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UP में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना, पूरी योजना जानें

  लखनऊ उत्तर प्रदेश में जातीय जनगणना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. जनगणना निदेशक और मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने बताया कि राज्य में जातीय जनगणना की तैयारी की जा रही है. शीतल वर्मा ने ये भी बताया कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में बांटा गया है।  पहले फेज में 'हाउस होल्ड लेवल' यानी घरेलू स्तर पर डेटा जुटाया जाएगा. इसमें परिवारों की बुनियादी जानकारी और मकानों की लिस्ट तैयार की जाएगी. दूसरा चरण सबसे अहम चरण होगा।  दूसरे फेज की जनगणना फरवरी में शुरू होगी जिसमें 'व्यक्तिगत डेटा' का कलेक्शन किया जाएगा. इसी दौरान लोगों से उनकी जाति के बारे में जानकारी ली जाएगी।  वर्मा ने जानकारी दी कि दूसरे फेज में होने वाली ये गणना, आजादी के बाद पहली बार होगी. केंद्र सरकार की नीति के तहत इस बार जातिगत आंकड़ों को जनगणना का हिस्सा बनाया जा रहा है. अब तक जनगणना में जातियों का विवरण इस तरह व्यक्तिगत रूप से नहीं लिया जाता था।  फरवरी 2027 में होगा दूसरा चरण इसमें जनगणना एजेंट घर-घर जाकर हर मकान की स्थिति, परिवार को मिलने वाली सुविधाएं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी एक मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज करेंगे। दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। इस दौरान जनसंख्या की विस्तृत गणना की जाएगी। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह प्रक्रिया पहले चरण में जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर आगे बढ़ेगी। राज्य में जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। करीब 5.25 लाख कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस बार की जनगणना में जातिगत जनगणना भी शामिल इनमें सभी 18 मंडल आयुक्त, 75 जिलाधिकारी, 17 नगर आयुक्त, 600 जिला स्तरीय अधिकारी, 1195 चार्ज अधिकारी, 285 मास्टर ट्रेनर, 6939 फील्ड ट्रेनर के साथ लगभग 5 लाख पर्यवेक्षक और प्रगणक शामिल हैं। इस बार की जनगणना में जातिगत जनगणना भी शामिल होगी, जो दूसरे चरण में की जाएगी। इसे आजादी के बाद पहली बार लागू किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए अभी SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार नहीं हुई है। शीतल वर्मा ने बताया कि दूसरे चरण में केंद्र सरकार की नीति के अनुसार जातीय जनगणना होगी। पहले चरण में केवल मकानों और घरेलू जानकारी का डेटा लिया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में व्यक्तिगत स्तर पर विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह जनगणना आने वाले समय में विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अभी एसओपी का इंतजार भले ही जातिगत जनगणना प्रक्रिया शुरू करने की तैयारियां हो रही हैं, लेकिन अभी इसकी एसओपी (Standard Operating Procedure) तय होना बाकी है. जातिगत जनगणना की प्रक्रिया कैसे चलेगी और किन नियमों का पालन होगा, इसके लिए एसओपी का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।  नीति और डेटा सुरक्षा शीतल वर्मा ने बताया कि जातीय जनगणना पूरी तरह से केंद्र सरकार की निर्धारित नीतियों के तहत ही पूरी होगी. व्यक्तिगत डेटा कलेक्शन के दौरान प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा।  जातिगत जनगणना उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक ढांचे के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है. फरवरी में होने वाले दूसरे चरण पर प्रशासन और जनता, दोनों की नजरें टिकी हुई हैं. इसके जरिए राज्य की आबादी के असल जातीय आंकड़े सामने आ पाएंगे।  जानें महत्वपूर्ण बातें     जनगणना में caste census यानी जातिगत जनगणना भी होगी यह दूसरे चरण में होगा           आजादी के बाद पहली बार होगी जातिगत जनगणना           जातिगत जनगणना दूसरे चरण में होगी।           अभी जातिगत जनगणना की प्रक्रिया sop का बनना बाकी है।           जनगणना निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा का बयान।           दूसरे फेज फरवरी में होगी जातीय जनगणना।           दूसरे फेज में केंद्र की नीति के तहत होगी जातीय जनगणना।           पहले फेज में हाउस होल्ड लेवल डाटा कलेक्शन होगा।           दूसरे फेज में व्यक्तिगत डाटा कलेक्शन होगा।           अभी जातीय जनगणना की SOP नहीं की गई तय।           दूसरे फेज में आजादी के बाद पहली बार होगी जातीय जनगणना।  

शिलांग कोर्ट का अहम फैसला, मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम को मिली जमानत को आधार पर जेल में बंद अन्य आरोपी विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत ने भी कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन दायर किया है। उधर, राज कुशवाहा की जमानत के लिए सोमवार को नई अर्जी लगाई जाएगी। शिलॉन्ग अदालत ने सोनम को जमानत दे दी है, जबकि इस हत्याकांड के एक अन्य आरोपी राज कुशवाहा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। राज कुशवाहा के वकील फुयोसा योबिन के अनुसार, सेशन कोर्ट ने जमानत याचिका को ‘तकनीकी आधार’ पर निरस्त किया है। इस लिए अभी जमानत की उम्मीद बाकी है।  बेल के बाद से होटल में रह रही सोनम सोनम रघुवंश को जमानत मिल गई है। मंगलवार रात जेल से रिहा होने के बाद सोनम रघुवंशी शिलांग के एक होटल में ठहरी है। अदालत ने उसे शिलांग से बाहर नहीं जाने की शर्त पर जमानत दी है। लेकिन अब वह इस शर्त से बाहर निकलने के उपाय कर रही है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार वह सुरक्षा कारणों का हवाला देकर शिलॉन्ग से बाहर जाने की अनुमति मांगने के लिए नई अर्जी लगाने वाली है। अगर उसकी मांग स्वीकार कर ली गई तो उसे शिलांग से निकलने की अनुमति मिल जाएगी।  इस आधार पर निरस्त हुई राज की याचिका राज के वकील ने बताया कि आवेदन में पिछले बेल आवेदन का उल्लेख नहीं किया गया था, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। वकील ने कहा कि जमानत का आवदेन खारिज करने का निर्णय मेरिट के आधार पर नहीं लिया गया है। अब सोमवार को नई जमानत अर्जी दायर की जाएगी। उम्मीद है इस बार उसे जमानत मिल जाएगी। जमानत याचिका खारिज करते हुए शिलॉन्ग कोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया आरोपी राज के वकील ने याचिका में उसके आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं है, जो नियमों का उल्लंघन है। इसी आधार पर अर्जी निरस्त की गई। सोनम की जमानत रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट गए राजा के परिवार वाले शिलॉन्ग पुलिस ने अपनी जांच में सोनम और राज को राजा की हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताया था. अब सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए शिलॉन्ग पुलिस हाईकोर्ट जाएगी. इसके अलावा सोनम रघुवंशी की जमानत पर राजा रघुवंशी के परिवाले बिल्कुल भी खुश नजर नहीं आए. बताया जा रहा है कि राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी भी जल्द हाईकोर्ट में सोनम की जमानत रद्द करने के लिए आवेदन करेंगे. राजा का परिवार सीबीआई जांच की मांग भी कर रहा है।  शिलॉन्ग की घाटी में पड़ा हुआ मिला था राजा रघुवंशी का शव सोनम रघुवंशी और राजा रघुवंशी की शादी मई 2025 में हुई थी. इसके बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघायल के शिलॉन्ग गए थे. जहां कुछ दिनों बाद ही दोनों लापता हो गए. फिर राजा का शव शिलॉन्ग की एक घाटी में पड़ा हुआ मिला. जहां उनके शरीर पर कई धारदार हथियार के निशान थे. बाद में पुलिस ने वह हथियार भी बरामद किया था. फिर शक की सुई पत्नी सोनम की तरफ घूमी थी, क्योंकि राजा की हत्या के बाद से ही वह भी लापता थी।  इसके बाद पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया था. बाद में उसके प्रेमी राज कुशवाहा को पुलिस ने दबोचा था. पुलिस ने दोनों पर ही राजा की हत्या करने और उसकी साजिश रचने के आरोप लगाए थे. फिलहाल सोनम जेल से बाहर है, लेकिन प्रेम राज को अभी जेल में रहना होगा।  किया मुनेश बनाम यूपी केस का जिक्र कोर्ट ने अपने आदेश में अप्रैल 2025 के चर्चित फैसले मुनेश बनाम उत्तरप्रदेश का उल्लेख किया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि अब नियमित या अग्रिम जमानत मांगने वाले हर याचिकाकर्ता को अपने आपराधिक इतिहास का पूरा खुलासा करना अनिवार्य होगा। देश के शीर्ष कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कोई याचिकाकर्ता अपने बारे में कोई जानकारी छुपाता है या गलत जानकारी देता है, तो उसकी जमानत याचिका खारिज की जा सकती है। यह व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और जमानत प्रावधानों के दुरुपयोग को रोकने के लिए लागू की गई है।   राज का परिवार दूर, वकील कर रहे कार्रवाई राज की गिरफ्तारी के बाद उसका परिवार इंदौर से उत्तर प्रदेश स्थित गांव चला गया है। फिलहाल कोई भी परिजन उससे मिलने नहीं आ रहा है और कोर्ट संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए वकील ही शिलॉन्ग जेल पहुंचते हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया है कि लंबे समय तक जेल में रखना आरोपी के अधिकारों का उल्लंघन है, लेकिन कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया है। इससे अन्य आरोपियों की जमानत राह भी कठिन हो गई है।   शिलांग पुलिस सोनम की बेल को देगी चुनौती  उधर, शिलॉन्ग पुलिस सोनम की जमानत को चुनौती देने के लिए मेघालय हाई कोर्ट का रुख करने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने दावा किया कि सोनम इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड है और उसकी रिहाई से गवाहों पर प्रभाव पड़ सकता है। शिलॉन्ग एसपी विवेक सियेम ने कहा कि जांच कानून के अनुसार जारी रहेगी और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) पिछले 10 महीनों से जांच कर रही है। 

लक्ष्य सेन की शानदार वापसी, सात्विक-चिराग और आयुष शेट्टी ने दिलाई भारत को बड़ी जीत

 होर्सेंस  लक्ष्य सेन की जोरदार वापसी के बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की डबल्स जोड़ी तथा युवा आयुष शेट्टी के बेहतरीन खेल के प्रदर्शन से भारत ने शुक्रवार को चीनी ताइपे के विरुद्ध 3-0 की अजेय बढ़त हासिल करके थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल्स के सेमीफाइनल में जगह पक्की की। इस जीत से भारत का इस टूर्नामेंट में पदक भी पक्का हो गया है। लक्ष्य ने दो मैच प्वाइंट बचाते हुए विश्व के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन को हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। लक्ष्य अधिकतर समय पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने गजब का जुझारूपन दिखाया और एक घंटे और 28 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में 18-21, 22-20, 21-17 से जीत दर्ज की। इसके बाद सात्विक और चिराग की डबल्स जोड़ी ने चियू सियांग चिएह और वांग ची-लिन को एक घंटे और 15 मिनट में 23-21 19-21 21-12 से हराकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। फिर आयुष शेट्टी ने दूसरे सिंगल्स में विश्व में नंबर आठ और मौजूदा ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियन लिन चुन-यी को 21-16, 21-17 से हरा दिया। भारत के पूर्व कोच विमल कुमार ने कहा कि यह यादगार प्रदर्शन है। भारत अब सेमीफाइनल में फ्रांस या जापान में से किसी एक टीम का सामना करेगा। भारत ने 2022 में थॉमस कप जीता था। इसके अलावा 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदक जीते थे।

बिहार राजनीति में नया मोड़, नीतीश-डिप्टी सीएम बैठकों से बढ़ी चर्चा

 पटना बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग खाली कर 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट कर लिया है। इस बदलाव को केवल आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि संभावित राजनीतिक पुनर्संरचना के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। शनिवार को सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के साथ नीतीश कुमार से उनके नए आवास पर मिलने पहुंचे। करीब 20 मिनट चली इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इसमें संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और सत्ता संतुलन पर गहन चर्चा हुई। इससे पहले दिन की शुरुआत में ही नीतीश कुमार ने दूसरे डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव से मुलाकात की। साथ ही पूर्व मंत्री अशोक चौधरी से भी बातचीत की। इन लगातार बैठकों ने सियासी हलकों में अटकलों को और तेज कर दिया है। कैबिनेट विस्तार की उलटी गिनती बिहार में 15 अप्रैल से मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम के हाथों में ही सभी विभागों की जिम्मेदारी है, जिस पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में अब माना जा रहा है कि पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के तुरंत बाद बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि नए मंत्रिमंडल में ज्यादातर पुराने चेहरों की वापसी हो सकती है, जबकि नए चेहरों की संख्या सीमित रहने के आसार हैं। इससे साफ है कि नेतृत्व अनुभव और राजनीतिक संतुलन को प्राथमिकता देना चाहता है। विजय सिन्हा पर टिकी नजरें इस संभावित विस्तार में सबसे ज्यादा नजरें पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर टिकी हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार, खनन जैसे अहम विभाग संभालते हुए उनके कई फैसले चर्चा में रहे थे। हालांकि नई सरकार ने उनके कुछ फैसलों को पलट दिया है और विभागीय स्तर पर बदलाव भी किए गए हैं। प्रधान सचिव का तबादला किया जा चुका है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या विजय सिन्हा को उनके पुराने विभागों की जिम्मेदारी फिर से सौंपी जाएगी या उन्हें नई भूमिका दी जाएगी। कुल मिलाकर, नीतीश कुमार के आवास परिवर्तन से लेकर लगातार हो रही राजनीतिक बैठकों तक, बिहार में सत्ता समीकरणों के नए दौर की आहट साफ सुनाई दे रही है। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार इस सियासी हलचल को नई दिशा दे सकता है।  

बिहार में परीक्षा घोटाला, BPSC ने 32 अभ्यर्थियों पर लगाया प्रतिबंध

 पटना  बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आखिरकार सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी की परीक्षा रद कर दी है। परीक्षा में कदाचार और गड़बड़ी के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई। इस मामले में 6 जिलों में 8 एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिसके बाद आयोग ने सख्त कदम उठाया। इसके साथ ही 32 परीक्षार्थियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ये अब आयोग की किसी भी आगामी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। मुंगेर में सामने आया मामला AEDO परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर ब्लूटूथ और अन्य आधुनिक उपकरणों के जरिए नकल करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, सतर्क प्रशासन ने इन प्रयासों को विफल कर दिया। 14 से 21 अप्रैल तक 935 पदों के लिए 9 पालियों में परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। वहीं, अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी के लिए 23 अप्रैल को परीक्षा हुई थी। शिक्षा विभाग के तहत AEDO की वैकेंसी राज्य में पहली बार निकाली गई थी, जिसके लिए 10 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। BPSC ने तीन चरणों में परीक्षा आयोजित की थी—पहला चरण 14-15 अप्रैल, दूसरा 17-18 अप्रैल और तीसरा चरण 20-21 अप्रैल को हुआ था। डीएम को मिली थी पहले ही सूचना परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले ही मुंगेर में डीएम को गड़बड़ी की सूचना मिली थी, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस मामले में अब तक 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 36 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक 22 गिरफ्तारियां मुंगेर से हुई हैं। मामले की जांच में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) भी जुट चुकी है, हालांकि 12 दिन बाद भी मास्टरमाइंड का पता नहीं चल सका है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान प्रश्नपत्र लीक या वायरल होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। जिलेवार एफआईआर का ब्योरा:     मुंगेर – 1     नालंदा – 1     बेगूसराय – 1     वैशाली – 1     गया – 2     समस्तीपुर – 2  

बिहार राजधानी में सख्ती, 9 टीमों के साथ अवैध कब्जों पर प्रशासन की कार्रवाई शुरू

पटना  बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर से अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन का बुलडोजर गरजने वाला है। पटना की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने एक बड़े एक्शन प्लान की तैयारी कर ली है। आज से लेकर 30 मई तक पटना के विभिन्न इलाकों में एक सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत मुख्य रूप से नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, पटना सिटी और दानापुर जैसे व्यस्त और प्रमुख इलाकों को चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में सड़क किनारे अवैध रूप से लगाई गई दुकानें, ठेले और पक्के या कच्चे निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा। 9 विशेष टीमों का गठन किया गया इस महाभियान को सफल और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। जानकारी के अनुसार, अतिक्रमण के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए 9 विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें तय किए गए इलाकों में जाकर अवैध कब्जों को हटाएंगी। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग के लिए प्रशासन द्वारा रोजाना समीक्षा बैठक भी की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्रवाई सही दिशा में और प्रभावी तरीके से हो रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही, नरमी या पक्षपात न बरता जाए। बाधा डालने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस अभियान का विरोध करने या सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एक और अहम और कड़ा फैसला लिया गया है कि जिन स्थानों से प्रशासन द्वारा एक बार अतिक्रमण हटा दिया जाएगा, वहां अगर दोबारा किसी ने कब्जा करने या दुकान लगाने की कोशिश की, तो उस व्यक्ति के खिलाफ सीधी एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। बता दें कि पटना में अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई कोई नई बात नहीं है, बल्कि इससे पहले 30 अप्रैल को भी प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विधायक आवास के पीछे से लगभग 100 से 150 अवैध दुकानों और निर्माणों को हटाया था। उसी तर्ज पर अब शहर के अन्य हिस्सों को भी साफ करने की योजना है।

आंगनबाड़ी व्यवस्था में बड़ा बदलाव: 4000 केंद्र सरकारी इमारतों में शिफ्ट, बच्चों को बेहतर सुविधाएं

पंचकूला. हरियाणा के शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में किराये के भवन में चल रहे चार हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को अब सरकारी इमारतों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश जारी किए है। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने बजट भाषण में की थी, जिसके बाद उसे पूरा किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों के सरकारी भवनों में उपयुक्त जगह की पहचान करने के लिए दूसरे विभागों को पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। हरियाणा सरकार ने बच्चों को पोषण के साथ उपयुक्त माहौल देने के लिए प्रदेश के करीब एक हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र और एक हजार केंद्रों को प्ले-स्कूलों में अपग्रेड करने का फैसला इसी सत्र में किया है। ऐसे में परेशानी यह है कि केंद्र गांवों तथा शहरों में छोटे-छोटे कमरों या स्कूलों में बने एक कमरे में चलाए जा रहे हैं।

BJP में संगठनात्मक बदलाव, Hemant Khandelwal की सहमति से नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति

भोपाल मध्यप्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal की सहमति से मध्यप्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्षों की नई नियुक्तियों की सूची जारी कर दी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों के जरिए संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। खासकर किसान मोर्चा के माध्यम से ग्रामीण और कृषक वर्ग तक पार्टी की पहुंच को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश भाजपा में इन दिनों लगातार नियुक्तियों का दौर जारी है। अलग-अलग मोर्चों और संगठनों में नई जिम्मेदारियां देकर पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है, जिससे आगामी चुनावी तैयारियों को धार मिल सके। नई सूची जारी होने के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और उम्मीद जताई जा रही है कि नए जिला अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को और मजबूती प्रदान करेंगे।

हेल्थ अलर्ट: तरबूज कांड के बाद लोगों को चेतावनी, कटे या छिले फल खरीदने से बचें

चंडीगढ़. मुंबई में तरबूज खाने से कथित मौत की खबरों के सामने आने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन का स्वास्थ्य और फूड सेफ्टी विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शहर की विभिन्न मार्केटों से तरबूज के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए एफ.एस.एस.ए.आई से मान्यता प्राप्त एन.ए.बी.एल. लैबोरेटरी में भेजा गया है। इसके साथ ही शहर के कई सेक्टरों में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब भी तैनात की गई हैं, ताकि मौके पर ही फलों की गुणवत्ता की जांच की जा सके। प्रारंभिक जांच रिपोर्टों में अब तक किसी भी प्रकार के नकली रंग या अतिरिक्त मिठास की मिलावट सामने नहीं आई है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी कर सड़क किनारे बिकने वाले कटे या छिले फल न खाने की सलाह दी है। लाइसेंसधारी से ही खरीदारी की अपील इसके साथ ही ज्यादा पके, खराब या बदबूदार फल न खरीदने, उपयोग से पहले फलों को अच्छी तरह धोने और केवल साफ-सुथरे व लाइसेंसधारी दुकानदारों से ही खरीदारी करने की अपील की गई है। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि कहीं मिलावट या अस्वास्थ्यकर गतिविधि नजर आए, तो नागरिक तुरंत ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप या एफ.एस.एस.ए.आई. पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

शनि जयंती 2026: इस बार बन रहा है दुर्लभ संयोग, जानें तिथि और पूजा मुहूर्त

शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है, जिनकी पूजा विशेष रूप से जीवन में अनुशासन, धैर्य और कर्मों के फल से जुड़ी होती है। मान्यता है कि शनि देव का जन्म ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को हुआ था, इसलिए हर वर्ष इसी दिन शनि जयंती मनाई जाती है। इस बार शनि जयंती पर तीन अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे यह पर्व और भी अधिक महत्वपूर्ण और फलदायी माना जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से शनि देव की पूजा और व्रत करने से जीवन के कष्टों में कमी आती है, साथ ही साढ़ेसाती और ढैय्या के नकारात्मक प्रभाव भी कम होते हैं। आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार इस वर्ष शनि जयंती की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व क्या है। शनि जयंती तिथि ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि आरंभ: 16 मई, शनिवार, प्रातः 05:11 से ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि समाप्त:  17 मई , देर रात  01:30 तक शनि जयंती के शुभ योग     पंचांग के अनुसार 16 मई को शनि जयंती के साथ शनिश्चरी अमावस्या का भी योग बन रहा है, जिससे यह दिन दोगुना फलदायी हो गया है। शनि अमावस्या पर व्रत और शनि देव की पूजा का विशेष महत्व होता है, इसलिए इस बार का संयोग भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।     इसके अलावा इस दिन सौभाग्य योग और शोभन योग भी बन रहे हैं। सौभाग्य योग 15 मई दोपहर 2:21 बजे से 16 मई सुबह 10:26 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शोभन योग शुरू होगा और यह 17 मई सुबह 6:15 बजे तक प्रभावी रहेगा। इन दोनों योगों को शुभ कार्यों और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। शनि जयंती के दिन भरणी नक्षत्र प्रातःकाल से लेकर शाम 5:30 बजे तक रहेगा, इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र और देवता यमराज माने जाते हैं, जबकि कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य और देवता अग्नि हैं। इन सभी संयोगों के कारण इस वर्ष शनि जयंती का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। शनि जयंती पूजा मुहूर्त     शुभ-उत्तम मुहूर्त: प्रातः  07:12 से प्रातः  08:54 तक     चर-सामान्य मुहूर्त:  दोपहर 12:18 से दोपहर 02:00 तक     लाभ-उन्नति मुहूर्त: दोपहर 02:00 से दोपहर 03:42 तक     अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: दोपहर 03:42 से सायं  05:23 तक     शनि जयंती पर ब्रह्म मुहूर्त:  प्रातः 04:07 से  04:48  तक       अभिजीत मुहूर्त: 11:50 से दोपहर 12:45 तक शनि जयंती महत्व शनि जयंती का महत्व अत्यंत गहरा और आध्यात्मिक माना जाता है। इस दिन भक्त विशेष रूप से शनि देव की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके मंत्रों का जाप करके उनसे कृपा और कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शनि देव अपनी माता छाया के साथ हुए अपमान से क्रोधित होकर अपने पिता सूर्य देव से विरक्त हो गए थे। बाद में उन्होंने कठोर तपस्या कर भगवान शिव से न्याय के देवता का स्थान प्राप्त किया और ग्रहों में विशेष स्थान एवं कर्मफल दाता का वरदान पाया। इसी कारण शनि देव को जीवन में अनुशासन, न्याय और कर्मों के संतुलन का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि शनि जयंती के दिन विधिवत पूजा करने से साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों में कमी आती है।   शनि जयंती पूजा विधि     सुबह जल्दी उठकर हनुमान जी की पूजा करें और दिन की शुरुआत व्रत के साथ करें।     पूरे दिन उपवास रखने का विधान है, जिससे मन और शरीर शुद्ध रहता है।     शाम के समय शनि मंदिर जाकर शनि देव को तिल, उड़द दाल, काली मिर्च, सरसों का तेल और लौंग अर्पित करें।     “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करते हुए शनि देव को प्रसन्न करने का प्रयास करें।     शनि देव से संबंधित वस्तुएं जैसे लोहे का सामान, काला तिल, जामुन, काले जूते और सरसों का तेल दान करना शुभ माना जाता है।     पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनि स्तोत्र का पाठ करें।