samacharsecretary.com

बंगाल में PM मोदी का ‘ओपन लेटर’ दांव, बोले—अब डर नहीं भरोसे की ज़रूरत; जानें ख़त की बड़ी बातें

नई दिल्ली  चिट्ठी में पीएम ने लिखा है कि भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए और राज्य में भाजपा चाहिए। पीएम ने इस पत्र में लिखा है कि अब बंगाल में भाजपा के सीएम की शपथ होगी। उन्होंने आगे लिखा कि इस शपथ ग्रहण का उत्सव सभी मिलकर मनाएंगे। भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए; प्रचार खत्म होते PM मोदी ने बंगाल में चला खुली चिट्ठी वाला दांव, ख़त में क्या-क्या? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार की समय-सीमा खत्म होने के बाद राज्यवासियों के नाम एक खुली चिट्ठी लिखी है और लोगों से अपील की है कि सभी मिलकर बंगाल को विकसित बनाने का संकल्प लें। उन्होंने पत्र में भी लिखा है कि बंगाल के लोग विकासित बंगाल के लिए संकल्पित हैं। चिट्ठी में पीएम ने लिखा है कि भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए और राज्य में भाजपा चाहिए। पीएम ने इस पत्र में लिखा है कि अब बंगाल में भाजपा के सीएम की शपथ होगी। उन्होंने आगे लिखा कि इस शपथ ग्रहण का उत्सव सभी मिलकर मनाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र को ट्वीट करते हुए लिखा, “पश्चिम बंगाल के पूरे चुनाव अभियान के दौरान मुझे अपने परिवारजनों का जो अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है, उसने एक नई ऊर्जा से भर दिया है। यहां की युवाशक्ति हो या नारीशक्ति, हमारे किसान भाई-बहन हों, श्रमिक या फिर कारोबारी, सभी ‘विकसित बंगाल’ के लिए संकल्पित हैं। मैंने इस पत्र में उनके प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं…” प्रधानमंत्री ने एक ऑडियो क्लिप भी साझा की है और ट्वीट कर लिखा," पश्चिम बंगाल के मेरे परिवारजनो, लोकतंत्र के महोत्सव में बीजेपी की विजय का ध्वज फहराने का सुनहरा अवसर आपके सामने है। मुझे विश्वास है कि 29 अप्रैल को आप मतदान का नया रिकॉर्ड बनाएंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर मैंने ऑडियो संदेश के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं…"  

सतना में सुरक्षा पर सवाल, वन स्टॉप सेंटर की दीवार लांघकर फरार हुईं तीन नाबालिग बालिकाएं

सतना शहर के जवाहर नगर स्थित वन स्टॉप सेंटर से 27 अप्रैल की देर रात तीन नाबालिग बालिकाएं खिड़की के रास्ते बाहर निकल गईं। घटना की जानकारी सोमवार सुबह सामने आने पर केंद्र प्रबंधन में हलचल मच गई। मामले की सूचना तत्काल सिटी कोतवाली थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद बालिकाओं की तलाश शुरू कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के निर्देश पर अस्थायी रूप से वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। सतना और बिजनौर की रहने वाली हैं बालिकाएं इनमें से एक बालिका उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली है, जबकि अन्य दो सतना जिले के पौराणिक टोला और रामपुर बघेलान क्षेत्र से संबंधित हैं। बताया जा रहा है कि जिस डोरमेट्री में बालिकाएं ठहरी थीं, वहां की पीछे की खिड़की को क्षतिग्रस्त कर वे एक-एक कर बाहर निकलीं और परिसर से दूर चली गईं। केंद्र में सीसीटीवी कैमरे और मुख्य द्वार पर सुरक्षा कर्मी की तैनाती होने के बावजूद, पीछे की ओर खुले मैदान की दिशा से निकलने की आशंका जताई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और परिजनों से ली जा रही मदद घटना की सूचना मिलते ही अधीक्षिका द्वारा पुलिस को अवगत कराया गया। सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न टीमों का गठन किया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है। साथ ही, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सुराग जुटाने का प्रयास जारी है। पुलिस द्वारा बालिकाओं के परिजनों और परिचितों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि संभावित स्थानों की जानकारी मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी प्राथमिकता है और सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।

Municipal Elections Punjab: 9 नगर निगमों के लिए 24 मई को मतदान की संभावना

चंडीगढ़. पंजाब में नगर निगम चुनावों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि राज्य के 9 नगर निगमों – मोहाली, होशियारपुर, अबोहर, बठिंडा, बटाला, बरनाला, पठानकोट, मोगा और कपूरथला – में नगर निगम चुनाव मई के आखिर तक होना लगभग तय है। सरकारी और एडमिनिस्ट्रेटिव सूत्रों के मुताबिक, ये चुनाव 24 मई को हो सकते हैं, लेकिन अभी इस पर आखिरी फैसला स्टेट इलेक्शन कमीशन को लेना है। इन चुनावों के लिए तैयारियां पहले ही कर ली गई हैं। सरकार ने चुनावों से पहले वार्ड रिजर्वेशन को भी अंतिम रूप दे दिया है। इस बार 50 परसेंट सीटें महिलाओं के लिए भी रिजर्व रहेंगी। एस.सी. और एस.टी. उम्मीदवार अपनी रिजर्व सीटों के अलावा जनरल सीटों से भी चुनाव लड़ सकेंगे। पंजाब में अगले नगर निगम चुनाव (अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और फगवाड़ा) काफी समय से पेंडिंग हैं। इन्हें अलग-अलग फेज़ में आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। 

निर्माण कार्यों में बढ़ रही ‘साईं बाबा समूह’ की आजीविका

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिसे ष्बिहानष्  के नाम से जाना जाता है, ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी कम करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक प्रमुख कार्यक्रम है। यह भारत सरकार के दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का छत्तीसगढ़ में क्रियान्वयन कर रहा है। ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं के लिए स्थायी और विविध स्व-रोजगार के अवसर पैदा करना ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।                 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली ‘बिहान’ (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना महिलाओं के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव का बड़ा माध्यम बन रही है। सहारा आजीविका क्लस्टर के उदयपुर विकासखंड के डाड़गांव की रहने वाली सकीना की कहानी आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। जो सकीना कभी बैंक जाने के नाम से घबराती थीं, वे आज स्वयं सहायता समूह के माध्यम से न केवल अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। अभिसरण का कमालः डीएमएफ मद से मिली मिक्सर मशीन             शासन की विभिन्न योजनाओं के आपसी समन्वय से जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव आ रहे हैं। इसी कड़ी में जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफ मद से सीमेंट मिक्सर मशीनें समूहों प्रदान की गई हैं। इन्ही में से एक मशीन ‘रामगढ़’ ग्राम संगठन के ‘साईं बाबा समूह’ को मिली, जिसकी सदस्य सकीना हैं। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहयोग और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। निर्माण कार्यों में बढ़ी भागीदारी, बढ़ी आमदनी         सकीना ने बताया कि उन्होंने अपनी आजीविका विस्तार के लिए समूह से 60,000 का ऋण लिया था। समूह को मिली मिक्सर मशीन और शटरिंग प्लेट्स अब उनकी आय का मुख्य जरिया बन गई हैं। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्यों के लिए उनकी मिक्सर मशीन और शटरिंग प्लेट्स की भारी मांग है। उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्टिंग और अन्य खर्चे निकालकर समूह से अब तक 6,000 से 7,000 की प्रतिदिन की कमाई हो रही है। आत्मविश्वास से भरा सफरः बैंक जाने की हिचकिचाहट हुई खत्म             सकीना अपनी सफलता का श्रेय बिहान योजना को देते हुए कहती हैं, पहले मुझे बैंक जाने में भी डर लगता था, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद मैं जागरूक और सक्रिय हो गई हूँ। अब मुझे किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है, मैं खुद सक्षम हूँ। अब मैं दूसरी दीदियों को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हूँ। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव            सकीना की आर्थिक मजबूती का सीधा असर उनके परिवार पर पड़ा है। उनकी बेटी अब कॉलेज में है और बेटा हाई स्कूल की पढ़ाई कर रहा है। सकीना का कहना है कि आर्थिक स्वतंत्रता मिलने से अब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक करने का प्रयास किया जा रहा है। योजना के लिए शासन का जताया आभार         सकीना ने अपनी इस सफलता और आत्मनिर्भरता के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इन योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को केवल काम ही नहीं दिया, बल्कि समाज में एक सम्मानित पहचान भी दी है।

गौतम बुद्ध नगर में स्कूल सुबह 7:30 से 12:30 तक, डीएम का आदेश लागू

नई दिल्ली नोएडा और आसपास के इलाकों में बढ़ती गर्मी ने अब स्कूलों की दिनचर्या तक बदल दी है। गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने हालात को देखते हुए सभी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब तापमान लगातार ऊपर जा रहा है और ‘लू’ चलने का खतरा भी बढ़ गया है। छोटे बच्चों पर इसका असर जल्दी पड़ता है, इसलिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है। नई टाइमिंग क्या है और कब से लागू होगी जारी आदेश के मुताबिक, अब जिले के सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ही चलेंगे। यह नया शेड्यूल 27 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है और अगली सूचना तक जारी रहेगा। इसका मकसद साफ है कि बच्चों को दोपहर की तेज धूप और खतरनाक गर्मी से दूर रखा जा सके। सुबह के समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है, जिससे बच्चों के लिए स्कूल जाना सुरक्षित रहेगा। किन-किन स्कूलों पर लागू होगा आदेश यह आदेश सिर्फ सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है। जिले में चल रहे सभी स्कूलों पर यह नियम लागू होगा, चाहे वे निजी हों या किसी भी बोर्ड से जुड़े हों। इसमें सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी और यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी संस्थान शामिल हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस आदेश का पालन करना हर स्कूल के लिए जरूरी है। लू और हीटवेव का बढ़ता खतरा उत्तर भारत में गर्मियों के दौरान ‘लू’ यानी गर्म और सूखी हवाएं चलना आम बात है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग लगातार चेतावनी दे रहा है कि दोपहर के समय बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में स्कूल जैसे जगह, जहां बड़ी संख्या में बच्चे एक साथ मौजूद होते हैं, खासतौर पर संवेदनशील माने जाते हैं। इसी वजह से प्रशासन ने समय बदलकर जोखिम कम करने की कोशिश की है। दिल्ली स्कूलों में भी सख्त कदम गर्मी से निपटने के लिए दिल्ली के स्कूलों में भी कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। वहां ‘वॉटर बेल’ सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें हर 45 से 60 मिनट के बीच बच्चों को पानी पीने की याद दिलाई जाती है। इसके अलावा, खुले मैदान में होने वाली असेंबली और आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। स्कूलों को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया है, जो इन नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा। बच्चों के लिए जरूरी सावधानियां गर्मी के इस मौसम में सिर्फ टाइमिंग बदलना ही काफी नहीं है, बल्कि बच्चों को खुद भी कुछ सावधानियां अपनानी होंगी। जैसे कि ज्यादा पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप में ज्यादा देर तक न रहना। स्कूलों में भी इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि बच्चे डिहाइड्रेशन से बचें और किसी भी तरह की तबीयत खराब होने पर तुरंत जानकारी दें। आगे क्या हो सकता है फैसला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर गर्मी और बढ़ती है तो आगे और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। वहीं अगर मौसम में राहत मिलती है, तो स्कूलों के समय को फिर से सामान्य किया जा सकता है। फिलहाल प्राथमिकता बच्चों की सेहत और सुरक्षा को दी जा रही है।

ठेले का चाट बना जानलेवा, पूरे गांव में मचा कोहराम

 गिरिडीह गिरिडीह जिला स्थित सदर प्रखंड के लेदा-बजटो गांव में फूड पॉइजनिंग ने भीषण कहर बरपाया है, जिससे 6 वर्षीय एक मासूम की मौत हो गई. इसके अलावा 22 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हैं. घटना के बाद रविवार सुबह पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया. प्रशासनिक अमला और स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई. शनिवार शाम खाया चाट, सुबह होते ही शुरू हुई उल्टी-दस्त जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम करीब 5 बजे एक अज्ञात व्यक्ति गांव में ठेले पर गुपचुप और छोला बेच रहा था. गांव के बच्चों समेत कई ग्रामीणों ने उससे चाट खरीदी और खाई. रविवार की सुबह होते-होते सभी को तेज बुखार, पेट में असहनीय दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई. देखते ही देखते पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई. इलाज के दौरान मासूम ने तोड़ा दम फूड पॉइजनिंग का सबसे घातक असर बजटो गांव निवासी रिंकू देवी के 6 वर्षीय पुत्र रंजन कुमार पर हुआ. उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे सदर अस्पताल लाए, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. बेटे की मौत से मां रिंकू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में शोक की लहर है. सदर अस्पताल में मरीजों का तांता, प्रशासन अलर्ट घटना के बाद 22 से अधिक बीमार लोगों को एंबुलेंस और निजी वाहनों से सदर अस्पताल लाया गया, जहां सभी को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है. मरीजों में 5 साल के बच्चों से लेकर 45 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं. सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह की निगरानी में सभी का इलाज चल रहा है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है. डीसी और सिविल सर्जन ने जाना हाल, ठेले वाले की तलाश तेज सूचना मिलते ही डीसी रामनिवास यादव के निर्देश पर एसडीएम, एसडीपीओ, सिविल सर्जन और पुलिस के कई अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे. अधिकारियों ने मृतक के परिजनों से मिलकर सांत्वना दी और घायलों का हाल जाना. सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हुई है. इधर, पुलिस उस अज्ञात ठेले वाले की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सैंपल जांच के लिए बुलाई गई है.

रणवीर सिंह को ‘कांतारा मिमिक्री केस’ में राहत, हाई कोर्ट ने माफी स्वीकार की

धुरंधर एक्टर रणवीर सिंह की मुश्किलों पर आखिरकार फुल स्टॉप लगता दिख रहा है. कर्नाटक हाई कोर्ट ने ‘कांतारा मिमिक्री केस’ में रणवीर की बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली है. शनिवार, 25 अप्रैल को उन्होंने एफिडेविट दाखिल किया था. नए हलफनामे को देखते हुए कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि अब इस मामले को खत्म किया जा सकता है. कोर्ट ने रणवीर सिंह को अगले चार हफ्तों के अंदर मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर जाने का भी निर्देश दिया है. हालांकि अभी तक इस पर रणवीर का ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं आया है कि वो कब दर्शन करने जाने वाले हैं. क्या है कांतारा मिमिक्री केस? कोर्ट में रणवीर सिंह की उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी. ये एफआईआर उन्होंने गोवा में हुए 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के दौरान फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 में ऋषभ शेट्टी के किरदार की मिमिक्री करने को लेकर दर्ज की गई थी. उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई और चामुंडेश्वरी देवी को ‘महिला भूत’ कह दिया. इससे पहले 10 अप्रैल को रणवीर सिंह ने हाई कोर्ट से कहा था कि वो शिकायतकर्ता के साथ बैठकर माफी वाले हलफनामे की भाषा पर काम करेंगे. शिकायतकर्ता का कहना था कि पहले दिया गया हलफनामा सच्चा पछतावा नहीं दिखाता. दरअसल, इवेंट के दौरान रणवीर सिंह फिल्म की तारीफ करते हुए गलती से ‘दैव’ को ‘भूत’ कह बैठे थे. उन्होंने कहा था कि- मैंने कांतारा देखी, ऋषभ, आपका परफॉर्मेंस शानदार था, खासकर जब ‘महिला भूत’ (चामुंडी दैव) आपके शरीर में प्रवेश करता है. इसके बाद उन्होंने ऋषभ शेट्टी के उस किरदार की नकल भी की, जो कर्नाटक की ‘भूता कोला’ परंपरा का अहम हिस्सा है. हालांकि रणवीर सिंह ने बाद में इंस्टाग्राम पर माफी भी मांगी थी, लेकिन एक हिंदू संगठन के सदस्य ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दैवों के अपमान का आरोप लगाया गया. इसके बाद रणवीर सिंह ने फरवरी में हाई कोर्ट का रुख किया और राहत की मांग की. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 196, 299 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जो समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जानबूझकर अपमानजनक बयान देने से जुड़ी हैं.

राजगढ़: शादी में शामिल होने आई बहनों की ज्वैलरी पार, ट्रेन में 90 लाख का माल गायब

राजगढ़ राजगढ़ में अपने ताऊजी के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए उज्जैन से राजगढ़ आई दो बहनों की बीना-नागदा ट्रैन से करीब 90 लाख रूपये की ज्वैलरी चोरी हो गई। ज्वैलरी चोरी जाने की भनक दोनों बहनों को उस समय लगी जब सोमवार को माता पूजन के कार्यक्रम में ज्वैलरी पहनने के लिए उन्होंने बैग खोला। इसके बाद ब्यावरा जीआरपी थाने पहुंचकर शिकायत की है। जानकारी के मुताबिक राजग़ढ की भाजपा पार्षद सरोज कटारिया की दोनों बेटियों आशा व राजकुमारी का विवाह उज्जैन के नलिया बाकड क्षेत्र में रहने वाले कैलाश सुल्तानिया व होकम सुल्तानिया से हुआ है। एक मई को राजगढ़ में दोनों बहनों के ताऊजी के बेटे की होना है। ऐसे में आशा व राजकुमारी रविवार को विवाह समारोह में शामिल होने के लिए अपने बच्चों के साथ दोपहर 12.30 बजे उज्जैन से बीना-नागदा ट्रैन में सवार हुई थी। साथ में वह कपड़े व जैवरात के बैग भी लेकर आई थी। दोनों बहनों की ज्वैलरी एक साथ उन्होंने एक ही बैग में रखी थी। आशा ने बताया कि हम दोपहर 12.30 बजे उज्जैन से ट्रैन में सवार हुए और शाम करीब 5 बजे ब्यावरा उतरे थे। ब्यावरा से राजगढ़ अपने घर पहुंच गए।लेकिन इसी बीच बदमाशों ने बैग में रखी ज्वैलरी को पार कर दिया। ज्वैलरी गायब होने के बाद हमन शिकायत करने के लिए ब्यावरा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थाना आए हैं। पहनने के लिए बैग खोला तब पता की चोरी हो गई     आशा ने बताया कि हमने रविवार को राजगढ पहुंचकर बैग सहित अन्य सामान रख दिया था।     हमें अंदेशा भी नहीं था कि चोरी हो गई।सोमवार को भाई की माता पूजन का कार्यक्रम था।     सुबह जब तैयार होने के दौरान ज्वैलरी पहनने के लिए हमने बैग खोला तो उसमें से ज्वैलरी गायब थी।     जिस स्थान पर ज्वैलरी रखी गई थी वह गायब थी। यह देखकर हमारे होश उड़ गए।     काफी खोजबीन की लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं लगा।     साथ में मौजूद बच्चों से भी पूछा, लेकिन किसी को इस बारे में जानकारी नहीं थी।     इसके बाद हम शिकायत दर्ज कराने ब्यावरा सिटी थाने पहुंचे थे।     वहां से हमें जीआरपी के लिए बोला गया।फिर जीआरपी थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया है। बैग का लगा रहा था, चैन खोलकर चीरा लगाया और निकाली ज्वैलरी बदमाशों ने चोरी की वारदात को इस तरह से अंजाम दिया है कि किसी को कोई भनक न लग सके।जिस बैग में ज्वैलरी लगी थी उसमें बकायदा ताला लगार रखा था।राजगढ पहुुंचने तक बैग में ताला लगा रहा।सोमवार को उन्होंने बकायदा ताला खोला।ताला खोलने पर नजर आया कि बदमाशों ने जैवरात चोरी करने के लिए न तो ताला तोड़ा न ही साईड की जैब की चैन तोड़ी।बल्कि चैन को खोला और उसी में से चाक लगाकार यानि की अंदर के कपड़े को काटकर जैवरात वाले बैग को निकाला और गायब कर दिया।चैन के अंदर कट लगा देखकर संदेह हुआ कि शायद चोरी हो गई। बैग के पास बैठे थे बच्चे, 2 बजे के आसपास चोरी की आशंका बताया गया है कि आशा अपने बेटे सक्षम 15 वर्ष, बेटी कृतिका 19 वर्ष व राजकुमारी अपने बेटे हार्दिक व भविष्य करीब 10-10 वर्ष के साथ राजगढ़ आ रही थी।ट्रैन में जिस बैग में ज्वैलरी रखी थी उसके आसपास 10-10 वर्ष के दोनों बालक बैठे हुए थे। परिजनों को आशंका है कि उज्जैन् से बढ़ने के बाद रास्ते में करीब 2 बजे के आसपास बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है।उन्हें संदेह है कि शायद उन्होंने पहले चोरी की वारदात को अंजाम दिया और उसके बाद वह दूसरे किसी डिब्बे में जाकर बैठ गए। ये जेवरात हुए चोरी -रानी हार, करीब 10 तौला -छोटा हार, तीन तौला -चूड़ी छह, 11 तौला -झुमकी, एक तौला -अंगूठी 4, 10-10 ग्रामj -चेन-2, 10-10 ग्राम की -चांदी की करदौनी दो, 250-250 ग्राम की -सहित अन्य जैवरात शामिल हैं।     मेरी दोनों बहने उज्जैन से शादि में शामिल होने के लिए राजगढ़ आ रही थी।रास्ते में बीना-नागदा ट्रैन से बैग में मौजूद करीब 90 लाख की ज्वैलरी बदमाशों ने चुरा ली।आज जब पता लगा तो हम पहले सिटी थाना ब्यावरा शिकायत करने पहुंचे थे।वहां से जीआरपी थाना रेलवे स्टेशन पहुंचे हैं। शिकायत दर्ज करा रहे हैं।

सहरसा में हवाई सेवा की बड़ी सौगात, एयरपोर्ट अपग्रेडेशन का काम तेज

सहरसा अब सहरसा के लोगों का हवाई सेवा सफर का सपना अगले साल हवाई अड्डा अपग्रेडेशन के बाद पूरा हो जाएगा । अगले साल से यहां छोटे और मध्यम आकार के विमान सुरक्षित रूप से उड़ान भर सकेंगे और उतर सकेंगे। इससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी । सहरसा को बिहार व देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में मदद मिलेगी। हवाई सेवा शुरू होने से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर हवाई सम्पर्क से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर बढेगें। पिछले साल हुआ था सर्वेक्षण :पिछले साल सितंबर महीने में ओएलएस सर्वेक्षण हुआ था। पांच दिनों तक हुए सर्वेक्षण के दौरान सहरसा हवाई अड्डा आसपास के करीब 15 किलोमीटर दूरी तक तीन सदस्यीय टीम के द्वारा सर्वेक्षण किया गया। वैसे ऊंचे भवन, मोबाइल टावर, हाइ टेंशन तारों का मुआयना किया गया जो हवाई जहाज लैंडिंग और उड़ान भरने के दौरान परेशानी का कारण बन सकते हैं। तीन सदस्यीय टीम द्वारा हवाई अड्डा से सटे राय टोला से लेकर बैजनाथपुर व आसपास के कई इलाकों का सर्वेक्षण किया । जनवरी 2025 में सहरसा में प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सहरसा हवाई अड्डे को लेकर घोषणा की गई थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा जारी टेंडर के अनुसार निर्माण कार्य को 450 दिन (15 महीने) के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अवधि में एयरपोर्ट परिसर में आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कर इसे हवाई सेवा संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा कर क्षेत्र के लोगों को जल्द से जल्द हवाई सेवा का लाभ मिलेगा। 1580 स्क्वायर मीटर में दो मंजिला टर्मिनल भवन बनेगा। 165 स्क्वायर मीटर में एटीसी टावर और 451 स्क्वायर मीटर में फायर स्टेशन बनेगा। 1000 मीटर ×30 मीटर का रनवे होगा । एयरपोर्ट परिसर में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे विकसित किए जाएंगे।प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर वाला टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियर्ड एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, प्री-इंजीनियर्ड फायर स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। आधुनिक संरचनाओं के निर्माण से हवाई अड्डा के संचालन क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किया जाएगा। समृद्धि यात्रा में किया था घोषणा सवा माह पहले समृद्धि यात्रा पर तत्कालीन सीएम नीतीश कुमार के साथ तत्कालीन डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी सहरसा पहुंचे थे। सहरसा स्टेडियम की सभा में सम्राट चौधरी ने घोषणा की थी कि सहरसा हवाई अड्डे के विकास कार्य को एक माह के अंदर टेंडर निकलेगा।उस वादे को मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने पूरा किया है।हवाई अड्डा शुरु होने से सहरसा के अलावा मधेपुरा व आसपास के लाखों आबादी को सुविधा होगी। सुपौल के वीरपुर में भी हवाई सफर को लेकर घोषणा की गई है। 22 अप्रैल को निविदा की गयी है जारी भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) ने सहरसा हवाई अड्डे के विकास एवं उन्नयन के लिए ईपीसी मोड पर ई-निविदा जारी किया है। यह निविदा हवाई अड्डे को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित करने के लिए जारी किया गया है। परियोजना के तहत सहरसा हवाई अड्डा को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित किया जाएगा। 16 जून को टेंडर खुलेगा। जिसके बाद जिस कंपनी को यह काम मिलेगा वह कार्य शुरू करेगी। 15 महीने में होगा अपग्रेडेशन हवाई अड्डा अपग्रेडेशन परियोजना की अनुमानित लागत 38.14 करोड़ रुपये और निर्माण कार्य की अवधि 15 महीने तय की गई है। इस परियोजना के तहत एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

बच्चों की सेहत से खिलवाड़! मिड-डे-मील में परोसी जा रही खराब पिन्नी पर उठे सवाल

हिसार. नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है लेकिन मिड डे मील के तहत स्कूलों में दिए जाने वाले खाद्य सामग्री के खराब हालात आज भी ज्यों-की-त्यों हैं। ताजा मामला गांव बुगाना स्थित राजकीय हाई स्कूल, गांव खेड़ी बरखी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सहित अन्य सरकारी स्कूलों का है, जहां नए सत्र के प्रथम माह में ही मिड-डे-मील के तहत फफूंदी युक्त पिन्नी पहुंचाई जा रही है। जिले के पहली से आठवीं कक्षा के कुल सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 61,065 बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने लग गया है। जिला के मौलिक शिक्षा अधिकारी रामरतन ने कहा कि संबंधित बीईओ से मामले की जानकारी ली जाएगी। अगर फफूंदी युक्त पीनी स्कूलों में आ रही है तो मुख्यालय को मामले से अवगत कराया जाएगा। किसी भी हाल में बच्चों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाएगा। पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों का आंकड़ा कक्षा     विद्यार्थियों की संख्या पहली     5,296 दूसरी     6,346 तीसरी     6,182 चौथी     5,943 पांचवीं     8,772 छठी     7,123 सातवीं     10,453 आठवीं     10,950 कुल     61,065 कंपनियों से टेंडर नहीं किए रद बीते सत्र में हरियाणा एग्रो इंडस्ट्री कारपोरेशन लिमिटेड व हरहित स्टोर के खिलाफ खराब गुड़ वितरित करने और स्कूलों में जरूरत से ज्यादा खाद्य सामग्री बांटने की घटनाएं सामने आई। लेकिन निदेशालय ने बिना परवाह किए हरहित स्टोर से सामान लेने के आदेश जारी रखें। न कोई कार्रवाई हुई और न ही बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए टेंडर रद किए। खास बात है कि बीते शैक्षणिक सत्र में उपरोक्त को लोकल मार्केट से गुड़ खरीदने की छूट दी। जबकि शेष सामग्री हरियाणा एग्रो इंडस्ट्री कारपोरेशन लिमिटेड व हरहित स्टोर से लेने के लिए ही आदेश दिए गए। लेकिन दोनों कंपनियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। जिसका परिणाम इस बार भी स्कूलों में देखने को मिल रहा है।