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SOG की बड़ी कार्रवाई: अजमेर में फर्जी डिग्री के जरिए सरकारी नौकरी का रैकेट फेल

 अजमेर अजमेर में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी पाने के चर्चित मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रेसिडेंट कौशल किशोर चन्द्रूल को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले इस मामले में पूर्व डीन ध्वज कीर्ति शर्मा को भी पकड़ा जा चुका है, जिनसे पूछताछ के आधार पर यह कार्रवाई की गई. अब तक 11 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार एसओजी के एडिशनल एसपी श्याम सुंदर विश्नोई के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बताया जा रहा है कि आरोपी को जयपुर से पकड़कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेजा गया है.. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी डिग्रियों पर अंतिम साइन भी आरोपी ही करता था और वह कमीशन के आधार पर इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था. पुलिस अब पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. RPSC भर्ती में फर्जी डिग्री का खेल मामले की जांच लोकसेवा आयोग की शिकायत के बाद शुरू हुई थी. आयोग ने बताया था कि स्कूल लेक्चरर (हिंदी) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में चयनित दो युवतियों ने आवेदन के समय वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय की डिग्री बताई, लेकिन बाद में मेवाड़ यूनिवर्सिटी की डिग्री प्रस्तुत की. जांच में सामने आया कि दोनों ने एमए की फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल की. पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि उन्हें ये डिग्रियां उनके परिजनों के माध्यम से उपलब्ध कराई गई थीं. इसके बाद एसओजी ने सरकारी शिक्षक दलपत सिंह और डॉक्टर सुरेश विश्नोई सहित अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित गिरोह है जो फर्जी डिग्रियों के जरिए सरकारी नौकरियां दिलाने का काम कर रहा था. मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है.

जनगणना 2027: छत्तीसगढ़ में मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य हेतु व्यापक तैयारियां, वीसी के माध्यम से समीक्षा

रायपुर राष्ट्रीय महत्व का व्यापक अभियान जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस संबंध में तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा जनगणना निदेशक  कार्तिकेय गोयल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों एवं प्रमुख जनगणना अधिकारियों के साथ की गई। बैठक में गृह विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। जनगणना निदेशक  कार्तिकेय गोयल ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का व्यापक अभियान है, जिसके माध्यम से देश की जनसंख्या, आवासीय स्थिति एवं सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का सटीक आकलन किया जाता है, तथा मकान सूचीकरण एवं गणना इसकी आधारशिला है। प्रशिक्षण एवं फील्ड कार्य पर विशेष जोर जनगणना निदेशक  कार्तिकेय गोयल ने निर्देशित किया कि सभी जिलों में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का समुचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। फील्ड कार्य के दौरान डेटा संग्रहण की विधि, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा संभावित चुनौतियों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी क्षेत्र गणना कार्य से न छूटे और न ही किसी क्षेत्र का दोहराव हो। पहचान-पत्र एवं स्थानीय सहयोग की व्यवस्था बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को फोटोयुक्त पहचान-पत्र जारी किए जाएं, ताकि आम नागरिकों में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। इसके अतिरिक्त नगरीय निकायों एवं उनसे सटे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बड़ी आवासीय कॉलोनियों एवं अपार्टमेंट्स में जनगणना कार्य के सुचारू संचालन हेतु आवासीय कल्याण समितियों को आवश्यक निर्देश जारी करने पर भी बल दिया गया। डिजिटल डेटा संग्रहण एवं गुणवत्ता पर जोर जनगणना निदेशक  कार्तिकेय गोयल ने कहा कि इस बार जनगणना के आंकड़े मोबाइल एप के माध्यम से एकत्र किए जा रहे हैं, अतः प्रत्येक प्रविष्टि को अत्यंत सावधानीपूर्वक दर्ज किया जाए। किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही भविष्य की नीतियों एवं योजनाओं को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इस कार्य में उच्च स्तर की जिम्मेदारी एवं सतर्कता आवश्यक है। मॉनिटरिंग एवं त्वरित समस्या समाधान कार्य की नियमित निगरानी हेतु प्रभावी मॉनिटरिंग तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या बाधा उत्पन्न होने पर उसका त्वरित समाधान किया जाए। जनजागरूकता एवं फेक न्यूज पर नियंत्रण जनजागरूकता के महत्व पर बल देते जीहुए जनगणना निदेशक  कार्तिकेय गोयल ने निर्देशित किया कि स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया एवं जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से आम नागरिकों को जनगणना के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि वे स्वेच्छा से सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। साथ ही सोशल मीडिया की सतत निगरानी कर किसी भी प्रकार की जाभ्रामक सूचना या फेक न्यूज का तत्काल खंडन किया जाए। नागरिकों की सुविधा के लिए टोलफ्री नंबर 1855 पर संपर्क की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। समर्पण के साथ कार्य पूर्ण करने का आह्वान अंत में, जनगणना निदेशक  कार्तिकेय गोयल ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे पूर्ण समर्पण, समन्वय एवं उत्तरदायित्व के साथ इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन करें तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करें।

किसी भी समय, कहीं भी उतर सकता है मुख्यमंत्रीजी का हेलीकॉप्टर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में उपार्जन केंद्र पर चल रही गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया का आने वाले दिनों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और किसानों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यह भी देखेंगे कि निर्देशानुसार शासन-प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाएं किसानों को प्राप्त हो रही है या नहीं। आकस्मिक निरीक्षण के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हेलीकॉप्टर किसी भी समय, कहीं पर भी उतर सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की सहूलियत के दृष्टिगत गेहूँ उपार्जन एवं स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी है। किसानों भाइयों के लिये उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाएँ उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूँ विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।  किसानों को गेहूँ की तौल के लिये इंतजार नहीं करना पड़े इस हेतु उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है और अधिक तौल कांटे बढ़ाने की सुविधा अब जिलो को दी गई है।  गेहूँ के लिये एफएक्यू मापदंड में शिथिलता प्रदान की गई है। चमक विहीन गेहूँ की सीमा 50 प्रतिशत तक की गई है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन ,गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों पर प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल किया गया है, इसे जिले और अधिक बढ़ा कर प्रति केन्द्र 3000 क्विंटल कर सकते हैं।     किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। किसानों के हित में सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी किसानों तक पहुँचाने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किये गये पोस्टर एवं बैनर उपार्जन केन्द्रों में लगाये गये हैं। अब तक 5 लाख से अधिक किसानों से हुई 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी  अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं।     प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।     किसानों को 3575.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।     विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।  

रयान की 123 रनों की शतकीय पारी, MI ने SRH के सामने खड़ा किया बड़ा टारगेट

मुंबई  मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ रयान रिकल्टन की शतकीय पारी की बदौलत 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 243 रन बनाए। वानखेड़े स्टेडियम में सलामी बल्लेबाज रयान रिकल्टन ने नाबाद 123 रन बनाए। मुंबई इंडियंस की नई सलामी जोड़ी आज पारी की शुरुआत करने उतरी। मुंबई ने विल जैक्स और रयान रिकल्टन को पारी की शुरुआत के लिए भेजा है। विल जैक्स और रयान रिकल्टन ने टीम को दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। विल जैक्स 22 गेंद में 46 रन बनाकर नितीश का शिकार बने। सूर्यकुमार यादव 5 गेंद में 5 रन ही बना सके। नमन धीर 17 गेंद में 22 रन बनाकर आउट हुए। मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। कलाई की चोट के कारण क्विटंन डिकॉक मुंबई की एकादश का हिस्सा नहीं हैं। रेयान रिकेल्टन और रोबिन मिंज को एकादश में शामिल किया गया है। हार्दिक ने बताया कि चोटिल अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को अब भी एकादश में वापसी के लिए कुछ और मैच लगेंगे।सनराजर्स ने शिवांग की जगह हर्ष दुबे को एकादश में जगह दी है। मुंबई-हैदराबाद प्लेइंग इलेवन मुंबई इंडियंस (प्लेइंग इलेवन): रयान रिकेल्टन (विकेट कीपर), विल जैक्स, नमन धीर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या (कप्तान), रॉबिन मिंज, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, एएम गजनफर, अश्विनी कुमार सनराइजर्स हैदराबाद (प्लेइंग इलेवन): अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा (विकेट कीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), हर्ष दुबे, साकिब हुसैन, प्रफुल्ल हिंगे, ईशान मलिंगा    

राजस्थान का पहला एयरपोर्ट, जल संरक्षण में जयपुर इंटरनेशनल ने रचा इतिहास

जयपुर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 'वॉटर पॉजिटिव' का दर्जा हासिल किया है, जो सतत (सस्टेनेबल) संचालन की दिशा में एक बड़ा कदम है.  इस उपलब्धि के साथ जयपुर एयरपोर्ट भारत के चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है, और राजस्थान का पहला एयरपोर्ट बन गया है, जिसने यह मान्यता प्राप्त की है. यह प्रमाण ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनी ब्यूरो वेरिटास ने एयरपोर्ट की जल प्रबंधन प्रणाली के विस्तृत मूल्यांकन के बाद दिया है. वॉटर पॉजिटिव एयरपोर्ट के रूप में, जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी प्रभावी जल प्रबंधन व्यवस्था के जरिए जितना पानी उपयोग करता है, उससे अधिक पानी का संरक्षण रीसायक्लिंग एवं पुनर्भरण के माध्यम से करता है. 18 गहरे एक्वीफर रिचार्ज पिट्स स्थापित   जल संकट वाले क्षेत्र में स्थित जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हमेशा से ही जिम्मेदार प्रबंधन, परिचालन स्थिरता और दीर्घकालिक स्थिरता के माध्यम से जल के कुशल प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध रहा है. पिछले कुछ वर्षों में, हवाई अड्डे ने जल के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसी दिशा में वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 18 गहरे एक्वीफर रिचार्ज पिट्स भी स्थापित किए गए हैं. 100% ट्रीटेड पानी का रीसायकल इस उपलब्धि पर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रवक्ता ने कहा, "यह उपलब्धि एयरपोर्ट के लगातार प्रयासों का परिणाम है, जो वॉटर पॉजिटिव बनने की दिशा में किए गए हैं.  इस प्रमाणन के पीछे तीन मुख्य आधार है, 100% ट्रीटेड पानी का रीसायकल और पुनः उपयोग, ताजे पानी की खपत में कमी करना, और प्रभावी  वर्षा जल संचयन व्यवस्था." एयरपोर्ट ने सेंसर आधारित नल लगाए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट 100% अपशिष्ट पानी (wastewater) को रीसायकल कर उसे बागवानी और हरियाली में उपयोग करता है. पानी की खपत कम करने के लिए एयरपोर्ट ने सेंसर आधारित नल लगाए हैं, और वॉटरलेस यूरिनल जैसी तकनीकों को अपनाने पर काम कर रहा है. इसके अलावा, पानी के उपयोग की निगरानी के लिए डिजिटल वॉटर फ्लो मीटर भी लगाए गए हैं, जिससे जल प्रबंधन और अधिक प्रभावी हो सके.

बस्तर की पद्मा के घर लौटी रोशनी साय सरकार की ‘बिजली बिल समाधान योजना’ बनी अनाथ बेटी का संबल

रायपुर  बस्तर के घने जंगलों के बीच बसे छोटे से गांव बालेंगा में रहने वाली पद्मा कश्यप के लिए बीते कुछ साल अंधेरे और अनिश्चितता से भरे थे। लेकिन आज पद्मा के चेहरे पर मुस्कान है और उसके छोटे से घर में उम्मीदों का उजाला है। यह बदलाव आया है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ‘बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ से। संघर्षों के बीच अंधेरे का साया            पद्मा की कहानी संघर्ष और धैर्य की दास्तां है। कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद पद्मा घर में अकेली रह गईं। आय का कोई स्थायी जरिया नहीं था और जीवन की बुनियादी जरूरतें पूरी करना ही एक बड़ी चुनौती थी। इसी तंगहाली के बीच घर का बिजली बिल बकाया होते-होते 9,000 रुपये तक जा पहुँचा। एक अनाथ बेटी के लिए, जिसे दो वक्त की रोटी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा हो, इतनी बड़ी राशि चुकाना नामुमकिन था। बिल न पटा पाने के कारण घर की बिजली कटने की कगार पर थी और पद्मा का भविष्य अंधेरे की ओर बढ़ रहा था। योजना ने दिया नया जीवन            जब पद्मा को राज्य सरकार की बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के बारे में पता चला, तो उसे उम्मीद की एक किरण दिखाई दी। योजना के तहत पद्मा के मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें बकाया बिल पर 4,000 रुपये की सीधी राहत प्रदान की गई। यह केवल पैसों की छूट नहीं थी, बल्कि एक अनाथ बेटी को यह अहसास कराना था कि उसकी सरकार उसके साथ खड़ी है। इस सहायता के बाद पद्मा अपना शेष बकाया चुकाने में सक्षम हुईं और उनके घर की बिजली कटने से बच गई। "मुख्यमंत्री का आभार, मेरे घर का अंधेरा दूर हुआ"           अपनी खुशी साझा करते हुए पद्मा कहती हैं— "जब बिल 9 हजार हो गया था, तो मुझे लगा अब कभी घर में उजाला नहीं होगा। लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की योजना ने मुझे सहारा दिया। 4 हजार की छूट मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। आज मेरा घर फिर से रोशन है और इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी को दिल से धन्यवाद देती हूँ।" भरोसे की नई इबारत           पद्मा कश्यप की यह कहानी छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों का प्रतिनिधित्व करती है, जो आर्थिक तंगी के कारण बुनियादी सुविधाओं से वंचित हो रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की यह नीति दर्शाती है कि शासन का लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि 'अंत्योदय' यानी अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की सेवा है। बस्तर के सुदूर वनांचल में जलता पद्मा के घर का वह बल्ब आज केवल बिजली से नहीं, बल्कि सरकार के प्रति अटूट विश्वास से चमक रहा है।

Chandigarh Summer Break: 16 मई से 15 जुलाई तक छुट्टियां घोषित, PGI Chandigarh का नोटिफिकेशन

चंडीगढ़. PGI प्रशासन ने इस साल टीचिंग फैकल्टी के लिए गर्मी की छुट्टियों का शेड्यूल जारी कर दिया है। ये छुट्टियां 16 मई से 15 जुलाई तक रहेंगी, लेकिन मरीज की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन्हें 2 फेज में बांटा गया है। पहला फेज 16 मई से 14 जून तक और दूसरा 16 जून से 15 जुलाई तक होगा, जबकि 15 जून को सभी फैकल्टी मेंबर्स ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे। PGI एस्टैब्लिशमेंट ब्रांच-1 की तरफ से जारी आदेशों के मुताबिक, मरीजों के ट्रीटमेंट और हॉस्पिटल सर्विसेज पर असर न पड़े, इसके लिए कम से कम 50 फीसदी फैकल्टी का हर समय ड्यूटी पर रहना जरूरी कर दिया गया है। सभी डिपार्टमेंट हेड्स को 15 दिनों के अंदर ड्यूटी रोस्टर बनाकर प्रशासन को भेजने को कहा गया है। आदेशों में साफ किया गया है कि कोई भी फैकल्टी मेंबर दोनों फेज की छुट्टियां एक साथ नहीं ले सकेगा और न ही उन्हें छोटे-छोटे हिस्सों में बांट सकेगा। इसके अलावा, एक फेज में छुट्टी लेने के बाद दूसरे फेज में कोई कॉन्फ्रेंस, LTC या अर्न्ड लीव नहीं मिलेगी। PGI प्रशासन का कहना है कि इस पूरी व्यवस्था का मकसद यह पक्का करना है कि फैकल्टी छुट्टी के दौरान बिना किसी रुकावट के मरीजों को सर्विस देती रहे। गर्मियों की छुट्टियों के नए शेड्यूल में मरीजों की सुविधा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी गई है। 

सच्चा वादा, पक्का काम के संकल्प के साथ किसानों से किए वादे पूरे कर रही सरकार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्पष्ट विजन ‘सच्चा वादा और पक्का काम’ के अनुरूप प्रदेश सरकार किसानों से किए गए हर संकल्प को धरातल पर उतार रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट कहा है कि ‘मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत 2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सच्चा वादा और पक्का काम, यही हमारी सरकार का संकल्प है। हमने किसानों से जो वादा किया, वह पूरा करके भी दिखाया है।’ किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस मंशा को विभाग हर योजना में आत्मसात कर रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य और बोनस से किसानों को सीधा लाभ किसानों से किए वादों को पूरा करने की दिशा में सरकार ने एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीदी की है। वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित था। राज्य सरकार ने उस पर 175 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया, इस प्रकार 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की गई थी। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस अलग से दिया जा रहा है। इस प्रकार इस वर्ष प्रदेश में किसानों से गेहूं की खरीदी कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25 रुपये अधिक है। उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है और किसानों के खातों में सीधे भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। धान उत्पादक किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री कृषक प्रोन्नति योजना शुरू की गई है। इसके तहत धान की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। यंत्रीकरण और वैज्ञानिक खेती से बढ़ रही किसानों की आय : कृषि मंत्री  कंषाना कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि कृषि उत्पादन की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि यंत्रीकरण को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत सुपर सीडर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, बीज-उर्वरक ड्रिल आदि कृषि यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। प्रदेश के 2,500 कस्टम हायरिंग सेंटर से किसान किराए पर मशीनें ले रहे हैं। साथ ही बेहतर फसल उत्पादन एवं मृदा स्वास्थ्य के लिए एवं संतुलित पौध पोषण के लिए विभाग निःशुल्क मिट्टी परीक्षण कर रहा है। मिट्टी परीक्षण से नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर व सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है, जिससे किसान संतुलित मात्रा में उर्वरक डालकर लागत घटा सकते हैं। जायद सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रमाणित बीज भंडारित किए गए हैं और मूंग-उड़द बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। रायजोबियम कल्चर सभी विकासखंडों में निःशुल्क उपलब्ध है। किसानों को 10 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली और ‘पर ड्रॉप-मोर क्रॉप’ योजना में ड्रिप-स्प्रिंकलर पर 55 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। पात्र किसानों को सोलर पंप 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जायद फसलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है और नुकसान होने पर 72 घंटे में सर्वे की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मक्का, बाजरा, सोयाबीन की उन्नत किस्मों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मक्का की एच.एम.-10, एच.क्यू.पी.एम.-1 जैसी 50 से 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन क्षमता वाली किस्में किसानों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। मंत्री  कंषाना ने कहा कि जायद सीजन में मूंग, उड़द, मक्का, सूरजमुखी जैसी फसलों को बढ़ावा देकर किसान 60 से 70 दिन में अतिरिक्त आय ले सकते हैं। दलहनी फसलें मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ा रही हैं। विभाग द्वारा ‘कृषि चौपाल’ व ‘किसान पाठशाला’ के माध्यम से हर गांव तक तकनीकी मार्गदर्शन पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि नरवाई न जलाएं और उसे खेत में मिलाकर जायद की बुवाई करें। ई-कृषि यंत्र अनुदान के लिए www.mpkrishi.mp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का किसान न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि विकसित भारत 2047 के निर्माण में मजबूत स्तंभ सिद्ध होगा।  

MP के धार में बड़ा हादसा, दो वाहनों की जोरदार भिड़ंत में 5 की जान गई, कई घायल

धार  जिले के तिरला थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सनसनी फैला दी। इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटे के पास मजदूरों से भरी पिकअप वाहन और स्कॉर्पियो के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कैसे हुआ यह हादसा प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में करीब 30–35 मजदूर सवार थे, जो अमझेरा की ओर जा रहे थे। रात करीब 8:15 से 8:20 बजे के बीच अचानक पिकअप वाहन असंतुलित हुआ और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया। टक्कर के बाद पिकअप पलट गई, जिससे उसमें सवार मजदूर नीचे दब गए।  

मुंबई इंडियंस का भावनात्मक इशारा: काली पट्टी में खेला मैच, सोशल मीडिया पर हुई तारीफ

मुंबई  मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में बांह पर काली पट्टी बांधकर खेलने उतरे हैं। फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक तौर पर इस कदम के पीछे की दुखद वजह बताई है। मुंबई ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि टीम के सपोर्ट स्टाफ के एक सदस्य की बेटी का असामयिक निधन हो गया है। फ्रेंचाइजी ने परिवार के प्रति एकजुटता और संवेदना व्यक्त करने के लिए काली पट्टी बांधी है। फ्रेंचाइजी ने मैच से पहले बयान जारी करके कारण की पुष्टि की। इसमें कहा गया कि खिलाड़ी काली पट्टी परिवार के साथ स्मृति और एकजुटता के प्रतीक के रूप में पहन रहे हैं। फ्रेंचाइजी ने कहा, "हमारे सपोर्ट स्टाफ की बेटी के असामयिक निधन के कारण, परिवार के साथ स्मृति और एकजुटता के प्रतीक स्वरूप मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी आज काली आर्मबैंड पहनेंगे'' मुंबई इंडियंस ने परिवार की गोपनीयता का सम्मान करते हुए सपोर्ट स्टाफ सदस्य या परिवार के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।