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मई 2026 में बनेगा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन राशियों की चमकेगी किस्मत और धन

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल को जीवन के उतार-चढ़ाव से जोड़कर देखा जाता है. मई 2026 के अंत में एक बेहद खास योग बनने जा रहा है, लक्ष्मी नारायण राजयोग. यह योग तब बनता है जब शुक्र (धन, वैभव, सुख) और बुध (बुद्धि, व्यापार) एक ही राशि में आ जाते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, 14 मई को शुक्र मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे और 29 मई को बुध भी वहीं पहुंच जाएंगे, जिससे यह शुभ योग बनेगा. यह योग खासतौर पर कुछ राशियों के लिए आर्थिक तरक्की, करियर में ग्रोथ और भाग्य चमकने के योग बन रहे हैं. लक्ष्मी नारायण राजयोग क्या होता है? लक्ष्मी नारायण राजयोग ज्योतिष में बेहद शुभ और प्रभावशाली योगों में से एक माना जाता है. जब शुक्र और बुध एक ही राशि में युति बनाते हैं, तो यह योग बनता है. इन दोनों ग्रहों का मिलन व्यक्ति को धन, सफलता, बुद्धिमत्ता और सामाजिक प्रतिष्ठा दिलाने वाला माना जाता है. इस योग के प्रभाव से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और करियर में नई ऊंचाइयां हासिल करने के मौके मिलते हैं. मिथुन राशि इस योग का सबसे ज्यादा असर मिथुन राशि वालों पर देखने को मिलेगा. नौकरी और करियर में अच्छी प्रगति हो सकती है. नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ-साथ प्रमोशन के योग भी बनेंगे. व्यापार करने वालों को मुनाफा होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए यह योग कई रुके हुए काम पूरे करा सकता है. नौकरी में तरक्की और आय बढ़ने के संकेत हैं. पुराने कर्ज से राहत मिल सकती है. हर काम में सफलता मिलने की संभावना बढ़ेगी. तुला राशि तुला राशि के लोगों के लिए यह समय धन लाभ देने वाला रहेगा. व्यापार में फायदा हो सकता है. नई डील मिलने के संकेत हैं. निवेश से भी अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है. आय के नए रास्ते खुल सकते हैं. धनु राशि धनु राशि के लिए यह योग किस्मत बदलने वाला साबित हो सकता है. नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं. पार्टनरशिप में किए गए कामों से लाभ होगा. अगर कोई केस या विवाद चल रहा है, तो उसमें भी सफलता मिल सकती है. विदेश से जुड़े मौके भी मिल सकते हैं.

मेष राशि में बुध का प्रवेश, वृषभ-कन्या-मकर पर पड़ सकता है नकारात्मक असर

ग्रहों के राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध बुध ग्रह 30 अप्रैल यानी कल सुबह 06 बजकर 38 मिनट पर मेष राशि में गोचर करने जा रहे हैं. बुध देव मीन राशि से विराजमान थे जो इनकी नीच राशि मानी जाती है. साथ ही, वह शनि ग्रह के साथ युति कर रहे थे. ऐसे में, बुध के मेष राशि में गोचर से इनकी स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा. बुध के गोचर से किन राशियों को नुकसान होने जा रहा है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में. वृषभ राशि बुध वृषभ राशि के बारहवें भाव में प्रवेश करेंगे. इस दौरान आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है. आप जीवन के कुछ बड़े फैसले जल्दबाज़ी में ले सकते हैं. मन में बेचैनी महसूस हो सकती है. संयम बरतने और सोच-समझकर फैसले लें. आर्थिक जीवन में आपको सावधानी बरतनी होगी. बिना सोचे-समझे कोई भी खरीदारी करने से बचें. आपको धन से जुड़े मामलों में सतर्क रहना होगा. आर्थिक जीवन पर ध्यान देना होगा, तब ही आप सही फैसले ले पाएंगे. उपाय– इस अवधि में इन जातकों को आध्यात्मिक गतिविधियां जैसे योग, ध्यान और मंत्र जाप में आपको मानसिक शांति प्रदान करेगा. कन्या राशि बुध कन्या राशि के आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं. अचानक से होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना होगा. नौकरी में अचानक से कोई मुश्किल प्रोजेक्ट या बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. जिम्मेदारियों में भी कुछ बदलाव हो सकता है. किसी नए काम की शुरुआत असहज हो सकती है इसलिए परिस्थिति में खुद को ढालने की कोशिश करें. जल्दबाजी में कोई भी निर्णय लेने से बचना होगा. हर फैसला बहुत सोच-समझकर लें. स्वास्थ्य और मानसिक तनाव परेशान कर सकता है. उपाय– इस समय आपके लिए हरी घास पर चलना अच्छा रहेगा और प्रकृति के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं. मकर राशि बुध मकर राशि के चौथे भाव में गोचर करने जा रहे हैं. घर-परिवार में समस्याएं आ सकती हैं. माता की सेहत बिगड़ सकती है. थकन महसूस कर सकते हैं. इस अवधि में आपको कोई बड़ा और मुश्किल प्रोजेक्ट मिलने की संभावना है जो शुरुआत में आपको मुश्किल लग सकता है. उपाय– प्रतिदिन तुलसी के पौधे की पूजा करें और उसके सामने तेल का दीपक जलाएं.

बड़ा चार धाम यात्रा: जानें भारत के चारों दिशाओं में स्थित पवित्र तीर्थों का महत्व

 उत्तराखंड के चार धाम की यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, जो कि हिंदू धर्म में बहुत पवित्र मानी जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 'बड़ा चार धाम' भी होता है? यह भारत के चार अलग-अलग दिशा में स्थित प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा है, जो व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति और मोक्ष की ओर ले जाती है. इस यात्रा की स्थापना 8वीं सदी में आदि शंकराचार्य ने की थी. उनका उद्देश्य पूरे भारत को आध्यात्मिक रूप से एकजुट करना था. इसके लिए उन्होंने देश के चार दिशाओं में चार प्रमुख धाम स्थापित किए- उत्तर में बद्रीनाथ दक्षिण में रामेश्वरम पश्चिम में द्वारका पूर्व में पुरी किन देवताओं से जुड़े हैं ये चार धाम? बड़ा चार धाम यात्रा में भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की उपासना का महत्व है. बद्रीनाथ- भगवान विष्णु को समर्पित रामेश्वरम- भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग द्वारका- भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर पुरी- भगवान जगन्नाथ (विष्णु अवतार) बद्रीनाथ धाम (उत्तर भारत) बद्रीनाथ उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्र में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है. यह भगवान विष्णु का प्रमुख धाम है. मान्यता है कि यहां भगवान विष्णु ने तपस्या की थी और माता लक्ष्मी ने उन्हें बद्री वृक्ष बनकर बचाया था. महाभारत से भी इसका संबंध बताया जाता है, कहा जाता है कि पांडव स्वर्ग जाते समय यहां से गुजरे थे. घूमने की जगहें: तप्त कुंड, वसुधारा फॉल्स, हेमकुंड साहिब, वैली ऑफ फ्लावर्स जाने का सही समय: मई से अक्टूबर रामेश्वरम धाम (दक्षिण भारत) रामेश्वरम तमिलनाडु में समुद्र के बीच स्थित एक पवित्र स्थान है. यहां का रामनाथस्वामी मंदिर बहुत प्रसिद्ध है. मान्यता है कि भगवान राम ने लंका जाने से पहले यहां शिवलिंग की स्थापना कर पूजा की थी. यही जगह राम सेतु से भी जुड़ी मानी जाती है. घूमने की जगहें: धनुषकोडी, राम सेतु, पंबन ब्रिज जाने का सही समय: अक्टूबर से अप्रैल द्वारका धाम (पश्चिम भारत) द्वारका गुजरात में समुद्र किनारे बसा एक पवित्र शहर है. इसे भगवान श्रीकृष्ण की नगरी कहा जाता है. यहां का द्वारकाधीश मंदिर बहुत भव्य है और इसे मोक्ष प्राप्ति का स्थान भी माना जाता है. घूमने की जगहें: बेट द्वारका, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, रुक्मिणी मंदिर जाने का सही समय: अक्टूबर से मार्च जगन्नाथ पुरी (पूर्व भारत) पुरी ओडिशा में स्थित है और यहां भगवान जगन्नाथ का प्रसिद्ध मंदिर है. यह भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. यहां हर साल भव्य रथ यात्रा निकलती है, जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं. घूमने की जगहें: पुरी बीच, चिलका झील, गुंडिचा मंदिर जाने का सही समय: अक्टूबर से जुलाई क्यों खास है बड़ा चार धाम यात्रा? बड़ा चार धाम यात्रा सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि जीवन को समझने और आत्मिक शांति पाने का मार्ग है. ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा से इस यात्रा को पूरा करता है, उसे पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है. यह यात्रा हमें भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का सही संतुलन सिखाती है. चार धाम यात्रा और बड़ा चार धाम यात्रा में अंतर छोटा चार धाम, जिसे उत्तराखंड चार धाम भी कहा जाता है. इसमें बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा शामिल होती है. यह यात्रा लगभग 1600 किलोमीटर की होती है और आमतौर पर हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होती है। वहीं बड़ा चार धाम पूरे भारत में फैला हुआ है, जिसके उत्तर में बद्रीनाथ, दक्षिण में रामेश्वरम, पश्चिम में द्वारका और पूर्व में पुरी शामिल हैं. यह यात्रा करीब 6000 से 7000 किलोमीटर तक की होती है और भारत के चारों दिशाओं को जोड़ती है. दोनों यात्राओं में बद्रीनाथ धाम समान रूप से शामिल है, क्योंकि यह भगवान विष्णु का अत्यंत महत्वपूर्ण धाम माना जाता है और मोक्ष का धाम भी माना जाता है. छोटा चार धाम यात्रा प्रकृति से जुड़ा हुआ है, जहां आप पहाड़, नदियां और हिमालय की सुंदरता का आसानी से दीदार कर सकते हैं. वहीं बड़ा चार धाम यात्रा पूरे भारत की धार्मिक एकता को दर्शाती है, जहां भगवान विष्णु, भगवान शिव, भगवान कृष्ण और जगन्नाथ जी की उपासना की जाती है. बड़ा चार धाम यात्रा के लिए जरूरी ट्रैवल टिप्स 1. पहले से प्लान करें यह यात्रा लंबी और लोकप्रिय है, इसलिए टिकट और होटल पहले ही बुक कर लें क्योंकि बड़ा चार धाम में पूरे साल भीड़ रहती है. 2. सही समय चुनें रामेश्वरम, द्वारका और पुरी जाने का सही समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है. वहीं, बद्रीनाथ धाम मई के आसपास जाना सही होता है. 3. जरूरी पेपर रखें बड़े चार धाम की यात्रा पर जाने के लिए आईडी प्रूफ साथ रखें. जो होटल और मंदिर दर्शन के लिए जरूरी होता है. 4. हल्का और जरूरी सामान ही पैक करें इस यात्रा पर जाने के लिए कॉटन कपड़े, हल्के ऊनी कपड़े, आरामदायक जूते और रेनकोट जरूर रखें. 5. लोकल गाइड लें इस यात्रा पर जाने के लिए लोकल गाइड की मदद जरूर ले सकते हैं. आपको जगह की सही जानकारी और इतिहास समझने में मदद मिलेगी. 6. कैश साथ रखें हर जगह डिजिटल पेमेंट नहीं चलता, इसलिए थोड़े पैसे कैश में रखें.

एटीएस की कमी के चलते मैनुअल फिटनेस पर फिर से मिली छूट

 लखनऊ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने पांच जनवरी को जारी अपने उस आदेश को चार महीने में ही पलट दिया है, जिसके तहत वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच पूरी तरह बंद कर दी गई थी। अब प्रदेश के 51 जिलों में सशर्त मैनुअल फिटनेस जांच दोबारा शुरू होगी। दरअसल, अधिकांश जिलों में आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) न होने के कारण करीब 18 लाख वाहनों को फिटनेस के लिए 100 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ रही थी। सीतापुर और रायबरेली जैसे जिलों के वाहन स्वामियों को लखनऊ आना पड़ रहा था, जिससे भारी असुविधा हो रही थी। केंद्रीय मंत्रालय के सचिव यतेंद्र कुमार द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, जिन जिलों में एटीएस तैयार हो रहे हैं, वहां निश्चित अवधि तक ही मैनुअल जांच की अनुमति होगी। अलीगढ़ और प्रतापगढ़ में अब केवल एटीएस के जरिये ही फिटनेस होगी। गोरखपुर, अयोध्या, आजमगढ़, बुलंदशहर और हापुड़ में 30 जून तक मैनुअल जांच की सुविधा मिलेगी तथा रायबरेली, गाजीपुर, मथुरा और प्रयागराज को 30 सितंबर तक मोहलत दी गई है। इसके अलावा 31 दिसंबर तक पीलीभीत, चित्रकूट, बलरामपुर, हरदोई, ललितपुर, संभल, जौनपुर, चंदौली, भदोही, बदायूं, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बांदा, सीतापुर, अमरोहा, हमीरपुर, महोबा, कन्नौज, औरैया, शाहजहांपुर, कौशांबी, अंबेडकर नगर, अमेठी, बागपत, बहराइच, बलिया, बस्ती, देवरिया, फर्रुखाबाद, गोंडा, कासगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, महराजगंज, मऊ, संतकबीर नगर, शामली, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर व सुलतानपुर सहित 40 जिलों में यह सुविधा रहेगी। एटीएस की वर्तमान स्थिति प्रत्येक जिले में तीन-तीन निजी एटीएस खोलने की योजना थी। वर्तमान में बिजनौर, फिरोजाबाद, झांसी, कानपुर देहात, मुरादाबाद, वाराणसी, बरेली, रामपुर, फतेहपुर, कानपुर नगर, आगरा और मीरजापुर सहित कुल 26 जिलों में ही एटीएस संचालित हैं। राजधानी लखनऊ में बख्शी का तालाब स्थित एटीएस के अलावा अब बंथरा में दूसरा केंद्र बनकर तैयार है। इससे पूर्व केंद्रीय मंत्रालय ने 14 नवंबर 2024, एक अप्रैल 2025 और फिर 17 नवंबर को प्रमुख सचिव परिवहन को पत्र लिखकर एक जनवरी से अनिवार्य रूप से एटीएस के माध्यम से फिटनेस कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि, धरातल पर पर्याप्त संसाधन न होने के कारण इस व्यवस्था को चार महीने के भीतर ही बदलना पड़ा। जुर्माने का प्रविधान नियम के अनुसार, नए व्यावसायिक वाहनों को पंजीकरण के बाद आठ वर्ष तक प्रत्येक दो साल में और उसके बाद हर साल फिटनेस करानी अनिवार्य है। फिटनेस न होने पर पहली बार पकड़े जाने पर 5000 रुपये और दूसरी बार 10,000 रुपये के चालान का प्रविधान है।  

कलकत्ता हाई कोर्ट ने IPS अजय पाल शर्मा को दी राहत, मतदान तक बनी रहेगी उनकी तैनाती

 कलकत्ता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को दूसरे चरण का मतदान चल रहा है। इसके ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर और ऑब्जर्वर बनकर पश्चिम बंगाल गए यूपी कैडर के आईपीएस अजय पाल शर्मा के बीच शुरू हुई तकरार की चर्चा देश भर में हो रही है। इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट से आईपीएस अजय पाल शर्मा को बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह 29 अप्रैल तक चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई आदेश जारी नहीं करेगा, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण होना है। एक वकील ने जस्टिस कृष्ण राव की कोर्ट में आईपीएस अफसर अजय पाल शर्मा को जोन में काम करने से रोकने के लिए मौखिक रूप से प्रार्थना की थी। आईपीएस अजय पाल साउथ 24 परगना जिले में राज्य विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक हैं। वकील का आरोप था कि अजय पाल आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। इस पर, जस्टिस राव ने कहा कि वह 29 अप्रैल तक चुनाव ड्यूटी पर मौजूद किसी भी ऑफिसर के बारे में कोई ऑर्डर पास नहीं करेंगे। वकील ने अर्जी दी कि इस बारे में याचिका दायर करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जब वकील ने आरोप लगाया कि अजय वोटर्स को डरा रहे हैं। इस पर जस्टिस राव ने कहा कि अगर कोई शिकायत है तो चुनाव आयोग से संपर्क करें। वकील ने दावा किया कि आयोग को बताया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं आया है। मतदान से पहले छाए ‘सिंघम’ और ‘पुष्पा’ उत्तर प्रदेश के चर्चित आईपीएस अजय पाल शर्मा और टीएमसी नेतृत्व के बीच मतदान से एक दिन पहले मंगलवार को गतिरोध बढ़ गया। ‘सिंघम’ के नाम से चर्चित अफसर ने जहांगीर खान का नाम लेकर कुछ लोगों पर सख्ती दिखाई तो इसके जवाब में टीएमसी नेता ने ‘झुकेगा नहीं’ वाला पुष्पा अंदाज दिखाया। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने आरोप लगाया है कि अजय पाल शर्मा पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को डरा धमका रहे हैं। जहांगीर खान ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को मतदाताओं को डराने-धमकाने नहीं देंगे। यह बंगाल है, अगर वह (शर्मा) ‘सिंघम’ हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं। फाल्टा में यूपी के पुलिस अधिकारियों की किसी भी तरह की धमकी या दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीएमसी उम्मीदवार ने कहा कि शर्मा पुलिस बल के साथ आए और मुझ पर तथा मेरे लोगों पर दबाव डालने की कोशिश की। लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे कृत्य स्वीकार्य नहीं हैं।

होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न, कड़ी निगरानी से नकल के प्रयास नाकाम

होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 परीक्षा सकुशल संपन्न, सख्त निगरानी से नकल और फर्जीवाड़े की कोशिशें नाकाम 25, 26 और 27 अप्रैल को दो पालियों में आयोजित परीक्षा रही शांतिपूर्ण 1053 केंद्रों पर तीन दिन चली परीक्षा में सख्ती के बीच नकल माफिया पर कार्रवाई कूटरचना, प्रतिरूपण और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के दुरुपयोग में कई गिरफ्तारियां लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 की लिखित परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को प्रदेश के 74 जनपदों के 1053 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। पूरे परीक्षा आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में कराई जा सकी। परीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक सत्यापन, फोटो मिलान और डिजिटल निगरानी के जरिए नकल और फर्जीवाड़े पर कड़ी नजर रखी गई। इसी के चलते कूटरचित दस्तावेज, प्रतिरूपण और अनुचित साधनों के उपयोग के मामलों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अभियोग पंजीकृत किए गए। तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक सख्ती पूरी तरह प्रभावी होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 परीक्षा में सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 27 अप्रैल को हापुड़ और फतेहपुर में प्रवेश पत्र में जन्मतिथि से छेड़छाड़ कर कूटरचित दस्तावेज बनाने वाले छोटेलाल और विक्रम सिंह को तत्काल गिरफ्तार किया गया, वहीं अलीगढ़ और हाथरस में बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान प्रतिरूपण की कोशिश कर रहे अमित कुमार और धर्मपाल सिंह को मौके पर ही पकड़ लिया गया। इससे पहले 26 अप्रैल को कानपुर नगर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज में प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छुपाने के मामले में एक सहायक अध्यापक सहित तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। एटा में फर्जी प्रवेश पत्र तैयार करने वाले तेजवीर सिंह पर कार्रवाई की गई, जबकि बरेली में अलग-अलग नामों से दो केंद्रों पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी को बायोमैट्रिक मिलान के आधार पर दबोच लिया गया, जिससे स्पष्ट है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक सख्ती पूरी तरह प्रभावी रही। सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर भी कार्रवाई परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेपर लीक और भ्रामक सूचना फैलाने के मामलों को भी गंभीरता से लिया गया। यूट्यूब चैनल और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से अफवाह फैलाने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लखनऊ में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पूरी परीक्षा आयोजन के दौरान प्रशासन ने पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्नत तकनीक, सघन चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसी भी बड़े व्यवधान की स्थिति नहीं बनी और परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी।

School Bomb Threat in Gurugram: बड़े स्कूल निशाने पर, पुलिस अलर्ट मोड में

गुरुग्राम. गुरुग्राम के निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर शहर के कई बड़े निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ई-मेल भेजी गई। सुबह स्कूल खुलने पर जब यह ई-मेल मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। साथ ही बच्चों की छुट्टी कर दी गई। गुरुग्राम पुलिस, डाग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने अभियान चलाया। हालांकि, कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस के अनुसार श्री राम, एमिटी व दी एचडीएफसी स्कूल की ओर कंट्रोल रूम में ई-मेल मिलने की सूचना दी गई थी। यह मेल देर रात सभी स्कूलों को भेजी गई। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बम निराेधक दस्ता व डाग स्क्वायड की टीम ने पूरे कैंपस, क्लासरूम, लाइब्रेरी और अन्य जगहों पर तलाशी ली। सुबह 10 बजे ही सभी बच्चों के अभिभावकों को मैसेज कर जल्दी छुट्टी होने की जानकारी दी गई। इस पर परिवारवाले बच्चों को लेकर घर चले गए। साथ ही कई बच्चों को स्कूल वाहनों से घर छोड़ा जा रहा है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि किसी ने भय फैलाने के लिए इस तरह की मेल भेजी। धमकी भरे ई-मेल की जांच की जा रही है। बीते दो महीनों में कई बार धमकी भरे ई-मेल भेजे गए पिछले कुछ महीनों में गुरुग्राम समेत एनसीआर के बड़ी संख्या में निजी स्कूलों को इसी तरह के बम से उड़ाने के धमकी भरे ई-मेल भेजे जा चुके हैं। हालांकि, बाद में सभी फर्जी साबित हुए। करीब दो महीने पहले स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजने के मामले में एक आरोपित बांग्लादेशी मूल के सौरभ विश्वास को अहमदाबाद से पकड़ा भी गया था।हालांकि, एक बार फिर से धमकी आने पर स्कूल प्रबंधनों और पुलिस के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

सिर्फ 9 मैचों में 37 छक्के! सूर्यवंशी बने IPL 2026 के सबसे खतरनाक बल्लेबाज

नई दिल्ली मंगलवार रात न्यू चंडीगढ़ में पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के मुकाबले ने सिर्फ मैच का नतीजा नहीं बदला, बल्कि ऑरेंज कैप की तस्वीर भी फिर पलट दी… और जैसे ही धुआंधार 16 गेंदों में 43 रन की पारी आई- 5 छक्कों के साथ…सूर्यवंशी फिर नंबर-1. 400 पार… और बाकी सब पीछे IPL 2026 में 400 रन का आंकड़ा छूने वाले वह पहले बल्लेबाज बन गए हैं. 9 मैच, 400 रन, 238+ का स्ट्राइक रेट- ये आंकड़े सिर्फ अच्छे नहीं, दबदबे वाले हैं. सीजन की शुरुआत 52, 31, 39 और 78 जैसी पारियों से हुई, फिर थोड़ी गिरावट आई, लेकिन असली खिलाड़ी वही होता है जो वापसी करना जानता है. और सूर्यवंशी ने वापसी भी ऐसी की- – 46 रन – 103 रन (37 गेंद, 12 छक्के!) – और अब 43 (16 गेंद) IPL 2026 में छक्कों की बरसात की बात करें तो वैभव सूर्यवंशी सबसे आगे खड़े हैं. 9 मैचों में 37 छक्के ठोककर बाकी सभी को पीछे छोड़ दिया है. उनके बाद अभिषेक शर्मा 28 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर हैं, जबकि प्रियांश आर्य (26), रजत पाटीदार (23) और श्रेयस अय्यर (22) भी इस रेस में हैं, लेकिन सूर्यवंशी की रफ्तार सबसे अलग नजर आती है. (आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड आज भी क्रिस गेल के नाम है. उन्होंने 2012 में RCB के लिए खेलते हुए सिर्फ 14 पारियों में 59 छक्के जड़ दिए थे.) एक पारी में अकेले 12 छक्के…. 25 अप्रैल, जयपुर- सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 103 रनों की पारी, जिसमें 12 छक्के… एक पारी, जिसने पूरे सीजन का टोन सेट कर दिया. IPL के इतिहास में एक पारी में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड अभी भी क्रिस गेल (17) के नाम है… लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की बात करें, तो अब इस लिस्ट में एक नया नाम सबसे ऊपर चमक रहा है और वह कोई और नहीं वैभव सूर्यवंशी हैं. दरअसल,  SRH के खिलाफ जयपुर में 37 गेंदों में 103 रनों की पारी खेलते हुए वैभव ने 12 छक्के जड़ दिए और इसके साथ ही वह IPL इतिहास में एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की टॉप लिस्ट में शामिल हो गए. ऑरेंज कैप की रेस: लेकिन लीडर साफ… पीछे भी बड़े नाम हैं, लेकिन फिलहाल सब सूर्यवंशी के पीछे – – वैभव सूर्यवंशी- 400 रन – अभिषेक शर्मा- 380 रन – केएल राहुल- 358 रन – विराट कोहली- 351 रन – हेनरिक क्लासेन- 349 रन (आंकड़े इस आईपीएल में अब तक खेले गए 40 मैचों तक)  क्यों अलग हैं सूर्यवंशी? सिर्फ स्ट्राइक रेट नहीं, उनका गेम टेम्परामेंट अलग है. – शुरुआत से अटैक – स्पिन और पेस- दोनों पर बराबर हमला – मैच की स्थिति बदलने की क्षमता – और सबसे बड़ी बात- डर का नाम नहीं. कहानी अभी बाकी है… आईपीएल लंबा है, फॉर्म बदलती है, लेकिन अभी की तस्वीर साफ है- ऑरेंज कैप सिर्फ एक कैप नहीं, यह इस वक्त सूर्यवंशी के ‘राज’ का प्रतीक है. अगर यही लय जारी रही, तो IPL 2026 सिर्फ एक सीजन नहीं रहेगा- यह वैभव सूर्यवंशी के नाम का अध्याय बन जाएगा.

डिवाइडर में टकराई तेज रफ्तार बोलेरो दो घायल, चार को आई गंभीर चोटें

डिवाइडर में टकराई तेज रफ्तार बोलेरो दो घायल, चार को आई गंभीर चोटें राजेंद्र ग्राम/छबिलाल  थाना क्षेत्र राजेंद्रग्राम के सल्हरो तिराहा के पास मंगलवार शाम करीब 9:00 बजे तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बोलोरो में सवार4 व्यक्तियों को चोटें आईं, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल है जिसमें एक ड्राइवर भी शामिल है।  कैसे हुआ हादसा। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार ग्राम जरही से बारातियों को लेकर ग्राम बेलगावा के लिए रवाना हुई थी लेकिन साल्हारो तिराहा के पास ड्राइवर को झपकी लग गई। इससे गाड़ी बेकाबू होकर सड़क के किनारे बने डिवाइडर पर चढ़ गई और बेकाबू होकर पलट गई टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।  घायलों की स्थिति  *गंभीर घायल: हुकुमचंद वर्ष पिता स्वर्गीय घनश्याम प्रसाद(28) वर्ष ग्राम जरही कब बताया जा रहा है और मनोज कुमार पिता लाला प्रसाद 25 वर्ष ग्राम सोनिया मार ग्राम पंचायत हर टोला का निवासी बताया जा रहा है।*समान्य घायल: पूरनलाल पिता ओमकार चंद्रवंशी ग्राम जरही और तीन अन्य को मामूली चोटें आई है। सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है डॉक्टर के साथ इन दोनों को गंभीर गालों की हालत गंभीर बनी हुई है।

Patiala School Threat: ईमेल से मिली धमकी के बाद स्कूलों में हड़कंप, बच्चों की छुट्टी

पटियाला. पटियाला के स्कूलों को फिर धमकी भरी ईमेल मिली है। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के माता-पिता को मैसेज भेज स्कूल से लेकर जाने के लिए कहा। बीते 9 अप्रैल को भी पटियाला में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी से दहशत फैल गई थी। स धमकी में खास तौर पर यादविंद्र पब्लिक स्कूल का नाम भी शामिल बताया गया था। धमकी मिलने के तुरंत बाद स्कूल प्रबंधन ने सतर्कता दिखाते हुए अभिभावकों को संदेश भेजकर स्थिति की जानकारी दी और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की। वहीं, 23 अप्रैल को लुधियाना के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिला था। नमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल थे। पहले भी मिल चुकी है धमकी इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं थी और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था।