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दुकानदारों के लिए खुशखबरी: हरियाणा सरकार ने ड्राई फ्रूट, किराना और इलेक्ट्रिकल व्यापारियों को दिया बड़ा लाभ

अमृतसर. एकतरफ जहां अमृतसर की ड्राईफ्रूट व करियाना होल सेल मंडी (मजीठ मंडी व ढाब बस्ती राम) में कारोबारी सरकार की गलत नीतियों के कारण पलायन कर रहे हैं तो वहीं भाजपा शासित हरियाणा सरकार की तरफ से अमृतसर व दिल्ली के ड्राईफ्रूट-करियाना एवं इलैक्ट्रिकल दुकानदारों को 250 से ज्यादा दुकानों की अलाटमैंट की जा रही है, जिसमें व्यापारियों को हर प्रकार की सुविधा मिलेगी। जानकारी के अनुसार भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ पंजाब के उप-प्रधान एवं द फैडरेशन ऑफ करियाना एंड ड्राइफ्रूट कमर्शियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मेहरा की तरफ से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मुलाकात की गई और व्यापारियो को दरपेश आ रही समस्याओं के बारे में अवगत करवाया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर के ड्राईफ्रूट व करियाना कारोबारियों को हरियाणा में दुकानें अलॉट करने का ऐलान किया। बकायदा एच.एच.आई.आई.डी.सी. (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्टक्चर डिवैल्पमैंट कार्पोरेशन) की तरफ से अप्रूवल भी जारी किया गया है। 300 एकड़ से ज्यादा भूमि पर मिलेगा इंफ्रास्टक्चर हरियाणा सरकार की तरफ से 300 एकड़ से ज्यादा भूमि पर कारोबारियों के लिए इंफ्रास्टक्चर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिसमें व्यापारियों की दुकानों के अलावा, लेबर के रहने के लिए क्वार्टर, खाना खाने के लिए हाल, सिक्योरिटी गार्डर्स व हर प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। अफगानिस्तान से आयात बंद होने के कारण आई.सी.पी. बंद ड्राईफ्रूट मंडी मजीठ मंडी की बात करें तो आई.सी.पी. अटारी बार्डर के जरिए अफगानिस्तान से भारी मात्रा में अमृतसर व उत्तर भारत के कारोबार ड्राईफ्रूट का आयात करते रहे हैं, लेकिन पहले पुलवामा हमले व फिर पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ कारोबारी रिश्ते बिल्कुल खत्म हो चुके हैं और पाकिस्तान के रास्ते आई.सी.पी. अटारी पर आने वाले ड्राईफ्रूट के ट्रकों को भी पाकिस्तान रास्ता नहीं देता है, जिससे व्यापारियों को भारी नुक्सान हो रहा है और दुबई के रास्ते ड्राईफ्रूट आयात किया जा रहा है, जिससे खर्च बहुत ज्यादा आता है और इसका असर ग्राहक पर भी पड़ता है, क्योंकि जितना ज्यादा खर्च आएगा उतनी ज्यादा कीमत पर ग्राहकों को ड्राईफ्रूट बेचा जाएगा। वॉल्ड सिटी के अन्दर होने के कारण मजीठ मंडी में रास्ते तंग ढाब बस्ती राम व ड्राईफ्रूट की मजीठ मंडी की बात करें तो इस ऐतिहासिक मंडियों को वॉल्ड सिटी के अन्दर बसाया गया था और जैसे-जैसे आबादी बढ़ती गई, वैसे-वैसे वाल्ड सिटी के अन्दर बसी इन मंडियों में आना-जाना आसान नहीं रहा और लेबर को मंडी में जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि यह व्यापारियों पर निर्भर करता है कि वह अमृतसर में ही काम करना चाहते हैं या फिर हरियाणा में दुकानें खरीदकर काम करना चाहते हैं, लेकिन इसका नाकारात्मक पक्ष यह भी जरुरी है कि यदि व्यापारियों को दूसरे राज्य में पलायन होता है तो शहर की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है, क्योंकि पहले ही सरकार की गलत नीतियों के कारण अमृतसर की इंडस्ट्री हिमाचल व अन्य राज्यों में पलायन कर चुकी हैं। मोदी सरकार व्यापारी हितैशी : अनिल मेहरा अनिल मेहरा ने कहा कि मोदी सरकार व्यापारी हितैषी है और व्यापारियों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। केन्द्र सरकार सबका साथ और सबका विकास के लक्षय पर काम कर रही है।

विधानसभा में महिला आरक्षण पर गरम बहस, कांग्रेस पर साधा निशाना

 भोपल मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण (Women Reservation) को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान जारी है। इसी उद्दे को लेकर सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें सीएम मोहन यादव 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम के तहत परिसीमन के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का संकल्प पेश किया। संकल्प पर चर्चा की शुरूआत राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने की। संकल्प का समर्थन करते हुए इसे देश की आधी आबादी के अधिकार, सम्मान और भागीदारी से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताया। गौर ने इस दौरान कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर निशाना जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को कौरव बताया और कहा कि- महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। कृष्णा गौर ने इसके बाद आरोप लगाया कि कांग्रेस में महिला आरक्षण को लेकर 3 भ्रामक दावे किए है। विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- उन्होंने तोड़ा महिलाओं का दिल मंत्री कृष्णा गौर ने अपने संबोधन में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ब महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संसद में संशोधन विधेयक लाया गया था, तब पूरे देश की महिलाओं को उम्मीद जगी थी लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मनगढ़ंत और तर्कहीन कारणों के आधार पर इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। यह केवल विधेयक को गिराना नहीं था, बल्कि देश और प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के मान-सम्मान पर प्रहार था। ओबीसी के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा कृष्णा गौर ने स्वयं को ओबीसी वर्ग की महिला बताते हुए कहा कि सदन में विपक्ष के द्वारा यह दलील दी गई कि इस वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी ओबीसी वर्ग का वास्तविक समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भ्रम फैलाने का काम किया है, जबकि वर्तमान सरकार महिलाओं और पिछड़े वर्गों को वास्तविक अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। कौरवों का उदाहरण देकर दी चेतावनी अपने भाषण के अंत में कृष्णा गौर ने महाभारत का उदाहरण देते हुए विपक्ष को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि- भगवान श्रीकृष्ण कौरवों को समझाने गए थे, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी और परिणाम महाभारत के रूप में सामने आया। आज फिर एक यदुवंशी मोहन आपको समझाने की कोशिश कर रहे हैं, यदि आप नहीं समझे तो परिणाम भी वैसा ही होगा। महिलाएं आपको कभी माफ नहीं करेंगी। गौर ने विपक्ष से अपील की कि वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस संकल्प का समर्थन करे। नारी शक्ति संशोधन विधेयक पर विधानसभा में चर्चा के दौरान राज्यमंत्री कृष्णा गौर कहा कि कांग्रेस ने इस विधेयक को रोकने के लिए भ्रामक और तर्कहीन दलीलों का सहारा लिया, लेकिन उनके सभी दावों की सच्चाई सामने आ गई।     मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का पहला भ्रम यह था कि इस प्रस्ताव से दक्षिण भारत के राज्यों को सीटों का नुकसान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के प्रस्ताव में सभी राज्यों में सीटों की संख्या 50% के समान अनुपात से बढ़ाने का प्रावधान है, जिससे किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा।     दूसरे मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विपक्ष यह भ्रम फैला रहा है कि ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। इस पर उन्होंने खुद का उदहारण दिया और कहा कि अगर किसी दल ने ओबीसी समाज को सम्मान दिया है, तो वह केवल भाजपा है। कांग्रेस ने तो कभी उन्हें संगठन और सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया।     तीसरे भ्रामक दावे को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण”का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को जानबूझकर उठा रही है।

अब तक 554 कारखानों ने प्राप्त की रेटिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर में उद्योगों से सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। इस पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देना है। संचालक औद्योगिक स्‍वास्‍थ्‍य एवं सुरक्षा मध्‍यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया है कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की विभिन्न विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की व्यापक स्वीकार्यता और औद्योगिक क्षेत्रों में इसके प्रभावी प्रसार को दर्शाती हैं। श्रम स्टार रेटेड कारखाने इस बात का प्रमाण होते हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित हैं तथा श्रमिकों के अधिकारों का समुचित संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। संचालक औद्योगिक स्‍वास्‍थ्‍य एवं सुरक्षा इंदौर ने इस पहल में सक्रिय सहभागिता के लिए सभी कारखानों का आभार व्यक्त किया है। विशेष रूप से, श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले पहले पाँच कारखानों की सराहना की गई है, जिन्होंने इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाते हुए सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया। श्रम रेटिंग में प्रथम पांच कारखाने संचालक औद्योगिक स्‍वास्‍थ्‍य एवं सुरक्षा मध्‍यप्रदेश इंदौर ने बताया कि UltraTech Cement Limited Unit Birla White कटनी, JK White (Unit of J K Cement Ltd.) कटनी, Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd. कटनी, Udaipur Beverages Ltd. जबलपुर एवं KEC International Ltd. जबलपुर श्रम स्टार रेटिंग प्राप्‍त करने वाले प्रथम पांच कारखाने हैं। इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। साथ ही, प्रमाणित कारखानों को उपभोक्ताओं द्वारा प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है, जिससे उनकी ब्रांड वैल्यू और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मजबूत होती है। संचालक औद्योगिक सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थान को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।  

सीकर के वीर सपूत देशराज सिंह की ड्यूटी के दौरान शहीद , गांव में शोक

  सीकर देश की सेवा करते हुए राजस्थान के सीकर का एक और जवान शहीद हो गया है. नीमकाथाना में पाटन इलाके के निवासी जवान देशराज सिंह तंवर की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, वह अरुणाचल प्रदेश में बॉर्डर पर पेट्रोलिंग कर रहे थे. इसी दौरान लैंडस्लाइड की वजह से एक दर्दनाक हादसा हुआ और वह इसके चपेट में आ गए. जिससे जवान देशराज सिंह की जान चली गई है. देशराज सिंह के ड्यूटी पर शहीद होने की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव काचरेडा में शोक की छा गई. कल राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार बताया जा रहा है कि शहीद देशराज सिंह तंवर का अंतिम संस्कार मंगलवार उनके पैतृक गांव काचरेडा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. कल सुबह शहीद के सम्मान में पाटन से काचरेडा तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल होंगे. जानकारी के अनुसार, देशराज सिंह तंवर 25 अप्रैल को सीमा पर पेट्रोलिंग के दौरान अचानक हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की चपेट में आए. जिसमें वह शहीद हो गए. शहीद देशराज के दादा भी भारतीय सेना में रहे सोमवार सुबह शहीद जवान देशराज का पार्थिव शरीर विशेष विमान से गुवाहाटी से दिल्ली लाया गया. इसके बाद दिल्ली से लाकर कोटपूतली के बीडीएम अस्पताल में रखा जाएगा. शहीद देशराज सिंह के परिवार का सेना से पुराना नाता है. उनके चाचा सुबे सिंह ने बताया कि देशराज तीन भाई-बहन थे, जिसमें वह दूसरे नंबर पर थे. उनके बड़े भाई भी भारतीय सेना में सेवा हैं. अपने पीछे छोड़ गए पत्नी और 2 साल की बेटी वहीं उनके दादा भगवान सिंह भारतीय सेना में रहे, जो रिटायर हो चुके हैं. परिजनों ने बताया कि देशराज 5 साल पहले ही सेना में भर्ती हुए थे और भारतीय सेना के ग्रेनेडियर के पद तैनात थे. शहीद अपने पीछे पत्नी और एक 2 साल की मासूम बेटी को छोड़ गए हैं. देशराज की मौत के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है. हालांकि अभी तक घर में पिता उदय सिंह, परिवार की महिलाओं और बुजुर्गों को देशराज सिंह के शहीद होने की जानकारी नहीं दी गई है.

Bus Strike Alert: पंजाब के ड्राइवरों का बड़ा ऐलान, अगले महीने ठप हो सकती हैं सरकारी बसें

चंडीगढ़. पंजाब में सरकारी बसों से सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब रोडवेज, पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने 25 से 27 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे इन दिनों बस सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहेंगी। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग  जानकारी के मुताबिक, यूनियन की राज्य स्तरीय बैठक में नेताओं ने सरकार पर ट्रांसपोर्ट विभाग के निजीकरण का आरोप लगाया। उनका कहना है कि किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है और कच्चे कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है। यूनियन ने मांग की है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, किलोमीटर स्कीम बंद की जाए और आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस लिए जाएं। 25 से 27 मई तक पूर्ण हड़ताल  आंदोलन की रूपरेखा के तहत 1 मई को गेट रैलियां, 10 मई को ट्रांसपोर्ट मंत्री के घर के बाहर धरना और 18 मई को सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगें न मानी गईं तो 25 से 27 मई तक पूर्ण हड़ताल होगी। इस हड़ताल के चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

आर्थिक तंगी से रंजना की छुटी पढ़ाई, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के सहयोग से फिर होगी शुरू उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर कबीरधाम जिले में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आर्थिक सहायता प्रदान कर एक प्रेरणादायक पहल की है। उन्होंने जरूरतमंद छात्राओं की पढ़ाई में सहयोग करते हुए ग्राम हरमो निवासी भारती साहू को 2 लाख रुपए तथा ग्राम चिल्फी निवासी रंजना झारिया को 25 हजार रुपए की राशि प्रदान की। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के निर्देश पर उक्त राशि के चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर  नरेन्द्र मानिकपुरी,  अमर कुर्रे,  ओमकार साहू,  लोकचंद साहू,  मिलू साहू उपस्थित रहे।         इस दौरान रंजना झारिया ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी, जिसके कारण उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें जानकारी मिली कि उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा जरूरतमंदों की मदद करते हैं, तब उन्होंने उनसे संपर्क कर अपनी समस्या बताई। उनकी स्थिति को समझते हुए  शर्मा ने 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। रंजना ने बताया कि इस सहायता से वह अब दोबारा नर्सिंग की पढ़ाई शुरू कर सकेंगी और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। उन्होंने इसके लिए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मदद उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है।

आरसीबी ने दिल्ली के खिलाफ जीता टॉस, क्या अक्षर ब्रिगेड ले पाएगी पिछली हार का बदला?

दिल्ली  आज आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मुकाबला खेला जा रहा है। दोनों टीमों की दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में टक्कर हो रही है। डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी ने टॉस जीतकर डीसी को बल्लेबाजी का न्योता दिया है। आरसीबी सोमवार को डीसी से हार का बदला लेने की फिराक में होगी। दिल्ली ने 18 अप्रैल को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में आरसीबी के खिलाफ 6 विकेट से जीत दर्ज की थी। अक्षर पटेल की अगुवाई वाली दिल्ली टीम के लिए बेंगलुरु से लोहा लेना आसान नहीं होगा। डीसी को अपने पिछले दो मुकाबलों में पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों हार मिली। रजत पाटीदार की कप्तानी वाली आरसीबी ने पिछले मैच में गुजरात टाइटंस को हराया था। आरसीबी अंक तालिका में दूसरे पायदान पर आरसीबी ने सीजन में सात मैचों में से पांच में विजयी परचम फहराया है। उसके खाते में 10 अंक हैं। आरसीबी अंक तालिका में फिलहाल दूसरे पायदान पर है। डीसी पॉइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर है। उसने सात मैचों में से अभी तक सिर्फ तीन जीते (6 अंक) हैं। पंजाब के खिलाफ 264 रन बनाने के बावजूद हार से आहत दिल्ली को अगर वापसी करनी है तो उसे अपने पिछले प्रदर्शन को भुलाकर नए सिरे से शुरुआत करनी होगी। दिल्ली ने अभी तक बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन उसके गेंदबाज अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं। दूसरी ओर, आरसीबी काफी संतुलित नजर आ रही है। विराट कोहली की अगुवाई में आरसीबी की बैटिंग यूनिट मजबूत है। देवदत्त पडिक्कल की शानदार फॉर्म ने उसे और मजबूती प्रदान की है। उसके मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने भी मैच का सकारात्मक अंत करने में अधिक स्पष्ट भूमिका निभाई है। आरसीबी केवल बल्लेबाजी में ही खतरनाक नहीं है। उसके गेंदबाजों ने भी अहम मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। आरसीबी की संभावित XII: जैकब बेथेल, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, रसिख सलीम डार, जोश हेज़लवुड, सुयश शर्मा दिल्ली कैपिटल्स की संभावित XII: पथुम निसांका, केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश राणा, समीर रिजवी, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), काइल जैमीसन/दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, टी नटराजन, औकिब नबी

पंचायत चुनाव से पहले यूपी में बड़ा बदलाव, हर वोटर को मिलेगा 9 डिजिट का यूनिक नंबर

रायबरेली पंचायत चुनावों में फर्जी मतदान रोकने व डुप्लीकेट मतदाताओं को पकड़ने के लिए हर व्यक्ति का नौ अंक का एक यूनिक नंबर जारी होगा। इससे मतदान के दौरान होने वाले विवादाें को भी समाप्त किया जा सकेगा। यह नंबर 10 जून को जारी होने वाली मतदाता सूची में ही होगा। जनपद में 980 ग्राम सभा में चुनाव होने हैं। इसको लेकर जिला निर्वाचन विभाग ने करीब तैयारी पूरी कर ली है। अब सिर्फ को सभी को मतदाता सूची का इंतजार हैं। इस बार मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। इस बार प्रत्येक मतदाता को यूनिक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित किया जाएगा, जो मतदाता सूची में ही होगा। विधान सभा चुनाव के इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड (इपिक) की तरह यह नौ अंकों का विशेष नंबर मतदाता की पहचान बनेगा। ऐसे लिंक होगा यूनिक नंबर इस नंबर से मतदाता की व्यक्तिगत पहचान के साथ ही विकास खंड और गांव से भी वह डिजिटल रूप से जुड़ा रहेगा। अगर मतदाता का नाम किसी कारण वश सूची से हट जाएगा तो उसका एसवीएन नंबर भी स्वत: समाप्त हो जाएगा। इससे कोई भी उसके नाम पर मतदान नही कर सकेगा। दोबारा किसी अन्य को आवंटित नही किया जाएगा। इससे एक ही व्यक्ति के कई बूथों पर नाम होने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनायक शुक्ला ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए अलग साफ्टवेयर बनाया गया है। इसके माध्यम से हर मतदाता का एसवीएन जारी किया जाएगा। इस योजना से चुनाव में फर्जीवाड़ा पूरी तरह रुक सकेगा। इससे मतदान प्रक्रिया भी आसान होगी।

राज्यपाल डेका ने स्वर्ण पदक विजेता आर्मरेसलर मंत झा को दी बधाई राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में 64 अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता पैरा आर्मरेसलर  मंत झा ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने हाल ही में नार्वे के ईदफ्योर्ड में  आयोजित हुए पैरा आर्मरेसलिंग कप 2026 प्रतियोगिता में 85 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया है।          छत्तीसगढ़ के भिलाई के निवासी मंत झा एक प्रसिद्ध भारतीय पैरा-आर्मरेसलर (विकलांग कुश्ती खिलाड़ी) हैं, जिन्होंने नॉर्वे पैरा-आर्म रेसलिंग कप 2026 में 85 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रौशन किया है। वे एशिया नंबर-1 और वर्ल्ड नंबर-3 के रूप में पहचान रखते हैं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 64 से अधिक पदक जीत चुके हैं।  झा ने राज्यपाल को अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी।  डेका ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी तथा उनका सम्मान किया।

टामटिया गांव में हत्या के बाद हिंसा, गुस्साई भीड़ ने कई घरों में लगाई आग

बांसवाड़ा बांसवाड़ा में मोटागांव क्षेत्र के टामटिया गांव में एक हत्या ने पूरे इलाके को हिंसा की आग में झोंक दिया. इस हत्या के पीछे वजह कोई मामूली विवाद या आपसी रंजिश नहीं, बल्कि वर्षों पुराने ‘प्रेम प्रसंग' से उपजी चिंगारी थी. वो चिंगारी, जिसने पूरे गांव को फूंक दिया. विवाद की जड़ मृतक की बहन और कटारा फला गांव के एक युवक के बीच पुराना प्रेम संबंध था. यह प्रेम संबंध खत्म हो चुका था और दोनों एक-दूसरे से अलग रहने के बाद वैवाहिक जीवन जी रहे थे. लेकिन इसी बीच दोनों परिवार के बीच फिर से रंजिश पैदा हुई और मामला खूनी जंग तक पहुंच गया. इसी विवाद में आरोपी ने पूर्व प्रेमिका के भाई को मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद मृतक के परिवार ने आरोपी के गांव में कई घरों में आग लगा दी. हालांकि, पुलिस की तफ्तीश पूरी होने के बाद ही असली वजह की पुष्टि हो पाएगी. दोनों पक्षों के बीच पहले भी हुए थे केस पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, बहन के मामले को लेकर मृतक और आरोपी का कई बार विवाद हो चुका  था. कई बार दोनों के बीच समझाइश की भी कोशिश हुई और दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवा चुके थे. बीती रात आरोपी युवती के घर पहुंचा और उसके भाई से मारपीट कर दी, इसी दौरान कुल्हाड़ी से वार किए और उसकी हत्या कर दी गई. बाइक-बकरियां, जो मिला सबकुछ जला दिया हत्या की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया. गुस्साई भीड़ ने आरोपी पक्ष के घरों, वाहनों और यहां तक कि मवेशियों को भी नहीं छोड़ा. आगजनी में बाइक, एक ऑटो रिक्शा और कई बकरियां जलकर खाक हो गईं. स्थिति इतनी भयावह हो गई कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को भी गांव में एंट्री से रोका गया. कई घंटों बाद सुबह करीब 5 बजे आग पर काबू पाया जा सका. हिंसा के बाद गांव में सन्नाटा थानाधिकारी रमेश पाटीदार के अनुसार फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं. पुलिस ने आरोपी पक्ष के तीन लोगों को डिटेन किया है और मामले की जांच जारी है. गांव में भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन दहशत और सन्नाटा अभी भी कायम है.