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डिजिटल जनगणना 2027 पर जोर, पीएम मोदी के संदेश को सीएम ने सराहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण का भोपाल के वीआईपी रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में जनप्रतिनिधियों के साथ श्रवण किया। इस अवसर पर आमजन भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला एक सशक्त संवाद मंच है। इसके जरिए प्रधानमंत्री श्री मोदी समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरक कहानियों, नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे आमजन को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात कर कार्यक्रम को पूरे देशवासियों के मन में बिठा दिया है। उन्होंने देश को नवाचार की नई दृष्टि दी है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी को सशक्त करते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है हमारी 2027 की डिजीटल जनगणना : प्रधानमंत्री श्री मोदी 'मन की बात' में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि इन दिनों हमारे देश में एक बहुत ही अहम अभियान चल रहा है, जिसके बारे में हर भारतीय को जानकारी होनी जरूरी है। ये है जनगणना का अभियान, यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। हमारे साथी पहले भी इस तरह की प्रक्रिया से गुजर चुके हैं। इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है। जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजीटल बनाया गया है। सारी जानकारी सीधे डिजीटल माध्यम में दर्ज हो रही है। घर-घर जाने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप है। वे नागरिकों से बात करके उसी में सारी जानकारी दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना में आपकी भागीदारी भी आसान बनाई गई है, नागरिकगण खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। कर्मचारी के आने से 15 दिन पहले सबके लिए यह सुविधा शुरू होगी। नागरिक अपने समय के अनुसार जानकारी भर सकते हैं। जब जब नागरिक यह प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो उन्हें एक विशेष आईडी मिलती है। ये आईडी उनके मोबाइल या ई-मेल आईडी पर आती है। बाद में जब कर्मचारी उनके घर आता है, तो वे यही आईडी दिखाकर अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं। इससे दोबारा जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ती। समय भी बचता है और प्रक्रिया भी आसान हो जाती है प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश के जिन राज्यों में स्व-गणना का काम पूरा हो गया है, वहां, गणना कर्मचारी द्वारा घरों के सूचीकरण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया की अब तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण का कार्य पूरा भी हो चुका है। देश की जनगणना सिर्फ एक शासकीय काम नहीं है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है। इसमें नागरिकों की भागीदारी बहुत जरूरी है। नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है, यह गोपनीय रखी जाती है और इसे पूरी डिजीटल सुरक्षा के साथ सुरक्षित किया जाता है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि आइए, हम सब मिलकर इस प्रक्रिया में भाग लें और जनगणना 2027 को सफल बनाएं। आमजनों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर मौजूद आमजनों विशेषकर युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उनके साथ स्वल्पाहार कर नारी शक्ति वंदन सहित विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत बेटियों की शिक्षा की पुख्ता व्यवस्था एवं प्रोत्साहन सहायता, महिला सुरक्षा, महिला आरक्षण, इनकी आजीविका, समान वेतन और इन्हें स्वरोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन पर केंद्र सरकार तत्पर होकर प्रयास कर रही है, पर विपक्षी दलों के असहयोग के कारण यह प्रस्ताव संसद में पारित नहीं हो पाया। बच्चों का बढ़ाया हौंसला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेस्टोरेंट में कैप पेंटिंग कर रहे चार छोटे बच्चों से बाल सुलभ वार्तालाप कर उनकी हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बच्चों को अपने हाथों से नाश्ता कराया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई सम्बंधित बातचीत कर उन्हें हमेशा अपने बड़े-बुजु़र्गों, माता-पिता और बड़े भाई-बहनों का सम्मान करने और माता-पिता के नाम का उच्चारण करते समय सदैव 'श्रीमती' और 'श्री' से प्रारंभ कर सम्मानजनक संबोधन ही करने की सीख दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमजनों, युवाओं और बच्चों के साथ सहज रूप से अभिभावक की तरह अनौपचारिक चर्चा की और सबके साथ समूह चित्र खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मन की बात के श्रवण एवं आमजन से संवाद कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, श्री राहुल कोठारी, श्री रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिकगण उपस्थित थे। जल संरक्षण में हम हैं अव्वल कार्यक्रम के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मन की बात' प्रधानमंत्री श्री मोदी का पूरे देश को एकजुटता का सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में हमारा मध्यप्रदेश पूरे देश में अग्रणी है। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत हमारी सरकार नई जल संरचनाओं के निर्माण-विस्तार के साथ-साथ पुराने कुओं, तालाबों, बावड़ियों और अन्य पारम्पारिक जल स्रोतों जैसे हैंडपंप आदि को भी नया जीवन देने का प्रयास कर रही है। इस अभियान में जनभागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। यह अभियान 30 जून तक अनवरत चलेगा।

Madhya Pradesh Public Service Commission एग्जाम में कड़े नियम, एंट्री से पहले हटवाए गए टॉप्स और कलावा

देवास. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को शहर के 7 केंद्रों पर आयोजित की गई। सुबह 10 बजे से शुरू हुई परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों का केंद्रों पर 8 बजे से पहुंचना शुरू हो गया था। पुलिस और प्रशासनिक चाक चौबंद व्यवस्था के बीच परीक्षा करवाई गई। प्रवेश के पहले परीक्षार्थियों से कान की बालियां, टॉप्स, कंगन, कड़े उतरवाए गए। कलावा काटे गए। बायोमेट्रिक जांच की गई। प्रत्येक केंद्र पर प्रशासन के अधिकारी तैनात किए गए हैं वहीं 15 से अधिक पुलिस के जवान, एएसआई, सब इंस्पेक्टर प्रत्येक केंद्र पर तैनात हैं। पहला प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन का सुबह 10 से दोपहर 12:00 बजे तक होगा। बैग, घड़ी, मोबाइल जमा किए उसके बाद सामान्य अभिरुचि परीक्षण दूसरे प्रश्न पत्र की शुरुआत 2:15 बजे से होकर 4:15 तक चलेगी। परीक्षा के लिए जिले के सातों केंद्र पर 2220 परीक्षार्थी दर्ज हैं। सभी केंद्रों पर एक अलग कक्ष में सामान जमा करने की व्यवस्था की गई थी जहां परीक्षार्थियों द्वारा बैग, घड़ी मोबाइल फोन आदि जमा किए गए। पीएम कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस केपी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कुल 230 परीक्षार्थी दर्ज हैं, यहां पर 104 ने अपनी सामग्री निर्धारित कक्ष में जमा करवाई।  

धुर्वा में फेज-2 विकास की तैयारी, आधुनिक आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्र का होगा विस्तार

रांची रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन ने अपना दायरा बढ़ाने की तैयारी की है। राज्य सरकार ने धुर्वा स्थित एचईसी से 500 एकड़ अतिरिक्त जमीन लेने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस अतिरिक्त जमीन में स्मार्ट सिटी फेज 2 के रूप में विकसित किया जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य स्मार्ट सिटी का क्षेत्रफल बढ़ाकर आधुनिक आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र का विस्तार करना है। यह प्रस्तावित जमीन मौजूदा 656 एकड़ के प्रोजेक्ट के अलावा होगी। रांची स्मार्ट सिटी 656 एकड़ में धुर्वा क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जो पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। अतिरिक्त जमीन मिलने से स्मार्ट सिटी का दायरा बढ़ने के साथ यहां कई अत्याधुनिक सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। भारी उद्योग मंत्रालय प्रस्ताव पर कर रहा विचार अतिरिक्त जमीन लेने से राज्य सरकार ने एचईसी से बातचीत भी शुरू की है। बीते कुछ माह पहले रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने नई दिल्ली में केंद्र सरकार से इसे लेकर चर्चा की थी। अब भारी उद्योग मंत्रालय इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। जानकारी के अनुसार अब एचईसी जमीन चिन्हित कर रहा है। इसके तहत एचईसी को बड़ी राशि मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे निगम के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इसके अलावा मिलने वाली राशि से कर्मचारियों के बकाया भुगतान और मशीनों के आधुनिकीकरण का रास्ता खुलेगा। एचईसी के पास बड़ी मात्रा में अप्रयुक्त जमीन है, जहां अतिक्रमण की समस्या भी बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि इस जमीन का स्मार्ट सिटी में उपयोग कर इसे व्यवस्थित विकास में बदला जा सकता है। शहर के विकास का नया मॉडल होगा तैयार प्रस्तावित अतिरिक्त 500 एकड़ जमीन में एक ही स्थान पर आवासीय, व्यावसायिक या संस्थागत उपयोगों वाली गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी है। इससे छोटे कैफे, बुटीक, कंसल्टेंसी फर्म व रिटेल आउटलेट्स के लिए नए मौके खुलेंगे। स्मार्ट सिटी के विस्तार से धुर्वा, हटिया व जगन्नाथपुर क्षेत्र में संरचनात्मक ढांचे में भी सुधार होगा। चौड़ी सड़कें, 24 घंटे बिजली व हाईटेक ड्रेनेज सिस्टम से आसपास के क्षेत्रों को भी फायदा मिलेगा। अतिरिक्त जमीन में स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन द्वारा विकास का नया मॉडल भी तैयार करने का प्रस्ताव है। यानी छोटे-छोटे प्लॉट तैयार होंगे, जिससे रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। वर्तमान में जिस 656 एकड़ जमीन में स्मार्ट सिटी विकसित हो रही है, उसकी सबसे बड़ी बाधा जमीन का दाखिल-खारिज थी। वर्षों पहले एचईसी को मिली जमीन का म्यूटेशन नहीं कराया गया था, जिससे वर्ष 2016 में प्रोजेक्ट शुरू होने के बावजूद प्लॉट आवंटन और निर्माण कार्य ठप पड़ा था। पिछले माह ही नामकुम अंचल में इस तकनीकी खामी को दूर करते हुए 656 एकड़ में से करीब 450 एकड़ जमीन का म्यूटेशन पूरा कर लिया है। शेष जमीन पर भी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

Indore में बदला मौसम, बारिश ने तोड़ी गर्मी की तपिश

इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में रविवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की तपिश झेल रहे इंदौरवासियों को कुदरत ने बड़ी राहत दी है। शहर के कई इलाकों में अचानक घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। चिलचिलाती धूप के बीच हुई इस बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से तुरंत निजात मिली। मौसम विभाग के अनुसार, स्थानीय मौसमी तंत्र सक्रिय होने के कारण यह बदलाव देखा गया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश तापमान कम करने में सहायक होगी। इस तरह बदलेगा मौसम मौसम विभाग की वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक दिव्या के मुताबिक, ”एंटी साइक्लोन सर्कुलेशन महाराष्ट्र और इसके निकटवर्ती क्षेत्रों में समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच सक्रिय है. इसके अलावा एक ट्रफ लाइन उत्तर प्रदेश के ऊपरी भागों में सक्रिय है. इस वजह से 27 अप्रैल से प्रदेश का मौसम बदलेगा. 27 अप्रैल – प्रदेश के निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं प्रदेश के भिंड, मुरेना, ग्वालियर, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर में मौसम बदलेगा और 50 किलोमीटर तक की रफ्तार से हवाओं चलेंगी. बादल छाएंगे और बिजली की चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है. इसके अलावा रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला जिलों में तेज हवाएं के हाथ हल्की बारिष होगी. यहां रात का तापमान बढ़ेगा.

Gwalior में बड़ा हादसा टला, बस में आग लगने पर पुलिस की सूझबूझ से 16 जिंदगियां सुरक्षित

ग्वालियर. जयपुर से चलकर छतरपुर के बागेश्वर धाम जा रही एक वीडियो कोच बस टायर फटने के बाद आग की चपेट में आ गई। इस दौरान बस में सवार 16 यात्री नींद की आगोश में थे, लेकिन पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से सभी की जान बच गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल कांच तोड़कर अंदर सो रहे यात्रियों को बाहर निकाला। घटना झांसी रोड थाने के पास की है। आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन जब तक अमला मौके पर पहुंचा, तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। जयपुर से बागेश्वर धाम जा रही थी बस जानकारी के मुताबिक बस क्रमांक एनएल 07 बी 0899 राजस्थान के जयपुर से छतरपुर के बागेश्वर धाम जा रही थी। बस शनिवार रात करीब नौ बजे जयपुर से रवाना हुई थी और रविवार तड़के ग्वालियर पहुंची। सुबह करीब पांच बजे नाका चंद्रवदनी पर इस बस से करीब 15 यात्री उतर गए थे। इसके बाद जैसे ही बस झांसी रोड थाने के सामने पहुंची, तेज आवाज के साथ बस का टायर फट गया और अचानक उसमें आग लग गई। जिस समय घटना हुई, उस समय बस में 16 यात्री सवार थे और अधिकांश यात्री सो रहे थे। बस में आग लगने पर यात्रियों को हल्की दुर्गंध और धुआं महसूस हुआ। इसी बीच झांसी रोड थाना पुलिस के जवानों ने बस से आग की लपटें उठती देखीं, तो तत्काल यात्रियों को अलर्ट किया और कांच तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। कई यात्रियों ने स्वयं भी खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई।

Malhar से निकली प्राचीन विरासत, 2000 वर्ष पुराना ताम्रपत्र मिला; ज्ञान भारतम अभियान में बड़ी खोज

बिलासपुर. ज्ञान भारतम अभियान के तहत ऐतिहासिक नगर मल्हार में एक  महत्वपूर्ण खोज सामने आई है। यहाँ रहने वाले संजीव पाण्डेय के निवास पर 3 किलोग्राम से अधिक वजन का एक दुर्लभ ताम्रपत्र प्राप्त हुआ है, जिस पर लगभग 2000 वर्ष पुरानी ब्राह्मी लिपि तथा पाली भाषा में लेख उत्कीर्ण हैं। यह ताम्रपत्र ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्राह्मी लिपि भारत की प्राचीनतम लिपियों में से एक है, जिसका उपयोग मौर्य काल से प्रारंभ होकर कई शताब्दियों तक होता रहा। वहीं पाली भाषा का संबंध मुख्यतः बौद्ध धर्म के साहित्य और शिक्षाओं से जुड़ा रहा है, जिससे इस खोज का धार्मिक महत्व भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्राचीन समय में ऐसे ताम्रपत्रों का उपयोग भूमि दान, राजकीय आदेश या धार्मिक घोषणाओं के आधिकारिक दस्तावेज के रूप में किया जाता था। इस ताम्रपत्र का वैज्ञानिक परीक्षण एवं विस्तृत अध्ययन किए जाने पर उस काल की सामाजिक संरचना, प्रशासनिक व्यवस्था और धार्मिक परंपराओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है। ज्ञान भारतम अभियान के तहत यह खोज न केवल मल्हार क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को उजागर करती है, बल्कि शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती है। उल्लेखनीय है कि संस्कृति  मंत्रालय द्वारा ज्ञान भारतम् अभियान के तहत देश की प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में यह पहल गांव-गांव तक पहुंच रही है, जहां ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को अपनी पुरानी पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने और उन्हें सामने लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, साहित्य, विज्ञान, चिकित्सा और दर्शन से जुड़े अमूल्य दस्तावेजों का दस्तावेजीकरण और संरक्षण करना है। विशेषज्ञों द्वारा पांडुलिपियों की पहचान कर उनका डिजिटलीकरण किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस विरासत को सुरक्षित रखा जा सके। यह अभियान न केवल सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि देश की ऐतिहासिक और बौद्धिक संपदा को पुनर्जीवित करने का भी एक सशक्त प्रयास है।

बाइक सवार को बचाने में हादसा, चार गंभीर घायल कोटा रेफर

 बूंदी राजस्थान के बूंदी जिले में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी. कापरेन थाना क्षेत्र के अंतर्गत कापरेन और हीरापुर के बीच बूंदी-कोटा लालसोट हाईवे पर सवारियों से भरी एक तेज रफ्तार स्लीपर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई. यह बस कोटा से दिल्ली की ओर जा रही थी, जिसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे. इस हादसे में लगभग 15 यात्री घायल हो गए हैं. बाइक सवार को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा हादसे की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि बस ड्राइवर ने सड़क पर अचानक आए एक बाइक सवार को बचाने का प्रयास किया था, लेकिन बस की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह उस पर नियंत्रण नहीं रख सका. देखते ही देखते बस सड़क पर पलट गई और मौके पर चीख-पुकार मच गई. जान बचाने की जद्दोजहद में यात्री इधर-उधर भागने लगे, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. क्रेन की मदद से बाहर निकाले गए फंसे हुए यात्री घटना की जानकारी मिलते ही कापरेन थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. बस पलटने के कारण कुछ यात्री उसके अंदर ही बुरी तरह फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए पुलिस को क्रेन की मदद लेनी पड़ी. काफी मशक्कत के बाद दो यात्रियों को बस के मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया. 4 गंभीर घायलों को कोटा किया गया रेफर सभी घायलों को तत्काल कापरेन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. चिकित्सकों के अनुसार, घायल 15 यात्रियों में से 4 की हालत अत्यंत गंभीर है, जिसके चलते उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोटा के एमबीएस (MBS) अस्पताल रेफर कर दिया गया है. अन्य घायलों का उपचार कापरेन में ही जारी है. हाइवे पर लगा लंबा जाम, पुलिस ने संभाली स्थिति इस दुर्घटना के बाद हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. पुलिस ने मौके पर स्थिति को संभालते हुए क्रेन की मदद से बस को हटवाया और धीरे-धीरे यातायात को सुचारू कराया. फिलहाल पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है और घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

उप मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं रणनीतियों को किया साझा

रायपुर. केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके। आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे। आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन श्री अभिनव बिंद्रा, श्री पुलेला गोपीचंद और श्री गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

Moga में बड़ा साइबर फ्रॉड, मुनाफे का झांसा देकर युवक से 20 लाख की ठगी

मोगा. मोगा में आनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक युवक से करीब बीस लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। थाना साइबर अपराध पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, मोगा की इंदिरा कालोनी निवासी अनिल कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह सोशल माध्यम का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक व्यक्ति द्वारा ट्रेडिंग से जुड़ा एक एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने भरोसा करते हुए वह एप डाउनलोड कर लिया और उसमें अपनी निजी जानकारी साझा कर दी। लालच में फंस युवक करवाता रहा पैसे जमा कुछ समय बाद उन्हें एक मोबाइल नंबर से संदेश और कॉल प्राप्त हुई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को ट्रेडिंग से जुड़ा जानकार बताते हुए उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपी ने अलग-अलग तरीकों से उन्हें अधिक लाभ का लालच दिया और धीरे-धीरे उनसे पैसे जमा करवाता रहा। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने उनसे कुल 20 लाख 4 हजार 260 रुपए अलग-अलग किस्तों में ले लिए। जब पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने आरोपी से संपर्क करना चाहा तो संबंधित मोबाइल नंबर बंद आने लगा। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। साइबर सैल ने जांच  की शुरू वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच साइबर अपराध थाना को सौंप दी। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर कुलविंदर कौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई, जिसके आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में लोग लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति या एप के माध्यम से निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।

भारतीय महिला टीम की दमदार वापसी, चीन से होगा निर्णायक मुकाबला

डेनमार्क डेनमार्क के होर्सेंस में खेले जा रहे उबेर कप 2026 में भारतीय महिला टीम ने अपनी क्वार्टर फाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखा है। ग्रुप-A के अपने दूसरे मुकाबले में भारत ने यूक्रेन को 4-1 से करारी शिकस्त दी। पहले मैच में मेजबान डेनमार्क से 2-3 से हारने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त वापसी की। इस जीत के साथ ही भारत अब सोमवार को डिफेंडिंग चैंपियन चीन से भिड़ेगा, जो क्वार्टर फाइनल की राह तय करने के लिए बेहद अहम होगा। उन्नति हुड्डा और तन्वी शर्मा ने अपने- अपने मैच जीते भारत की ओर से पहले सिंगल्स मैच में उन्नति हुड्डा ने शानदार शुरुआत की। उन्होंने यूक्रेन की पोलिना बुहरोवा को सीधे सेटों में 21-19, 22-20 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट तन्वी शर्मा ने अपनी लय बरकरार रखी। तन्वी ने येवहेनिया कांटेमिर को तीन सेटों तक चले कड़े मुकाबले में 21-12, 17-21, 21-10 से हराकर स्कोर 2-0 कर दिया। देविका सिहाग ने पक्की की जीत इस मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु को सिंगल्स मैच में आराम दिया था। उनकी जगह थाइलैंड मास्टर्स चैंपियन देविका सिहाग को तीसरा सिंगल्स खेलने का मौका मिला। देविका ने इस भरोसे को सही साबित किया और मारिया स्टोलियारेन्को को 23-21, 21-13 से हराकर भारत की जीत पक्की कर दी। उनके जीतते ही भारत ने मुकाबले में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। डबल्स में मिला-जुला रहा प्रदर्शन, सिंधु-तनीषा की जोड़ी जीती भारत को इकलौती हार पहले महिला डबल्स मुकाबले में मिली। कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी की जोड़ी यूक्रेन की बुहरोवा और कांटेमिर के सामने नहीं टिक सकी और 11-21, 17-21 से मैच हार गई। हालांकि, आखिरी मैच में पीवी सिंधु और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी ने भारत का दबदबा कायम रखा। उन्होंने सोफिया लावरोवा और स्टोलियारेन्को को 21-18, 21-15 से हराकर स्कोरलाइन 4-1 कर दी। अब चीन से टक्कर, क्वार्टर फाइनल के लिए जीत जरूरी यूक्रेन पर जीत के बाद अब भारतीय टीम का मनोबल बढ़ा हुआ है। ग्रुप-A में भारत का अगला और आखिरी मुकाबला सोमवार को चीन से होगा। चीन इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। भारत को नॉकआउट स्टेज यानी क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की करने के लिए चीन के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। टूर्नामेंट के नियमों के मुताबिक, ग्रुप की टॉप दो टीमें ही अगले दौर में पहुंचेंगी।