदस्य

कपूरथला  आम आदमी पार्टी के लिए शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026)का दिन बहुत बुरा साबित हुआ क्योंकि आप सांसद राघव चड्ढा समेत कुल सात सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया। आम आदमी पार्टी को एक तरह बहुत बड़ा झटका लगा, तो वहीं कपूरथला में पार्टी को बढ़त मिली है। दरअसल, वार्ड नंबर नौ के पूर्व पार्षद अवतार सिंह अपने साथियों सहित शिरोमणि अकाली दल छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। आप के हलका प्रभारी एडवोकेट कर्मबीर सिंह चंदी ने अवतार सिंह को सिरोपा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया और उन्हें पूरा सम्मान देने का आश्वासन दिया। पूर्व पार्षद अवतार सिंह ने कहा कि एडवोकेट चंदी के नेतृत्व में पार्टी लगातार मजबूत हो रही है। वह पूरी लगन से आम आदमी पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का काम करेंगे। एडवोकेट चंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा कर रही है और हर वर्ग पार्टी के कार्यों से संतुष्ट है। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर: हरियाणा में 5 दिन बारिश का अलर्ट, कल से बदलाव

हिसार. प्रदेश में गर्मी का प्रकोप तेजी से जारी है। शुक्रवार को प्रदेश में रोहतक सबसे गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं 26 अप्रैल से इस गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से प्रदेश में पांच दिन तक लगातार वर्षा हाे सकती है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। मौसम विज्ञानियों ने इसके साथ ही तापमान में गिरावट होने की संभावना व्यक्त की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शुक्रवार को रोहतक सबसे गर्म रहा। प्रदेश के बाकी जिलों में भी लू चली। इससे दिन के समय लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। वहीं रात का तापमान भी तेजी से ऊपर चढ़ा है। प्रदेश के गर्म रात में भिवानी का 28.5, फरीदाबाद का 27 डिग्री तो अंबाला में 26.2 डिग्री तो नारनौल में 26.8 डिग्री दर्ज किया गया। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा में मौसम आमतौर पर 29 अप्रैल तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान 25 अप्रैल देर रात्रि को एक पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों की तरफ बढ़ने की संभावना है जिसके आंशिक प्रभाव से 26 अप्रैल रात्रि से 29 अप्रैल के दौरान हरियाणा राज्य में आंशिक बादलवाई रहने तथा बीच बीच में हवाओं में बदलाव आने से की संभावना है। इस दौरान मध्यम से तेज गति से धूलभरी हवाएं चलने तथा गरज चमक के साथ राज्य में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की वर्षा की संभावना है। कुछ एक स्थानों पर मध्यम से तेज वर्षा भी हो सकती है। इस दौरान दिन के तापमान में हल्की गिरावट होने तथा रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

iPhone 18 Pro में बड़ा कैमरा अपग्रेड,मिलेगा वेरिएबल अपर्चर फीचर

Apple हर साल की तरह इस साल भी अपनी न्यू सीरीज को अनवील करेगा, जिसका नाम iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज होगा. साथ ही कंपनी इस साल भी स्लिम हैंडसेट एयर को लॉन्च कर सकती है. कंपनी पहली बार कैमरा सेटअप में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसकी मदद से यूजर्स को शानदार फोटो क्लिक करने में मदद मिलेगी.    कंपनी की तरफ से कैमरा अपग्रेड्स को कंफर्म नहीं किया है, लेकिन इंडियाटुडे ने अपनी रिपोर्ट में टिप्स्टर का हवाला देते हुए बताया है कि इस बार कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज के कैमरा सेटअप में दो बड़े अपग्रेड्स करेगी. स्मार्टफोन इंडस्ट्री में कई ब्रांड हैं, जो हाई एंड कैमरा दे रहे हैं. अब कंपनी भी कुछ नए फीचर्स पर काम कर रही है, जिसमें कंपनी मेगापिक्सल में इजाफा नहीं करेगी, बल्कि यूजर्स को बेहतर कंट्रोल और अपग्रेड्स देना चाहती है. ऐपल की तरफ से अभी तक फिक्स्ड अपर्चर की सुविधा दी जाती है और अब कंपनी बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसे इस साल ही पेश किया जा सकता है. नए बदलाव के तहत यूजर्स को मेन कैमरा में वेरिएबल अपर्चर मिलेगा. वेरिएबल अपर्चर से क्या फायदा होगा? कैमरा लेंस में वेरिएबल अपर्चर की बदलौत एक स्मार्टफोन को बेहतरीन फोटोग्राफी करने का मौका मिलता है. फोन से ऑटोमेटिकली या मैनुअली लाइट को एडजेस्ट की जा सकेगी. ऐसे में यूजर्स चाहें तो डार्क एनवायरमेंट में लेंस को ज्यादा ओपन करके बेहतर फोटोग्राफी की जा सकती है. यह अपग्रेड सिर्फ लाइटिंग को लेकर नहीं है बल्कि यह यूजर्स को डेप्थ और फील्ड को लेकर बेहतर कंट्रोल देगा. इसकी मदद से यूजर्स एडजेस्ट कर सकेंगे कि उनको फोटो के अंदर बैकग्राउंड को कितना ब्लर करना है. क्रिएटिव फोटोग्राफी में होगा फायदा iPhone 18 Pro सीरीज में होने वाले इन अपग्रेड्स से उन यूजर्स को बहुत फायदा होने वाला है, जो खासतौर से पोर्ट्रेट फोटोग्राफी या क्रिएटिव वीडियो बनाते हैं. ऐपल बीते तीन-चार साल से सिंतबर में एक बड़ा इवेंट आयोजित कर रहा है. इसमें वह न्यू आईफोन फ्लैगशिप सीरीज को अनवील कर रहा है. कंपनी इस साल भी iPhone 18 Pro सीरीज को सितंबर में अनवील करेगी.