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आबादी के बीच प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भयंकर आग, लोग घर छोड़ने को मजबूर

खन्ना. खन्ना के कब्जा फैक्ट्री रोड स्थित रिहायशी इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब सुबह एक प्लास्टिक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने के काम में जुट गईं। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वहीं मोहल्ला निवासी शशि वर्धन ने बताया कि आग सुबह करीब 7 से 7:30 बजे के बीच लगी। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ है और आसपास घनी आबादी होने के कारण बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्थानीय निवासी अवतार मोरिया ने आरोप लगाया कि इलाके में कई फैक्ट्रियां अवैध रूप से चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मोहल्ला वासियों ने इस संबंध में कई बार नगर काउंसिल को शिकायतें दीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी तरफ टेक चंदन एंड सांस फैक्ट्री के मालिक संजय ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड मौके पर काफी देर से पहुंची, जिससे आग पर काबू पाने में देरी हुई। साथ ही उन्होंने दावा किया कि फैक्ट्री चलाने के लिए उनके पास सभी जरूरी एनओसी मौजूद हैं। वहीं फायर अफसर दमनप्रीत ने बताया कि उन्हें टेलीफोन के जरिए सूचना मिली थी कि कब्जा फैक्ट्री रोड स्थित एक फैक्ट्री में आग लगी है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी बनती कार्रवाई होगी, वह की जाएगी। फिलहाल घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और प्रशासन जांच में जुट गया है।

Durg से चल रहा ऑनलाइन सट्टा गिरोह बेनकाब, 5 आरोपियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

भिलाई नगर/दुर्ग. दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह गोवा, रायपुर, दुर्ग और अन्य राज्यों से मिलकर संगठित तरीके से काम कर रहा था। खास बात यह है कि पूरा नेटवर्क ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, फर्जी सिम और म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित किया जा रहा था। सेक्टर-6 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में एएसपी सुखनंदन राठौर ने पत्रवार्ता में बताया कि इस कार्रवाई में भिलाई के अमन अली और हुसैन अली को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने गिरोह के बाकी सदस्यों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम गोवा पहुंची और वहां पांच दिनों तक रहकर अन्य मुख्य आरोपियों को पकड़ा गया। राठौर ने बताया कि राहुल रंगवानी (26 वर्ष) जो देवपुरी रायपुर का रहने वाला है, इस गिरोह का मुख्य संचालक था। वह गोवा में बैठकर क्रिक प्लस गेमिंग नाम के ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टा चलाता था। वहीं सोविंद यादव उर्फ राजू यादव (26 वर्ष) निवासी प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भी गोवा में रहकर इस नेटवर्क को संभालने का काम करता था। गिरोह में हर सदस्य की अलग जिम्मेदारी थी। संदीप कापसे (25 वर्ष) निवासी गोंदिया (महाराष्ट्र) का काम लोगों से संपर्क बनाना और नेटवर्क को जोड़कर रखना था। वहीं अमन अली (23 वर्ष) निवासी गौतम नगर खुर्सीपार और हुसैन अली (21 वर्ष) निवासी गौतमनगर खुर्सीपार म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल सट्टे के पैसे को इधर-उधर करने में किया जाता था। हर दिन लाखों रुपए का लेनदेन करते थे। शुरुआती जांच में ही रोजाना करीब 10 से 15 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली है, जबकि महीने में यह आंकड़ा 4 से 5 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता था। 45 बैंक और 76 पासबुक एटीएम कार्ड किया जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामान भी जब्त किया है। इसमें 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 45 बैंक पासबुक, 76 एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, 1 वाई-फाई राउटर, 5 सिम कार्ड, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड और 2 लाख 70 हजार रुपए नकद शामिल हैं। एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुलिस का कहना है कि इन सभी चीजों का इस्तेमाल सट्टा संचालन में किया जा रहा था।

Swachh Survekshan को लेकर तैयारी तेज, फीडबैक प्रक्रिया शुरू; मई में Delhi से पहुंचेगी केंद्रीय टीम

भोपाल. स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के अंतर्गत सिटीजन फीडबैक की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। ऑनलाइन पोर्टल खुलते ही भोपाल को नंबर वन बनाने के लिए नागरिकों ने फीडबैक देना शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया शहर की स्वच्छता रैंकिंग निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी, क्योंकि इसी फीडबैक के आधार पर अगले महीने केंद्र सरकार की टीमें भोपाल की जमीनी सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने आएंगी। दरअसल, राजधानी में स्वच्छ सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सर्वेक्षण के अंतिम चरण मई माह में दिल्ली की टीमें भोपाल आएंगी और सिटीजन फीडबैक के आधार पर शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करेंगी। इसके बाद देशभर के शहरों का रिजल्ट जारी होगा। हर बार की तरह इस बार भी भोपाल नगर निगम ने नंबर वन का दावा किया है। इसके लिए पब्लिक फीडबैक ज्यादा से ज्यादा चाहिए। फीडबैक के दौरान सफाई व्यवस्था से जुड़े 13 सवालों के जवाब देने होंगे। शनिवार को पब्लिक फीडबैक की साइट खुलते ही महापौर मालती राय, सांसद आलोक शर्मा सहित विधायक और दूसरे जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने मोबाइल से फीडबैक दिया। अब शहरवासियों की जिम्मेदारी है कि वह भी अपने भोपाल के लिए वोट करें। सफाई देखने अधिकारी फील्ड में उतरे शहर की सफाई व्यवस्था पर नजर रखने के लिए नगर निगम अधिकारी फील्ड में उतर आए हैं। शनिवार को निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने जोन 19 के इलाकों का जायजा लिया। कमिश्नर ने 106 अधिकारी-कर्मचारियों को नोडल नियक्ति किया है, लेकिन इनमें से 40 ही फील्ड में उतरे। सर्वे में पूछे जा रहे ये प्रश्न क्या आपके घर और दुकान से रोजाना कचरा उठाया जा रहा है? क्या आप कचरा फेंकने से पहले सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करते हैं? क्या कचरा उठाने वाला कर्मचारी अलग-अलग तरीके से गाड़ी में डालता है या उठाने-लोड करने के दौरान उसे मिला देता है? क्या आपके इलाके में रोजाना झाडू या फिर सफाई की जाती है? आप अपने इलाके की साफ-सफाई को कैसे रेट करेंगे? इलाके के आसपास कितनी बार लावारिस कूड़े-कचरे के ढेर देखते हैं? स्थानीय प्रशासन मार्केट, बाजार, पार्क, गार्डन या दूसरी जगहों जैसी सार्वजनिक जगहों पर साफ-सफाई बनाए रखने में कितनी असरदार है? क्या आप लोगों को खुलेआम सार्वजनिक जगहों पर या आसपास शौच करते देखते हैं? आप अपने इलाके के सार्वजनिक शौचालय की सफाई और रख-रखाव से कितने संतुष्ट हैं? क्या आप शहर में वेस्ट मैनेजमेंट के लिए रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकल सेंटर के बारे में जानते हैं? जब आपके सीवर या सेप्टिक टैंक को सफाई की जरूरत होती है, तो आप किससे संपर्क करते हैं? स्थानीय अधिकारियों को सफाई से जुड़ीं समस्याएं (जैसे, कचरा फेंकना, कूड़ेदानों का ओवरफ्लो होना, साफ-सफाई की कमी) को कैसे बताते हैं? आप शहर की सफाई से संबंधित शिकायतों (जैसे, कचरा फेंकना, कूड़ेदानों का ओवरफ्लो होना) पर प्रतिक्रिया को कैसे रेट करेंगे? नागरिकों का फीडबैक जरूरी – भोपाल को स्वच्छता में शीर्ष स्थान दिलाने नागरिकों का फीडबैक जरूरी है। सर्वेक्षण में पूछे जा रहे सवालों के जवाब देकर शहर को नंबर वन बनाने में योगदान दें। यह प्रक्रिया स्वच्छता साख को मजबूती देगी। – मालती राय, महापौर

खाड़ी में तनाव से कच्चे तेल पर संकट, उत्पादन 57% तक गिरने की आशंका

नई दिल्ली गोल्डमैन सैक्स रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने के कुछ ही महीनों के भीतर खाड़ी क्षेत्र का कच्चा तेल उत्पादन काफी हद तक ठीक हो सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि युद्ध-पूर्व के स्तर तक पूरी तरह से वापसी में समय लग सकता है। अगर यह महत्वपूर्ण जलमार्ग बंद रहता है तथा पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो कच्चे तेल के उत्पादन को और भी अधिक जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। रिसर्च में अनुमान लगाया गया है कि खाड़ी क्षेत्र का उत्पादन युद्ध-पूर्व के स्तर की तुलना में 14.5 मिलियन बैरल प्रति दिन यानी 57% तक गिर गया है। गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि अगर तेल संपत्तियों पर नए सिरे से कोई हमला नहीं होता है और आने वाले महीनों में यह जलडमरूमध्य पूरी तरह से और सुरक्षित रूप से फिर से खुल जाता है, तो उत्पादन में तेजी से सुधार संभव है। उत्पादन में सुधार की गति परिवहन और कुओं से तेल निकलने की दर पर निर्भर करेगी। एक बार जब यह जलमार्ग फिर से खुल जाएगा, तो मुख्य बाधाएं पाइपलाइन की क्षमता, पहले से निकाले गए तेल को ले जाने के लिए खाली टैंकरों की उपलब्धता, और तेल क्षेत्रों में मरम्मत व रखरखाव के काम के लिए जरूरी सामग्री और कर्मचारियों को जुटाने से जुड़ी हो सकती हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में उपलब्ध खाली टैंकरों की क्षमता में लगभग 50 फीसदी की गिरावट आई है। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि पूरी तरह से ठीक होने में कई तिमाहियां लग सकती हैं। माइंस हटाने का काम जारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ईरानी बारूदी सुरंगों को हटाने का काम शुरू कर चुकी है। यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति को बहाल करने के लिए उठाया गया है, क्योंकि इस मार्ग के बंद होने से दुनिया की अर्थव्यवस्था संकट में है। समुद्र के नीचे बिछाई गई इन विस्फोटक सुरंगों को साफ करने में कम से कम 6 महीने लग सकते हैं। वहीं, जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने शनिवार को कहा कि उनका देश भूमध्य सागर में बारूदी सुंरग हटाने वाला पोत तैनात कर सकता है।

Burhanpur में कार्रवाई के दौरान बवाल, टीम पर हमला; 4 लोग गंभीर रूप से जख्मी

बुरहानपुर. नेपा नगर रेंज के अंतर्गत कबीर नल से झांझर तक वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने रविवार को वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग का संयुक्त अमला मौके पर पहुंचा। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस बड़े अभियान में निमाड़ अंचल के चारों जिलों से करीब 500 वनकर्मी और पुलिस बल शामिल थे। अतिक्रमण हटाने के लिए 70 से अधिक जेसीबी मशीनों को भी तैनात किया गया था। कार्रवाई की शुरुआत पहले दिन झांझर गांव के पास से की गई। टीम ने जैसे ही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की, मौके पर मौजूद अतिक्रमणकारियों ने विरोध करते हुए अचानक पथराव शुरू कर दिया। स्थिति तेजी से बिगड़ने पर प्रशासनिक अमले को पीछे हटना पड़ा। पथराव की इस घटना में चार लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें दो जेसीबी ऑपरेटर बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल उपचार के लिए भेजा गया, जिनमें से एक ऑपरेटर को गंभीर चोट आने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पहले दिन बाधित हुआ अभियान अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से वन भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके चलते संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई गई थी। हालांकि, विरोध और हिंसक स्थिति के चलते पहले दिन का अभियान बाधित हो गया। चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाएंगे अभियान प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई जारी रहेगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने का अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, साथ ही उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए पुलिस बल को तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

ईरान-पाकिस्तान वार्ता के बीच अब्बास अराघची का दोबारा इस्लामाबाद दौरा तय

नई दिल्ली अमेरिका के साथ वार्ता की उम्मीदों पर पानी फिरने के बाद ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान से रवाना हो गए थे। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक ईरान विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान का दौरा करेंगे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी की खबर। खबर में कहा गया है कि अराघची ओमान और रूस की यात्रा के बाद पाकिस्तान लौटेंगे। खबर के अनुसार वह संभवत: रविवार को इस्लामाबाद लौटकर उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे जो युद्ध खत्म करने से संबंधित विषयों पर विचार विमर्श के लिए तेहरान गया था। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब वह अपनी टीम पाकिस्तान नहीं भेजेंगे। वह फोन पर ईरान से वार्ता करने को तैयार हैं। ईरानी राष्ट्रपति से शहबाज शरीफ ने की बात पाकिस्तान पहुंचने के बाद ईरानी विदेश मंत्री पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से मिले थे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियां से फोन पर बात की है। शनिवार को उन्होंने फोन किया और कहा कि वह क्षेत्र में शांति के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं। दोनों के बीच करीब 50 मिनट तक वार्ता चली। ट्रंप बोले- खारिज कर दिया ईरान का प्रस्ताव इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने शनिवार को फ्लोरिडा से वाशिंगटन आने के लिए एयर फोर्स वन विमान में सवार होने से पहले कहा, "उन्होंने हमें एक प्रस्ताव भेजा, जो बेहतर हो सकता था। दिलचस्प बात यह है कि जब मैंने इसे खारिज कर दिया तो 10 मिनट के अंदर हमें दूसरा प्रस्ताव मिला, जो काफी बेहतर है।' क्यों रद्द कर दी वार्ता? राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि ताजा प्रस्ताव में क्या है। उन्होंने बस यही कहा कि ईरान ने काफी पेशकश की हैं। ट्रंप ने हालांकि कहा कि उनकी एक शर्त यह है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने ईरान के साथ नए दौर की वार्ता इसलिए रद्द कर दी क्योंकि इसके लिए बहुत सफर करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा उनके वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की मुलाकात "देश के नेता से नहीं होने वाली थी।' खुली है फोनलाइन ट्रंप ने कहा कि अमेरिका टेलीफोन के जरिये समझौता करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "वे (ईरान) जब चाहें, हमें कॉल कर सकते हैं।" डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि सब कुछ उनके नियंत्रण में है। बता दें कि इस्लामाबाद में वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने ईरान के लिए नाकेबंदी कर दी। जब उसने नाकेबंदी नहीं हटाई तो ईरान ने एक बार फिर से होर्मुज को बंद कर दिया है जिससे पूरी दुनिया में तेल का संकट गहरा गया है।

भामाशाह जयंती पर नीतीश ने दिया संदेश, ‘काम बोलता है’ पर दिया जोर

पटना मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के 12 दिन बाद जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अपनी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। नीतीश कुमार के समर्थकों ने जमकर उनके समर्थन में नारेबाजी की। इसी बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार पर बनाए गए गीतों को बजाया। इन गीतों को सुनकर नीतीश कुमार ताली बजाने लगे और मंच पर बैठे लोगों से ताली बजवाई। नीतीश कुमार के साथ दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव भी मौजूद थे। भामाशाह जयंती पर नीतीश कुमार के पांच संदेश बताया जा रहा कि रविवार यानी 26 अप्रैल को भामाशाह जयंती पर जदयू दफ्तर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें ही नीतीश कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान जदयू कार्यालय में एक पंपलेट भी बांटा गया। इसमें भामाशाह के परिचय के अलावा नीतीश कुमार का संदेश भी लिखा था। इसमें नीतीश कुमार के हवाले से लिखा गया था कि मैं काम करता हूं, मेरा काम ही बोलता है। राजनीति सेवा के लिए है, मेवा के लिए नहीं। न्याय के साथ विकास यानी हर क्षेत्र और हर तबके का विकास। आधे मन से कोई बड़ा काम नहीं होता है। बिहार को मैं उस ऊंचाई पर ले जाना चाहता हूं, जहां से चाहकर कोई भी नीचे नहीं जा सकता है। निशांत कुमार और मंत्रिमंडल विस्तार पर विजय चौधरी ने क्या कहा? इधर, नीतीश कुमार और अन्य नेताओं की भी जदयू समर्थक निशांत कुमार को भी खोज रहे थे। वह निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी देने की मांग कर रहे थे। कुछ कार्यकर्ता तो उन्हें बिहार का अगला मुख्यमंत्री तक बता रहे थे। इसी बीच डिप्टी सीएम विजय चौधरी से कुछ पत्रकारों और निशांत कुमार और मंत्रिमंडल विस्तार पर सवाल पूछ लिया। उन्होंने कहा कि निशांत पार्टी में आ चुके हैं। वह काफी सक्रिय भी हैं। जदयू की पूरी टीम उन्हें पसंद करती है। मंत्रिमंडल विस्तार पर उन्होंने कहा कि बातचीत चल रही है। एनडीए में सबकुछ ठीक है। जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। 

औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों को राहत, 1000–1500 रुपये में मिलेगा आवास

नोएडा  उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहरों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सबसे बड़ी समस्या हमेशा सस्ते और सुरक्षित आवास की रही है। बढ़ते किराए, लंबी दूरी और सीमित आय के बीच जीवन यापन करना उनके लिए चुनौती बना हुआ है। अब इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार और प्राधिकरण स्तर पर बड़े फैसले लिए गए हैं। नोएडा में जहां श्रमिकों के लिए चार बड़े हॉस्टल बनाए जाएंगे, वहीं पूरे राज्य में किफायती किराया आवास नीति को औद्योगिक क्षेत्रों में लागू करने की तैयारी है, जिससे मजदूरों को उनके कार्यस्थल के पास ही सस्ती और सुविधाजनक रहने की व्यवस्था मिल सकेगी। नोएडा में बनेंगे 4 श्रमिक हॉस्टल नोएडा प्राधिकरण श्रमिकों के लिए चार आधुनिक हॉस्टल बनाने जा रहा है। इनमें से दो हॉस्टल प्राधिकरण स्वयं बनाएगा, जबकि दो का निर्माण श्रम कल्याण बोर्ड के साथ संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) में किया जाएगा। चारों हॉस्टल एक-एक एकड़ जमीन पर विकसित होंगे और प्रत्येक हॉस्टल में लगभग 1000 श्रमिकों के रहने की क्षमता होगी। इन हॉस्टल्स को औद्योगिक सेक्टरों के पास बनाया जाएगा, जिससे श्रमिकों को कार्यस्थल तक पहुंचने में अतिरिक्त परिवहन खर्च नहीं करना पड़ेगा। औद्योगिक क्षेत्रों में बनेंगे श्रमिक आवास राज्य स्तर पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह तय किया गया है कि औद्योगिक क्षेत्रों की 30 प्रतिशत भूमि पर श्रमिकों के लिए आवास विकसित किए जाएंगे। इस निर्णय में आवास, औद्योगिक विकास, नगर विकास और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग शामिल रहे, जिन्होंने श्रमिकों को कार्यस्थल के नजदीक रहने की सुविधा देने पर सहमति जताई। सरकारी एजेंसियों के साथ निजी डेवलपर्स भी होंगे शामिल इस योजना को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ निजी डेवलपर्स को भी जोड़ा जाएगा। निजी बिल्डरों को अपनी परियोजनाओं में श्रमिकों के लिए किराए के मकान बनाने की अनुमति दी जाएगी। इसके बदले उन्हें भू-उपयोग में छूट, मानचित्र स्वीकृति में तेजी और विकास शुल्क में राहत जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे परियोजना को तेजी से जमीन पर उतारा जा सके। 1000 से 1500 रुपये तक होगा किराया इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण इसका किफायती किराया है। सूत्रों के अनुसार, इन श्रमिक आवासों का मासिक किराया लगभग 1000 से 1500 रुपये के बीच रखा जा सकता है। मौजूदा समय में बड़े शहरों में एक कमरे का किराया 4 से 5 हजार रुपये तक पहुंच चुका है, ऐसे में यह योजना कम आय वाले श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। कुशल और अकुशल दोनों श्रमिकों को मिलेगा लाभ यह योजना केवल फैक्ट्री मजदूरों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वेंडर, पेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और अन्य कुशल व अकुशल श्रमिकों को भी इसका लाभ मिलेगा। आवास का आवंटन इस तरह किया जाएगा कि यदि कोई श्रमिक शहर छोड़ता है तो उसी मकान को दूसरे जरूरतमंद को दे दिया जाएगा, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री आवास योजना का विस्तार राज्य सरकार पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किफायती किराया आवास (ARH) नीति को मंजूरी दे चुकी है। अब इस नीति को औद्योगिक विकास विभाग में लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे इसका दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। क्यों जरूरी हुआ यह फैसला? हाल के वर्षों में नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों ने महंगे किराए, बच्चों की फीस और बढ़ती महंगाई को लेकर विरोध जताया था। कोविड-19 महामारी के दौरान भी श्रमिकों के सामने आवास की गंभीर समस्या सामने आई थी, जिसने इस दिशा में ठोस नीति बनाने की आवश्यकता को और स्पष्ट किया।  

44 डिग्री के पार तापमान, Chandigarh, Panchkula और Mohali में झुलसाती गर्मी; राहत की तारीख सामने

जीरकपुर. ट्राईसिटी क्षेत्र चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली समेत जीरकपुर, डेराबस्सी व लालड़ू में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही तापमान में असामान्य बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है। वहीं जीरकपुर में तापमान करीब 40.5 डिग्री, डेराबस्सी में 40.2 डिग्री और लालड़ू में लगभग 40.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। राज्य के बठिंडा और फरीदकोट में पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे पूरे पंजाब में लू जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने क्षेत्र में हीट वेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही “वार्म नाइट” यानी रात के समय भी गर्मी बने रहने की चेतावनी दी गई है। कई जिलों में 40 डिग्री पार, जनजीवन प्रभावित पंजाब के अमृतसर (40.3°C), लुधियाना (42.4°C), पटियाला (42.4°C), बठिंडा (42.5°C) और फरीदकोट (44.3°C) में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। इसके अलावा फाजिल्का, फिरोजपुर, मोगा, बरनाला, मुक्तसर और पठानकोट सहित कई जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है। ट्राईसिटी के आसपास के शहरों—जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू—में भी गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। छत्तबीड़ चिड़ियाघर में भी गर्मी के चलते पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दिहाड़ी मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों के लिए हालात और भी कठिन हो गए हैं, जिन्हें तेज धूप में काम करना पड़ रहा है। रात का तापमान 22 से 26 डिग्री के बीच रहने के कारण लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। कूलर और एसी का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की खपत में भी इजाफा हुआ है। 27 अप्रैल से बदल सकता है मौसम, राहत की उम्मीद मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 27 से 30 अप्रैल के बीच पंजाब और ट्राईसिटी के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस बदलाव से तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। अगले तीन दिन का पूर्वानुमान 27 अप्रैल: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में बारिश व तेज हवाएं 27 अप्रैल: पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में बारिश के आसार 28 अप्रैल: अमृतसर, जालंधर, पटियाला, मोहाली, जीरकपुर व डेराबस्सी में गरज-चमक के साथ बारिश 45–55°C वाली चेतावनी भ्रामक, अफवाहों से बचें सोशल मीडिया पर 45 से 55 डिग्री तापमान को लेकर वायरल हो रही चेतावनी को मौसम विशेषज्ञों ने भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि यह कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और लोगों को केवल मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। लू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनें। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। लू के लक्षण जैसे चक्कर आना, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Udanti Sitanadi Tiger Reserve में घुसपैठ पर सख्ती, 22 आरोपी दबोचे गए

गरियाबंद. उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी (कोर) रेंज अंतर्गत घुरवाड़ क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 लोगों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी कथित रूप से अतिक्रमण का प्रयास करते हुए वन्यप्राणियों के प्राकृतिक रहवास को नुकसान पहुंचा रहे थे. वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपियों को हिरासत में लिया. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग जंगल क्षेत्र में अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे पर्यावरण और वन्यजीवों पर गंभीर असर पड़ सकता था. वन भूमि पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है. दो दिन पहले ही महासमुंद में वन विभाग ने 94 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाते हुए संलिप्त 52 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वन विभाग के अनुसार, तमोरा बीट के कक्ष क्रमांक 95, 96 आरक्षित वन में अतिक्रमण कर हरे-भरे वृक्षों को काट कर आरोपी महिला-पुरुष खेती योग्य भूमि बना रहे थे. इसके पहले धमतरी में जंगल क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने के लिए वन विभाग ने व्यापक अभियान चलाया था. यह कार्रवाई दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के अंतर्गत वनखंड क्रमांक 169, पालगांव गोंदलानाल क्षेत्र में की गई थी.