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Census 2027: लुधियाना में तेज़ हुआ पहला फेज़, 13 जून तक चलेगा फील्ड सर्वे

लुधियाना. Census 2027 का पहला फेज़, जिसमें हाउस लिस्टिंग का काम और घरों की गिनती शामिल है, 15 मई से शुरू हो गया है और पूरे ज़िले में 13 जून, 2026 तक चलेगा। इस दौरान, गिनती करने वाले और सुपरवाइज़र घर-घर जाकर लोगों से जनगणना से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करेंगे। पहले फेज़ में, गिनती करने वाले 15 मई से 18 मई तक अपने दिए गए हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLOs) के लिए इमेजिनरी मैप (साइट मैप) तैयार कर रहे हैं। इसके बाद, 19 मई से हाउस लिस्टिंग का काम शुरू होगा, जिसमें घरों की हालत, घरों की संपत्ति और बेसिक सुविधाओं से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की जाएगी। इस बीच, चल रहे फील्ड वर्क का एडिशनल डिप्टी कमिश्नर-कम-डिस्ट्रिक्ट सेंसस ऑफिसर पूनम सिंह ने इंस्पेक्शन किया। इंस्पेक्शन के दौरान, एन्यूमरेटर और सुपरवाइज़र को निर्देश दिया गया कि वे जनगणना की गाइडलाइन और प्रोसेस का सख्ती से पालन करते हुए मेहनत और अच्छे से काम करें। अधिकारियों को यह भी सलाह दी गई कि वे अभी की गर्मी में ज़रूरी सावधानी बरतें और सुरक्षा के लिए सुबह और शाम के समय फील्ड वर्क को प्राथमिकता दें। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से जनगणना टीमों के साथ पूरा सहयोग करने और सही जानकारी देने की भी अपील की। ​​उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा दिया गया सही डेटा ही डेवलपमेंट प्लान, इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और सरकारी सेवाओं में सुधार के प्रोसेस को और असरदार बना सकता है। जिले में जनगणना 2027 की एक्टिविटी को आसानी से, असरदार तरीके से और समय पर पूरा करने के लिए काम की प्रोग्रेस और क्वालिटी का भी रिव्यू किया गया।

अफगानिस्तान में लड़कियों के अधिकारों पर नया हमला, तालिबान ने बाल विवाह को दी मान्यता

नई दिल्ली. अफगानिस्तान में तालिबान शासन ने शादी, तलाक और बाल विवाह से जुड़ा एक नया और विवादित पारिवारिक कानून लागू किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने बड़े पैमाने पर आलोचना की है। अफ़गानी मीडिया आउटलेट 'अमू टीवी' के अनुसार, 31 अनुच्छेदों वाले इस नियम को तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने मंजूरी दी थी और मई के मध्य में इसे शासन के आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया गया था। इसका शीर्षक पति-पत्नी के बीच अलगाव के सिद्धांत है। तालिबान के नए नियम इस दस्तावेज में बाल विवाह, लापता पतियों, जबरदस्ती अलग करने, धर्म-त्याग, व्यभिचार के आरोपों और अन्य धार्मिक व कानूनी मामलों से जुड़े नियम बताए गए हैं।  इसके सबसे विवादित प्रावधानों में से एक यह है कि यौवन प्राप्त करने के बाद किसी कुंवारी लड़की की चुप्पी को शादी के लिए उसकी सहमति माना जा सकता है। हालांकि, इस नियम में यह भी कहा गया है कि किसी लड़के या पहले से शादीशुदा महिला की चुप्पी को अपने-आप सहमति नहीं माना जाएगा। इस आदेश में "खियार अल-बुलूग" या "जवानी आने पर मिलने वाले विकल्प" की भी बात की गई है। यह इस्लामिक कानून का एक ऐसा सिद्धांत है जिसके तहत कम उम्र में शादी करने वाला कोई भी बच्चा, जवानी आने के बाद अपनी शादी रद करवा सकता है। नियम के अनुच्छेद 5 के अनुसार, अगर किसी बच्चे के पिता या दादा के अलावा कोई और रिश्तेदार किसी नाबालिग की शादी तय करता है तो भी उस शादी को कानूनी रूप से वैध माना जा सकता है, बशर्ते कि जीवनसाथी सामाजिक रूप से मेल खाता हो और दहेज भी उचित हो। बच्चा बाद में शादी रद करवाने की मांग कर सकता है, लेकिन ऐसा सिर्फ तालिबान की अदालत के आदेश से ही हो सकता है। एक और नियम यह कहता है कि अगर जीवनसाथी मेल न खाता हो या दहेज अनुचित हो तो ऐसी शादियों को वैध नहीं माना जाएगा। यह नियम पिता और दादाओं को बाल विवाह के मामले में काफी अधिकार देता है। हालांकि इसमें यह भी कहा गया है कि अगर अभिभावक ज़ुल्म करने वाले, मानसिक रूप से अयोग्य या नैतिक रूप से भ्रष्ट पाए जाते हैं तो ऐसी शादियों को रद किया जा सकता है। जजों को क्या अधिकार मिले? यह दस्तावेज तालिबान के जजों को उन विवादों में दखल देने का अधिकार देता है जिनमें व्यभिचार, धर्म-परिवर्तन, पति की लंबे समय तक गैर-मौजूदगी और "जिहार" (Zihar) के आरोप शामिल हों। "जिहार" एक पुरानी इस्लामी प्रथा है जिसमें पति अपनी पत्नी की तुलना किसी ऐसी महिला रिश्तेदार से करता है जिससे शादी करना मना होता है। इन नियमों के तहत जज कुछ मामलों में अलग होने, जेल भेजने या सजा देने का आदेश दे सकते हैं। यह नया आदेश ऐसे समय में आया है जब अगस्त 2021 में सत्ता में लौटने के बाद से तालिबान द्वारा महिलाओं और लड़कियों पर लगाई गई पाबंदियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना बढ़ रही है। अफगानिस्तान में लड़कियों को छठी क्लास के बाद पढ़ाई करने से रोक दिया गया है, महिलाओं के यूनिवर्सिटी जाने पर पाबंदी लगा दी गई है और रोजगार, यात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने पर कड़ी पाबंदियां लगाई गई हैं। कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने तालिबान की नीतियों को "जेंडर रंगभेद" (gender apartheid) की व्यवस्था बताया है। 'गर्ल्स नॉट ब्राइड्स' के मुताबिक, अफगानिस्तान की लगभग एक-तिहाई लड़कियों की शादी 18 साल की उम्र से पहले ही हो जाती है।

ED की जांच का दायरा बढ़ा, GMADA के Chief Administrator तलब

जालंधर. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर जोनल कार्यालय ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के मुख्य प्रशासक को सोमवार को अपने सामने पेश होने के लिए समन भेजा है। यह समन दो बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए 'ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव' (CLU) की मंज़ूरियों में कथित तौर पर हुई भारी अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के सिलसिले में जारी किया गया है। ED द्वारा जारी समन में मुख्य प्रशासक या उनके किसी अधिकृत प्रतिनिधि (जो गजटिड अधिकारी के पद से नीचे का न हो) को जालंधर स्थित ED कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। ग्रेटर मोहाली के रियल एस्टेट जगत में इस घटना को लेकर काफी चर्चा है, क्योंकि अब ED की जांच सीधे तौर पर गमाडा और आवास विभाग के उच्च अधिकारियों पर केंद्रित हो गई है। वही अथॉरिटी जो इन विवादित मंज़ूरियों को जारी करता है जल्द ही ED के शिकंजे में होगी। 

गोमती नगर एक्सटेंशन केस में बड़ी कार्रवाई, होटल-सैलून और संपत्ति पहले ही सीज

गोमती नगर लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन में सैलून मैनेजर रत्ना सिंह सुसाइड केस में प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बिजनेसमैन शरद सिंह के अपार्टमेंट पर बुलडोजर चलाया। अपार्टमेंट में हुए अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया। इससे पहले प्रशासन शरद सिंह के होटल, सैलून और तीन कारों को भी सीज कर चुका है। मामले में लगातार हो रही कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। सुसाइड से पहले रोते हुए वीडियो बनाया था गोरखपुर निवासी रत्ना सिंह ने 12 मई को गोमतीनगर विस्तार स्थित शालीमार विस्टा अपार्टमेंट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो बनाया था, जिसमें बिजनेसमैन शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी सिंह, मंगल यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। रत्ना ने वीडियो में कहा था कि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसकी वजह से वह यह कदम उठाने को मजबूर हो रही है। पुलिस अभी तक एक आरोपी को दबोचा रत्ना के पिता सुधीर सिंह की शिकायत पर गोमतीनगर विस्तार थाने में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने सिर्फ एक आरोपी मंगलनाथ यादव को गिरफ्तार किया, जो शरद सिंह के होटल में काम करता था। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। सीएम योगी से मिले थे पीड़िता के पिता 15 मई को रत्ना के पिता ने सीएम योगीसे मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद 16 मई को उन्होंने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी अपने रसूख का इस्तेमाल कर कार्रवाई से बच रहा है और पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया और उनकी गिरफ्तारी के लिए छह टीमें गठित की गईं। लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।

पत्थरों पर उकेरे गए रहस्यमयी निशान, मध्यप्रदेश में पुरातत्वविद भी हैरान

रायसेन   मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के जंगलों में पुरातत्वविदों को एक बेहद प्राचीन और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। रायसेन के जामगढ़ गांव में पथरीले रास्तों के बीच करीब 800 मीटर के दायरे में फैले पत्थरों पर उकेरी गई प्राचीन पदचिन्हों (पैरों के निशान) की खोज की गई है। ये पदचिन्ह किसी महान संत के हो सकते हैं इसके साथ ही वहां शुरुआती 'नागरी लिपि' में लिखा एक शिलालेख भी मिला है, जोकरीब 10वीं-11वीं शताब्दी (परमार काल) का माना जा रहा है। इतिहासकारों का मानना है कि पत्थरों पर बने ये कदम किसी महान संत या जैन मुनि के हो सकते हैं, जो एक हजार साल पहले इस क्षेत्र से गुजरे थे।  

सरकारी अस्पतालों में दवा प्रबंधन होगा डिजिटल, एक्सपायरी दवाओं पर लगेगी रोक

रांची राज्य के सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में कौन-सी दवा कब एक्सपायर होगी, यह जानकारी सरकार के पास रहेगी। इसकी नियमित रूप से जानकारी ऑनलाइन मिलती रहेगी। स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर सी-डैक के माध्यम से सिस्टम तैयार करा रहा है। पहले चरण में यह व्यवस्था मेडिकल कालेजों व जिला अस्पतालों में शुरू होगी। बाद में इसे अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी अपनाया जाएगा। वर्तमान में राज्य स्तर पर मेडिकल हेल्थ एंड इंफ्रस्ट्राक्चर डवलपमेंट कारपोरेशन द्वारा या जिला स्तर पर सिविल सर्जनों के माध्यम से जो भी दवा की खरीदारी होती है, उसकी खपत की निगरानी के लिए कोई ठोस और पुख्ता तंत्र नहीं है। कई बार दवाइयां उपयोग नहीं होने से एक्सपायर्ड हो जाती है। राज्य में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें आवश्यकता से अधिक दवाइयां खरीदी गईं, जिससे बाद में उनका उपयोग नहीं होने से बेकार हो गईं। कई बार अस्पतालों में एसपायर्ड दवाइयां फेंके जाने जलाए जाने की भी शिकायतें आती हैं। अब दवाइयाें की ऑनलाइन निगरानी होने से ऐसे मामलों पर रोक लगेगी। ऑनलाइन निगरानी के लिए अधिकारियों की जिम्मेदार भी तय की जाएगी। दवा एक्सपायर्ड होने के एक-दो माह पहले आनलाइन नोटिस भी संबंधित अधिकारियों या चिकित्सा प्रभारियों को मिलेगा ताकि वे अलर्ट हो सकें। स्वास्थ्य में डिजिटल को दिया जा रहा बढ़ावा स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए डिजिटल को लगातार बढ़ावा दे रहा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत भी राज्य में कई कार्य किए जा रहे हैं। लैब रिपोर्ट ऑनलाइन मिलने की भी व्यवस्था की जा रही है। मरीजों या उनके परिजनों को उनके मोबाइल पर भी रिपोर्ट आ जाएगी। हेल्थ मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम (एचएमआइएस) के तहत भी अस्पतालों की सभी व्यवस्था को ऑनलाइन किया जा रहा है। राज्य स्तर पर राजधानी रांची में कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित करने की भी तैयारी है। निजी अस्पतालों के लिए भी अनिवार्य राज्य सरकार राज्य के सभी निजी अस्पतालों में भी एबीडीएम (आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन) आधारित एचएमआइएस शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। वैसे सभी निजी अस्पताल जो आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना या झारखंड अबुआ स्वास्थ्य योजना के तहत सूचीबद्ध हैं, उनमें इसे अनिवार्य किया गया है।  

पुतिन का सुपरवेपन आर्सेनल: हाइपरसोनिक मिसाइलों से स्पेस तक जंग की तैयारी

नई दिल्ली रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक खतरनाक हथियारों को जमा कर रहे हैं. ये हथियार इतने भयानक हैं कि इन्हें दबाने मात्र से पूरा एक देश तबाह हो सकता है. रूस के वैज्ञानिक परमाणु ऊर्जा से चलने वाले ड्रोन, हाइपरसोनिक मिसाइलें, स्पेस में हमला करने वाले हथियार और परमाणु टॉरपीडो बना रहे हैं. पश्चिमी देशों के विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया 1962 की क्यूबा मिसाइल संकट के बाद अब सबसे ज्यादा परमाणु खतरे के करीब पहुंच गई है. पोसाइडन: समुद्र के अंदर का 'डूम्सडे' हथियार रूस का सबसे चर्चित हथियार पोसाइडन है. यह एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विशाल अंडरवाटर ड्रोन है, जो छोटी पनडुब्बी जितना बड़ा है. यह हजारों किलोमीटर तक समुद्र के अंदर यात्रा कर सकता है. दुश्मन के तट के पास पहुंचकर यह फट सकता है. विस्फोट से विशाल रेडियोएक्टिव सुनामी उठ सकती है, जो तटीय शहरों और नौसैनिक अड्डों को पूरी तरह नष्ट कर देगी. पुतिन का दावा है कि इसे रोका नहीं जा सकता. पश्चिमी विशेषज्ञ इसे डूम्सडे वेपन कहते हैं. रूस ने हाल ही में इसका सफल परीक्षण किया है. इसे ले जाने वाली नई पनडुब्बी खाबारोवस्क भी तैयार हो रही है. बुरेवेस्तनिक: फ्लाइंग चेरनोबिल मिसाइल बुरेवेस्तनिक मिसाइल को फ्लाइंग चेरनोबिल भी कहा जाता है. यह परमाणु रिएक्टर से चलने वाली क्रूज मिसाइल है, जिसकी रेंज अनलिमिटेड बताई जाती है. पुतिन का कहना है कि यह कई दिनों तक उड़ सकती है. 2019 में इसके परीक्षण के दौरान रूस में विकिरण रिसाव हुआ था, जिसमें कई वैज्ञानिक मारे गए थे. फिर भी रूस इसे विकसित कर रहा है. पश्चिमी देश इसे बहुत खतरनाक मानते हैं क्योंकि इसमें रेडियोएक्टिव कचरा फैलने का खतरा है. सरमत: दुनिया की सबसे भयानक मिसाइल Sarmat या Satan-2 रूस की नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है. यह 200 टन से ज्यादा भारी है. इसमें कई परमाणु वॉरहेड लगाए जा सकते हैं, जो अलग-अलग शहरों को निशाना बना सकते हैं. पुतिन ने हाल ही में इसका सफल परीक्षण किया और कहा कि साल के अंत तक इसे युद्ध के लिए तैयार कर लिया जाएगा. यह मिसाइल दक्षिणी ध्रुव से भी होकर दुश्मन पर हमला कर सकती है, जहां रडार नहीं होते. हाइपरसोनिक हथियार   एवनगार्ड: यह हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल है, जो 24 हजार किलोमीटर प्रति घंटे से भी तेज गति से दुश्मन पर टूट पड़ता है. बीच में अपना रास्ता बदल सकता है. किंझल: हवा से छोड़ी जाने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल. यूक्रेन में इसका इस्तेमाल हो चुका है. जिरकॉन: समुद्र से छोड़ी जाने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल, जो 11265 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जहाजों को डुबो सकती है. ये सभी मिसाइलें इतनी तेज हैं कि मौजूदा डिफेंस सिस्टम उन्हें रोक पाना मुश्किल है. स्पेस में युद्ध: सैटेलाइट ब्लाइंड करने वाला हथियार रूस संभवतः स्पेस में भी परमाणु हथियार विकसित कर रहा है. अमेरिका का आरोप है कि रूस एक ऐसा सैटेलाइट बना रहा है जो दुश्मन के सैटेलाइट को उड़ा या ब्लाइंड कर सकता है. इससे GPS, कम्युनिकेशन और सैन्य नेटवर्क बंद हो सकते हैं. रूस इससे इनकार करता है, लेकिन उसने UN में इस पर प्रस्ताव को वीटो कर दिया. पेरेसवेट लेजर और S-500 डिफेंस सिस्टम पेरेसवेट लेजर सिस्टम सैटेलाइट को अंधा कर सकता है. S-500 Prometheus सिस्टम स्टेल्थ विमान, बैलिस्टिक मिसाइल और स्पेस ऑब्जेक्ट्स को मारने का दावा करता है. क्यों बना रहा है रूस ये हथियार? पुतिन इन हथियारों को अजेय बताते हैं. ये हथियार न सिर्फ युद्ध जीतने के लिए हैं, बल्कि पश्चिमी देशों को डराने और उन्हें झुकाने के लिए भी हैं. रूस यूक्रेन युद्ध में फंसा है. लगातार परमाणु खतरे की बात कर रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया अब 1962 के बाद सबसे ज्यादा परमाणु खतरे में है. रूस के ये हथियार सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि आतंक फैलाने का हथियार बन गए हैं. पुतिन का सुपरवेपन आर्सेनल दुनिया के लिए बड़ी चिंता का विषय है. पोसाइडन, सरमत, बुरेवेस्तनिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें परमाणु युद्ध के खतरे को बढ़ा रही हैं. यदि इनमें से कोई हथियार इस्तेमाल हुआ तो पूरा क्षेत्र तबाह हो सकता है.

गर्मियों में AC यूज करने के 5 जरूरी नियम, कूलिंग भी बढ़ेगी और बिजली भी बचेगी

AC चलाने का तरीका दिल्ली-NCR समेत देश में कई शहरों और कस्बों में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए एयर कंडीशनर (AC) का यूज करते हैं. हालांकि AC चलाने की वजह से भारी बिजली का भी सामना करना पड़ता है. AC चलाने में करते हैं गलतियां AC चलाने में बहुत से लोग कॉमन गलतियां करते हैं. इसकी वजह से ना सिर्फ उनको भारी बिजली बिल का सामना करना पड़ता है बल्कि उनका AC भी खराब हो सकता है. रूल नंबर-1 AC को हमेशा सही टेम्प्रेचर पर रखकर चलाना चाहिए, जो 24-25 डिग्री सेल्सियस होता है. 18 डिग्री सेल्सियस पर टेम्प्रेचर सेट करके AC को नहीं चलाना चाहिए. इससे बिजली बिल और AC दोनों पर असर पड़ता है. रूल नंबर-2 AC की रेगुलर मेंटेनेंस करानी चाहिए. इसके लिए AC मैकेनिक को घर बुलाएं और AC को क्लीन कराएं. AC को 2 महीने में एक बार जरूरी क्लीनिंग करा लेना चाहिए.   रूल नंबर-3 AC के वायरिंग को रेगुलर चेक करें. अगर बिजली का तार खराब, टूट रहा है या फिर उसमें कट गया है तो तुरंत मैकेनिक को बुलाकर उसको चेंज कराएं. ध्यान रखें कि AC की वायरिंग पूरी एक सिंगल पीस में हो. कई बार तार दो तार को जोड़कर उनपर टेप लगा दिया जाता है.   रूल नंबर-4 AC से बेहतर कूलिंग और एयर फ्लो पाने के लिए एयर फिल्टर को रेगुलर क्लीन करें. इसको हर सप्ताह क्लीन करना चाहिए. इससे AC पर लोड कम पड़ेगा और वह बेहतर कूलिंग भी प्रोवाइड कराएगा.   रूल नंबर-5 AC की हवा जल्दी से पूरे कमरे में सर्कुलेट नहीं हो पाती है, इसके लिए सबसे कम स्पीड पर सीलिंग फैन का यूज कर सकते हैं. ये ट्रिक्स रूम के टेम्प्रेचर को कम करने में मदद करती है.  (Photo: Unsplash)  

प्रदेश में चमका गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जनगणना कार्य समय से पहले कर बना नंबर-1

​गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के कार्य में जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) ने पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. निर्धारित समय-सीमा (30 मई) से काफी पहले, 16 मई की स्थिति में ही जिले ने शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान रचा है. ​इस बड़ी उपलब्धि पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. ​उल्लेखनीय है कि जब 8 मई 2026 को कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने कार्यभार ग्रहण किया था, तब जिले में जनगणना की प्रगति मात्र 6 प्रतिशत थी. राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने इसे मिशन मोड पर लिया. उनके निरंतर पर्यवेक्षण और कड़े नीतिगत फैसलों का ही नतीजा था कि महज 8 दिनों के भीतर (11 मई तक) आधे से अधिक ब्लॉक का काम पूरा हो गया और 16 मई को जिला प्रदेश में सबसे पहले 100% लक्ष्य हासिल करने वाला जिला बन गया. ​कलेक्टर ने बताया कि इस सफलता के पीछे जमीनी अमले का कड़ा परिश्रम है. कार्य की प्रगति को गति देने के लिए उन्होंने बीच में ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था, जिससे पूरी टीम का उत्साह दोगुना हो गया. इस पूरे महाअभियान में 513 प्रगणक और 85 पर्यवेक्षक मुस्तैदी से जुटे हुए थे. ​कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने इस सफलता के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम की पीठ थपथपाई है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं. अमित बेक (जिला जनगणना अधिकारी), ​विक्रांत अंचल (अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, पेंड्रारोड) ,​देवेंद्र सिरमौर (अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, मरवाही), ​चार्ज जनगणना अधिकारी शेषनारायण जायसवाल (पेंड्रारोड ग्रामीण), प्रीति शर्मा (मरवाही ग्रामीण), अविनाश कुजूर (पेंड्रा ग्रामीण), दशोदा अर्मो (सकोला ग्रामीण), नारायण साहू (गौरेला नगरीय) और अमलदीप मिंज (पेंड्रा एवं मरवाही नगरीय) मुख्य रूप से रहे. ​कलेक्टर का कहना है कि यह सफलता निरंतर समीक्षा और हमारी टीम के कठिन परिश्रम का परिणाम है. मैं इस कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग करने के लिए जिले की आम जनता, जनप्रतिनिधियों और मीडिया साथियों का सहृदय आभार व्यक्त करता हूँ कार्य पूरा करने की अवधि 1 से 30 मई थी, जिसे 14 दिन पहले ही 16 मई को पूरा कर लिया गया. 8 मई को जो काम केवल 6% था, वह 100% मुकाम पर पहुँचा. 513 प्रगणकों और 85 पर्यवेक्षकों ने दिन-रात एक कर जिले को प्रदेश में नंबर-1 बनाया. मुख्यमंत्री साय ने दी जिला प्रशासन को बधाई मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनगणना कार्य में अव्वल रहने पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला प्रशासन को बधाई दी है. उन्होंने कहा, हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ और सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है. आगामी जनगणना 2027 के ये आंकड़े भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्धारण की मजबूत बुनियाद बनेंगे. डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सराहनीय है. जिन बड़े शहरों या नगर निगमों में गति धीमी है, वहां के अधिकारी मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाएं और जल्द इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को गति दें.

‘पंजाब संभालो मूवमेंट’ से BSP का बड़ा अभियान, गढ़शंकर की तस्वीर बदलने का दावा

गढ़शंकर.  म्युनिसिपल कमेटी चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने गढ़शंकर में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। गौरतलब है कि BSP के 9 उम्मीदवारों ने चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इस संबंध में BSP के सीनियर नेता डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी ने शहरवासियों से अपील की है कि वे बिना किसी डर, धमकी या लालच के वोट देने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वोट सबसे बड़ी ताकत है और शहर की किस्मत बदलने के लिए सही उम्मीदवारों का चुनाव जरूरी है। करीमपुरी ने 'पंजाब संभालो मूवमेंट' का जिक्र करते हुए कहा कि BSP का मुख्य मकसद इलाके का हर तरह से विकास करना है। उन्होंने गढ़शंकर शहर की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि स्थानीय म्युनिसिपल काउंसिल शहरवासियों को बुनियादी सुविधाएं भी देने में नाकाम रही है। BSP जीतने के बाद गढ़शंकर को एक मॉडर्न और सुंदर शहर बनाएगी, जिसके तहत नीचे दिए गए मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा और कूड़ा फेंकने के पक्के इंतज़ाम किए जाएंगे। शहर की टूटी सड़कों और गलियों के रेनोवेशन का काम शुरू किया जाएगा और बारिश के दिनों में पानी भरने से छुटकारा पाने के लिए सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। हर घर में पीने का साफ पानी पहुंचाना और शहर के हर वार्ड में स्ट्रीट लाइट का पूरा इंतज़ाम करके शहर को रोशन करना हमारी प्राथमिकता होगी। म्युनिसिपल कमेटी के काम में ट्रांसपेरेंसी लाई जाएगी ताकि आम लोगों को अपने नक्शे पास करवाने या दूसरे सरकारी कामों के लिए परेशान न होना पड़े। इस मौके पर गढ़शंकर विधानसभा इंचार्ज बख्शीश भीम, इंचार्ज अशोक बड़ेसरो, विधानसभा क्षेत्र गढ़शंकर के अध्यक्ष मा. मलकीत सिंह, बीएसपी नेता रविंदर बीरा, सुखविंदर डगम, कश्मीर सिंह, सुरिंदर सिंह शिंदा, संतोख सिंह, पी. एल. सूद, जोगिंदर सिंह, चमन लाल के अलावा बड़ी संख्या में बीएसपी नेता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद थे।