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देवरीफाटक पर बड़ा रेल हादसा टला, ट्रक के फंसने पर चालक की सतर्कता ने बचाई जानें

कटनी कटनी-दमोह मार्ग पर रीठी थाना क्षेत्र के देवरीकला रेलवे फाटक में बुधवार की शाम एक बड़ा हादसा टल गया। गुड्स ट्रेन के चालक की सूझबूझ के और स्थानीय लोगों की मदद से समय रहते स्थिति संभल गई। बुधवार शाम लगभग पांच बजे जब देवरीकला रेलवे फाटक ट्रेन के आने से पहले बंद होने लगा तो सायरन बजने लगा। इसी दौरान ट्रक क्रमांक एमपी 09 एचएच 1791 का चालक जल्दी में फाटक पार करने की कोशिश करने लगा। दोनों गेट के बीच रेलवे ट्रैक पर पहुंचते ही ट्रक अचानक से बंद हो गया और चालक द्वारा बार-बार प्रयास करने के बावजूद ट्रक स्टार्ट नहीं हो सका। इस बीच दमोह की ओर से तेज रफ्तार मालगाड़ी आ रही थी। ट्रैक पर खड़े ट्रक को देख मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मालगाड़ी चालक ने सतर्कता दिखाई और ट्रेन की रफ्तार धीमी कर दी। इस बीच गेटमैन और आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बंद पड़े ट्रक को पीछे से एक अन्य ट्रक की मदद से धक्का लगाकर रेलवे ट्रैक से बाहर किया। इसके बाद ही फाटक को पूरी तरह बंद किया गया और मालगाड़ी को सुरक्षित रवाना किया गया। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। 

20-20 हजार रूपए के इनामी अंतरराज्यीय शातिर मूर्ति चोर सहित 03 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध सतत एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दतिया पुलिस ने जैन धर्म के प्रमुख आस्था केंद्र सोनागिर स्थित प्रसिद्ध जैन मंदिर में हुई हाई प्रोफाइल मूर्ति चोरी का खुलासा करते हुए लगभग 25 लाख रुपए मूल्य की भगवान की चांदी की मूर्ति, चांदी का सिंहासन, चांदी के यंत्र एवं अन्य सामग्री जब्‍त कर 20-20 हजार रुपए के इनामी अंतरराज्यीय शातिर मूर्ति चोर सहित 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि दिनांक 4-5 अप्रैल की रात्रि में दतिया जिले के सोनागिर पहाड़ी स्थित प्रसिद्ध जैन मंदिर से भगवान की चांदी की मूर्ति एवं अन्य कीमती सामग्री चोरी हो गई थी। यह मंदिर जैन समाज का प्रमुख तीर्थस्थल एवं आस्था का केंद्र है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा त्वरित पतारसी हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रकरण की सतत मॉनिटरिंग की गई तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर विवेचना की लगातार समीक्षा की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु 20-20 हजार रुपए के इनाम की उद्घोषणा की गई। घटना का त्वरित खुलासा करने हेतु विशेष टीम गठित कर थाना स्तर, तकनीकी शाखा एवं साइबर सेल के अधिकारियों-कर्मचारियों को सक्रिय किया गया। तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं सतत निगरानी के माध्यम से पुलिस ने इस संवेदनशील प्रकरण का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गई संपूर्ण संपत्ति जब्‍त की। गिरफ्तार आरोपियों में एक अंतरराज्यीय शातिर मूर्ति चोर शामिल है, जो लगभग 100 से अधिक मूर्ति चोरी के मामलों में संलिप्त रहा है। इसके अतिरिक्त दो स्थानीय सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है।  

Delhi Murder Case: सम्राट चौधरी ने पीड़ित परिवार के लिए 8 लाख की सहायता घोषित की

पटना. दिल्ली के द्वारका में पुलिस के एक कांस्टेबल में बिहार के दो युवकों को गोली मार दी थी। इसमें एक युवक की मौत हो गई थी। इस मामले बिहार में सियासत गरमाई हुई है। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतक के परिवार को 8 लाख के मुआवजे का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए कहा, "दिल्ली के द्वारका में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में खगड़िया निवासी, श्रमिक पांडव कुमार की मौत अत्यंत ही पीड़ादायक है। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। प्रशासन न्यायपूर्ण कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।" सम्राट चौधरी ने आगे लिखा, "हम इस विकट घड़ी में पीड़ित परिवार की मदद के लिए हर स्तर से प्रयासरत हैं। मृतक के आश्रितों को ₹8 लाख अनुग्रह अनुदान (₹4 लाख श्रम संसाधन विभाग से एवं ₹4 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष से) देने का निर्देश दिया है।" मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को शांति देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और कहा कि ईश्वर परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य व संबल प्रदान करें। क्या पूरा मामला? जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र में शनिवार रात दोस्त के बेटे की जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे दो दोस्तों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल ने गोली मार दी थी। मृतक की पहचान पांडव कुमार और घायल की पहचान कृष्ण के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, वारदात के दौरान हेड कॉन्स्टेबल नशे में था। उसने युवकों से भीड़ लगाने का कारण पूछा और गाली गलौज करने लगा, लोगों ने विरोध किया तो गोली चला दी। जिसमें एक की मौत हो गई। वहीं, दूसरा घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक पांडव कुमार उत्तम नगर की प्रजापति कॉलोनी में रहते थे और जोमैटो में डिलीवरी ब्वॉय थे। शनिवार वह जाफरपुरकलां में दोस्त रूपेश के दो साल के बेटे की जन्मदिन की पार्टी में गए थे। देर रात करीब दो बजे पार्टी खत्म होने के बाद रुपेश सभी के साथ मेन रावता रोड पर गए।

दिल्ली महापौर चुनाव: भाजपा ने 156 वोटों से दर्ज किया शानदार जीत

नई दिल्ली भाजपा के उम्मीदवार प्रवेश वाही दिल्ली नगर निगम के नए महापौर निर्वाचित हुए हैं। प्रवेश वाही तीन बार से पार्षद रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने महापौर और उपमहापौर पद पर उम्मीदवार नहीं उतारा है जबकि भाजपा ने आनंद विहार से पार्षद मोनिका पंत ने उपमहापौर पद के लिए उम्मीदवार उतारा है। कांग्रेस ने कबीर नगर से पार्षद जरीफ को महापौर पद और मुबारकपुर से पार्षद राजेश कुमार गुप्ता ने उपमहापौर पद उम्मीदवार बनाया है। प्रवेश वाही तीन बार से पार्षद रहे हैं। इसके साथ ही अब उपमहापौर और सदन से स्थायी समिति के सदस्यों का भी चयन होगा। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने महापौर चुनाव के लिए कार्यवाही को लेकर पूर्व महापौर एवं मुखर्जी नगर से पार्षद राजा इकबाल सिंह को पीठासीन अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया। महापौर चुनाव में सभी सांसदों और भाजपा में शामिल राज्य सदस्य स्वाति मालीवाल और भाजपा के 11 मनोनीत विधायक और सभी पार्षदों ने मतदान किए। भाजपा ने आनंद विहार से पार्षद मोनिका पंत ने उपमहापौर पद के लिए उम्मीदवार उतारा है। कांग्रेस ने कबीर नगर से पार्षद जरीफ को महापौर पद और मुबारकपुर से पार्षद राजेश कुमार गुप्ता ने उपमहापौर पद उम्मीदवार बनाया है। ये है बहुमत महापौर चुनाव गुप्त मतदान द्वारा होता है। इसमें पार्षदों पर दल बदल विरोधी कानून लागू नहीं होता है। कुल 249 पार्षद, सात सांसद व तीन राज्य सभा सदस्य व 14 मनोनीत विधायक के तहत कुल 273 वोट हैं। इसके तहत 137 वोटों का बहुमत होता है। ग्रीन पार्क से पार्षद सरिता फोगाट का कुछ महीने पहले कैंसर से मृत्यु हो जाने के कारण यह वार्ड खाली है। इसके तहत कुल 249 पार्षद हैं। AAP के ये है सदस्य आप के पास 100 पार्षद, तीन मनोनीत विधायक और दो राज्य सभा सदस्य संजय सिंह और एन डी गुप्ता हैं। कुल मतदान हुए – महापौर चुनाव के लिए कुल 165 मतदान हुए – महापौर के लिए भाजपा को 156 मतदान मिले – कांग्रेस को 9 मतदान मिले – इनवेलिड वोट शून्य पड़े प्रवेश वाही का सफर – पूर्वी उत्तरी दिल्ली नगर निगम में – तीन बार जोन के चेयरमैन, स्थाई समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, रोहिनी बी वार्ड से अभी पार्षद है। BJP के पक्ष में 142 वोट, बहुमत से पांच ज्यादा भाजपा के 123 पार्षद हैं। जबकि आम आदमी पार्टी के 100 पार्षद हैं। इसके अतिरिक्त इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) के 15 पार्षद, कांग्रेस के नौ पार्षद, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक से एक पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद हैं। भाजपा के सभी 123 पार्षदों, सातों सांसद व 11 विधायकों को मिलाकर स्वाति मालीवाल के हाल ही भाजपा में शामिल होने से कुल 142 वोट हैं। जिसके तहत भाजपा द्वारा बहुमत का आंकड़ा आराम से छुआ जा रहा हैं।

केंद्र सरकार की नई योजना, दलहन खेती पर ₹4500 प्रति क्विंटल तक प्रोत्साहन

साहिबगंज  केंद्र सरकार दलहन की खेती को बढ़ावा देगी। इसके तहत खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। यह 1800 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक होगी। केंद्र सरकार ने दाल की आयात पर निर्भरता को देखते हुए दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया है। यह अभियान 2030-2031 तक चलेगा। इन छह वर्षो में केंद्र सरकार 11440 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस दौरान किसानों को उच्च उत्पादन के लिए आधार बीज दिए जाएंगे। किसानों को जागरूक व प्रशिक्षण देकर अधिक से अधिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला कृषि विभाग, केवीके, बीज मुहैया कराने वाली कंपनी ने बैठक कर लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान के तहत केंद्र सरकार प्रति हैक्टेयर दलहन के लिए तीन हजार से लेकर 4500 रुपये तक प्रोत्साहन राशि देगी। सरकार किसान के बीज पर टैग लगाकर खरीदेगी या किसान चाहें सरकार का टैग मिलने के बाद बाजार में बेच सकते हैं। मॉनिटरिंग टीम जांच करेगी: किसानों को आधार बीज (फाउंडेशन सीड) उपलब्ध कराने के बाद कृषि विभाग की मॉनिटरिंग टीम किसानों के खेत में जाकर जांच करेगी। इस दौरान फसल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। यदि किसान का बीज मानक के अनुरूप हुआ तो विभाग किसान को मदद करेगी। साथी पोर्टल पर निबंधन कराना होगा। गुणवत्तापूर्ण बीज होने पर सरकार भी उसे खरीद लेगी। खरीदे हुए दलहन का एमएसपी के दरों पर भुगतान भी करेगी साथ ही अलग से प्रोत्साहन राशि भी देगी। किसान चाहे तो खुले बाजार में अपनी फसल को बेच भी सकते हैं। किस दाल में कितना लक्ष्य: जिले में अरहर, केलाई, मूंग, चना, मसूर आदि की खेती होती है। कृषि विभाग ने 2026-2027 में 40 क्विंटल अरहर उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रति क्विंटल किसान को 4500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए चार हेक्टेयर भूमि की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह 20 हेक्टेयर में उड़द या केलाई को लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 10 हेक्टेयर में मूंग की खेती का लक्ष्य है। इसमें प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये दिया जाएगा। 220 क्विंटल चना के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें प्रति क्विंटल 1800 रुपये सरकार प्रोत्साहन राशि देगी। 90 क्विंटल मसूर के उत्पादन का लक्ष्य है। इसमें प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये दिया जाएगा। 28 क्विंटल रागी उत्पादन का लक्ष्य है। प्रति क्विंटल तीन हजार रुपये दिया जाएगा   दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ केंद्र सरकार ने किया है। पल्स मिशन कृषि निदेशालय, झारखंड रांची के आदेशानुसार दलहन के क्षेत्र में झारखंड भी आत्मनिर्भर बने इस दिशा में लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को अधिक से अधिक जागरूक कर उत्पादन कराया जाएगा। सरकार दो तरह से किसान की आय बढ़ाने जा रही है। 50 फीसद अनुदान पर आधार बीज मुहैया कराएगी साथ ही किसान का बीज भी खरीदेगी और अलग से प्रोत्साहन राशि भी देगी। किसान भाईयों से अनुरोध है कि कृषि कार्यालय आकर संपर्क करे और दलहन की खेती करें। – प्रमोद एक्का, जिला कृषि पदाधिकारी, साहिबगंज  

जीवन में आगे बढ़ने के लिए MS धोनी की 10 सबसे असरदार बातें

महेंद्र सिंह धोनी बेशक भारत के सबसे सफल क्रिकेट कप्तान हो। लेकिन वह दुनिया के सबसे सफल क्रिकेट कप्तानों की लिस्ट में भी शामिल है। अपनी कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने जो उपलब्धियां कमाई हैं, उससे देश का नाम तो रोशन हुआ ही है। लेकिन उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस और पोस्ट मैच टॉक्स में जो बातें कही है, वह भी आज की जनरेशन के लिए किसी प्रेरणा (Inspiration) से कम नहीं है। अगर आप जीवन में हताश, परेशान और हारा हुआ महसूस कर रहे हैं, तो आपको धोनी को सुनना चाहिए। क्योंकि रांची से आए उस लड़के का जीवन भी उतना आसान नहीं रहा है। जितना आज बाहर-बाहर से देखकर लगता है। आइए पढ़ते है, धोनी के 10 सबसे असरदार, प्रेरित करने वाले ऐसे मोटिवेशनल कोट्स जो आपको अपने गोल अचीव करने के लिए हमेशा जगाए रखेंगे। 1. आप भीड़ के लिए नहीं, देश के लिए खेलते हैं! धोनी के इस कोट का मतलब समझे? आप नहीं समझें! MS के इस कोट को आप इस तरह समझिए कि आप उन 4 लोगों के लिए अपना जीवन नहीं जी रहे। बल्कि आप अपना जीवन उनके लिए जी रहे हैं, जो आपसे प्यार करते हैं। फिर चाहे, वो आपके घर वाले हो या फिर आपके दोस्त! इसलिए अपने जीवन को हमेशा दूर का सोचकर जीना चाहिए। 2. अगर आप लगातार जीतते है, तो आपको अपनी उन कमियों के बारे में पता नहीं चलता, जिसे सुधारने की जरूरत है! कई बार लोग हारते ही निराश होकर टूट जाते हैं। लेकिन सच्चाई तो ये है कि हार हमें मजबूत बनकर ठोस वापसी करना सिखाती है। 3. फैसला शांति से लो, सफलता शोर मचाएगी! धोनी का ये कोट भले ही कहीं से प्रेरित लगे। लेकिन सच्चाई तो ये है कि आपको अपने जीवन के अहम और बड़े फैसले शांति से लेने है। बाकी सफलता अपने आप शोर मचा देगी। 4. मैं फील्ड पर अपना 100 प्रतिशत देने में विश्वास रखता हूं! बिल्कुल धोनी की तरह ही आप भी अपने जीवन में जो भी हासिल करना चाहते, उसके लिए 100 प्रतिशत दें। फिर नतीजा जो होगा, उससे निराशा नहीं होगी! 5. खुद पर विश्वास और हार्ड वर्क ही सफलता दिलाता है! धोनी का ये कोट हमें सिखाता है कि आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत ही हमेशा सफलता दिलाते हैं। 6. जब तक फुल स्टॉप नहीं आता, वाक्य (Sentence) खत्म नहीं होता! ये लाइन भले ही छोटी-सी हो। लेकिन इसका मतलब बहुत बड़ा है। लोगों के बोल भर देने से इंसान का करियर खत्म नहीं होता। याद रखें कि आप अपनी कहानी खुद लिख रहे हैं और अब जब चाहेंगे, तब उसका अंत होगा! 7. सीखकर, वहीं गलती दोबारा नहीं करनी है! गलती करना जिंदगी का हिस्सा है! लेकिन उससे सीखकर हमें उसे दोहराना नहीं। बल्कि ठीक करना है। 8. जीतने से ज्यादा हम हारने पर सीखते हैं! एमएस धोनी का ये कोट अगर आपने अपने जीवन में उतार लिया, तो आप हारने से भी नहीं डरेंगे और जीत आपके कदम चूमेगी! 9. हार को तब तक फेस करो, जब तक हार तुम्हें फेस करने में हार न जाए हार का तब तक सामना करिए, जब तक हार आपका सामना करते हुए हार न जाए। इस सिंपल-सी लाइन का मतलब हार से डरना नहीं है, बल्कि उससे सीखकर उसे हराना है। 10 अपने आप को कभी प्रेशर में मत आने दो! धोनी के इस कोट का मतलब है कि आपको कभी भी खुद को प्रेशर में नहीं आने देना। उल्टा हर हालात में खुद को शांत और धैर्यवान बनाए रखना है।

लेखा प्रशिक्षण के लिए आवेदन 01 मई से आमंत्रित आवेदन की अंतिम तिथि 29 मई तक

रायपुर संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन के आदेशानुसार आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई 2026 से अक्टूबर 2026 के लिये 01 मई 2026 से 29 मई 2026 के मध्य की अवधि में आवेदन पत्र स्वीकार किये जायेंगें।  इस तिथि के पूर्व एवं पश्चात प्राप्त आवेदन- पत्रों पर विचार नही किया जाएगा। निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र ही मान्य होगा। प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला से मिली जानकारी के अनुसार लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई 2026 से अक्टूबर 2026 के लिए 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके लिपिक वर्गीय कर्मचारी अपने कार्यालय प्रमुख के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में के आवेदन पत्र भेज सकते है। यह आवेदन शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला,नगर घड़ी चौक रायपुर को 29 मई  2026 तक कार्यालयीन समय में प्राप्त हो जाना चाहिए।  मानक आवेदन पत्र पर ही आवेदन स्वीकार किये जायेंगें। आवेदन जिस सत्र के प्रशिक्षण हेतु किया गया है, उस सत्र के लिये ही मान्य होगा। पूर्व प्रचलित आवदेन पत्र स्वीकार नही किये जायेगें। आवेदन पत्र के साथ अन्य आवश्यक सुसंगत दस्तावेज संलग्न होना चाहिए। आवेदन का निर्धारित प्रारूप एवं निर्देश रायपुर संभाग के समस्त जिला कोषालयों के सूचना पटल पर अवलोकन किये जा सकते हैं।

युवा खिलाड़ियों को मिलेगा विदेश में ट्रेनिंग का मौका, RCA की नई पहल

जयपुर  राजस्थान के उभरते हुए क्रिकेट सितारों के लिए एक सुनहरा दौर शुरू होने वाला है. अब हमारे प्रदेश के बच्चे न सिर्फ देश की पिचों पर अपना जलवा बिखेरेंगे, बल्कि सात समंदर पार जाकर विदेशी जमीन पर क्रिकेट के गुर भी सीखेंगे. राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) ने डेनमार्क के साथ एक ऐसी 'ऐतिहासिक डील' की है, जो आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के भविष्य को बदल सकती है. डेनमार्क और राजस्थान के बीच 'क्रिकेट दोस्ती' मंगलवार शाम डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन और RCA एडहॉक कमेटी के बीच एक बेहद खास मुलाकात हुई. इस बैठक का नतीजा यह निकला कि अब राजस्थान और डेनमार्क के बीच क्रिकेट एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू होने जा रहा है. यह संभवतः भारत के क्रिकेट इतिहास में अपनी तरह की पहली पहल है, जहां एक राज्य की क्रिकेट बॉडी सीधे किसी दूसरे देश के साथ इस स्तर का करार कर रही है. इस समझौते की 3 बड़ी बातें आसान शब्दों में समझें राजस्थान के नन्हे क्रिकेट खिलाड़ी (विशेषकर अंडर-19 पुरुष और महिला टीम) ट्रेनिंग और मैच खेलने के लिए डेनमार्क जाएंगे. इतना ही नहीं, डेनमार्क के खिलाड़ी भी राजस्थान आएंगे, जिससे दोनों तरफ के बच्चों को अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिलेगा. इससे खिलाड़ियों को विदेशी कोचिंग और खेल की नई तकनीकों को समझने का मौका मिलेगा. क्यों खास है यह पहल? RCA एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव और सदस्य आशीष तिवाड़ी के प्रयासों से यह डील मुमकिन हुई है. आशीष तिवाड़ी ने बताया कि डेनमार्क के राजदूत सवाई मान सिंह स्टेडियम (SMS Stadium) की सुविधाओं को देखकर काफी प्रभावित हुए. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही डेनमार्क क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) के साथ मिलकर इसे एक औपचारिक समझौते का रूप देंगे.

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को बताया आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में  काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित विश्व की अनूठी 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' का सूक्ष्म अवलोकन किया। प्रधानमंत्री  मोदी ने घड़ी के डिजिटल फलक पर प्रदर्शित हो रहे भारतीय पंचांग, मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की गणना की सराहना करते हुए इसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम बताया। प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा वर्ष 2024 में कालगणना के केन्द्र महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गौरवशाली अतीत को सहेजते हुए उसे वर्तमान में जीवंत बनाए रखने की मंशानुरूप वैदिक घड़ी को देश के सभी ज्योतिर्लिंगों में स्थापित किया जा रहा है। सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अर्पित की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैशाख कृष्ण पक्ष प्रतिपदा (3 अप्रैल 2026) को यह घड़ी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ को भेंट की थी, जिसे 4 अप्रैल को मंदिर प्रांगण में स्थापित किया गया था। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को वैदिक काल गणना के समस्त घटकों को समवेत कर बनाया गया है। यह घड़ी सूर्योदय से परिचालित है, जिस स्थान पर जो सूर्योदय का समय होता है उस स्थान की काल गणना तदनुसार दिखाई देती है। स्टेंडर्ड टाइम भी उसी से जुड़ा रहता है। इस घड़ी में वैदिक समय, लोकेशन, भारतीय स्टेंडर्ड टाइम, भारतीय पंचांग, विक्रम सम्वत् मास, ग्रह स्थिति, भद्रा स्थिति, चंद्र स्थिति आदि की जानकारी समाहित है। जानिए क्या है 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' भारत का समय- पृथ्वी का समय संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, उज्जैन द्वारा भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। यह घड़ी भारत की प्राचीन कालगणना परंपरा को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पुनर्स्थापित करने का एक अभिनव प्रयास है। प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण फाल्गुन 2080, कृष्ण पक्ष, पंचमी, वरुण मुहूर्त (13वाँ मुहूर्त) में किया गया। (दिनांक 29 फ़रवरी 2024) वैदिक समय प्रणाली यह घड़ी एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय के मध्य समय की गणना करती है। दो सूर्योदयों के बीच एक पूर्ण दिवस को 30 मुहूर्तों में विभाजित किया जाता है। सूर्योदय से सूर्यास्त = 15 मुहूर्त सूर्यास्त से अगले सूर्योदय = 15 मुहूर्त इस प्रकार एक पूर्ण वैदिक दिवस 30 मुहूर्त का होता है। मुहूर्त, कला एवं काष्ठा प्रत्येक मुहूर्त सामान्यतः लगभग 48 मिनट के बराबर होता है, किंतु इसकी अवधि घड़ी की भौगोलिक स्थिति, सूर्योदय-सूर्यास्त समय तथा सूर्य के कोण के अनुसार परिवर्तित होती है। मुहूर्त मुहूर्त = 30 कला 1 कला = 96 सेकंड 1 कला = 30 काष्ठा 1 काष्ठा = 3.2 सेकंड अर्थात् 30 मुहूर्त : 30 कला : 30 काष्ठा इनकी अवधि भी पर्यवेक्षक के स्थानानुसार परिवर्तित हो सकती है। समय निर्धारण का आधार यह घड़ी सूर्य के कोण तथा पर्यवेक्षक की स्थान-विशिष्ट भौगोलिक स्थिति को सम्मिलित कर समय का निर्धारण करती है। सूर्योदय के समय के अनुसार ही स्थान का वैदिक समय प्रदर्शित किया जाता है। घड़ी में प्रदर्शित जानकारी वैदिक समय, भारतीय मानक समय, स्थान, पंचांग, विक्रम सम्वत्, तिथि, मुहूर्त, योग, करण, नक्षत्र, सूर्य राशि, चन्द्र राशि। प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार अपनी ऐतिहासिक स्मृतियों और गौरवशाली अतीत को सहेजने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वाराणसी के बाद आगामी समय में अयोध्या के  राम मंदिर सहित देश के सभी ज्योतिर्लिंगों पर भी ऐसी वैदिक घड़ियाँ स्थापित करने की योजना है। यह पहल न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करती है, बल्कि नई पीढ़ी को भारत की समृद्ध विरासत और काल-गणना की प्रामाणिक पद्धति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।  

बंगाल में दूसरे फेज में रिकॉर्ड मतदान, 90 फीसदी वोटिंग; हुगली बना सबसे आगे

 पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शाम पांच बजे तक 89.99 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ था और वोटिंग का समय शाम छह बजे तक है। राज्य के पूर्वी बर्धमान जिले में शुरूआती दस घंटों (शाम पांच बजे तक) में सबसे अधिक 92.46 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण जिला में सबसे कम 86.11 प्रतिशत मतदान हुआ। इस बीच कुछ इलाकों में मतदान के दौरान झड़पों और तनाव की रिपोर्ट भी मिली है। राज्य के अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। मतदान केन्द्रों में मतदाताओं की लम्बी-लम्बी कतारें देखी गई हैं। बंगाल के मतदाता लोकतंत्र के इस पर्व पर बढ़-चढ़ कर मतदान कर रहे हैं। चुनाव आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, हुगली जिले में 90.34 प्रतिशत, हावड़ा में 89.44, कोलकाता उत्तर में 87.77, नदिया में 90.28, उत्तर 24 परगना में 89.74, दक्षिण 24 परगना में 89.57 प्रतिशत मतदान हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में शाम पांच बजे तक 85.51 प्रतिशत मतदान हुआ। इस सीट पर उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी चुनाव मैदान में है। अधिकारी को बुधवार को कालीघाट इलाके में विरोध का सामना करना पड़ा। मतदान के बीच जैसे ही अधिकारी क्षेत्र में पहुंचे, तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए 'जय बंगला' के नारे लगाए। इस दौरान अधिकारी ने कहा, "मुस्लिम 'जय बंगला' के नारे लगा रहे हैं, हिंदू भाजपा के साथ हैं।" दूसरे चरण में कुल 142 सीटों पर मतदान राज्य में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों के लिए 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में 41001 मतदान केन्द्र (39301 मुख्य और 1700 सहायक मतदान केन्द्र) बनाये गये हैं, जिसमें ग्रामीण मतदान केन्द्रों की संख्या 25083 और शहरी मतदान केन्द्रों की संख्या 14218 तथा 258 मॉडल मतदान केन्द्र हैं। इस चरण में 8845 मतदान केन्द्रों का प्रबंध पूरी तरह महिलाएं कर रही हैं। केंद्रीय बलों की तैनाती आयोग ने मतदान को हिंसा और भय से मुक्त रखने तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और संवेदनशील इलाकों में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की सघन तैनाती की गई है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियों को तैनात किया है। सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से मतदाता मतदान के लिए पहुंच रहे हैं । दूसरे चरण में कुल 1,448 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण में सर्विस मतदाता सहित कुल 3.22 करोड से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 1.64 करोड़ पुरुष, 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 उभयलिंगी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं। TMC-BJP में कौन जीतेगा? राज्य में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच है तथा कांग्रेस और वामपंथी दल भी पुरजोर से अपनी ताकत आजमा रहे हैं। भवानीपुर सीट इस बार के चुनाव में सबसे चर्चित सीट बनी हुई है, जहां मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता एवं भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के बीच है। बांग्ला फिल्म जगत की मशहूर हस्तियों ने बढ़-चढ़कर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया और जनता से भी मतदान करने की अपील की। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती भी काशीपुर-बेलगाछिया निर्वाचन क्षेत्र में मतदान करने पहुंचे। काले रंग की टी-शर्ट, टोपी और चश्मे के साथ गले में नारंगी रंग का स्कार्फ पहने मिथुन ने मतदान के बाद मीडिया से कहा कि उन्होंने किसी विशेष व्यवस्था की मांग नहीं की थी। उन्होंने विश्वास जताया कि पूरी प्रक्रिया सुचारू और शांतिपूर्ण रहेगी। पहले फेज में 93.19 फीसदी मतदान मतदान केंद्रों पर पहुंचने वाले प्रमुख नामों में अभिनेता-निर्देशक जोड़ी सुभाश्री गांगुली और राज चक्रवर्ती (बैरकपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार) शामिल थे। वे कस्बा स्थित पोलिंग बूथ पर रोजमर्रा के परिधानों में नजर आए। मतदान के बाद इस जोड़े ने इंस्टाग्राम पर अपनी उंगलियों पर लगी स्याही दिखाते हुए एक सेल्फी साझा की और नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमें 93.19 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था।दोनों चरणों की मतगणना चार मई को होगी। लेखक के बारे में