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Gwalior में रिश्तों को किया तार-तार, बहन के घर पहुंचे भाई पर जानलेवा हमला

ग्वालियर. शहर के थाटीपुर इलाके में एक युवक पर उसकी बहन के ससुराल में जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। युवक अपनी बहन को ससुराल से लेने गया था, जहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर चाकू से हमला किया गया। जानकारी के अनुसार मुरैना निवासी देवेंद्र रजक एक निजी कंपनी में कार्यरत है। उसकी बहन की शादी थाटीपुर स्थित मेहरा कालोनी निवासी सोनू जाटव से हुई है। आरोप है कि शादी के बाद से ही महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और उसके साथ मारपीट की जाती थी। बहन को लेने पहुंचे भाई पर हमला परिवार में शादी होने के कारण देवेंद्र अपनी बहन को लेने शुक्रवार को ग्वालियर पहुंचा। दोपहर में पहुंचने के बाद उसने काफी देर तक बहन को साथ भेजने की गुहार लगाई, लेकिन ससुराल पक्ष ने इंकार कर दिया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। पति, देवर और ससुर ने मिलकर किया हमला रात के समय सोनू जाटव ने देवेंद्र पर हमला कर दिया। जब उसने बचने की कोशिश की, तो उसका भाई कृष्णा और पिता रामौतार रजक भी वहां पहुंच गए। तीनों ने मिलकर देवेंद्र के साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने आई बहन को भी नहीं बख्शा गया और उसे भी पीटा गया। चाकू से गले पर किए वार, हालत गंभीर हमले के दौरान आरोपितों ने देवेंद्र के गले पर चाकू से तीन वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी फरार अस्पताल से मिली सूचना के बाद थाटीपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि घटना के बाद से सभी आरोपित फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। एफआइआर दर्ज बहन के घर आए युवक पर बहन के पति, देवर और ससुर ने हमला कर दिया। यह लोग महिला को भी प्रताड़ित कर रहे थे। एफआइआर दर्ज कर ली है। -विपेंद्र सिंह चौहान, थाना प्रभारी, थाटीपुर

प्रीपेड बिजली मीटर रिचार्ज के ये जरूरी नियम जान लें, नहीं तो घंटों तक रह सकते हैं बिना बिजली के

 हाल ही में कई राज्यों में बड़ी संख्या में प्रीपेड बिजली मीटर इंस्टॉल किए गए हैं। इनके साथ बड़ी समस्या जो लोगों को आ रही वो ये कि प्रीपेड मीटर का बैलेंस माइनस में जाने से कनेक्शन तुरंत कट जाता है। ऐसे मे अगर मीटर को रिचार्ज करवाते समय सावधानी ना बरती जाए, तो घंटों बिना बिजली के रहना पड़ सकता है। दरअसल प्रीपेड मीटर का बैलेंस माइनस में जाने पर बिजली कट जाए, तो लोग आनन-फानन में किसी भी पेमेंट ऐप से मीटर रिचार्ज करवा लेते हैं। ऐसा करने पर बिजली विभाग के सर्वर पर आपके अकाउंट में राशि तुरंत अपडेट नहीं होती। इसमें कुछ समय लगता है और अगर सर्वर पर लोड अधिक हो, तो समय ज्यादा भी लग सकता है। गौर करने वाली बात है कि बिजली विभाग के सर्वर पर जब तक आपके खाते की राशि अपडेट ना हो, तब तक आपका कनेक्शन शुरू नहीं हो पाता। ऐसे में माइनस में बैलेंस चले जाने की वजह से कनेक्शन कटे, तो रिचार्ज करवाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए? बिजली कट जाए, तो जल्दी कैसे होगी शुरू? प्रीपेड बिजली मीटर का बैलेंस माइनस में जाने की वजह से अगर आपका कनेक्शन कट जाए, तो रिचार्ज किसी थर्ड पार्टी ऐप से ना कराएं। यह बात सही है कि कई पेमेंट ऐप्स पर प्रीपेड मीटर रिचार्ज करने का ऑप्शन मिल जाता है लेकिन थर्ड पार्टी ऐप्स से रिचार्ज कराने पर राशि तुरंत अकाउंट में अपडेट नहीं होती। ऐसे में जरूरी है कि आप रिचार्ज मीटर की ऑफिशियल ऐप या सरकारी वेबसाइट पर जाकर करवाएं। इससे आपका बैलेंस अपडेट होने में समय कम लगता है और आपका कनेक्शन जल्द शुरू कर दिया जाता है। सही राशि चुनना जरूरी कई बार लोग बैलेंस माइनस में जाने पर सिर्फ उतनी अमाउंट का ही रिचार्ज करवाते हैं, जितनी राशि माइनस में गई होती है। ऐसा करना गलत है और इससे आपके मीटर का बैलेंस पॉजिटिव नहीं हो पाता और बिजली शुरू होने में काफी समय लग जाता है। अगर आपके बिजली मीटर का बैलेंस -100 है, तो आपको 100 से ज्यादा रुपये का रिचार्ज कराना चाहिए। इसे आप 125 या 150 रुपये तक रखें ताकि आपका बैलेंस पॉजिटिव हो और बिजली जल्द से जल्द शुरू की जा सके। 1912 पर जानकारी देना ना भूलें कई बार सर्वर पर लोड ज्यादा होने से ऑफिशियल ऐप से भी रिचार्ज कराने पर अमाउंट को खाते में अपडेट होने में समय लग सकता है। इस स्थिति में आप 1912 पर कॉल करके अपने अकाउंट को अपडेट करवा सकते हैं। यह कॉल आपको रजिस्टर्ड नबंर से करना होगा और कॉल पर आपसे आपकी कस्टमर आईडी और रिचार्ज की ट्रांजैक्शन आईडी मांगी जा सकती है। ये तमाम डिटेल्स पास रखकर ही 1912 पर कॉल करें। इन तमाम बातों का ध्यान रखकर आप अपना कनेक्शन तुरंत चालू करवा सकते हैं।  

2 मई को मंगल के मेष राशि में प्रवेश से बनेगा रूचक राजयोग, इन राशियों की बदलेगी किस्मत

2 मई को ग्रहों के सेनापति मंगल मेष राशि में चले जाएंगे, जिससे रूचक राजयोग का निर्माण होगा. मई की शुरुआत में बनने वाला रूचक राजयोग ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही विशेष माना जाता है. यह योग तब बनता है जब मंगल ग्रह अपनी स्वराशि या उच्च राशि में मजबूत स्थिति में होता है. ऐसे में इस राजयोग का असर साहस, आत्मविश्वास और करियर से जुड़े क्षेत्रों पर खास रूप से देखने को मिलता है. मान्यता है कि रूचक राजयोग के प्रभाव से व्यक्ति में नेतृत्व क्षमता बढ़ती है और वह अपने दम पर सफलता हासिल करने में सक्षम होता है. इस दौरान नौकरी, बिजनेस और प्रतिस्पर्धा से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. कई लोगों के लिए यह समय नई शुरुआत और बड़े फैसले लेने के लिए अनुकूल साबित हो सकता है. आइए जानते हैं कि 2 मई को बनने जा रहे रूचक राजयोग से किन राशियों को लाभ होगा. क्या होता है रूचक राजयोग? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब मंगल ग्रह अपनी स्वराशि (मेष या वृश्चिक) या उच्च राशि में मजबूत स्थिति में होता है, तब रूचक राजयोग बनता है. यह योग व्यक्ति को साहसी, आत्मविश्वासी और नेतृत्व करने वाला बनाता है. ऐसे लोग अपने दम पर सफलता हासिल करने की क्षमता रखते हैं. मेष राशि मेष राशि के स्वामी मंगल हैं और इस समय वे आपकी ही राशि में मजबूत स्थिति में रहेंगे, जिससे रूचक राजयोग बनेगा. इसका असर आपके आत्मविश्वास और काम करने के तरीके में साफ नजर आ सकता है. करियर में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे. आर्थिक रूप से भी फायदा हो सकता है. पढ़ाई करने वालों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. सेहत में सुधार रहेगा. ऊर्जा भी भरपूर बनी रहेगी. खेल या प्रतियोगिता से जुड़े लोगों के लिए यह समय खास साबित हो सकता है. मिथुन राशि मिथुन राशि के लिए मंगल का यह गोचर लाभ भाव में रहेगा, जो कई अच्छे परिणाम दे सकता है. इस दौरान आपको धन कमाने के नए अवसर मिल सकते हैं. रुका हुआ पैसा भी वापस मिलने की संभावना है. निवेश से लाभ हो सकता है. प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले आपके पक्ष में जा सकते हैं. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है. समाज में आपकी पहचान और सम्मान बढ़ने के संकेत हैं. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के स्वामी भी मंगल ही हैं, इसलिए यह समय आपके लिए खास बन सकता है. रूचक राजयोग के प्रभाव से आपके पुराने प्रयास अब रंग ला सकते हैं. कार्यक्षेत्र में आपकी पकड़ मजबूत होगी. विरोधियों पर आप भारी पड़ सकते हैं. अगर कोई कानूनी मामला चल रहा है, तो उसमें राहत मिलने की संभावना है. आपकी बातों का असर लोगों पर पड़ेगा. समाज में आपकी छवि बेहतर होगी.

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान – मुख्यमंत्री साय

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

गरुड़ पुराण के अनुसार ये 5 पाप ले जाते हैं सीधा यमलोक, मृत्यु के बाद मिलता है कठोर दंड

 हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण को एक ऐसा मार्गदर्शक ग्रंथ माना गया है जो न केवल मृत्यु के रहस्यों को सुलझाता है, बल्कि जीवन जीने का सही तरीका भी बताता है. अक्सर लोग सोचते हैं कि उनके द्वारा किए गए गुप्त पाप दुनिया की नजरों से छिपे हैं, लेकिन गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद यमलोक में हर एक छोटे-बड़े कर्म का हिसाब बारीकी से किया जाता है. इंसान के कर्म ही तय करते हैं कि उसकी आत्मा को शांति मिलेगी या वह नर्क की भीषण यातनाओं में तड़पेगा. मृत्यु के बाद का सफर: कर्मों का लेखा-जोखा गरुड़ पुराण भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच का संवाद है. इसमें बताया गया है कि जब आत्मा शरीर का त्याग करती है, तो उसे यमदूतों द्वारा यमलोक ले जाया जाता है. वहां चित्रगुप्त व्यक्ति के जीवन भर के कार्यों का रिकॉर्ड पेश करते हैं. यदि जीवन में पुण्य कर्म अधिक हैं, तो आत्मा को सुख मिलता है, लेकिन यदि झोली पापों से भरी हो, तो यमराज के कठोर दंड का सामना करना पड़ता है. गौ हत्या: सबसे बड़ा और अक्षम्य अपराध सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और उसे पूजनीय माना गया है. गरुड़ पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति गौ हत्या करता है या गायों को कष्ट पहुंचाता है, उसे महापापी की श्रेणी में रखा जाता है. ऐसे व्यक्ति की आत्मा को मृत्यु के बाद कभी शांति नहीं मिलती और उसे यमलोक में युगों तक कष्ट भोगने पड़ते हैं. माता-पिता और गुरु का अनादर आज के दौर में लोग अक्सर अपने बुजुर्गों और गुरुओं का सम्मान करना भूल जाते हैं. गरुड़ पुराण चेतावनी देता है कि जो अपनी संतान होने का धर्म नहीं निभाते या अपने गुरु का अपमान करते हैं, उन्हें यमलोक में अत्यंत पीड़ादायक सजा दी जाती है. माता-पिता और गुरु को ईश्वर का रूप माना गया है, इसलिए उनका दिल दुखाना सीधे तौर पर यमराज के क्रोध को आमंत्रण देना है. भ्रूण हत्या: मानवता पर कलंक और उसकी सजा समाज में भ्रूण हत्या को एक जघन्य अपराध माना गया है. गरुड़ पुराण में भी इसे सबसे गंभीर पापों में गिना गया है. एक अजन्मे जीव की हत्या करने वाले व्यक्ति को नर्क में ऐसी यातनाएं दी जाती हैं, जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाए. ऐसे पापियों के लिए मोक्ष के द्वार हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं. विश्वासघात और झूठी गवाही का परिणाम किसी का भरोसा तोड़ना या स्वार्थ के लिए झूठी गवाही देकर किसी निर्दोष को फंसाना भी नरक का रास्ता खोलता है. गरुड़ पुराण कहता है कि जो व्यक्ति दूसरों के साथ छल-कपट करता है या विश्वासघात को अपना हथियार बनाता है, उसे मृत्यु के बाद वैतरणी नदी जैसी भयानक जगहों पर कष्ट झेलने पड़ते हैं.

कनाडा में छिपे मास्टरमाइंड पर शिकंजा, रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी शुरू

आगरा उत्तर प्रदेश के आगरा से शुरू हुए धर्मांतरण सिंडिकेट मामले में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. सिंडिकेट के मुख्य आरोपी और फंडिंग के स्रोत दाऊद अहमद पर शिकंजा कसते हुए आगरा पुलिस ने भोपाल स्थित उसकी संपत्ति को कुर्क कर दिया है और अब पुलिस उसे विदेश से भारत लाने की तैयारी में जुट गई है. इस पूरे मामले में अब इंटरनेशनल कनेक्शन और फंडिंग नेटवर्क की जांच भी तेज हो गई है. आगरा पुलिस ने भोपाल के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित रिलायबल हाईटेक सिटी में दाऊद अहमद के घर पर पहुंचकर कुर्की की कार्रवाई पूरी की. इससे पहले CrPC की धारा 82 के तहत नोटिस चस्पा किया गया था, लेकिन अदालत में पेश न होने पर अब धारा 83 के तहत संपत्ति कुर्क कर दी गई. कनाडा में छिपा है दाऊद आगरा पुलिस का मकसद साफ है कि आरोपी या उसका परिवार अब संपत्ति बेचकर फरार न हो सके. पुलिसिया सूत्रों के मुताबिक, पिछले 3 सालों से दाऊद अहमद कनाडा में मौजूद है. उसे भारत लाने के लिए आगरा पुलिस उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग से पत्राचार कर रही है ताकि CBI के जरिए इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया जा सके. इसके साथ ही MLAT यानी म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी के तहत भी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. इस पूरे मामले में एक बड़ा इंटरनेशनल कनेक्शन भी सामने आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक, दाऊद अहमद का संबंध कनाडा के ब्राम्पटन इस्लामिक सेंटर (Brampton Islamic Centre) से बताया जा रहा है. जांच एजेंसियां इस एंगल की पड़ताल कर रही हैं कि विदेश से आने वाली फंडिंग का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा था और क्या इसके जरिए देश के अंदर कोई संगठित नेटवर्क ऑपरेट किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि दाऊद अहमद पिछले करीब तीन साल से भारत नहीं आया है और उसकी गतिविधियां अब केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं. जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा जुलाई 2025 में हुआ था. जब आगरा के सदर क्षेत्र से दो सगी बहनें लापता हो गई थीं. जांच में सामने आया कि दोनों एक संगठित गिरोह के संपर्क में आ गई थीं. पुलिस ने उन्हें कोलकाता से बरामद किया, जिसके बाद इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ. 14 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार इस मामले में अब तक 14 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गिरोह का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान दिल्ली में सक्रिय था, जबकि उसकी सहयोगी आयशा गोवा से नेटवर्क चला रही थी. कनाडा और यूएई से फंडिंग पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस सिंडिकेट को विदेशों खासतौर पर कनाडा और यूएई से फंडिंग मिल रही थी. जांच में दाऊद अहमद को इस फंडिंग का अहम स्रोत बताया गया. पुलिस ने दाऊद अहमद की गिरफ्तारी के लिए भोपाल में दबिश भी दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया. अदालत के आदेश के बावजूद पेश न होने पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है. थाना सदर बाजार में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 209 के तहत एक और मुकदमा भी दर्ज किया गया है. पुलिस कमिश्नर का कड़ा संदेश इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कई लड़कियों को इस गिरोह के चंगुल से मुक्त भी कराया है. यानी साफ है कि पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में आगरा से हुए खुलासे के बाद अब यह मामला इंटरनेशनल नेटवर्क और फंडिंग तक जा पहुंचा है. फिलहाल, आगरा पुलिस इस सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए आगे भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है.

14 मई 2026 को बनेगा गजलक्ष्मी राजयोग, इन 3 राशियों की चमक जाएगी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनकी युति का विशेष महत्व होता है. 14 मई 2026 को धन और वैभव के प्रदाता शुक्र और सौभाग्य के देवता बृहस्पति (गुरु) एक ही राशि में मिलकर गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण करेंगे. यह राजयोग दशकों में एक बार बनने वाले दुर्लभ संयोगों में से एक है, जो दरिद्रता को दूर कर व्यक्ति को राजा के समान ऐश्वर्य देने की क्षमता रखता है. क्या है गजलक्ष्मी राजयोग का महत्व? ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब गुरु और शुक्र की युति होती है, तो इसे ज्ञान और संपदा का मिलन माना जाता है. गुरु विस्तार के कारक हैं, वहीं शुक्र सुख-सुविधाओं के. इन दोनों का साथ आना न केवल आर्थिक तंगी को खत्म करता है, बल्कि समाज में मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में भी भारी वृद्धि करता है. यह योग विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी होगा जो लंबे समय से करियर में रुकावट महसूस कर रहे थे. मेष राशि: मान-सम्मान और धन लाभ मेष राशि के जातकों के लिए यह राजयोग किसी वरदान से कम नहीं है. आपकी राशि में ग्रहों की स्थिति ऐसी बन रही है कि आय के नए स्रोत अचानक सामने आएंगे. यदि आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है, तो 14 मई के बाद उसके मिलने की संभावना बढ़ जाएगी. कार्यक्षेत्र में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. आपकी निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा.  यह समय नया निवेश करने के लिए भी काफी उत्तम है. मिथुन राशि: व्यापार में बड़ी सफलता व्यापारी वर्ग के मिथुन राशि के जातकों के लिए गजलक्ष्मी राजयोग तरक्की के द्वार खोलेगा. आपकी व्यावसायिक योजनाओं को अब नई गति मिलेगी. यदि आप साझेदारी में काम कर रहे हैं, तो मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इसके अलावा, पारिवारिक जीवन में चल रहे तनाव दूर होंगे, घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है. विदेश यात्रा के इच्छुक लोगों की मुराद इस अवधि में पूरी हो सकती है. सिंह राशि: करियर और पदोन्नति सिंह राशि वालों के लिए यह समय करियर में लंबी छलांग लगाने का है.  गुरु और शुक्र की कृपा से नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी इंक्रीमेंट मिल सकता है. जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें सफलता मिल सकती है. आपकी नेतृत्व क्षमता निखर कर सामने आएगी, जिससे कार्यस्थल पर आपका वर्चस्व बढ़ेगा.  स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिलेगा. आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे. अन्य राशियों पर प्रभाव और उपाय यद्यपि यह राजयोग मुख्य रूप से तीन राशियों को प्रभावित कर रहा है, लेकिन अन्य राशियों के लिए भी यह समय मिला-जुला रहेगा. इस शुभ योग का लाभ उठाने के लिए जातकों को शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करने चाहिए.

लकड़ी के चूल्हे पर गुड़ और घी से बनता शुगर-फ्री पेड़ा, अयोध्या से लेकर विदेश तक सप्लाई

बस्ती उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में इन दिनों मुस्लिम महिलाओं के हाथों से बना "राम जी पेड़ा" देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जमकर धूम मचा रहा है. इन पेड़ों के प्रसिद्ध होने के पीछे कारण देशी स्टाइल में बनाना है. जिसे बड़े-बड़े बर्तनों में लकड़ी के चूल्हों की मदद से महिलाओं द्वारा गुड़ डालकर शुद्ध दूध व देशी घी से बनाया जाता है. जिस वजह से ये काफी स्वादिष्ट होते हैं, इतना ही नहीं लकड़ी के चूल्हों पर पकने की वजह से इन पेड़ों में सोंधापन आने से इनके स्वाद में चार चांद लग जाते हैं. गुड में बनने की वजह से ये शुगर फ्री होते हैं, जिस वजह से इन पेड़ों की मांग देश से ज्यादा विदेशों में है. क्योंकि ये किसी को नुक़सान नहीं पहुंचाते हैं. हालांकि इन महिलाओं का सपना साकार नहीं होता अगर इन्हें युवा उद्यमी का साथ नहीं मिला होता. क्योंकि युवा उद्यमी ने ही इन्हें बिजनेस प्लान बताया. जिसके बाद महिलाओं ने इस अमल में लाया. अयोध्या में भोग लगाने के बाद भेजा जाता है विदेश जानकारी के अनुसार बस्ती जिले के रहने वाले युवा उद्यमी मनीष मिश्रा गांव ने बेरोज़गार और गरीब महिलाओं को रोजगार के लिए पहले तो पेड़े बनाने की ट्रेनिंग दी. उसके बाद उन्हें रा-मैटेरियल देकर काम की शुरुआत की और धीरे-धीरे महिलाओं का कारवां बढ़ता गया और आज 500 गरीब महिलाएं इस रोजगार से जुड़ीं हैं. ये महिलाएं हजारों रुपए कमाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रही हैं, सबसे हैरानी कि बात यह है कि इस काम में मुस्लिम महिलाएं भी अपना हाथ बंटाती हैं. "राम जी का पेड़ा" देशी स्टाइल में बेहद ही स्वच्छता और हाइजीन तरीके से बनाया जाता है. जिसे लकड़ी के चूल्हे पर दूध में गुड़ डालकर शुद्ध देशी घी में पकाया जाता है. चूल्हे पर पकने की वजह से पेड़े में सोंधी खुशबू आ जाती है. जिससे इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. गुड़ से बने इस पेड़े की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूर्ण रूप से शुगर फ्री होता है. जिस वजह से इसकी देश विदेश के बाजारों में मांग है. "राम जी पेड़ा" बनने के बाद पहले अयोध्या जाता है. यहां भगवान राम को भोग लगाया जाता है फिर देश- विदेश में इसकी सप्लाई की जाती है. दो दिनों में ही तैयार हो जाता है कई किलो पेड़ा इस संस्था के मैनेजर ने बताया कि हमारा "राम जी का पेड़ा"देश ही नहीं बल्कि विदेशों में जैसे रूस व यूरोप जैसे देशों में सप्लाई किया जा रहा है. ऑर्डर आने के बाद महिलाएं काम में जुट जाती हैं. दो दिनों में ही कई किलो पेड़े बनाकर उसे मटके में पैक कर देती हैं. जिसके बाद इन पेड़ों का अयोध्या में भोग लगाया जाता है. फिर देश के अलावा विदेशों में भी सप्लाई किया जाता है.

शुरुआत में 17 शहरों के लिए घरेलू उड़ानें, एयरलाइंस कंपनियों ने खाका तैयार किया

नोएडा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अगले महीने उड़ानें शुरू करने की तैयारी है. एयरलाइंस कंपनियों ने शुरुआत में 17 शहरों के लिए घरेलू उड़ानें शुरू करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है. यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की एयरपोर्ट साइट पर बोर्ड बैठक हुई. बैठक में एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होने में आ रही रुकावटों समेत अन्य प्रस्तावों पर चर्चा की गई. मई के अंत तक एयरपोर्ट से घरेलू और कार्गो विमान सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया. तीन एयरलाइंस कंपनियों के पदाधिकारियों से वार्ता की गई, जिन्होंने शुरुआत में एयरपोर्ट से 17 फ्लाइट्स शुरू करने का प्रस्ताव रखा है. 17 शहरों के लिए मिलेगी कनेक्टिविटी बैठक में पूरा खाका तैयार करने और टिकट बुकिंग सेवा शुरू करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के आदेश दिए गए. हालांकि, उड़ान के लिए शहरों का चयन अभी नहीं हो सका है. नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) से उड़ान के लिए अंतिम मंजूरी के प्रस्ताव पर भी यापल और नायल के अधिकारियों के बीच बैठक हुई. सुरक्षा और विदेशी CEO का मसला बकास से अभी एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) को मंजूरी मिलना बाकी है. इसके बाद ही उड़ान सेवा शुरू की जाएगी. इस दौरान गृह मंत्रालय की आपत्तियों को दूर करने और विदेशी सीईओ से संबंधित मसले को सुलझाने पर भी अधिकारियों के बीच मंथन हुआ. यापल के अधिकारियों ने दावा किया कि इस पर काम शुरू हो गया है और एएसपी के लिए सभी आपत्तियां इसी माह में दूर कर ली जाएंगी, ताकि मई तक उड़ानें शुरू की जा सकें. इंफ्रा पर बड़ा निवेश, 300 करोड़ खर्च होंगे यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की बोर्ड बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एयरपोर्ट पर अगले दो वर्षों में विमानों को खड़ा करने के लिए 25 नए स्टैंड बनेंगे, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. वर्तमान में 28 स्टैंड बनकर तैयार हैं, जिनमें तीन कार्गो और 25 व्यावसायिक विमानों के लिए हैं. इसके अलावा, एयरपोर्ट पर 10 एयरोब्रिज जोड़े गए हैं, जिससे विमान यात्री एक साथ उड़ान भर सकेंगे. एयरपोर्ट के रनवे को प्रति घंटे लगभग 30 विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग की क्षमता के साथ तैयार किया गया है.

‘भूत बंगला’ बॉक्स ऑफिस पर धमाल, दूसरे वीकेंड में 90% की छलांग

अक्षय कुमार की फिल्म भूत बंगला का क्रेज जनता के सिर चढ़कर बोल रहा है. अक्षय-प्रियदर्शन के कॉमेडी रीयूनियन ने जनता को थिएटर्स में खींचने का पूरा प्रबंध कर रखा है. पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ की वजह से वर्किंग डेज में भी भूत बंगला दमदार बनी रही और अब दूसरे वीकेंड में भी धमाके कर रही है. बॉक्स ऑफिस पर शानदार एक हफ्ता बिताने के बाद, शुक्रवार से इस फिल्म ने दमदार तरीके से दूसरा हफ्ता स्टार्ट किया. लेकिन शनिवार को तो भूत बंगला फिर से धाकड़ मोड में आ गई. शनिवार सुबह से ही जनता ने इस फिल्म के टिकट धड़ाधड़ उठाने शुरू कर दिए. ऑडियंस में ऐसी एक्साइटमेंट थी कि एक ही दिन में फिल्म का कलेक्शन डबल हो गया. भूत बंगला का तगड़ा जंप शुक्रवार को वीकेंड की शुरुआत होती है लेकिन दिन में तो लोग नौकरियों पर ही रहते हैं. इसलिए कलेक्शन गुरुवार से थोड़ा सा ही बेहतर हुआ, मगर ये दिखने लगा था कि शाम के शोज से जनता में भूत बंगला के टिकटों की डिमांड बढ़ रही है. शुक्रवार को भूत बंगला ने ऑलमोस्ट 6 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. शनिवार को भूत बंगला ने असली वीकेंड धमाका किया. ट्रेड रिपोर्ट्स बता रही हैं कि शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को भूत बंगला की कमाई में 90% तक का जंप आया है. यानी कलेक्शन करीब दोगुना होकर 11 करोड़ के आसपास पहुंच गया है. अब 9 दिन में भूत बंगला का टोटल नेट कलेक्शन 111 करोड़ रुपये के करीब है. सुपरहिट बनने के रास्ते पर भूत बंगला संडे को एक बार फिर से भूत बंगला के कलेक्शन में अच्छा जंप आने का अनुमान है. इस जंप के साथ 10 दिनों में फिल्म का कलेक्शन 125 करोड़ के बहुत करीब पहुंच जाएगा. फिल्म का रिपोर्टेड बजट 110-120 करोड़ बताया गया है. यानी पहले 10 दिनों में ही अक्षय की फिल्म ने अपना बजट सिर्फ इंडियन बॉक्स ऑफिस से ही पूरी तरह रिकवर कर लिया है. अभी अगले दो हफ्तों तक भूत बंगला के सामने कोई ऐसी बॉलीवुड फिल्म नहीं आने वाली जिसके आने से इसके कलेक्शन पर असर पड़े. इसलिए अक्षय की फिल्म कम से कम 150 करोड़ नेट कलेक्शन तक तो आराम से पहुंचेगी. एक लंबे समय बाद अक्षय की कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इस तरह हिट होने जा रही है.