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Sangrur में हिंसक झड़प, ट्रक यूनियन विवाद के बीच पुलिस पर हमला

संगरूर. संगरूर जिले के भवानीगढ़ क्षेत्र में ट्रक यूनियन की प्रधानगी को लेकर शुरू हुआ विवाद शनिवार देर रात हिंसक रूप ले बैठा। नेशनल हाईवे जाम करने और पुलिस पर पथराव करने के मामले में पुलिस ने दर्जन भर लोगों के खिलाफ इरादा कत्ल सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस घटना में दो पुलिस कर्मचारी घायल हो गए, जबकि पुलिस की दो गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। जानकारी के अनुसार, ट्रक यूनियन की प्रधानगी को लेकर दो गुटों के बीच पहले से तनाव बना हुआ था। शनिवार को प्रधानगी के चयन के लिए दिन तय किया गया था। इस दौरान एक पक्ष को डीएसपी दफ्तर बुलाकर वहीं बैठा लिया गया, जबकि दूसरे गुट की ओर से मालविंदर सिंह माला को प्रधान घोषित कर दिया गया। प्रधान घोषित करते ही विवाद हुई शुरू जब इस फैसले की जानकारी दूसरे पक्ष को मिली तो क्षेत्रीय विधायक नरिंदर कौर भराज डीएसपी दफ्तर पहुंचीं और अपने समर्थकों को वहां से बाहर निकाला। इसके बाद उनके समर्थकों ने लवली शर्मा काकड़ा को अपना प्रधान घोषित कर दिया। इसी को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद और अधिक बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लवली शर्मा को हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में उनके समर्थकों ने बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे को देर रात तक जाम रखा। जब पुलिस ने हाईवे खुलवाने की कोशिश की तो गुस्साए ट्रक आपरेटरों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस दौरान पुलिस कर्मियों को चोटें आईं और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। हिंसक धाराओं के तहत मामला दर्ज एसएसपी सरताज सिंह चाहल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी और अब तक दस से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

महारत्न कंपनी Steel Authority of India Limited में कटौती की आहट, मैनपॉवर कॉस्ट बना कारण

भिलाई नगर. महारत्न कम्पनी सेल में इस समय नियमित कार्मिक 49752 व ठेका श्रमिक 68066 हैं। दोनों को मिलाकर कुल मैनपॉवर 117818 है। सेल का मैनपॉवर कास्ट 11.62 प्रतिशत है। इसी को आधार बनाकर सेल की सभी यूनिटों में मैनपॉवर को कम करने कवायद जारी है। छंटनी में कितने की नौकरी जाएगी यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। इस समय नियमित कार्मिकों की तुलना में ठेका श्रमिकों की संख्या 18314 ज्यादा है। मैनपॉवर कास्ट कम करने के लिए अब दोनों की संख्या में कटौती करने के लिए सभी यूनिटों में कवायद चल रही है । इस्पात मंत्रालय का मानना है कि निजी स्टील कम्पनियों की तुलना में सेल का मैनपॉवर कास्ट 11.62 प्रतिशत है जो कि बहुत ज्यादा है। इस कास्ट को कम करने अब सेल को मैनपॉवर कम करने कहा गया है। नियमित कार्मिकों को जहां कम्पलसरी और वालंटरी रिटायरमेंट के जरिए कम किया जाएगा वहीं ठेका श्रमिकों की सीधे सीधे छंटनी की जाएगी। बीएसपी में ज्यादा छंटनी होने के आसार आंकड़ों की बात करें तो इस समय बीएसपी में नियमित कार्मिकों की संख्या 12552 है जबकि ठेका श्रमिक 16738 हैं। बीएसपी चूंकि सबसे बड़ी यूनिट है इसलिए यहां नियमित कार्मिकों और ठेका श्रमिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। ऐसे में तुलनात्मक रूप से यहां छंटनी की ज्यादा गुंजाइश है। सेल की अन्य यूनिटों- दुर्गापुर, राउरकेला, बोकारो, इस्को में भी आंकड़े बड़े हैं। जहां तक लेबर प्रोडक्टिविटी की बात है तो बीएसपी में यह पिछले माह 879 टन क्रूड स्टील / मैन/ वर्ष था। विगत वित्त वर्ष की औसतन लेबर प्रोडक्टिविटी 774 टन कूड स्टील/ मैन/ वर्ष थी। दुर्गापुर का मैनपॉवर कास्ट सबसे ज्यादा बीएसपी का मैनपॉवर कास्ट 10.90 प्रतिशत, दुर्गापुर का 13.47 प्रतिशत, राउरकेला का 10.08 प्रतिशत, बोकारो का 9.22 प्रतिशत, इस्को का 6.54 प्रतिशत है। इस तरह इस समय सबसे ज्यादा मैनपॉवर कास्ट दुर्गापुर का है। इन यूनिटों के अलावा अन्य यूनिटों को अपना मैनपॉवर कास्ट कम करने कहा जा रहा है। मैनपॉवर कास्ट को ही इस्पात मंत्रालय ने मैनपॉवर में कटौती करने का आधार बनाया है।

भोपाल गैस त्रासदी से लेकर आपातकाल तक,रघु राय ने कैमरे में कैद किया भारत का इतिहास

नई दिल्ली भारत के विविध रूपों को अपने कैमरे में कैद करने वाले देश के प्रख्यात छायाकारों (फोटोग्राफर) में से एक रघु राय का रविवार तड़के यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 83 वर्ष के थे. रघु राय के बेटे एवं छायाकार नितिन राय ने बताया ‘‘पिताजी को दो साल पहले प्रोस्टेट कैंसर हुआ था, लेकिन बाद में उन्हें राहत मिलने लगी थी. फिर कैंसर पेट तक फैल गया, जो ठीक हो गया. हाल में यह मस्तिष्क तक पहुंच गया था और उन्हें उम्र संबंधी अन्य तकलीफें भी थीं.'' रघु राय के परिवार में उनकी पत्नी गुरमीत, बेटे नितिन और तीन बेटियां- लगन, अवनि और पूर्वाई हैं. उनका अंतिम संस्कार रविवार शाम चार बजे लोधी श्मशान में किया जाएगा. रघु राय का जन्म 18 दिसंबर 1942 को पंजाब के झंग (पाकिस्तान वाले हिस्से) में हुआ था. उन्होंने फोटोग्राफी पर कई किताबें भी लिखी थीं. रघु राय का भारतीय फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता (Photo Journalist) में करियर 5 दशक से भी ज्यादा रहा है. उन्होंने आपातकाल से लेकर भोपाल गैस त्रासदी को अपने कैमरे में कैद किया था. इसके अलावा उन्होंने देश और दुनिया की कई महत्वपूर्ण घटनाओं को भी अपने कैमरे में उतारा था. उनकी ली हुई आज भी कई ऐतिहासिक तस्वीरें ऐसे ही हैं, जो महज फोटो नहीं बल्कि एक जीवंत दस्तावेज मानी जाती हैं. भोपाल त्रासदी की यह तस्वीर नहीं भूल सकता कोई उनकी भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal Gas Tragedy) की वह तस्वीर तो कई भी नहीं भूल सकता जो उन्होंने 4 दिसंबर 1984 को ली थी. यह उस समय की ब्लैक एंड व्हाइट फोटो थी. जब यह फोटो सामने आई तो पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था. अगर भी कोई तस्वीर देखता है तो वह उस वक्त के हादसे के दर्द को बयान करती है. रघु द्वारा ली गई भोपाल त्रासदी की इस तस्वीर को बाद में स्‍वतंत्र फोटो जर्नलिस्‍ट पाब्‍लो बार्थोलमियो कलर इमेज के साथ नया रूप दे दिया था. 42 साल भी ताजा लगते हैं गैस त्रासदी के जख्म भोपाल में यूनियन कार्बाइड लिमिटेड (Union Carbide Limited Fctory) नाम की एक फैक्ट्री थी, जहां कीटनाशक दवाओं का निर्माण किया जाता था. फैक्ट्री स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का एक बड़ा जरिया हुआ करती थी. दो दिसंबर 1984 को कर्मचारी अपनी रात की ड्यूटी पर थे. इसी बीच संयंत्र से खतरनाक गैस (मिथाइल आइसोसाइनेट) का रिसाव शुरू हो गया. टैंक नंबर 610, जहां सबसे पहले गैस रिसाव हुआ. बताया जाता है कि इसी टैंक से निकली गैस पानी से मिल जाने की वजह से बहुत जल्द भोपाल के एक हिस्से को अपने आगोश में लपेट लिया. 3 दिसंबर की सुबह, पूरी दुनिया को इस प्रलय के बारे में पता चला और उन्हें यकीन नहीं हुआ. इस हादसे में तुरंत लगभग 3000 लोगों की जान चली गई और हजारों लोग हमेशा के लिए शारीरिक रूप से कमजोर हो गए.

कूलर चलाने का सही समय: सुबह 5–6 बजे शुरू करें, पूरे दिन घर रहेगा ठंडा और बिजली की होगी बचत

 क्या आप जानते हैं कि कूलर आपका कमरा ही नहीं पूरे घर का ठंडा रख सकता है, अगर उसे सही समय पर चलाया जाए। दरअसल कूलर के काम करने की टेक्नोलॉजी AC से काफी अलग है। एयर कंडीशनर कमरे में मौजूद गर्म हवा को बाहर निकालता है और ठंडा और शुष्क बनाकर कमरे में वापस छोड़ता है। यही वजह है कि AC को किसी भी समय चलाया जाए, वह कमरा ठंडा कर सकता है। वहीं कूलर अलग तरह से काम करता है। वह बाहर की हवा को ठंडा करके कमरे में छोड़ता है। ऐसे में कूलर के लिए ठंडक देने के लिए जरूरी हो जाता है कि उसके आस-पास का माहौल बहुत ज्यादा गर्म ना हो। ऐसे में कूलर को अगर कूलर सही समय पर चलाया जाए, तो वह गर्मी बढ़ने से पहले दीवारों, फर्श और छत को ठंडा कर देता है। ऐसे में दिनभर ठंडा माहौल घर में बना रहेगा। इससे AC चलाने की जरूरत भी कम महसूस होगी और लंबी अवधि में आप पैसों की बचत भी कर पाएंगे। किस समय चलाना चाहिए कूलर? अगर आप चाहते हैं कि आपका कूलर दिनभर घर या कमरे को (जहां तक कूलर की हवा की रेंज है) को ठंडा करे, तो उसे तब चलाएं जब बाहर मौसम गर्म ना हो। इसके लिए आप सुबह 5-6 बजे का समय चुन सकते हैं। इस समय कूलर बाहर से हवा खींचकर उसे काफी ज्यादा ठंडा कर पाएगा क्योंकि बाहर ज्यादा गर्मी नहीं होगी। यह समय कूलर चलाने के लिए बेस्ट समझा जाता है और इसके बाद अगर 9-10 बजे तक कूलर को चलने दिया जाए, तो आपके घर या कमरे का तापमान दिनभर मेंटेन रहने के लिए सेट हो जाता है।(REF.) कूलर की टेक्नोलॉजी का कनेक्शन जैसा कि हमने बताया कूलर बाहर की हवा खींचकर उसे पानी से गुजाकर ठंडा करता है और उस ठंडी हवा को कमरे में छोड़ता है। अगर कूलर को बाहर गर्म हवा मिले, तो पानी से गुजारने के बावजूद वह ठंडी नहीं हो पाती और नतीजतन कूलर ठंडक नहीं दे पाता। यही वजह है कि कूलर उस समय चलाने की सलाह दी जाती है, जब बाहर वातावरण में गर्मी न हो। दिनभर कैसे बनी रहती है ठंडक? दिन के समय में कूलर चलाने की वजह से घर का फर्श, दीवारें और छंत ठंडक अपने भीतर स्टोर कर लेती हैं। इसके बाद जब दिन में तापमान बढ़ता है, तो वे पहले से ठंडी दीवारों और छत को उस तरह से नहीं तपा पाता, जैसे कि साधारण दीवारें या छत तप जाती हैं। इसका नतीजा यह रहता है कि आपका कूलर पूरा दिन घर का तापमान मेंटेन रख पाता है। इसके चलते आपको AC चलाने की जरूरत भी महसूस नहीं होती या 1-2 घंटे AC चलाकर और बाकी समय कूलर के साथ घर को चिल्ड रख सकते हैं। शाम और रात को चलाना कैसा? लोग कूलर को शाम या रात में चलाने की सलाह भी देते हैं और इसमें कोई बुराई भी नहीं है। हालांकि यह गर्मियों में झुलसने वाले उत्तर भारत के लिए ज्यादा ठीक समय नहीं है। दरअसल उत्तर भारत में तापमान 40-45 या कई बार 50 डिग्री तक भी पहुंचता है। ऐसे में कूलर दिन में ना चलाकर अगर शाम या रात में चलाया जाए, तो वह बुरी तरह से तप चुकी दीवारों और छत को ठंडा नहीं कर पाता। इसका सबसे ज्यादा फायदा तभी मिलता है, जब आप सुबह से ही दीवारों और छत का तापमान ठंडा कर लें। वहीं जहां गर्मी का ऐसा प्रकोप नहीं पड़ता, उनके लिए शाम या रात में कूलर चलाना भी अच्छा रहता है।  

निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी, Mohan Yadav सरकार देगी खाली पड़ी सरकारी जमीन उद्योगों को

भोपाल. प्रदेश में खाली पड़ी वर्षों पुरानी अनुपयोगी शासकीय भूमि अब राज्य सरकार बेचेगी नहीं बल्कि निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए दी जाएगी। इस दिशा में राज्य सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग ऐसी भूमि चिह्नित कर रहा है जिनका उपयोग बड़े उद्योगों के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के लिए किया जा सकेगा। दरअसल, कुछ जमीनें ऐसी है जो शहर के नजदीक या शहर के बीच में हैं। यहां बड़े उद्योग लगाना संभव नहीं इसलिए इन्हें लघु उद्योगों को आवंटित करने पर विचार किया जा रहा है। 198 एकड़ भूमि है खाली तिलहन संघ का सीहोर के पचामा में 70 एकड़ का सोयाबीन प्रोसेसिंग प्लांट, नर्मदापुरम के बनापुरा में 45 एकड़ में सोयाबीन प्रोसेसिंग प्लांट, मुरैना के जड़ेरूआ में 40 एकड़ में सरसों तेल प्लांट और सीधी जिले के चुरहट में 43 एकड़ में स्थित वनस्पति तेल का प्लांट है। कुल 198 एकड़ भूमि पर बंद पड़े इन चारों तेल उत्पादन प्लांटों की भूमि पर उद्योग स्थापित करने के लिए एमएसएमई और एमपीआइडीसी को देने की तैयारी है। बता दें, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने हाल ही में कहा था कि सरकार अब सरकारी जमीनों को सीधे निजी हाथों में बेचने के बजाय, उन पर स्वयं या सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में आइटी पार्क, डाटा सेंटर और हाईटेक टाउनशिप विकसित करेगी। हाईवे किनारे की भूमि पर क्लस्टर विकसित करने की तैयारी राज्य सरकार की तैयारी है कि हाईवे किनारे से लगी प्राइम लोकेशन की जमीन पर क्लस्टर विकसित किए जाएं। एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत फूड प्रोसेसिंग इकाई और टेक्सटाइल पार्क जैसे क्लस्टर लगाए जाएं। ऐसी प्राइम लोकेशन चिह्नित कर निवेशकों को बताई जाएगी। पांच साल में बेच दीं 101 शासकीय संपत्तियां मध्य प्रदेश सरकार ने पांच साल में 1,110 करोड़ रुपये में 101 शासकीय संपत्तियां बेच दीं। यह संपत्तियां प्रदेश में और प्रदेश के बाहर स्थित थीं। वर्ष 2020 में बनाए गए लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के अस्तित्व में आने के बाद ये संपत्तियां बेची गईं। राज्य परिवहन निगम के बस डिपो, विभिन्न बोर्ड की जमीन, सरकारी कार्यालय, जेल विभाग की भूमि सहित कुल 101 सरकारी संपत्तियों का विक्रय किया गया। ग्वालियर की 19 संपत्तियां, इंदौर की 13, भोपाल की चार, जबलपुर की तीन, उज्जैन की छह, मुरैना की तीन, नर्मदापुरम तीन, भिंड दो, बालाघाट की तीन सहित कुल 101 सरकारी संपत्तियां विक्रय की गई हैं। 4,44,941.88 वर्ग किमी क्षेत्रफल की परिसंपत्ति का विक्रय किया गया है। भोपाल में प्राइम लोकेशन पर स्थित आरटीओ और मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम की संपत्ति भी विक्रय करने की तैयारी थी लेकिन बाद में इसका प्रस्ताव टाल दिया गया। कलेक्टरों को पत्र भी लिखा है – सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए जिलों से भूमि मांगी है। खाली पड़ी शासकीय भूमि उद्योग को देने के लिए कलेक्टरों को पत्र भी लिखा है। – दिलीप कुमार, आयुक्त, एमएसएमई  

Bhopal में आग का तांडव, कचरा स्टेशन पर काबू पाने में घंटों मशक्कत

भोपाल. शहर के अन्ना नगर इलाके में स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन में शनिवार देर रात भीषण आग लग गई, जिसकी सूचना मिलते ही फायर दमकल मौके पर पहुंची और करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान स्टेशन में रखा कचरा पूरी तरह से जलकर खाक हो चुका था। नगर निगम के फायर अधिकारी सौरभ पटेल का कहना है की सूचना मिलते ही मौके पर सभी फायर स्टेशनों से दमकलों को रवाना कर दिया गया था। किसी भी तरह की जनहानि नहीं आग पर काबू पा लिया गया है इस दौरान किसी भी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, अन्ना नगर स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन में शनिवार देर रात 12 बजे आग लग गई। स्टेशन से आग की लपटें देख लोगों ने फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी। जानकारी मिलते ही गोविंदपुरा, फतेहगढ़, संत हिरदाराम नगर, कोलार, गांधीनगर समेत सभी 11 फायर स्टेशनों से दमकलें मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया गया था। आग पर काबू पाने में लग गए 10 घंटे 50 से अधिक दमकल व पानी के टैंकरों की मदद से 10 घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका था। बताया जा रहा है कि कचरा ट्रांसफर स्टेशन में रिसीलिंग वाले कपड़ों का ढेर लगा था। यह करीब 150 टन था। वहीं, 25 टन कचरा भी था। रिसाइकलिंग यूनिट में सबसे पहले आग लगी थी, जो करीब एक महीने से बंद पड़ा था। हालांकि, आग कैसे लगी इसका खुलासा नहीं हो सका है। इलाके में हड़कंप, रातभर नहीं सोए रहवासी अन्ना नगर में यह कचरा प्लांट मुख्य रोड से कुछ ही दूरी पर स्थित है। ऐसे में भीषण आग लगने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोग रात भर नहीं सोए। भीषण आग होने की वजह से फायर ब्रिगेड ,नगर निगम और पुलिस बल सुरक्षा के मद्देनजर रविवार सुबह तक मौके पर तैनात रहे। वहीं कुछ दमकलों को भी तैनात किया गया है।

एक्सपर्ट्स की सलाह,IRFC, पॉलीकैब और बजाज फाइनेंस में सोमवार को खरीदारी के संकेत

नई दिल्ली सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवर को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी हलचल हो सकती है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। इस माहौल के बीच कुछ शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी। ये शेयर- इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्प यानी आईआरएफसी, पॉलीकैब इंडिया, बजाज फाइनेंस, एसबीआई, कोल इंडिया और ग्रासिम हैं। एक्सपर्ट ने खरीदने की दी सलाह आनंद राठी में टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर गणेश डोंगरे ने इन तीनों शेयर को सोमवार को खरीदने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्प के शेयर को ₹103-106 पर खरीदा जा सकता है। इस शेयर का टारगेट प्राइस ₹111 और स्टॉप लॉस ₹98 रखने की सलाह दी गई है। इसी तरह, पॉलीकैब इंडिया के शेयर को ₹8040-8070 रेंज पर खरीदने की सलाह दी गई है। शेयर के लिए टारगेट प्राइस ₹8300 और स्टॉप लॉस ₹7900 तय किया है। वहीं, बजाज फाइनेंस की बात करें तो ₹921 पर खरीदने और टारगेट प्राइस ₹965 तय किया है। इस शेयर के लिए स्टॉप लॉस ₹900 तय है। बाजार पर क्या बोले? गणेश डोंगरे ने कहा कि हाल के जियो पॉलिटिक्स के हालात ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आने वाला सप्ताह बहुत अहम होगा, क्योंकि निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत से जुड़ी अपडेट्स पर नजर रखेंगे। ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे सोच-समझकर दांव लगाएं, रिस्क मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखें और खबरों से होने वाली उतार-चढ़ाव के प्रति सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्तर पर किसी भी तरह के तनाव या समाधान का बाजार की दिशा पर बड़ा असर पड़ सकता है। Nifty 50 के आउटलुक पर डोंगरे ने कहा कि लगातार तीसरे सप्ताह इस इंडेक्स ने अपनी रिकवरी जारी रखी, जो घरेलू बाजारों में बेहतर होते सेंटिमेंट को दिखाता है। हालांकि, इंडेक्स ने 25,000 के मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर के पास कुछ हिचकिचाहट दिखाई। टेक्नीकल नजरिए से Nifty के लिए तुरंत सपोर्ट 23,500–23,800 की रेंज में है जबकि 24,800–25,000 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है। किसी भी करेक्शन के दौर में 23,000–23,500 का जोन एक मजबूत डिमांड एरिया के तौर पर काम करने की उम्मीद है। एसबीआई, कोल इंडिया और ग्रासिम एक अन्य एक्सपर्ट और चॉइस ब्रोकिंग के कार्यकारी निदेशक सुमीत बगड़िया ने भी तीन शेयरों पर दांव लगाने की सलाह दी है। सुमीत बगड़िया ने SBI, कोल इंडिया और ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयर खरीदने की सलाह दी। एक्सपर्ट ने SBI के लिए ₹1101 पर खरीदने की सलाह दी है। शेयर के लिए टारगेट ₹1180 और स्टॉप लॉस ₹1048 रखा है। वहीं, कोल इंडिया को ₹456 पर खरीदने की सलाह दी गई है। इस शेयर का टारगेट ₹488 और स्टॉप लॉस ₹440 है। इसके अलावा, ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयर को ₹2739 पर खरीदने की सलाह है। शेयर का टारगेट ₹2915 और स्टॉप लॉस ₹2626 तय किया गया है।

इन 7 फलों से बनाएं नेचुरल फेस पैक, चेहरा रहेगा फ्रेश और हेल्दी

 गर्मी के मौसम में तेज धूप और गर्म हवाएं चेहरे को नुकसान पहुंचाती हैं. डिहाइड्रेशन की वजह से स्किन ड्राई, बेजान और रफ दिखने लगती है. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने चेहरे का खास ख्याल रखें. इसके लिए महंगे प्रोडक्ट्स की बजाय आप घर में मौजूद मौसमी फलों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो आपकी स्किन को नेचुरल तरीके से हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने में मदद करते हैं. पपीता पपीते में मौजूद एंजाइम्स स्किन को एक्सफोलिएट करते हैं और कोलेजन बढ़ाने में मदद करते हैं. पपीते को मैश करके चेहरे पर लगाएं, इससे चेहरा सॉफ्ट और ग्लोइंग बनेगा. स्ट्रॉबेरी स्ट्रॉबेरी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो किल-मुहांसों को कम करने में मदद करते हैं. इसे मैश करके शहद के साथ मिलाएं और फेस पैक की तरह लगाएं. तरबूज तरबूज त्वचा को अंदर से हाइड्रेट करता है. इसके गूदे को सीधे चेहरे पर लगाएं या टोनर की तरह इस्तेमाल करें. ब्लूबेरी ब्लूबेरी स्किन को डैमेज से बचाती है और चमक बढ़ाती है. इसे दही के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाने से बेहतर रिजल्ट मिलते हैं. अनानास अनानास डार्क स्पॉट्स को कम करने में मदद करता है. इसका रस निकालकर पिंपल या दाग वाली जगह पर लगाएं. कीवी कीवी स्किन को सॉफ्ट बनाती है और एजिंग के लक्षण कम करती है. इसे मैश करके नारियल तेल के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं. आम आम त्वचा को मॉइश्चराइज करता है और एक्ने को कम करने में मदद करता है. इसे मैश कर फेस मास्क की तरह इस्तेमाल करें. इन आसान घरेलू उपायों को अपनाकर आप गर्मियों में अपनी चेहरे को हेल्दी, फ्रेश और ग्लोइंग बनाए रख सकते हैं.  

आम से बनाएं असरदार फेस पैक, स्किन बनेगी मुलायम और चमकदार

 गर्मियों के मौसम में सिर्फ लू और कब्ज जैसी दिक्कतें ही परेशान नहीं करती हैं, बल्कि इस मौमस में चेहरा भी मुरझा जाता है. यह मौसम अपने साथ धूप, पसीना और त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां लेकर आता है. तेज धूप की वजह से चेहरा बेजान दिखने लगता है, स्किन टैन हो जाती है और उसका नेचुरल ग्लो कहीं खो जाता है. इन सबकी वजह से लोग फिर बाजार में मिलनेव वाले महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार घरेलू नुस्खे ज्यादा असरदार साबित होते हैं. अगर आप इस गर्मी अपनी स्किन को ठंडक, पोषण और नेचुरल चमक देना चाहती हैं, तो आम आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आम सिर्फ फलों का राजा नहीं है, बल्कि इसमें कुछ ऐसे पोषण तत्व मौजूद होते हैं जो आपकी स्किन की खोई हुई चमक वापस लाने में मदद कर सकते हैं. इसलिए गर्मी के दिनों में आप आम से बना फेस पैक ट्राई कर सकते हैं. स्किन के लिए वरदान है आम आम को फलों का राजा कहा जाता है, लेकिन यह सिर्फ स्वाद के लिए ही मशहूर नहीं है. इसमें विटामिन A, C, E और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्किन को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं. आम त्वचा को हाइड्रेट करता है, डेड स्किन हटाने में कारगार है और चेहरे पर एक प्राकृतिक निखार लाता है. गर्मियों में आम आसानी से मिल जाते हैं, इसलिए इसे ब्यूटी रूटीन में शामिल करना काफी आसान होता है. ड्राई स्किन वाले ऐसे बनाएं मैंगो फेस पैक     अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो पके हुए आम का दो चम्मच गूदा लें.     उसमें एक चम्मच शहद और एक चम्मच दही मिलाकर अच्छी तरह पेस्ट तैयार करें.     इस फेस पैक को चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 15 से 20 मिनट तक छोड़ दें.     बाद में ठंडे पानी से धो लें. इससे त्वचा को गहराई से नमी मिलेगी और चेहरा मुलायम बनेगा. ऑयली स्किन वाले ऐसे करें इस्तेमाल     जिन लोगों की स्किन ऑयली होती है वो आम का गूदा, एक चम्मच बेसन और थोड़ा गुलाबजल मिलाकर पैक तैयार करें.     यह उनके फेस के एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करेगा और स्किन को फ्रेशनेस देगा.     चेहरे पर टैनिंग हो गई है, तो आम के गूदे में थोड़ा नींबू रस और दही मिलाकर लगाएं.     नींबू, आम और दही के मिक्सर से स्किन टोन को बेहतर बनाने में मदद करेगा. फेस पैक के बाद लगाएं ये चीजें फेस पैक लगाने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. पैक हटाने के बाद हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं. यदि आपकी स्किन सेंसेटिव है, तो पहले पैच टेस्ट करना न भूलें.

AAP को बड़ा झटका: राघव चड्ढा समेत 7 सांसद बीजेपी में शामिल

नई दिल्ली राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और हरभजन सिंह समेत सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से आम आदमी पार्टी (AAP) को तगड़ा झटका लगा है। इस मामले को लेकर AAP नेताओँ और जानकारों का कहना है कि अब पार्टी राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इन सांसदों के खिलाफ एक्शन की मांग कर सकती है। बता दें कि पंजाब में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले यह आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका है। इसका असर निश्चित तौर पर विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा। राज्यसभा सांसद और AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि वह इन सांसदों के खिलाफ ऐक्शन के लिए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को पत्र लिखेंगे और सातों सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग करेंगे। संजय सिंह ने कहा, जिस तरह से सात सांसद बीजेपी में गए हैं, यह असंवैधानिक और संसदीय नियमों के खिलाफ है। मैं राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखूंगा और मांग करूंगा कि इन सांसदों को अयोग्य ठहराया जाए। दल बदल कानून का सहारा लेना चाहती है AAP उन्होंने कहा, 'दलबदल विरोधी कानून के अनुसार राज्यसभा और लोकसभा में किसी तरह का अलग गुट मान्य नहीं होता, चाहे उसमें दो-तिहाई सदस्य ही क्यों न हों।' उन्होंने यह भी कहा कि इन सात सांसदों का भाजपा में जाना पूरी तरह "असंवैधानिक" और "गैरकानूनी" है। संवैधानिक स्तर पर मामला उठाना चाहती है AAP आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले को संवैधानिक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिए अपॉइनमेंट मांगा है। जानकारों का कहना है कि आम आदमी पार्टी चाहती है कि इन सभी सांसदों से राज्यसभा की सदस्यता वापस ले ली जाए। इसके लिए वह ‘राइट टु रीकॉल’ का इस्तेमाल करना चाहती है। हालांकि जानकारों का कहना है कि संविधान में इस तरह का प्रावधान नहीं है। अगर जनता चाहे तो चुने गए प्रतिनिधि को कार्यकाल खत्म होने से पहले हटा सकती है। इसे 'राइट टु रिकॉल' कहते हैं। शुक्रवार को एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्य भाजपा में शामिल हो गए, जिनमें से छह पंजाब से हैं। ये सात सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के सूत्रों के अनुसार, मान ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा, ताकि वे सांसदों की ''सदस्यता समाप्त करने'' के मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रख सकें।