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Vidisha में ग्राहक के साथ धोखा, LPG सिलिंडर से निकला पानी

विदिशा/भोपाल. ग्यारसपुर क्षेत्र में रसोई गैस सिलिंडर में गैस की जगह पानी निकलने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्यारसपुर निवासी विनीताबाई कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लिया था और 13 अप्रैल को सिलिंडर भरवाया था। करीब 12 दिन उपयोग के बाद सिलेंडर ने काम करना बंद कर दिया। परिजनों ने जब सिलेंडर की जांच की तो उसमें से पानी जैसी आवाज आने लगी और झुकाने पर पानी निकलने लगा। शिकायत लेकर एजेंसी पहुंचे विनीता के पति रमेश कुशवाहा को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जांच में सामने आया कि लगभग 4 किलो गैस उपयोग हो चुकी थी, जबकि शेष सिलेंडर में पानी भरा था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार नया सिलिंडर भरवाने में असमर्थ है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने भी एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में गैस एजेंसी संचालक अभिषेक सुगंधि का कहना है कि उपभोक्ता को दोबारा बुकिंग करने के लिए कहा गया है और नंबर आने पर 4 किलो गैस की राशि समायोजित कर नया सिलेंडर दिया जाएगा। एसडीएम ने किया उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को परखा किसानों की सुविधा और गेहूं उपार्जन कार्य को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से ग्यारसपुर क्षेत्र में एसडीएम शशि मिश्रा ने विभिन्न उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चक पाटनी, चिरावटा एवं ग्यारसपुर स्थित वेयरहाउस पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।निरीक्षण के दौरान तुलाई व्यवस्था, नमी मापदंड और रिकॉर्ड संधारण की बारीकी से जांच की गई। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उपार्जन कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाए। इस दौरान जिला परियोजना प्रबंधक संजय चौरसिया, वित्त जिला प्रबंधक जितेंद्र सुराना, आईबीसीवी जिला प्रबंधक रवि चौकसे, विकासखंड प्रबंधक रेखा वर्मा और सहायक विकासखंड प्रबंधक शोभा झा की टीम ने भी केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने तौल कांटों की स्थिति, तुलाई प्रक्रिया और कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। टीम ने हमालों से प्रति ट्रॉली गेहूं की मात्रा की जानकारी ली और सर्वेयर तथा वेयरहाउस संचालक से चर्चा कर व्यवस्थाओं का आकलन किया। साथ ही समूह की महिलाओं से संवाद कर उन्हें सहयोग देने के निर्देश दिए, ताकि उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।

1 मई से तेंदूपत्ता संग्रहण का अभियान, 639 फड़ों पर होगी खरीद व्यवस्था

राजनांदगांव. जिले के वन क्षेत्र में तेंदूपत्ता का अधिक से अधिक संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग द्वारा इस वर्ष 639 फड़ की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है। जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित राजनांदगांव द्वारा तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा। तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए कुल 49334 संग्राहकों को जोड़ने की तैयारी की गई है। वन विभाग के अधिकारियों की माने तो 1 में से तेंदूपत्ता की तोड़ाई ड़ाई शुरूकर दी जाएगी। वन मंडल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी पाना बरस, आंधी, डोगर गांव, अर्जुनी, छुरिया चिचोला, बागनदी, डोंगरगढ़ से लगे वन क्षेत्र सहित आसपास के जंगली क्षेत्रों में तेंदूपत्ता का अधिक से अधिक संग्रहण सुनिश्चित करने का कार्य किया जाएगा। जिसकी तैयारियां विभाग द्वारा पूर्ण कर ली गई है। विभाग द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2026 तेंदूपत्ता संग्रहण में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों की संख्या 50 रखी गई है। लॉट इकाई संख्या – 51 बनाई गई है। संग्रहण केन्द्रों की संख्या (फड़ संख्या) 639 तैयार किए गए हैं। वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण लक्ष्य 80800.000 मानक बोरा रखा गया है। वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता का संग्रहण दर 5500.00 प्रति मा.बो. शासन द्वारा निर्धारित किया गया है।

नए पार्टी कार्यालय का उद्घाटन, राजस्थान में 7 दफ्तरों का वर्चुअल शुभारंभ

टोंक टोंक में भारतीय जनता पार्टी की मेगा सभा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. 27 अप्रैल को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा टोंक पहुंचेंगे. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का राजस्थान में पहला दौरा होगा. यह दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है. खास इसलिए भी क्योंकि टोंक विधानसभा कांग्रेस नेता सचिन पायलट का गढ़ भी है. इस लिहाज से भी बीजेपी का यह आयोजन अहम माना जा रहा है.   7 नए पार्टी ऑफिस का भी होगा उद्घाटन इसी दौरान, टोंक में बीजेपी के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया जाएगा. साथ ही राजस्थान के छह अन्य पार्टी कार्यालयों का वर्चुअली उद्घाटन भी किया जाएगा. इसके बाद बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ी जनसभा आयोजित होगी. हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक 11 जगहों पर होगा स्वागत सभा को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत राजस्थानी परंपरा होगा. हेलीपैड से सभा स्थल तक 11 जगहों पर ढोल-नगाड़े और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य स्वागत की तैयारी है. प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पहले ही सभा स्थल का पूजन कर तैयारियों का जायजा लिया है. वहीं, कैबिनेट मंत्री भी तैयारी में जुटे हैं. जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं. 

निजी परिवहन कर्मियों का प्रदर्शन तेज, Bharatiya Mazdoor Sangh की रैली में Geeta Soni का नेतृत्व; 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

जांजगीर/रायपुर. भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के नेतृत्व में रायपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में निजी परिवहन कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार वाहन रैली और धरना प्रदर्शन किया। लगभग 300 ऑटोरिक्शा में भारतीय मजदूर संघ के ध्वज के साथ निकली इस रैली ने श्रमिक एकता का सशक्त प्रदर्शन किया। इस आंदोलन की विशेष बात यह रही कि कार्यक्रम का संचालन महासंघ की अखिल भारतीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी गीता सोनी के कुशल नेतृत्व में हुआ। उनके मार्गदर्शन में पूरे आयोजन को व्यवस्थित, शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से संचालित किया गया, जिससे श्रमिकों की मांगें मजबूती के साथ प्रशासन तक पहुंचीं। गीता सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि निजी परिवहन कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल संवाद और संगठित प्रयासों से ही संभव है, और संगठन उनके अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत रहेगा। आंदोलन का नेतृत्व अखिल भारतीय महामंत्री रविशंकर अल्लूरी ने किया, वहीं प्रदेश प्रतिनिधि के रूप में बीएमएस छत्तीसगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष शंखध्वनि सिंह बनाफर उपस्थित रहे। रैली के पश्चात परिवहन मंत्री, डीआरएम रायपुर, परिवहन आयुक्त एवं प्रदेश परिवहन सचिव के नाम 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। इसमें प्रमुख रूप से परिवहन कर्मचारी कल्याण बोर्ड के गठन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और बीमा सुविधाएं उपलब्ध कराने, सभी स्टेशनों पर प्रीपेड ऑटो बूथ एवं पार्किंग की व्यवस्था, ई-वाहनों के लिए पर्याप्त चार्जिंग प्वाइंट तथा अनधिकृत ओला, उबर और रैपिडो बाइक सेवाओं पर नियंत्रण की मांग शामिल है। कार्यक्रम को सफल बनाने में रायपुर रेलवे स्टेशन प्रीपेड ऑटो संघ के अध्यक्ष राजेश स्वामी, महासचिव दीपक मुदलियार, नारायण दास सोनी, भाटापारा ऑटो चालक संघ से गोविंद मनहरे, शिवकुमार साहू सहित बीएमएस के विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस पूरे आंदोलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि गीता सोनी के नेतृत्व में निजी परिवहन कर्मचारियों की आवाज अब और अधिक संगठित, सकारात्मक और प्रभावशाली रूप से सामने आ रही है।

लाल जोड़े में पहुंची मीरा परमार, वोट डालकर निभाया नागरिक कर्तव्य

गुजरात गुजरात के जामनगर में लोकतंत्र के प्रति समर्पण की खूबसूरत तस्वीर सामने आई. यहां एक युवती ने अपनी जिंदगी के सबसे खास दिन पर मतदान को प्राथमिकता दी. शादी की रस्मों और तैयारियों के बीच वह दुल्हन के जोड़े में सीधे मतदान केंद्र पहुंची और अपने वोट डाला. जामनगर नगर निगम क्षेत्र में स्थानीय स्वशासन चुनाव के लिए मतदान हो रहा था. इसी दौरान गुलाबनगर की रहने वाली मीरा परमार ने जिम्मेदार नागरिक होने का उदाहरण पेश किया. अपनी शादी के दिन जब आमतौर पर दुल्हन तैयारियों में व्यस्त रहती है, मीरा ने सबसे पहले मतदान केंद्र पहुंचने का फैसला किया. लाल जोड़े में मीरा जब पोलिंग बूथ पहुंचीं तो वहां मौजूद लोग उन्हें देखकर हैरान रह गए. मतदान कर्मियों से लेकर अन्य मतदाता तक सभी ने उनके इस कदम की सराहना की. मीरा ने मतदान किया, उंगली पर स्याही लगवाई और फिर मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने तस्वीरें भी खिंचवाईं. मीरा ने कहा कि मतदान हर नागरिक का अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है. लोकतंत्र को मजबूत करने का अवसर भी महत्वपूर्ण है. उनका मानना है कि अगर हर नागरिक मतदान को प्राथमिकता दे, तो देश और समाज दोनों मजबूत होंगे. मीरा के इस फैसले का उनके परिवार और रिश्तेदारों ने भी खुलकर स्वागत किया. सभी ने उनकी जागरूकता और जिम्मेदारी की तारीफ की. परिवार का कहना है कि मीरा ने न सिर्फ अपने लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक संदेश दिया है. जामनगर जिला प्रशासन ने भी मीरा के इस कदम की सराहना की. अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की पहल युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने में बेहद कारगर साबित होती है. बता दें कि गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के तहत 15 महानगरपालिकाओं, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों की 9,000 से अधिक सीटों के लिए मतदान हो रहा है. मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. अब मीरा परमार की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. लोग उनकी सराहना कर रहे हैं.

कोल थॉमस एलन बैकग्राउंड खुलासा, लिंक्डइन और डोनेशन सामने

 वॉशिंगटन शनिवार रात व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित बाकी लोगों पर जानलेवा हमला करने वाले शूटर के बारे में कई खुलासे हो रहे हैं. सार्वजनिक रिकॉर्ड्स से पता चला है कि वह दक्षिणी कैलिफोर्निया का रहने वाला एक टीचर और वीडियो गेम डेवलपर था.यही नहीं उसने पिछले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस को चंदा भी दिया था. मिल चुका टीचर ऑफ द मंथ का अवार्ड हमलावर टॉमस एलन को हिरासत में लेने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी लिंक्डइन प्रोफाइल खंगाली. प्रोफाइल सर्च करने पर पता चला कि टॉमस C2 एजुकेशन नाम की टेस्ट की तैयारी कराने वाली और ट्यूटरिंग कंपनी में पार्ट‑टाइम शिक्षक के रूप में काम करता था. कंपनी के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, दिसंबर 2024 में C2 ने टॉमस एलन को “टीचर ऑफ द मंथ” भी घोषित किया था. हालांकि शनिवार देर रात C2 के दिए गए फोन नंबर पर संपर्क नहीं हो सका. कमला हैरिस को दिया था 25 डॉलर का दान   लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, कोल टोमस एलन ने 2017 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री प्राप्त की है. इसके बाद उसने पिछले वर्ष कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी‑डोमिंगुएज हिल्स से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की थी.  फेडरल इलेक्शन कमीशन (FEC) के रिकॉर्ड के अनुसार, एलन ने अक्टूबर 2024 में कमला हैरिस के राष्ट्रपति अभियान को 25 डॉलर का दान भी दिया था. अकेले ही मारने आया था शूटर वॉशिंगटन डीसी की मेयर म्यूरियल बोउजर ने सीएनएन को बताया कि फिलहाल अधिकारियों के पास इस बात का कोई संकेत नहीं है कि व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर की घटना में किसी और की भूमिका थी.उन्होंने कहा,“इस समय ऐसा मानने की कोई वजह नहीं है कि इसमें कोई और शामिल था.” वहीं, वॉशिंगटन डीसी के अंतरिम पुलिस प्रमुख जेफरी कैरोल ने भी कहा, “इस वक्त ऐसा प्रतीत होता है कि संदिग्ध अकेला व्यक्ति था, यानी एक ही शूटर आया था और उसके साथ कोई नहीं था.”

माइकल जैक्सन बायोपिक का भारत में धमाका, दो दिनों में 10.5 करोड़ का कलेक्शन

माइकल जैक्सन का क्रेज इंडिया में कितना तगड़ा रहा है, इसके गवाह तो हम सब रहे हैं. इसलिए ये अनुमान लगाना किसी के भी लिए मुश्किल नहीं था कि 'किंग ऑफ पॉप' माइकल जैक्सन की बायोपिक को इंडिया में बहुत सॉलिड रिस्पॉन्स मिलने वाला है. मगर ये रिस्पॉन्स इतना तगड़ा होगा, ये शायद किसी ने नहीं सोचा था! शुक्रवार को रिलीज हुई ये बायोपिक माइकल, इंडियन बॉक्स ऑफिस पर शानदार कलेक्शन कर रही है. पहले से थिएटर्स में भीड़ जुटा रही कई बड़ी फिल्मों के बीच भी माइकल इंडिया में धमाका करने में कामयाब हुई है. इंडिया में माइकल का जलवा माइकल जैक्सन की बायोपिक का क्रेज गुरुवार शाम से नजर आने लगा था, जब इसने प्रीव्यू शोज से ही करीब 1.70 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था. शुक्रवार को कमाए 3.70 करोड़ के साथ माइकल का टोटल ओपनिंग कलेक्शन 5 करोड़ से ज्यादा रहा. 2026 में इंडियन बॉक्स ऑफिस पर हॉलीवुड फिल्मों की सबसे बड़ी ओपनिंग लेकर आई माइकल लगातार जमकर दर्शक जुटा रही है. शनिवार को फिल्म ने एक शानदार जंप के साथ बता दिया है कि माइकल का क्रेज इंडिया में कितना तगड़ा है. सैकनिल्क के अनुसार माइकल ने शनिवार को 5.10 करोड़ कलेक्शन किया है. ये शुक्रवार के मुकाबले ऑलमोस्ट 40% का जंप है. जनरली ऐसा तब होता है जब फिल्मों के शोज बढ़ाए जाते हैं. लेकिन माइकल के मामले में ये फैक्टर भी बहुत बड़ा नहीं है. शुक्रवार को इसके शोज 3000 से थोड़े ज्यादा थे और शनिवार को 3200 से थोड़े कम. ये साफ है कि माइकल के शोज में शुक्रवार से ज्यादा भीड़ शनिवार को नजर आई. पेड प्रीव्यूज मिलाकर माइकल ने दो दिनों में इंडिया में 10.5 करोड़ नेट कलेक्शन कर डाला है. माइकल का ये इंडिया कलेक्शन इसलिए दमदार है क्योंकि ये कई बड़ी फिल्मों के बीच थिएटर्स में पहुंची है. महीने भर से ज्यादा पुरानी धुरंधर 2 को अभी भी अच्छे दर्शक मिल रहे हैं. दूसरे हफ्ते में चल रही अक्षय कुमार की भूत बंगला भी जमकर भीड़ जुटा रही है. हॉलीवुड की दो फिल्में प्रोजेक्ट हेल मैरी और द ममी को ऐसा रिस्पॉन्स मिला है कि कोई भी थिएटर इनके पहले से सेट शोज हटाकर नई फिल्म नहीं लगाना चाहेगा. मगर फिर भी माइकल ने जनता को इतना इंप्रेस कर दिया है कि इतनी फिल्मों के बीच ये तगड़ी कमाई कर रही है. ये इंडिया में माइकल जैक्सन के जादू का कमाल है.

Punjab टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट में हजारों अभ्यर्थी शामिल, परीक्षा केंद्रों पर हलचल

अमृतसर. स्टेट कौंसिल ऑफ रिसर्च ट्रेनिंग की ओर से पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता के दूसरे चरण की परीक्षा का आयोजन रविवार को किया जा रहा है। इस परीक्षा में कुल चार हजार से अधिक विद्यार्थी बैठे हैं और पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा के लिए अपने आपको आंक रहे हैं. इस परीक्षा में सभी उम्मीदवार शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापकों को ही शामिल किया गया है। इससे पहले पंद्रह मार्च को पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा का आयोजन किया गया था। तब नए उम्मीदवारों को भी परीक्षा पास करने का अवसर दिया गया था। 26 अप्रैल को होने वाली पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा को लेकर अध्यापक संगठनों में काफी बवाल मचा हुआ था। पहले यह परीक्षा 19 अप्रैल को आयोजित की जानी थी। लेकिन इसके लिए अध्यापकों को करीब ढाई सौ किलोमीटर दूर सेंटर बनाए गए थे, जिस कारण अध्यापक संगठनों में विरोध पनप गया था। अध्यापकों के विरोध को देखते हुए पंजाब सरकार ने संबंधित अध्यापकों के शहर में ही अब परीक्षा केंद्रों का गठन कर दिया गया है। 26 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में संबंधित जिले में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में इन सर्विस अध्यापक परीक्षा देंगे। इस परीक्षा के लिए जिले में कुल पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए है। बनाए गए परीक्षा केंद्रों में सुबह व शाम के सेशन में टाउन हाल स्कूल ऑफ एमिनेंस सारागढ़ी, खालसा कालेज सीसे स्कूल ब्वॉयज, खालसा सीसे स्कूल गर्ल्स, गुरु नानक स्कूल घी मंडी में दोनों सेशन में 480-480 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। वहीं, छेहरटा सीसे स्कूल ऑफ एमिनेंस में 200-200 उम्मीदवार परीक्षा के लिए बैठेंगे। पहले सेशन की परीक्षा सुबह साढे नौ बजे से 12 बजे तक होगी। व दूसरी शिफ्ट दोपहर ढाई बजे से पांच बजे तक होगी। संबंधित सकूल का स्टाफ परीक्षा को सुचारू रूप से करवाएगा। संबंधित स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र का मुखी कंट्रोलर होंगे। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने हर परीक्षा केंद्र में बाहरी स्कूलों से सुपरिटेडेंट तैनात किए है। सुबह सात बजे से माल रोड कंट्रोल रूम से परीक्षा प्रश्न पत्र मिलने शुरू हो जाएंगे। परीक्षा प्रश्न पत्र कलेक्ट करने की जिम्मेदारी कंट्रोलर को दी गई है। एससीईआरटी की ओर से परीक्षा केंद्रों पर आब्जर्वर तैनात किए गए है। इसके अलावा नकल को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के बाहर व अंदर जैमर, कैमरे लगाए गए है। इसके अलावा उम्मीदवारों की बायोमैट्रिक की जाएगी। ताकि कोई बाहरी उम्मीदवार परीक्षा केंद्र में सेंध न लगा सके। परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी: डीईओ डिप्टी डीईओ सेकेंडरी राजेश खन्ना ने बताया कि परीक्षा को लेकर सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई है। स्टाफ को ड्यूटी आवंटित की गई है। किसी भी परीक्षा केंद्र में नकल को रोकने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए है। संबंधित कंट्रोलरों व स्टाफ को डयूटी आवंटित करते समय विशेष गाइडलाइन दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा को सुचारू रूप से करवाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए है। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा को बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग को लिखा गया है। ताकि वहां पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाए।

हजारों महिलाओं को सशक्त बनाने वाली Chandrakanti Nage को ‘नारी शक्ति सम्मान’, हुनर से बदल रही हैं जिंदगी

चारामा/कांकेर. न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित ‘आज की नारी: नारी शक्ति सम्मान’ कार्यक्रम में फाउंडेशन की कोऑर्डिनेटर चंद्रकांति नागे को उनके बहुमुखी कौशल और उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा किए गए सामाजिक और कौशल विकास कार्यों की एक महत्वपूर्ण पहचान है। कौशल ही बना पहचान का आधार ब्यूटी एवं स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में सक्रिय चंद्रकांति नागे सिलाई, ब्यूटी (पार्लर कार्य) सहित कई व्यावसायिक हुनरों में दक्ष हैं। अपने अनुभव और समर्पण के बल पर वे अपने क्लाइंट्स को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान कर रही हैं और क्षेत्र में एक विश्वसनीय नाम के रूप में स्थापित हो चुकी हैं। गरिमामयी उपस्थिति में मिला सम्मान इस अवसर पर अभिनेत्री दीपिका चिखलिया एवं कांची सिंह द्वारा, फाउंडेशन के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उनके कार्यों की सराहना की। हजारों को दिया आत्मनिर्भरता का मार्ग चंद्रकांति नागे ने अपने अनुभव और ज्ञान के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। उनके द्वारा प्रशिक्षित कई युवा आज आत्मनिर्भर बनकर अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर चुके हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। महिलाओं को देती हैं निरंतर प्रेरणा वे लगातार महिलाओं को अपने हुनर को पहचानने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका मानना है कि— “जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो वह अपने साथ पूरे समाज को भी आगे लेकर जाती है।” प्रेरणादायक सफर की मिसाल चंद्रकांति नागे का यह सफर न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो अपने हुनर और मेहनत के दम पर जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं।

मुख्य द्वार से जुड़े वास्तु टिप्स: सही दिशा और नियम से घर में बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि

वास्तुशास्त्र में मुख्य द्वार को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इसका सही स्थान और दिशा में होना अति आवश्यक होता है। क्योंकि, मेन गेट से होते हुए ही घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। साथ ही, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मुख्य द्वार से ही माता लक्ष्मी का भी आगमन होता है। ऐसे में वास्तु दोष से बचाव व घर में पॉजिटिविटी के लिए घर का मेन गेट बनवाते समय वास्तु की कुछ बातों और नियमों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। साथ ही, इसके आसपास मौजूद चीजों का प्रभाव भी घर और परिवार के सदस्यों पर पड़ता है और वास्तु दोष का कारण बन सकता है। ऐसे में आइए विस्तार से जानें मुख्य द्वार किस दिशा में होना चाहिए और इससे जुड़े जरूरी वास्तु नियम। मुख्य द्वार दिशा वास्तु अनुसार वास्तु गुरु मान्या और वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा में होना चाहिए। अगर ऐसा संभव न हो तो आप पूर्व या उत्तर पूर्व दिशा में भी मेन गेट बनवा सकते हैं। इस दिशा को मुख्य द्वार के लिए सबसे उत्तम माना गया है। वास्तु गुरु बताती हैं कि मेन गेट उत्तर दिशा 5 डिग्री से 346 डिग्री पर, पूर्व दिशा 90 डिग्री पर, दक्षिण दिशा 180 डिग्री पर और पश्चिम दिशा 270 डिग्री पर होना सबसे उत्तम होता है। इसका सकारात्मक प्रभाव परिवार पर भी देखने को मिलता है। मुख्य द्वार से जुड़े वास्तु नियम     घर के मुख्य द्वार के पास किसी भी प्रकार का कचरा या कबाड़ नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से इसका प्रतिकूल प्रभाव घर के अंदर के माहौल पर पड़ सकता है।     माना जाता है कि भूलकर भी मुख्य द्वार के आसपास भारी सामान नहीं रखना चाहिए। इसके अलावा, दरवाजे के पीछे, मुख्य द्वार के रास्ते में या आसपास भी किसी भी प्रकार की भारी वस्तु न रखें।     वास्तुशास्त्र के अनुसार, मेन गेट के ठीक सामने बिजली का खंभा या किसी भी प्रकार का पिलर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, इसके आसपास बड़ा पेड़ होना भी शुभ नहीं माना जाता है। ये घर में सकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने में बाधा का कारण बन सकते हैं।     इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि घर का मुख्य द्वार कभी भी रोड के टी-पॉइंट पर न हो। ऐसे स्थान की ऊर्जा बहुत अधिक और सीधी होती है जो घर के अंदर की शांति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।     नाली, गटर या जहां गंदा पानी इकट्ठा होता हो, ऐसे स्थानों के सामने या आसपास मुख्य द्वार नहीं बनवाना चाहिए। ऐसे स्थानों के पास मेन गेट मौजूद होने से पॉजिटिव एनर्जी अंदर प्रवेश नहीं कर पाती है।     मुख्य द्वार के पास आप तुलसी, मनी प्लांट जैसे शुभ और खूबसूरत दिखने वाले पौधे लगा सकते हैं। साथ ही, मेन गेट के दोनों तरफ साफ-सफाई का विशेष ध्यान जरूर रखना चाहिए। यह सकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।     घर के मेन गेट पर गोल्डन कलर का बल्ब जलाकर रखना शुभ माना जाता है। इससे आसपास का माहौल सकारात्मक बना रहता है। साथ ही, शाम के समय मुख्य द्वार पर कभी भी अंधेरा नहीं रखना चाहिए।     वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, घर का मुख्य द्वार बनवाते समय इस बात का ख्याल जरूर रखें कि उसके ठीक सामने कोई शीशा न लगा हो। ऐसा होने से सकारात्मक ऊर्जा शीशे से टकरा कर वापस बाहर चली जाती है।     घर के मुख्य द्वार पर दो पल्ले वाला दरवाजा लगाना सबसे शुभ माना जाता है। साथ ही, आप गेट के पास लोबान जला सकते हैं जिससे वहां का माहौल आनंददायक बना रहे।     मुख्य द्वार बनवाते समय इस बात का ख्याल जरूर रखें की यह घड़ी की दिशा में यानी क्लॉक वाइज ही खुलना चाहिए। मुख्य द्वार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण टिप्स अपने घर के मेन गेट बनवाते समय इस बात का ख्याल जरूर रखना चाहिए कि इसकी सीध में पूजा घर न हो। ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है। मुख्य द्वार के बिल्कुल सीध यानी सामने कभी भी रसोई घर नहीं बनवाना चाहिए। साथ ही, चूल्हा भी मेन गेट के सामने दिखना शुभ नहीं माना जाता है। वास्तु के अनुसार, कभी भी शौचालय या बाथरूम के सामने मेन गेट नहीं बनवाना चाहिए। ऐसा करना सही नहीं माना गया है। साथ ही, मुख्य द्वार के सामने सीढ़ियां भी नहीं होनी चाहिए।