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Dengue Alert: संजीव अरोड़ा ने दिए सख्त आदेश, फॉगिंग में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

चंडीगढ़. राज्य में डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने राज्य भर के नगर निगम कमिश्नरों और अतिरिक्त उपायुक्तों (जनरल व शहरी विकास) को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में समय पर और व्यापक स्तर पर फॉगिंग अभियान सुनिश्चित किया जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां, जो मच्छरों के जरिए फैलती हैं, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह जानलेवा साबित हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को तुरंत फॉगिंग अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। अरोड़ा ने कहा कि फॉगिंग केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि इसे नियमित और प्रभावी ढंग से चलाया जाए। उन्होंने खास तौर पर यह सुनिश्चित करने को कहा कि यह अभियान पीक सीजन से पहले ही पूरी तरह सक्रिय हो जाए और अक्टूबर तक लगातार जारी रहे, ताकि मच्छरों के प्रजनन और बीमारियों के फैलाव पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नजर रखने के आरोप उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति पर कड़ी नजर रखें और फील्ड स्तर पर चल रही गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करें। इसके साथ ही सभी संबंधित अधिकारी जल्द से जल्द अपने-अपने क्षेत्रों में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट उनके कार्यालय को सौंपें, ताकि जवाबदेही तय की जा सके और काम में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। सरकार के इस कदम को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हर साल मानसून से पहले और उसके दौरान डेंगू-मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है, ऐसे में समय रहते फॉगिंग और रोकथाम के उपाय लागू करना बेहद जरूरी होता है। मंत्री के निर्देशों के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है और विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग अभियान को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस बार पहले से बेहतर रणनीति और सख्ती के साथ इन बीमारियों पर काबू पाया जा सकेगा।

मैजेंटा लाइन पर ट्रेनों में देरी, ऑटोमैटिक गेट नहीं खुल रहे, यात्री फंसे

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो के इलेक्ट्रिक सिग्नल फेल होने की खबर सामने आ रही है। इसके चलते हौज खास से बोटेनिकल गार्डन की ओर जाने वाली ट्रेन आधा घंटे से रुकी हुई है। बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक बोर्ड पर अगली मेट्रो के आने का समय 129 मिनट दिखाई दे रहा है। DMRC ने बताया मैजेंटा लाइन पर है समस्या DMRC ने भी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से इसकी जानकारी दी है। DMRC ने सर्विस अपडेट जारी करते हुए लिखा- “सिग्नलिंग की समस्या के कारण कालकाजी मंदिर और बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशनों के बीच मैजेंटा लाइन पर ट्रेन सर्विस में देरी हुई। बाकी सभी लाइनों पर सर्विस नॉर्मल हैं।” मेट्रो गेट खुल रहे, लेकिन ऑटोमैटिक बैरियर बंद अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, मेट्रो के गेट स्टेशन पर मेट्रो के गेट खुल रहे हैं। लेकिन, गेट के सामने लगे ऑटोमैटिक बैरियर नहीं खुल रहे, इस कारण कोई यात्री न ही मेट्रो से उतर पा रहा है और न ही चढ़ पा रहा है। इसके साथ ही पता चला है कि मेजेंटा लाइन पर करीब 40 मिनट में मेट्रो ने केवल 2 स्टेशन तय किए हैं।      मेट्रो कोच के स्क्रीन बोर्ड में दिखा- स्टेशन होल्ड दानिश रहमान नामक एक्स यूजर ने DMRC के ट्वीट पर जवाब में एक फोटो शेयर की हैं। फोटो मेट्रो के कोच की है। भीड़-भाड़ के बीच स्क्रीन बोर्ड पर लिखा दिखाई दे रहा है- "डिले" स्टेशन होल्ड। इस यात्रा सेवा में थोड़ा विलंब होगा। इस असुविधा के लिए खेद है। यूजर ने लिखा- कोई ट्रेन नहीं चल रही DMRC के ट्वीट पर मोहन कुमार नामक यूजर ने भी जवाब दिया। उन्होंने कई तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने लिखा- कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो सर्विस में देरी हो रही है। कोई ट्रेन नहीं चल रही है। यात्री प्लेटफॉर्म पर इंतजार कर रहे हैं। DMRC इस समस्या को ठीक करने के लिए काम कर रहा है।  

7 MPs की ‘घर वापसी’ के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलेंगे CM भगवंत मान, मनीष सिसोदिया का बयान- AAP एकजुट है

  चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगने के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि वो 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने का मुद्दा उठाएंगे. उन्होंने कहा, ''मैं 5 मई को दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति से मिलने जा रहा हूं और इस मुद्दे को उनके सामने रखूंगा।  उन्होंने कहा कि वह सांसदों को वापस बुलाने के सवाल पर भी राष्ट्रपति से चर्चा करेंगे, भले ही मौजूदा कानून में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान न हो. हाल ही में आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पाला बदलकर BJP का दामन थाम लिया. इनमें राघव चड्ढा, राजिंदर गुप्ता, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल आदि सांसद शामिल थे।  इनमें से छह सांसद पंजाब से थे. CM भगवंत मान ने इन नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें एक बार फिर गद्दार करार दिया. BJP की ओर से इस शब्द पर आपत्ति जताए जाने पर उन्होंने कहा, ''जो लोग जनता के जनादेश का दुरुपयोग करते हैं, वे निश्चित रूप से गद्दार हैं.'' इस घटनाक्रम के बाद AAP ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किए थे।  हरभजन सिंह समेत कुछ सांसदों के घरों के बाहर गद्दार तक लिख दिया गया था. इस पूरे विवाद के बीच मनीष सिसौदिया ने पार्टी की एकजुटता पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ''हम सब एकजुट हैं. हम सब साथ हैं. कुछ लोगों के जाने से AAP को कोई नुकसान नहीं होगा. ये मामला विचाराधीन है और हमने अपनी आपत्तियां पहले ही दर्ज करा दी हैं।  पंजाब के AAP अध्यक्ष अमन अरोरा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ''ये लोग पीठ में छुरा घोंपने वाले हैं. राघव चड्ढा और संदीप पाठक कई विधायकों को पार्टी में लाए थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विधायक भी पार्टी छोड़ देंगे.'' वहीं जालंधर के नकोदर से विधायक इंद्रजीत कौर ने इस पूरे मामले को ज्यादा तूल न देने की बात कही है।   उन्होंने कहा, ''पार्टी नेताओं से बड़ी होती है. नेता आते-जाते रहते हैं, लेकिन संगठन कायम रहता है.'' उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ऐसे नेताओं का इस्तेमाल कर बाद में उन्हें छोड़ देती है, जैसा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के मामले में हुआ. उन्होंने कहा कि उनसे किसी ने पार्टी छोड़ने के लिए संपर्क नहीं किया है. वो AAP के साथ खड़ी हैं। 

आंगनबाड़ी केंद्रों में बदलाव, नन्हे कदम बनेंगे सशक्त भारत के भविष्य की नींव

रायपुर देश का भविष्य जिन नन्हे कदमों से आगे बढ़ता है, वे आज आंगनबाड़ी केंद्रों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और मुस्कान के साथ संवर रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र कभी केवल पोषण और देखभाल तक सीमित माने जाते थे, वे अब प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण रोजगार के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ के जशपुर, सूरजपुर, रायगढ़, महासमुंद, धमतरी, मुंगेली और नारायणपुर जैसे जिलें में दिख रहा यह सकारात्मक बदलाव अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणास्रोत बन रहा है। भवन ही बन गया शिक्षक : ‘बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड’ की अभिनव पहल महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से निर्मित आधुनिक आंगनबाड़ी भवनों ने Building as Learning Aid (BALA) की अवधारणा को साकार रूप दिया है। लगभग 11.69 लाख रुपए की लागत से बने इन भवनों में दीवारों, फर्श, सीढ़ियों और खुले स्थानों को शिक्षण सामग्री के रूप में विकसित किया गया है। रंग-बिरंगी चित्रकारी के माध्यम से बच्चों को हिंदी-अंग्रेजी वर्णमाला, अंक, आकृतियाँ, दिशाएँ, जीव-जंतु और स्थानीय परिवेश की जानकारी सहजता से मिल रही है। अब हर दीवारें बोलती हैं, हर कोना सिखाता है आंगनबाड़ी स्वयं एक जीवंत पाठशाला बन गई है। धमतरी का ‘बाला मॉडल’ : सीखने का नया अनुभव धमतरी जिले में बाला मॉडल ने प्रारंभिक बाल शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने की दिशा में उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। मनरेगा, आईसीडीएस और 15वें वित्त आयोग के सहयोग से 81 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ, जिनमें से 51 पूर्ण हो चुके हैं। ग्राम उड़ेंना का केंद्र इस बदलाव की जीवंत तस्वीर है, जहाँ विशेष पिछड़ी जनजाति कमार वर्ग के बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। दीवारों पर स्थानीय संस्कृति, गणितीय अवधारणाएँ और भाषा चार्ट, फर्श पर रंग और आकार तथा सीढ़ियों पर गिनती जैसे नवाचार बच्चों में जिज्ञासा और सीखने की रुचि को बढ़ा रहे हैं। शिक्षा के साथ रोजगार का मजबूत आधार मनरेगा के तहत आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण ने दोहरा लाभ दिया है। एक ओर गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना विकसित हुई है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार के अवसर मिले हैं। इससे परिवारों की आय में वृद्धि हुई है और ग्रामीणों के पलायन में कमी आई है। इस प्रकार आंगनबाड़ी केवल बच्चों के विकास का केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का माध्यम भी बन गया है। खेल-खेल में सीखता बचपन, खिलखिलाता माहौल महासमुंद के शहरी क्षेत्रों से लेकर नारायणपुर के दूरस्थ वनांचल तक, आंगनबाड़ी केंद्रों में नया वातावरण साफ दिखाई देता है। आकर्षक दीवारें, शैक्षणिक चार्ट, कविताएँ और खेल सामग्री ने इन्हें आधुनिक प्ले-स्कूल जैसा रूप दे दिया है। बच्चे अब उत्साह के साथ केंद्र आते हैं और भाषा, गणित व व्यवहारिक ज्ञान को आनंदपूर्वक सीखते हैं। पोषण, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता का केंद्र आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। यहाँ पोषण, पूरक पोषण आहार टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श सेवाएँ नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। दीवारों पर लिखे संदेश “जितनी बेहतर वजन रेखा, उतना स्वस्थ बच्चा” और “लड़का-लड़की एक समान” सामाजिक परिवर्तन का संदेश भी दे रही हैं। कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। इससे माताओं और बालिकाओं को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। स्वच्छता, सुरक्षा और जनभागीदारी आरओ जल, स्वच्छ रसोई, सुरक्षित खेलघर और नियमित साफ-सफाई ने केंद्रों को बाल-अनुकूल बनाया है। महतारी समितियों की सक्रिय भागीदारी से बच्चों की उपस्थिति और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सशक्त भारत की मजबूत नींव आंगनबाड़ी केंद्रों का यह परिवर्तन राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पोषण अभियान के लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर साकार कर रहा है। 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित प्रत्येक केंद्र अब बच्चों के सर्वांगीण विकास, महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार का समन्वित मॉडल बन चुका है। आज आंगनबाड़ी केंद्र वास्तव में “बच्चों की पहली पाठशाला” बन गए हैं, जहाँ शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और रोजगार मिलकर एक सशक्त, समावेशी और विकसित भारत की नींव रख रहे हैं। * डॉ. दानेश्वरी संभाकर उप संचालक (जनसंपर्क)

‘सेवा सेतु’ से सुशासन और पारदर्शिता को मिलेगी नई मजबूती – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण 'सेवा सेतु' का किया शुभारंभ 'सेवा सेतु’ से सुशासन और पारदर्शिता को मिलेगी नई मजबूती – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आधुनिक तकनीक और AI से सशक्त हुआ सुशासन: ‘सेवा सेतु’ से 441 सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर अब सेवाएं नागरिकों के हाथ में: ‘सेवा सेतु’ से घर बैठे मिलेगी 441 सरकारी सुविधाएं ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी नागरिक सेवाओं की डिजिटल सुविधा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा आमजन तक प्रभावशाली, पारदर्शी और डिजिटल नागरिक सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगण उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से डिजिटल नागरिक सेवाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी। वर्ष 2003 में प्रारंभ हुए चॉइस (CHOICE) मॉडल से लेकर वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब ‘सेवा सेतु’ तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक लंबी और उल्लेखनीय यात्रा तय की है तथा यह प्लेटफॉर्म अब नागरिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुका है, जिससे लाखों नागरिकों को लाभ मिला है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी सेवाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त की जा सकेगी। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे प्रमुख प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं और इतने ही प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ यह प्लेटफॉर्म एक सशक्त “वन स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘सेवा सेतु’ राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का संचालन राज्य स्तर पर चिप्स (CHiPS) द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिला स्तर पर जिला कलेक्टर के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के माध्यम से इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधार, व्हाट्सएप और ‘भाषिणी’ जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकृत उपयोग किया गया है, जिससे नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजी लॉकर, ई-प्रमाण और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण कर सेवाओं को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है।  ‘सेवा सेतु’ में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन भुगतान कर तत्काल डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकेंगे तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संभव होगी। पोर्टल में क्यूआर कोड आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं तथा यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी। राज्य में सेवाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं, जहां से नागरिक आसानी से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।  ‘सेवा सेतु’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जनसेवा के केंद्र में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से बाधारहित बनाया गया है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है और सेवाएं सीधे नागरिकों के हाथों तक पहुंच रही हैं।व्हाट्सएप इंटरफेस के माध्यम से नागरिक विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, पावती रसीद और दस्तावेजों के लिंक तुरंत प्राप्त कर सकेंगे तथा अनुमोदन के पश्चात डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे।  वर्तमान में यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे शीघ्र ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा। प्रत्येक प्रमाण-पत्र में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन की सुविधा दी गई है, जबकि कैप्चा, ओटीपी और ईमेल आधारित प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा को सुदृढ़ करती हैं। नागरिकों की पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा सुरक्षित लॉगिन हेतु डिजिलॉकर और ई-प्रमाण जैसी प्रणालियों को एकीकृत किया गया है।  ‘भाषिणी’ के सहयोग से यह पोर्टल 22 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे हर नागरिक अपनी भाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेगा। नागरिक ‘सेवा सेतु’ में उपलब्ध सेवाओं का लाभ वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे तथा फीडबैक सुविधा के माध्यम से अपने सुझाव भी दे सकेंगे, जिनके आधार पर इस परियोजना को निरंतर बेहतर बनाया जाएगा।  इस अवसर पर मुख्यसचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह,  मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

BJP की धाक दिल्ली नगर निगम में, प्रवेश वाही बने मेयर, मोनिका पंत डिप्टी मेयर

नई दिल्ली दिल्ली नगर निगम की सियासत में बुधवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रवेश वाही को नया मेयर चुना गया. पीठासीन अधिकारी राजा इकबाल सिंह ने प्रवेश वाही के मेयर चुने जाने की आधिकारिक घोषणा की. रोहिणी ईस्ट से पार्षद प्रवेश वाही ने कुल 156 वोट हासिल किए, जिनमें इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 14 पार्षदों का भी समर्थन शामिल रहा. वहीं कांग्रेस उम्मीदवार हाजी जराफ को महज 9 वोट मिले।  आनंद विहार से बीजेपी पार्षद मोनिका पंत को 156 वोटों के साथ डिप्टी मेयर चुना गया. स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) के लिए बेगमपुर से पार्षद जय भगवान यादव और पहाड़गंज से पार्षद मनीष चड्ढा निर्वाचित हुए, जबकि शालीमार बाग से पार्षद जलज चौधरी भी इस पैनल में चुने गए. मेयर चुने जाने के बाद प्रवेश वाही ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि आने वाले महीनों में दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने और विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया जाएगा।  उन्होंने कहा, 'हम दिल्ली को स्वच्छ बनाएंगे और विकास के लिए निरंतर काम करेंगे.' इस बार मेयर चुनाव के लिए कुल 273 वोटों का इलेक्टोरल कॉलेज था, जिसमें 249 पार्षद, दिल्ली विधानसभा द्वारा नामित 14 विधायक, 7 लोकसभा सांसद और 3 राज्यसभा सदस्य शामिल थे. जीत के लिए 137 वोटों की जरूरत थी, जिसे बीजेपी उम्मीदवार ने आसानी से पार कर लिया. दिलचस्प बात यह रही कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस चुनाव से दूरी बनाई और मतदान में हिस्सा नहीं लिया।  आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह फैसला बीजेपी को एमसीडी की जिम्मेदारी संभालने देने और उसके कामकाज को जनता के सामने उजागर करने के लिए लिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के सभी स्तरों पर होने के बावजूद बीजेपी दिल्ली में कोई बड़ा बदलाव नहीं ला सकी है. इससे पहले नवंबर 2024 में आम आदमी पार्टी के महेश कुमार खिंची बेहद करीबी मुकाबले में तीन वोटों से मेयर चुने गए थे. बता दें कि 22 मई 2022 को पूर्वी दिल्ली नगर निगम, उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को एकीकृत कर एक ही संस्था- दिल्ली नगर निगम (MCD) का गठन किया गया था। 

UAE के OPEC छोड़ने से भारत को फायदा, पाकिस्तान को नुकसान: जानिए किसे कितना फायदा हुआ

नई दिल्ली संयुक्त अरब अमीरात ने अपने हालिया कदमों से साफ संकेत दे दिया है कि वह पाकिस्तान-सऊदी अरब गठजोड़ के खिलाफ रणनीति बना रहा है. तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC से बाहर निकलने का उसका फैसला सऊदी अरब को बड़ा झटका देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं ये फैसला पाकिस्तान के लिए भी बड़ा मैसेज बनकर सामने आया है, जिसने पड़ोसी मुल्क की पेशानी पर निशान ला दिए हैं।  पाकिस्तान को झटका तो क्या भारत को लाभ? इसे पूरे मामले को भारत के लिहाज से देखें तो सवाल उठता है कि क्या ये फैसला भारत के पक्ष में जा सकता है? असल में यूएई के इस फैसले से ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में कमी आ सकती है. इसका सीधा फायदा भारत जैसे आयात करने वाले देशों को मिल सकता है, क्योंकि उनका तेल खर्च कम होगा और महंगाई पर भी असर पड़ेगा. एक्सपर्ट्स के नजरिये को समझें तो यह कदम भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।  ऐसे में जहां भारत को सस्ते तेल और मजबूत ऊर्जा साझेदारी का फायदा मिल सकता है, वहीं पाकिस्तान के लिए यह स्थिति आर्थिक दबाव और रणनीतिक असहजता बढ़ाने वाली बन सकती है। UAE ने क्यों लिया ऐसा फैसला?  अब इस पूरे फैसले को कैनवस पर और बड़ा करके देखें तो नजर आता है कि इससे पहले कई घटनाक्रम तेजी से सामने आए. ईरान के साथ टकराव के दौरान यूएई को सीधे हमलों का सामना करना पड़ा, जबकि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों से उसे वह समर्थन नहीं मिला जिसकी उसे उम्मीद थी. वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कर खुद को पीछे खींच लिया है, जिससे यूएई खुद को सैन्य रूप से असुरक्षित महसूस करने लगा।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल और अमेरिका की ओर से तेहरान पर हमलों के बाद सबसे ज्यादा जवाबी कार्रवाई का सामना यूएई को करना पड़ा. अबू धाबी के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 8 अप्रैल तक उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 537 बैलिस्टिक मिसाइल, 26 क्रूज मिसाइल और 2256 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया।  पाकिस्तान को लेकर क्या है UAE की राय? यूएई का मानना है कि पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाकर ईरान के खिलाफ सख्त रुख नहीं अपनाया, जिससे अबू धाबी में नाराजगी बढ़ी. विशेषज्ञों के अनुसार, यूएई इस संघर्ष को “ब्लैक-वाइट” की तरह देख रहा है, जहां बीच की कोई लाइन नहीं है. यही कारण है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता उसे रास नहीं आई।  इसी नाराजगी के चलते यूएई ने पाकिस्तान से 3.5 अरब डॉलर का कर्ज समय से पहले लौटाने की मांग कर दी, जो पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार का बड़ा हिस्सा था. हालांकि बाद में सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर का कर्ज देकर राहत दी और 5 अरब डॉलर की क्रेडिट लाइन देने का वादा किया।  पाकिस्तान और सऊदी के बीच रक्षा समझौता सितंबर 2025 में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रक्षा समझौता भी हुआ, जिसके तहत पाकिस्तान जरूरत पड़ने पर रियाद की सुरक्षा के लिए अपने परमाणु और मिसाइल संसाधन दे सकता है. ईरान के हमलों के बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब को इस समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।  UAE और भारत के मजबूत संबंध इन घटनाओं के बीच खाड़ी देशों के भीतर दरार साफ नजर आने लगी है. जहां यूएई भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए हुए है, वहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच एक नए रणनीतिक गठजोड़ की चर्चा हो रही है. यमन और सूडान जैसे क्षेत्रों में भी सऊदी अरब और यूएई के बीच मतभेद बढ़े हैं।  यमन में 2015 के सैन्य हस्तक्षेप के दौरान दोनों देश साथ थे, लेकिन बाद में रणनीति को लेकर टकराव बढ़ गया. सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों के साथ राजनीतिक समाधान की कोशिश की, जबकि यूएई ने अलगाववादियों का समर्थन किया. इसी तरह, सूडान में भी दोनों देश अलग-अलग गुटों का समर्थन कर रहे हैं।  तेल उत्पादन को लेकर भी दोनों देशों के बीच मतभेद सामने आए हैं. दशकों से सऊदी अरब OPEC का नेतृत्व करता रहा है, लेकिन यूएई अब अपने उत्पादन पर किसी तरह की पाबंदी नहीं चाहता. OPEC से बाहर निकलने के बाद यूएई अब अपनी पूरी क्षमता से तेल उत्पादन कर सकेगा, जो वैश्विक बाजार में उसके लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद हो सकता है।  सऊदी के साये में नहीं रहना चाहता UAE यूएई के ऊर्जा मंत्री सुनील मोहम्मद अल माजुरी ने कहा कि यह फैसला देश की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति और बाजार की जरूरतों के अनुरूप लिया गया है. वहीं उद्योग मंत्री सुल्तान अल जाबर ने इसे राष्ट्रीय हित और वैश्विक ऊर्जा स्थिरता के लिहाज से जरूरी कदम बताया।  करीब 59 साल बाद OPEC से अलग होने का यूएई का यह फैसला वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सऊदी अरब के साथ उसके संबंध पूरी तरह खत्म हो गए हैं. दोनों देश अब भी बड़े व्यापारिक साझेदार हैं और GCC के सदस्य हैं. लेकिन इतना तय है कि अबू धाबी ने यह साफ कर दिया है कि वह अब सऊदी नेतृत्व के साए में रहने को तैयार नहीं है. मौजूदा युद्ध, नाकेबंदी और बदलते गठजोड़ के बीच यूएई का यह कदम खाड़ी राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत कर सकता है। 

960 मीटर लंबा फ्लाईओवर जाम से छुटकारा दिलाएगा, अयोध्या रोड-सीतापुर रोड की राह आसान

 लखनऊ  इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर अब जाम नहीं लगेगा, क्योंकि यहां फ्लाईओवर मई माह से बनने जा रहा है। कार्यदायी संस्था ने अपनी मशीनें जहां शहर के बाहर स्थित यार्ड में पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं कर्मचारियों ने इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के आसपास नाप जोख भी शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग की एनएच शाखा इस फ्लाईओवर का निर्माण करवाने जा रही है। इसे डेढ़ साल से पौने दो साल में बनाकर तैयार कर लिया जाएगा। यह 960 मीटर लंबा होगा और इसके निर्माण पर करीब 108 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस फ्लाईओवर को बनवाने के लिए क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा पिछले कई सालों से प्रयासरत थे। रक्षामंत्री व सांसद राजनाथ सिंह द्वारा खुर्रमनगर फ्लाईओवर के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने ही रक्षामंत्री ने इंजीनियरिंग कालेज चौराहे का प्रस्ताव रखा था, विधायक ने भी नितिन गडकरी को पत्र लिखकर मांग की थी। अब यह बनने जा रहा है। इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर बनने वाले फ्लाईओवर के मार्ग में यहां बना फुटओवर ब्रिज बाधा बना हुआ था, अब इसे भी लोक निर्माण विभाग स्थायी रूप से हटा देगा। फ्लाईओवर बनने से अयोध्या रोड से सीतापुर रोड के बीच वाहनों की रफ्तार और बेहतर होगी। लोक निर्माण विभाग की एनएच शाखा ने सभी प्रकार की औपचारिकताएं अपने स्तर से पूरी कर ली हैं। बिजली विभाग, जलकल की लाइनों को शिफ्ट करने के लिए संबंधित विभागों को भी निर्देशित कर दिया गया है। उद्देश्य है कि निर्माण के दौरान कोई टूट फूट न हो, जिससे आम नागरिकों को परेशानी उठनी पड़े। स्थानीय लोगों के मुताबिक चार लेन का फ्लाईओवर आईआईएम रोड फ्लाईओवर से मडियांव फ्लाइओवर, इंजीनियरिंग कालेज फ्लाइओवर, टेढ़ी पुलिया फ्लाईओवर, खुर्रमनगर फ्लाइओवर, मुंशी पुलिया फ्लाइओवर और पालीटेक्निक फ्लाइओवर होते हुए अयोध्या रोड पर सीधे पहुंच सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इस सुविधा से हाईकोर्ट से लेकर सीतापुर रोड तक लगने वाला ट्रैफिक जहां काफी हद तक कम हो जाएगा, वहीं वाहनों को रफ्तार मिलेगी। इन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा मिलेगा लाभ इंजीनियरिंग कालेज चौराहे पर फ्लाइओवर बनने से विकास नगर, खुर्रमनगर, गुडंबा, जानकीपुरम व जानकीपुरम विस्तार के आसपास बसी पांच लाख आबादी को राहत मिलेगी और सर्विस लेन पर जो जाम लगता था, उस पर नियंत्रण काफी हद तक होगा।     मई 2026 से इंजीनियरिंग कालेज चौराहे पर बनने वाले फ्लाइओवर का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।- राज कुमार पिथौरिया, अधिशसाी अभियंता, एनएच (शाखा) पीडब्ल्यूडी  

स्मार्ट सिटी से खेल सुविधाओं तक: सोनीपत के लिए भाजपा का बड़ा विकास एजेंडा

सोनीपत भारतीय जनता पार्टी ने आगामी निकाय चुनाव के लिए सोनीपत नगर निगम का विशेष 'संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। 'समर्पित सेवा-सशक्त सुशासन' के वादे के साथ पार्टी ने शहर के बुनियादी ढांचे, खेल सुविधाओं और महिला सुरक्षा के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं।   सोनीपत के लिए बड़े विकास प्रोजेक्ट्स     जल प्रबंधन: शहर में लगभग 390 करोड़ की लागत से आधुनिक जल निकासी प्रणाली का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, गांव राठधना (90 करोड़) और गांव देवडू (20 करोड़) में नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। जल आपूर्ति के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹50 करोड़ खर्च होंगे।     स्मार्ट सिटी और सुरक्षा: शहर की निगरानी के लिए 200 करोड़ की लागत से 'एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र' (ICCC) बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रमुख स्थानों पर व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जाएगा।     सड़कें और पार्किंग: नगर निगम क्षेत्र के सभी सेक्टरों में 50 किमी मुख्य सड़कों और ग्रीन बेल्ट के कार्यों पर ₹190 करोड़ खर्च किए जाएंगे। जाम की समस्या से निपटने के लिए ₹80 करोड़ की लागत से मल्टी-लेवल पार्किंग बनाई जाएगी।   खेल और सामुदायिक सुविधाएं     खेलों को बढ़ावा: सेक्टर-4 स्पोर्ट्स स्टेडियम में ₹50 करोड़ की लागत से अतिरिक्त खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा, गांव लहराडा (20 करोड़) और ऋषि कॉलोनी (10 करोड़) में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे।       जनसुविधाएं: शहर में 40 करोड़ की लागत से 520 सीटों वाला सभागार और सेक्टर-23 में 10 करोड़ की लागत से आधुनिक डिस्पेंसरी का निर्माण होगा। ड्रेन नंबर 6 के सौंदर्यीकरण और शॉपिंग एरिया के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है।   महिलाओं और नागरिकों के लिए विशेष पहल     पिंक टॉयलेट: महिलाओं के लिए सभी निकायों में पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे, जहाँ सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और शिशु आहार कक्ष जैसी सुविधाएं मिलेंगी।       मालिकाना हक और टैक्स राहत: 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को मकानों का वैध मालिकाना हक (रजिस्ट्री) दिया जाएगा। महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड मकानों पर 25% हाउस टैक्स छूट दी जाएगी।       डिजिटलीकरण: प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और बिल्डिंग प्लान अप्रूवल जैसी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा।  

छत्तीसगढ़ टॉपर्स में चमकी कवर्धा की रिया, 98.83% अंक लेकर बनीं सेकंड टॉपर

कवर्धा आज कक्षा दसवीं और बारहवीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए। कक्षा दसवीं की मेरिट लिस्ट में कवर्धा के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी मीडियम स्कूल कवर्धा की छात्रा रिया केशरवानी ने पूरे प्रदेश की मेरिट सूची में दूसरा स्थान हासिल किया है। प्रदेश की मेरिट सूची में रिया ने लहराया परचम उन्होंने 600 अंकों में 593 अंक प्राप्त किए हैं, और 98.83 प्रतिशत के साथ पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर रही हैं। रिया की इस ऐतिहासिक सफलता से स्कूल और जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन हुआ है। कलेक्टर ने दी बधाई और शुभकामनाएं कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने जिला प्रशासन की ओर से छात्रा रिया केशरवानी, उनके माता-पिता और परिजनों एवं स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि रिया की यह सफलता दूसरे छात्रों को प्रेरणा देगी।