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वन विभाग में बड़ा बदलाव, अरूण पांडे बने नए PCCF

रायपुर. राज्य शासन ने 1994 बैच के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी अरुण कुमार पाण्डेय को छत्तीसगढ़ का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख नियुक्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आज 27 मई 2026 को मंत्रालय (महानदी भवन) से यह आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। विभाग के विशेष सचिव जे.पी. पाठक के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति वर्तमान प्रमुख वी. श्रीनिवास राव, भा.व.से. (1990) की सेवानिवृत्ति के उपरांत की गई है। नवनियुक्त वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय, भा.व.से. (1994) वर्तमान में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब उन्हें अरण्य भवन, नवा रायपुर के शीर्षस्थ पद पर पदस्थ करते हुए शीर्षस्थ वेतनमान में नियुक्त किया गया है। राज्यपाल के नाम से जारी इस आदेश की प्रतिलिपि भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय और मुख्यमंत्री सचिवालय सहित सभी संबंधित विभागों को तत्काल भेज दी गई है।

Pinarayi Vijayan के करीबी घेरे पर ED की रेड, 10 लोकेशन पर जांच तेज

तिरुवनन्तपुरम  केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ ईडी की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने बुधवार सुबह सुबह चीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पिनाराई विजयन के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई चल रही जांच के तहत की गई। इसमें कथित वित्तीय अनियमितताओं और धनशोधन के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। बता दें कि केरल में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत लगभग 10 जगहों पर तलाशी ली गई। Pइनमें राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में विजयन का किराए का आवास भी शामिल था। जानें क्या है मामला बता दें कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन से जुड़ी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) वित्तीय लेनदेन मामले में केरल हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की जांच को जारी रखने की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति टीआर रवि ने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड और उसके चार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दायर उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें ईडी की जांच और ईसीआईआर को चुनौती दी गई थी। हालांकि यह मामला सीधे तौर पर पी. विजयन से जुड़ा नहीं है, लेकिन तब यह बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया था। जब आरोप लगे कि सीएमआरएल ने एक्सलोगिक सोलूशन्स को संदिग्ध भुगतान किए थे। यह कंपनी उनकी बेटी वीणा थाइकांडियिल की बताई जाती है। लगे थे ये आरोप आरोपों के अनुसार, सीएमआरएल ने बिना किसी वास्तविक सेवा के वीणा के कंपनी को हर महीने भुगतान किया था, जिसके बाद केरल में राजनीतिक विवाद तेज हो गया था। विपक्ष ने बार-बार विजयन और उनके परिवार पर सवाल उठाए थे। सीएमआरएल और उसके अधिकारियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर ईडी की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी। उनका कहना था कि इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कोई अपराध नहीं बनता, इसलिए ईडी को जांच का अधिकार नहीं है। कोर्ट के फैसले के बाद जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता मिला याचिकाकर्ताओं में सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक एस.एन. ससीधरन कर्था, सीएफओ के.एस. सुरेश कुमार, सीनियर मैनेजर एन.सी. चंद्रशेखरन और सीनियर अधिकारी अनु रैचल कुरुविला शामिल थे। इससे पहले सुनवाई के दौरान कुछ अधिकारियों ने ईडी पर पूछताछ के दौरान अवैध हिरासत का आरोप लगाया था। इसके बाद जून 2024 में हाई कोर्ट ने ईडी को पूछताछ की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। विजिलेंस अदालतों और हाई कोर्ट द्वारा पहले भी इस मामले में विजिलेंस जांच की मांग खारिज की जा चुकी थी। अब मंगलवार के फैसले के बाद ईडी को इस हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता मिल गया है।  

CM साय ने दिवंगत रूपनारायण के घर पहुंचकर जताया शोक, कई मंत्री रहे साथ

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार सुबह योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा के कबीर नगर स्थित निवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद रहे. मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान रूपनारायण सिन्हा की अचानक तबियत बिगड़ गई. इस बीच उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उनकी कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई. आज कुछ देर बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रूपनारायण से उनका बहुत पुराना संबंध रहा है. वे लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए थे और उनके साथ व्यक्तिगत रिश्ते भी बेहद आत्मीय रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुख की घड़ी में भगवान उनके परिवार को संबल प्रदान करें और दिवंगत रूपनारायण सिन्हा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें. पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान स्थगित रूपनारायण सिन्हा के निधन के बाद BJP का पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान स्थगित कर दिया गया है. तिफरा के झूलेलाल मंगलम में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होना था, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है. 

सिंहस्थ 2028 में शिप्रा स्नान का मिलेगा दिव्य लाभ, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

सिंहस्थ: 2028, श्रद्धालुओं को मिलेगा माँ शिप्रा के जल से स्नान का पुण्य लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गरिमामय रहा शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का समापन समारोह सुगम संगीत संध्या में दरभंगा की सुश्री मैथिली ठाकुर ने दी संगीतमयी प्रस्तुति भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 में 30 किलोमीटर से अधिक लंबाई में निर्मित शिप्रा के घाट श्रद्धालुओं को पुण्य स्नान का लाभ प्रदान करेंगे। मां शिप्रा के स्वच्छ जल की उपलब्धता आयोजन को पावन बनाएगी। लगभग छह दशक बाद यह संभव होगा जब श्रद्धालु सिर्फ माँ शिप्रा के प्रवाहमान जल से सिंहस्थ के लिए पहुंचकर स्नान कर सकेंगे। गत सिंहस्थ : 2016 में माँ नर्मदा के जल से स्नान की सुविधा प्राप्त होने के बावजूद श्रद्धालुओं ने कामना की थी कि मां शिप्रा का जल पूरी तरह से प्रवाहित हो और स्नान लाभ ले सकें। श्रद्धालुओं की आकांक्षा को पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार ने आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। बाबा महाकाल और संतों के आशीर्वाद से श्रेष्ठ प्रबंध कर हम सिंहस्थ: 2028 को यादगार बनाएंगे। सिंहस्थ के आयोजन से नए कीर्तिमान बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मां शिप्रा के आशीर्वाद से समारोह में अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहे हैं। दीपामलिकाएं देखकर लगता है जैसे दीप पर्व आ गया हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि सभी को यश प्राप्त हो। त्रिवेणी से सिद्धनाथ तक शिप्रा जी के घाट पवित्र माने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से अनेक कार्य संचालित हैं, जो सिंहस्थ के आयोजन को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने का कार्य करेंगे। भारत की मेलजोल की उत्कृष्ट परम्परा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी हो रहा है। हाल ही में हुए न्यायालय के निर्णय भी परिपालन की दृष्टि से स्वर्णकाल का आभास करवाते हैं। देश के नागरिक सभी निर्णयों पर भरोसा करते हुए परस्पर सहयोग और समरसता का परिचय दे रहे हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के भूमि-पूजन और लोकार्पण में ऐसे सभी लोग उपस्थित हुए जिन्होंने मंदिर के संबंध में वर्षों तक न्यायालय में मुकदमा लड़ा। हमारे देश में मेलजोल की उत्कृष्ट परम्परा है। राजभोज का उज्जैन से लेकर भोपाल तक संबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजाभोज का उज्जैन से लेकर भोपाल तक संबंध है। धार में भोजशाला में मां वागदेवी की प्रतिमा स्थापित होगी। न्यायालय के निर्णय के बाद यह मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का शासन काल सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल की याद दिलवाता है, जिसमें प्रत्येक नागरिक का हित सर्वोपरि रहा। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने तीन माह से अधिक अवधि के जल गंगा संवर्धन अभियान में कुओं- तालाबों, नदियों, पोखर, जलाशय और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण संवर्धन के कार्यों का संचालन किया है। इसमें जनता की भागीदारी भी हो रही है। मध्यप्रदेश नदी जोड़ो अभियान के क्रियान्वयन में अग्रणी बना है। समारोह में दरभंगा से कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए आई गायिका और बिहार विधानसभा की सदस्य सुश्री मैथिली ठाकुर ने भजन प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम से पूर्व सुश्री ठाकुर का मध्यप्रदेश आगमन पर स्वागत किया।  

CM डॉ. यादव आज करेंगे ‘सदानीरा समागम’ का शुभारंभ, भारत भवन में होगा आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भारत भवन में सदानीरा समागम का करेंगे शुभारंभ जल संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा पर होगा राष्ट्रीय विमर्श भारत भवन में 27 मई से 2 जून तक चलेगा सात दिवसीय समागम देश-विदेश के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और कलाकार होंगे शामिल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, चित्रकला कार्यशाला और जल-केंद्रित प्रदर्शनियां होंगी मुख्य आकर्षण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बुधवार 27 मई को भारत भवन में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक उत्सव “सदानीरा समागम” का शुभारंभ करेंगे। वीर भारत न्यास द्वारा जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति, पंचमहाभूतों तथा सतत विकास के विषयों पर केंद्रित यह गरिमामयी आयोजन 2 जून तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के विद्वान, पर्यावरण विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और कलाकार सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर और संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी उपस्थित रहेंगे। वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि इस सात दिवसीय समागम में भारतीय दर्शन के पंचमहाभूत-जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि-पर आधारित विभिन्न वैचारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में भूगर्भीय जल स्रोत, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण और पारंपरिक ज्ञान पर देश-विदेश के विशेषज्ञ गहराई से मंथन करेंगे। इस राष्ट्रीय विमर्श में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), आईआईएम बोधगया जैसी देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभिन्न कॉर्पोरेट घरानों के सीएसआर प्रमुख भी शामिल होकर अपने विचार साझा करेंगे। समागम में वैचारिक मंथन के साथ प्रतिदिन सायंकाल सांस्कृतिक और रचनात्मक आयोजनों की धूम रहेगी, जिसमें नृत्य-नाटिकाएं, लोकगायन और रंगमंचीय प्रस्तुतियां शामिल हैं। इस दौरान भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, 'गोवर्धन लीला' और 'गंगा यात्रा' की प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी। इसके साथ ही 'जल, जंगल, जीवन' पर केंद्रित राष्ट्रीय जनजातीय चित्रांकन कार्यशाला और पारंपरिक चित्र शैलियों में जल कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश भर के नामचीन कलाकार हिस्सा लेंगे। आयोजन स्थल पर म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, बरकतुल्ला विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय के सहयोग से जलचर जीवन, मध्यप्रदेश के जल गंगा संवर्धन अभियान, लघु चित्रों में जल और भूगर्भीय जल स्रोतों पर आधारित चार विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। कार्यक्रम में जल और संस्कृति पर आधारित महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा, जिनमें वीर भारत न्यास और मैपकॉस्ट द्वारा प्रकाशित 'अंतर्जली यात्रा', 'पुरोवाक्', प्रेमशंकर शुक्ल की 'आत्मा की घाटी में पानी का संगीत' और राजेश्वर त्रिवेदी की 'जल, संस्कृति और स्थापत्य' शामिल हैं। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में भारत भवन, मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय, जनसंपर्क विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, यूनाइटेड कॉन्शसनेस, सेज, एलएनसीटी और सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी सहित केन्द्रीय भूजल बोर्ड, नर्मदा समग्र जैसी अनेक संस्थाएं और जिला प्रशासन भोपाल सहयोगी के रूप में अपना सक्रिय योगदान देंंंगे।  

बिहार के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का कहर, 5 लोगों की मौत

पटना बिहार में पिछले एक सप्ताह से मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी तो दूसरी और आंधी-बारिश जनजीवन को प्रभावित कर रही है। सोमवार को दोपहर बाद से मंगलवार की सुबह तक 25 जिलों में भारी से हल्के स्तर की बारिश हुई। इस दौरान कटिहार के प्राणपुर में 132.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पुरवा का प्रवाह होने के बावजूद मंगलवार को राज्य के चार जिलों का अधिकतम पारा 40 डिग्री से ऊपर रहा। भभुआ में 43.6, डेहरी में 42.4, औरंगाबाद में 40.8 और छपरा में 40.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं मधेपुरा का अधिकतम तापमान 31.2, पूसा में 32.5, अगवानपुर में 31.3 तो दरभंगा में 32.05 डिग्री सेल्सियस अधिकतम पारा रहा। सोमवार की रात राज्य के कई हिस्सों में 61 किमी की रफ्तार तक आंधी चली। वहीं बुधवार के लिए भी जो पूर्वानुमान जारी किया‌ गया है, उसमें भी सूबे में मौसम के दो रंग होंगे। दक्षिण-पश्चिम भाग के 8 जिले में मौसम शुष्क बने रहने से भीषण गर्मी पड़ेगी तो बाकी हिस्सों में तेज हवा और बारिश के के आसार हैं। आज 24 जिलों में बारिश के आसार बिहार के 24 जिलों में बुधवार को बारिश के आसार हैं। वदीं दक्षिण-मध्य भाग के आठ जिलों में भी एक-दो स्थाानों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम बाग के छह जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। मधेपुरा और पूर्णिया में गरज-चमक के साथ भारी बरिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना में बुधवार को आसमान साफ रहेगा। वहीं गुरुवार से तीन दिनों तक जिले के एक या दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस दौरान ज्यादातर जगहों पर बादल छाए रहेंगे। कहीं तेज बारिश तो मध्यम बारिश हो सकती है। लोगों को थोड़ी राहत मिली पटना में पिछले कई दिनों से पछुआ का प्रवाह जारी था। सोमवार शाम से राजधानी में लगातार पुरवा का प्रभाव जारी रहने के कारण लोगों को गर्मी से आंशिक तौर पर राहत मिली है। वहीं राजधानी पटना के न्यूनतम तापमान में 2.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। पटना जिले का अधिकतम तापमान 38.4 और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल में तबाही उत्तर और पूर्वी बिहार समेत कोसी, सीमांचल में सोमवार रात आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। वहीं आंधी-तूफान की चपेट में आने से भागलपुर में तीन, सुपौल व सीवान में एक-एक और नेपाल के रौतहट क्षेत्र में महिला की मौत हो गई, जबकि पूर्वी चंपारण में दीवार गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी व पश्चिम चंपारण, दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार और भागलपुर में पेड़, बिजली पोल और तार गिरने से जनजीवन प्रभावित हो गया। कई जगहों पर सड़क संपर्क बाधित रहा और घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। आंधी और ओलावृष्टि से आम, लीची, मक्का, मूंग व सब्जियों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। फूस, चदरा, टीन और एस्बेस्टस से बने घरों को भी भारी क्षति पहुंची है।

पैट कमिंस की हैदराबाद के सामने रियान पराग की राजस्थान, किसकी होगी जीत?

नई दिल्ली  आईपीएल 2026 में आज एलिमिनेटर मुकाबला खेला जाएगा। इसमें पैट कमिंस की कप्तानी वाली सनराइजर्स हैदराबाद का सामना रियान पराग की राजस्थान रॉयल्सस से है। दोनों टीमों की टक्कर मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। हैदराबाद की टीम पॉइंट्स टेबल में तीसरे और राजस्थान की टीम चौथे नंबर पर थी। हैदराबाद बनाम राजस्थान हेड टू हेड आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स की अब तक 23 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें सनराइजर्स को 14 जीत मिली है जबकि राजस्थान ने 9 मैचों को अपने नाम किया है। इस सीजन हुए दोनों मुकाबले में हैदराबाद ने राजस्थान को हराया है। आखिरी 5 मैचों में हैदराबाद का पलड़ा 5-0 से भारी है। इसी वजह से राजस्थान रॉयल्स के लिए मैच आसान नहीं होगा। आखिरी बार राजस्थान ने 2023 सीजन में हैदराबाद को हराया था। प्लेऑफ में दो बार भिड़ंत हो चुकी राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आईपीएल के प्लेऑफ में भी टक्कर हो चुकी है। 2024 सीजन का दूसरा क्वालीफायर इन्हीं दोनों टीमों के बीच खेला गया था। उसमें सनराइजर्स हैदराबाद को जीत मिली थी। उससे पहले 2013 में भी दोनों टीमों के बीच एलिमिनेटर मुकाबला हुआ था। उस मैच में राजस्थान ने हैदराबाद को 4 विकेट के अंतर से हराया था। इस सीजन राजस्थान और हैदराबाद का रिकॉर्ड राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2026 की दमदार शुरुआत की थी। उसने अपने पहले चारों मैच जीते थे। फिर सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उसे हार मिली। 5वें से 12वें मैच के बीच टीम सिर्फ दो जीत हासिल कर पाई। हालांकि आखिरी दो मैच जीतकर उसने प्लेऑफ में जगह बना लिया। वहीं दूसरी तरफ सनराजर्स हैदराबाद को पहले चार मैचों में तीन हार मिली थी। फिर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ ही लगातार 5 जीत का सिलसिला शुरू हुआ। तब से टीम ने 10 मैचों में 8 जीत हासिल की है।  

लखनऊ में गरजे योगी आदित्यनाथ, बोले- पिछली सरकारों ने सिर्फ गड्ढे और कूड़ेदान दिए

लखनऊ आयोजन तो महापौर और पार्षदों के तीन साल के कार्यकाल के पूरा होने का था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से विपक्षी दलों को भी ललकारा। भारत माता की जय और हर हर महादेव की जयघोष के साथ मुख्यमंत्री ने कहा, पिछली सरकारों में जो होता था, किसी से छिपा नहीं है। बिजली संकट को लेकर सरकार को घेरने वाले विपक्षी दलों के नेताओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करारा जवाब दिया। कहा, पिछली सरकारों में बिजली आती ही नहीं थी और तारों पर ही कपड़े सुखाए जाते थे, आज ऐसे लोग बिजली संकट की बात करते हैं। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, बिजली संकट पूरी दुनिया की चुनौती है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहा है। उन्होंने लोगों से जरूरत के अनुसार बिजली उपयोग करने की अपील की। कहा कि अनावश्यक स्ट्रीट लाइट न जलाएं और ऊर्जा बचत में सहयोग करें। प्रदेश में 2017 से पहले मात्र छह हजार मेगावाट बिजली उत्पादन होता था, जबकि अब 13 हजार मेगावाट हो गया है। व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने पूर्व की सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी सकरार ने ‘गड्ढों’ को भरने का काम किया है और ‘कूड़ेदानों’ को साफ किया गया है। अब लक्ष्य स्वच्छ, सुव्यवस्थित व आधुनिक राजधानी तैयार करना है। पूर्ववर्ती सरकारों के एजेंडे में न युवा थे, न महिलाएं, न गरीब और न ही किसान, बल्कि खास लोगों के परिवार को ही योजनाओं का लाभ दिया जाता था। वर्तमान सरकार ने 65 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराया। मुख्यमंत्री ने स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ अभियान के तहत नगर निगम की 413 करोड़ रुपये लागत वाली 342 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इससे पहले महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर निगम द्वारा तीन साल में कराए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले केंद्र सरकार विकास के लिए धन देना चाहती थी, लेकिन राज्य सरकार उसे लेने को तैयार नहीं थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब प्रदेश में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। राजधानी में प्रतिदिन 2100 टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है और शिवरी प्लांट में 18 लाख मीट्रिक टन कूड़ा हटाया जा चुका है। उन्होंने कान्हा उपवन और वन डे गवर्नेंस सिस्टम की भी सराहना की। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश तेजी से शहरीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री की प्रेरणा से सात नई मेट्रो सिटी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने यूपी भी इंदौर बनेगा का नारा देकर स्वच्छता अभियान को जनांदोलन बनाने की अपील की। आयोजन में परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सदस्य बृजलाल, विधायक ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ला, विधान परिषद सदस्य डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, मुकेश शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता डा. नीरज सिंह और नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित पार्षद, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। ढाई करोड़ की गाड़ी से चलने वालों ने गमले चोरी किए थे राष्ट्र प्रेरणा स्थल से गमले चोरी होने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ढाई करोड़ की गाड़ी से चलने वाले लोग 45 रुपये का गमला चोरी करते नजर आए। हम तो ऐसे लोगों की हर चौराहे पर उसकी तस्वीर लगाना चाहते थे।  

Rajat Patidar की तूफानी पारी से RCB फाइनल में, GT की शर्मनाक हार

धर्मशाला  आईपीएल 2026 के पहले क्वाल‍िफायर में मंगलवार (26 मई) को धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटन्स आमने-सामने हुए. जहां बेंगलुरु ने गुजरात को 92 रनों से पीटकर आईपीएल फाइनल के लिए जगह पक्की कर ली।  वहीं गुजरात की टीम अब क्वाल‍िफायर 2 मुकाबले में खेलने उतरेगी, जहां उसका सामना एल‍िम‍िनेटर में बुधवार (27 मई) को सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के मैच के व‍िजेता से होगा. क्वाल‍िफायर 2 मुकाबला 29 मई को मुल्लांपुर में होगा।  मुकाबले में टॉस गुजरात टाइटन्स ने जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला किया. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पहले खेलते हुए 254/5 का स्कोर बनाया. रजत पाटीदार ने महज 33 गेंदों पर 93 रन बनाए. जवाब में खेलने उतरी गुजरात की पूरी बल्लेबाजी चरमरा गई. और पूरी टीम महज 162(19.3) पर ऑल आउट हो गई।  GT की पारी की हाइलाइट्स  रनचेज में गुजरात की हालत खराब रही और 51 रन तक आते-आते उनके 5 व‍िकेट धड़ाम हो गए. साई सुदर्शन (14), शुभमन ग‍िल (2), जोस बटलर (29) और न‍िशांत स‍िंंधु (5), जेसन होल्डर (0) आउट हो गए. खास बात यह रही कि 51 के स्कोर पर जोस, स‍िंंधु और होल्डर आउट हुए. इसके बाद वॉश‍िंंगटन सुंदर भी अपनी पारी लंबी नहीं कर सके और 8 रन पर चलते बने. इसके बाद गुजरात का लोअर ऑर्डर सरेंडर कर बैठा और तू चल मैं आया क‍ि तर्ज पर आउट होता चला गया. एक तरफ से ट‍िककर राहुल तेवत‍िया (68) ने कुछ हद तक संघर्ष किया, लेकिन उनकी पारी आरसीबी के बड़े स्कोर के सामने मेमना ही साब‍ित हुई।  RCB की पारी की हाइलाइट्स  इस मुकाबले में RCB ने सधी शुरुआत की, लेकिन उनको पहला झटका वेंकटेश अय्यर(19) के रूप में लगा. जो कग‍िसो रबाडा की गेंद पर आउट हुए. इसके बाद व‍िराट कोहली और देवदत्त पड‍िक्कल ने 72 रनों की पार्टनरश‍िप की, लेकिन पहले कोहली (43) फ‍िर पड‍िक्कल (30) एक ही ओवर में जेसन होल्डर के एक ही ओवर में आउट हो गए.  इसके बाद रजत पाटीदार (93 नाबाद) और क्रुणाल पंड्या (43) ने 95 रनों की पार्टनरश‍िप की. क्रुणाल के आउट होते ही स्कोर  189/4 हो गया. ट‍िम डेव‍िड महज 4 रनों पर आउट हो गए. अंत में आकर ज‍ितेश शर्मा ने भी 5 गेंदों पर 15 रन जड़े. गुजरात की टीम की ओर से कग‍िसो रबाडा और जेसन होल्डर को 2-2 सफलता म‍िलीं। 

पाकिस्तानी दावों की निकली हवा! राफेल के दम पर इंडियन एयरफोर्स को मिला ‘ही-मैन’ अवतार

बेंगलुरु   भारत ने मित्र देश फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने की दिशा में निर्णायक कदम उठा लिया है. इसके साथ ही अब इस सौदे को लेकर तमाम तरह की अटकलबाजियों पर फिलहाल विराम लग गया है. भारत ने फ्रांस के साथ 3.25 लाख करोड़ की ऐतिहासिक डिफेंस डील की है. अब इसको लेकर भारत ने लेटर ऑफ रिक्‍वेस्‍ट (Letter of request-LOR) को अंतिम रूप दे दिया है. अब इसे फ्रांस को भेजा जाएगा. दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच जाएगी. इसके तहत भारत को 114 राफेल फाइटर जेट मिलना है. बताया जा रहा है कि इस सौदे के तहत भारत को राफेल का एडांस वर्जन F4 मिलेगा. यह पहले के विमानों के मुकाबले ज्‍यादा एडवांस है. राफेल F4 फाइटर जेट में पहले के मुकाबले पावरफुल सेंसर और रडार सिस्‍टम लगाया गया है. इसके साथ ही राफेल F4 में कटिंग एज टेक्‍नोलॉजी से डेवलप ज्‍यादा घातक वेपन भी इंटीग्रेट किया जा सकेगा. पाकिस्‍तान भी चीन और तुर्की से फाइटर जेट खरीदने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक सिर्फ बतोलेबाजी ही चल रही है. किसी तरह का ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।  भारत ने भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया में बड़ा कदम उठाते हुए फ्रांस को भेजे जाने वाले लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (LoR) को अंतिम रूप दे दिया है. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह दस्तावेज अगले कुछ हफ्तों में फ्रांस को भेजा जा सकता है. इस सौदे के तहत करीब 90 राफेल विमान भारत में ही फ्रांसीसी कंपनी Dassault Aviation और एक भारतीय साझेदार कंपनी के सहयोग से बनाए जाएंगे, जबकि बाकी विमान सीधे फ्रांस से तैयार अवस्था में भारत आएंगे. यह खरीद गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट समझौते यानी इंटरगवर्नमेंटल एग्रीमेंट (IGA) के तहत की जा रही है. रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, फ्रांस की ओर से LoR का जवाब मिलने के बाद भारत औपचारिक रूप से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी करेगा. इसके बाद कीमत, तकनीकी सहायता और लॉजिस्टिक सपोर्ट को लेकर दोनों देशों के बीच विस्तृत बातचीत होगी. अंतिम मंजूरी केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति (CCS) से मिलने के बाद ही समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।  प्रस्‍ताव को 3 महीने पहले मिली थी मंजूरी इस प्रस्ताव को रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने तीन महीने पहले मंजूरी दी थी. अब भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अगले महीने की शुरुआत में फ्रांस की यात्रा पर जाने वाले हैं. यह दौरा प्रधानमंत्री Narendra Modi की संभावित फ्रांस यात्रा से पहले हो रहा है, जिससे रक्षा सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है. भारतीय वायुसेना पहले से 36 राफेल विमानों का ऑपरेशन कर रही है, जबकि भारतीय नौसेना भी आने वाले वर्षों में 26 राफेल-M विमानों को अपने विमानवाहक पोतों (Aircraft Carrier) के लिए शामिल करने जा रही है. अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद से प्रशिक्षण, रखरखाव और लॉजिस्टिक लागत कम करने में मदद मिलेगी।  क्‍यों अहम है यह डील? इस परियोजना में लगभग 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री शामिल करने की योजना है. भारत विमान के इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) हासिल करने पर भी जोर दे रहा है, ताकि स्वदेशी हथियार प्रणालियों जैसे Astra Missile और BrahMos-NG को राफेल से जोड़ा जा सके. हालांकि, विमान के पूरे सोर्स कोड तक पहुंच मिलने की संभावना कम मानी जा रही है. सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक बातचीत पूरी कर सौदे पर हस्ताक्षर करना है. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह सौदा भारतीय वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा. फिलहाल वायुसेना के पास केवल 29 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 स्‍क्‍वाड्रन की है।  राफेल डील जरूरी क्‍यों? राफेल विमानों की नई खेप भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रमों जैसे LCA Mk1A, LCA Mk2 और Advanced Medium Combat Aircraft के पूरी तरह विकसित होने तक कमी के अंतर को भरने में मदद करेगी. AMCA के 2035 के बाद सेवा में आने की संभावना है. इस बीच भारत पांचवीं पीढ़ी के एक अन्य लड़ाकू विमान की खरीद पर भी विचार कर रहा है. रूस ने अपने Sukhoi Su-57 लड़ाकू विमान का प्रस्ताव भारत को दिया है, लेकिन इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।