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मुंबई इंडियंस ने जीता टॉस, वानखेड़े में हैदराबाद पहले करेगी गेंदबाजी

 मुंबई  मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आईपीएल 2026 का 41वां मुकाबला बुधवार को वानखेड़े स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। हार्दिक पांड्या के नेतृत्व में टीम सात मैच खेलते हुए सिर्फ दो जीत सकी है। रोहित शर्मा भी चोट के कारण पिछले कुछ मैचों से बाहर हैं, जबकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह गेंद से कमाल नहीं दिखा पा रहे हैं। मुंबई की टीम चार अंक के साथ पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर है। मुंबई ने अपना पिछला मैच एक सप्ताह पहले खेला था, जहां चेन्नई सुपर किंग्स से उसे 103 रनों से हार मिली थी और इस वजह से टीम का नेट रन रेट भी नीचे चला गया है। वहीं दूसरी तरफ सनराइजर्स हैदराबाद की टीम शुरुआती हार से उबर चुकी है और अपने पिछले चार मुकाबले जीते हैं। पिछले मुकाबले में नियमित कप्तान पैट कमिंस की भी वापसी हुई है। टीम इस प्रकार हैं मुंबई इंडियंस: हार्दिक पांड्या (कप्तान), क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, शेरफेन रदरफोर्ड, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक, मयंक रावत, नमन धीर, शार्दुल ठाकुर, अश्विनी कुमार, जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट, दीपक चाहर, कृष भगत, एएम गजनफर, केशव महाराज, मयंक मारकंडे, मोहम्मद इज़हार, रघु शर्मा. सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), सलिल अरोड़ा (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), ट्रैविस हेड, रविचंद्रन अश्विन, अनिकेत वर्मा, अभिषेक शर्मा, हर्ष दुबे, क्रेन्स फुलेट्रा, लियाम लिविंगस्टोन, कामिंडु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, शिवम मावी, शिवांग कुमार, अमित कुमार, गेराल्ड कोएत्ज़ी, प्रफुल्ल हिंगे, साकिब हुसैन, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा, ओंकार तरनाले, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी।

डायमंड हार्बर के कई बूथों पर EVM विवाद, चुनाव आयोग दोबारा मतदान पर विचार में

कोलकाता बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के बीच ईवीएम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कई पोलिंग बूथों पर ईवीएम मशीनों में उसके चुनाव चिह्न ‘कमल’ वाले बटन को टेप लगाकर ढक दिया गया, जिससे मतदाता अपनी पसंद का वोट नहीं दे सके। इस आरोप को लेकर सियासत तेज हो गई है और चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख व बंगाल के सह प्रभारी अमित मालवीय ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि दक्षिण 24 परगना के फलता क्षेत्र के कई बूथों पर यह गड़बड़ी हुई। उनके अनुसार, हरिणडांगा हाई स्कूल स्थित बूथ संख्या 144 (भाग 170) और बूथ 189 सहित कई जगहों पर भाजपा के विकल्प को टेप से ब्लॉक कर दिया गया। भाजपा ने इसे “डायमंड हार्बर मॉडल” बताते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया। शाह और सुवेंदु में हुई बात इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस है, जबकि भाजपा नेताओं ने आरोपों के जरिए सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी के प्रभाव वाले क्षेत्र डायमंड हार्बर की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, फलता से तृणमूल प्रत्याशी जहांगीर खान का नाम भी विवादों में घिरा है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी दो विशिष्ट बूथों का जिक्र करते हुए पुनर्मतदान की मांग की और इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाने का दावा किया। खबर है कि शाह और सुवेंदु के बीच टेलीफोन पर काफी देर बात हुई है जिसमें उन्होंने अधिकारी से पूरी स्थिति की जानकारी ली। सुवेंदु ने दावा किया कि यह अभिषेक बनर्जी और उनके करीबी जहांगीर खान का पुराना तरीका है, जिसे इस विधानसभा चुनाव में भी दोहराने की कोशिश की गई है। आयोग की चेतावनीः सीसीटीवी से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर होगी कार्रवाई इधर, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि आयोग इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि जहां भी ईवीएम के बटन पर टेप लगाए जाने की पुष्टि होगी, वहां अनिवार्य रूप से पुनर्मतदान कराया जाएगा। उन्होंने “जीरो टालरेंस” नीति का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं अधिक पाई गईं, तो पूरे क्षेत्र में भी री-पोल कराया जा सकता है। आयोग के अनुसार, मॉक पोल के दौरान ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई थी, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वोटिंग के दौरान ही शरारती तत्वों ने मशीनों से छेड़छाड़ की। सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर कार्रवाई की बात भी कही गई है। छिटपुट चुनावी हिंसा और तनाव के बीच भवानीपुर सहित कुछ अन्य इलाकों में भी झड़प और विरोध प्रदर्शन की खबरें आई हैं। कुल मिलाकर, दूसरे चरण की वोटिंग ने जहां राजनीतिक तापमान बढ़ाया है, वहीं बटन पर टेप विवाद ने नई बहस को जन्म दे दिया है।  

बोकारो डिपो की तकनीकी खराबी से प्रभावित हुई सप्लाई, धीरे-धीरे हालात सामान्य

 रांची राजधानी में मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की अचानक किल्लत से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर या तो तेल सीमित मात्रा में दिया गया या फिर पूरी तरह स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई। हालांकि कुछ पंपों पर स्थिति सामान्य भी रही, लेकिन कई इलाकों में उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा। कोकर स्थित चड्डा पेट्रोल पंप में पेट्रोल और डीजल कटौती कर दिया जा रहा है। पंप प्रबंधन के अनुसार, डिपो से पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने के कारण सीमित मात्रा में ही तेल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं डोरंडा के तिवारी बेचर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म होने के कारण ‘पेट्रोल नहीं है’ का बोर्ड लगा दिया गया। खुखरी पेट्रोल पंप में भी दोपहर 12 बजे के बाद पेट्रोल खत्म हो गया, जिससे लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा। डीजल पर भी लगाई गई सीमा कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल की आपूर्ति भी सीमित कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, कई जगहों पर एक बार में अधिकतम 300 लीटर तक ही डीजल दिया जा रहा है। इससे खासकर ट्रांसपोर्ट और व्यवसाय से जुड़े लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर के साथ-साथ हाईवे पर स्थित कई पेट्रोल पंप भी मंगलवार को ड्राई नजर आए। पेट्रोल नहीं होने के कारण कुछ पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिससे लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। क्या है वजह, क्या कहते हैं डीलर्स पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन झारखंड के प्रवक्ता प्रमोद कुमार ने बताया कि रविवार को बोकारो स्थित डिपो में तकनीकी खराबी आने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई थी। इसी वजह से कुछ पेट्रोल पंपों पर कुछ घंटों के लिए किल्लत देखने को मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है और स्थिति सामान्य हो रही है। डीलर्स का कहना है कि जल्द ही सभी पंपों पर आपूर्ति पूरी तरह बहाल हो जाएगी। हालांकि, इस अस्थायी किल्लत ने एक बार फिर आपूर्ति व्यवस्था की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘द डेविल वियर्स प्राडा 2’: 20 साल बाद लौटेगी मिरांडा प्रीस्टली और एंडी सैक्स

सिनेमा और इंटरनेट की दुनिया से जरा भी वास्‍ता रखते हैं, तो बीते कुछ दिनों में आपने 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' को लेकर खूब शोर सुना होगा। यह फिल्‍म 01 मई 2026 को रिलीज हो रही है। जाहिर है, मन में सवाल उठ रहे होंगे कि आख‍िर ये क्‍या है, और आख‍िर 20 साल बाद इसके सीक्‍वल को बनाने की जरूरत क्‍यों पड़ी? आख‍िर मिरांडा प्रीस्टली कौन है? चल‍िए, एक-एक कर इन सवालों के जवाब ढूंढ़ते हैं। सबसे पहली बात तो The Devil Wears Prada 2 एक अमेरिकी कॉमेडी-ड्रामा फ‍िल्म है, जिसका डायरेक्‍शन डेविड फ्रैंकल ने किया है। इसका स्‍क्रीनप्‍ले एलीन ब्रॉश मैककेना ने तैयार किया है। यह 2006 की फ‍िल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा' का सीक्‍वल है। फिल्‍म में मेरिल स्ट्रीप, ऐनी हैथवे, एमिली ब्लंट और स्टेनली टुची जैसे दिग्‍गज हॉलीवुड सितारे हैं, जो अपनी पुरानी भूमिकाओं में फिर से नजर आएंगे। पहले बात पहली फिल्‍म की करते हैं। साल 2026 में रिलीज हुई 'द डेविल वियर्स प्राडा' को भी डेविड फ्रैंकल ने ही डायरेक्‍ट किया था। एलीन ब्रॉश मैककेना ने ही तब भी स्‍क्रीनप्‍ले तैयार किया था। यह लॉरेन वीसबर्गर के 2003 के इसी नाम के बेस्‍टसेलर उपन्यास पर आधारित है। फ‍िल्म का बेसिक प्‍लॉट ये है कि कहानी के केंद्र में एंडी सैक्स (ऐनी हैथवे) है, जो एक पत्रकार बनने की चाह रखने वाली लड़की है। उसे एक फैशन मैगजीन में नौकरी मिलती है, लेकिन वहां उसे अपनी सख्‍त एडिटर मिरांडा प्रीस्टली (मेरिल स्ट्रीप) की मर्जी से काम करना पड़ता है। बजट से 8 गुना अध‍िक कमाई और अवॉर्ड साल 2006 में रिलीज 'द डेविल व‍ियर्स प्राडा' बॉक्‍स ऑफिस पर जबरदस्‍त रूप से सफल हुई थी। उस दौर में 41 म‍िल‍ियन डॉलर के बजट में बनी इस फिल्‍म ने 326 मिलियन डॉलर की वर्ल्‍डवाइड कमाई की थी। यही नहीं, मेरिल स्ट्रीप के की काफी तारीफ हुई। उन्हें 'बेस्ट एक्ट्रेस – मोशन पिक्चर म्यूजिकल या कॉमेडी' कैटेगरी में गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड मिला। इसके अलावा, उन्हें 'बेस्ट लीड एक्ट्रेस' के लिए एकेडमी अवॉर्ड, BAFTA अवॉर्ड, SAG और क्रिटिक्स चॉइस अवॉर्ड के लिए भी नॉमिनेट किया गया। 'द डेविल वियर्स प्राडा' की कहानी फिल्‍म की कहानी में, पत्रकार बनने की चाह रखने वाली एंड्रिया 'एंडी' सैक्स (ऐनी हैथवे) नई-नई नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट कर नौकरी तलाश रही है। फैशन इंडस्ट्री के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के बावजूद, उसे न्यूयॉर्क शहर की 'रनवे' मैगजीन में नौकरी मिलती है। इस मैगजीन की एडिटर मिरांडा प्रीस्टली (मेरिल स्ट्रीप) अपनी सख्‍ती के लिए कुख्‍यात है। एंडी को उसकी जूनियर पर्सनल असिस्टेंट बनने का मौका मिलता है। एंडी सोचती है कि वह मिरांडा के बुरे बर्ताव को तब तक बर्दाश्त करेगी, जब तक कि वह 'रनवे' में बने अपने कॉन्‍टैक्‍ट्स का इस्तेमाल एक बेहतर नौकरी ढूंढ़ने के लिए नहीं कर लेती। 'द डेव‍िल व‍ियर्स प्राडा' (2006) में मेरिल स्ट्रीप एंडी अपने दिखावटी और फैशन-परस्त ऑफिस कलिग्‍स के साथ ठीक से घुल-मिल नहीं पाती। खासकर मिरांडा की सीनियर असिस्टेंट एमिली चार्ल्टन (एमिली ब्लंट) के साथ। उसे मिरांडा की बेतुकी मांगों को पूरा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। एक दिन मिरांडा अपनी असिस्‍टेंट एंडी को जमकर फटकार लगाती है। दरअसल, एंडी एक तूफान के दौरान मिरांडा को मियामी से वापस लाने का इंतजाम नहीं कर पाती है। एंडी इन हालात को सुधारने के लिए खुद को ट्रांसफॉर्म करने का फैसला लेती है। वह सलाह लेने के लिए 'रनवे' के आर्ट डायरेक्टर नाइजेल (स्टेनली टुची) के पास जाती है, जो उसे स्टाइलिश कपड़े चुनने में मदद करता है। 'द डेव‍िल व‍ियर्स प्राडा' में ऐनी हैथवे एंडी की काम के प्रति बढ़ती लगन को देखते हुए मिरांडा उसे ज्यादा जरूरी काम भी सौंपने लगती है। अब जैसे-जैसे 'रनवे' में एंडी को सफलता मिलती है, वह अपनी निजी जिंदगी को भूलने या यह कहें कि खोने लगती है। वह अपने उसूलों से समझौता करती है। आखिरकार, एक ऐसा दिन भी आता है, जब एंडी पेरिस फैशन वीक में शामिल होने के लिए ऑफिस की सबसे होनहार सहकर्मी एमिली को भी पीछे छोड़ देती है। 'द डेविल वियर्स प्राडा' में एमिली ब्लंट पिछली फिल्‍म के क्‍लाइमेक्‍स में पेरिस है। एंडी को यह एहसास होने लगता है कि ना चाहते हुए भी वह धीरे-धीरे अपनी अक्‍खड़ बॉस मिरांडा जैसी बनती जा रही है। एंडी इस एहसास के बाद बिखर जाती है। वह अपना फोन एक फव्वारे में फेंककर नौकरी छोड़ देती है। वह फैशन की दुनिया छोड़कर एक अखबार में नौकरी करने लगती है। हालांकि, यह नौकरी भी उसे मिरांडा की सिफारिश पर ही मिलती है, जो मन ही मन अब एंडी का सम्मान करने लगी है। 20 साल बाद 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' में क्‍या होगा सीक्‍वल फिल्‍म में एंडी सैक्स 'रनवे' मैगजीन में वापस लौटती है। ठीक उस समय जब मिरांडा प्रीस्टली मीडिया के बदलते रूप के बीच 'रनवे' को बचाने की कोश‍िशों में जुटी है। वह 'रनवे', जिसमें काम करना कभी मीडिया में बड़ी बात होती थी। एंडी यहां आकर अपनी पूर्व साथी एमिली से फिर से कनेक्‍शन बनाती है। एमिली अब एक ऐसे लग्‍जरी ब्रांड की हेड है, जिसके पास इतनी फंडिंग है कि वो 'रनवे' को डूबने से बचाने में मदद सकती है। कहानी में आगे क्‍या होता है, यह जानने के लिए आपको फिल्‍म देखनी होगी। 'द डेविल वियर्स प्राडा' OTT पर कहां देखें वैसे अगर सीक्‍वल फिल्‍म से पहले आपकी दिलचस्‍पी 2006 की 'द डेविल वियर्स प्राडा' देखने की है, तो आप इसे OTT पर Jio Hotstar पर भी देख सकते हैं।

Panchkula Transport Update: बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन के लिए डायरेक्ट बस सेवा शुरू

पंचकूला. चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिये पंचकूला से कनेक्ट हो गया है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग कारपोरेशन (सीटीयू) की तरह अब पंचकूला बस स्टैंड से हरियाणा रोडवेज की बसें यात्रियों को लेकर स्टेशन तक पहुंचेंगी। स्टेशन पर पंचकूला की तरफ बस स्टाॅप बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही पंचकूला की बसें स्टेशन पर आने लगेंगी। स्टेशन पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कनेक्टिविटी होने से यात्रियों को महंगी टैक्सी और आटो का किराया खर्च नहीं करना पड़ेगा। स्टेशन पर पंचकूला की तरफ बस स्टाप बनकर तैयार हो चुका है, हालांकि अभी रोड की कनेक्टिविटी का काम चल रहा है। सड़क निर्माण पूरा होने पर पंचकूला की तरफ से बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। अभी सिर्फ एक बस सुबह के समय पंचकूला से स्टेशन तक आ रही है। आने वाले दिनों में बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी। स्टेशन पर आने व जाने वाले यात्रियों को बस स्टाॅप से बस मिलेगी और गंतव्य तक पहुंचाएगी। पंचकूला, पिंजौर-कालका के यात्रियों को फायदा पंचकूला की तरफ से पिंजौर, कालका और आसपास के यात्रियों के लिए फायदा होगा। इससे पहले पंचकूला की तरफ से पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने की वजह से यात्रियों को स्पेशल टैक्सी या आटो करना पड़ता था, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ता था। अभी फिलहाल चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग कारपोरेशन (सीटीयू) की बसों की स्टेशन तक कनेक्टिविटी है। अब दोनों तरफ से बसों की सुविधा होने से यात्रियों को फायदा होगा। अंतिम चरण पर स्टेशन का काम उधर, दूसरी तरफ चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने का काम भी अपने अंतिम चरण पर है। रेलवे स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ नया फाइव-स्टार रेलवे स्टेशन बनेगा, जिसमें रूफ प्लाजा और मॉड्यूलर डिजाइन शामिल है। बसें रेलवे स्टेशन तक आएंगी पंचकूला की तरफ बस स्टाप बन गया है। अभी कुछ जगह सड़क निर्माण चल रहा है, जो जल्द पूरा हो जाएगा। इसके बाद पंचकूला साइड से बसें रेलवे स्टेशन तक आएंगी। – संजीव कुमार चौधरी, स्टेशन अधिक्षक, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन।

नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक और महिला आरक्षण पर यूपी विधानसभा का हंगामेदार सत्र

लखनऊ महिला आरक्षण मुद्दे पर उत्तर विधानसभा का 30 अप्रैल से शुरू होने सत्र खास होगा। सरकार ने सार्थक चर्चा की तैयारी की है। इसमें महिलाओं को ही अधिक बोलने का मौका दिया जाएगा। वहीं समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्ष ने जहां सदन और उसके बाहर सरकार को घेरने की योजना तैयार की है। सपा के तीखे तेवर से विधानसभा सत्र हंगामेदार होने का आसार हैं। गुरुवार को होने वाला विधानसभा सत्रपरिसीमन के साथ नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होने के मामले पर महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर दोनों ही सदनों में अनवरत चर्चा होगी। 18वीं विधान सभा में कुल 51 महिला सदस्य हैं, इनमें सर्वाधिक 30 सदस्य भाजपा की हैं। सपा की 15, अपना दल की चार, कांग्रेस व रालोद की एक-एक महिला सदस्य हैं। वहीं, 100 सीटों वाली विधान परिषद में मात्र चार महिला सदस्य हैं। इनमें तीन भाजपा व एक निर्दलीय हैं। बुधवार 29 अप्रैल को विधानसभा व विधान परिषद की कार्यमंत्रणा समिति की अलग-अलग बैठक में विशेष सत्र का कार्यक्रम तय होगा, लेकिन यह माना जा रहा है कि महिला सदस्यों को ही ज्यादा बोलने का अधिक मौका दिया जाएगा। सबसे पहले संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सदन में महिला सशक्तीकरण पर चर्चा का प्रस्ताव रखेंगे। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष व दलीय नेता भी इस पर अपने विचार रखेंगे। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस विषय पर अपनी बात रखेंगे और महिलाओं के लिए डबल इंजन की सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को गिनाएंगे। भाजपा महिला आरक्षण पर विपक्ष खासकर कांग्रेस व सपा को घेरेगी। विधान परिषद कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक गुरुवार 30 अप्रैल को होने जा रहे विधान परिषद के एकदिवसीय विशेष सत्र को लेकर सदन की कार्य परामर्शदात्री समिति की बुधवार को बैठक बुलाई गई है। विधान परिषद के विशेष सचिव संजय मेहरोत्रा ने इस संबंध में समिति के सदस्यों के नाम पत्र भेजा है। श्री मेहरोत्रा के अनुसार समिति की बैठक की अध्यक्षता सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह करेंगे जबकि बैठक में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य व नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव सहित नेता अपना दल (सोनेलाल) आशीष पटेल, नेता निषाद पार्टी, नेता जनत्तता दल लोकतांत्रिक, अक्षय प्रताप सिंह, नेता राष्ट्रीय लोकदल योगेश चौधरी, नेता सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, बिच्छे लाल राम, नेता शिक्षक दल (गैर राजनीतिक) ध्रुव कुमार त्रिपाठी तथा नेता निर्दल समूह राज बहादुर चन्देल मौजूद रहेंगे। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, सदन में उप नेता समाजवादी पार्टी, मो. जासमीन अंसारी, मुख्य सचेतक भारतीय जनता पार्टी अश्विनी त्यागी, समेत विधान परिषद सदस्य राजेन्द्र चौधरी, डा. महेन्द्र कुमार सिंह, सलिल विश्नोई और डा. जयपाल सिंह व्यस्त को भी आमंत्रित किया गया है।

GT और RCB के बीच IPL 2026 का मुकाबला – संभावित प्लेइंग इलेवन और इम्पैक्ट प्लेयर

अहमदाबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 42वें मैच में गुजरात टाइटंस (GT) का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से 30 अप्रैल को होगा। रजत पाटीदार की कप्तानी वाली RCB ने अब तक 6 मैच जीते हैं और 2 में शिकस्त झेली है। वहीं, शुभमन गिल के नेतृत्व वाली GT ने 4 मुकाबले जीते हैं और 4 में ही हार झेली है। आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच रहा है लगभग बराबरी का मुकाबला IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान RCB को 4 मैच में जीत मिली है। GT ने भी 3 मुकाबले अपने नाम किए हैं। IPL 2026 की पहली भिड़ंत में RCB ने GT को 5 विकेट से हराया था। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच एक मैच हुआ था। उस मुकाबले को GT ने 8 विकेट से अपने नाम किया था। ऐसी हो सकती है GT की प्लेइंग इलेवन GT ने अपने पिछले मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) को हराया था। उस मैच में साई सुदर्शन ने 87 रन की पारी खेली थी। वह कप्तान गिल के साथ मिलकर एक बार फिर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने की कोशिश करेंगे। संभावित एकादश: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शाहरुख खान, राशिद खान, जेसन होल्डर, मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा और अशोक शर्मा। इस संयोजन के साथ उतर सकती है RCB की टीम RCB ने अपने पिछले मैच में DC को 9 विकेट से हराया था। उस मैच में DC की टीम सिर्फ 75 रन पर सिमट गई थी। RCB से जोश हेजलवुड ने 4 और भुवनेश्वर कुमार ने 3 विकेट लिए थे। तेज गेंदबाजों की ये जोड़ी अगले मैच में भी कहर बरपाना चाहेगी। संभावित एकादश: जैकब बेथल, विराट कोहली, देवदत्त पडीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, और सुयश शर्मा। ये हो सकते हैं दोनों टीमों के इम्पैक्ट प्लेयर GT: राहुल तेवतिया, ग्लेन फिलिप्स, मानव सुथार, कुलवंत खेजरोलिया और अनुज रावत। RCB: रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, और अभिनंदन सिंह। कैसा है नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच का मिजाज? नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में काली और लाल मिट्टी की अलग-अलग पिचें हैं। लाल मिट्टी की पिचें काली मिट्टी की तुलना में तेज गेंदबाजों को अधिक सहायता प्रदान करती हैं। यहां बल्लेबाजों को आमतौर पर रन बनाना आसान रहता है। हालांकि, शुरुआती कुछ ओवर चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। काली मिट्‌टी की पिच पर उछाल सामान्य होता है, लेकिन स्पिनरों को ज्यादा मदद मिलती है। हाउस्टेट के मुताबिक, IPL में यहां पहली पारी का औसत स्कोर 179 रन है। कैसा रहेगा मौसम का हाल? एक्यूवेदर के मुताबिक, 30 अप्रैल को अहमदाबाद में अच्छी गर्मी होगी। दिन का अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। मैच की शुरुआत शाम 7:30 बजे होगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होंगी नजरें कोहली इस सीजन में भी निरंतर रन बना रहे हैं। उन्होंने 8 पारियों में 58.50 की औसत और 162.50 की स्ट्राइक रेट के साथ 351 रन बनाए हैं। GT के कप्तान गिल ने 7 पारियों में 47 की औसत और 148.64 की स्ट्राइक रेट के साथ 330 रन अपने नाम किए हैं। गेंदबाजी में भुवनेश्वर इस सीजन में अब तक 16.85 की औसत और 7.61 की इकॉनमी रेट से 14 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? RCB और GT के बीच यह मुकाबला 30 अप्रैल को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

Sultanganj Shootout: किताब के अंदर पिस्टल लेकर पहुंचा आरोपी, मुठभेड़ में ढेर

भागलपुर. भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद की राजनीति में पिछले पांच वर्षों के भीतर सत्ता, ठेके और बंदोबस्त पर नियंत्रण को लेकर चल रही वर्चस्व की लड़ाई धीरे-धीरे हिंसा और खूनी संघर्ष का रूप ले चुकी है। यही वजह है कि स्थानीय राजनीति में शह-मात का खेल अब सीधे अपराध और हमलों तक पहुंच गया है। इसी संघर्ष की परतें मंगलवार को हुए चर्चित शूटआउट और उससे जुड़ी पुरानी घटनाओं में साफ दिखाई देती हैं। तीन साल पुरानी रंजिश से शुरू हुई थी कहानी जानकारी के अनुसार, उप सभापति नीलम देवी के पति रामधनी यादव और उनके विरोधी गुट के बीच वर्चस्व की लड़ाई लंबे समय से चल रही थी। इस लड़ाई में रंजीत यादव उर्फ कनबुच्चा और सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू के बीच भी अंदरूनी राजनीतिक समीकरण बनते-बिगड़ते रहे। बताया जाता है कि इसी राजनीतिक खींचतान ने तीन साल पहले बड़े हमले की पृष्ठभूमि तैयार की थी। 2023 का जानलेवा हमला बना टर्निंग प्वाइंट 23 फरवरी 2023 को मुंगेर से आए शूटर प्रशांत मंडल और आनंद ने रामधनी यादव पर जानलेवा हमला किया था। यह हमला उस समय उनके घर के पास स्थित गिट्टी-छर्री बिक्री के प्लाट के पास हुआ था। बताया जाता है कि हमलावरों ने गणित की किताब में छिपाकर पिस्टल लाई थी। इस हमले में रामधनी यादव को गोली लगी थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई थी। शूटर की गिरफ्तारी से खुला था राज हमले के तुरंत बाद शूटर प्रशांत मंडल की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए थे, जिससे हमले की साजिश की परतें खुलने लगी थीं। कहा जाता है कि इसी दौरान रामधनी यादव गुट ने सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू और कनबुच्चा यादव पर भी संलिप्तता के आरोप लगाए थे। इसके बाद से ही राजनीतिक तनाव और गहरा गया। बढ़ती दुश्मनी और बदलते समीकरण सूत्रों के अनुसार, रामधनी यादव गुट को यह आशंका थी कि उनके खिलाफ साजिश में स्थानीय स्तर पर बड़े राजनीतिक गठजोड़ शामिल हैं। वहीं, दूसरी ओर राजकुमार उर्फ गुड्डू ने नगर परिषद की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी। धीरे-धीरे बंदोबस्त और ठेका व्यवस्था पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष और तेज हो गया। कनबुच्चा यादव पर भी हुआ था हमला पांच नवंबर 2023 को रंजीत यादव उर्फ कनबुच्चा यादव पर भी जानलेवा हमला हुआ था। यह हमला उनके घर में घुसकर किया गया था, जिसमें उन्हें गोली मारकर हत्या का प्रयास किया गया। हालांकि वह किसी तरह बच निकले थे। स्थानीय स्तर पर इस हमले को भी रामधनी यादव से जुड़ी पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा गया। नगर परिषद की सत्ता में बढ़ता संघर्ष नगर परिषद सुल्तानगंज में राजकुमार उर्फ गुड्डू के अध्यक्ष बनने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले। उस समय परिषद की राजनीति में राजकुमार, कनबुच्चा और रामधनी यादव के बीच त्रिकोणीय संघर्ष बन गया था। बंदोबस्त और ठेके के आवंटन को लेकर वर्चस्व की लड़ाई लगातार तेज होती गई, जिसने राजनीतिक विवाद को आपराधिक घटनाओं में बदल दिया। मंगलवार की वारदात का पूरा घटनाक्रम मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में हुई गोलीबारी में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई, जबकि सभापति राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ कार्यालय पहुंचे थे और उन्हें पहले से जानकारी थी कि दोनों अधिकारी मौजूद हैं। हमले के दौरान कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी किसी तरह बचकर बाहर निकल गए। हमले में केवल सभापति थे निशाने पर सूत्रों के अनुसार, हमलावरों का मुख्य निशाना केवल सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू थे। कार्यपालक पदाधिकारी ने जब विरोध करने की कोशिश की तो उन्हें भी गोली लग गई। बताया जाता है कि हमलावरों ने किसी और कर्मचारी को निशाना नहीं बनाया, जिससे यह साफ होता है कि हमला योजनाबद्ध और टारगेटेड था। हमलावरों की रणनीति और भागने का तरीका वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर कार्यालय से पैदल भागे और मुख्य सड़क पर पहले से खड़ी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें भागते हुए देखा, लेकिन किसी ने रोकने की हिम्मत नहीं की। पुलिस को आशंका है कि हमलावर दियारा इलाके की ओर भागे हैं। 2023 की घटना में भी मिला था अहम सुराग 23 फरवरी 2023 के हमले में जब रामधनी यादव को गोली मारी गई थी, तब हमलावरों में से एक को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया था। पूछताछ में उसने कई अहम जानकारियां दी थीं, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। बाद में मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन भी किया गया था। पुलिस जांच में सामने आ रहे नए एंगल पुलिस अब पूरे मामले को पुराने हमलों और राजनीतिक रंजिश से जोड़कर जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि नगर परिषद की राजनीति में ठेके और बंदोबस्त को लेकर चल रही लड़ाई ने ही इस पूरे घटनाक्रम को जन्म दिया है। फिलहाल पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

मंत्रालय की कैंटीन में बड़ा बदलाव तय, 26 साल बाद कर्मचारी संघ ने उठाई मांग

रायपुर. नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) की कैंटीन व्यवस्था बदलने जा रही है. लंबे समय से कैंटीन संचालन इंडियन कॉफी हाउस (ICH) के माध्यम से बिना निविदा के किया जा रहा था. अब निविदा के जरिए एक एजेंसी का चयन कर कैंटीन संचालन की नई व्यवस्था लागू करने जा रही है, इस बीच मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से कैंटीन संचालित करने की मांग रखी है. मंत्रालय याने महानदी भवन में अब तक इंडियन कॉफी हाउस (ICH) के माध्यम से बिना निविदा के कैंटीन का संचालन किया जा रहा था. आईसीएच को कैंटीन संचालन के लिए राज्य शासन द्वारा लगभग 12 लाख रुपए प्रतिमाह की सब्सिडी प्रदान की जाती थी, वह भी बिक्री आय के अतिरिक्त. इसी कारण से कैंटीन में खाद्य पदार्थों की दरें बाजार दरों की तुलना में काफी कम बनी रहती थीं. कर्मचारी संघ ने चुनाव के दौरान इस व्यवस्था को समाप्त कर टेंडर आधारित, पारदर्शी प्रणाली लागू करने को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया था. सामान्य प्रशासन विभाग इसी आधार पर खुली निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की गई. प्रारंभिक चरणों में अपेक्षित प्रतिस्पर्धा नहीं मिली, परंतु प्रयासों के बाद अंततः एक एजेंसी का चयन कर नई व्यवस्था लागू की जा रही है. बताया जा रहा है कि कैंटीन पूर्णतः लागत-आधारित मॉडल पर संचालित होगी, जहां दरों का निर्धारण वास्तविक लागत के अनुरूप किया जाएगा. नई व्यवस्था में खाद्य पदार्थों के महंगे होने की आशंका जताते हुए मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुझाव दिया है. जिसमें कैंटीन का संचालन निजी हाथों में सौंपने की बजाए महिला स्व-सहायता समूह को देने की मांग की है. इसके लिए प्रदेश के अन्य शासकीय कार्योलयों में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित किए जा रहे कैंटीन का हवाला देते हुए मंत्रालय कैंटीन की भी जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूह को देने की मांग की है.

गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण पर पीएम मोदी ने की सीएम योगी के नेतृत्व में हो रहे विकास की सराहना

गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण पर पीएम मोदी ने की सीएम योगी के नेतृत्व में हो रहे विकास की सराहना पीएम ने गंगा एक्सप्रेसवे को बताया विकास की नई लाइफलाइन, किसानों, उद्योग व युवाओं के लिए खुलेंगे अवसरों के द्वार हरदोई  गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में केवल एक्सप्रेसवे ही नहीं बन रहे, बल्कि इनसे भी तेज गति से प्रदेश का समग्र विकास हो रहा है। उन्होंने इसे “नए उत्तर प्रदेश” की पहचान बताते हुए कहा कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी और रोजगार के लिए नई लाइफलाइन साबित होगा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक परिवर्तन का आधार है, जहां प्रदेश का विकास एक्सप्रेसवे की रफ्तार से भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। हरिद्वार तक विस्तार की योजना पर काम शुरू प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे का यह वरदान मां गंगा के आशीर्वाद से मिला है। अब लोग कुछ ही घंटों में संगम पहुंच सकते हैं और काशी में बाबा के दर्शन कर सकते हैं। उन्होंने खुशी जताई कि एक्सप्रेसवे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा गया है, जो प्रदेश की विरासत और विकास दोनों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले किसानों की फसलें समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाती थीं, लेकिन अब एक्सप्रेसवे के माध्यम से कम समय में उत्पाद बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स, हरदोई का हैंडलूम, उन्नाव का लेदर और प्रतापगढ़ का आंवला जैसे उत्पादों को नई बाजार पहुंच मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों में उद्योगों को आकर्षित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा। गंगा एक्सप्रेसवे केवल पांच वर्षों में बनकर तैयार हुआ है और इसके विस्तार की योजना पर भी काम शुरू हो गया है, जिससे यह मेरठ से आगे हरिद्वार तक पहुंचेगा। साथ ही इसे अन्य एक्सप्रेसवे से जोड़कर एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर से बदल रही यूपी की तस्वीर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। राज्य में 21 एयरपोर्ट विकसित हो रहे हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। ब्रह्मोस मिसाइल जैसे बड़े प्रोजेक्ट यूपी की औद्योगिक शक्ति को नई पहचान दे रहे हैं। एक समय उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य कहा जाता था, लेकिन आज वही राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के साथ प्रदेश की छवि पूरी तरह बदल रही है और अब यूपी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है। पिछली सरकारों ने अपराध-जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था प्रधानमंत्री ने कहा कि क्या पुरानी सरकारों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की कल्पना भी की जा सकती थी? पहले पलायन होता था, आज यहां इन्वेस्टर समिट हो रहे हैं। भारत में जितने मोबाइल फोन बनाए जा रहे हैं, उनमें से आधे से अधिक केवल उत्तर प्रदेश में ही बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने पुरानी सियासत को बदल दिया है। हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और कृष्ण की पावन धरती है। पिछली सरकारों ने अपराध और जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था। जिनके हाथ से सत्ता गई है, वे आज फिर यूपी और समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे महिला विरोधी हैं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उन्होंने विरोध किया। लेकिन इन विपक्षी दलों को यूपी की सीटें बढ़ने से आपत्ति है। वे आपके वोट से संसद पहुंचते हैं और फिर यूपी को गाली देने वालों के साथ खड़े हो जाते हैं।