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डिप्टी सीएम अरुण साव का अलग अंदाज, स्कूटी पर सवार होकर किया विकास कार्यों का निरीक्षण

लोरमी. अक्सर राजनीति में ऊंचे पदों पर बैठे चेहरों के इर्द-गिर्द सुरक्षा का अभेद्य घेरा और सायरन बजाती गाड़ियाँ दिखाई देती हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस ‘वीआईपी दीवार’ को ढहाकर एक नई मिसाल पेश की है। आज उप मुख्यमंत्री का एक ऐसा अंदाज दिखा, जिसने यह साबित कर दिया कि वे पद से नहीं, बल्कि दिल से जमीन से जुड़े नेता हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव आज औचक निरीक्षण पर निकले थे, लेकिन उनका तरीका किसी को भी चौंकाने वाला था। अपनी चमचमाती सरकारी गाड़ी और प्रोटोकॉल को छोड़, डिप्टी सीएम ने एक आम नागरिक की तरह स्कूटी उठाई और खुद हैंडल संभालकर गलियों में निकल पड़े। रास्ते में जो भी मिला अरुण साव ने उनसे सीधा संवाद किया। स्कूटी रोककर बुजुर्गों का हाल जाना और युवाओं से विकास कार्यों पर फीडबैक लिया। जनता के बीच यह चर्चा का विषय है कि एक उपमुख्यमंत्री का इतना सहज और सरल होना लोकतंत्र की खूबसूरती को दर्शाता है। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को समय से गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

नेपाल लिंक वाले हवाला-साइबर गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस ने घोड़ासहन में की छापेमारी

मोतिहारी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन इलाके में पुलिस ने साइबर ठगी और हवाला कारोबार से जुड़े एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस कार्रवाई में करीब 69 लाख रुपए बरामद किए गए हैं और सीमा पार फैले एक बड़े वित्तीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। साइबर टीम को मिली खुफिया खबर से खुला राज साइबर थाना और चार स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात घोड़ासहन मेन रोड, बाजार क्षेत्र और वीरता चौक समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान करीब आधा दर्जन दुकानों की तलाशी ली गई। साइबर सेल के एसडीपीओ अभिनव पराशर ने बताया कि पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि साइबर ठगी से कमाया गया पैसा सीमा पार नेपाल में संचालित बैंक खातों के जरिए भेजा जा रहा है। नेपाली बैंकिंग चैनलों में घुमाया जाता था पैसा, 68 लाख कैश मिले सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जो अवैध रकम को नेपाली बैंकिंग चैनलों के जरिए घुमाकर जांच एजेंसियों से बचाने की कोशिश कर रहा था। एसडीपीओ ने बताया, 'छापेमारी के दौरान इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 69 लाख रुपए, 11 मोबाइल फोन, करेंसी गिनने की मशीन, नेपाल के कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और संपर्क के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कई व्हाट्सएप नंबर बरामद किए गए।' आम लोगों के बैंक खातों का होता था इस्तेमाल पुलिस का कहना है कि जब्त सामान पूरे साइबर क्राइम नेटवर्क का पता लगाने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर साइबर ठगी का कारोबार चला रहा था और इसके जरिए 50 करोड़ रुपए से अधिक के लेनदेन की आशंका है। गिरोह पर आरोप है कि वह आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध रकम के लेनदेन के लिए करता था और इसके बदले कमीशन देता था। जुटाई गई जानकारी के आधार पर छापेमारी की गई। इस दौरान 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 69 लाख रुपए, 11 मोबाइल फोन, करेंसी गिनने की मशीन, नेपाल के कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज मिले। नेटवर्क की जड़ें इंटरनेशनल पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूर्वी चंपारण से जुड़े इस नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी हैं और इसमें राज्य के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और छापेमारी और तलाशी अभियान जारी रहने की संभावना है।  

हवाई कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार, बिहार को मिलेंगे दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट

 पटना  बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। दोनों परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो गया है। सरकार के इस फैसले से पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को व्यापक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बदल जाएगी बिहार की तस्‍वीर खासकर सोनपुर एयरपोर्ट के निर्माण से पटना एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव में कमी आएगी, जबकि अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट पूर्वी बिहार के लिए नई उड़ान साबित होगा।   पटना से सटे सोनपुर के साथ-साथ सुल्तानगंज (भागलपुर) स्थित अजगैबीनाथ धाम में भी एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बिहार नागरिक विमानन विभाग ने दोनों परियोजनाओं के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये एजेंसी को 16 किस्तों में देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विस्तृत परियोजना और टाइमलाइन सोनपुर में करीब 4228.61 एकड़ और सुल्तानगंज में 3064.039 एकड़ भूमि पर एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक दोनों परियोजनाओं का निर्माण पूरा कर लिया जाए। डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की जिम्मेदारी RITES Limited को सौंपी गई है, जिसके लिए 5.06 करोड़ रुपये का परामर्श शुल्क निर्धारित किया गया है। जमीन अधिग्रहण पर बड़ा निवेश सोनपुर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण हेतु करीब 1302 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, भागलपुर क्षेत्र में 931 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए 472.72 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 150 करोड़ रुपये संबंधित जिला प्रशासन को जारी भी कर दिए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं सोनपुर एयरपोर्ट का प्रस्तावित रनवे करीब 5.5 किलोमीटर लंबा होगा, जिससे दुनिया के बड़े से बड़े विमानों की लैंडिंग संभव हो सकेगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार देश के प्रमुख एयर कनेक्टिविटी हब के रूप में उभर सकता है, जिससे निवेश, पर्यटन और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।

राजगढ़ में सीईओ का नया रूप, ‘ड्राइवर’ बने और ईमानदारी का मिला अद्भुत पुरस्कार

राजगढ़   मध्यप्रदेश के राजगढ़ के रहने वाले रमेश चंद्र शर्मा के लिए दिन बेहद खास था। जिंदगीभर उन्होंने जिस गाड़ी का स्टेयरिंग संभाला और ड्राइविंग की आज वो उसी गाड़ी में साहब की तरह बैठे थे। ये ईनाम था उनकी जिंदगीभर की ईमानदारी और अनुशासन का। दरअसल रमेश चंद्र शर्मा राजगढ़ जिला पंचायत में ड्राइवर थे। गुरुवार को जब उनका रिटायरमेंट था तो जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले ने प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। सीईओ ने ड्राइवर रमेश चंद्र के रिटायर होने पर उन्हें खुद अपनी गाड़ी में बैठाकर गाड़ी चलाते हुए उनके घर तक छोड़ने के लिए पहुंचे। जिला पंचायत सीईओ ने पेश की मिसाल जिला पंचायत राजगढ़ में एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश कर दी। वर्षों तक अपनी सेवाएं ईमानदारी और अनुशासन से देने वाले वाहन चालक रमेश चंद्र शर्मा के सेवानिवृत्त होने पर जिला पंचायत सीईओ डॉ इच्छित गढ़पाले ने न सिर्फ उन्हें सम्मानित किया, बल्कि स्वयं वाहन चलाकर उन्हें घर तक छोड़ने पहुंचे। जिला पंचायत परिसर में आयोजित विदाई समारोह में सेवानिवृत्त वाहन चालक की निष्ठा, समयपालन और अनुशासन की सराहना करते हुए सीईओ ने कहा कि किसी भी संस्था की मजबूती उसके कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण से तय होती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक ईमानदारी से सेवा देने वाले कर्मचारी हमेशा सम्मान के अधिकारी होते हैं। रिटायर हो रहे हमारे साथी रमेश चंद्र भी उन्हीं कर्मचारियों में से एक हैं जिन्होंने अपना कर्तव्य हमेशा ईमानदारी से निभाया है। खुद गाड़ी चलाकर ड्राइवर को छोड़ा घर समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब सीईओ डॉ इच्छित गढ़पाले ने सेवानिवृत्त चालक रमेश चंद्र शर्मा को अपनी सीट पर बैठाया और खुद ड्राइविंग सीट संभाल ली। इसके बाद सीईओ गढ़पाते खुद गाड़ी चलाते हुए रमेश चंद्र को उनके घर तक सम्मानपूर्वक छोड़ने पहुंचे। इस दौरान मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भावुक हो उठे और तालियों के साथ इस पहल का स्वागत किया। सेवानिवृत्त चालक रमेश चंद्र ने भी अपने सेवाकाल को याद करते हुए जिला पंचायत परिवार का आभार व्यक्त किया और सीईओ डॉ इच्छित गढ़पाले की ओर से दिए गए सम्मान के लिए उनका भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि यहां उन्हें हमेशा परिवार जैसा माहौल और सहयोग मिला, जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे। कार्यक्रम में जिला पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य स्टाफ मौजूद रहे। सभी ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सेवानिवृत्त कर्मचारी के सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सियासत में हलचल: नीतीश का नया ठिकाना बना शक्ति केंद्र, ‘7 नंबर’ से जुड़ी चर्चा तेज

पटना. बिहार की राजनीति में एक अहम बदलाव के संकेत के बीच नीतीश कुमार अब अपने नए आवास 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट हो चुके हैं। करीब दो दशकों तक 1 अणे मार्ग में रहने के बाद उनका यह स्थान परिवर्तन सियासी गलियारों में कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नीतीश कुमार के साथ उनके बेटे निशांत कुमार भी इसी आवास में रहेंगे। शुक्रवार को नए आवास में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शनिवार से यहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं का आना-जाना शुरू हो गया है, जिससे साफ है कि 7 सर्कुलर रोड अब सत्ता-समीकरणों का नया केंद्र बनने जा रहा है। 20 साल बाद बदला पता, बढ़ी हलचल करीब 20 वर्षों बाद आवास बदलने के फैसले को महज प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब राज्य में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा तेज है, यह बदलाव और भी अहम हो जाता है। ‘7’ नंबर से खास जुड़ाव नीतीश कुमार का ‘7’ अंक से खास लगाव लंबे समय से चर्चा में रहा है। 1977 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा, 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बने दोनों ही वर्षों में ‘7’ का संयोग रहा। 2005 में जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने, तब उनकी गाड़ी का नंबर 777 था। रेल मंत्री रहते उनके फोन नंबर का अंतिम अंक भी 7 बताया जाता है। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने ‘7 निश्चय’ योजनाओं की शुरुआत की, जो आज भी उनकी प्रमुख नीतिगत पहचान है। अब 7 सर्कुलर रोड में उनका शिफ्ट होना इस सिलसिले को और मजबूत करता दिख रहा है। दिल्ली में भी नया ठिकाना राज्यसभा सदस्य के रूप में नीतीश कुमार को नई दिल्ली में 9 नंबर का सरकारी बंगला आवंटित हुआ है। यह आवास अमित शाह और राहुल गांधी के आवास के नजदीक स्थित है, जो उनके राष्ट्रीय राजनीतिक कनेक्शन को भी दर्शाता है।

जम्मू रूट पर असर: पठानकोट–सुजानपुर फाटक 3 दिन बंद, यात्रियों का सफर बढ़ेगा

पठानकोट. जम्मू जाने वालों का सफर अब लंबा हो सकता है। दरअसल, पठानकोट-सुजानपुर रेलवे फाटक बंद रहने वाला है। मिली जानकारी के अनुसार रेलवे विभाग की ओर से सुजानपुर/पठानकोट मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक 2 मई से 4 मई तक बंद रखा जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फाटक के पास रेलवे परिधि में आने वाली सड़क की क्षमता बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण और सुधार से संबंधित काम किए जाएंगे, जिसके चलते यातायात पूरी तरह प्रभावित रहेगा। रेलवे के पीडब्ल्यूआई अनिल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए फाटक को अस्थायी रूप से बंद करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन से अनुमति भी ले ली गई है। रेलवे ने आम जनता से अपील की है कि वे इन तिथियों के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि एस.पी.एल. 4 सुजानपुर फाटक 2 मई सुबह 8 बजे से लेकर 4 मई शाम 7 बजे तक रेलवे फाटक बंद रहेगा। आपको बता दें कि, इस फाटक के बंद रहने से जम्मू जाने वालों का सफर लंबा हो सकता है। जम्मू कश्मीर जाने वाले लोगों के लिए पठानकोट शहर से सुजनापुर का रास्ता सुविधाजनक है। आज से 4 मई तक फाटक बंद रहने के कारण लंबा सफर तय करना होगा। जम्मू जाने के लिए लोगों को मलिकपुर के रास्ते से माधोपुर से लखनपुर पहुंचना होगा या फिर खानपुर से झझेली से होते हुए माधोपुर जाना पड़ेगा। इससे सफर 5 किलोमीटर अतिरिक्त हो जाएगा।पठानकोट. जम्मू जाने वालों का सफर अब लंबा हो सकता है। दरअसल, पठानकोट-सुजानपुर रेलवे फाटक बंद रहने वाला है। मिली जानकारी के अनुसार रेलवे विभाग की ओर से सुजानपुर/पठानकोट मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक 2 मई से 4 मई तक बंद रखा जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फाटक के पास रेलवे परिधि में आने वाली सड़क की क्षमता बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण और सुधार से संबंधित काम किए जाएंगे, जिसके चलते यातायात पूरी तरह प्रभावित रहेगा। रेलवे के पीडब्ल्यूआई अनिल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए फाटक को अस्थायी रूप से बंद करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन से अनुमति भी ले ली गई है। रेलवे ने आम जनता से अपील की है कि वे इन तिथियों के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि एस.पी.एल. 4 सुजानपुर फाटक 2 मई सुबह 8 बजे से लेकर 4 मई शाम 7:00 बजे तक रेलवे फाटक बंद रहेगा। आपको बता दें कि, इस फाटक के बंद रहने से जम्मू जाने वालों का सफर लंबा हो सकता है। जम्मू कश्मीर जाने वाले लोगों के लिए पठानकोट शहर से सुजनापुर का रास्ता सुविधाजनक है। आज से 4 मई तक फाटक बंद रहने के कारण लंबा सफर तय करना होगा। जम्मू जाने के लिए लोगों को मलिकपुर के रास्ते से माधोपुर से लखनपुर पहुंचना होगा या फिर खानपुर से झझेली से होते हुए माधोपुर जाना पड़ेगा। इससे सफर 5 किलोमीटर अतिरिक्त हो जाएगा।

ज्येष्ठ मास की शुरुआत के साथ 19 साल बाद बना अधिक मास का संयोग, बदलेगा त्योहारों का कैलेंडर

 सीकर आज यानी 2 मई से ज्येष्ठ मास की शुरुआत हो रही है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है. इस बार 19 साल बाद 'अधिक मास' का विशेष संयोग बन रहा है, जिसके चलते पूरे साल के त्योहारों का कैलेंडर बदल गया है. अगले 15 दिनों तक तो मांगलिक कार्य हो सकेंगे, लेकिन 17 मई से 15 जून तक विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों पर पूरी तरह रोक रहेगी. अगस्त के अंत में रक्षा बंधन, नवंबर में दीपावली अधिक मास के प्रभाव से इस साल रक्षाबंधन अगस्त के अंत में और दीपावली अक्टूबर की जगह नवंबर में मनाई जाएगी. मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में भगवान विष्णु की आराधना और दान-पुण्य का अक्षय फल मिलता है. खाटूश्यामजी मंदिर में क्यों बदला आरती का समय? जेठ के महीने में पड़ रही भीषण गर्मी और अधिक मास के धार्मिक महत्व को देखते हुए सीकर जिले के प्रसिद्ध खाटू धाम में आरती के समय में परिवर्तन किया गया है. श्री श्याम मंदिर कमेटी से मिली जानकारी के अनुसार, अब बाबा श्याम की श्रृंगार आरती प्रातः सुबह 7:00 बजे होगी. वहीं, सायंकालीन संध्या आरती अब शाम को 7:30 बजे की जाएगी. मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि भक्त भीषण गर्मी से बच सकें. श्रद्धालुओं के लिए मंदिर कमेटी के विशेष इंतजाम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि ज्येष्ठ माह की तपती गर्मी को देखते हुए श्याम भक्तों के लिए मंदिर परिसर में कूलर और पंखों की पुख्ता व्यवस्था की गई है. भक्तों को राहत देने के लिए तोरण द्वार से लेकर मंदिर आने तक के सभी मुख्य मार्गों पर समय-समय पर पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है. इसके अलावा अधिक मास में दान-पुण्य की विशेष महत्ता को देखते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, जिसके लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. क्या होता है अधिक मास और क्यों बढ़ जाते हैं दिन? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सौर वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच सामंजस्य बिठाने के लिए हर तीसरे वर्ष पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे 'अधिक मास' या 'मलमास' कहा जाता है. सौर वर्ष 365 दिन का होता है, जबकि चंद्र वर्ष करीब 354 दिनों का. इस 11 दिन के अंतर को पाटने के लिए हर तीन साल में एक महीना बढ़ जाता है. इस बार यह संयोग 19 साल बाद आया है, जो धार्मिक दृष्टि से विष्णु पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.

आज के दिन: लारा के 400 और 501 रन के रिकॉर्ड अब भी कायम*

 नई दिल्ली क्रिकेट की दुनिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों की लिस्ट जब बनाई जाएगी तो ये वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के बिना अधूरी रहेगी। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने बल्ले से ऐसी-ऐसी पारियां खेली हैं जिनकी मिसाल आज भी दी जाती है और इसलिए उन्हें क्रिकेट का मैराथन मैन भी कहा जाए तो कम नहीं होगा। आज यानी दो मई को इन्हीं लारा का जन्मदिन है। लारा का जन्म त्रिनिदाद में साल 1969 में हुआ था। इस खिलाड़ी ने अपने देश के लिए कुल 131 टेस्ट मैच खेले और 52.88 की औसत से 11,953 रन बनाए। वहीं वनडे में उन्होंने देश के लिए 299 वनडे मैच खेले जिसमें 40.48 की औसत से 10,405 रन बनाए। टेस्ट में उनके नाम 34 शतक और 48 अर्धशतक हैं। वहीं वनडे में उन्होंने अपने देश के लिए 19 शतक और 63 अर्धशतक जमाए हैं। 22 साल से नहीं टूटा रिकॉर्ड टेस्ट क्रिकेट में लारा का जलवा रहा है। उनके नाम टेस्ट की एक पारी में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड है। लारा ने इंग्लैंड के खिलाफ 10 अप्रैल 2004 को सेंट जोंस में नाबाद 400 रनों की पारी खेली थी। ये आज भी टेस्ट की एक पारी में किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे ज्यादा स्कोर है। लारा टेस्ट क्रिकेट में 400 रन बनाने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं। लारा ने अपने करियर में दो बार 300 का आंकड़ा हुआ है। वह ऐसा करने वाले सिर्फ चौथे बल्लेबाज हैं। उनके अलावा ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रेडमैन, उनके ही देश के क्रिस गेल और भारत के वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट में दो बार 300 का आंकड़ा पार किया है। 400 के बाद लारा का टेस्ट में दूसरे बेस्ट स्कोर 375 रन है जो उन्होंने सेंट जोंस मैदान पर ही इंग्लैंड के खिलाफ ही साल 1994 में बनाया था। लंबे समय तक उनका ये स्कोर टेस्ट का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी था। जिसे बाद में ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने तोड़ा था। हेडन ने नौ अक्टूबर 2003 को पर्थ में जिम्बाब्वे के खिलाफ 389 रनों की पारी खेली थी। लारा ने छह महीने में ही टेस्ट में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ पारी का रिकॉर्ड दोबारा अपने नाम कर लिया था। लारा ने बनाए 500 रन इंटरनेशनल क्रिकेट में टेस्ट में लारा ने नाबाद 400 रन बनाए, लेकिन उन्होंने 500 रनों का आंकड़ा भी छुआ है। उन्होंने इंग्लैंड की काउंटी वार्विकशर के लिए खेलते हुए डरहम के खिलाफ साल 1994 में नाबाद 501 रनों की पारी खेली थी। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ये किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर है। ये रिकॉर्ड भी 32 सालों से नहीं टूटा है। लारा को पता था कि टेस्ट में लंबी पारियां कैसे खेलनी है और विकेट पर कैसे टिके रहना है और इसलिए उन्हें क्रिकेट का मैराथन मैन कहा जाए तो गलती नहीं होगी।  

Sushasan Tihar के दूसरे दिन तेज कार्रवाई, सैकड़ों शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान

रायपुर. सुशासन तिहार 2026 का आगाज हो चुका है और आज इसका दूसरा दिन है। शिविरों में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। कूंरा नगर पंचायत में कुल 196 आवेदनों में से 136 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं, अभनपुर के कठिया में प्राप्त 779 आवेदनों में से 588 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। शिविरों में क्षेत्र के विधायक भी मौजूद रहे। इस दौरान लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी दिया गया, जिसमें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बीज वितरण और जॉब कार्ड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि शेष बचे आवेदनों का भी जल्द ही निराकरण कर लिया जाएगा। सुशासन तिहार के तहत जिले में आगे भी ऐसे शिविर आयोजित कर आम जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

ब्रह्म मुहूर्त में उठने के फायदे: मानसिक शांति से लेकर बढ़ती एकाग्रता तक

  सुबह की वह घड़ी, जब दुनिया अभी पूरी तरह जागी नहीं होती, हवा में हल्की ठंडक होती है और हर तरफ सुकून पसरा रहता है यही समय है ब्रह्म मुहूर्त का। यह वह पल है जब प्रकृति आपको खुद से जुड़ने का मौका देती है। सूर्योदय से करीब डेढ़ घंटे पहले आने वाला यह समय मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए बेहद खास माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त क्यों है इतना खास? प्राचीन समय में ऋषि-मुनि इसे साधना और ज्ञान का श्रेष्ठ समय मानते थे। आज के दौर में भी इसकी अहमियत बनी हुई है। इस समय वातावरण शांत होता है, दिमाग तरोताजा रहता है और शरीर पूरी नींद के बाद सक्रिय होता है। इसलिए इस दौरान किया गया हर काम ज्यादा प्रभावी होता है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि सुबह जल्दी उठने से दिमाग अधिक एक्टिव रहता है, तनाव कम होता है और दिन की शुरुआत सकारात्मक होती है। जो लोग इस समय उठते हैं, उनकी दिनचर्या अधिक संतुलित और ऊर्जा से भरी रहती है। ब्रह्म मुहूर्त में क्या करें? इस समय की शुरुआत कुछ पल शांति से बैठकर करें। ध्यान या मेडिटेशन करने से मन स्थिर होता है और सोच स्पष्ट होती है। इसके बाद हल्का योग या प्राणायाम शरीर को एक्टिव करता है। अगर आप आध्यात्मिक झुकाव रखते हैं, तो पूजा, मंत्र जाप या ध्यान इस समय करना और भी लाभकारी माना जाता है। किन गलतियों से बचना जरूरी है? अलार्म बंद करके दोबारा सो जाना इस समय की सबसे बड़ी गलती है। उठते ही मोबाइल चलाना या नकारात्मक खबरें देखना भी दिमाग पर बुरा असर डालता है। इसके अलावा गुस्सा करना, बहस करना या नकारात्मक सोच रखना पूरे दिन के मूड को बिगाड़ सकता है। इस समय भारी भोजन करने से भी बचना चाहिए। पढ़ाई और क्रिएटिव काम के लिए बेस्ट टाइम ब्रह्म मुहूर्त में दिमाग सबसे ज्यादा शांत और केंद्रित होता है, इसलिए यह पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों के लिए आदर्श समय है। छात्रों के लिए यह समय खास फायदेमंद है, क्योंकि याददाश्त और समझने की क्षमता बेहतर होती है। आध्यात्मिकता और आधुनिक सोच का मेल कई लोग इसे देवताओं का समय मानते हैं और इस दौरान पूजा-पाठ को विशेष फलदायी बताते हैं। वहीं आधुनिक नजरिए से देखा जाए तो यह समय मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी है। सुबह की सकारात्मक शुरुआत पूरे दिन को बेहतर बना देती है।   कैसे डालें ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत? इस आदत को अपनाने के लिए धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या बदलें। रात को समय पर सोएं और सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करें। अलार्म लगाकर उठें और तुरंत बिस्तर छोड़ दें। कुछ दिनों के अभ्यास के बाद यह आपकी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन जाएगा।