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सीबीआई जांच के नाम पर बड़ा फ्रॉड, साइबर ठगों ने रिटायर्ड अफसर को बनाया शिकार

 मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर में एक रिटायर अधिकारी को साइबर ठगों ने सीबीआई जांच के नाम पर डराकर 17 लाख रुपए ठग लिए। वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर घर में नजरबंद रखा और धमकाते रहे। पैसे ट्रांसफर कर देने के बाद भी जब फ्रॉड आगे की मांग करने लगे तब जाकर पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ। साइबर थाने में शिकायत के बाद ऐक्शन में आई पुलिस न तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। उनके ठिकाने से कई राज्यों के बैंक पासबुक, एटीएम और फर्जरी से जुड़े अन्य सामान बरामद किए गए हैं। ठगी गिरोह में मुजफ्फरपुर के अलावे वैशाली जिसे के शातिर भी शामिल हैं। साइबर फ्रॉड के शिकार मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा गांव निवासी भोला प्रसाद बिजली विभाग से अवकाश प्राप्त अधिकारी हैं। पुलिस को दिए आवेदन में उन्होंने बताया कि करीब तीन हफ्ते पहले उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से वीडियो कॉल आया। उन्होंने रिसीव किया तो फोन करने वाले ने बड़े रौब से बात की और खुद को सीबीआई का बड़ा अधिकारी बताया। उसने भोला प्रसाद को डरा दिया और कहा कि उनके खिलाफ जांच और बड़ी कार्रवाी चल रही है। आरोप लगाया कि बिजली विभाग की नौकरी में रहते हुए उन्होंने काफी गबन किया है। गुप्त तरीके से सीबीआई जांच में आरोप सत्य पाय जाने के कारण गिरफ्तारी वारंट निकल चुका है। कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। कॉलर ने धमकाया कि आपको वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट किया जा चुका है। कैमरे के सामने से हटे तो तुरंत पुलिस घर तक पहुंच जाएगी और गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ऐसे हुआ शक बदमाशों ने कहा कि उनके खिलाफ 17 लाख गबन का प्रमाण मिला है। अंगर दिए गए अकाउंट में यह राशि जमा करा दें तो गिरफ्तारी से बच सकते हैं। विभागीय कार्रवाई चलती रहेगी। राशि जमा करा देने से कार्रवाई में राहत मिलेगी। डर के मारे उन्होंने मांगी गई राशि अपने खाते से ट्रांसफर कर दिया। जब आगे भी उन्हें धमकाया गया और पैसों की डिमांड की तो उन्हें शक हो गया। जब उन्होंने सवाल पूछना शुरू किया तो फ्रॉड ने कॉल डिस्कनेक्ट कर नंबर को बंद कर दिया। उसके बाद उन्हें सच्चाई का पता चला। वैज्ञानिक जांच से चिन्हित हुए शातिर पीड़ित ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया। साइबर डीएसपी हिमांशु के नेतृत्व में गठित टीम ने बैंक खातों की जांच करके स्थानीय शातिरों को चिन्हित किया और उनकी गिरफ्तारी की गई। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि साइबर टीम ने ट्रांजेक्शन पाथ, मोबाइल नंबर और अन्य तरीकों से वैशाली में छापेमारी की। पुलिस ठिकाने पर पहुंची तो दंग रह गई। ठिकाने पर इंटरनेशन कॉलिंग डिवाइस, कई राज्यों के बैंक खातों के सबूत और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले। मुजफ्फरपुर के मनियारी में भी छापेमारी करके विक्रम कुमार नाम के शातिर को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर बृजेश कुमार और कृष्ण कुमार की गिरफ्तारी की गई। सभी गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

कोकोनट लस्सी रेसिपी: गर्मी में ठंडक देने वाला हेल्दी ड्रिंक

 गर्मियों के मौसम में जब पारा चढ़ने लगता है तो शरीर को हाइड्रेटेड और पेट को ठंडा रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. वैसे तो उत्तर भारत में लस्सी सबसे लोकप्रिय समर ड्रिंक है लेकिन अगर आप वही साधारण लस्सी पीकर बोर हो चुके हैं तो क्यों ना कुछ नया ट्राई किया जाए. ऐसे में कोकोनट यानी नारियल की लस्सी आपके लिए परफेक्ट हो सकती है. नारियल की लस्सी के फायदे कोकोनट लस्सी न केवल स्वाद में बेहतरीन है बल्कि नारियल की तासीर ठंडी होने के कारण यह आपके पेट को दोगुनी ठंडक पहुंचाती है. यह एक ऐसा प्रीमियम ड्रिंक है जो आपको ताजगी के साथ-साथ भरपूर ऊर्जा भी देती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की बेहद आसान और झटपट रेसिपी. लस्सी के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें ताजा दही (गाढ़ा) – 2 कप नारियल का दूध या कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल – 1 कप नारियल पानी (लस्सीको पतला करने के लिए) – 1/2 कप चीनी या मिश्री पाउडर – स्वादानुसार इलायची पाउडर – एक चुटकी बर्फ के टुकड़े  – 4-5 बारीक कटा हुआ सूखा नारियल और कटे हुए बादाम बनाने का तरीका एक मिक्सर जार या ब्लेंडर में गाढ़ा दही और नारियल का दूध डालें. अगर आप ताजा नारियल इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे पहले बारीक पीस लें. इसमें स्वादानुसार चीनी, इलायची पाउडर और थोड़े से बर्फ के टुकड़े डालें. अब सभी सामग्रियों को 1-2 मिनट के लिए अच्छी तरह ब्लेंड करें जब तक कि लस्सी एकदम स्मूथ और झागदार न हो जाए. अगर लस्सी बहुत गाढ़ी लग रही है तो आप इसमें थोड़ा नारियल पानी मिला सकते हैं. तैयार कोकोनट लस्सी को गिलास में निकालें. ऊपर से नारियल के लच्छे या ड्राई फ्रूट्स सजाएं और इसे ठंडा-ठंडा सर्व करें.

सत्तू शरबत रेसिपी: गर्मी में देसी प्रोटीन ड्रिंक जो रखे शरीर को ठंडा

भीषण गर्मी और तपती लू के बीच जब शरीर की ऊर्जा कम होने लगती है तो ऐसे में देसी प्रोटीन शेक कहा जाने वाला सत्तू शरबत आपके  लिए किसी वरदान से कम नहीं. सत्तू की तासीर स्वाभाविक रूप से ठंडी होती है जो पेट की जलन को शांत करने और शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है. इसमें मौजूद हाई फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देते जिससे यह वजन घटाने वालों के लिए भी आदर्श है. बिना चीनी और बिना किसी भारी मसाले के तैयार यह शरबत न केवल आपको हाइड्रेटेड रखता है बल्कि चिलचिलाती धूप में भी आपको तरोताजा महसूस कराता है. सत्तू शरबत बनाने के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें सत्तू – 4 बड़े चम्मच ठंडा पानी – 2 गिलास काला नमक – स्वादानुसार भुना हुआ जीरा पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच नींबू का रस – 1 बड़ा चम्मच ताजा पुदीना पत्तियां – 5-6 (कुचली हुई) बारीक कटी हरी मिर्च और प्याज बनाने का तरीका एक जग में सत्तू डालें और थोड़ा ठंडा पानी डालकर अच्छी तरह मिलाएं ताकि कोई गुठली न रहे. अब बचा हुआ ठंडा पानी डालें और इसे अच्छी तरह फेंटें. इसमें काला नमक, भुना जीरा पाउडर और नींबू का रस मिलाएं。 कुचली हुई पुदीना पत्तियां डालें, जो इसकी ठंडक और खुशबू को बढ़ा देंगी. अगर आप चाहें तो इसमें बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च डालकर इसे और भी चटपटा बना सकते हैं. बर्फ के टुकड़े डालें और तुरंत सर्व करें.

RTE दाखिला विवाद, निजी स्कूलों पर बीएसए की सख्ती बढ़ी

लखनऊ राजधानी के नामी विद्यालय शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2020 (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने राजधानी के करीब 55 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी किया है। विभाग का स्पष्ट निर्देश है, एक सप्ताह के अंदर प्रवेश न लेने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बीएसए विपिन कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एल्डिको लखनऊ पब्लिक स्कूल की अपील को खारिज करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश देने के निर्देश दिए हैं। राजधानी में 55 ऐसे विद्यालय हैं जो आरटीई के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। विद्यालय में चयन होने के बाद भी बच्चों को प्रवेश नहीं देना चाहते हैं। इन विद्यालयों को नोटिस जारी करते हुए प्रवेश देने के निर्देश दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय के अनुसार, राजधानी के सिटी मॉन्टेंसरी, जयपुरिया, टीपीएस, एलपीएस, स्टडी हॉल सहित 35 से अधिक विद्यालयों को पहले से नोटिस जारी किया गया है। जबकि अन्य विद्यालयों को भी नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बच्चों को प्रवेश न देने पर विद्यालय की मान्यता रद्द करने की भी प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का ये है आदेश हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की ओर से भेजे गए सभी बच्चों को प्रवेश देना निजी विद्यालयों का कर्तव्य है। आरटीई अधिनियम के तहत प्रत्येक विद्यालय में 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। नियम का पालन न करने पर सरकार को कार्रवाई का अधिकार है। 4500 बच्चे प्रवेश के इंतजार में बीएसए कार्यालय के अनुसार, राजधानी के 1600 निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत प्रवेश होने हैं। अभी तक 12,000 विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया जारी है। करीब 4500 ऐसे बच्चे हैं जिनका आरटीई में चयन हुआ है लेकिन निजी विद्यालय प्रवेश देने में हीलाहवाली कर रहे हैं।  

पानीपत में बुलडोजर एक्शन: अवैध कॉलोनियों पर चला प्रशासन का डंडा, 29 गलियां तोड़ी गईं

पानीपत. नगर निगम की डीटीपी ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को शहर में 3 जगहों पर काटी जा रही अवैध कालोनियों में 29 कच्ची व पक्की गलियां और 18 प्लॉट में बनाई जा रही नींव को उखाड़ा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अवैध कॉलोनियां काटने वालों को नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत 3 बार नोटिस जारी किए गए थे। जिसके बाद भी इन अवैध कालोनियों में न तो कोई निर्माण कार्य हुए और न ही कॉलोनियां काटने वालों ने प्लॉट बेचने का काम बंद कराया। कच्ची सड़कों को अब पक्का बनाने का काम भी चल रहा था। जबकि नोटिस के माध्यम से कालोनाइजरों को बोला जा रहा था कि वे निर्माण कार्य बंद करवाकर इस भूमि को कृषि योग्य बनाए। ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी आदेशों की अनुपालना नहीं की गई। अब केस भी दर्ज होंगे हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 350-सी के तहत अवैध कॉलोनी काटने वाले मालिकों व डीलरों पर पुलिस केस दर्ज होंगे। साथ ही उचित कानूनी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब इन अवैध कालोनियों को तोड़ने के लिए जिलाधीश पानीपत द्वारा नियुक्त डयूटी मैजिस्ट्रेट भी लगाया गया। साथ ही जिला नगर योजनाकार जितेंद्र, रिंकू व राजेश के अलावा पुलिस बल भी तैनात किया गया। कॉलोनियों में की गई कार्रवाई पावर हाउस के पास कुटानी रोड के नजदीक काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 15 सड़कें व 8 नींव उखाड़ी गई। जगदीश कॉलोनी के सामने वर्मा चौक के पास काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 6 गलियां और 3 नींव को उखाड़ा गया। कुटानी रोड पर ही पवन नाम के व्यक्ति द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 8 नींव और 5 नींव को उखाड़ा गया।

एक भारत श्रेष्ठ भारत संकल्पना के तहत भोपाल में महाराष्ट्र और गुजरात स्थापना दिवस का भव्य आयोजन

एक भारत श्रेष्ठ भारत संकल्पना के तहत भोपाल में महाराष्ट्र और गुजरात स्थापना दिवस का भव्य आयोजन भोपाल  एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना के अंतर्गत आज लोकभवन, मध्यप्रदेश (भोपाल) में महाराष्ट्र एवं गुजरात स्थापना दिवस का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल आदरणीय  मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में गुजराती समाज एवं समग्र मराठी समाज के आई साहेब ग्रुप द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके पश्चात “मी मराठी”, पारंपरिक गोंधळ, छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित “शिवकार्य”, भावपूर्ण प्रस्तुति “बिन जसे अंकुरते” एवं ऊर्जावान समापन “जय मल्हार” के साथ कार्यक्रम ने एक अद्भुत सांस्कृतिक यात्रा प्रस्तुत की। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महाराष्ट्र की समृद्ध परंपरा, वीरता, भक्ति एवं सांस्कृतिक विविधता का सुंदर चित्रण किया गया। कलाकारों की सजीव प्रस्तुति, पारंपरिक वेशभूषा एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावशाली बना दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु राजभवन/लोकभवन प्रबंधन टीम के उत्कृष्ट समन्वय, सुव्यवस्थित व्यवस्था एवं समर्पण की सभी ने सराहना की। अंत में, अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए इस आयोजन को “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना का सशक्त उदाहरण बताया।

“गर्मी में AC-कूलर और फ्रिज से जुड़े वास्तु नियम: गलत दिशा से हो सकता है धन और स्वास्थ्य पर असर”

गर्मी से राहत पाने के लिए हम AC और कूलर का सहारा तो लेते हैं, लेकिन वास्तु की अनदेखी हमें महंगी पड़ सकती है. वास्तु विज्ञान मानता है कि बिजली से चलने वाले ये उपकरण ऊर्जा का एक विशेष चक्र बनाते हैं. यदि इन्हें सही दिशा न मिले, तो यह सकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर देते हैं, जिससे घर में बिना वजह कलह और धन की हानि होने लगती है. अगर आप भी इस गर्मी में खुद को और अपनी जेब को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन उपकरणों को रखने से पहले वास्तु के ये नियम जरूर जान लें. एसी (AC) और कूलर वास्तु विज्ञान की दृष्टि से देखें तो एसी और कूलर का सीधा संबंध वायु और अग्नि के संतुलन से है. चूंकि ये बिजली से चलते हैं, इसलिए इनमें अग्नि तत्व है और चूंकि ये हवा देते हैं, इसलिए इनमें वायु तत्व भी समाहित है. सबसे उत्तम दिशा: एसी लगाने के लिए उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) दिशा को सबसे श्रेष्ठ माना गया है.  चूँकि यह वायु की ही दिशा है, इसलिए यहां लगा एसी घर में शीतलता के साथ-साथ मानसिक शांति भी लाता है. दूसरा विकल्प: आप इसे दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) में भी लगवा सकते हैं, क्योंकि यह बिजली के उपकरणों का प्राकृतिक स्थान माना जाता है. यहाँ भूलकर भी न लगाएं: एसी को कभी भी पश्चिम दिशा की दीवार पर न टांगें.  माना जाता है कि इस दिशा में लगा एसी सुख-सुविधाओं पर फिजूलखर्ची बढ़ाता है और घर की बरकत को धीरे-धीरे खत्म कर देता है. टपकता पानी है खतरे की घंटी: ध्यान रखें कि आपके एसी से पानी का रिसाव (Leakage) न हो रहा हो.  वास्तु के अनुसार, टपकता हुआ पानी आर्थिक नुकसान और घर के सदस्यों में स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत होता है. रेफ्रिजरेटर (Fridge): आज के दौर में फ्रिज को हम अन्नपूर्णा का आधुनिक रूप मान सकते हैं, क्योंकि यह हमारे भोजन को सुरक्षित और ताजा रखता है. इसकी गलत दिशा न केवल खाने की गुणवत्ता बल्कि घर के सदस्यों की सेहत को भी सीधे तौर पर प्रभावित करती है. उत्तम स्थान: वास्तु के अनुसार फ्रिज रखने के लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे उत्तम है. दरवाजे का नियम: फ्रिज को इस तरह रखें कि उसका दरवाजा खोलते समय उसका मुख हमेशा पूर्व (East) की ओर हो. पूर्व दिशा से आने वाली सकारात्मक ऊर्जा भोजन की सात्विकता और शुद्धता को बनाए रखती है. ईशान कोण से दूरी: फ्रिज को कभी भी उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में न रखें. यह कोना पूजा-पाठ और ध्यान के लिए समर्पित होता है; यहां भारी मशीन रखने से घर की उन्नति रुक सकती है. दीवार से सटाकर न रखें: फ्रिज को कभी भी दीवार से एकदम चिपकाकर नहीं रखना चाहिए. ऊर्जा का प्रवाह निर्बाध बना रहे, इसके लिए फ्रिज और दीवार के बीच कम से कम एक फीट की दूरी जरूर रखें.

पंजाब में रेल यात्रियों को झटका, एक महीने तक पैसेंजर ट्रेन सेवाएं बंद

रूपनगर/चंडीगढ़. जिला ऊना के दौलतपुर चौक और अंबाला छावनी जंक्शन के बीच वाया नंगल डैम, भानुपली, श्री आनंदपुर साहिब, किरतपुर साहिब, भरतगढ़, घनौली, रूपनगर, मियांपुर, कुराली, मोरिंडा जंक्शन, खरड़, साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली), चंडीगढ़ जंक्शन आदि स्टेशनों पर ठहराव करते हुए चलने वाली ट्रेन नंबर 74991/74992 पैसेंजर रेलगाड़ी आगामी 31 मई तक रद्द रहेंगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार चंडीगढ़ जंक्शन-न्यू मोरिंडा रेलवे सेक्शन पर तकनीकी कार्य प्रगति पर हैं जिसके कारण अंबाला मंडल द्वारा ये फैसला लिया गया हैं। इस ट्रेन के रद्द होने से निजी व सरकारी क्षेत्रों मे काम करने वाले सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं व्यापारी वर्ग को भी दिक्कत होगी।

शनि जयंती 2026: चंद्र गोचर से वृषभ समेत 4 राशियों की खुलेगी किस्मत

साल 2026 की शनि जयंती ज्योतिषीय दृष्टि से एक ऐतिहासिक संयोग लेकर आ रही है. इस बार शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार को मनाई जाएगी. शनिवार के दिन ही शनि जन्मोत्सव का होना अपने आप में बेहद शुभ और दुर्लभ माना जाता है. इसी पावन अवसर पर चंद्रमा का राशि परिवर्तन यानी चंद्र गोचर (Chandra Gochar) होने जा रहा है, जो 4 खास राशियों के लिए कुबेर का खजाना खोलने वाला साबित होगा. शनि जयंती 2026: तिथि, गोचर और शुभ मुहूर्त ज्योतिष गणना के अनुसार, इस दिन ग्रहों की स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है: शनि जयंती तिथि: 16 मई 2026, शनिवार अमावस्या तिथि प्रारंभ: 16 मई 2026 को सुबह 05:11 बजे से अमावस्या तिथि समाप्त: 17 मई 2026 को तड़के 01:30 बजे तक चंद्र गोचर का समय: शनि जयंती के दिन शाम को 5 बजकर 29 मिनट पर चंद्र ग्रह का गोचर होगा. वृषभ में प्रवेश: इसके बाद रात 10 बजकर 46 मिनट पर चंद्रमा वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे. नक्षत्र परिवर्तन: शाम के समय चंद्र देव कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जो इस दिन के महत्व को और बढ़ा देगा. 1. वृषभ राशि: बरसेगा अपार धन वृषभ राशि वालों के लिए यह गोचर किसी लॉटरी से कम नहीं है. आर्थिक तंगी दूर होगी और पुराने निवेश से मोटा मुनाफा मिलने के संकेत हैं. शनि जयंती के बाद से आपके बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी देखी जा सकती है. 2. मिथुन राशि: चमकेगा करियर का सितारा नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय बड़ी तरक्की का है. वर्कप्लेस पर आपके काम की तारीफ होगी और पदोन्नति (Promotion) के प्रबल योग बनेंगे. जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें मनचाहा ऑफर मिल सकता है. 3. सिंह राशि: अटके हुए काम होंगे पूरे सिंह राशि के जातकों के लिए आत्मविश्वास में वृद्धि का समय है. लंबे समय से कोर्ट-कचहरी या जमीन-जायदाद के जो मामले अटके हुए थे, वे अब आपके पक्ष में सुलझ सकते हैं. समाज में आपका दबदबा बढ़ेगा. 4. धनु राशि: भाग्य का मिलेगा डबल साथ धनु राशि वालों के लिए शनि जयंती से शुरू हो रहा यह समय सुखद रहेगा. भाग्य का साथ मिलने से आपके बिगड़े काम बनने लगेंगे. अचानक धन लाभ की संभावना है और धार्मिक यात्राओं के भी योग बन रहे हैं.

CGPSC मेंस एग्जाम अपडेट: अब 6 जून से होंगी परीक्षाएं, बदला पूरा कार्यक्रम

रायपुर. सगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2025 की नई समय-सारिणी जारी कर दी गई है। अभ्यर्थियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा तिथि में बदलाव किया गया है, जिससे उम्मीदवारों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार मुख्य परीक्षा का आयोजन अब 06 जून से 09 जून 2026 तक किया जाएगा। परीक्षा राज्य के निर्धारित केंद्रों में आयोजित होगी और सभी व्यवस्थाएं आयोग की ओर से सुनिश्चित की जाएंगी। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार- 06 जून 2026: भाषा एवं निबंध 07 जून 2026: सामान्य अध्ययन-I एवं II 08 जून 2026: सामान्य अध्ययन-III एवं IV 09 जून 2026: सामान्य अध्ययन-V एडमिट कार्ड 10 दिन पहले होंगे जारी आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि से लगभग 10 दिन पूर्व आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे। उम्मीदवारों को समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड करने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्णय से मिली राहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अभ्यर्थियों की मांगों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इस फैसले से हजारों उम्मीदवारों को राहत मिली है, जो कम समय में तैयारी को लेकर चिंतित थे। जनप्रतिनिधियों ने उठाई थी मांग मुख्य परीक्षा की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक और विधायक दल के स्थायी सचिव आशुतोष सुरेंद्र दुबे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अभ्यर्थियों की समस्याओं से अवगत कराया था। तैयारी के लिए मिलेगा पर्याप्त समय हर वर्ष प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के बीच लगभग 105 से 110 दिनों का अंतराल दिया जाता है, लेकिन इस बार यह समय कम था। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया, जिससे अभ्यर्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके। CM साय ने कही ये बात मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उन्हें निष्पक्ष व अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। इस निर्णय का अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों द्वारा व्यापक स्वागत किया जा रहा है। अब उम्मीदवार बेहतर रणनीति के साथ परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।