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स्टूडेंट्स की सेहत पर फोकस: पंजाब में स्कूल-कॉलेज में Energy Drink बिक्री प्रतिबंधित

लुधियाना. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लेते हुए ने राज्यभर में बच्चों को कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है।  जारी आदेश के अनुसार, अब न सिर्फ बच्चों को एनर्जी ड्रिंक बेचना मना होगा, बल्कि स्कूल-कॉलेज कैंटीन और आसपास भी इसकी बिक्री पर रोक रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल से 100 मीटर और शहरी इलाकों में 50 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक नहीं बेची जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने अपने आदेश में बताया कि कई एनर्जी ड्रिंक्स के लेबल पर पहले ही लिखा होता है कि ये बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं हैं, बावजूद इसके इन्हें बड़े पैमाने पर बच्चों और युवाओं को बेचा जा रहा है। इन ड्रिंक्स में कैफीन, ग्वाराना, टॉरिन, जिनसेंग जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर पर उत्तेजक प्रभाव डालते हैं। शरीर पर पड़ सकता है नकारात्मक असर मेडिकल स्टडीज के हवाले से विभाग ने चेतावनी दी है कि ज्यादा कैफीन के सेवन से दिल, दिमाग, पाचन तंत्र और किडनी पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। खासकर बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए यह अधिक खतरनाक है। एफ डी ऐ कमिश्नर कनवल प्रीत बराड़ ने बताया कि यह फैसला पब्लिक हेल्थ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के आसान फेंगशुई उपाय

दिनभर की थकान और दफ्तर की भागदौड़ के बाद जब हम घर की दहलीज पर कदम रखते हैं, तो उम्मीद होती है कि वहां सुकून मिलेगा. लेकिन क्या कभी आपने ये महसूस किया है कि घर पहुंचते ही बिना वजह भारीपन, उदासी या चिड़चिड़ापन महसूस होने लगे? अगर हां, तो यह आपके घर का वास्तु या फेंगशुई दोष हो सकता है. अक्सर लोग फेंगशुई के नाम पर महंगे शो-पीस खरीदने लगते हैं, लेकिन असल में फेंगशुई ऊर्जा के सही संतुलन का नाम है. आइए जानते हैं कि कैसे आप अपनी जेब से एक चवन्नी खर्च किए बिना अपने आशियाने को खुशियों से भर सकते हैं. 1. कबाड़ को हटाएं फेंगशुई का सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण नियम है सफाई.  रुकी हुई ऊर्जा अक्सर पुराने कबाड़, टूटे हुए सामान या लंबे समय से बंद पड़ी अलमारियों में जमा हो जाती है. यदि आपके घर में ऐसी चीजें हैं जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते, तो उन्हें हटा दें. खाली जगह का मतलब है नई ऊर्जा के लिए रास्ता बनाना. जैसे ही आप घर का कोना-कोना साफ करते हैं, आप खुद को हल्का और मानसिक रूप से शांत महसूस करेंगे. 2. ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी सूरज की रोशनी और ताजी हवा प्राकृतिक रूप से नकारात्मकता को नष्ट करती है. रोज सुबह कम से कम 20 मिनट के लिए अपने घर की खिड़कियां और दरवाजे जरूर खोलें. फेंगशुई में माना जाता है कि चलती हुई हवा ऊर्जा के प्रवाह को सुचारू बनाती है. अगर आपके घर के किसी कोने में हमेशा अंधेरा रहता है, तो वहां रोशनी की व्यवस्था करें ताकि ऊर्जा सही हो जाए. 3. मुख्य द्वार फेंगशुई के अनुसार, 'ची' यानी ऊर्जा मुख्य द्वार से ही घर में प्रवेश करती है. बिना खर्च किए इसे बेहतर बनाने के लिए बस अपने मुख्य द्वार को साफ रखें.  वहां रखे पुराने जूते-चप्पल हटा दें. ये सुनिश्चित करें कि दरवाजा खुलते समय आवाज न करे.  एक साफ और सुंदर प्रवेश द्वार न केवल मेहमानों को, बल्कि सुख-समृद्धि को भी आकर्षित करता है. 4. शीशों का सही इस्तेमाल आपके घर में मौजूद पुराने शीशे भी फेंगशुई का बड़ा टूल बन सकते हैं. बस उनकी दिशा बदलें.  यदि आपके घर के किसी खिड़की के बाहर हरियाली या सुंदर दृश्य है, तो उसके सामने शीशा लगाएं. इससे बाहर की सकारात्मक ऊर्जा परावर्तित  होकर घर के अंदर आएगी. ध्यान रहे, शीशा कभी भी मुख्य द्वार या बिस्तर के ठीक सामने न रखें, वरना यह ऊर्जा को वापस बाहर भेज सकता है या नींद में खलल डाल सकता है. 5. पानी और नमक घर की निगेटिविटी सोखने के लिए नमक सबसे सस्ता और असरदार तरीका है.  पोंछे के पानी में थोड़ा सा समुद्री नमक या सेंधा नमक मिलाकर घर की सफाई करें. इसके अलावा, बाथरूम या घर के अंधेरे कोनों में एक कटोरी में नमक भरकर रखें.  यह वातावरण की दूषित ऊर्जा को सोख लेता है.  हर हफ्ते इस नमक को बदल दें.  यह छोटा सा बदलाव घर के माहौल को काफी सकारात्मक बना देता है.

Fuel Crisis की खबरें बेबुनियाद: छत्तीसगढ़ सरकार ने स्टॉक पूरा बताया, अफवाहों से बचने की अपील

रायपुर. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के साथ ही आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है. किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है. गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र राज्य सरकार लगातार भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि प्रदेश की ईंधन आवश्यकताओं की निर्बाध पूर्ति सुनिश्चित की जा सके. खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. आपूर्ति की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो. शासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें. प्रदेश में संचालित 2516 पेट्रोल पंपों तथा तीनों प्रमुख ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध है. मार्च 2026 में प्रदेश की मासिक पेट्रोल आवश्यकता 1.01 लाख किलोलीटर के विरुद्ध 1.27 लाख किलोलीटर (126 प्रतिशत) की आपूर्ति की गई. वहीं अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.60 लाख किलोलीटर पेट्रोल प्राप्त हो चुका है. इसी प्रकार मार्च में डीजल की आवश्यकता 1.64 लाख किलोलीटर के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर (183 प्रतिशत) आपूर्ति हुई, जबकि अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.38 लाख किलोलीटर डीजल की आपूर्ति हो चुकी है. स्पष्ट है कि प्रदेश में मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. अधिकारियों ने कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए सभी जिलों में आकस्मिक निरीक्षण एवं छापेमारी की कार्रवाई जारी है. राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं. आम नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिए विभागीय कॉल सेंटर (1800-233-3663) भी सक्रिय रूप से कार्यरत है. 23 अप्रैल 2026 को खाद्य विभाग के संचालक की अध्यक्षता में तीनों ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में यह सामने आया कि कुछ औद्योगिक उपभोक्ता रिटेल आउटलेट से डीजल खरीद रहे हैं, जिससे अस्थायी दबाव की स्थिति बनती है. इस पर कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि वे मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करें. वर्तमान स्थिति के अनुसार, प्रदेश में लगभग 77,111 किलोलीटर पेट्रोल उपलब्ध है, जो लगभग 22 दिनों की आवश्यकता के बराबर है. इसी प्रकार 84,295 किलोलीटर डीजल उपलब्ध है, जो करीब 15 दिनों की खपत के लिए पर्याप्त है. सरकार ने पुनः आश्वस्त किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है तथा आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है.

पंजाब में एजीटीएफ की छापेमारी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

चंडीगढ़  पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजीटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सक्रिय सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपित के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया आरोपित राजस्थान में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपित विभिन्न राज्यों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। एजीटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया और आरोपित को दबोच लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह गैंगस्टर अर्जू बिश्नोई के संपर्क में था, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जाता है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क पंजाब, राजस्थान और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहकर हथियारों की सप्लाई, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपित से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। इसके साथ ही ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक’ यानी इस गैंग से जुड़े पुराने और नए संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। एजीटीएफ की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बड़े गैंग्स के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एजीटीएफ की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि पंजाब पुलिस राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

जापान के प्रतिनिधिमंडल ने CM साय से की सौजन्य मुलाकात, तकनीकी सहयोग और निवेश पर हुई चर्चा

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की।  मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी के. डी. दीवान उपस्थित थे।

30 अप्रैल 2026 को बनेगा बुधादित्य राजयोग, इन राशियों की बदलेगी किस्मत

30 अप्रैल 2026 को ग्रहों की चाल में एक खास बदलाव देखने को मिलेगा. इस दिन बुद्धि के कारक बुध ग्रह मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही सूर्य देव मौजूद हैं. सूर्य और बुध का एक साथ आना ज्योतिष में बेहद शुभ माना जाता है और इसी संयोग को बुधादित्य राजयोग कहा जाता है. यह योग कुछ राशियों के लिए तरक्की और धन लाभ के नए रास्ते खोल सकता है. बुधादित्य राजयोग का असर कैसा रहेगा? ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य और बुध एक ही राशि में होते हैं, तो व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होती है. ऐसे लोगों को सम्मान मिलता है और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिलते हैं. इस दौरान रुके हुए काम बनने लगते हैं और आमदनी के नए स्रोत भी बन सकते हैं. इन राशियों के लिए रहेगा खास फायदेमंद मेष राशि (Aries) मेष राशि के लिए यह समय काफी अच्छा साबित हो सकता है. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है. बिजनेस में मुनाफा बढ़ेगा और निवेश से लाभ होने के संकेत हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और आय में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों को कार्यक्षेत्र में पहचान मिल सकती है. ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी. वैवाहिक जीवन में भी मिठास बढ़ेगी. नई नौकरी या प्रमोशन के योग बन सकते हैं. व्यापार में कोई बड़ा फायदा या डील मिल सकती है. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के लिए यह योग भाग्य को मजबूत करने वाला रहेगा. आपके कई काम आसानी से पूरे हो सकते हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं. विदेश जाने के अवसर मिल सकते हैं और आय में भी अच्छा इजाफा हो सकता है. बुध देवता को प्रसन्न करने के उपाय रोज सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करें बुधवार के दिन भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं गाय को हरा चारा खिलाएं जरूरतमंद लोगों की मदद करें

फिनलैंड यूनिवर्सिटी के साथ पंजाब सरकार का सहयोग, शिक्षा में सुधार और बेहतर क्लासरूम वातावरण

 चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार और फिनलैंड की टुर्कू यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग से पंजाब के क्लासरूम में प्रत्यक्ष बदलाव दिखने लगे हैं, जिसने शिक्षण प्रथाओं को अधिक आनंदमय और व्यावहारिक बना दिया है और विद्यार्थियों के लिए सीखने का माहौल अधिक प्रभावशाली बन रहा है।  इस पहल के हिस्से के रूप में पढ़ाई-लिखाई रट्टे मारने के तरीकों से हटकर अब अधिक आनंदमय और सहभागितापूर्ण सीखने के माहौल की ओर बढ़ रही है. पंजाब की व्यापक शिक्षा क्रांति में शामिल यह कार्यक्रम स्थानीय क्लासरूम में वैश्विक विशेषज्ञता को शामिल करने पर केंद्रित है, जो एक संरचित ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल के माध्यम से पैमाने को निर्धारित करता है, जिसमें बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगभग 300 शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।  फिनलैंड की अपनी सरकारी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कुकुलो-मोइकोइनेन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पहले से ही स्थानीय क्लासरूम के साथ वैश्विक शिक्षा विशेषज्ञता को एकीकृत करके शानदार परिणाम दे रही है।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के माध्यम से शुरू की गई यह साझेदारी प्रारंभिक और बुनियादी शिक्षा में शिक्षक की भूमिका को मजबूत करने के प्रयासों की ओर अग्रसर है. यह अल्पकालिक हस्तक्षेप के रूप में नहीं बल्कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली में बाल-केंद्रित और खेल-आधारित शिक्षा को शामिल करने के लिए दीर्घकालिक संस्थागत प्रयास के रूप में तैयार की गई है, जिसमें बेहतरीन शिक्षा प्रथाओं को भी शामिल किया गया है।  यह कार्यक्रम शिक्षकों को शोध-आधारित तरीकों से सुसज्जित करने पर केंद्रित है, यह सुनिश्चित करते हुए कि ये दृष्टिकोण पंजाब के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ के अनुकूल हों. उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण सत्र चंडीगढ़ और फिनलैंड के शहरों टुर्कू तथा राउमा दोनों जगह आयोजित किए गए, जिसमें शिक्षकों को कार्यशालाओं, मार्गदर्शन प्रथाओं और स्कूलों के दौरों के माध्यम से क्लासरूम की नई तकनीकों से अवगत करवाना शामिल है. गौरतलब है कि मई 2026 तक चार समूहों में लगभग 300 शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगे, जिससे पूरे पंजाब भर के विद्यार्थियों को लाभ होगा।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देते हुए कहा, "शिक्षा को आनंदमय और दिलचस्प बनाने पर जोर दिया जा रहा है. इसलिए हम रट्टे लगाने के पुराने तरीकों के स्थान पर सक्रिय सहभागिता की ओर बढ़ रहे हैं. शिक्षकों को विशेषज्ञों की सहायता वाले संदर्भ-विशिष्ट प्रोजेक्ट डिजाइन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है ताकि इन विचारों को उनके अपने क्लासरूम में लागू किया जा सके. क्षेत्र से मिले फीडबैक से विद्यार्थियों की भागीदारी और प्रेरणा में सुधार होता है और क्लासरूम का वातावरण सकारात्मक बनता है।  उन्होंने कहा, "शिक्षकों ने नए तरीकों के साथ प्रयोग करने और सीखने की विभिन्न आवश्यकताओं के अनुसार पाठों को ढालने में अधिक विश्वास प्रकट किया है. इस पहल की एक अनूठी विशेषता विदेशी मॉडलों को सीधे लागू करने के बजाय प्रासंगिक अनुकूलन पर जोर देना है. फिनलैंड के विशेषज्ञों से निरंतर सलाह सहायता ने इस बदलाव को सक्षम बनाया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि वैश्विक स्तर के सर्वोत्तम अभ्यासों को स्थानीय प्रणालियों में सार्थक रूप से एकीकृत किया जाए।  इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विस्तृत बातचीत के लिए टुर्कू यूनिवर्सिटी और टुर्कू शिक्षक प्रशिक्षण स्कूल का भी दौरा किया. उन्होंने कहा, "सरकार अब कार्यक्रम को 'ट्रेन-द-ट्रेनर्स' दृष्टिकोण के माध्यम से विस्तारित करने की योजना बना रही है, जिससे प्रांत भर में इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स का एक कैडर तैयार किया जा रहा है." उन्होंने आगे कहा, "निरंतर व्यावसायिक विकास और व्यापक पहुंच का समर्थन करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मिश्रित प्रशिक्षण फॉर्मेट भी विकसित किए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा, "विस्तार के लिए एक संरचित प्रणाली और प्रशिक्षित शिक्षकों के बढ़ते पूल के साथ इस सहयोग को पंजाब के व्यापक शिक्षा सुधारों की नींव के रूप में देखा जा रहा है. प्रांत जन शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि विद्यार्थी सफल होने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें और इस क्षेत्र में गति बनाए रखने के लिए इसी प्रकार की पहल की जाएंगी। 

मध्यप्रदेश में बढ़ी गर्मी, 30 अप्रैल तक स्कूलों की छुट्टी घोषित, सरकार ने जारी किया आदेश

भोपाल  एमपी में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। भीषण गर्मी में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी बीच स्कूल जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों में 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन ने यह अहम निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार राज्य के चार जिलों में भीषण गर्मी के कारण स्कूल में बच्चों को अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान जबलपुर, दमोह, रतलाम जिलों में कक्षा नर्सरी से पांचवीं तक 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, पन्ना जिले में भी स्कूलों में 6वीं से 8वीं कक्षा के बच्चों को 30 अप्रैल तक छुट्टी रहेगी। यहां नर्सरी से 5वीं तक छोटे बच्चों को पहले ही छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके अलावा जिन स्कूलों में छुट्टियां अभी होनी है, शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को निर्देश दिया है कि आउटडोर असेंबली को सीमित एवं छायादार स्थानों पर कराया जाए। तपती धूप और लू के बीच बच्चों की सेहत मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी अब आम जनजीवन के साथ साथ स्कूल शिक्षा व्यवस्था पर भी असर डालने लगी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और कई शहरों में लू के साथ वार्म नाइट जैसी स्थिति बनी हुई है। सागर में स्कूलों की छुट्टी घोषित किए जाने के बाद अब जबलपुर, सिंगरौली, पन्ना, हरदा और नर्मदापुरम जिलों में भी स्कूलों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई 2026 से शुरू होना पहले से तय है लेकिन तेज गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए कई जिलों में यह छुट्टियां पहले ही लागू कर दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि बच्चों को लू और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। कक्षा 5वीं तक के बच्चों को राहत जबलपुर जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर राघवेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं और यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। उन्हें शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन करना होगा। इससे पहले जिला प्रशासन ने स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया था लेकिन तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण अब छुट्टी का निर्णय लिया गया है। छोटे बच्चों के लिए 24 अप्रैल से छुट्टी पन्ना जिले में भी गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी किया है। कलेक्टर ऊषा परमार ने प्री-प्राइमरी से कक्षा 5वीं तक के बच्चों के लिए 24 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित किया है। कक्षा 6वीं से 12वीं तक की कक्षाएं पूर्व निर्धारित समयानुसार संचालित होंगी। इन कक्षाओं का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रखा गया है। प्रशासन का मानना है कि छोटे बच्चों पर गर्मी का असर ज्यादा होता है इसलिए पहले उन्हें राहत दी गई है। गर्मी की तीव्रता और लू के बढ़ते खतरे सिंगरौली जिला प्रशासन ने भी इसी तरह का फैसला लिया है। कलेक्टर गौरव बेनल ने जिले के सभी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया है। गर्मी की तीव्रता और लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे भी जरूरी निर्णय लिए जा सकते हैं। नर्सरी से 8वीं तक छुट्टी नर्मदापुरम जिले में तापमान में तेज वृद्धि और लू की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने और बड़ा फैसला लिया है। यहां नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी छात्रों के लिए आगामी आदेश तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश जिले के सभी सरकारी, निजी, सीबीएसई, आईसीएसई, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और अनुदान प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगा। कलेक्टर सोमेश मिश्रा द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि शिक्षक और संस्था प्रमुख सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक स्कूल में उपस्थित रहेंगे और विभागीय कार्य करेंगे। वहीं पहले से निर्धारित परीक्षाएं और अन्य सरकारी कार्य पूर्व निर्देशानुसार जारी रहेंगे। गर्मी से बच्चों को मिली राहत हरदा जिले में भी गर्मी को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई जारी रहेगी और इन कक्षाओं का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक तय किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। कई शहरों में लू का अलर्ट मध्य प्रदेश के कई शहरों में पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। दिन के साथ साथ रात के तापमान में भी कमी नहीं आ रही है जिसके चलते वार्म नाइट की स्थिति बनी हुई है। छोटे बच्चों में गर्मी का असर जल्दी होता है। लंबे समय तक धूप में रहने से डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 1 मई से शुरू होंगे ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई 2026 से शुरू होने वाले हैं। ऐसे में कई जिलों ने सिर्फ कुछ दिनों पहले ही छुट्टी घोषित कर बच्चों को राहत दी है। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे बच्चों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने दें और पर्याप्त पानी पिलाते रहें। बच्चों की सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस गर्मी के बीच जिला प्रशासन का यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता … Read more

डेंगू और मलेरिया में क्या फर्क है? जानें लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

 गर्मी और बारिश का मौसम आते ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. इनमें डेंगू और मलेरिया सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं. अक्सर लोगों को तेज बुखार, शरीर दर्द या कमजोरी होने पर यह समझ नहीं आता कि यह आम बुखार है या फिर डेंगू या मलेरिया. शुरुआत में डेंगू और मलेरिया के लक्षण काफी हद तक एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन असल में इनके कारण, फैलने का तरीका और इलाज अलग होता है. समय पर सही पहचान न हो तो दोनों ही बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं, इसलिए इनके बीच का फर्क समझना बेहद जरूरी है. डेंगू और मलेरिया में क्या है अंतर डेंगू और मलेरिया दोनों ही मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां हैं, लेकिन इनके पीछे का कारण अलग होता है. मलेरिया एक परजीवी (Plasmodium parasite) के कारण होता है, जबकि डेंगू एक वायरस से फैलता है. मच्छरों की बात करें तो मलेरिया मादा एनोफिलीज (Anopheles) मच्छर के काटने से फैलता है, जो आमतौर पर रात में एक्टिव होता है. वहीं डेंगू एडीस (Aedes aegypti) मच्छर से फैलता है, जो दिन के समय काटता है. यही वजह है कि दोनों बीमारियों से बचाव के तरीके भी अलग-अलग समय पर ध्यान देने की मांग करते हैं. लक्षण और इलाज में क्या फर्क डेंगू और मलेरिया के लक्षणों में कुछ समानता जरूर होती है, लेकिन इनके पैटर्न अलग होते हैं. मलेरिया में ठंड लगना, कंपकंपी के साथ बुखार आना और पसीना आना आम लक्षण हैं. यह बुखार एक निश्चित अंतराल पर बार-बार आ सकता है. वहीं डेंगू में अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द और स्किन पर रैश जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इलाज की बात करें तो मलेरिया के लिए एंटी-मलेरियल दवाएं दी जाती हैं, जो शरीर में मौजूद परजीवी को खत्म करती हैं. दूसरी तरफ डेंगू का कोई खास एंटीवायरल इलाज नहीं होता, इसमें मरीज को आराम, पर्याप्त पानी और डॉक्टर की निगरानी में रखा जाता है, ताकि शरीर खुद वायरस से लड़ सके. डेंगू और मलेरिया दोनों से बचने के लिए मच्छरों से बचाव सबसे जरूरी है. घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह होता है. दिन और रात दोनों समय मच्छरों से बचाव करना जरूरी है, इसलिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल भी काफी मददगार होता है. अगर बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए, ताकि समय पर सही इलाज मिल सके. डेंगू और मलेरिया दोनों ही गंभीर बीमारियां हैं, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इनसे बचा जा सकता है. याद रखें, हर बुखार को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है. समय पर जांच और सही इलाज ही इन बीमारियों से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है.

गर्मी से राहत,घर पर बनाएं ठंडा और हेल्दी जलजीरा ड्रिंक

 गर्मी के मौसम में जब धूप सिर चढ़कर बोलती है और लू के थपेड़े लगते हैं तो पूरे शरीर की एनर्जी डाउन हो जाती है. तेज धूप और लू की वजह से शरीर में थकान महसूस होने लगती है और उस समय बस कुछ ठंडा-ठंडा पीने का दिल करता है और ऐसे में बाजार की कोल्ड ड्रिंक्स लोग पीते हैं जो उनकी हेल्थ के लिए अच्छी नहीं होती है क्योंकि उसमें अधिक मात्रा में शुगर होती है. अगर आप भी गर्मियों के दिनों में कुछ हेल्दी और टेस्टी पीना चाहते हैं तो आप घर पर जलजीरा बना सकते हैं. तेज धूप के बाद एक गिलास ठंडा-ठंडा जलजीरा राहत देने का काम करता है. बाजार में मिलने वाला जलजीरा भले ही अच्छा लगे, लेकिन घर पर बना ताजा जलजीरा ज्यादा हेल्दी, टेस्टी और हाइजीनिक होता है. खास बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है. जलजीरा पीने के फायदे जलजीरा सिर्फ एक टेस्टी ड्रिंक नहीं, बल्कि गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला सदियों-पुरानी ड्रिंक है.  इसमें इस्तेमाल होने वाला जीरा डाइजेशन को बेहतर बनाता है, वहीं पुदीना और धनिया शरीर को ताजगी देते हैं. काला नमक और अमचूर इसका टेस्ट बढ़ाने के साथ-साथ पेट को भी आराम पहुंचाते हैं और इस वजह से जलजीरा पीने से पेट की सभी दिक्कतों से आराम मिलता है. शेफ संजीव कपूर के स्टाइल में बनाएं जलजीरा शेफ संजीव कपूर ने घर पर जलजीरा बनाने की रेसिपी शेयर की थी, जो बेहद आसान है और उसे आप भी ट्राई कर सकते हैं. स्टेप बॉय स्टेप ऐसे बनाएं जलजीरा     जब जीरे से खुशबू आने लगे, तो उसे ठंडा करके मिक्सर में पीस लें.     अब इसमें काला नमक, थोड़ा सा अमचूर पाउडर, एक मुट्ठी पुदीना की पत्तियां डालें.     जार में ही थोड़ा धनिया, दो से तीन हरी मिर्च, और दो बड़े चम्मच नींबू का रस भी मिलाएं.     अब इन सभी चीजों में थोड़ा पानी मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें.     एक बड़े जग या ग्लास में बर्फ के टुकड़े और तैयार पेस्ट डालें और ऊपर से ठंडा पानी मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें.     अगर चाहें तो इसमें भुना हुआ जीरा पाउडर, चाट मसाला या बूंदी भी डाल सकते हैं. इससे इसका जलजीरा का टेस्ट और भी बढ़ जाएगा. घर पर बना जलजीरा न सिर्फ गर्मी से राहत देता है, बल्कि डाइजेशन के लिए भी फायदेमंद होता है. बाहर से महंगे ड्रिंक्स खरीदने के बजाय अगर आप यह देसी ड्रिंक घर पर बनाएंगे, तो पूरा परिवार इसे पसंद करेगा. वो आप से इसे बार-बार बनाने की जिद्द भी करेंगे.