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ठेले का चाट बना जानलेवा, पूरे गांव में मचा कोहराम

 गिरिडीह गिरिडीह जिला स्थित सदर प्रखंड के लेदा-बजटो गांव में फूड पॉइजनिंग ने भीषण कहर बरपाया है, जिससे 6 वर्षीय एक मासूम की मौत हो गई. इसके अलावा 22 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हैं. घटना के बाद रविवार सुबह पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया. प्रशासनिक अमला और स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई. शनिवार शाम खाया चाट, सुबह होते ही शुरू हुई उल्टी-दस्त जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम करीब 5 बजे एक अज्ञात व्यक्ति गांव में ठेले पर गुपचुप और छोला बेच रहा था. गांव के बच्चों समेत कई ग्रामीणों ने उससे चाट खरीदी और खाई. रविवार की सुबह होते-होते सभी को तेज बुखार, पेट में असहनीय दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई. देखते ही देखते पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई. इलाज के दौरान मासूम ने तोड़ा दम फूड पॉइजनिंग का सबसे घातक असर बजटो गांव निवासी रिंकू देवी के 6 वर्षीय पुत्र रंजन कुमार पर हुआ. उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे सदर अस्पताल लाए, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. बेटे की मौत से मां रिंकू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में शोक की लहर है. सदर अस्पताल में मरीजों का तांता, प्रशासन अलर्ट घटना के बाद 22 से अधिक बीमार लोगों को एंबुलेंस और निजी वाहनों से सदर अस्पताल लाया गया, जहां सभी को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है. मरीजों में 5 साल के बच्चों से लेकर 45 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं. सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह की निगरानी में सभी का इलाज चल रहा है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है. डीसी और सिविल सर्जन ने जाना हाल, ठेले वाले की तलाश तेज सूचना मिलते ही डीसी रामनिवास यादव के निर्देश पर एसडीएम, एसडीपीओ, सिविल सर्जन और पुलिस के कई अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे. अधिकारियों ने मृतक के परिजनों से मिलकर सांत्वना दी और घायलों का हाल जाना. सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हुई है. इधर, पुलिस उस अज्ञात ठेले वाले की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सैंपल जांच के लिए बुलाई गई है.

रणवीर सिंह को ‘कांतारा मिमिक्री केस’ में राहत, हाई कोर्ट ने माफी स्वीकार की

धुरंधर एक्टर रणवीर सिंह की मुश्किलों पर आखिरकार फुल स्टॉप लगता दिख रहा है. कर्नाटक हाई कोर्ट ने ‘कांतारा मिमिक्री केस’ में रणवीर की बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली है. शनिवार, 25 अप्रैल को उन्होंने एफिडेविट दाखिल किया था. नए हलफनामे को देखते हुए कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि अब इस मामले को खत्म किया जा सकता है. कोर्ट ने रणवीर सिंह को अगले चार हफ्तों के अंदर मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर जाने का भी निर्देश दिया है. हालांकि अभी तक इस पर रणवीर का ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं आया है कि वो कब दर्शन करने जाने वाले हैं. क्या है कांतारा मिमिक्री केस? कोर्ट में रणवीर सिंह की उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी. ये एफआईआर उन्होंने गोवा में हुए 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के दौरान फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 में ऋषभ शेट्टी के किरदार की मिमिक्री करने को लेकर दर्ज की गई थी. उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई और चामुंडेश्वरी देवी को ‘महिला भूत’ कह दिया. इससे पहले 10 अप्रैल को रणवीर सिंह ने हाई कोर्ट से कहा था कि वो शिकायतकर्ता के साथ बैठकर माफी वाले हलफनामे की भाषा पर काम करेंगे. शिकायतकर्ता का कहना था कि पहले दिया गया हलफनामा सच्चा पछतावा नहीं दिखाता. दरअसल, इवेंट के दौरान रणवीर सिंह फिल्म की तारीफ करते हुए गलती से ‘दैव’ को ‘भूत’ कह बैठे थे. उन्होंने कहा था कि- मैंने कांतारा देखी, ऋषभ, आपका परफॉर्मेंस शानदार था, खासकर जब ‘महिला भूत’ (चामुंडी दैव) आपके शरीर में प्रवेश करता है. इसके बाद उन्होंने ऋषभ शेट्टी के उस किरदार की नकल भी की, जो कर्नाटक की ‘भूता कोला’ परंपरा का अहम हिस्सा है. हालांकि रणवीर सिंह ने बाद में इंस्टाग्राम पर माफी भी मांगी थी, लेकिन एक हिंदू संगठन के सदस्य ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दैवों के अपमान का आरोप लगाया गया. इसके बाद रणवीर सिंह ने फरवरी में हाई कोर्ट का रुख किया और राहत की मांग की. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 196, 299 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जो समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जानबूझकर अपमानजनक बयान देने से जुड़ी हैं.

राजगढ़: शादी में शामिल होने आई बहनों की ज्वैलरी पार, ट्रेन में 90 लाख का माल गायब

राजगढ़ राजगढ़ में अपने ताऊजी के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए उज्जैन से राजगढ़ आई दो बहनों की बीना-नागदा ट्रैन से करीब 90 लाख रूपये की ज्वैलरी चोरी हो गई। ज्वैलरी चोरी जाने की भनक दोनों बहनों को उस समय लगी जब सोमवार को माता पूजन के कार्यक्रम में ज्वैलरी पहनने के लिए उन्होंने बैग खोला। इसके बाद ब्यावरा जीआरपी थाने पहुंचकर शिकायत की है। जानकारी के मुताबिक राजग़ढ की भाजपा पार्षद सरोज कटारिया की दोनों बेटियों आशा व राजकुमारी का विवाह उज्जैन के नलिया बाकड क्षेत्र में रहने वाले कैलाश सुल्तानिया व होकम सुल्तानिया से हुआ है। एक मई को राजगढ़ में दोनों बहनों के ताऊजी के बेटे की होना है। ऐसे में आशा व राजकुमारी रविवार को विवाह समारोह में शामिल होने के लिए अपने बच्चों के साथ दोपहर 12.30 बजे उज्जैन से बीना-नागदा ट्रैन में सवार हुई थी। साथ में वह कपड़े व जैवरात के बैग भी लेकर आई थी। दोनों बहनों की ज्वैलरी एक साथ उन्होंने एक ही बैग में रखी थी। आशा ने बताया कि हम दोपहर 12.30 बजे उज्जैन से ट्रैन में सवार हुए और शाम करीब 5 बजे ब्यावरा उतरे थे। ब्यावरा से राजगढ़ अपने घर पहुंच गए।लेकिन इसी बीच बदमाशों ने बैग में रखी ज्वैलरी को पार कर दिया। ज्वैलरी गायब होने के बाद हमन शिकायत करने के लिए ब्यावरा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थाना आए हैं। पहनने के लिए बैग खोला तब पता की चोरी हो गई     आशा ने बताया कि हमने रविवार को राजगढ पहुंचकर बैग सहित अन्य सामान रख दिया था।     हमें अंदेशा भी नहीं था कि चोरी हो गई।सोमवार को भाई की माता पूजन का कार्यक्रम था।     सुबह जब तैयार होने के दौरान ज्वैलरी पहनने के लिए हमने बैग खोला तो उसमें से ज्वैलरी गायब थी।     जिस स्थान पर ज्वैलरी रखी गई थी वह गायब थी। यह देखकर हमारे होश उड़ गए।     काफी खोजबीन की लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं लगा।     साथ में मौजूद बच्चों से भी पूछा, लेकिन किसी को इस बारे में जानकारी नहीं थी।     इसके बाद हम शिकायत दर्ज कराने ब्यावरा सिटी थाने पहुंचे थे।     वहां से हमें जीआरपी के लिए बोला गया।फिर जीआरपी थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया है। बैग का लगा रहा था, चैन खोलकर चीरा लगाया और निकाली ज्वैलरी बदमाशों ने चोरी की वारदात को इस तरह से अंजाम दिया है कि किसी को कोई भनक न लग सके।जिस बैग में ज्वैलरी लगी थी उसमें बकायदा ताला लगार रखा था।राजगढ पहुुंचने तक बैग में ताला लगा रहा।सोमवार को उन्होंने बकायदा ताला खोला।ताला खोलने पर नजर आया कि बदमाशों ने जैवरात चोरी करने के लिए न तो ताला तोड़ा न ही साईड की जैब की चैन तोड़ी।बल्कि चैन को खोला और उसी में से चाक लगाकार यानि की अंदर के कपड़े को काटकर जैवरात वाले बैग को निकाला और गायब कर दिया।चैन के अंदर कट लगा देखकर संदेह हुआ कि शायद चोरी हो गई। बैग के पास बैठे थे बच्चे, 2 बजे के आसपास चोरी की आशंका बताया गया है कि आशा अपने बेटे सक्षम 15 वर्ष, बेटी कृतिका 19 वर्ष व राजकुमारी अपने बेटे हार्दिक व भविष्य करीब 10-10 वर्ष के साथ राजगढ़ आ रही थी।ट्रैन में जिस बैग में ज्वैलरी रखी थी उसके आसपास 10-10 वर्ष के दोनों बालक बैठे हुए थे। परिजनों को आशंका है कि उज्जैन् से बढ़ने के बाद रास्ते में करीब 2 बजे के आसपास बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है।उन्हें संदेह है कि शायद उन्होंने पहले चोरी की वारदात को अंजाम दिया और उसके बाद वह दूसरे किसी डिब्बे में जाकर बैठ गए। ये जेवरात हुए चोरी -रानी हार, करीब 10 तौला -छोटा हार, तीन तौला -चूड़ी छह, 11 तौला -झुमकी, एक तौला -अंगूठी 4, 10-10 ग्रामj -चेन-2, 10-10 ग्राम की -चांदी की करदौनी दो, 250-250 ग्राम की -सहित अन्य जैवरात शामिल हैं।     मेरी दोनों बहने उज्जैन से शादि में शामिल होने के लिए राजगढ़ आ रही थी।रास्ते में बीना-नागदा ट्रैन से बैग में मौजूद करीब 90 लाख की ज्वैलरी बदमाशों ने चुरा ली।आज जब पता लगा तो हम पहले सिटी थाना ब्यावरा शिकायत करने पहुंचे थे।वहां से जीआरपी थाना रेलवे स्टेशन पहुंचे हैं। शिकायत दर्ज करा रहे हैं।

सहरसा में हवाई सेवा की बड़ी सौगात, एयरपोर्ट अपग्रेडेशन का काम तेज

सहरसा अब सहरसा के लोगों का हवाई सेवा सफर का सपना अगले साल हवाई अड्डा अपग्रेडेशन के बाद पूरा हो जाएगा । अगले साल से यहां छोटे और मध्यम आकार के विमान सुरक्षित रूप से उड़ान भर सकेंगे और उतर सकेंगे। इससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी । सहरसा को बिहार व देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में मदद मिलेगी। हवाई सेवा शुरू होने से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर हवाई सम्पर्क से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर बढेगें। पिछले साल हुआ था सर्वेक्षण :पिछले साल सितंबर महीने में ओएलएस सर्वेक्षण हुआ था। पांच दिनों तक हुए सर्वेक्षण के दौरान सहरसा हवाई अड्डा आसपास के करीब 15 किलोमीटर दूरी तक तीन सदस्यीय टीम के द्वारा सर्वेक्षण किया गया। वैसे ऊंचे भवन, मोबाइल टावर, हाइ टेंशन तारों का मुआयना किया गया जो हवाई जहाज लैंडिंग और उड़ान भरने के दौरान परेशानी का कारण बन सकते हैं। तीन सदस्यीय टीम द्वारा हवाई अड्डा से सटे राय टोला से लेकर बैजनाथपुर व आसपास के कई इलाकों का सर्वेक्षण किया । जनवरी 2025 में सहरसा में प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सहरसा हवाई अड्डे को लेकर घोषणा की गई थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा जारी टेंडर के अनुसार निर्माण कार्य को 450 दिन (15 महीने) के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अवधि में एयरपोर्ट परिसर में आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कर इसे हवाई सेवा संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा कर क्षेत्र के लोगों को जल्द से जल्द हवाई सेवा का लाभ मिलेगा। 1580 स्क्वायर मीटर में दो मंजिला टर्मिनल भवन बनेगा। 165 स्क्वायर मीटर में एटीसी टावर और 451 स्क्वायर मीटर में फायर स्टेशन बनेगा। 1000 मीटर ×30 मीटर का रनवे होगा । एयरपोर्ट परिसर में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे विकसित किए जाएंगे।प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर वाला टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियर्ड एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, प्री-इंजीनियर्ड फायर स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। आधुनिक संरचनाओं के निर्माण से हवाई अड्डा के संचालन क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किया जाएगा। समृद्धि यात्रा में किया था घोषणा सवा माह पहले समृद्धि यात्रा पर तत्कालीन सीएम नीतीश कुमार के साथ तत्कालीन डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी सहरसा पहुंचे थे। सहरसा स्टेडियम की सभा में सम्राट चौधरी ने घोषणा की थी कि सहरसा हवाई अड्डे के विकास कार्य को एक माह के अंदर टेंडर निकलेगा।उस वादे को मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने पूरा किया है।हवाई अड्डा शुरु होने से सहरसा के अलावा मधेपुरा व आसपास के लाखों आबादी को सुविधा होगी। सुपौल के वीरपुर में भी हवाई सफर को लेकर घोषणा की गई है। 22 अप्रैल को निविदा की गयी है जारी भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) ने सहरसा हवाई अड्डे के विकास एवं उन्नयन के लिए ईपीसी मोड पर ई-निविदा जारी किया है। यह निविदा हवाई अड्डे को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित करने के लिए जारी किया गया है। परियोजना के तहत सहरसा हवाई अड्डा को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित किया जाएगा। 16 जून को टेंडर खुलेगा। जिसके बाद जिस कंपनी को यह काम मिलेगा वह कार्य शुरू करेगी। 15 महीने में होगा अपग्रेडेशन हवाई अड्डा अपग्रेडेशन परियोजना की अनुमानित लागत 38.14 करोड़ रुपये और निर्माण कार्य की अवधि 15 महीने तय की गई है। इस परियोजना के तहत एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

बच्चों की सेहत से खिलवाड़! मिड-डे-मील में परोसी जा रही खराब पिन्नी पर उठे सवाल

हिसार. नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है लेकिन मिड डे मील के तहत स्कूलों में दिए जाने वाले खाद्य सामग्री के खराब हालात आज भी ज्यों-की-त्यों हैं। ताजा मामला गांव बुगाना स्थित राजकीय हाई स्कूल, गांव खेड़ी बरखी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सहित अन्य सरकारी स्कूलों का है, जहां नए सत्र के प्रथम माह में ही मिड-डे-मील के तहत फफूंदी युक्त पिन्नी पहुंचाई जा रही है। जिले के पहली से आठवीं कक्षा के कुल सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 61,065 बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने लग गया है। जिला के मौलिक शिक्षा अधिकारी रामरतन ने कहा कि संबंधित बीईओ से मामले की जानकारी ली जाएगी। अगर फफूंदी युक्त पीनी स्कूलों में आ रही है तो मुख्यालय को मामले से अवगत कराया जाएगा। किसी भी हाल में बच्चों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाएगा। पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों का आंकड़ा कक्षा     विद्यार्थियों की संख्या पहली     5,296 दूसरी     6,346 तीसरी     6,182 चौथी     5,943 पांचवीं     8,772 छठी     7,123 सातवीं     10,453 आठवीं     10,950 कुल     61,065 कंपनियों से टेंडर नहीं किए रद बीते सत्र में हरियाणा एग्रो इंडस्ट्री कारपोरेशन लिमिटेड व हरहित स्टोर के खिलाफ खराब गुड़ वितरित करने और स्कूलों में जरूरत से ज्यादा खाद्य सामग्री बांटने की घटनाएं सामने आई। लेकिन निदेशालय ने बिना परवाह किए हरहित स्टोर से सामान लेने के आदेश जारी रखें। न कोई कार्रवाई हुई और न ही बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए टेंडर रद किए। खास बात है कि बीते शैक्षणिक सत्र में उपरोक्त को लोकल मार्केट से गुड़ खरीदने की छूट दी। जबकि शेष सामग्री हरियाणा एग्रो इंडस्ट्री कारपोरेशन लिमिटेड व हरहित स्टोर से लेने के लिए ही आदेश दिए गए। लेकिन दोनों कंपनियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। जिसका परिणाम इस बार भी स्कूलों में देखने को मिल रहा है।

हाईकोर्ट का फैसला: Bhojram Nag की जीत बरकरार, निर्वाचन चुनौती देने वाली याचिका खारिज

बिलासपुर. सांसद भोजराज नाग को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कांकेर से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग पर ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तत्कालीन उम्मीदवार बीरेश ठाकुर ने निर्वाचन रद्द करने याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मशीनों की दोबारा जांच के लिए कोई निर्देश तब तक जारी नहीं किया जा सकता, जब तक मौखिक या डॉक्यूमेंट के ज़रिए गड़बड़ी के बारे में कोई सबूत रिकॉर्ड पर न रखा गया हो. याचिका खारिज कर याचिकाकर्ता को डॉक्यूमेंट्री सबूत रिकॉर्ड करने के बाद नई एप्लीकेशन फाइल करने की छूट दी गई है. हाईकोर्ट में यह एप्लीकेशन कांकर से सांसद पद के उम्मीदवार बीरेश ठाकुर ने डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर, रिटर्निंग ऑफिसर को 26 अप्रैल 2024 को कांकेर पार्लियामेंट्री सीट के लिए हुए इलेक्शन में इस्तेमाल हुई ईवीएम (बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवीपेट यूनिट) की चेकिग और वेरिफिकेशन करने की इजाज़त देने के लिए एक ऑर्डर जारी करने के लिए फाइल की है. इस इलेक्शन पिटीशन में पिटीशनर ने आरोप लगाया है कि इलेक्शन प्रोसेस रिटîनग ऑफिसर ने गलत इरादे से किया था, और इसमें कई तरह की गड़बड़ियां और गलत काम किए, जिससे इलेक्शन के नतीजे पर काफी असर पड़ा. पिटीशनर ने आरोप लगाया है कि दूसरी रैंडमाइजेशन रिपोर्ट में मशीन नंबर वीवीपेट यूनिट और अलग-अलग असेंबली सीटों गुंडरदेही नंबर 61, सिहावा नंबर 56, संजरीबालोड नंबर 59, डोंडी लोहारा (एसटी ) नंबर 60, और केशकाल नंबर 82 के पोलिग स्टेशनों के फॉर्म 17सी में मशीन नंबर में कुछ अंतर हैं. गिनती में गड़बड़ी के सबूत लाएं बताई गई कानूनी स्थिति और इलेक्शन पिटीशन में दी गई दलीलों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने माना कि इस समय ईवीएम मशीनों की दोबारा जांच के लिए कोई निर्देश तब तक जारी नहीं किया जा सकता जब तक पार्टियों द्बारा मौखिक या डॉक्यूमेंट्री सबूत के ज़रिए गड़बड़ी के बारे में कोई सबूत पहली नज़र में रिकॉर्ड पर न रखा गया हो. याचिका को खारिज कर पिटीशनर को कांकेर संसदीय क्षेत्र नंबर 11 के इन विधानसभा क्षेत्रों में वोटों की गिनती में गड़बड़ी के बारे में कुछ मौखिक या डॉक्यूमेंट्री सबूत रिकॉर्ड करने के बाद नई एप्लीकेशन फाइल करने की छूट दी है.

एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में बड़ी लापरवाही, 240 CCTV कैमरे हुए बंद

बेंगलुरु आईपीएल 2026 के दौरान बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में सुरक्षा को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. दरअसल, 24 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के हुए मुकाबले से पहले स्टेडियम में लगे सीसीटीवी से छेड़छाड़ की गई, जिससे निगरानी ठप पड़ गई. हालांकि, पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इन लोगों पर स्टेडियम के निगरानी सिस्टम (CCTV) को नुकसान पहुंचाने का आरोप है. स्टेडियम के 240 से ज्यादा CCTV कैमरे बंद हो गए थे. आरोपियों ने रिकॉर्डिंग यूनिट्स (NVR) और फाइबर ऑप्टिक केबल जैसे जरूरी उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया. कैमरों के अचानक बंद होने से स्टेडियम की सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया, जिससे मैच के दौरान कुछ भी अनहोनी हो सकती थी. क्या है पूरा मामला? पुलिस के अनुसार यह पूरी घटना सुरक्षा में एक बड़ी सेंधमारी थी. दोनों आरोपियों की पहचान मंजूनाथ और अब्दुल कलाम के रूप में हुई है, जो आईवीएस डिजिटल सॉल्यूशंस नाम की एक सब-कॉन्ट्रैक्टर कंपनी के लिए काम करते हैं. इसी कंपनी को स्टेडियम में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था संभालने का काम सौंपा गया था. पुलिस ने बताया कि इन दोनों ने एक डी-एक्टिवेटेड एक्सेस कार्ड का इस्तेमाल किया और बिना किसी वैध पास के स्टेडियम के सीसीटीवी सर्वर रूम में घुस गए. उन्होंने सुरक्षा के सभी नियमों को तोड़ दिया. इसके बाद आरोपियों ने सर्वर रूम के अंदर जाकर NVR और फाइबर केबल को काट दिया. इससे स्टेडियम के कई हिस्सों की निगरानी बंद हो गई. इसकी वजह से एंट्री गेट, स्टैंड्स और स्टेडियम के आसपास के इलाकों में लगे कैमरे ठप हो गए, जिससे लाइव मॉनिटरिंग रुक गई. जांच में जुटी पुलिस भले ही कैमरों ने काम करना बंद कर दिया था, लेकिन जैसे ही अधिकारियों को इस गड़बड़ी का पता चला, उन्होंने तुरंत वैकल्पिक इंतजाम कर दिए. इसकी वजह से मैच के दौरान सुरक्षा में कोई बड़ी कमी नहीं आने दी गई. इस मामले में कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन लोगों ने ऐसा क्यों किया और इसके पीछे उनका क्या मकसद था. चिन्नास्वामी स्टेडियम आईपीएल के सबसे व्यस्त मैदानों में से एक है. यहां पिछले साल हुई एक दुखद भगदड़ और टिकटों की कालाबाजारी जैसी घटनाओं के बाद सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई थी. अब सीसीटीवी के साथ हुई इस छेड़छाड़ ने प्रशासन की तैयारी और निगरानी के दावों पर फिर से सवाल उठा दिए हैं. मैच की बात करें तो मैदान के अंदर खेल शानदार रहा. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस को हरा दिया. डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी ने बेंगलुरु में अपने घरेलू मैचों में शानदार खेल दिखाया. उन्होंने यहां खेले गए 5 में से 4 मैचों में जीत दर्ज की. अब आरसीबी अपने बाकी बचे ‘होम मैच’ बेंगलुरु के बजाय रायपुर में खेलेगी. यह बदलाव पहले से तय था.

पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान: शुक्रवार को सरकारी छुट्टी, सभी स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़  पंजाब के छात्रों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बता दें कि पंजाब सरकार ने 1 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, यह अवकाश मई दिवस के उपलक्ष्य में घोषित किया गया है। हर साल 1 मई को मनाया जाने वाला यह दिन मजदूरों और श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित होता है। इस निर्णय का असर राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी विभागों पर पड़ेगा, जहां नियमित कामकाज इस दिन स्थगित रहेगा। हालांकि, आवश्यक सेवाएं जैसे स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। राज्य में हीट वेव को लेकर अलर्ट                                वहीं आपको बता दें कि उत्तर भारत में लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। पंजाब में भी तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले हफ्ते से गर्मी और ज्यादा तीव्र हो सकती है, जिससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।  

चाणक्य नीत,जीवन की 4 बड़ी गलतियां जो बनाती हैं इंसान को दुखी

 आज 27 अप्रैल 2026 का दिन पुरानी बातों को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करने की प्रेरणा दे रहा है। यह दिन हमें सिखाता है कि जब हम कड़वाहट और नकारात्मक यादों को जाने देते हैं, तभी जीवन में नई खुशियों के लिए जगह बनती है। चाणक्य नीति में एक महत्वपूर्ण श्लोक है: 'कष्टं च खलु मूर्खत्वं कष्टं च खलु यौवनम्। कष्टात् कष्टतरं चैव परगेहे निवासनम्।।' इसका अर्थ है – मूर्खता दुखदायी है, जवानी भी कष्टपूर्ण है, लेकिन इन सबसे ज्यादा कष्टदायक है दूसरों के घर में रहना। चाणक्य जी इस श्लोक के जरिए जीवन की चार बड़ी गलतियों की ओर इशारा करते हैं, जो इंसान को दुख और अपमान दोनों देते हैं। मूर्खता सबसे बड़ा कष्ट आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मूर्ख होना सबसे बड़ा दुख है। मूर्ख व्यक्ति बार-बार एक ही गलती करता है, सही सलाह नहीं मानता और दूसरों की बातों में आसानी से बहक जाता है। वह अपनी कमियों को नहीं देख पाता, इसलिए जीवन में अपमान और असफलता बार-बार उसके हिस्से में आती है। मूर्खता सिर्फ पढ़ाई की कमी नहीं, बल्कि समझ की कमी है। जो व्यक्ति अपनी गलतियों से नहीं सीखता, वह बार-बार एक ही गड्ढे में गिरता है। जवानी का कष्ट जवानी उत्साह और ऊर्जा का समय है, लेकिन आचार्य चाणक्य इसे भी कष्टदायक बताते हैं। इस उम्र में इंसान अक्सर आवेश में आकर गलत फैसले ले लेता है। गुस्सा, जल्दबाजी, गलत संगत और अहंकार युवावस्था को कष्टपूर्ण बना देते हैं। बहुत से युवा अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल करते हैं और बाद में पछताते हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जवानी में अनुशासन और विवेक रखें। ऊर्जा को सही दिशा दें, पढ़ाई, काम और अच्छी आदतों पर ध्यान केंद्रित करें। बिना सोचे-समझे किए गए काम बाद में जीवन भर का दुख देते हैं। पराए घर में निवास – सबसे कष्टदायक श्लोक में आचार्य चाणक्य दूसरों के घर में रहने पर सबसे ज्यादा जोर देते हैं। इसका मतलब है दूसरों पर आश्रित होना, उनकी कृपा पर जीना और अपनी स्वतंत्रता खो देना। जब इंसान पराए घर में रहता है, तो उसे बार-बार अपमान सहना पड़ता है। उसकी इज्जत नहीं रहती, फैसले खुद नहीं ले पाता और हर समय दूसरों की मर्जी पर चलना पड़ता है। चाणक्य नीति सिखाती है कि आत्मनिर्भर बनें। अपनी कमाई से जीना सीखें, चाहे शुरुआत में कितना भी संघर्ष हो। स्वतंत्रता से बढ़कर कोई सुख नहीं है। इन गलतियों से बचने के उपाय चाणक्य नीति के अनुसार, इन चार गलतियों से बचने के लिए कुछ सरल उपाय अपनाएं। रोज कुछ नया सीखें, किताबें पढ़ें और अनुभवी लोगों की सलाह लें। जवानी में आवेश को काबू में रखें और सोच-समझकर फैसले लें। आत्मनिर्भर बनें और अपनी कमाई पर भरोसा करें। पुरानी बातों को दिल में न रखें, गलतियों से सीखें और आगे बढ़ें। सुखी जीवन का सार चाणक्य नीति हमें सिखाती है कि दुख और अपमान ज्यादातर अपनी गलतियों से आते हैं। मूर्खता, जवानी का आवेश, पराश्रित जीवन और पुरानी कड़वाहट, ये चार चीजें इंसान को बार-बार कष्ट देती हैं। अगर हम विवेक, अनुशासन और आत्मनिर्भरता अपनाएं, तो जीवन में सुख और सम्मान दोनों मिल सकते हैं। आचार्य चाणक्य की ये नीतियां सदियों पुरानी हैं, लेकिन आज भी उतनी ही सही और उपयोगी हैं।

‘मेरे महबूब कयामत होगी’ गाने के पीछे किसका था हाथ? जानिए गीतकार की कहानी

हिंदी फिल्मों में अपनी आवाज का जादू चलाने वाले सिंगर किशोर कुमार ने कई शानदार गाने गाए। राजेश खन्ना की आवाज उन्हें ही कहा जाता था। किशोर कुमार अपनी गायिकी के साथ एक्टिंग से भी कमाल कर चुके थे। करियर की शुरुआत में उन्होंने कई फिल्मों में एक्टिंग की। खुद के लिए गाने गाए। उनमें से एक 1964 में आई फिल्म मिस्टर एक्स इन बॉम्बे थी। इस फिल्म के हीरो भी किशोर कुमार ही थे। इस फिल्म के सभी गाने जबरदस्त हिट थे। लेकिन ‘मेरे महबूब कयामत होगी आज रुसवा तेरी गलियों में मोहब्बत होगी’ ने ऑडियंस के बीच एक अलग माहौल बनाया। ये गाना उस दौर में भी हिट था और आज के दौर में भी लोग इसे गुनगुनाते हैं। लेकिन क्या आप इस खूबसूरत गाने को लिखने वाले गीतकार का नाम जानते हैं? मेरे महबूब क़यामत होगी 964 में आई फिल्म मिस्टर एक्स इन बॉम्बे में कुल 6 गाने थे। कहा जाता है कि फिल्म का सबसे पॉपुलर गाना ‘मेरे महबूब कयामत होगी आज रुसवा तेरी गलियों में मोहब्बत होगी’ पहले कोई दूसरा सिंगर गाने वाला था। लेकिन किशोर कुमार ने कहा कि वो अपने ऊपर फिल्माए गाने खुद गा सकते हैं। और इसके बाद जो हुआ वो इतिहास बन गया। किशोर कुमार ने खुद पर फिल्माए गाने खुद गाए। उनका साथ दोय लता मंगेशकर ने। म्यूजिक तैयार किया था लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोड़ी ने। ये गाना सिंगर और म्यूजिक कंपोजर का पहला गीत बना। इसके बाद इस तिकड़ी ने कई हिट गाने बनाए। ये थे कमाल के गीतकार फिल्म मिस्टर एक्स इन बॉम्बे के सभी गाने आनंद बक्शी और असद भोपाली ने लिखे थे। लेकिन ‘मेरे महबूब कयामत होगी’ के ये बोल आनंद बक्शी की कलम से निकले थे। इस खूबसूरत गाने ने उस दौर में खूब कमाल किया। ये गाना खुद किशोर कुमार का फेवरेट था। उनके बेटे अमित कुमार ने बताया था कि उनके पिता जी अक्सर इसी गाने को सुना करते थे। अमित कुमार ने भी अपनी कई परफॉरमेंस में इस गाने से माहौल खास बना दिया था। फिल्म के सभी गाने मिस्टर एक्स इन बॉम्बे के के कुल 6 गानों में ‘मेरे महबूब कयामत होगी’ के दो वर्जन रिलीज किए गए। इसके अलावा 'रुक जा रोकता है दीवाना', 'चली रे चली गोरी पनिया भरन को चली', 'खूबसूरत हसीना जान-ए जान', 'जान-ए मन', 'अल्लाह करे तू भी आ जाए', 'जुल्मी हमारे संवारिया हो राम'। इन गानों में किशोर कुमार का साथ लता मंगेशकर ने दिया।