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रोहतक जेल से पैरोल पर निकला राम रहीम, सिरसा डेरा पहुंचने पर बढ़ी हलचल

सिरसा. डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को 23 दिन की पैरोल मिली है। मंगलवार सुबह साढ़े 6 बजे रोहतक की सुनारिया जेल से निकलकर सिरसा के लिए रवाना हुए। उन्हें लेने के लिए उनकी मुंह बोली बेटी हनीप्रीत इंसा गई थी। चार गाड़ियों के काफिले में गुरमीत सिंह लैंड क्रूजर गाड़ी में सवार था। सुबह साढ़े आठ बजे डेरा प्रमुख का काफिला शाह सतनाम धाम में पहुंचा गया। डेरा प्रमुख के दर्शनों के लिए उसके अनुयायी पहले से ही मौजूद थे। इससे पहले गुरमीत के पैरोल मिलने की सूचना पर रात को डेरे के चारों ओर बेरीकेड्स लगा दिए गए थे और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई है। डेरा के आस पास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा काट रहा गुरमीत सिंह वर्ष 2026 में पांच जनवरी को 40 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। तब शाह सतनाम सिंह का अवतार दिवस था। इस वर्ष में उसकी दूसरी पैरोल है। इससे पहले वह 15 बार पैरोल और फरलो ले चुका है और अब उसकी 16 वीं पैरोल है। रणजीत हत्याकांड और छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत बरी डेरा प्रमुख रणजीत हत्याकांड और छत्रपति हत्याकांड में बरी हो चुका है। इस साल सात मार्च को गुरमीत को पंजाब और हरियाणा हाइकोर्ट ने छत्रपति हत्याकांड से उसे बरी किया था। अब उसने साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका दायर की हुई है। पुराने डेरे की करवा रहा मरम्मत डेरा प्रमुख जब पिछली बार सिरसा आया था तो उस समय उसे पुराने डेरे के पुन निर्माण शुरू करवाया था। गुरमीत सिंह ने 40 दिन की पैरोल के दौरान वह नियमित तौर पर पुराने डेरे में आकर काम का निरीक्षण करता था। जिसका काम आज भी जारी है। इसके पास स्थित लड़कों के स्कूल को नए डेरे के पास शिफ्ट करने की योजना है। इस डेरे की स्थापना डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक शाह मस्ताना ने की थी।

पंजाबी युवकों पर कनाडा में शिकंजा, हिंसक अपराध गैंग से जुड़े होने के आरोप

चंडीगढ़. कनाडा में साउथ एशियन समुदाय, खासकर पंजाबी कारोबारियों को निशाना बनाकर कथित जबरन वसूली करने वाले बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। Peel Regional Police ने 17  पंजाबी  युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह ग्रेटर टोरंटो एरिया में रेस्टोरेंट मालिकों, ट्रकिंग कंपनियों और अन्य व्यापारियों को धमकाकर पैसे वसूलता था। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी कथित तौर पर “Four Brothers” नामक अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े थे। यह नेटवर्क ब्रैम्पटन, मिसिसॉगा, कैलेडन और ब्रिटिश कोलंबिया के कई हिस्सों में सक्रिय था। पुलिस ने यह भी कहा कि गिरोह के तार अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया तक जुड़े हुए थे। पुलिस के अनुसार जिन लोगों ने कथित वसूली की रकम देने से इनकार किया, उन्हें हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा। जांच में 24 घटनाओं को आरोपियों से जोड़ा गया है, जिनमें 16 हिंसक अपराध शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन घटनाओं में कम से कम 324 राउंड गोलियां चलाई गईं। एक मामले में कैलेडन स्थित एक घर पर कथित गोलीबारी और आगजनी हुई, जिसके कुछ मिनट बाद ब्रैम्पटन में एक बिजनेस स्थल पर भी फायरिंग की गई। Nishan Duraiappah ने कहा कि जबरन वसूली अब केवल स्थानीय समस्या नहीं रही, बल्कि इसका नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए विभिन्न देशों और एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग बेहद जरूरी है।उन्होंने यह भी माना कि दक्षिण एशियाई समुदाय में डर का माहौल पैदा हुआ है, लेकिन पुलिस समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जांच के दौरान पुलिस ने 6 हथियार, अवैध ड्रग्स, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी पहचान दस्तावेज जब्त किए। इस मामले में कुल 106 आपराधिक आरोप लगाए गए हैं।कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों को आपराधिक मुकदमा पूरा होने के बाद कनाडा से निर्वासित भी किया जा सकता है। Canada Border Services Agency ने 6 लोगों को इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के आधार पर हिरासत में लिया है।  हालांकि अधिकारियों ने साफ कहा है कि अदालत में अभी किसी भी आरोपी का दोष साबित नहीं हुआ है और सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान ब्रैम्पटन के 25 वर्षीय इकबाल सिंह भगरिया, नॉरवल के 24 वर्षीय आकाशदीप सिंह, सरे के 25 वर्षीय रविंदर सिंह, 25 वर्षीय जशनबीर सिंह, ब्रैम्पटन के 26 वर्षीय दिलावरप्रीत सिंह, 21 वर्षीय मंदीप सिंह, 22 प्रभदीप सोहल, 22 वर्षीय प्रतापबीर घुमन, 29 वर्षीय अजयदीप सिंह, 29 वर्षीय नवरूप सिंह, राजन सिंह, अमृतजोत सिंह, जशनप्रीत सिंह, सुखविंदर सिंह, मोहिंदर सिंह और गौतम गिरफ्तार किया गया है।

स्कूलों में नया नियम लागू, 75% अटेंडेंस नहीं तो रिजल्ट पर असर

सुकमा. सुकमा में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर अमित कुमार ने जिले के स्कूलों की मैराथन समीक्षा बैठक लेकर साफ संदेश दिया कि कमजोर प्रदर्शन अब बर्दाश्त नहीं होगा। बैठक में हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक और छात्रावास अधीक्षक शामिल हुए। हर स्कूल के परीक्षा परिणाम की वन-टू-वन समीक्षा की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया गया। वहीं कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों को चेतावनी और सुधार के निर्देश दिए गए। अब बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी। कम उपस्थिति वाले छात्रों को रेगुलर की जगह प्राइवेट या ओपन स्कूल से परीक्षा दिलाने की तैयारी है। कक्षा 9वीं और 11वीं के कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी लगेंगी। छात्रावासों और आश्रमों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाने का फैसला लिया गया है। छात्रों को दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज करनी होगी। हर महीने टेस्ट और समीक्षा बैठकें भी होंगी। कलेक्टर ने साफ कहा है कि अगले सत्र में खराब परिणाम पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय होगी।

प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल पर CM डॉ. यादव का बधाई संदेश

प्रधानमंत्री मोदी के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई प्रदेशवासियों की ओर से किया प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया से गांव-गरीब तक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित हुई है। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से GYAN मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। आज भारत वैश्विक मंचों पर निर्णायक नेतृत्व कर रहा है और दुनिया भारत को विश्वास, विकास व वैभव के प्रतीक के रूप में देख रही है। 'विकसित भारत @ 2047' के संकल्प को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व राष्ट्र को निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में प्रधानमंत्री मोदी का इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों की ओर से अभिनंदन किया है।  

अमित शाह ने BSF को दिया नया मंत्र, बोले- सीमा से 50 किलोमीटर अंदर तक रखें कड़ी नजर

बीकानेर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बीकानेर के दौरे पर हैं. उन्होंने मंगलवार को बीकानेर के सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया. उन्होंने बीएसएफ के जवानों से बातचीत में कहा कि बीएसएफ को अपनी परंपरागत ड्यूटी से आगे बढ़कर नए सुरक्षा आयामों पर काम करना होगा।  गृहमंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की सांचू पोस्ट पहुंचकर प्रहरी सम्मेलन को संबोधित किया. उन्होंने यहां कहा कि पचास किलोमीटर तक असामान्य गतिविधियों पर नजर रखें. बीएसएफ की जिम्मेदारी है कि सीमा से लगे 50 किलोमीटर के गांवों में होने वाले किसी भी अवैध निर्माण की जानकारी सिविल प्रशासन और पुलिस को दें।  शाह ने बीकानेर में महिला बैरकों के ई-उद्घाटन के दौरान कहा कि सीमा पर निगरानी पर्याप्त नहीं है बल्कि सीमा से पचास किलोमीटर तक की क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि अगर सीमावर्ती गांवों की आबादी में अस्वाभाविक बदलाव दिखे तो राज्य सरकार को तुरंत सतर्क किया जाए. गृहमंत्री ने ड्रोन के जरिए हो रही हथियार और नारकोटिक्स तस्करी को बड़ा खतरा बताया।  उन्होंने कहा कि भारत सरकार अगले छह महीने में ड्रोन रोधी सिस्टम लगाने की शुरुआत करेगी. शाह ने कहा कि ड्रोन भारत की जमीन पर उतरता है, उसे कौन रिसीव करता है और सामग्री का इस्तेमाल कौन करता है. इस पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिए।  फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड पर जोर अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ, सेना, नागरिकों और राज्य सरकार मिलकर फोर लेयर सुरक्षा ग्रिड तैयार करेंगे. इसे सिर्फ फोर लेयर सिक्योरिटी नहीं, बल्कि साझा जिम्मेदारी वाला सुरक्षा मॉडल माना जाना चाहिए।  शाह ने कहा कि सीमा पार से पैदा होने वाले खतरों के साथ-साथ देश के अंदर मौजूद उन तत्वों पर भी नजर रखनी होगी जिनका इस्तेमाल दुश्मन ताकतें करती हैं।  गृहमंत्री ने बताया कि हाल ही में उन्होंने बिहार के सीमांचल क्षेत्र में इसी विषय पर बैठक की थी. उन्होंने कहा कि अब कच्छ बॉर्डर, त्रिपुरा बॉर्डर और पश्चिम बंगाल में भी ऐसी संयुक्त बैठकें होंगी. जिन सीमाओं की सुरक्षा बीएसएफ करती है, वहां इस चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना सरकार का लक्ष्य है. हमला होने के बाद जवाब देने की नौबत नहीं आनी चाहिए।  अमित शाह ने कहा कि 2014 के बाद भारत की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है और सेना व बीएसएफ का तेजी से आधुनिकीकरण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जहां-जहां आतंकियों ने बड़े हमले करने की कोशिश की, वहां भारत ने पूरी कठोरता से जवाब दिया है. स्थिति ऐसी नहीं होनी चाहिए कि हमला होने के बाद जवाब देना पड़े. हमारी जिम्मेदारी ऐसी मजबूत सीमाएं बनाना है कि दुश्मन हमला करने की हिम्मत ही न कर सके। 

CM विष्णुदेव साय की पहल, नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेंगे पक्के भवन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिलेंगे पक्के भवन महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा के अभिसरण से 506 आंगनबाड़ी भवनों को मिलेगी स्वीकृति बच्चों और माताओं के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा हमारी प्राथमिकता – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें। आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।

ट्विशा केस में बड़ा खुलासा, शादी में लिए गए थे 20 लाख रुपए; CBI ने पति और सास पर कसा शिकंजा

भोपाल  ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई की एंट्री हो गई है। सीबीआई अधिकारियों की पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ कटारा हिल्स थाने में नई एफआईआर भी दर्ज की है। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में पहले दर्ज FIR को री-रजिस्टर किया। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में दहेज हत्या, दहेज मांगने और साजिश रचने की धाराएं लगी हैं। इधर पुलिस जांच में भी बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें 20 लाख रुपए मांगने की बात सामने आई। बता दें कि भाई हर्षित शर्मा और पिता नवनिधि शर्मा शुरु से ही इसे दहेज हत्या का केस बता रहे हैं। आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह केस में बुरी फंस गईं हैं, उनकी अग्रिम जमानत रद्द करवाने दायर याचिकाओं पर सोमवार को मप्र हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। गिरिबाला की ओर से जवाब देने के लिए समय मांगा गया। इस पर जस्टिस देवनारायण मिश्रा की सिंगल बेंच ने अगली सुनवाई 27 मई को दोपहर 2.30 बजे तय की है। जांच एजेंसी ने इन धाराओं में दर्ज किया केस सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है. साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 भी लगाई गई हैं. 25 मई 2026 की रात सीबीआई ने एफआईआर नंबर RC0522026S0004 दर्ज किया।  12 मई को ससुराल में मिला था ट्विशा का शव मॉडल ट्विशा शर्मा की 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उसका शव उसके ससुराल में पाया गया था. पहले पोस्टमार्टम में मौत का प्रारंभिक कारण खुदखुशी बताया गया था. परिजनों ने मृतका के पति समर्थ और उसकी मां पूर्व जज गिरिबाला पर ट्विशा को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया कि उनकी मौत फांसी लगाने से हुई. हालांकि शरीर पर चोट के निशान भी मिले, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए।  3 घंटे चला ट्विशा के शव का सेकंड पोस्टमार्टम ट्विशा शर्मा के शव का करीब तीन घंटे तक सेकंड पोस्टमार्टम चला. परिजन की मांग पर दिल्ली एम्स की डॉक्टरों की टीम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद सेकंड पोस्टमार्टम किया. एम्स दिल्ली से आई मेडिकल विशेषज्ञों की टीम पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद जरूरी साक्ष्य अपने साथ लेकर वापस रवाना हो गई. इसके बाद ट्वीशा शर्मा का शव परिजनों को सौंपा गया. अस्पताल परिसर में भी मातम पसरा रहा और हर आंख नम दिखाई दी. एक हंसती-मुस्कुराती बेटी की विदाई ने पूरे शहर को गमगीन कर दिया।  सेलिना जेटली का ट्विशा शर्मा पर पोस्ट पिछले साल नवंबर में, सेलिना ने अपने पति पीटर हाग के खिलाफ घरेलू हिंसा, क्रूरता और छल का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया और मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की थी. उन्होंने अपने दोनों बेटों विंस्टन और विराज से दूर रहने के कारण होने वाली भावनात्मक उथल-पुथल के बारे में भी खुलकर बात की है।  अपने नोट में, सेलिना ने शर्मा को एक शिक्षित, प्रतिभाशाली युवती के रूप में वर्णित किया, जिसका जीवन दुर्व्यवहार, अलगाव, भावनात्मक पीड़ा और बंद दरवाजों के पीछे हिंसा से घिरा हुआ था।  उन्होंने इस मामले को लेकर चल रही सार्वजनिक चर्चा का भी जिक्र करते हुए लिखा, 'और जबकि उनकी अस्थियां अभी ठंडी भी नहीं हुई हैं, जबकि उनका शोक संतप्त परिवार अपनी बेटी के लिए जवाब, पोस्टमार्टम और न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं पौधों को पानी न दिए जाने को लेकर हो रही बातचीत ने इस त्रासदी को अपनी आंखों के सामने घटते देख रहे कई लोगों को परेशान कर दिया है' . उन्होंने कहा कि यह मामला दुर्व्यवहार की भयावह सच्चाई को दर्शाता है, जहां महिलाओं की पीड़ा इतनी सामान्य हो जाती है कि धीरे-धीरे उनके आसपास के लोगों के लिए उनका दर्द मायने रखना बंद कर देता है।  उन्होंने आगे कहा, 'शादी हमेशा खुशहाल अंत नहीं होता' और बताया कि हिंसा का सबसे अकेलापन भरा रूप कभी-कभी वह होता है जिसे कोई नहीं देखता. उन्होंने लिखा कि दुर्व्यवहार केवल चोटों तक सीमित नहीं है, बल्कि कभी-कभी यह अलगाव, धीरे-धीरे अपनी दुनिया से अलग हो जाने, बिना परिवार या सहारे के किसी अनजान जगह पर रहने, समस्या की जड़ महसूस करने, या बंद दरवाजों के पीछे अपमान सहने का रूप ले लेता है, जबकि दुनिया मानती है कि जीवन सुंदर है।  सेलिना ने अपनी स्थिति के बारे में भी बात की. उन्होंने लिखा, 'मेरे मामले में, मेरे माता-पिता पहले ही गुजर चुके थे, मैं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं थी, और सबसे बढ़कर, मेरे तीन छोटे बच्चे थे।  अभिनेत्री ने कहा कि वह जरूरत से ज्यादा समय तक वहां रहीं क्योंकि उनका मानना ​​था कि परिवार को एक साथ रखना ही सही था और वह नहीं चाहती थीं कि उनके बच्चों को कष्ट सहना पड़े।  उसने बताया कि उसके पास सहारा देने वाला कोई नहीं था और उसे यह स्वीकार करने में शर्म आती थी कि वह कितनी अकेली हो गई है और उसने आगे कहा कि समय के साथ अकेलापन गहराता जाता है, दीवारें खामोश और भारी होती जाती हैं, और दिन धुंधले होते जाते हैं जब तक कि व्यक्ति अपनी ही वास्तविकता पर संदेह करने लगता है।  अपने नोट के अंत में उन्होंने लिखा, 'आप खुद को यह समझाने लगते हैं कि जीवित रहना ही जीना है'. आगे कहा, 'ट्विशा शर्मा के परिवार और बंद दरवाजों के पीछे पीड़ा सहने वाली हर महिला के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. माता-पिता, दोस्तों और परिवार वालों, अगर आपकी बेटी आपसे संपर्क करे, तो उसे वापस ले आइए'. एक्ट्रेस ने नोट के आखिरी में लिखा, उन्हें अपनी बेटी को बर्बाद करने नहीं देना चाहिए।     

शक के चलते सनसनीखेज वारदात, पत्नी ने पति पर किया जानलेवा हमला

 बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध संबंध के शक और घरेलू विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया. चकरभाठा थाना क्षेत्र में पत्नी ने अपने पति पर हंसिए से हमला कर उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया. गंभीर हालत में पति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो इस खतरनाक वारदात में बदल गया।  शराब के नशे में घर लौटा था पति प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल युवक राजेश कौशिक राजमिस्त्री का काम करता है, उसका अपनी पत्नी द्रौपती बाई के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था,पत्नी को शक था कि उसके पति का किसी दूसरी महिला के साथ संबंध है, जिसे लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे,बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात भी पति शराब के नशे में घर पहुंचा,खाना खाने के बाद वह सो गया,लेकिन देर रात करीब 1 बजे पति-पत्नी के बीच फिर विवाद शुरू हो गया।  गुस्से में पत्नी ने किया हमला विवाद बढ़ने पर पत्नी द्रौपती बाई ने गुस्से में हंसिया उठा लिया और नशे में सोए पति पर हमला कर दिया, इस दौरान उसने पति का प्राइवेट पार्ट काट दिया,हमला होते ही राजेश खून से लथपथ हालत में कमरे से बाहर भागा और चीखने लगा,घटना देखकर घर में मौजूद नाबालिग बेटे ने अपनी बुआ को इसकी जानकारी दी,इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।  कटे अंग को लेकर पहुंचे अस्पताल परिजन घायल राजेश और उसके कटे हुए अंग को लेकर सिम्स अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उसका इलाज शुरू किया,डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।  घरेलू हिंसा से परेशान थी पत्नी पुलिस पूछताछ में आरोपी पत्नी ने बताया कि उसका पति शराब पीने का आदी था और अक्सर छोटी-छोटी बातों पर मारपीट करता था,लंबे समय से घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।  पुलिस कर रही मामले की जांच सिटी ASP पंकज पटेल ने बताया कि पुलिस ने आरोपी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है,शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद और पति के अफेयर के शक को घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है,पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। 

सरकार ने बदली बकरीद अवकाश की तारीख, 28 मई को मिलेगी छुट्टी

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने ईद-उल-जुहा (बकरीद) के अवसर पर घोषित सार्वजनिक अवकाश की तारीख में संशोधन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पहले बकरीद के लिए 27 मई बुधवार को अवकाश घोषित किया गया था, जिसे बदलकर अब 28 मई गुरुवार कर दिया गया है। जारी अधिसूचना में कहा गया है कि विभाग की पूर्व अधिसूचना क्रमांक GENS-1001/86/2025-GAD-5 06 नवंबर 2025 में वर्ष 2026 के लिए घोषित सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाशों की सूची में बकरीद के लिए 27 मई का अवकाश निर्धारित था। अब राज्य शासन ने आंशिक संशोधन करते हुए 28 मई 2026 को सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया है। इस निर्णय के बाद राज्य के सभी शासकीय कार्यालय, स्कूल-कॉलेज और अन्य सरकारी संस्थान 28 मई को बंद रहेंगे।

श्रीलंका ने किया नए कप्तान का ऐलान, ODI-T20 टीम में कई बड़े बदलाव

कोलंबो  श्रीलंका की व्हाइट बॉल टीम को अब एक रेगुलर कैप्टन मिल गया है। वनडे और टी20 टीम की कमान कुसल मेंडिस को दी गई है। नए अंतरिम प्रशासन के तहत नवनियुक्त चयन पैनल ने सोमवार 25 मई को वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम का ऐलान किया। श्रीलंका की टीम को वेस्टइंडीज के दौरे पर दो टेस्ट, 3 वनडे और इतने ही मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। टेस्ट टीम के कप्तान अभी भी धनंजय डिसिल्वा ही हैं। हालांकि, बाएं हाथ के मध्य क्रम के बल्लेबाज कमिंदु मेंडिस को उप कप्तान बनाया गया है। कमिंदु मेंडिस सीमित ओवरों की दोनों टीमों के भी उपकप्तान हैं। मेंडिस, जिन्होंने पहले 17 ODI मैचों में देश की कप्तानी की थी, अब 50 ओवर के फॉर्मेट और T20I दोनों की कप्तानी संभालेंगे। उन्होंने क्रमशः चरित असलांका और दासुन शनाका की जगह ली है। बल्लेबाज पासिंदु सूरियाबंदरा और दाएं हाथ के तेज गेंदबाज इसिथा विजेसुंदरा के रूप में टेस्ट टीम में दो ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। सीमित ओवरों की टीम में लंबे कद के दाएं हाथ के बल्लेबाज लसिथ क्रूसपुले को भी जगह मिली है जिन्होंने पिछले महीने न्यूजीलैंड 'ए' टीम के खिलाफ शतक बनाने के बाद चुना गया है। पिछले टी20 विश्व कप में टीम की अगुआई करने वाले दासुन शनाका को केवल टी20 टीम में जगह मिली है जबकि उनके पूर्ववर्ती चरिथ असलंका को केवल एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। तेज गेंदबाज नुवान तुषारा को टी20 टीम में जगह मिली है। उन्होंने पिछले श्रीलंका क्रिकेट प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया था (जब श्रीलंका क्रिकेट ने उन्हें आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलने के लिए एनओसी देने से इनकार कर दिया था)। श्रीलंका की टीम आज यानी मंगलवार 26 मई को वेस्टइंडीज के दौरे पर रवाना होगी। श्रीलंका की टीमें इस प्रकार हैं टेस्ट टीम: पथुम निसांका, लाहिरू उदारा, निशान मदुशंका, दिनेश चांदीमल, पसिंदु सोरियाबंदरा, कामिंडु मेंडिस (उपकप्तान), सोनल दिनुशा, कुसल मेंडिस, धनंजय डिसिल्वा (कप्तान), मिलन रथनायके, प्रभात जयसूर्या, रमेश मेंडिस, असिथा फर्नांडो, विश्व फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, इसिथा विजेसुंदरा, कसुन राजिथा। ODI टीम: पथुम निसांका, कामिल मिशारा, पवन रथनायके, कुसल मेंडिस (कप्तान), जनिथ लियानागे, चरिथ असलांका, कामिंडु मेंडिस (VC), मिलन रथनायके, वानिंदु हसरंगा, दुनिथ वेल्लालेगे, महेश थीकशाना, दुष्मंथा चमीरा, दिलशान मदुश्का, ईशान मलिंगा, असिथा फर्नांडो और प्रमोद मदुशंका। T20I टीम: पथुम निसांका, कामिल मिशारा, लसिथ क्रूसपुले, पवन रथनायके, कुसल मेंडिस (कप्तान), कामिंडू मेंडिस (उपकप्तान), दासुन शनाका, मिलन रथनायके, दुनिथ वेल्लालेज, वानिंदू हसरंगा, महेश थीकशाना, दुष्मंथा चमीरा, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा, बिनुरा फर्नांडो और नुवान तुषारा।