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रिफॉर्म : अब हर होर्डिंग पर रहेगी रीयल-टाइम नजर

रायपुर सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों और नई पहलों के प्रचार-प्रसार में आउटडोर मीडिया एक अत्यंत प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित है। इसमें होर्डिंग्स, यूनिपोल्स, ब्रांडिंग, डिजिटल वॉल पेंटिंग्स और एलईडी वैन अभियान शामिल हैं। हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, बस स्टॉप्स तथा प्रमुख यातायात मार्गों जैसे उच्च आवागमन वाले स्थानों पर इसका प्रभाव विशेष रूप से अधिक होता है।  आउटडोर मीडिया के क्षेत्र में प्रभावी मॉनिटरिंग एक बड़ी चुनौती रही है। कई मामलों में यह शिकायतें सामने आई हैं कि वेंडर्स द्वारा सरकारी विज्ञापनों की स्थापना में देरी की गई या निगरानी के अभाव में उन्हें समय से पहले हटाकर उनकी जगह व्यावसायिक विज्ञापन लगा दिए गए।      इस समस्या के समाधान के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल करते हुए प्रौद्योगिकी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम ”प्रचार ऐप” विकसित किया गया है। यह प्रणाली तीन चरणों में कार्य करती है। पहले चरण में विभाग प्रचार अभियान की योजना बनाती है, पैनल में शामिल एजेंसियों और उनके एसेट्स का चयन कर प्रचार अभियान कार्य आवंटित करती है। दूसरे चरण में वेंडर्स प्रचार अभियान की समीक्षा कर क्रियान्वयन की योजना बनाती है और एसेट्स को माउंटर्स को सौंपती है। तीसरे चरण में माउंटर्स मैदानी स्तर पर निर्धारित स्थानों पर क्रिएटिव सामग्री स्थापित करती है।     रीयल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करने के लिए माउंटर्स हेतु एक एंड्रॉइड ऐप विकसित किया गया है। इसके माध्यम से माउंटर्स को जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो तीन चरणों में अपलोड करना अनिवार्य किया गया है-स्थापना से पहले, स्थापना के तुरंत बाद, और अभियान अवधि के दौरान प्रतिदिन कम से कम एक बार। इन तस्वीरों की पहले वेंडर एजेंसी द्वारा समीक्षा की जाती है और फिर उन्हें ऑनलाइन विभाग को भेजा जाता है।      यह एंड-टू-एंड प्रणाली पारदर्शिता को सुनिश्चित करती है और विभाग को सभी सक्रिय अभियानों की लगभग वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराती है। इससे प्रत्येक आउटडोर एसेट की अलग-अलग ट्रैकिंग संभव हो पाती है और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।      इसी क्रम में जनसंपर्क आयुक्त  रजत बंसल ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को पैनल में शामिल सभी एजेंसियों के साथ एक कार्यशाला आयोजित की। उन्होंने आउटडोर मीडिया की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित ”प्रचार ऐप” समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया।      यह नई प्रणाली 01 अप्रैल 2026 से होर्डिंग्स और यूनिपोल्स के लिए लागू की जा चुकी है और जल्द ही इसे एलईडी स्क्रीन, ब्रांडिंग तथा डिजिटल वॉल पेंटिंग्स जैसे अन्य प्रारूपों तक भी विस्तारित किया जाएगा।      इसी तरह प्रिंटिंग पर काफी शिकायतें सामने आ रही थीं, इन शिकायतों के कारण टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। नई प्रिंटिंग पॉलिसी यथा-शीघ्र लागू की जावेगी। इस हेतु बेहतर एवं पारदर्शी पॉलिसी लागू करने के लिए विभिन्न राज्यों की मुद्रण नीतियों का अध्ययन किया जा रहा है।

रीवा शहर में जल प्रदाय योजना एवं सीवरेज सिस्टम कार्यों की वृहद समीक्षा की

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा शहर में संचालित जल प्रदाय योजना एवं सीवरेज सिस्टम से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, समय-सीमा तथा वित्तीय प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएँ, जिससे आम नागरिकों को समय पर सुविधाओं का लाभ मिल सके। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास  संजय दुबे, आयुक्त  संकेत भोंडवे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जल प्रदाय व्यवस्था के शेष सभी कार्य, विशेषकर ओवरहेड वाटर टैंक के निर्माण एवं जल वितरण नेटवर्क का विस्तार, आगामी वर्षा ऋतु से पहले हर स्थिति में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में नागरिकों की दैनिक जीवनचर्या प्रभावित न हो, इसके लिए कार्यों को सुनियोजित एवं चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाए। आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर उन्होंने बल दिया। सीवरेज सिस्टम की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने शेष पाइपलाइन बिछाने के कार्य तथा हाउस सर्विस कनेक्शनों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीवरेज नेटवर्क का समय पर पूर्ण होना शहरी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है, इसमें किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने एसटीपी निर्माण कार्य को भी प्राथमिकता से पूर्ण करने के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए

टोंटो-गोइलकेरा जंगल में ऑपरेशन तेज, हथियार और संदिग्ध सामग्री बरामद

 चाईबासा  पश्चिम सिंहभूम जिला के टोंटो-गोइलकेरा क्षेत्र के घने जंगलों में चल रहे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। CoBRA 209 बटालियन के साथ हुई मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया है। फिलहाल उसकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। घटनास्थल से शव के साथ हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई है, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। जानकारी के अनुसार, रूटुगुटू, बोरोई और तूनबेड़ा के आसपास के जंगलों में पिछले दो दिनों से लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा था। यह अभियान विशेष रूप से एक करोड़ के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा की तलाश में तेज किया गया था। बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों का माओवादियों से आमना-सामना हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। अजय महतो के दल का सदस्य मारा गया सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती मुठभेड़ के बाद भी इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने एक माओवादी को मार गिराया। अधिकारियों के अनुसार, मारा गया माओवादी कमांडर अजय महतो के दस्ते का सदस्य बताया जा रहा है, हालांकि उसकी आधिकारिक पहचान की पुष्टि अभी की जा रही है। पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है और सुरक्षा बल हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि बरामद हथियार और अन्य सामग्री की गहन जांच की जा रही है, जिससे माओवादी संगठन के नेटवर्क, मूवमेंट और भविष्य की योजनाओं के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। एक माओवादी की हत्या के बाद बढ़ी थी गतिविधि गौरतलब है कि हाल ही में गोइलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व माओवादी की हत्या की घटना सामने आई थी। इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिल रहे थे कि माओवादी सारंडा के जंगलों से निकलकर कोल्हान और आसपास के क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही संकेत दिए थे कि माओवादियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। ताजा मुठभेड़ इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है और जंगल इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

राजस्थान में साइबर क्राइम और एंटी नारकोटिक्स के DSPs की नई पोस्टिंग

जयपुर राजस्थान में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. बुधवार को प्रदेशभर में 52 उप पुलिस अधीक्षक (DSP) को ट्रांसफर का आदेश थमा दिया गया है. पुलिस निरीक्षक के पद से पदोन्नत हुए 52 उप पुलिस अधीक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का आदेश जारी किया गया है. यह आदेश डीजीपी ऑफिस, जयपुर की तरफ से जारी किया गया है. डीजीपी ऑफिस के आदेश में कहा गया कि पुलिस निरीक्षक से पदोन्नत अधिकारियों का तत्काल प्रभाव ट्रांसफर और पोस्टिंग किया जाता है. रामनिवास मीणा का साइबर क्राइम, अलवर की जिम्मेदारी अजयकांत राठौड़ को पुलिस आयुक्तालय जयपुर से पदोन्नत कर उप पुलिस अधीक्षक, सीआईडी (एसएसबी), मुख्यमंत्री सुरक्षा प्रकोष्ठ, जयपुर लगाया गया है. वहीं, नरेन्द्र कुमार को उप पुलिस अधीक्षक, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, जयपुर नियुक्त किया गया है. इसके अलावा रामनिवास मीणा को अलवर में साइबर क्राइम के उप पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है. नरपत सिंह ACB जयपुर में बने डिप्टी एसपी रविन्द्र कुमार को उप पुलिस अधीक्षक, राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में पोस्टिंग दी गई है. DSP के ट्रांसफर लिस्ट में नरपत सिंह चारण को जयपुर एसीबी में डिप्टी एसपी के पद पर लगाया गया है. वहीं, मुकेश शर्मा को भी राजस्थान पुलिस अकादमी के उप पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात किया गया है. महावीर सिंह यादव को उप पुलिस अधीक्षक, एसओजी, जयपुर पद पर जिम्मेदारी सौंपी गई है. मदन लाल को प्रतापगढ़ जिले में साइबर क्राइम का डिप्टी एसपी बनाया गया है. इसके अशोक चौधरी को भी डिप्टी एसपी बनाकर जयपुर एसआईटी में भेजा गया है. आनंद कुमार को श्रीगंगानगर जिले में साइबर क्राइम में डिप्टी एसपी के पद पर ट्रांसफर हुआ है. बुद्धराम को बाड़मेर साइबर क्राइम, पुरुषोत्तम महरिया को भरतपुर जिले में साइबर क्राइम और निरंजन प्रताप सिंह को जालोर जिले में साइबर क्राइम का उप पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.

तेज हवाओं ने बढ़ाई मुसीबत, कई जगह ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनें प्रभावित

 लखनऊ  बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बुधवार को बादलों की आवाजाही के बीच आंधी-पानी ने यातायात और ट्रेन के संचालन को काफी प्रभावित किया। आंधी और तेज हवा के कारण कई जगह रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनों को स्टेशनों पर रोक दिया गया। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के कई सेक्शन पर बुधवार को दोपहर में आयी आंधी और पानी के कारण पेड़ ओएचई पर गिर गए। हावड़ा से लखनऊ आ रही दून एक्सप्रेस को अयोध्या धाम से अयोध्या कैंट स्टेशन के बीच एक घंटा रोका गया। इसी तरह लखनऊ आ रही गोरखधाम एक्सप्रेस को मगहर में रोका गया। भारी बारिश और आंधी के कारण कई जगह रेलवे लाइन पर भी पेड़ गिरे हैं, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। अमेठी में रेलवे लाइन पर पेड़ की डाल गिरने के कारण बेगमपुरा एक्सप्रेस ट्रेन घंटों खड़ी रही। आंधी के कारण पेड़ विद्युत पोल पर गिरे और लाइन ठीक होने के बाद ट्रेन रवाना हुई। अमेठी के फुन्दनपुर में आंधी-बारिश के चलते पेड़ की डालियां वाहनों पर गिर गईं, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। अंबेडकनगर में करीब साढ़े तीन बजे धूल भरी आंधी आई। इसके बाद बारिश शुरू हो गई। इससे तेज धूप व गर्मी से राहत मिली। हालांकि, आंधी से शहर और दो सौ गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कुछ स्थानों पर पेड़ व खंभे भी गिर गए हैं। अब तक कहीं से जनहानि की सूचना नहीं है। लगातार प्रचंड गर्मी पड़ने के बाद सुलतानपुर में बुधवार को अपराह्न बाद आई आंधी-पानी ने तबाही मचाई। बल्दीराय क्षेत्र में पेड़ व छप्पर गिरने से एक बालिका समेत दो की मौत हो गई। वहीं पांच व्यक्ति घायल हो गए हैं। तेज आंधी के चलते कई जगह पेड़ धराशायी हो गए। इससे वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। आंधी-पानी के बाद गिरे पेड़ों के चलते बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। हरदोई में बुधवार को अचानक मौसम ने करवट बदल ली। सुबह होते ही आसमान में काले घने बादल छा गए और कुछ ही देर में धूल भरी तेज आंधी चलने लगी। देखते ही देखते हरियावां समेत अन्य क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई और ओलावृष्टि हुई।  जिससे अधिकतम तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 35.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके चलते लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं बिजली की आवाजाही बनी रही, जिससे लोगों को परेशानी हुई।  

पत्थर और व्यक्ति: बुद्ध की कहानी जो बताती है, अपनी कीमत खुद पहचानो

बुद्ध पूर्णिमा इस साल 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल यह वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है, इसलिए इसे वैशाखी पूर्णिमा भी कहा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, यह दिन भगवान गौतम बुद्ध को समर्पित है क्योंकि इनका जन्म इसी तिथि पर हुआ था. गौतम बुद्ध ने अपने पूरे जीवन में अहिंसा, सत्य, करुणा और शांति का संदेश दिया, जो आज भी लोगों को सही राह दिखाता है. गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़ी कई कहानियां व कथाएं भी हमें गहरी सीख देती हैं. उनकी ऐसी ही एक कथा आत्म-मूल्य को समझाने वाली है. आइए पढ़ते हैं वह कथा. जब अपनी कीमत जानने की खोज में बुद्ध के पास पहुंचा एक व्यक्ति कहानी के अनुसार, एक व्यक्ति गौतम बुद्ध के पास पहुंचा और उनसे पूछा कि, 'मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है और मेरी असली कीमत क्या है?'  गौतम बुद्ध ने सीधे जवाब देने के बजाय उसे एक पत्थर दिया और कहा कि, 'जाओ, इसकी कीमत बाजार में पूछकर आओ, लेकिन इसे बेचना मत चाहे कितना भी महंगा क्यों न हो.' वह व्यक्ति सबसे पहले एक फल बेचने वाले के पास गया. फलवाले ने पत्थर को देखकर कहा कि यह उसके ज्यादा काम का नहीं है, लेकिन इसकी चमक अच्छी है, इसलिए वह इसके बदले 10 आम दे सकता है. इसके बाद वह एक सब्जी वाले के पास गया, जिसने कहा कि इसके बदले एक बोरी आलू मिल सकते हैं. एक ही पत्थर, लेकिन हर जगह अलग कीमत क्यों? अब वह और हैरान हो गया कि एक ही पत्थर की अलग-अलग कीमत क्यों लग रही है. आखिर में वह एक जौहरी के पास पहुंचा. जौहरी ने पत्थर को ध्यान से देखा और कहा, 'यह तो बहुत कीमती रत्न है, मैं इसके लाखों रुपये देने को तैयार हूं.' जब व्यक्ति वहां से जाने लगा, तो जौहरी ने कीमत और बढ़ा-चढ़ाकर देने की बात कही. इसके बाद वह व्यक्ति वापस गौतम बुद्ध के पास आया और पूरी बात बताकर फिर वही सवाल पूछा. गौतम बुद्ध मुस्कुराए और बोले, 'तुमने देखा, हर किसी ने अपनी समझ के हिसाब से उस पत्थर की कीमत लगाई. लेकिन उसकी असली पहचान सिर्फ वही कर पाया, जिसे उसकी सही परख थी.' खुद को पहचानना है सबसे बड़ी ताकत गौतम बुद्ध ने समझाया कि इंसान की कीमत भी कुछ ऐसी ही होती है. हर कोई आपके गुणों को नहीं समझ पाएगा. असली बात यह है कि आप खुद को पहचानें और अपने अंदर छिपी खूबियों को निखारें. किसी भी व्यक्ति की असली कीमत दूसरों के विचारों से नहीं, बल्कि उसके आत्मविश्वास और उसकी पहचान से तय होती है.

एग्जिट पोल के लेटेस्ट आंकड़े: बंगाल और असम में भाजपा का दबदबा, TMC और कांग्रेस के लिए बुरी खबर

 नईदिल्ली  एग्जिट पोल 2026 के आंकड़े दिलचस्प और अलग-अलग तस्वीर दिखा रहे हैं. पश्चिम बंगाल में मुकाबला काफी कड़ा नजर आ रहा है. कुछ सर्वे बीजेपी को बढ़त देते हैं, जबकि कुछ टीएमसी की मजबूत वापसी का संकेत देते हैं. यहां अंतिम नतीजे चौंका सकते हैं. असम में तस्वीर अपेक्षाकृत साफ दिख रही है, जहां ज्यादातर एग्जिट पोल भाजपा गठबंधन को बहुमत से ऊपर बताते हैं और सत्ता वापसी के संकेत देते हैं. तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है, लेकिन एआईएडीएमके और टीवीके की मौजूदगी मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा नहीं होने दे रही. केरल में यूडीएफ को बढ़त मिलने के संकेत हैं, जिससे सत्ता परिवर्तन की संभावना बनती दिख रही है, हालांकि एलडीएफ भी करीबी टक्कर में है।  इन पांचों राज्यों में वोटिंग प्रतिशत काफी ज्यादा रहा है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं. एग्जिट पोल के आंकड़े केवल एक अनुमान होते हैं, जो वोटर्स के फीडबैक पर आधारित होते हैं. पूर्व में कई बार ये नतीजे गलत भी साबित हुए हैं, लेकिन इनसे हवा के रुख का पता जरूर चलता है।  चुनाव आयोग 4 मई को वोटों की गिनती करेगा. उसी दिन आधिकारिक रूप से पता चलेगा कि किस राज्य में किसकी सरकार बन रही है. सभी की निगाहें अब शाम को आने वाले उन आंकड़ों पर हैं, जो देश की सियासत की नई दिशा तय करेंगे  एग्जिट पोल 2026 रिजल्ट | पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी का एग्जिट पोल केरल में यूडीएफ को बढ़त, एलडीएफ कड़ी टक्कर में पीछे केरल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में यूडीएफ को बढ़त मिलती दिख रही है. मैट्राइज के अनुसार यूडीएफ 75 से 85 सीटों तक पहुंच सकता है, जो बहुमत 71 से ऊपर है. वोटवाइब और पीपल्स पल्स भी यूडीएफ को 70 से 80 सीटों के बीच रखते हैं. वहीं एलडीएफ 58 से 65 सीटों के आसपास सिमटता नजर आ रहा है. एनडीए का प्रदर्शन कमजोर दिख रहा है, जहां सीटें एक अंक में रह सकती हैं. कुल मिलाकर राज्य में सत्ता बदलने के संकेत मिल रहे हैं।  तमिलनाडु में डीएमके आगे, लेकिन मुकाबला अभी बाकी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में डीएमके गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है. मैट्राइज के अनुसार डीएमके प्लस 122 से 132 सीटों तक पहुंच सकता है, जो बहुमत 118 से ऊपर है. पीपल्स इनसाइट और पीपल्स पल्स भी डीएमके को 120 से 145 सीटों के बीच रखते हैं. वहीं एआईएडीएमके गठबंधन 60 से 110 सीटों तक सिमटता नजर आ रहा है. टीवीके को 10 से 40 सीटों के बीच आंका गया है, जिससे मुकाबला रोचक बना हुआ है।  असम में भाजपा गठबंधन को साफ बढ़त, बहुमत पार करने के संकेत असम विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में भाजपा गठबंधन को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है. एक्सिस माय इंडिया, मैट्राइज और जेवीसी जैसे सर्वे भाजपा प्लस को 85 से 101 सीटों के बीच रखते हैं, जो 64 के बहुमत आंकड़े से काफी ऊपर है. कांग्रेस गठबंधन 23 से 36 सीटों के बीच सिमटता नजर आ रहा है. पीपल्स इनसाइट भी इसी ट्रेंड की पुष्टि करता है. आंकड़े बताते हैं कि राज्य में सत्ता वापसी की राह भाजपा के लिए आसान दिख रही है।  सीटें कम, फिर भी मजबूत रह सकती है टीएमसी की असली ताकत पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में केवल सीटों की संख्या पूरी तस्वीर नहीं दिखाती. कई बार कोई पार्टी कम अंतर से ज्यादा सीट जीत लेती है और सत्ता में आ जाती है, भले ही उसका वोट शेयर सीमित हो. दूसरी ओर विपक्ष को अच्छे खासे वोट मिलते हैं, लेकिन वे सीटों में बदल नहीं पाते. यही वजह है कि टीएमसी की असली ताकत समझने के लिए सिर्फ सीट काउंट नहीं, बल्कि वोट पैटर्न और अंतर को भी देखना जरूरी है।   बंगाल में बीजेपी की सरकार! अलग-अलग सर्वे क्या बता रहे? पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के एग्जिट पोल ने सियासी तस्वीर को बेहद दिलचस्प बना दिया है. पीएमएआरक्यू और मैट्राइज जैसे सर्वे बीजेपी को बढ़त देते दिख रहे हैं, जहां सीटें 150 के आसपास तक जा सकती हैं. वहीं पीपल्स पल्स का अनुमान टीएमसी के पक्ष में जाता दिख रहा है, जिसमें 117 से 187 सीटों की रेंज दी गई है. कांग्रेस और लेफ्ट का प्रदर्शन सीमित नजर आ रहा है. अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़े बताते हैं कि मुकाबला पूरी तरह खुला है और अंतिम नतीजे चौंका सकते हैं।   केरल में कांग्रेस गठबंधन की सरकार, एग्जिट पोल का अनुमान केरल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल का डेटा आ गया है. News18 के मेगा एग्जिट पोल के अनुसार, कांग्रेस के UDF को 70 से 80 सीटें, LDF को 58 से 68 सीटें और NDA को 0-4 सीटें मिलने का अनुमान है।  चाणक्य स्ट्रैटेजीज़ ने BJP को TMC से आगे बताया, सत्ता-विरोधी लहर के संकेतों को मज़बूती चाणक्य स्ट्रैटेजीज़ का अनुमान है कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी 150–160 सीटें जीतेगी, जबकि TMC+ को 130–140 सीटें मिलेंगी. यहां बहुमत का आंकड़ा 148 है. इसके साथ ही, Matrize और PMARQ के बाद यह तीसरी ऐसी एजेंसी बन गई है, जिसने बीजेपी को टीएमसी पर बढ़त दी है. केवल People's Pulse ही इस रुझान के विपरीत ममता बनर्जी के पक्ष में खड़ा है।  केरल में UDF की आंधी! Axis My India ने दिया सबसे बड़ा अनुमान Axis My India का अनुमान UDF के लिए अब तक का सबसे ज़्यादा आशावादी अनुमान है. इसके मुताबिक, UDF को 78–90 सीटें मिल सकती हैं, जो तीनों एजेंसियों में सबसे ज़्यादा ऊपरी सीमा है. LDF को सिर्फ़ 49–62 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि BJP+ 0–3 सीटों पर ही अटकी हुई है. तीनों एजेंसियां- People's Pulse, Matrize और Axis My India अब इस बात पर एकमत हैं कि केरल में अगली सरकार UDF ही बनाएगी।   केरल में बड़ा उलटफेर, एग्जिट पोल में लेफ्ट को मात देती दिख रही कांग्रेस  पीपल्स पल्स ने TMC को दिया बहुमत, बीजेपी दूसरे पायदान पर काफी पीछे पीपल्स पल्स का अनुमान है कि पश्चिम बंगाल में TMC 177–187 सीटें जीतेगी, जो बहुमत के आंकड़े 148 से काफी ज़्यादा है. वहीं BJP 95–110 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर काफी पीछे रहेगी. … Read more

ICC की चेतावनी के बीच श्रीलंका सरकार कर सकती है क्रिकेट बोर्ड में अंतरिम नियुक्ति

श्रीलंका श्रीलंका क्रिकेट में बड़ा भूचाल आ गया है. श्रीलंका क्रिकेट (SLC) के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके साथ ही पूरी एग्जीक्यूटिव कमेटी ने भी सामूहिक रूप से पद छोड़ दिया है. बताया जा रहा है कि यह फैसला श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के दबाव के बाद लिया गया. सरकार और जनता लगातार क्रिकेट बोर्ड में बदलाव की मांग कर रहे थे. बोर्ड पर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप भी लगे हैं. सूत्रों के मुताबिक, अब सरकार जल्द ही एक अंतरिम समिति (इंटरिम कमेटी) नियुक्त कर सकती है, जो फिलहाल क्रिकेट संचालन संभालेगी. हालांकि, यह फैसला श्रीलंका के लिए मुश्किलें भी बढ़ा सकता है. ICC पहले भी साफ कर चुका है कि वह सरकारी दखल को स्वीकार नहीं करता. ICC सिर्फ चुनी हुई (इलेक्टेड) क्रिकेट बॉडी को ही मान्यता देता है. आईसीसी बन सकता है मुसीबत पहले भी जब श्रीलंका में अंतरिम व्यवस्था लागू की गई थी, तब ICC ने कड़ा रुख अपनाया था. साल 2023 में तो श्रीलंका को ICC से सस्पेंड तक कर दिया गया था, जिससे फंडिंग रोक दी गई और टूर्नामेंट भी छीन लिए गए थे. अगर इस बार भी सरकार ने सीधे नियंत्रण लिया, तो श्रीलंका क्रिकेट को फिर से ICC के एक्शन का सामना करना पड़ सकता है. वहीं, मैदान पर भी टीम का प्रदर्शन खास नहीं रहा है. 2023 वनडे वर्ल्ड कप में टीम 9वें स्थान पर रही थी और हाल के T20 वर्ल्ड कप में भी निराशाजनक प्रदर्शन किया. कोच Gary Kirsten की नियुक्ति के बाद भी हालात में ज्यादा सुधार नहीं हुआ. कुल मिलाकर, श्रीलंका क्रिकेट इस वक्त बड़े बदलाव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है.  

Haryana Politics: नायब सिंह सैनी का बड़ा दांव, संकल्प पत्र में पंचकूला के पुराने निवासियों को राहत

पंचकूला. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पंचकूला में भाजपा के प्रदेश कार्यालय "पंचकमल" के अटल सभागार में नगर निकाय चुनाव के लिए भाजपा के "संकल्प पत्र" (घोषणा पत्र) का विमोचन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, रणबीर गंगवा, विपुल गोयल, राज्यसभा सांसद कार्तिक शर्मा, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, पूर्व स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता, पूर्व मंत्री कँवर पाल ग़ुज्जर, पंचकूला से भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्याम लाल बंसल भी संकल्प पत्र के विमोचन के अवसर पर मंच पर मौजूद रहे। भाजपा के इस विजन डॉक्यूमेंट में शहरी विकास, बेहतर प्रशासन और नागरिक सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। पंचकूला के लिए जारी घोषणाओं में खड़क मंगोली में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से 2100 फ्लैट बनाकर पुनर्वास योजना लागू करने का वादा किया गया है। साथ ही 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को मालिकाना हक देने की बात कही गयी है। स्वच्छता और जल प्रबंधन के तहत 160 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाये जाएंगे और कचरा प्रबंधन पर 100 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट और आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। यातायात सुधार के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर फ्लाईओवर और घग्गर नदी पर पुल निर्माण की योजना है। इसके अलावा मॉडल सड़कें और मल्टीलेवल पार्किंग भी बनायी जाएंगी। खेल और शिक्षा के क्षेत्र में विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज और स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है, जबकि स्मार्ट लाइब्रेरी और पार्क में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान कई नेताओं ने भाजपा का दामन भी थामा। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले ही पाटर्ी का घोषणा पत्र जारी कर चुके हैं। कुल मिलाकर, चुनावी मुकाबला अब पूरी तरह रोचक होता नजर आ रहा है। 

Defection Row: अमन अरोड़ा बोले- नेताओं का जाना ‘पुरानी बात’, पार्टी मजबूत

जालंधर. कैबिनेट मंत्री अमन अरोरा जालंधर में आम आदमी पार्टी का बैठक में पहुंचे। आम आदमी पार्टी के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा राघव चड्ढा और संदीप पाठक पार्टी के लिए 24 घंटे पुरानी बात हो चुकी है। पार्टी एकजुट है और जालंधर में आयोजित की मीटिंग पार्टी ऑब्जर्वर के संबंध में को लेकर है। पार्टी इस संबंध में चिंतित नहीं के कोई राघव चड्ढा और संदीप पाठक के साथ जाने वाले हैं। अमन अरोडा में इस मीटिंग को रूटीन बताया और उन्होंने कहा ये एक बड़ी मीटिंग है इसलिए मीडिया में चर्चा का केंद्र है। कुछ दिन पहले राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने साथ-साथ छह और सासंदों के आप छोड़क बीजेपी में शामिल होने की बात कही थी। आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ी झटका था। राघव चड्ढा के साथ अशोक मित्तल, संदीप पाठक, स्वाति मालिवाल, हर भजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता आदि बीजेपी में शामिल हो गए थे। कुछ दिन पहले बीजेपी में शामिल हुए थे सांसद राघव कुछ दिन पहले एक वीडियो शेयर करते हुए राघव चड्ढा ने आरोप लगाया था कि पार्टी का माहौल टॉक्सिक हो गया था और अब भी वे जनहित के मुद्दे उठाते रहेंगे। अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें उन्होंने कहा कि पॉलिटिक्स में आने से पहले मैं सीए था, मेरे सामने एक बेहतर करियर था, उसे छोड़कर मैं राजनीति में आया। अपना करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया। एक पॉलिटिकल पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना, जिस पार्टी को मैंने अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। पिछले कुछ सालों से मैं यह महसूस कर रहा था कि शायद मैं एक गलत पार्टी में एक सही आदमी हूं। इसी के चलते मेरे सामने सिर्फ तीन विकल्प थे; पहला विकल्प कि मैं राजनीति ही छोड़ दूं। दूसरा विकल्प कि मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो कि हुआ नहीं।