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विकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भोपाल  जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी ने जनजातीय समाज की पीड़ा को समझा और विकास प्रक्र‍िया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी नीतियां बनायी हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा ग्राम उत्कर्ष जैसी पहल से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए ठोस कार्य हो रहे हैं। वे मंगलवार को भोपाल के आदि भवन में जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत तकनीकी आधारित सतत् जनजाति विकास अवधारणा पर आयोजित कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में प्रमुख सचिव  गुलशन बामरा, आयुक्त डॉ. सतेंद्र सिंह सहित प्रदेश से आए विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री डॉ. शाह ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि वे वर्ष 1990 से लगातार जनजातीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जनजातीय समाज के साथ लगातार कार्य किया है। विभागीय अधिकारी भी सतत् रूप से गांवों में और वनवासी अंचल के बीच जाएं और उनके जीवन को नजदीक से देखें। साथ ही प्रत्यक्ष अनुभव से जो परिस्थितियां सामने आती है उसे समझें और उसके अनुरूप कार्य करें। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जनजाति वर्ग के लिए शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं को उनके द्वार तक पहुँचाने के लिए “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में शिविरों के माध्यम से 18 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ जनजाति वर्ग के ग्रामीणों को दिलाया जाएगा। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि किस तरह से वनवासी अंचल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सन 1990 के दशक से लेकर अब तक स्थ‍ितियां बदल गयी है। आज जनजातीय समाज, विकास की मुख्यधारा में शामिल हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों में 50 हजार पानी की बॉटल वितरित कर रहे हैं। साथ ही पहली से कक्षा बारहवीं कक्षा तक के 45 हज़ार बच्चों को पेयजल के लिए पानी की बॉटल प्रदान की हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र की 150 ग्राम पंचायतों में वॉटर कूलर और आरओ लगाया हैं। इससे हर गाँव, हर स्कूल में शुद्ध पेयजल सुलभ होगा। उन्होंने कहा कि जनजाति अंचल की बच्चियां शहर के कॉलेज जाने में हिचकिचाती हैं और सुविधाओं के अभाव में उच्च शिक्षा छोड़ भी देती है। ऐसी परिस्थितियों में उन्होंने प्रायोगिक तौर पर अपने क्षेत्र में 4 बसें संचालित की, जिससे कॉलेज जाने वाली बालिकाओं की संख्या 30 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा का अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार होना चाहिए। कार्यशाला में आयुक्त जनजातीय क्षेत्र विकास डॉ. सतेंद्र सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यशाला में आजीविका तथा रोज़गार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग पर मैनिट के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. संयम शुक्ला ने अपना उद्बोधन दिया। सतत जनजातीय विकास में जीआईएस तथा उपग्रह सुदूर संवेदन विषय पर आईआईएसईआर के एसोसियेट प्रोफेसर डॉ. कुमार गौरव ने भी संबोधित किया। कार्यशाला के द्वितीय सत्र में जनजातीय आजीविका तथा उद्यमिता विकास विषय पर आईएएस आरएम ट्राइफेड मती प्रीति मैथिल ने संबोधित किया। 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारतीय कृषि को बदल रहा है' विषय पर आईआईआईटी के असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. शुभ्रज्‍योति देब ने संबोधित किया। साथ ही "स्वास्थ्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग" विषय पर आईआईआईटी के असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. निखिल कुमार सिंह ने जानकारी दी। 

आईआईटी कानपुर के सहयोग से बिठूर के कुम्हार बना रहे नए दौर की मिट्टी की गुल्लकें

लखनऊ/कानपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार जहां एक ओर पारंपरिक कला और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर भारतीय संस्कृति और बचत जैसे सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है। इसी क्रम में कानपुर के बिठूर की पारंपरिक माटीकला को नया स्वरूप देने की पहल शुरू हुई है, जहां अब मिट्टी की गुल्लकें आधुनिक डिजाइन और आकर्षक रंगों के साथ तैयार की जा रही हैं। इस अभियान में जिला प्रशासन के साथ आईआईटी कानपुर का भी सहयोग मिल रहा है।  भावनात्मक अभियान के रूप में विकसित करने की पहल कभी दादी-नानी के दिए सिक्कों की रखवाली करने वाली मिट्टी की गुल्लक अब नए दौर में बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है। जिला प्रशासन ने इसे केवल बचत का साधन नहीं, बल्कि संस्कार, परिवार और स्थानीय कला से जुड़े भावनात्मक अभियान के रूप में विकसित करने की पहल की है। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि गुल्लक बच्चों में बचत की आदत विकसित करने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम रही है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बढ़ते अनावश्यक खर्चों के बीच बच्चों को आर्थिक अनुशासन और बचत का संस्कार देना समय की आवश्यकता है। डिजाइन, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर विशेष कार्य मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने बताया कि योगी सरकार की मंशा के अनुरूप स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह प्रयास किया जा रहा है। बिठूर की माटीकला को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए डिजाइन, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर विशेष कार्य हो रहा है ताकि कारीगरों को बेहतर आय और व्यापक पहचान मिल सके। कारीगरों को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप किया जा रहा प्रशिक्षित आईआईटी कानपुर के रंजीत सिंह रोजी शिक्षा केन्द्र प्रोजेक्ट के तहत कारीगरों को तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है। परियोजना की कॉर्डिनेटर रीता सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल उत्पाद निर्माण नहीं, बल्कि पारंपरिक कला और नई पीढ़ी के बीच भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना भी है। वहीं प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर शिखा तिवारी ने बताया कि कारीगरों को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है। सिरामिक डिजाइनर शैली संगल बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कार्टून, पशु-पक्षी और पारंपरिक आकृतियों वाली आकर्षक गुल्लकें डिजाइन कर रही हैं। सरकारी कार्यक्रमों में उपहार के रूप में भी किया जाएगा प्रोत्साहित बिठूर के कुम्हार राम रतन ने बताया कि पहले मिट्टी की गुल्लकों की मांग लगातार घट रही थी, लेकिन नए डिजाइन आने के बाद लोगों की रुचि फिर बढ़ने लगी है। इससे स्थानीय कारीगरों में नई उम्मीद जगी है। जिलाधिकारी ने बताया कि इन गुल्लकों को सरकारी कार्यक्रमों में स्मृति-चिह्न और उपहार के रूप में भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे स्थानीय कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और बिठूर की पारंपरिक माटीकला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्राप्त होगी।

21 विभागों में विभिन्न पदों पर चयनित 932 अभ्यर्थियों को दिया गया नियुक्ति पत्र

लखनऊ योगी सरकार के मिशन रोजगार के अंतर्गत सोमवार को 21 विभागों में विभिन्न पदों पर 932 युवा शामिल हुए। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 के अंतर्गत चयनित युवाओं को सोमवार को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। लोकभवन में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर नवचयनितों के चेहरे खिल उठे। सीएम योगी ने नवचयनित युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से संपन्न करने के लिए उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग को बधाई दी। चयनित अभ्यर्थियों की हौसला अफजाई करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो भी अधिकारी व कर्मचारी भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में यूपी के अंदर काम कर लेगा, देश-दुनिया में उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। जो यूपी में सफल है, वह हर जगह सफल है, क्योंकि 25 करोड़ आबादी का यूपी अलग-अलग परिस्थितियों में काम करता है और सम-विषम परिस्थितियों में परिणाम भी देता है। आप सभी को ऐसे राज्य में कार्य करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।  आपकी सफलता प्रदेश की सफलता का आधार बनना चाहिए सीएम ने चयनित युवाओं से कहा कि यह आपके, माता-पिता, अभिभावक, पारिवारिक सदस्यों, मित्रों के लिए खुशी का पल है। आपकी सफलता प्रदेश की सफलता का आधार बनना चाहिए। जिस पारदर्शी तरीके से आपका चयन हुआ है,शासन भी सर्विस कालखंड के दौरान उसी पारदर्शी व शुचितापूर्ण कार्यपद्धति की अपेक्षा करता है। जो कार्य आज करना है, उसे आज ही करने की आदत डालनी पड़ेगी। पहले 10 वर्ष में जो मेहनत कर पाएंगे, वह आपके आगे के 30-35 वर्ष के सेवाकाल व उसके बाद के कार्यकाल के लिए भी मजबूत नींव होगी। परिश्रम व्यक्ति को सफलता की ऊंचाई तक पहुंचाता है। आपका परिश्रम ईमानदार व्यवस्था के साथ जुड़ता है तो परिणाम आता है। यही परिणाम आगे भी परिश्रम का आधार बनेगा तो वह जीवन भर सुखद अनुभूति का अहसास कराएगा।  सिफारिश और लेन-देन से चयनित व्यक्ति प्रगति नहीं, दुर्गति कराएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा, व्यवस्था और कार्ययोजना क्या है। उसे इंप्लीमेंट करने के लिए भर्ती आयोग व बोर्ड की कार्यपद्धति उदाहरण बनती है। अगर भर्ती प्रक्रिया ही पारदर्शी व शुचितापूर्ण न हो तो जिन लोगों का चयन होगा, उनसे ईमानदारी से परिणाम देने, प्रदेश की गति को प्रगति व समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान देने की बात दिवास्वप्न ही होगी। गति को प्रगति की ओर वही ले जा सकता है, जिसका ईमानदारी से चयन हो और जिसने परिश्रम-मेहनत से स्थान प्राप्त किया है। सिफारिश और पैसे के लेन-देन से चयनित व्यक्ति प्रगति नहीं, दुर्गति कराएगा। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में यही होता था।  आपने देखी है परीक्षा व परिणाम की शुचितापूर्ण व्यवस्था  सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पर ईश्वर की असीम कृपा है। यह एमएसएमई का दुनिया का बेहतरीन आधार रखने वाला प्रदेश है, लेकिन सबसे बड़ी आबादी का युवा राज्य बीमारू व पहचान के लिए मोहताज हो गया था। उत्तर प्रदेश का युवा बाहर जाता था तो पहचान छिपाता था, लेकिन आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है। जब प्रदेश इस व्यवस्था से निकला तो आपकी आयु 10-15 वर्ष रही होगी। आप मां-बाप, भाई-बहन की अंगुली पकड़कर स्कूल जाते होंगे। आप सौभाग्यशाली हैं कि आपको नकल विहीन परीक्षा देने का अवसर प्राप्त हुआ। आपने स्कूली शिक्षा, विश्वविद्यालय, प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम के साथ ही चयन प्रक्रिया की शुचितापूर्ण व्यवस्था भी देखी है, लेकिन 2017 से पहले यह संभव नहीं था।  अब आप ट्रेनिंग में जाएंगे, फिर राज्य के विकास के लिए कार्य करेंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि मंच पर सीमित लोगों को ही बुलाकर नियुक्ति पत्र दिया गया। सभी 932 अधिकारी सीधे नियुक्ति पत्र पाने के अधिकारी हैं, लेकिन समय की सीमा है। हमने विभागीय मंत्रियों को प्रतिनिधि के रूप में रखा। यह वह टीम है, जो पीएम के विजन को अपने विभागों में इंप्लीमेंट करने के लिए कार्यक्रमों को लागू करती है। अब आपको मशीनरी के रूप में कार्य करना है। अभी आप ट्रेनिंग में जाएंगे, फिर राज्य के विकास के लिए कार्य करेंगे।  यदि प्रतिभा ही पलायन कर जाती तो विकास कौन कराता सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष में 9 लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। यह नौजवान नियुक्ति पत्र प्राप्त नहीं कर पाते, यदि अच्छी सरकार नहीं होती। लोकतंत्र में अच्छी सरकार का यही लाभ है। 9 लाख नौजवानों और युवा शक्ति को अलग-अलग क्षेत्रों में नौकरी-रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के साथ ही हमने उनकी प्रतिभा का लाभ नहीं लिया होता तो यूपी जैसे राज्य को बीमारू राज्य की श्रेणी से उभारकर भारत की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में प्रस्तुत नहीं कर पाते, क्योंकि जब प्रतिभा ही पलायन कर जाती और युवाओं को प्रदेश में कार्य का अवसर नहीं मिलता तो विकास कौन कराता।  राजनीतिक विजन को धरातल पर उतारने का कार्य करता है तंत्र  सीएम योगी ने कहा कि सिर्फ हमारे योजना बनाने से ही परिणाम नहीं आएगा। शासन योजनाएं बनाता है, लेकिन योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करने का जो तंत्र होता है, वह प्रशासन व अलग-अलग विभागों का होता है। अलग-अलग विभागों को अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्य करना है, परिणाम वहां से आते हैं। परिणाम को लाने की जवाबदेही-जिम्मेदारी इसी तंत्र पर होती है, जो राजनीतिक विजन को धरातल पर उतारने का कार्य करता है। 2017 के पहले यह सपना था, इसलिए वह प्रदेश के युवाओं के सपने को धराशायी रखता था। यहां का किसान आत्महत्या, कारीगर हताश-निराश होकर घर बैठकर जहां-तहां हाथ पैर मारने को मजबूर होता था। नागरिकों के सामने पहचान का संकट था।  9 साल की यात्रा में चुनौतियां भी थीं, लेकिन हमने उनका मुकाबला किया मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 साल की शानदार यात्रा में भी चुनौतियां थीं, लेकिन हमने उनका सफलतापूर्वक मुकाबला किया और टीम भावना से परिणाम भी लाया। 9 वर्ष में यूपी की अर्थव्यवस्था व प्रति व्यक्ति आय को तिगुना करने में सफलता हासिल की। यूपी को अब कोई बीमारू नहीं कह सकता। यूपी देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर भारत के विकास में अग्रिम भूमिका के साथ खुद को खड़ा कर रहा है। हमने यूपी को बॉटम-3 से टॉप-3 राज्यों … Read more

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपी बीडीसी) द्वारा निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी एवं आर्थिक विषयों को तत्काल अग्रेषित किया जाए, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराया जा सके। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने वृहद समीक्षा की। राज्य एवं केंद्र मद की राशि ₹446 करोड़ 50 लाख लागत की कुल 24 में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। कार्य में 32.2 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। 4 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 8 परियोजनाएं मई, 7 जुलाई एवं 2 परियोजनाएं अगस्त-अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है। एनएचएम/ईसीआरपी/पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 51 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 49 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 49 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 15 परियोजनाएं नवंबर-दिसंबर तक पूर्ण होने की संभावना है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि धार स्थित सीसीएचबी परियोजना भूमि आवंटन, मैहर जिला अस्पताल हेतु भूमि अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुई है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहकर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चिकित्सा शिक्षा अंतर्गत राज्य मद की कुल 17 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि ₹2 हजार 780 करोड़ 2 लाख है। इनमें 15 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 15 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। कार्य में 76.28 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि आवंटन, मंडला नर्सिंग कॉलेज के शीघ्र डीपीआर तैयार करने के उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए। कुल ₹4 हजार 293 करोड़ लागत की 92 परियोजनाओं में अब तक कुल 67.59 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। बुधनी, जिला सीहोर में नवीन मेडिकल कॉलेज एवं 500 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण परियोजना ₹714.91 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। परियोजना में 88.44 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज निर्माण एवं विकास कार्य ₹592.30 करोड़ की लागत से संचालित किया जा रहा है। परियोजना में 42.86 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। इंदौर में महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य ₹773.07 करोड़ की लागत से किए जा रहे हैं। रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक, मैटरनिटी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल सहित संबद्ध निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य ₹321.94 करोड़ की लागत से प्रगति पर हैं।मंडला में नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माण परियोजना ₹249.63 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही है। परियोजना में 42 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजू एस, एमडी एमपीबीडीसी  सिबी चक्रवर्ती, एमडी एमपीपीएचएससीएल  मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

भोपाल के डायल 112 हीरोज घर की राह भटके 05 वर्षीय मासूम को सुरक्षित परिजन से मिलाया

भोपाल  भोपाल के थाना अयोध्या नगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की सतर्कता और संवेदनशील कार्यवाही से घर का रास्ता भटके एक 05 वर्षीय मासूम को सुरक्षित उसकी माँ से मिलाया गया। समय रहते की गई सहायता से परिजनों की चिंता और बेचैनी दूर हो सकी। 18 मईको राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना अयोध्या नगर क्षेत्र अंतर्गतइसरो एन सेक्टर स्थित दुर्गा मंदिरके पास एक छोटा बच्चा अकेला मिला है, जो अपने घर का रास्ता भटक गया है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफसउनि श्री मोहमद सादिक एवं पायलट श्री वैभव दुबेने मौके पर पहुंचकर बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। डायल-112 जवानों ने बालक को एफआरव्ही वाहन में साथ लेकर आसपास के क्षेत्र में परिजनों की तलाश एवं स्थानीय लोगों से पूछताछ प्रारंभ की।तलाश के दौरान बालक की माँ अपने बच्चे को ढूँढ़ते हुए मिलीं। डायल-112 जवानों ने आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत मासूम बच्चे को सुरक्षित उसकी माँ के सुपुर्द किया।अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 सेवा एवं पुलिस जवानों का आभार व्‍यक्‍त किया। डायल 112 हीरोजश्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि बच्चों, महिलाओं एवं आमजन की सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं के साथ उनकी सहायता के लिए भी हर समय तत्पर है। 

पशुपालन से मजबूत होगी आजीविका, ग्रामीण परिवार को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा

रायपुर सुकमा जिले की जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत गोंदपल्ली के पटेलपारा निवासी  पोड़ियामी जोगा को सुशासन तिहार के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उन्हें एक लाख 10 हजार रुपये की लागत से बकरी शेड निर्माण की सुविधा प्रदान की गई है। इससे उनके पशुपालन कार्य को नई मजबूती मिली है और आय बढ़ाने का रास्ता भी आसान हुआ है।  पोड़ियामी जोगा ने सुशासन तिहार 2025 के दौरान आयोजित शिविर में बकरी शेड निर्माण के लिए आवेदन दिया था। आवेदन मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की और तय समय-सीमा में बकरी शेड का निर्माण पूरा कराया गया। बकरी शेड बनने से अब पशुओं की देखभाल बेहतर तरीके से हो रही है। इससे पशुपालन कार्य में सुविधा बढ़ी है और भविष्य में आय में वृद्धि की उम्मीद भी मजबूत हुई है। हितग्राही  जोगा ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

सहायक आयुक्त (वाणिज्य कर) 196 व वाणिज्य कर अधिकारी पद पर 142 को मिला नियुक्ति पत्र 72 युवा बने खंड विकास अधिकारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में सोमवार को बड़े पैमाने पर नियुक्ति पत्र वितरित किए गये। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 के अंतर्गत सोमवार को 21 विभागों में विभिन्न पदों पर चयनित 932 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले। इसमें सर्वाधिक (258 युवा) नायब तहसीलदार बने। 196 सहायक आयुक्त (वाणिज्य कर) तथा 142 युवाओं को वाणिज्य कर अधिकारी पद पर नियुक्ति मिली। 72 युवा खंड विकास अधिकारी बने। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों लोकभवन में नियुक्ति पत्र पाकर नवचयनितों के चेहरे खिल उठे। यूपी में हुई नई नियुक्ति 👉 उप जिलाधिकारी- 37 👉 पुलिस उपाधीक्षक- 17  👉 सहायक आयुक्त (वाणिज्य कर)- 196  👉 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी- 16  👉 कोषाधिकारी/लेखाधिकारी- 22 👉 जिला कमांडेंट होमगार्ड्स- 02 👉 कारागार अधीक्षक- 01 👉 सहायक आयुक्त (उद्योग)- 18  👉 कार्य अधिकारी- 23 👉 खंड विकास अधिकारी- 72 👉 जिला समाज कल्याण अधिकारी- 09 👉 जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी- 01 👉 जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी- 05 👉 वाणिज्य कर अधिकारी- 142 👉 जिला खाद्य विपणन अधिकारी-02 👉 नायब तहसीलदार- 258  👉 उप कारापाल- 60 👉 जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी- 04 👉 उप निबंधक- 40 👉 उप्र कृषि सेवा समूह ‘ख’ सेक्शन-सी, श्रेणी-2, सांख्यिकी अधिकारी-03 👉 सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान श्रेणी 2 – 01 👉 व्यवस्थापक, राज्य संपत्ति विभाग-02 👉 सहायक निदेशक, उद्योग (हथकरघा)-01 सीएम योगी के हाथों इन्हें मिला नियुक्ति पत्र  👉 नेहा पांचाल (डिप्टी कलेक्टर)- नई दिल्ली 👉 आकृति शुक्ला (पुलिस उपाधीक्षक)- प्रयागराज  👉 निधि नागर (सहायक आयुक्त, राज्यकर)- गौतमबुद्ध नगर 👉 निहारिका राय (राज्य कर अधिकारी)- शाहजहांपुर 👉 महेश विक्रम श्रीवास्तव (खंड विकास अधिकारी) मीरजापुर 👉 श्रुति शुक्ला (जिला कमांडेंट होमगार्ड) बलरामपुर  👉 पार्थ सारथी- (उपनिबंधक)- बिजनौर  👉 आशीष सिंह- (जिला खाद्य विपणन अधिकारी) लखनऊ 👉 अविनाश सागर- (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी)- अयोध्या 👉 प्रिया शर्मा- (जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी)- बाराबंकी 👉 राहुल पांडेय- (जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी)- बलिया  👉 गरिमा सिंह- (जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी)- कानपुर नगर 👉 गगन आनंद वर्मा- (लेखाधिकारी/कोषाधिकारी)- गोरखपुर  👉 प्रियंका नायक- (जिला समाज कल्याण अधिकारी)-गोरखपुर 👉 विकास चंद्र पांडेय- (सहायक आयुक्त उद्योग)- सोनभद्र 👉 साहिबा बानो- (नायब तहसीलदार)- रायबरेली 👉 प्रियंका- (उप्र कृषि सेवा समूह ‘ख’) अधिकारी-मेरठ 👉 नीलेश कुमार सिंह- (सहायक नियंत्रक विधिक माप)- बस्ती 👉 सत्यम सिंह यादव- (उप कारापाल)- कौशांबी  👉 अंकित कुमार- (कार्य अधिकारी, पंचायती राज)- अमरोहा  👉 पूजा मिश्रा- (कार्य अधिकारी, पंचायती राज)- मैनपुरी [20:43, 19/5/2026] +91 97924 14403: योगी सरकार की बड़ी पहल, कौशल प्रशिक्षण में दिव्यांगजनों को 5% आरक्षण, एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को प्राथमिकता हर प्रशिक्षण बैच में 5% सीटें दिव्यांगजनों के लिए अनिवार्य रूप से आरक्षित एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण में मिलेगी विशेष प्राथमिकता दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन, सभी जिलों में डीपीएमयू  को दिए गए निर्देश लखनऊ: 18 मई। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा समाज के वंचित एवं विशेष जरूरत वाले वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। योगी सरकार की इस पहल के तहत प्रदेश में संचालित सभी अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रत्येक बैच में दिव्यांगजनों के लिए 5 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से आरक्षित की गई हैं। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया  कि भारत सरकार के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप एसिड अटैक पीड़ितों को दिव्यांगजन की श्रेणी में शामिल किए जाने के दृष्टिगत उन्हें कौशल प्रशिक्षण में विशेष प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई एसिड अटैक पीड़ित महिला प्रशिक्षण प्राप्त करने की इच्छुक एवं पात्र है, तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पंजीकृत किया जाना सुनिश्चित किया जाए। कौशल विकास केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने का सशक्त जरिया है। उन्होंने कहा कि मिशन का लक्ष्य है कि प्रशिक्षण एवं रोजगार के माध्यम से इन महिलाओं को समाज में समान अवसर एवं नई पहचान मिल सके। मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर प्रदेश के सभी जनपदों की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) को निर्देशित किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में गठित होने वाले प्रशिक्षण बैचों में आरक्षित सीटों पर पात्र लाभार्थियों का चयन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला प्रोबेशन अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनपदवार एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं का विवरण तैयार कर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ा जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाएं इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

बढ़ती CNG-पेट्रोल कीमतों के खिलाफ ड्राइवरों का विरोध, तीन दिन चक्का जाम का ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली-NCR में टैक्सी, ऑटो और अन्य कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों ने 21 मई से 23 मई तक तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। ANI ने प्लेटफॉर्म X पर इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि ड्राइवर यूनियनों का कहना है कि पिछले 15 सालों से दिल्ली-NCR में टैक्सी और ऑटो के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि इस दौरान CNG, पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं। इसी वजह से ड्राइवर अब आर्थिक दबाव में हैं और सरकार से तुरंत किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ANI के मुताबिक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। इसका सीधा असर दिल्ली-NCR में रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ सकता है। तीन दिन की इस हड़ताल के दौरान टैक्सी, ऑटो और कुछ अन्य कमर्शियल वाहन सड़कों से गायब रह सकते हैं, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों, एयरपोर्ट यात्रियों और लोकल ट्रांसपोर्ट पर निर्भर आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किराया बढ़ाने की मांग क्यों बढ़ी? ड्राइवर संगठनों का कहना है कि दिल्ली में टैक्सी और ऑटो का किराया लंबे समय से नहीं बढ़ाया गया, जबकि वाहन चलाने की लागत लगातार बढ़ती गई। यूनियनों के मुताबिक CNG, पेट्रोल, डीजल, वाहन मेंटेनेंस, इंश्योरेंस और परमिट फीस के बढ़ते खर्च ने ड्राइवरों की कमाई को बुरी तरह प्रभावित किया है। ड्राइवरों का आरोप है कि मौजूदा किराए में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है और कई ड्राइवर कर्ज में डूब रहे हैं। इसी कारण ‘चालक शक्ति यूनियन’ समेत कई संगठनों ने संयुक्त रूप से चक्का जाम का फैसला लिया है। सरकार और ऐप कंपनियों पर भी उठाए सवाल यूनियनों ने सरकार के साथ-साथ ऐप आधारित कैब कंपनियों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि Ola और Uber जैसी कंपनियां मनमाने तरीके से किराया तय करती हैं, जबकि ड्राइवरों को उसका उचित हिस्सा नहीं मिलता। संगठनों ने दावा किया कि पिछले साल इस मुद्दे को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया गया था, जहां ड्राइवरों की समस्याओं के समाधान और किराया संशोधन को लेकर निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ। यूनियनों ने साफ कहा है कि अगर एक-दो सप्ताह के भीतर किराया बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा तथा 23 मई को दिल्ली सचिवालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन भी किया जा सकता है।

परामर्श समिति ने मंत्री डॉ. शाह के द्वारा क्षेत्र में किए नवाचारों को सराहा

भोपाल जनजातीय कार्य विभाग की विभागीय परामर्श समिति की बैठक मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की अध्यक्षता में वल्लभ भवन में हुई। बैठक में विभागीय योजनाओं पर चर्चा की गई और महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि बिखरे हुए गांवों के स्थान पर ब्लॉक मुख्यालय में छात्रावासों का युक्तियुक्तकरण किया जाए। ब्लॉक मुख्यालय में जो कॉलेज बने हैं वहाँ जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों से विद्यार्थियों को आने के लिये बस सुविधा प्रारंभ की जाए। बैठक में परामर्श समिति के सदस्यों ने मंत्री डॉ. शाह द्वारा अपने क्षेत्र में जनजातीय समाज की कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए प्रारंभ की गई बस सुविधा और विभिन्न कन्‍या छात्रावासों का नामकरण रानी दुर्गावती और शबरी माता के नाम पर किए जाने की सराहना की गई। बैठक में विधायक  कुंवर सिंह टेकाम,  जयसिंह मरावी,  फुंदेलाल सिंह मार्को, सु गंगा सज्‍जन सिंह उइके,  राजन मंडलोई तथा प्रमुख सचिव  गुलशन बामरा एवं आयुक्त  तरुण राठी उपस्थित थे। मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि समिति की बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए। जब भी विधानसभा की बैठक हो तब परामर्श समिति की बैठक भी आयोजित की जाए। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति भारिया में जन्म दर की कमी पर विभाग द्वारा विशेषज्ञों से अध्‍ययन कराकर शोध रिपोर्ट बनवाएं। बैठक में यह निर्णय किया गया कि मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों सहारिया, बैगा और भारिया के समग्र कल्याण के लिए विशेष प्रयास किए जाँए। बैगा जनजाति के लिए उमरिया, सहारिया के लिए शिवपुरी और भारिया जनजाति के लिए छिंदवाड़ा में विशेष विद्यालय प्रारंभ किए जाएं। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को हर तरीक़े से प्रोत्साहन दिए जाने की ज़रूरत है। पातालकोट के भारिया बहुल ग्रामों के समग्र विकास के लिए ठोस कार्य करें। उन्होंने कहा कि विभागीय परामर्श समिति के सदस्यों और विधायकगणों के सहयोग से तीनों विशेष पिछड़ी जनजातियों के एक-एक गाँव को आदर्श बनाया जाएगा और यहाँ शासन की हर योजना का लाभ दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। वनवासियों को भूमि पट्टे देने में सैटेलाइट इमेज को प्रूफ़ के तौर पर किया जाये मान्य बैठक में सुझाव दिया गया है कि छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए चादर एवं अन्य सामग्री की राशि DBT के माध्यम से न देकर सामग्री प्रदान की जाए। वहीं विभिन्न छात्रावासों और आश्रमों में अधीक्षकों की पृथक से भर्ती कर शिक्षकों को अध्यापन कार्य में संलग्न किए जाने की आवश्यकता है। वनवासियों को भूमि पट्टे देने में सैटेलाइट इमेज को प्रूफ़ के तौर पर मान्य किए जाने के लिए भी जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. विजय शाह की पहल को सराहा गया। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि विभाग के सभी संभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर और विधायकगणों और कलेक्टर के साथ संयुक्त बैठक कर जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ जनजाति वर्ग को मिले यह सुनिश्चित किया जाए।  

आईजीआरएस बना जनता की आवाज, योगी सरकार में शिकायतों का तेज निस्तारण

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां जमीनी स्तर पर असर दिखा रहीं हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल आम जनता की समस्याओं के समाधान का मजबूत माध्यम बन चुका है। डिजिटल तकनीक के जरिए शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण होने से लोगों का भरोसा सरकारी व्यवस्था पर बढ़ा है। खास बात यह है कि बुजुर्ग लाभार्थी घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर उसकी प्रगति की जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं। घर बैठे दर्ज हो रहीं शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल के जरिए लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर उसकी प्रगति की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। इससे सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम हुए हैं और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ऑफलाइन शिकायत प्रणाली के जरिए लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। योगी सरकार की यह व्यवस्था सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे आम जनता को सीधे राहत मिल रही है। वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति से जुड़े मामलों को मिल रही प्राथमिकता समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा है। इससे बुजुर्गों और छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए यह योजनाएं बड़ी राहत साबित हो रही हैं। विभाग की कोशिश है कि पात्र लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी या देरी का सामना न करना पड़े।  14568 हेल्पलाइन बनी सहारा  समाज कल्याण विभाग से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या योजना संबंधी जानकारी के लिए नागरिक 14568 समाज कल्याण हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। इस हेल्पलाइन के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति, पारिवारिक लाभ योजना समेत विभिन्न योजनाओं से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं का समाधान कराया जा सकता है।