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High Court Summer Vacation 2026: 18 मई से 12 जून तक न्यायालयों में छुट्टियां घोषित

बिलासपुर. समर वेकेशन को लेकर हाईकोर्ट ने अधिसूचना जारी कर दी है. हाईकोर्ट द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 18 मई 2026 (सोमवार) से 12 जून 2026 (शुक्रवार) तक ग्रीष्म अवकाश रहेगा. 15 जून 2026 (सोमवार) से हाईकोर्ट फिर नियमित रूप से खुलेगा. अवकाश के दौरान भी जरूरी मामलों की सुनवाई जारी रहेगी. इसके लिए वेकेशन जजों की नियुक्ति की गई है, जो सुबह 10:30 बजे से कोर्ट की कार्रवाई  करेंगे और जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाया भी जा सकेगा. अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि समर वेकेशन (Bilaspur High Court) के दौरान सिविल, क्रिमिनल और रिट से जुड़े मामलों की फाइलिंग जारी रहेगी, जबकि जरूरी मामलों के लिए अलग से आवेदन देना होगा. जमानत मामलों में अलग से अर्जेंट हियरिंग आवेदन की जरूरत नहीं होगी और उन्हें स्वतः सूचीबद्ध किया जाएगा. अन्य लंबित मामलों की सुनवाई के लिए अर्जेंट आवेदन अनिवार्य रहेगा. इस दौरान रजिस्ट्री कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा, लेकिन शनिवार, रविवार और शासकीय अवकाश में बंद रहेगा. कोर्ट ने यह भी तय किया है कि वेकेशन जज 19, 21, 26 और 28 मई और 2, 4, 9 और 11 जून 2026 को सुनवाई करेंगे. वहीं जो मामले तय समय पर नहीं पहुंच पाएंगे, उन्हें अगली तारीख पर अलग सूची में शामिल किया जाएगा. आदेश मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर रजिस्ट्रार (न्यायिक) सुमित कपूर द्वारा जारी किया गया है.

मुख्यमंत्री योगी ने किया ऐलान, पुलिस में एक लाख नई भर्ती इस वर्ष

पुलिस में एक लाख नई भर्ती इसी वर्ष: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालकों/प्रधान परिचालकों (यांत्रिक) को प्रदान किए गए नियुक्ति पत्र  मुख्यमंत्री ने मंच पर दिए 10 नवचयनितों को नियुक्ति पत्र, कहा- ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे रही यूपी पुलिसः सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि योग्य, क्षमतावान, स्वत: स्फूर्त भाव के साथ नौजवान यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनना चाहता है और इसके लिए भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड युवाओं को अच्छा अवसर उपलब्ध कराएगा। उप्र पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड इस वर्ष लगभग एक लाख नई भर्ती करने जा रहा है। पिछले तीन दिन में यूपी होमगार्ड में भी 41 हजार भर्ती के लिए परीक्षा हुई। सिविल पुलिस, एसआई, होमगार्ड आदि की भर्ती प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है।  मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में पुलिस दूरसंचार विभाग पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।  ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए सीएम ने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि सभी चाहते थे कि ईमानदारी से भर्ती हो। डबल इंजन सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है कि भर्ती निष्पक्ष व ईमानदारी से हुई। अब आपका भी दायित्व है कि साफ नीयत, ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ यूपी पुलिस के माध्यम से सेवा देकर राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। हर भारतीय नागरिक जब अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी। किसी व्यक्ति, जाति, मत-मजहब का अहंकार या व्यक्तिगत इच्छा, राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकती।  9 वर्ष पहले होता था लेनदेन और नियुक्ति में भेदभाव  सीएम योगी ने कहा कि जिस निष्पक्षता से पुलिस भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई, वह 9 वर्ष पहले संभव नहीं थी। पहले प्रक्रिया ही सकुशल संपन्न नहीं होती थी। लेनदेन, नियुक्ति में भेदभाव होता था, परंतु अब पूरी प्रक्रिया में किसी को भी सिफारिश व पैसा नहीं देना पड़ता है। सिर्फ योग्यता, क्षमता व आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संपन्न होती है। प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया गया है कि यदि क्षमता है तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अब आपको भी शुद्ध नीयत के साथ कार्य करना है। कभी बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश सामूहिक प्रयास की बदौलत अब भारत के विकास में योगदान दे रहा है। 9 वर्ष में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की यूपी पुलिस में भर्ती सीएम योगी ने कहा कि परसों (रविवार) ही प्रदेश के 112 केंद्रों पर पुलिस के 60 हजार आरक्षियों की दीक्षांत परेड हुई, यानी एक साथ 60 हजार आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बने, जो अब फील्ड में मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे। 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती संपन्न हुई है, जबकि देश के कई राज्यों में पुलिस की कुल इतनी स्ट्रेंथ भी नहीं है। सीएम ने नवचयनितों से कहा कि आपको देश की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने और दूरसंचार शाखा के जरिए 25 करोड़ की आबादी की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।  साफ नीयत, स्पष्ट नीति और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष पहले संकट था कि कहां ट्रेनिंग होगी, लेकिन अब इस दृष्टि से जगह की कमी नहीं रही। 2017 के पहले एक बार में केवल 3 हजार पुलिस कार्मिकों की ही ट्रेनिंग करा सकते थे, लेकिन 2025 में एक साथ 60,244 पुलिस आरक्षियों की ट्रेनिंग यूपी के सेंटरों में हुई। इसके जरिए यूपी पुलिस ने दिखाया कि नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो परिणाम लाया जा सकता है। पासिंग आउट परेड के बाद आरक्षी जनपदों में ड्यूटी के लिए निकल रहे हैं। अब इन ट्रेनिंग सेंटर्स पर आप लोगों का प्रशिक्षण शुरू होगा। खेलों में यूपी पुलिस प्राप्त करती है अधिक मेडल सीएम योगी ने कहा कि यूपी पहला राज्य है, जिसने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनाया है। उसी का परिणाम है कि जब भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स मीट होती है तो यूपी पुलिस अधिक मेडल प्राप्त करती है। देश-दुनिया में उसके मेडल की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा होती है। इसके जरिए फोर्स अपनी क्षमता को भी प्रदर्शित करती है।  यूपी पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि सीएम योगी ने कहा कि पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि की गई है। 2017 में 10 जनपदों में पुलिस लाइन ही नहीं थी। कई थानों के खुद के भवन नहीं थे। पुलिस की सामान्य सुविधाओं, बैरक आदि का अभाव था। आज 55 जनपदों में हाईराइज बिल्डिंग में पुलिस के जवानों के बैरक व आवासीय सुविधाएं हैं। मॉडल थाने, नए फायर स्टेशन स्थापित हो रहे हैं। एसएसएफ, एसडीआरएफ, तीन नई महिला पीएसी बटालियनें गठित हुई हैं। तीन नए कानून जुलाई 2024 में लागू हुए हैं, लेकिन यूपी ने पहले ही तैयारी कर ली थी। यूपी का स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। ए ग्रेड की 12 एफएसएल यूनिट कार्य कर रही है। छह निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब कार्य कर रही हैं। सैंपल कलेक्ट करने के लिए निपुण टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं।  भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी योगदान दे रही यूपी पुलिस सीएम योगी ने कहा कि पुलिस अब केवल कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ ही प्रदेश को सिर्फ माफिया-दंगा मुक्त प्रदेश ही नहीं बना रही है, बल्कि भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप में योगदान दे रही है। कानून का राज विकास की पहली गारंटी है। कानून का राज स्थापित होने से देश-दुनिया का निवेशक यूपी में आ रहा है। अब हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर लेते हैं।  सीएम ने फिट रहने का दिया मंत्र सीएम योगी ने दूरसंचार पुलिस बल में नवचयनित 936 अभ्यर्थियों से कहा कि अब संचार यूनिट को और सशक्त बनाने में मदद … Read more

गंगा एक्सप्रेसवे आईएमएलसी में निवेशकों को मिलेगा बड़ा लाभ, सब्सिडी और सिंगल विंडो सिस्टम के साथ तैयार है सपोर्ट

गंगा एक्सप्रेसवे आईएमएलसी: निवेशकों के लिए ‘हाई-इंसेंटिव कॉरिडोर’, सब्सिडी से सिंगल विंडो तक पूरा सपोर्ट सिस्टम तैयार कैपिटल सब्सिडी और एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट से लागत में बड़ी राहत एफडीआई और भूमि पर विशेष रियायतें, स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट पावर, ग्रीन और आरएंडडी इंसेंटिव से इंडस्ट्री को बढ़ावा ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो और पीएलआई टॉप-अप से आसान निवेश लखनऊ  गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) अब केवल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि हाई-इंसेंटिव इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में उभर रहे हैं। योगी सरकार द्वारा दी जा रही बहुस्तरीय सब्सिडी, टैक्स छूट, सिंगल विंडो सिस्टम और पीएलआई टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों के लिए इसे देश के सबसे आकर्षक औद्योगिक गंतव्यों में बदल रही हैं। सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इन आईएमएलसी को निवेश का बड़ा केंद्र बनाने के लिए बहुस्तरीय प्रोत्साहन नीति लागू की है, जिससे लागत कम और कारोबार आसान हो रहा है। कैपिटल सब्सिडी और एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट से लागत में बड़ी राहत गंगा एक्सप्रेसवे आईएमएलसी में निवेश करने वाले उद्योगों को उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत एलिजिबल कैपिटल इनवेस्टमेंट (ईसीआई) पर 42% तक कैपिटल सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। इसके साथ ही, 100% नेट एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट (ईसीआई के 300% तक) की सुविधा योग्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को दी जा रही है। इससे शुरुआती निवेश लागत में भारी कमी आती है और उद्योगों की वित्तीय व्यवहार्यता मजबूत होती है। एफडीआई और भूमि पर विशेष रियायतें, स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट राज्य सरकार ने विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। सरकारी भूमि पर फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी 80% तक और कैपिटल सब्सिडी 35% तक दी जा रही है। साथ ही, आईएमएलसी में स्थापित होने वाली इकाइयों को भूमि पंजीकरण पर 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट का लाभ मिलता है, जिससे जमीन अधिग्रहण और स्थापना की प्रक्रिया बेहद किफायती हो जाती है। पावर, ग्रीन और आरएंडडी इंसेंटिव से इंडस्ट्री को बढ़ावा औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ऊर्जा और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया गया है। एफडीआई और फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों को 5 वर्षों तक 100% बिजली शुल्क (इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी) में छूट दी जा रही है। ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए ₹2.5 करोड़ तक का इंसेंटिव (50% तक) उपलब्ध है। वहीं, रिसर्च एवं डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करने हेतु ₹10 करोड़ तक का आरएंडडी ग्रांट भी दिया जा रहा है, जिससे अत्याधुनिक तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो से आसान निवेश और पारदर्शिता निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो पोर्टल को मजबूत किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर 500 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं, भूमि आवंटन, स्वीकृति और इंसेंटिव ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और समय की बचत होती है। गंगा एक्सप्रेसवे आईएमएलसी में स्थापित उद्योगों को केंद्र सरकार की पीएलआई योजना के साथ 30% तक का अतिरिक्त टॉप-अप भी दिया जा रहा है। यह सुविधा विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रतिस्पर्धी बनाती है और बड़े निवेश को आकर्षित करने में मदद करती है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा वाराणसी में विभिन्न लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन आज यहां प्रधानमंत्री जी का आगमन हम सबके बीच में नारी शक्ति वंदन अधिनियम,जिसे संसद में प्रधानमंत्री जी ने पिछले 11-12 वर्ष में नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी सुरक्षा के लिए जिस अभियान को अपने हाथों में लिया था…  लाभार्थी परक योजना के साथ-साथ अब वह देश के कानून निर्माता के रूप में देश के लिए कुछ और बड़ी महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ा सकें.. एक समय सीमा के अंदर 2029 में उन्हें यह अधिकार प्राप्त हो और देश की विधायिका में, देश की संसद में, देश की विधानसभाओं में उन्हें 33 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित हो और उनका प्रतिनिधित्व हो, उसको रोकने की जो कुत्सित साजिश विपक्ष ने, कांग्रेस ने, समाजवादी पार्टी ने, इंडी गठबंधन ने किया है, उसके खिलाफ देश के अंदर आक्रोश की प्रतिध्वनि के रूप में आज हमें आधी आबादी के मन में वह आक्रोश झलकता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के क्रम में वाराणसी पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया गया। इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी समेत उत्तर प्रदेश सरकार में उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु', पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल मौजूद रहे।

पीएम मोदी गंगा एक्सप्रेसवे को आज राष्ट्र को समर्पित करेंगे, यूपी में विकास की नई राह खोलेगी

पीएम मोदी आज (बुधवार) राष्ट्र को समर्पित करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे, यूपी की ‘लाइफ लाइन’ पर दौड़ेगा विकास 594 किमी का मेगा कॉरिडोर पश्चिम से पूर्व तक जोड़ेगा प्रदेश को, औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और रोजगार को मिलेगा बड़ा बूस्ट मेरठ से प्रयागराज तक हाई-स्पीड कॉरिडोर कृषि विपणन, और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से गेमचेंजर साबित होगी प्रधानमंत्री विभिन्न गतिविधियों में लेंगे हिस्सा, यूपीडा की प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही जनसभा को करेंगे संबोधित लखनऊ  बुधवार को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया जाएगा, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर है। यह परियोजना न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी गेमचेंजर साबित होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी मजबूती प्रदान करेगा। 12 जिलों को सीधी कनेक्टिविटी, यात्रा समय में बड़ी कमी प्रधानमंत्री सुबह 11.15 पर हरदोई पहुंचेंगे और 12.55 पर यहां से वापस लौटेंगे। इस दौरान पीएम गंगा एक्सप्रेसवे का उदघाटन करने के साथ ही यूपीडा की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और साथ ही पौधरोपण करने के अलावा जनसभा समेत अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री जिस गंगा एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दिखाएंगे वह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। इस हाई-स्पीड मार्ग के चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। जहां पहले लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लगते थे, अब यह सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। इसके साथ ही, माल परिवहन की लागत में कमी आने से उद्योगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। पीपीपी मॉडल पर आधुनिक निर्माण गंगा एक्सप्रेसवे को पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे फिलहाल 6 लेन में तैयार किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह एक्सप्रेसवे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सेफ्टी फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं। एयरस्ट्रिप, आईटीएमएस और सुरक्षा की अत्याधुनिक व्यवस्था इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता शाहजहांपुर के पास बनाई गई लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं। इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। वाहनों की गति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास का नया केंद्र गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन क्लस्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किए जाएंगे। सरकार द्वारा दी जा रही कैपिटल सब्सिडी, एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट, स्टाम्प ड्यूटी छूट, पावर इंसेंटिव और पीले टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। अन्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी, बनेगा मजबूत नेटवर्क गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे (पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक) से जोड़ा जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में एक इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा, जो देश में सबसे बड़ा होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि माल ढुलाई तेज और सस्ती हो जाएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर कृषि आधारित उद्योग, मंडियां, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा। इसके साथ ही, पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और समग्र विकास सुनिश्चित होगा। रोजगार सृजन और निवेश का नया अध्याय गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिला है और आगे भी लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आईएम आईएमएलसी और औद्योगिक कॉरिडोर के विकसित होने से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों की रुचि बढ़ेगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राजधानी रायपुर में श्रमिक महासम्मेलन: 11 श्रमवीरों को मिलेगा ‘श्रमश्री’ सम्मान, ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी

राजधानी रायपुर में श्रमिक महासम्मेलन: 11 श्रमवीरों को मिलेगा ‘श्रमश्री’ सम्मान, ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी मो. कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी मनेंद्रगढ़ अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर प्रदेश की राजधानी रायपुर में इस वर्ष एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज होने जा रही है। ट्रेड यूनियन काउंसिल छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में 1 मई 2026 को भव्य श्रमिक महासम्मेलन एवं छत्तीसगढ़ श्रमश्री अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के श्रमिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। यह आयोजन राजधानी रायपुर स्थित मेकाहारा हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में दोपहर 1 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में श्रमिकों के योगदान को सम्मानित करते हुए 11 श्रमवीरों को ‘श्रमश्री अलंकरण’ से नवाजा जाएगा, जो प्रदेश के श्रमिक वर्ग के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। गौरतलब है कि पूर्व में यह प्रदेश स्तरीय आयोजन अंबिकापुर एवं एमसीबी जिले में सफलतापूर्वक आयोजित हो चुका है। अब राजधानी रायपुर में इसका आयोजन होना श्रमिक आंदोलन की बढ़ती ताकत और व्यापकता को दर्शाता है। ट्रेड यूनियन काउंसिल छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष एवं पूर्व विधायक गुलाब कमरो के नेतृत्व तथा संयोजक डॉ. जे.पी. श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में कार्यक्रम को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। आयोजकों के अनुसार, इस महासम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रमिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। प्रांताध्यक्ष गुलाब कमरो ने इसे श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह महासम्मेलन श्रमिकों की एकता, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक बनेगा। वहीं, संयोजक डॉ. जे.पी. श्रीवास्तव ने सभी श्रमिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। यह भव्य आयोजन न केवल श्रमिकों को सम्मानित करेगा, बल्कि उनके अधिकारों को मजबूत करने और समाज में उनकी भूमिका को पहचान दिलाने की दिशा में एक नई उपलब्धि स्थापित करेगा।

खोंगापानी बस स्टॉप पर सभी बसों का ठहराव अनिवार्य, सांसद ज्योत्सना महंत की पहल से मिली बड़ी राहत

खोंगापानी बस स्टॉप पर सभी बसों का ठहराव अनिवार्य, सांसद ज्योत्सना महंत की पहल से मिली बड़ी राहत मो. कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जनसमस्या का समाधान आखिरकार हो गया है। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत के हस्तक्षेप के बाद खोंगापानी बस स्टॉप पर अब सभी बसों का रुकना अनिवार्य कर दिया गया है। इस फैसले से क्षेत्र के हजारों यात्रियों, विशेषकर छात्रों, कर्मचारियों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है। हाल ही में आयोजित दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में सांसद महंत ने खोंगापानी नगर पंचायत क्षेत्र के बस स्टॉप पर बसों के नियमित ठहराव नहीं होने की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने इस मुद्दे को जनहित से जुड़ा बताते हुए अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया और यात्रियों को हो रही असुविधाओं पर गंभीर चिंता जताई। सांसद के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला परिवहन अधिकारी कोरिया द्वारा आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार खोंगापानी के निर्धारित बस स्टॉप पर सभी स्टेज कैरिज बसों का रुकना अब अनिवार्य होगा। साथ ही यात्रियों के सुरक्षित चढ़ने-उतरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई बस ऑपरेटर या परमिट धारक इस आदेश की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इससे परिवहन व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अब उन्हें सुरक्षित, नियमित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान को लोग बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने इसे जनहित में अहम कदम बताया, वहीं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने इसे जनता की आवाज़ की जीत बताया। खोंगापानी नगर पंचायत अध्यक्ष ललिता रामा यादव ने कहा कि इस फैसले से रोजमर्रा की परेशानी समाप्त होगी। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष कासिम अंसारी ने इसे छात्रों और युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी बताया। कुल मिलाकर, यह निर्णय न केवल आम नागरिकों को राहत देने वाला है, बल्कि क्षेत्र की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।

पिछड़ा वर्ग कल्याण में नई दिशा, योगी सरकार के तहत आयोग की बैठक में लिए गए अहम निर्णय

योगी सरकार के संरक्षण में पिछड़ा वर्ग कल्याण को नई दिशा, आयोग की बैठक में बड़े फैसले घुमन्तू विकास बोर्ड गठन की संस्तुति, शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश विमुक्त एवं घुमन्तू समुदायों के उत्थान के लिए अहम पहल हर पात्र तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर, तकनीक के इस्तेमाल के निर्देश लखनऊ उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की मासिक बैठक मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा भवन में सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने की। बैठक में योगी सरकार की मंशा के अनुरूप पिछड़े वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर अहम निर्णय लिए गए। बैठक में विशेष रूप से विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तू समुदायों के विकास को प्राथमिकता देते हुए 'उत्तर प्रदेश घुमन्तू विकास बोर्ड' के गठन की संस्तुति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई है। यह कदम योगी आदित्यनाथ सरकार की समावेशी विकास नीति को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है। आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, सोहन लाल श्रीमाली समेत अन्य सदस्यों की मौजूदगी में प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए।  राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। इसके लिए योजनाओं के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि पारदर्शिता के साथ हर जरूरतमंद तक लाभ पहुंच सके।

जंगल में जुए के अड्डे पर पुलिस का ताबड़तोड़ छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार, फिल्मी अंदाज में बड़ी सफलता

जंगल में जुए के अड्डे पर पुलिस का ताबड़तोड़ छापा, 5 आरोपी गिरफ्तार, फिल्मी अंदाज में बड़ी सफलता मो. कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी मनेन्द्रगढ़  जिले में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने फिल्मी अंदाज में एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार गुटरा के जंगल में लंबे समय से 52 पत्तों का जुआ संचालित हो रहा था, जिसकी सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रणनीतिक घेराबंदी कर दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से जुआरियों में अफरा-तफरी मच गई और कई भागने की कोशिश में जुट गए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से 5 जुआरियों को गिरफ्तार किया। साथ ही जुआ खेलने में इस्तेमाल सामग्री और नगदी भी जब्त की गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्ती के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम रोकने के लिए कांग्रेस, सपा समेत इंडी गठबंधन के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश: सीएम योगी

पीएम मोदी नए भारत के निर्माता, ‘विरासत से विकास’ को दी नई रफ्तार: योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम रोकने के लिए कांग्रेस, सपा समेत इंडी गठबंधन के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, पीएम मोदी ने नारी, गरीब, युवा और अन्नदाता किसानों को केंद्र में रखकर लागू कीं जन-लाभार्थी योजनाएं वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए भारत के निर्माता हैं और उनके विजन से देश ‘विरासत से विकास’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोकने के लिए विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के अन्य दलों ने जो प्रयास किए, उसके खिलाफ पूरे देश में आक्रोश है। मुख्यमंत्री मंगलवार को पीएम मोदी की उपस्थिति में बनारस लोकोमोटिव वर्क्स ग्राउंड में आयोजित ‘नारी वंदन सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे।   सीएम योगी ने सम्मेलन के दौरान प्रदेश की आधी आबादी और पूरे प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन का ही परिणाम है कि आज हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। यह नया भारत न केवल भौतिक विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है, बल्कि समग्र विकास की अवधारणा को भी साकार कर रहा है। ‘विरासत से विकास’ की इस नई यात्रा के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को पूरा कर रहा है। भारत को एक नई पहचान दिला रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि देश में चार ही जातियां हैं- नारी, गरीब, युवा और अन्नदाता किसान। इन चारों में हमारा पूरा समाज समाहित होता है। यह एक विराट विजन है, जिसके अनुरूप ये चारों वर्ग समग्र समाज और राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसीलिए हमने उन्हें भारत की राजनीति का केंद्र बनाकर प्रत्येक योजना का लाभ इन वर्गों तक पहुंचाया है। पीएम मोदी ने इन वर्गों के आर्थिक स्वावलंबन, सम्मान व सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए दूरदर्शी सोच के तहत ‘नए भारत’ और ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने का अभियान दिया है।  काशी आज पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब काशीवासी हैं, लेकिन काशी के बारे में जो धारणा पहले थी, वह पिछले 11–12 वर्षों में बदलती हुई दिखाई दी है। काशी आज पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन गई है। काशी, जो बाबा विश्वनाथ की शाश्वत चेतना का केंद्रबिंदु रही है, वह आज भव्य काशी विश्वनाथ धाम के रूप में पुनः हम सभी के सामने प्रकट हुई है। विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय न केवल काशी, बल्कि उत्तर प्रदेश और पूरे देश में दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री ने जिस परिवर्तन की शुरुआत काशी से की, वह आज पूरे देश में स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। जिसने भारत की सनातन परंपरा को जीवंतता प्रदान की और भारत की आत्मा को अपने भीतर संजोए रखा, वही काशी आज एक नए कलेवर में दुनिया के सामने दिखाई दे रही है।  नारी सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य किया पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी लगातार नारी सुरक्षा, सम्मान व सशक्तीकरण के लिए कार्य करते आ रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को लाभ देने वाली कई योजनाओं को धरातल पर उतारा। इसी क्रम में उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से एक समय-सीमा के भीतर महिलाओं के लिए संसद व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने,  उनका प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रयास किया। लेकिन, कांग्रेस व सपा समेत इंडी गठबंधन ने इसमें बाधा डाली और संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया। इससे इन दलों की नारी विरोधी प्रवृत्ति सोच का पता चलता है। देश की बहन व बेटियां इस कृत्य के लिए इन दलों को कभी माफ नहीं करेंगी। प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व आभार व्यक्त करने उमड़ी बहनें सीएम योगी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोकने के लिए विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी ने जो प्रयास किए, उसके खिलाफ देश में आधी आबादी के आक्रोश की प्रतिध्वनि सुनाई दे रही है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता और आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वागत के लिए उमड़ी बहनें इस बात की गवाह हैं कि प्रधानमंत्री के प्रत्येक मिशन के साथ आधी आबादी पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। आज काशी को विकास की एक नई सौगात मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी ने पिछले 11–12 वर्षों में विकास की लंबी यात्रा तय की है। इस दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काशी को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने का कार्य हुआ है। इनमें 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं काशी के धरातल पर उतर चुकी हैं, जबकि 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं। आज प्रधानमंत्री ने 6,300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर काशी को विकास की एक नई सौगात दी है।  प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दौरे के बाद सीधे काशी पहुंचे भीषण गर्मी के बावजूद सम्मेलन में दोपहर 3 बजे से ही उपस्थित बहनों का अभिवादन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दौरे के बाद सीधे काशी पहुंचे हैं। वह यहां नारी शक्ति से संवाद करने, मां गंगा, मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ को नमन करने आए हैं। इस अवसर पर राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करेंगे प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री

बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करेंगे प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री रास्ते में भाजपा कार्यकर्ता व आमजन करेंगे स्वागत वाराणसी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रहेंगे।  पीएम व सीएम बुधवार सुबह लगभग 7 बजे काशी विश्वनाथ मंदिर शीश नवाने जाएंगे। रास्ते में प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पूरे मार्ग को सजाया गया है। यहां सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था भी की गई है।  भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए बरेका से काशी विश्वनाथ मंदिर मार्ग तक पांच प्वाइंट बनाए हैं। इन प्वाइंट पर भाजपा कार्यकर्ता ढोल नगाड़े, शंखनाद के साथ गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर स्वागत करेंगे। इन पांच प्वाइंट पर प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं काशी की जनता उपस्थित रहेगी। ये पांच प्वाइंट मंडुआडीह, पुलिस लाइन, लहुराबीर, मैदागिन, चौक एवं काशी विश्वनाथ मंदिर गेट मुख्य है।