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अब और तेज होगा पुलिस रिस्पांस, बिलासपुर में 24 नई Dial-112 वाहनों की एंट्री

बिलासपुर. आपातकालीन स्थिति में लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने वाली डायल 112 सेवा अब बिलासपुर जिले में और अधिक मजबूत होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर जिले के पुलिस बेड़े में 24 नए आधुनिक वाहन शामिल किए जाएंगे। इन वाहनों के शामिल होने से जिले में रियल टाइम रिस्पांस सिस्टम पहले से ज्यादा प्रभावी होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से 24 वाहन बिलासपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे। पुराने और जर्जर वाहनों से मिलेगी राहत वर्तमान में जिले के 19 थानों में एक-एक डायल 112 वाहन तैनात है। ये वाहन सूचना मिलते ही घटना स्थल के लिए रवाना होते हैं। हालांकि लगातार कई वर्षों तक चौबीसों घंटे इस्तेमाल होने के कारण अधिकांश वाहन जर्जर और कंडम हो चुके थे। इससे पुलिस के रिस्पांस टाइम पर भी असर पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए वाहनों की स्वीकृति दी है। बिलासपुर में पुराने वाहनों की जगह नए आधुनिक वाहन तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में रहेंगे अतिरिक्त वाहन बिलासपुर को मिलने वाले 24 वाहनों में से 19 वाहन जिले के सभी थानों में पुराने वाहनों की जगह लगाए जाएंगे। इसके अलावा बचे पांच अतिरिक्त वाहनों को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जहां दुर्घटनाओं और अपराध की घटनाएं अधिक होती हैं। इन थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात किए जाएंगे सरकंडा सिविल लाइन तोरवा कोतवाली सकरी तेजी से मिलेगी मदद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात करने का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में पुलिस की पहुंच का समय (रिस्पांस टाइम) कम करना है। इससे दुर्घटना या किसी अन्य आपदा की स्थिति में पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित सहायता मिल सकेगी।

गोलियों की गूंज से कांपा जालंधर, पूर्व सैनिक के घर के बाहर फायरिंग से मचा हड़कंप

जालंधर.  जालंधर के पॉश इलाके में गोलियों की खबर सामने आई है। छोटी बारादरी इलाके में देर रात उस समय दहशत का माहौल बन गया जब मोटरसाइकिल सवार एक युवक ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जानकारी के मुताबिक, यह घटना छोटी बारादरी पार्ट-1 में स्थित मकान नंबर 325 के बाहर हुई। उक्त घर पूर्व सैनिक और ज्वैलर गुरदयाल सिंह कांडा का घर है। पीड़ित गुरदयाल सिंह खाना खाने के बाद अपने घर के बाहर टहल रहे थे। इसी बीच एक अज्ञात युवक मोटरसाइकिल पर आया और अचानक उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर ने करीब 5 राउंड गोलियां चलाईं और घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया। गोलियों की आवाज सुनकर इलाके के लोग डर गए। राहत की बात यह है कि इस फायरिंग में किसी के घायल होने या जान जाने की कोई खबर नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचकर इलाके को घेर लिया। सीनियर पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और घर के बाहर गोलियों के निशानों की जांच की। पुलिस हमलावर की पहचान के लिए इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज चेक कर रही है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि इस फायरिंग के पीछे हमलावर का मकसद क्या था। पुलिस हर एंगल से मामले की अच्छी तरह जांच कर रही है।

व्यापारिक जहाजों पर हमले अस्वीकार्य: संयुक्त राष्ट्र में भारत का बयान

 नई दिल्ली भारत ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कारोबारी जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र में चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि नागरिक जहाजों और उनके चालक दल को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पर्वतनेनी हरीश ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (यूएनईसीओएसओसी) की विशेष बैठक में यह बात कही। बैठक में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कारोबारी जहाजों पर हमले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में ओमान तट के पास भारतीय झंडे वाले एक जहाज पर हमला हुआ था। भारत ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर दिया जोर रविवार को एक्स पर किए गए पोस्ट में पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुए ऊर्जा और उर्वरक संकट से निपटने के लिए भारत का दृष्टिकोण साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कदमों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने दोहराया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कारोबारी जहाजों को निशाना बनाना, नागरिक चालक दल की जान खतरे में डालना और नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा डालना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह पालन होना चाहिए। ओमान तट के पास हुआ था हमला 13 मई को सोमालिया से जा रहे भारतीय झंडे वाले एक कारोबारी जहाज पर ओमान के पास हमला हुआ था। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। ओमान प्रशासन ने जहाज पर सवार सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। हालांकि, हमला किसने किया, इसकी तुरंत पुष्टि नहीं हो सकी। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस हमले की निंदा करते हुए कहा था कि कारोबारी जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम दो अन्य भारतीय जहाजों पर भी हमले हो चुके हैं।

नहरों में नहाना पड़ सकता है भारी! जींद पुलिस ने लगाया प्रतिबंध, लोगों को चेतावनी

जींद. पुलिस ने नहरों में नहाने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। गर्मी के मौसम में नहरों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में नहाने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एसपी कुलदीप सिंह ने आमजन के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नहरों और तालाबों में नहाने से रोकें। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि हर वर्ष गर्मियों में कई युवक और बच्चे बिना सुरक्षा उपायों के नहरों और गहरे जल स्रोतों में नहाने चले जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। तेज बहाव, अधिक गहराई और पानी की सही जानकारी न होने के कारण छोटी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें और उन्हें जोखिम भरे स्थानों पर जाने से रोकें। युवाओं से भी अनुरोध किया गया है कि वे मनोरंजन या सोशल मीडिया वीडियो बनाने के लिए खतरनाक स्थानों पर न जाएं। एसपी ने स्पष्ट किया कि नहरों में नहाना या नशा करके जल स्रोतों के आसपास बैठना खतरनाक और कानूनन गलत है। ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई करेगी। सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ाने और जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री घूम रहे विदेश, जनता को दे रहे बचत की नसीहत— भगवंत मान का तंज

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा तेल की कीमतों में किए गए भारी वृद्धि की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि चुनावों के तुरंत बाद एक बार फिर आम लोगों पर भारी कीमतों का बोझ डाल दिया गया है, जबकि सत्ता पर काबिज लोग खर्चों में कटौती और बचत करने के बारे में नागरिकों को भाषण देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि देश भर के लोग महंगाई, बढ़ती परिवहन लागत और बढ़ते घरेलू खर्चों की मार से जूझ रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत देने के बजाय केंद्र सरकार नागरिकों से निजी खर्च कम करने के लिए कह रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रधानमंत्री देश के लोगों को बचत करने का सबक देते हुए विदेश घूम रहे हैं।” उन्होंने बताया कि आम नागरिकों को बार-बार अनावश्यक यात्रा से बचने और खर्चे घटाने की सलाह दी जाती है, जबकि प्रधानमंत्री खुद जनता के खर्च पर लगातार विदेशी दौरे कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अगर देश के लोगों को विदेश यात्रा करना बंद कर देना चाहिए और घर से काम करना चाहिए, तो क्या प्रधानमंत्री घर से काम नहीं कर सकते?” उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया युद्ध और वैश्विक अर्थव्यवस्था के उतार-चढ़ाव से प्रभावित हुई है, लेकिन किसी अन्य देश के प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह नागरिकों को बचत करने की सलाह नहीं दी। केंद्र पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शुक्र है, प्रधानमंत्री ने लोगों को सिर्फ पैसे बचाने की सलाह दी और उन्हें थालियाँ बजाने और तालियाँ बजाने के लिए नहीं कहा।” उन्होंने कहा कि बेतुकी सलाह और भाषणों के बजाय लोग महंगाई को नियंत्रित करने और घरों, किसानों तथा छोटे कारोबारियों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए ठोस कदमों की उम्मीद करते हैं। वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध और आर्थिक अस्थिरता ने दुनिया भर के देशों को प्रभावित किया है, लेकिन अन्य देशों की सरकारें उच्च कीमतों और खर्चों पर नैतिक भाषणों के जरिए जनता पर बोझ डालने के बजाय नागरिकों को राहत प्रदान करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा, “युद्ध ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के अलावा किसी अन्य देश के प्रमुख ने अपने नागरिकों को इस तरह बचत पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह नहीं दी।” भाखड़ा के पानी के वितरण के संवेदनशील मुद्दे और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा हाल ही में की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पंजाब हर कीमत पर अपने पानी के अधिकारों की रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा को अपने कानूनी रूप से निर्धारित कोटे के अनुसार ही पानी मिलेगा और यह पानी निर्धारित समय-सीमा से पहले नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब किसी भी दबाव में आकर अपने पानी के अधिकारों से समझौता नहीं करेगा।” उन्होंने आगे कहा कि पानी पंजाब से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है और यह राज्य की अर्थव्यवस्था और कृषि की नींव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी की हर बूंद की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पंजाब के रुख को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है।” उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के पानी और कृषि पर निर्भर किसानों तथा ग्रामीण समुदायों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। स्थानीय निकायों के आगामी चुनावों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोग सरकार का जोरदार समर्थन कर रहे हैं क्योंकि जमीनी स्तर पर विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है, शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है, सड़कों और सीवरेज प्रणालियों को अपग्रेड किया जा रहा है, टोल प्लाजा बंद किए जा रहे हैं और राज्य भर के शहरों और कस्बों के लिए करोड़ों रुपये की विकास अनुदान जारी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल वर्षों के राजनीतिक पतन और लोगों की उम्मीदों के टूटने के कारण लगातार जनता का समर्थन और विश्वसनीयता खो रही है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों को अब अकालियों पर पहले जैसा भरोसा नहीं रहा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकालियों ने बेअदबी की घटनाओं के जरिए हर पंजाबी और खासकर सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाबी अकालियों को पंजाब और इसके लोगों के साथ किए गए पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे।

हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी, रिक्त पद का बहाना बनाकर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित करना गलत

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में बैंक के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके आश्रित द्वारा समय पर आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बावजूद केवल “रिक्त पद उपलब्ध नहीं है” कहकर नियुक्ति से इंकार करना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति एके प्रसाद की एकलपीठ ने यह महत्वपूर्ण फैसला “संतोष सिन्हा बनाम छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक” प्रकरण में पारित किया गया. मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनादि शर्मा ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष यह प्रमुख तर्क रखा कि याचिकाकर्ता के पिता बैंक में ऑफिस अटेंडेंट के पद पर कार्यरत थे, और उनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी. मृत्यु के मात्र दो माह के भीतर ही याचिकाकर्ता ने अनुकंपा नियुक्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत कर दिया था, किंतु बैंक ने वर्षों मामला लंबित रख यह कहकर नियुक्ति से इंकार कर दिया कि संबंधित पद उपलब्ध नहीं है. सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अनादि शर्मा ने न्यायालय के समक्ष तर्क रखा कि याचिकाकर्ता के पिता की सेवा के दौरान मृत्यु होने के तुरंत बाद परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया था तथा याचिकाकर्ता ने निर्धारित समयसीमा के भीतर अनुकंपा नियुक्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत कर दिया था. उन्होंने न्यायालय को यह भी अवगत कराया कि बैंक द्वारा मामले को वर्षों तक लंबित रखा गया, जबकि समान परिस्थिति वाले अन्य अभ्यर्थियों के प्रकरणों पर निर्णय लेकर उन्हें नियुक्ति प्रदान कर दी गई. अधिवक्ता ने यह भी प्रस्तुत किया कि बैंक अपनी ही अनुकंपा नियुक्ति नीति के विपरीत कार्य कर रहा है, जबकि नीति में स्पष्ट रूप से ऐसे मामलों को सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण से विचार करने तथा आश्रित परिवारों को प्राथमिकता देने का प्रावधान है. उन्होंने यह तर्क भी रखा कि तकनीकी आधारों एवं प्रशासनिक बहानों का सहारा लेकर आश्रित परिवार को राहत से वंचित नहीं किया जा सकता, विशेषकर तब जब कर्मचारी की मृत्यु के पश्चात रिक्ति उत्पन्न हो चुकी थी, और आवेदन भी समय पर प्रस्तुत किया गया था. बैंक द्वारा “रिक्त पद उपलब्ध नहीं होने” का तर्क तथ्यों एवं नीति दोनों के विपरीत है, तथा यह संवेदनशील मामलों में संस्थागत उत्तरदायित्व की भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता. एकलपीठ ने अपने फैसले में कहा, “जब कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हुई, उसी क्षण संबंधित पद रिक्त हो गया था. याचिकाकर्ता ने समयसीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत किया था, इसलिए बाद में रिक्ति उपलब्ध नहीं होने का तर्क स्वीकार नहीं किया जा सकता.” न्यायमूर्ति एके प्रसाद की एकलपीठ ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि अनुकंपा नियुक्ति योजना का उद्देश्य मृत कर्मचारी के परिवार को तत्काल राहत प्रदान करना है और ऐसे मामलों में संस्थाओं को संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है. न्यायालय ने बैंक द्वारा जारी आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता को 90 दिनों के भीतर नियुक्ति प्रदान करने के निर्देश दिए. अपने आदेश में हाईकोर्ट ने बैंक द्वारा जारी 30 सितंबर 2022 के आदेश को निरस्त करते हुए निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को 90 दिनों के भीतर उपलब्ध किसी भी चतुर्थ श्रेणी पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए. कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला उन मामलों में महत्वपूर्ण नज़ीर साबित हो सकता है, जहां संस्थाएं तकनीकी आधारों का सहारा लेकर आश्रित परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति देने से बचती रही हैं.

IPL 2026: चेपॉक में हाई-वोल्टेज मुकाबला, सनराइजर्स हैदराबाद बनाम चेन्नई सुपर किंग्स

चेन्नई गौरतलब है कि IPL के मौजूदा सीजन में जब पिछली बार इन दोनों टीमों की टक्कर हुई थी तब सनराइजर्स हैदराबाद ने 194 रन डिफेंड करके चेन्नई सुपर किंग्स को 10 रनों से हराया था। इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा और हेनरिक क्लासेन ने अर्धशतक ठोके थे। दिन – सोमवार, 18 मई 2026 समय – 07:30 PM IST वेन्यू – एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेन्नई MA Chidambaram Stadium, Chennai Pitch Report ये मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा जहां IPL के मौजूदा सीजन में अब तक छह में से चार मुकाबले रन चेज करने वाली टीमों ने जीतकर अपने नाम किए हैं। यहां पहले बैटिंग करने वाली टीम को कम से कम 180 रन स्कोर बोर्ड पर टांगने होंगे। बात करें यहां खेले गए आखिरी मुकाबले की तो उसमें CSK ने 19.2 ओवर में 294 रनों का लक्ष्य हासिल करके लखनऊ सुपर जायंट्स को 5 विकेट से धूल चटाई थी। CSK vs SRH Head To Head Record कुल – 23 चेन्नई सुपर किंग्स – 15 सनराइजर्स हैदराबाद – 08 CSK vs SRH, IPL 2026: Where to Watch? आईपीएल 2026 के सभी मुकाबले भारतीय क्रिकेट फैंस टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स और OTT प्लेटफॉर्म JioHotstar पर एन्जॉय कर सकते हैं। CSK vs SRH, IPL 2026: Player to Watch Out For चेन्नई सुपर किंग्स की टीम से संजू सैमसन, कार्तिक शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ स्टार प्लेयर्स हो सकते हैं जिन पर सभी की निगाहें रहेंगी। वहीं बात करें अगर सनराइजर्स हैदराबाद टीम की तो हेनरिक क्लासेन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन अपने प्रदर्शन से कमाल कर सकते हैं। Chennai Super Kings Probable Playing XI: संजू सैमसन (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अंशुल कंबोज, नूर अहमद, स्पेंसर जॉनसन, मुकेश चौधरी। इम्पैक्ट प्लेयर: गुरजपनीत सिंह। Sunrisers Hyderabad Probable Playing XI: ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, नितीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, प्रफुल्ल हिंगे, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन। इम्पैक्ट प्लेयर: स्मरण रविचंद्रन। CSK vs SRH  Match Prediction आईपीएल 2026 के 63वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम जीत हासिल करने के लिए फेवरेट रहेगी।

धार सांसद बोले- शर्तों के साथ वाग्देवी प्रतिमा लौटाने को राजी था ब्रिटिश संग्रहालय

धार. ऐतिहासिक भोजशाला पर हाई कोर्ट के निर्णय के बाद धार सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने दावा किया है कि ब्रिटिश संग्रहालय वर्ष 2017-18 में ही प्रतिमा लौटाने पर सहमत हो गया था, लेकिन एक शर्त के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। सावित्री ठाकुर ने बताया कि वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने के लिए तत्कालीन राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी केंद्र सरकार की ओर से ब्रिटिश म्यूजियम प्रबंधन से चर्चा कर रहे थे। वर्ष 2014 से 2017 के बीच सुब्रमण्यम स्वामी ने चार बार भोजशाला का दौरा भी किया था। सावित्री ठाकुर का कहना है कि वर्ष 2017-18 में ब्रिटिश म्यूजियम ने शर्त रखी थी कि वाग्देवी की प्रतिमा को उसी स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाए, जहां पर वह पहले स्थापित थी। उस समय मामला हाई कोर्ट में लंबित होने के कारण यह शर्त पूरी नहीं हो सकी। हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद प्रतिमा को भोजशाला में पुनर्स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वह स्वयं इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगी। बहुचर्चित भोजशाला परिसर में अलग भावनात्मक, धार्मिक और ऐतिहासिक वातावरण है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा भोजशाला को वाग्देवी मंदिर मानते हुए शुक्रवार को दिए महत्वपूर्ण फैसले के बाद श्रद्धालुओं का यहां पहुंचना जारी है। श्रद्धालु निर्धारित शुल्क (एक रुपया प्रति व्यक्ति) देकर परिसर में प्रवेश कर मां वाग्देवी की प्रतिमा के स्थान पर पहुंचकर श्रद्धा, आस्था और भावुकता के साथ नमन कर रहे हैं। लगता है जैसे जीवन का सबसे बड़ा संकल्प पूरा हो गया हो मंदिर पक्ष में आए फैसले के बाद भोजशाला मुक्ति आंदोलन से जुड़े बुजुर्ग कार्यकर्ताओं और हिंदू समाज के वरिष्ठ लोगों की आंखों में संतोष, भावुकता और वर्षों के संघर्ष के बाद विजय की खुशी एक साथ दिखाई दी। 90 वर्षीय हिंदू नेता विमल गोधा ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के कई दशक भोजशाला मुक्ति आंदोलन को समर्पित किए हैं। उन्होंने वह दौर भी देखा है, जब भोजशाला की बात उठाना ही संघर्ष माना जाता था। अब लगता है जैसे जीवन का सबसे बड़ा संकल्प पूरा हो गया हो। आंदोलन से जुड़े रहे 75 वर्षीय सुरेशचंद्र भंडारी ने कहा कि यह आंदोलन सांस्कृतिक अस्मिता और इतिहास को बचाने की लड़ाई भी था। शुरुआती दौर में बहुत कम लोग खुलकर आंदोलन के साथ खड़े होते थे, लेकिन धीरे-धीरे यह जन आस्था का आंदोलन बन गया। अब ऐसा लग रहा है जैसे संघर्ष की हर पीड़ा सार्थक हो गई।

नीट परीक्षा लीक मामल,प्रोफेसरों और बिचौलियों की मिलीभगत का शक

 नई दिल्ली  नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच में एक बड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसी को शक है कि इस नेटवर्क में परीक्षा से जुड़े अंदरूनी लोग, बिचौलिए और अलग-अलग राज्यों के छात्र शामिल थे। अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, पेपर लीक कई चरणों में हुआ। जांच में सामने आया कि सवाल और उत्तर परीक्षा प्रणाली के अंदर से बाहर निकाले गए और फिर अलग-अलग लोगों तक पहुंचाए गए। सीबीआई के मुताबिक, पुणे की बॉटनी प्रोफेसर मनीषा मंडहरे परीक्षा प्रक्रिया में विषय विशेषज्ञ के तौर पर जुड़ी थीं। एजेंसी को शक है कि उन्हें बॉटनी और जूलॉजी के गोपनीय प्रश्नों तक पहुंच थी। प्रोफेसरों और बिचौलियों की भूमिका पर शक जांच में रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी का नाम भी सामने आया है। सीबीआई को शक है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी का कुछ हिस्सा परीक्षा तंत्र के अंदर से बाहर निकाला गया। सीबीआई के अनुसार, मनीषा मंडहरे और पुणे की ही मनीषा वाघमारे के बीच करीबी संपर्क था। दोनों एक ही हाउसिंग सोसायटी में रहती थीं। जांच में पता चला कि वाघमारे अक्सर मंडहरे के घर जाती थीं। अदालत में सीबीआई ने कहा कि मनीषा मंडहरे, पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे आपस में साजिश के तहत काम कर रहे थे। एजेंसी के मुताबिक, लीक प्रश्नपत्र शुभम खैरनार तक पहुंचाए गए। 'स्पेशल क्लास' में बताए गए सवाल सीबीआई ने अदालत को बताया कि अप्रैल में मनीषा मंडहरे ने पुणे स्थित अपने घर पर कुछ चुनिंदा छात्रों के लिए 'स्पेशल' क्लास ली थी। इन क्लासों में बॉटनी और जूलॉजी के सवाल छात्रों को बताए गए। बताया गया कि मनीषा वाघमारे छात्रों को इन क्लासों तक लेकर आती थीं। जांच के अनुसार, मंडहरे छात्रों को सीधे प्रिंटेड पेपर देने की बजाय सवाल बोलकर लिखवाती थीं और नोटबुक में उन्हें समझाती थीं। जांच में आयुर्वेद चिकित्सक धनंजय लोखंडे का नाम भी सामने आया है। सीबीआई का कहना है कि उन्हें वाघमारे से परीक्षा से जुड़ी सामग्री मिली थी और वह नेटवर्क में बिचौलिए की भूमिका निभा रहे थे। टेलीग्राम तक पहुंचा 'गेस पेपर' सीबीआई को शक है कि शुभम खैरनार ने यह 'गेस पेपर' आरोपी यश यादव तक पहुंचाया। जांच के मुताबिक, यश यादव ने 29 अप्रैल को परीक्षा से चार दिन पहले फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्नपत्र पीडीएफ फॉर्मेट में टेलीग्राम पर शेयर किए। जांच में यह भी सामने आया कि मांगीलाल बीवाल ने अपने बेटे के लिए लीक पेपर लेने के बदले 10 से 12 लाख रुपये देने की बात कही थी। सूत्रों के अनुसार, यश यादव राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान मांगीलाल के बड़े बेटे विकास बीवाल को जानता था। सीबीआई का दावा है कि पेपर मिलने के बाद मांगीलाल ने उसकी प्रिंट कॉपी निकलवाई और बेटे अमन बीवाल, रिश्तेदारों और परिचितों में बांटी। 21 जून को होगी दोबारा परीक्षा पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद कर दी गई थी। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने 12 मई को एनटीए के उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक वरुण भारद्वाज की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। अब नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी। सीबीआई फिलहाल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, पैसों के लेनदेन और कॉल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

जनता बदलाव चाहती है — नगर निगम चुनाव में बड़ी जीत का भरोसा जताया कुलवंत सिंह ने

चंडीगढ़. हलके के MLA कुलवंत सिंह ने कहा है कि आम आदमी पार्टी नगर निगम चुनाव में भारी जीत हासिल करेगी और नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव आम आदमी पार्टी के जीते हुए उम्मीदवारों में से ही होगा। रिपोर्टर्स से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पिछले मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और कई दूसरे उम्मीदवारों ने चुनाव इसलिए नहीं लड़ा क्योंकि वे लोगों का सामना नहीं कर सकते थे। उन्होंने कहा कि पिछले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने जो वादे और दावे किए थे, जिनसे लोगों को गुमराह किया गया था, वे दावे और वादे पूरे नहीं हुए और मोहाली के लोग ऐसे नेताओं को इन चुनावों में सबक सिखाने के मूड में थे, जिसके कारण उन्होंने चुनाव मैदान से भागना ही बेहतर समझा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किस पार्टी के कितने उम्मीदवार जीतेंगे, लेकिन वह एक बात कह सकते हैं कि चुनाव में किसी भी तरह की धांधली नहीं होने दी जाएगी और लोकतंत्र को हर कीमत पर जिंदा रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पूरी स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों को चुना है और सिर्फ उन्हीं उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है जो सही तरीके से लोगों की सेवा करेंगे और आने वाले समय में हमेशा लोगों के दरबार में मौजूद रहेंगे।