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भारत-नेपाल सीमा पर राहत,सुप्रीम कोर्ट ने कस्टम ड्यूटी वसूली पर लगाई अंतरिम रोक

 सोनबरसा  नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने नेपाल-भारत सीमा से आम नागरिकों द्वारा लाए जाने वाले 100 रुपये से अधिक मूल्य के दैनिक उपयोग के सामान पर लगाए गए कस्टम शुल्क की वसूली पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश से तराई-मधेश के सीमावर्ती इलाकों में रह रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश हरि प्रसाद फुयाल और टेक प्रसाद ढुंगाना की संयुक्त पीठ ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय, वित्त मंत्रालय समेत संबंधित निकायों को निर्देश दिया कि अंतिम निर्णय आने तक दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर सीमा शुल्क नहीं वसूला जाए। दरअसल, नेपाल सरकार ने 2 मई 2082 को जारी अधिसूचना के तहत नेपाल-भारत सीमा से लाए जाने वाले 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम शुल्क अनिवार्य कर दिया था। इस निर्णय के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में विरोध शुरू हो गया था।लोगों का कहना था कि इससे रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सरकार के इसी निर्णय को चुनौती देते हुए अधिवक्ता अमितेश पंडित, आकाश महतो, सुयोग सिंह और प्रशांत विक्रम शाह ने 14 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि यह व्यवस्था सीमा शुल्क अधिनियम 2081 की भावना के विपरीत है तथा आम नागरिकों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। सुनवाई के बाद अदालत ने प्रारंभिक तौर पर याचिकाकर्ताओं की दलीलों को गंभीर मानते हुए अंतरिम आदेश जारी किया। अब अंतिम फैसला आने तक सरकार उक्त प्रावधान के तहत दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कस्टम शुल्क नहीं ले सकेगी। जैसे ही फैसले की बाते बाहर आई देश के सभी महत्वपूर्ण मीडिया ने इसे प्राथमिकता में रखा। अब हर जगह न्यायालय के इस निर्णय पर लोगो का एक ही बात कहना है,जिस देश की अदालत सख्त और इमानदार हो,वहां सरकारें अपनी मनमानी नहीं कर सकती।  

ग्रेनेड अटैक केस में पुलिस को बड़ी सफलता, आरोपी Arrest, अब खुलेंगे कई राज

गुरदासपुर. गुरदासपुर पुलिस ने काउंटर इंटेलिजेंस पंजाब के साथ मिलकर 27 अप्रैल 2026 को गुरदासपुर में गीता भवन रोड के पास भाजपा नेता अटल शर्मा की दुकान अशोक ट्रेडर पर ग्रेनेड फेंकने के मामले को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान करनजीत सिंह निवासी तारपुर, अमरजीत सिंह उर्फ ​​बिल्ला निवासी जालंधर और सतनाम सिंह उर्फ ​​मिट्टू निवासी बोपाराय के रूप में हुई है। जब इस बारे में SSP गुरदासपुर आदित्य से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि खुशकिस्मती से तब ग्रेनेड फटा नहीं था और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ था। पुलिस ने टेक्निकल जानकारी, CCTV फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर तुरंत कार्रवाई की और ग्रेनेड फेंकने वाले आरोपियों की पहचान कर ली। इस बीच यह भी बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी गुरदासपुर जिले से बाहर के रहने वाले हैं। जांच के दौरान एक आरोपी के घर से दूसरा हैंड ग्रेनेड भी बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेकर पूछताश की जाएगी ताकि सारी सच्चाई सामने आ सके। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी विदेश में बैठे एक हैंडलर के कहने पर काम कर रहे थे और उन्हें दो हैंड ग्रेनेड भी उसी हैंडलर ने दिए थे। इस बारे में सिटी गुरदासपुर पुलिस स्टेशन में अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस विदेशी हैंडलर और लोकल साथियों से जुड़े आगे-पीछे के लिंक की जांच कर रही है। पंजाब पुलिस ने कहा है कि वह राज्य में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पुलिस जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है और इस संबंध में और बड़े खुलासे कर सकती है।

यूक्रेन ने रूस पर बरसाए 500+ ड्रोन, कई इलाकों में तबाही; 4 लोगों की गई जान

नई दिल्ली. यूक्रेन ने रूस पर सबसे बड़े ड्रोन हमले को अंजाम दिया है। रात भर चले इन हमलों में मॉस्को समेत रूस के कई इलाकों को निशाना बनाया गया। रूस के अधिकारियों की अगर मानें तो इस अटैक में 500 से ज्यादा ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों ने इस हमले को रूसी राजधानी क्षेत्र पर एक साल से ज्यादा समय में हुआ सबसे बड़ा हमला बताया है। इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। साथ ही, अलग-अलग इलाकों में रिहायशी इमारतों और बुनियादी सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा। रूस ने 556 ड्रोन को किया तबाह रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रात भर चले इस हमले के दौरान उसके हवाई सुरक्षा तंत्र ने एक दर्जन से ज्यादा इलाकों में यूक्रेन के 556 ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। इस दौरान मॉस्को और पश्चिमी रूस के आसपास धमाकों और आपातकालीन बचाव कार्यों की खबरें भी आईं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम चार लोगों की जान चली गई। इनमें से तीन लोगों की मौत मॉस्को क्षेत्र में और एक व्यक्ति की मौत यूक्रेन की सीमा के पास स्थित बेलगोरोद क्षेत्र में हुई। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने बताया कि इन हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है। वोरोब्योव के मुताबिक, एक ड्रोन के एक निजी रिहायशी मकान से टकराने के कारण एक महिला की मौत हो गई, जबकि बचाव अभियान के दौरान एक अन्य व्यक्ति घंटों तक मलबे के नीचे फंसा रहा। सुबह तड़के शुरू हुए हमले हमलों से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों के मारे जाने की भी खबर है। वोरोब्योव ने टेलीग्राम पर लिखा, "एक प्राइवेट घर पर यूएवी गिरने से एक महिला की मौत हो गई। एक और व्यक्ति मलबे के नीचे फंसा हुआ है।" उन्होंने आगे बताया कि हमले सुबह तड़के शुरू हुए और रूसी एयर डिफेंस यूनिट्स को लगातार ऑपरेशन करने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा, "सुबह 3 बजे से एयर डिफेंस फोर्सेज राजधानी के इलाके पर बड़े पैमाने पर हो रहे यूएवी हमले का जवाब दे रही हैं।" साथ ही बताया कि इस हमले के दौरान कम से कम चार लोग घायल हुए और कई इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं को निशाना बनाया गया। हालांकि मॉस्को और आस-पास के इलाकों को पहले भी यूक्रेनी ड्रोनों द्वारा निशाना बनाया गया है, लेकिन सीधे रूसी राजधानी को प्रभावित करने वाले हमले तुलनात्मक रूप से कम ही हुए हैं। जेलेंस्की ने दी थी चेतावनी रूसी अधिकारियों ने तुरंत इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान की पूरी जानकारी नहीं दी, लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिया कि रिहायशी इलाके और रणनीतिक ठिकाने ही हमले के मुख्य निशाने थे। ये ताजा हमले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के उस बयान के कुछ ही दिनों बाद हुए, जिसमें उन्होंने कीव पर रूस के एक बड़े हमले के बाद जवाबी कार्रवाई तेज करने की कसम खाई थी। उस हमले में 24 लोगों की जान चली गई थी। जेलेंस्की ने चेतावनी दी थी कि यूक्रेन के शहरों और आम नागरिकों पर लगातार हमलों के लिए मॉस्को को नतीजे भुगतने पड़ेंगे। हाल के दिनों में, कैदियों की अदला-बदली पूरी होने और तीन दिन के अस्थायी युद्धविराम के टूटने के बाद मॉस्को और कीव के बीच हवाई हमले तेज हो गए हैं। यह युद्धविराम इसी हफ्ते खत्म हुआ था।

विदिशा में किसानों का सड़क पर हंगामा, बंद खरीदी केंद्र के विरोध में हाईवे जाम

विदिशा. विदिशा जिले के उपार्जन केंद्रों पर जारी कुप्रबंधन और पिछले पांच दिनों से बने बारदाने के गंभीर संकट के कारण शनिवार को किसानों के सब्र का बांध टूट गया। नेशनल हाईवे-146 स्थित धतुरिया के आदित्य वेयरहाउस खरीदी केंद्र पर जब किसानों को ताला लटका मिला, तो आक्रोशित 500 से अधिक किसानों ने नेशनल हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रालियां आड़ी खड़ी कर चक्काजाम कर दिया। हालात इस कदर बिगड़ गए कि फंसे हुए दोपहिया वाहनों को निकालने के लिए प्रशासन को बुलडोजर बुलाना पड़ा, जिसने सड़क किनारे मिट्टी डालकर अस्थाई रास्ता बनाया, तब जाकर बाइक सवार वहां से निकल सके। भीषण गर्मी में थमे पहिए, 3 किलोमीटर तक लगी गाड़ियां चक्काजाम के कारण नेशनल हाईवे के दोनों ओर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। दोपहर के समय पारा 40 डिग्री के पार था, और इस भीषण गर्मी के बीच एक घंटे से अधिक समय तक एंबुलेंस, यात्री बसें और सैकड़ों राहगीर फंसे रहे। छोटे बच्चों और मरीजों के लिए यह एक घंटा बेहद प्रताड़ना भरा रहा। 70 KM दूर से आए किसान बोले- "रात-दिन भूखे-प्यासे दे रहे पहरा" इस केंद्र पर अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आए किसानों को भीषण धूप में प्रताड़ित होना पड़ रहा है। राकेश चौकसे (धनियाखेड़ी): "हम 11 मई की सुबह ही ट्रॉली लेकर आ गए थे। 5 दिन बीत गए पर तौल नहीं हुई। अब खुले आसमान के नीचे फसल बचाएं या खुद को।" विशाल ठाकुर (कछुआ बरखेड़ा): "रात-दिन ट्रॉली के पास ही भूखे-प्यासे पहरा देना पड़ रहा है। पानी तक की सही व्यवस्था नहीं है।" किसान अवतार सिंह और नीलेश अहिरवार ने बताया कि बारदाना, हम्माल और कांटों की कमी के कारण तौल पहले ही कछुआ गति से चल रही थी, और शनिवार को प्रबंधन ने हाथ खड़े करते हुए केंद्र पर ताला ही जड़ दिया। बारदाना आने पर ही खोला जाम समिति प्रबंधकों ने अपनी लाचारी जताते हुए कहा कि जिला स्तर से बार-बार मांग के बावजूद पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। चक्काजाम की खबर मिलते ही एसडीएम क्षितिज शर्मा और तहसीलदार अजय पाठक पुलिस बल के साथ पहुंचे। पहले तो किसान सिर्फ कागजी आश्वासन पर हटने को तैयार नहीं हुए। जब प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही बारदाने से भरी गाड़ी मंगवाई, तब जाकर किसानों ने हाईवे खाली किया। विपक्ष का आरोप इस पर विपक्ष और किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विनीत दांगी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "यह पूरी तरह से प्रशासनिक कुप्रबंधन है। जब किसान पांच दिन से गुहार लगा रहे थे, तब कोई सुनवाई नहीं हुई। लेकिन जैसे ही चक्काजाम हुआ, एक घंटे के भीतर बारदाने की गाड़ी आ गई। इससे साफ है कि जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही थी।" तुलाई शुरू करवा दी है – धतुरिया केंद्र पर बारदाने की कमी और तौल बंद होने की शिकायत मिलते ही हम पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। किसानों को तुरंत बारदाना उपलब्ध कराकर तुलाई शुरू करवा दी गई है। सभी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है। – क्षितिज शर्मा, एसडीएम, विदिशा

रायपुर में मौसम का डबल अटैक, अंधड़-बारिश के बाद फिर अलर्ट जारी

रायपुर. राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में शनिवार को आषाढ़ जैसी झमाझम बारिश हुई. तेज अधड़ और गरज-चमक का असर देखने को मिला. कुछ स्थानों पर बड़े पेश धराशाई हो गए, जिससे आवागमन बाधित रहा. इसके कारण वाहनें क्षतिग्रस्त भी हुई. रविवार सुबह तक पेड़ नहीं हटाए गए हैं. छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग को छोड़कर प्रदेश के शेष हिस्से में सोमवार को मौसम साफ होने लगेगा. आसमान अपेक्षाकृत साफ होगा और दिन के तापमान में वृद्धि होगी. वहीं मई के आखिरी सप्ताह तक कुछ इलाकों पर लू चलने की स्थिति बन सकती है. पूर्व-पश्चिम द्रोणिका पश्चिमी मध्य प्रदेश से पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तरी गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तरी बांग्लादेश तक बनी द्रोणिका और कुछ अन्य सिस्टमों के कारण पिछले दिनों समुद्र  से बड़ी मात्रा में नमी आई. ज्यादा नमी आने और प्रदेश में दोपहर में पड़ने वाली तेज गर्मी के कारण लोकल सिस्टम बनने से कहीं-कहीं बारिश की स्थितियां बनीं. रविवार तक इन हिस्सों में से कुछ जगहों पर हल्की बारिश और गरज-चमक पड़ सकती है. सोमवार से यहां मौसम साफ होने लगेगा. 20 मई के बाद पूरे प्रदेश में एक बार फिर से तापमान में बढ़ने पर गर्मी महसूस होगी. मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थियां अनुकूल  मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि निकोबार द्वीप समूह और उससे लगे अंडमान द्वीप क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर लगातार वर्षा की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं. साथ ही इस क्षेत्र में पश्चिमी हवाएं 35 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार से चल रही हैं, जो वातावरण में लगभग 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित हैं. इसके अलावा, धरती से उत्सर्जित दीर्घ तरंग विकिरण इन इलाकों में 200 वॉट प्रति वर्ग मीटर से कम दर्ज किया गया है. इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल बन गया है. दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चिन्हित निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ है. इसके प्रभाव से जुड़ा ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण लगभग 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है. दूसरी ओर, एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और उससे लगे उत्तर पाकिस्तान क्षेत्र के ऊपर सक्रिय है. इसके साथ ही उत्तर-पूर्व विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में भी 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. प्रदेश में रविवार को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. अंधड़ और वज्रपात के भी आसार हैं. वहीं अधिकतम तापमान में अब बढ़ोतरी का दौर शुरू हो सकता है. कई इलाकों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी है. नारायणपुर, उत्तर बस्तर कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, में यलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने रायपुर में आज 17 मई को आसमान में बादल छाएंगे. बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवा चल सकती है. अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

आमजन को बड़ी राहत: 31 मई तक हर जिले और सब-डिवीजन में होगी प्री-लोक अदालत

होशियारपुर.  सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में 21, 22 और 23 अगस्त, 2026 को लगने वाली स्पेशल लोक अदालत को देखते हुए जिला और सब-डिवीजन लेवल पर प्री-लोक अदालतें शुरू हो गई हैं। CJM-कम-सेक्रेटरी डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी नीरज गोयल ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज राजिंदर अग्रवाल की लीडरशिप में जिले में ये प्री-लोक अदालतें लग रही हैं। जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने 21 अप्रैल, 2026 से समाधान सेरेमनी शुरू की है, जो अगस्त 2026 में एक स्पेशल लोक अदालत के साथ खत्म होगी। इस बारे में, पंजाब स्टेट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी के मेंबर सेक्रेटरी के डायरेक्शन में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी को सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग केसों को आपसी समझौते से सुलझाने के लिए प्री-लोक अदालतें लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी को SAS नगर में अपने हेड ऑफिस के ज़रिए होशियारपुर ज़िले से जुड़े सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग केसों की लिस्ट मिली है। इन केसों में दोनों पार्टियों को नोटिस और समन जारी किए गए हैं ताकि आपसी समझौते से झगड़ों को सुलझाया जा सके। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज राजिंदर अग्रवाल की लीडरशिप में 31 मई, 2026 तक लगातार प्री-लोक अदालतें लगाएगी। इन कोर्ट में दोनों पार्टियों के बीच समझौता होने के बाद, 21, 22 और 23 अगस्त, 2026 को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली स्पेशल लोक अदालत में मामलों के फाइनल निपटारे के लिए SAS नगर में हेड ऑफिस में रिपोर्ट भेजी जाएगी। अथॉरिटी ने जिले के उन लोगों से अपील की है जिनके मामले सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग हैं कि वे प्री-लोक अदालतों का ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठाएं। आपसी समझौते से मामलों को सुलझाने से समय और पैसा बचता है और पार्टियों के बीच अच्छा रिश्ता और भाईचारा भी बढ़ता है।

मौलाना अरशद मदनी बोले- धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई और वंदे मातरम विवाद पर उठाए सवाल

नई दिल्ली जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने की केंद्रीय कार्यसमिति के दो दिवसीय अधिवेशन में सरकार की नीतियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को अनिवार्य बनाने और मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के खिलाफ उनका संगठन अदालत का दरवाजा खटखटाएगा. जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने केंद्र सरकार के वंदे मातरम को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के बराबर दर्जा दिया जाने के फैसले को खारिज कर दिया है. मदनी ने वंदे मातरम को 'विवादित गीत' और 'मुसलमानों के खिलाफ' करार दिया है. बता दें सरकार ने सभी सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में वंदे मातरम के छह बंद गाना अनिवार्य किया है. इस पर मौलाना अरशद मदनी ने कहा, 'एक नोटिफिकेशन के जरिए वंदे मातरम जैसे विवादित गीत को राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया है. बीजेपी शासित राज्यों में इसे अनिवार्य भी किया जा रहा है.' मदरसों-मस्जिदों पर अतिक्रमण का विरोध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अरशद मदनी ने कहा, 'दूसरी ओर मस्जिदों, मकबरों और मदरसों को अवैध बताकर गिराया जा रहा है. मदरसों के खिलाफ रोज नए-नए आदेश जारी किए जा रहे हैं, मानो वो शैक्षणिक संस्थान न होकर गैरकानूनी गतिविधियों के केंद्र हों.' मदनी ने बताया कि वंदे मातरम् को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ भी अब कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी. उनके मुताबिक, 'ये गीत हमारे धार्मिक विश्वासों के खिलाफ है और इसे अनिवार्य बनाकर हमारी धार्मिक स्वतंत्रता को छीनने की कोशिश की जा रही है.' देश के राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए जमीयत ने आरोप लगाया कि पहले सिर्फ मुसलमान ही सांप्रदायिक ताकतों के निशाने पर थे, लेकिन अब सीधे इस्लाम धर्म को निशाना बनाया जा रहा है. 'शांति और एकता के साथ खतरनाक खेल खेला जा…' अरशद मदनी ने दावा किया कि देश में नफरत की पॉलिटिक्स अब डराने-धमकाने की पॉलिटिक्स में बदल गई है. इसका मकसद मुसलमानों को डराना और उन्हें थोपी हुई शर्तों के तहत जीने के लिए मजबूर करना है. सत्ता के लिए शांति और एकता के साथ एक खतरनाक खेल खेला जा रहा है, जिससे धार्मिक कट्टरता और नफरत लगातार बढ़ रही है, जबकि कानून के रखवाले चुपचाप देखते रहते हैं. मदनी ने लिखा, 'हाल के चुनावों के बाद, कुछ नेताओं का नफरत के ज़रिए सत्ता पाने का जुनून और बढ़ गया है और धार्मिक भावनाओं को भड़काकर मेजोरिटी को माइनॉरिटी के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है, जबकि सरकारें इंसाफ और निष्पक्षता से चलती हैं, डर और धमकियों से नहीं.' शुभेंदु अधिकारी पर मदनी का निशाना मदनी ने शुभेंदु अधिकारी को लेकर कहा, 'पश्चिम बंगाल के नए चुने गए मुख्यमंत्री का ये बयान कि वो सिर्फ हिंदुओं के लिए काम करेंगे पूरी तरह से संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. क्योंकि हर मुख्यमंत्री सभी नागरिकों के लिए न्याय बनाए रखने की शपथ लेता है. सत्ता में बैठे लोगों की जिम्मेदारी हर नागरिक के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है, न कि किसी खास समुदाय के खिलाफ नफरत और बांटने वाली राजनीति को बढ़ावा देना.' मदनी ने आरोप लगाया है कि देश को एक सोची-समझी सोच वाले देश में बदलने की एक सोची-समझी कोशिश है. यूनिफॉर्म सिविल कोड, वंदे मातरम को जरूरी बनाना, मस्जिदों और मदरसों के खिलाफ कार्रवाई और SIR की आड़ में असली नागरिकों को वोट देने के अधिकार से रोकना, ये सब एक ही कड़ी की कड़ी हैं. 'इस्लाम खुद निशाना बन गया है' उन्होंने साफ किया कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद ऐसे सभी कदमों के खिलाफ अपनी कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रखेगी. पिछली सरकारों ने भी मुसलमानों को सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और आर्थिक नुकसान पहुंचाया, लेकिन आज हालात कहीं ज्यादा खतरनाक हो गए हैं. पहले सिर्फ मुसलमानों को निशाना बनाया जाता था, अब इस्लाम खुद निशाना बन गया है. मदनी ने लिखा, '2014 के बाद बनाए गए कानून और हाल के कदम इस बात का साफ सबूत हैं कि मौजूदा सरकार सिर्फ मुसलमानों को ही नहीं, बल्कि इस्लाम को भी नुकसान पहुंचाना चाहती है. दुनिया भर में भी इस्लाम के खिलाफ संगठित प्रोपेगैंडा चलाया जा रहा है. हालांकि, इतिहास गवाह है कि जो लोग इस्लाम को मिटाना चाहते थे, वो खुद ही मिट गए. इस्लाम जिंदा था, जिंदा है, और कयामत तक जिंदा रहेगा.' आखिर में उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हम सभी इंसाफ पसंद पार्टियों, सामाजिक संगठनों और देशभक्त नागरिकों से अपील करते हैं कि वो डेमोक्रेटिक और सामाजिक लेवल पर सांप्रदायिक और फासिस्ट ताकतों के खिलाफ एकजुट हों और देश में भाईचारे, सहनशीलता, इंसाफ और संविधान के लिए मिलकर संघर्ष करें.

लखनऊ कचहरी में बवाल: बुलडोजर कार्रवाई के बीच वकीलों पर पुलिस का लाठीचार्ज

लखनऊ राजधानी लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों पर रविवार को बुलडोजर चला। हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हुई। नगर निगम, पुलिस व जिला प्रशासन की टीमों ने सुबह से ही इन्हें तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान वकीलों ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस-प्रशासन से उनकी बहस भी हुई। इस दौरान हंगामा कर रहे वकीलों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वहीं दूसरी तरफ एक वकील ने खुद को चैंबर में बंद कर लिया। उसने कहा कि हमे कोई नोटिस नहीं मिली है। सिर्फ चैंबर तोड़े जा रहे हैं। उसने चैंबर के अंदर फांसी लगाने की कोशिश की।   एक महिला वकील ने कहा कि कुछ कुछ लोगों की मिलीभगत से यह सब गलत हो रहा है। जिस जगह पर हमारे वकील बैठते थे, उस जगह को हटाया जा रहा है। अगर वे सभी चैंबर्स को गिराने से पहले बैठने के लिए कोई दूसरी जगह दे देते, तो यह ज़्यादा सही होता। उन लोगों के चैंबर्स भी गिरा दिए, जिन्हें गिराने के लिए निशान भी नहीं लगाए गए थे। 72 चैंबर्स की पहचान की गई थी। उन्हें गिराने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया था। लेकिन, उन्होंने उन खास चैंबर्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय, आम लोगों के चैंबर्स हटा दिए।   बताते चलें कि हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य भवन व कचहरी के आसपास बने वकीलों के 240 अवैध चैंबर तोड़ने के लिए कहा था। इसके बाद नगर निगम ने नोटिस चस्पा किए थे। वकीलों को खुद अवैध चैंबर हटाने के लिए वक्त भी दिया था। इसकी मियाद पूरी होने के बावजूद इन चैंबरों को नहीं हटाया गया। इस पर बुलडोजर चलाया गया। वकीलों के हंगामे के आसार के मद्देनजर पीएसी बल भी तैनात की गई है।   इससे पहले नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य रूप से स्वास्थ्य भवन चौराहे से चकबस्त चौराहे की सड़क पर, सदर तहसील व निबंधन कार्यालय, रेजिडेंसी से सीएमओ, स्वास्थ्य भवन से जिला सत्र न्यायालय की ओर सड़क पर अवैध चैंबर बनाए गए हैं। इन पर कार्रवाई होगी। हालांकि, इससे पहले ही कुछ वकीलों ने कब्जा छोड़ दिया है। जिन लोगों ने सड़क, फुटपाथ, नाले-नालियों पर कब्जा कर चैंबर व फोटो कॉपी की दुकानें बनाई हैं, उनमें अधिकतर प्रभावी लोग हैं। गत वर्ष अक्तूबर में भी नगर निगम व पुलिस ने यहां 20 अवैध चैंबर तोड़े थे, लेकिन बाद में इन्हें फिर बना लिया गया।

अस्थाई कर्मचारियों पर सरकार की नजर, हरियाणा में विभागों से तलब किया गया पूरा डेटा

जालंधर. हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार के मानव संसाधन विभाग (HR Department) ने एक नया आदेश जारी कर प्रदेश के महकमों में हड़कंप मचा दिया है। सरकार ने उन संविदा (Contractual) कर्मचारियों की कुंडली मांगी है जो मोटा वेतन ले रहे हैं। सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को पत्र लिखकर निम्नलिखित जानकारी 30 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से मांगी है। वे कर्मचारी जिनका मासिक वेतन ₹50,000 से अधिक है। जिन्होंने 15 अगस्त 2024 तक अपनी सेवा के 5 साल पूरे कर लिए हैं। पद का नाम, काम की प्रकृति, स्वीकृत पद के विरुद्ध नियुक्ति है या नहीं, और वेतन का पूरा ब्यौरा। क्या होगा इन कर्मचारियों का? सरकार के इस कदम के बाद गलियारों में चर्चा तेज है। क्या सरकार इन उच्च वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए किसी विशेष नीति (Policy) पर विचार कर रही है? लेकिन असली सवाल तो उन लाखों कच्चे कर्मचारियों का है जो वर्षों से मामूली वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। क्या सरकार सिर्फ ₹50,000 से ऊपर वालों का डेटा जुटाएगी, या कम वेतन वाले 'कच्चे' कर्मचारियों के घर भी कभी 'पक्का' होने की खुशखबरी आएगी?

DMRC का नया प्लान: यात्रियों के लिए बढ़ेंगी मेट्रो सेवाएं, 24 अतिरिक्त फेरे जोड़ने का फैसला

नई दिल्ली  दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा की बचत और सुविधाजनक यातायात को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डीएमआरसी 18 मई 2026 से अपनी सेवाओं के विस्तार की रणनिति बना रही है। डीएमआरसी की ओर से यात्रियों की संख्या और सड़क परिवहन के बढ़ते रुझान को देखते हुए, हर सोमवार को 6 अतिरिक्त ट्रेनों के माध्यम से 24 अतिरिक्त फेरे (ट्रेन यात्राएं) संचालित की जाएंगी। इस विस्तार का उद्देश्य बढ़ती यात्रियों की संख्या के दौरान निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करना है। डीएमआरसी यात्रियों की संख्या में किसी भी संभावित वृद्धि पर लगातार निगरानी रखेगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर मांग के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जा सकें। डीएमआरसी उठा रही ये कदम     अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती     अतिरिक्त टिकट काउंटरों का संचालन     अतिरिक्त डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) एवं बैगेज स्कैनर सक्रिय करना     फ्रिस्किंग प्वाइंट्स पर प्रतीक्षा समय कम करना     व्यस्त अवधि के दौरान यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करना गंतव्य स्थलों तक आसान संपर्क सुविधा दिल्ली मेट्रो का विस्तृत नेटवर्क रेलवे स्टेशनों, प्रमुख अंतरराज्यीय बस अड्डों (ISBT), एयरपोर्ट टर्मिनलों, नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), नोएडा मेट्रो और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के साथ सीधी एवं निर्बाध मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रदान कर एक महत्वपूर्ण परिवहन जीवनरेखा के रूप में कार्य कर रहा है।