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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अबूझमाड़ के गारपा में बच्चों और महिलाओं से किया आत्मीय संवाद

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अबूझमाड़ के गारपा में बच्चों और महिलाओं से किया आत्मीय संवाद बच्चों के सपनों को मिलेगा सरकार का संबल महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री साय नारायणपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने अबूझमाड़ प्रवास के दौरान ओरछा विकासखंड के ग्राम गारपा पहुंचकर ग्रामीणों, महिलाओं एवं बच्चों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने गांव में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली तथा हितग्राहियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव का प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त किया।  मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने गांव के बच्चों से सहज एवं आत्मीय बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई-लिखाई तथा भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान दो बच्चों ने डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों की लगन और आत्मविश्वास से प्रभावित मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।  उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर मन लगाकर पढ़ाई करने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास रखते हैं। यह शिक्षा, संचार और विकास की बढ़ती पहुंच का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से भी चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता के उपयोग की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि उन्हें मिलने वाली राशि का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों एवं घरेलू खर्चों में कर रही हैं। कुछ महिलाओं ने बताया कि वे इस राशि का उपयोग बचत एवं भविष्य की जरूरतों के लिए भी कर रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने तथा आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से योजना की राशि का उपयोग परिवार के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के ग्राम गारपा आगमन से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों ने शासन की विभिन्न योजनाओं से प्राप्त लाभों की जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ सहित प्रदेश के सभी दूरस्थ क्षेत्रों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल एवं रोजगार के अवसरों के विस्तार के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, विशेष सचिव  एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने हेलमेट पहनकर दिया सड़क सुरक्षा का संदेश, ‘उन्नयन’ पुस्तिका का किया विमोचन

सुशासन तिहार में सामुदायिक पुलिसिंग को मिली नई मजबूती मुख्यमंत्री ने हेलमेट पहनकर दिया सड़क सुरक्षा का संदेश, ‘उन्नयन’ पुस्तिका का किया विमोचन युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए वितरित की गई वॉलीबॉल किट रायपुर,  सुशासन तिहार के अंतर्गत  कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित समाधान शिविर में सामुदायिक पुलिसिंग, सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता से जुड़े अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में शामिल होकर पुलिस विभाग की विभिन्न जनहितकारी पहलों का अवलोकन किया तथा समाज में सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। हेलमेट पहनकर दिया सुरक्षा का संदेश सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में छह हितग्राहियों को हेलमेट वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वयं हेलमेट पहनकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया और लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलमेट केवल एक सुरक्षा उपकरण नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण कवच है। यातायात नियमों का पालन कर हम स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। ‘उन्नयन’ पुस्तिका का विमोचन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कोंडागांव पुलिस द्वारा तैयार की गई ‘उन्नयन’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। यह पुस्तिका सामुदायिक पुलिसिंग, जनजागरूकता, पुनर्वास गतिविधियों तथा पुलिस विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास तथा संवाद को मजबूत बनाने में ऐसे नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से वॉलीबॉल खेल किट का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नशे और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। सामुदायिक पुलिसिंग की ऐसी पहलें समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण करने के साथ-साथ युवाओं के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। सुशासन तिहार के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शासन, प्रशासन और समाज के साझा प्रयासों से सुरक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

राज्यपाल डेका पहुंचे बाल रोग शिविर, लोकभवन में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का किया अवलोकन

लोकभवन में बाल रोग शिविर आयोजित  राज्यपाल डेका ने स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का किया अवलोकन  रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका के निर्देशन में आज लोकभवन में 1 से 17 वर्ष आयु तक के बच्चों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण आयोजित किया गया। शिविर में सामान्य बीमारियों के साथ-साथ हृदय रोग, स्त्री रोग, दंत रोग, नेत्र रोग, नाक-कान-गला रोग, बी.पी. शुगर सहित बच्चों से संबंधित अन्य बीमारियों की निःशुल्क जांच एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। बच्चों में विशेष रूप से हृदय रोग से संबंधित जांच के लिए स्क्रीनिंग भी की गई।          लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में जिला प्रशासन रायपुर के ‘प्रोजेक्ट छांव’ के अंतर्गत आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में लगभग 250 बच्चों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में खून जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। शिविर में विभिन्न शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर की टीम द्वारा लैब जांच, बीपी और शुगर जांच की गई। वहीं सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल द्वारा हदय रोग परामर्श, ईसीजी एवं ईको जांच की सुविधा दी गई। इसके अलावा बालाजी डेंटल कॉलेज, बर्नियों हॉस्पिटल, रूप जीवन हॉस्पिटल, गणेश विनायक नेत्रालय सहित विभिन्न संस्थानों द्वारा जांच और परामर्श प्रदान किया गया।         राज्यपाल डेका ने स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और चिकित्सकों से चर्चा कर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने तुरंगा में विकास कार्यों का किया लोकार्पण, क्षेत्रवासियों को मिली राहत

तुरंगा को मिली विकास कार्यों की सौगात, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया लोकार्पण मिनी स्टेडियम, सांस्कृतिक शेड और सीसी रोड क्षेत्रवासियों को किए समर्पित रायपुर  वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत तुरंगा में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें क्षेत्रवासियों को समर्पित किया। उन्होंने मिनी स्टेडियम, सांस्कृतिक शेड एवं सीसी रोड के निर्माण कार्यों का लोकार्पण करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।           इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि खेल, संस्कृति और बुनियादी अधोसंरचना किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के महत्वपूर्ण आधार होते हैं। मिनी स्टेडियम से क्षेत्र के युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा, वहीं सांस्कृतिक शेड सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उपयोगी साबित होगा। सीसी रोड के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और गांव की आधारभूत संरचना मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।          चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार लोगों को बेहतर और बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा जनआकांक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, पंचायत पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के लिए खुशखबरी, स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेले से मिलेगी नई उम्मीद

रेहड़ी-पटरी कारोबारियों की उम्मीदों को मिलेगी नई रोशनी नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेले का आयोजन स्ट्रीट वेंडर्स की आर्थिक सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला – अरुण साव रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मेहनतकश स्ट्रीट वेंडर्स के जीवन में बदलाव लाने 1 जून से 30 जून तक प्रदेशभर में स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला आयोजित किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की पहल पर प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना के तहत यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि सड़क किनारे रोजी-रोटी कमाने वाले परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बताया कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में लोक कल्याण मेले लगाए जाएंगे, जबकि जिला मुख्यालयों में विशेष रूप से स्वनिधि महोत्सव आयोजित होगा। इन आयोजनों में बैंक प्रतिनिधि मौके पर उपस्थित रहेंगे, ताकि छोटे व्यापारियों को ऋण स्वीकृति, वितरण, यूपीआई (UPI) पंजीयन, क्यू-आर (QR) कोड सुविधा और डिजिटल भुगतान से संबंधित सेवाएं तत्काल मिल सकें। स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला छोटे व्यापारियों को आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक सम्मान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। संघर्ष से सम्मान तक का अभियान छत्तीसगढ़ के शहरों में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनकी आजीविका फुटपाथ, ठेले और छोटी दुकानों पर निर्भर हैं। कोरोना काल के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे इन परिवारों के लिए पीएम स्वनिधि योजना संजीवनी साबित हुई है। अब सरकार इस अभियान के माध्यम से उन लाभार्थियों तक भी पहुंचना चाहती है जो अब तक इस योजना से नहीं जुड़ पाए हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से बैंकों को लंबित ऋण प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने और फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के माध्यम से नए आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शासन का मानना है कि जब एक रेहड़ी लगाने वाले व्यक्ति को समय पर पूंजी मिलती है, तो केवल उसका व्यवसाय ही नहीं बढ़ता, बल्कि उसके बच्चों की पढ़ाई, परिवार की सुरक्षा और जीवन की उम्मीद भी मजबूत होती है। डिजिटल भारत से जुड़ेंगे छोटे व्यापारी इस विशेष अभियान में डिजिटल सशक्तीकरण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. के निर्देश पर पेटीएम, फोनपे, भीम और भारतपे जैसी डिजिटल पेमेंट एजेंसियों के प्रतिनिधि मेले में मौजूद रहेंगे। व्यापारियों के यूपीआई और क्यू-आर कोड ऑन-बोर्डिंग का कार्य मौके पर ही किया जाएगा। साथ ही साइबर सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल भुगतान को लेकर जागरूकता सत्र भी आयोजित होंगे, ताकि छोटे कारोबारी डिजिटल लेन-देन को बिना डर और आत्मविश्वास के साथ अपना सकें। महिलाओं और दिव्यांग व्यापारियों को मिलेगा विशेष सम्मान अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यापारियों को मेले में सम्मानित किया जाएगा। विशेष रूप से महिला स्ट्रीट वेंडर्स और दिव्यांग व्यापारियों को मंच पर सम्मान देकर उनकी मेहनत और संघर्ष को पहचान दी जाएगी। इतना ही नहीं, व्यापारियों के बच्चों की शिक्षा, खेल और कला में उपलब्धियों को भी सम्मानित करने की तैयारी है। जनकल्याण योजनाओं से भी जोड़े जाएंगे हितग्राही अभियान के दौरान पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री जनधन योजना, आयुष्मान भारत, सामाजिक सुरक्षा बीमा और श्रमिक पंजीयन जैसी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा। शासन का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को केवल ऋण ही नहीं, सुरक्षा और सम्मान से भरा जीवन भी मिले। माहव्यापी स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला का आयोजन केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि उन मेहनतकश लोगों के सपनों को नई उड़ान देने की पहल है, जो हर दिन संघर्ष करते हैं, लेकिन हार नहीं मानते। यह अभियान हजारों परिवारों के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिख सकता है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 1 जून से 30 जून तक आयोजित स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला रेहड़ी-पटरी व्यावसायियों को आर्थिक सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ेगा। मेले में ऋण वितरण, यूपीआई-क्यूआर सुविधा, जनधन, आयुष्मान और बीमा योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। सरकार छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है। हर पात्र हितग्राही तक योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा। प्रदेश का हर मेहनतकश नागरिक आत्मनिर्भर बने, यही सरकार की प्राथमिकता है। – अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री

सड़क, पर्यटन और धार्मिक विकास को मिलेगा बढ़ावा, CM विष्णु देव साय ने बड़े कनेरा के लिए खोला विकास का पिटारा

बड़े कनेरा को मिली विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सड़क, पर्यटन, सामाजिक एवं धार्मिक विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं से क्षेत्र में आधारभूत अधोसंरचना, पर्यटन, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास की रोशनी को अंतिम गांव तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ बड़े कनेरा और आसपास के क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्माण एवं विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण से बढ़ेगी कनेक्टिविटी मुख्यमंत्री ने नारंगी नदी स्थित स्टॉप डेम सह पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। इसके अलावा क्षेत्र की यातायात सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए केशकाल–बांसकोट–माकड़ी–एरला मार्ग के 53 किलोमीटर लंबाई वाले मार्ग के मजबूतीकरण कार्य की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने बड़े कनेरा से बड़ेबेंद्री, बाईकापदर और चिपावंड तक पुल-पुलियों सहित 12 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा बड़े कनेरा से नवागुड़ा तक पुल-पुलियों सहित 5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की भी घोषणा की। व्यापार और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री ने बड़े कनेरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित होंगे। पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विशेष जोर क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने कोसारटेडा में पर्यटन विकास कार्य कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सामाजिक भवनों को मिली स्वीकृति मुख्यमंत्री ने विश्रामपुरी में गोंडवाना भवन तथा केशकाल में सर्व आदिवासी समाज भवन के निर्माण की घोषणा की। इन भवनों के निर्माण से सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शिव मंदिर का होगा जीर्णोद्धार बड़े कनेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मंदिर के जीर्णोद्धार से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त होगी। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं का उपस्थित ग्रामीणों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। ग्रामीणों ने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से बड़े कनेरा सहित पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

पीएम ई-बस सेवा के तहत इंदौर शहर में प्रारंभ होगा 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में इंदौर संभाग से प्रारंभ होगा बस आपरेशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीएम ई-बस सेवा के तहत इंदौर शहर में प्रारंभ होगा 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर से प्रदेश के अन्य जिलों के लिए, इंदौर शहर एवं उप नगरीय क्षेत्रों तक सिटी बसें म.प्र. से लगे हुए राज्यों के लिए (महाराष्ट्र, राजस्थान गुजरात एवं उत्तरप्रदेश) अंतर्राज्यीय चलेंगी बसें मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में म.प्र. यात्री परिवहन एण्ड इन्फ्रॉस्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मण्डल की हुई बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में  हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत प्रदेश में बसों के संचालन हेतु, मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्डं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मण्डल की बैठक संपन्न हुई। बैठक में बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष बोर्ड के प्रबंध संचालक मनीष सिंह द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया गया। संपूर्ण मध्यप्रदेश को 7 क्षेत्रों में, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर एवं रीवा विभक्त करते हुए इन शहरों में पूर्व से क्रियाशील शहरी परिवहन के लिये कंपनियों के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि पीएम ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना में बसों का संचालन सर्वप्रथम इंदौर क्षेत्र से प्रारंभ किया जाएगा। इंदौर क्षेत्र के तहत, इंदौर संभाग के समस्त जिले तथा इंदौर स्थित अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (A.I.C.T.S.L.) अब संपूर्ण इंदौर संभाग से प्रारंभ होने वाली बसों के कार्यक्षेत्र में कार्य करेंगी। इंदौर क्षेत्र से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत निम्न तीन श्रेणी की बसों का संचालन जुलाई माह प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित किया गया:- (अ) इंदौर से मध्यप्रदेश के अन्य जिलों को जोड़ने वाली इंटरसिटी मार्गों पर बसों का संचालन। (ब) इंदौर शहर में सिटी बसों का संचालन तथा इस श्रेणी में उपनगरीय क्षेत्रों तक अधिसूचित मार्गों पर भी बसों का संचालन। (स) इंदौर संभाग के समीपवर्ती राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश जाने वाले अंतर्राज्यीय मार्गों पर अनुबंध अनुसार बसों का संचालन। इसके साथ-साथ यह भी अवगत कराया गया कि पीएम ई-बस सेवा की 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी इंदौर शहर में जुलाई माह से प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है। प्रबंध संचालक द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अवगत कराया गया कि 7 क्षेत्रीय मुख्यालयों के 7 शहर से, प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों तक जाने वाले कुल 620 मार्गों को चिन्हित किया गया है। इनमें कुल 2432 बसें संचालित होगी। इसके तहत इन्दौर क्षेत्र से प्रदेश के अन्य जिलों में कुल 121 मार्ग चिन्हित किये गये हैं, जिनमें 608 बसें संचालित की जायेंगी। सात क्षेत्रीय मुख्यालय इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सिटी बसों का संचालन भी किया जायेगा। यह बसें आमजन की सुविधा हेतु शहर से आगे महत्वपूर्ण उप नगरीय क्षेत्रों तक भी जा सकेंगी। इस श्रेणी के सिटी रूट के तहत इंदौर में शहर के अंदर एवं उप नगरीय क्षेत्रों तक कुल 28 मार्ग चिन्हित किये गये हैं। इनमें आमजन की सुविधा हेतु 784 बसें (पीएम ई-बस सेवा की 150 बसों को मिलाकर) संचालित की जायेंगी। इसी प्रकार यह भी बताया गया कि इंदौर क्षेत्र से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश राज्यों के लिये जाने वाली बसों के मार्ग अनुबंध अनुसार कुल 101 हैं। इसमें कुल 276 अंतर्राज्यीय बसों का संचालन अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (A.I.C.T.S.L), के द्वारा किया जायेगा। इसी प्रकार इंदौर से प्रारंभ होने वाली इंटरसिटी सिटी बसें एवं अंतर्राज्यीय, कुल मार्गों की संख्या क्रमश: 250 हैं। इनमें कुल 1688 बसों का संचालन किया जाना प्रस्तावित हैं। प्रबंध संचालक द्वारा यह अवगत कराया गया कि जिस प्रकार से इंदौर क्षेत्र से उक्त तीनों श्रेणी की बसों का संचालन विभिन्न मार्गों पर किया जायेगा। इसी प्रकार अन्य 6 क्षेत्रीय मुख्यालयों से भी इन तीनों श्रेणी की बसों का संचालन चिन्हित मार्गों पर उस क्षेत्र की सहायक कंपनियों द्वारा किया जायेगा। सम्पूर्ण प्रदेश के सात क्षेत्रों में कुल सभी श्रेणी के 1164 मार्गों को चिन्हित किया गया है, जिसमें कुल 5206 बसें संचालित होंगी। बसों का संचालन मोटरयान अधिनियम 1988 के सुसंगत प्रावधानों के तहत, स्कीम के प्रकाशन उपरांत होगा। इसमें वर्तमान संचालित निजी बसों के अनुज्ञा-पत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा वे यथावत पूर्व व्यवस्था अनुसार संचालित होती रहेंगी। संचालक मण्डल की बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत गठित की गई राज्य स्तरीय कंपनी एवं सात सहायक क्षेत्रीय कंपनियों के संगठनात्मक महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं पदों की स्वीकृति भी संचालक मण्डल द्वारा दी गई। इन कंपनियों में प्रभावशील रहने वाले सेवा भर्ती नियम-2026 की भी स्वीकृति संचालक मण्डल द्वारा प्रदान की गई है। राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्डि इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में 7 विभाग कार्य करेंगे, जो क्रमश: IT एवं ITMS विभाग, planning एवं अनुबंध विभाग, पॉलिसी विभाग एवं अनुसंधान, मानव संसाधन एवं विधि विभाग, अधोसंरचना विभाग, प्रवर्तन एंव गुणवत्ता विभाग तथा Buiseness Development विभाग कार्य करेंगे। सभी विभागों के प्रमुख, मुख्य महाप्रबंधक रहेंगे। इन पदों पर भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के साथ अन्य तकनीकी विशेषज्ञों को लिया जा सकेगा। इस होल्डिंग कंपनी में प्रतिनियुक्ति, संविदा और संविलयन के आधार पर पदों की भर्ती की जा सकेगी। राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी में कुल 140 पद उच्च प्रबंध श्रेणी, वरिष्ठ प्रबंध श्रेणी एवं कनिष्ठ प्रबंध श्रेणी में स्वीकृत किए गए हैं। राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के अधीन 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में कुल 150 पदों की स्वीकृति दी गई है। सभी सहायक कंपनियां एक कार्यकारी संचालक के अधीन होंगी। सहायक क्षेत्रीय कंपनियों के अधीन संचालित होने वाली बसों की सुरक्षा एवं सुविधा और प्रवर्तन अमले के लिये भी पद स्वीकृत किए गए हैं। इसमें पुलिस एवं विशेष सशस्त्र बल से अधिकारी-कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर अथवा हाल ही में सेवानिवृत्त हुए अधिकारी-कर्मचारियों को संविदा पर लिया जा सकेगा। संचालित होने वाली बसों की गुणवत्ता नियंत्रण के लिये गुणवत्ता विभाग के अधीन भी पदों की स्वीकृति की गई है। इससे आमजनों की यात्रा सुरक्षित हो सकेगी। राज्य परिवहन उपक्रम के तहत संचालित होने वाली इन बसों की आवाजाही प्रदेश के सभी ISBT एवं बस स्टेण्ड तक हो सकेगी। इस प्रकार एक राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी एवं 7 सहायक क्षेत्रीय कंपनियों … Read more

सुशासन तिहार शिविर में प्रतिभाओं का सम्मान, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को मिली मुख्यमंत्री की सराहना

हरिकोटा से लौटे बच्चों ने मुख्यमंत्री को सुनाए अंतरिक्ष विज्ञान के रोमांचक अनुभव सुशासन तिहार शिविर में प्रतिभाओं का सम्मान, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को मिली मुख्यमंत्री की सराहना वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों और युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, खेल और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में पांच विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के पांच राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। हरिकोटा भ्रमण से बढ़ा बच्चों का आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब रहा जब पीएम स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय फरसगांव एवं विश्रामपुरी के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने हरिकोटा शैक्षणिक भ्रमण के अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, हरिकोटा में देखी गई वैज्ञानिक गतिविधियों, रॉकेट प्रक्षेपण प्रणाली, अंतरिक्ष अनुसंधान की प्रक्रियाओं तथा आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रस्तुत की। बच्चों ने बताया कि इस भ्रमण ने उनके भीतर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति नई जिज्ञासा और उत्साह का संचार किया है। बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं शैक्षणिक भ्रमण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया में सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनमें वैज्ञानिक सोच, नवाचार की भावना और बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास विकसित होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को भी देश के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों को देखने और समझने का अवसर मिले, ताकि वे अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, नवाचार और ज्ञानार्जन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हितग्राहियों से की आत्मीय मुलाकात, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण

तेंदूपत्ते से समृद्धि, तीखुर से आत्मनिर्भरता : बड़ेकनेरा में वनाधारित आजीविका का सशक्त मॉडल बना प्रेरणा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हितग्राहियों से की आत्मीय मुलाकात, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण वन आधारित अर्थव्यवस्था से शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को मिली नई मजबूती रायपुर  सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में वन विभाग की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर वनाधारित आजीविका से आए सकारात्मक बदलावों को नजदीक से जाना। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिला स्व-सहायता समूहों, विद्यार्थियों और किसानों से मिलकर उनकी जीवन यात्रा, संघर्ष और योजनाओं से हुए परिवर्तन की कहानियों को सुना। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि गांवों में सम्मानजनक आजीविका, शिक्षा, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार तैयार करना है। मुख्यमंत्री साय सबसे पहले तेंदूपत्ता संग्राहक श्रीमती वेदबती यादव के घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवारजनों से आत्मीय चर्चा की। श्रीमती यादव ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 3720 गड्डी तेंदूपत्ता संग्रहित कर 20 हजार 460 रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण अब उनके परिवार के लिए आय का भरोसेमंद माध्यम बन गया है। मुख्यमंत्री ने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वन संपदा पर आधारित आजीविका ग्रामीण परिवारों की आर्थिक मजबूती का सशक्त माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री ने वन धन विकास केंद्र मर्दापाल से जुड़ी मां शीतला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती विमला भोयर से भी चर्चा की। श्रीमती भोयर ने बताया कि उन्होंने इस सीजन में एक माह के भीतर 85 किलोग्राम तीखुर का प्रसंस्करण कर लगभग 85 हजार रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने बताया कि पहले वन उत्पाद सीमित उपयोग तक रह जाते थे, लेकिन प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से अब आय के नए अवसर बने हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्थानीय संसाधनों पर आधारित ग्रामीण उद्यमिता का प्रेरक उदाहरण बताया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री का जामुन, आम और तीखुर से बने पारंपरिक शरबत से स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार की बेटी राजबती मंडावी से भी संवाद किया। राजबती को कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर तेंदूपत्ता हितग्राही छात्रवृत्ति योजना के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है। मुख्यमंत्री ने उसकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि वन आधारित योजनाएं केवल आजीविका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का भी माध्यम बन रही हैं। उन्होंने राजबती को आगे की पढ़ाई के लिए शुभकामनाएं देते हुए मेहनत और शिक्षा को सफलता का आधार बताया। मुख्यमंत्री साय ने ग्राम के किसान गौतम यादव द्वारा मक्के की खेती के साथ तालाब में किए जा रहे मत्स्य पालन का भी अवलोकन किया। यादव ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि उन्नति योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे खेती और मत्स्य पालन को एकीकृत कर आय में निरंतर वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती, वानिकी और मत्स्य पालन का समन्वित मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बड़ेकनेरा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से अधिकाधिक वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण नहीं बचाते, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को जीवन, सुरक्षा और समृद्धि भी प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान वन विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। मर्दापाल परिक्षेत्र में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत दो किसानों को 5,500 नीलगिरी पौधे वितरित किए गए। तेंदूपत्ता हितग्राही छात्रवृत्ति योजना के तहत विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति तथा राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को कुल 6 लाख 30 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। बड़ेडोंगर परिक्षेत्र में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत किसानों को 2,500 नीलगिरी पौधे वितरित किए गए। एक तेंदूपत्ता संग्राहक को 20,460 रुपये का भुगतान किया गया तथा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि प्रदान की गई। वन प्रबंधन समिति कमेला को लाभांश के रूप में 8 लाख 46 हजार रुपये की राशि भी प्रदान की गई। नारंगी परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य के तहत एक हितग्राही को 21,873 रुपये 50 पैसे का भुगतान तथा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वन विभाग की योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण परिवारों की आजीविका, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिलाओं, किसानों और विद्यार्थियों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है और वन आधारित अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में सशक्त आधार बन रही है। इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुलता उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने मिडमिडा को दी विकास कार्यों की सौगात, कई परियोजनाओं का लोकार्पण

मिडमिडा में विकास कार्यों को मिली नई सौगात, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया शिलान्यास एवं लोकार्पण 1.24 करोड़ रुपये की लागत से हाई स्कूल पहुंच मार्ग बनेगा  सीसी सड़क निर्माण से ग्रामीणों को मिलेगी बेहतर सुविधा रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत मिडमिडा में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण कर ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने 1 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले हाई स्कूल पहुंच मार्ग का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया तथा सीसी सड़क निर्माण कार्य का लोकार्पण किया।            वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि गांवों में बेहतर सड़क और आधारभूत सुविधाओं का विकास सरकार की प्राथमिकता है। हाई स्कूल पहुंच मार्ग के निर्माण से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी, वहीं सीसी सड़क के निर्माण से स्थानीय नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनसुविधाओं के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प तेजी से पूरा किया जा रहा है।  इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, पंचायत पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।