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ग्रीष्मकालीन वॉलीबॉल शिविर में पहुंचे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, खिलाड़ियों को बांटी खेल किट

ग्रीष्मकालीन वॉलीबॉल प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, युवा खिलाड़ियों को वितरित की खेल किट खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर बेहतर प्रदर्शन के लिए किया प्रेरित रायपुर  वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी आज रायगढ़ के डीकेएल क्लब, कोंडातराई में आयोजित ग्रीष्मकालीन वॉलीबॉल प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने युवा खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें खेल किट वितरित की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ता है        वित्त मंत्री चौधरी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का भी सशक्त मंच है। उन्होंने युवाओं को नियमित अभ्यास, समर्पण और मेहनत के साथ अपने खेल कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन देते हुए लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। खेलों के माध्यम से युवाओं को नई दिशा मिलेगी       वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खेलों के माध्यम से युवाओं को नई दिशा और बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इस अवसर पर प्रशिक्षक, खेल प्रेमी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी उपस्थित थे।

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में मंत्री मण्डलीय उप समिति की बैठक सम्पन्न

खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल की अध्यक्षता में  मंत्री मण्डलीय उप समिति की बैठक सम्पन्न  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के धान निष्पादन और आगामी  सीजन में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर हुइ चर्चा रायपुर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  दयालदास बघेल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्री मण्डलीय उप समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में समिति के सदस्यगण कृषि  विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिक मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।      उप मंत्रीमण्डलीय समिति के बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के निष्पादन एवं कस्टम मिलिंग तथा आगामी खरीफ सीजन में धान खरीदी के तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक में खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, वित्त विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, मार्कफेड के एमडी श्री जितेन्द्र शुक्ला, मंडी बोर्ड के एमडी श्री महेन्द्र सिंह सवन्नी सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गोतमा-कोतासुरा मार्ग के लोकार्पण से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत, विकास को मिली नई रफ्तार

गोतमा-कोतासुरा मार्ग के लोकार्पण से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, विकास की राह हुई और आसान 3.92 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सड़क से आवागमन होगा सुगम, ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ रायपुर,  वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ में 3 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से निर्मित गोतमा-कोतासुरा मार्ग का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सरल, सुरक्षित और सुगम हो जाएगी तथा ग्रामीणों को आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही होगी आसान             लोकार्पण अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही आसान होती है, व्यापार और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधारभूत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विकास कार्यों का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को अधिक सुगम और समृद्ध बनाना है। मार्ग के निर्माण से गांवों के लोगों को सीधे मिलेगा लाभ         वित्त मंत्री ने कहा कि गोतमा-कोतासुरा मार्ग के निर्माण से आसपास के गांवों के लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और क्षेत्र के विकास को नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मार्ग सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।             इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

बस्तर संभाग का पहला प्रधानमंत्री आवास, जहां स्थापित हुआ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का सोलर सिस्टम: मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान : मुख्यमंत्री साय बस्तर संभाग का पहला प्रधानमंत्री आवास, जहां स्थापित हुआ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का सोलर सिस्टम रायपुर   सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के हितग्राही आनंद कुमार पवार से उनके निवास पर आत्मीय मुलाकात कर योजना से आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली।  मुख्यमंत्री साय ने परिवार से संवाद कर जाना कि किस प्रकार एक जनकल्याणकारी योजना ने उनके जीवन में आर्थिक राहत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद जगाई है।मुख्यमंत्री साय से चर्चा के दौरान आनंद कुमार पवार ने बताया कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 1200 से 1500 रुपये तक आता था, जो सीमित आय वाले परिवार के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ था। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घर में सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया और अब परिवार को बिजली खर्च की चिंता से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है। पवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली उत्पादन भी कर रहे हैं। इससे न केवल आर्थिक बचत बढ़ी है, बल्कि परिवार में आत्मनिर्भरता का भाव भी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि हर महीने होने वाली बचत अब परिवार की अन्य जरूरतों और बच्चों के  भविष्य पर खर्च की जा रही है। मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान पवार ने यह भी बताया कि योजना के लिए आवेदन करने के लगभग एक माह के भीतर उन्हें सब्सिडी प्राप्त हो गई। साथ ही बैंक से सरल प्रक्रिया के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया गया, जिससे सोलर संयंत्र लगाने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आई। शेष राशि का भुगतान आसान मासिक किश्तों में किया जा रहा है, जिससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा। आनंद कुमार पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को केवल बिजली बिल से राहत ही नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने कहा कि अब उनका परिवार स्वच्छ ऊर्जा से जुड़कर भविष्य की ओर अधिक भरोसे के साथ देख रहा है। उल्लेखनीय है कि आनंद कुमार पवार, पिता चमन लाल पवार का घर बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित किया गया है। यह आवास ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी समन्वय का प्रेरक मॉडल बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और आमजन के जीवन में वास्तविक परिवर्तन दिखाई दे। बड़ेकनेरा के आनंद कुमार पवार की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब योजनाएं संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधा नहीं देतीं, बल्कि जीवन की दिशा बदलने वाली नई संभावनाएं भी लेकर आती हैं।

पत्थर जैसी बन रही बच्ची का होगा इलाज, बाल आयोग ने मामले में दिखाई सक्रियता

पत्थर शरीर वाली बच्ची के उपचार को लेकर बाल आयोग सक्रिय डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर बच्ची के बेहतर उपचार की दिशा में बड़ा कदम आयोग की पहल पर बच्ची को मिली उसके नाम पर जुटाई गई सहायता राशि रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा सोशल मीडिया में प्रसारित समाचार एवं आयोग को प्राप्त आवेदन पत्र का संज्ञान लेते हुए बीजापुर जिले के नेलसनार क्षेत्र अंतर्गत बेंगोफर पारा, कौरगांव निवासी गंभीर रूप से बीमार नाबालिग बच्ची के उपचार हेतु प्राप्त दान एवं सहायता राशि के संबंध में जांच की कार्यवाही कराई जा रही है। प्राप्त आवेदन में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्रजराज रजक एवं दीपक ध्रुवे द्वारा बच्ची के उपचार के लिए सार्वजनिक सहयोग राशि एकत्रित किए जाने तथा भुगतान संबंधी विवरणों पर प्रश्न उठाए गए थे, जिस पर डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दीपक ध्रुवे द्वारा जांच प्रारंभ होने से पूर्व बच्ची के परिवार को ₹39,000 की राशि प्रदान की गई थी तथा जांच के दौरान अतिरिक्त ₹22,400 की राशि बच्ची की माता एवं उसके भाई की उपस्थिति में तथा पुलिस के समक्ष प्रस्तुत की गई। इसके अतिरिक्त ₹5,000 की राशि संबंधित बैंक खाता होल्ड होने के कारण बच्ची के चाचा के खाते में जमा कराई गई थी, जिसे बाद में उनके चाचा द्वारा बच्ची की माता को प्रदान किया गया। जांच में यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्रजराज रजक द्वारा बच्ची के उपचार हेतु वीडियो प्रसारित कर स्वयं का क्यूआर कोड साझा किया गया था। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि ब्रजराज रजक द्वारा जांच से पूर्व भी कुछ राशि बच्ची के उपचार हेतु परिवार को प्रदान की जा चुकी थी। वहीं पूछताछ के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि ₹18,000 की शेष राशि उनके पास उपलब्ध थी, जिसे जांच उपरांत बच्ची के परिवार को प्रदान कर दिया गया। इस प्रकार अब तक कुल ₹84,400 की राशि बच्ची के उपचार हेतु उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई है। डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा निर्देशित किया गया है कि प्रकरण से संबंधित सभी वित्तीय लेन-देन, प्राप्त दान राशि, बैंक खातों एवं भुगतान विवरणों की तथ्यात्मक एवं कंडिकावार जांच सुनिश्चित करते हुए संपूर्ण प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता अथवा दोष पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

महंगाई और कच्चे तेल के दबाव के बीच RBI क्या बदलेगा रेपो रेट? जानें EMI पर असर

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक 3 जून से शुरू होने जा रही है. बाजार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं को देखते हुए केंद्रीय बैंक इस बार भी अपनी प्रमुख नीतिगत दर (रेपो रेट) को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति 5 जून को अपने फैसलों की घोषणा करेगी।  वैश्विक संकट और महंगाई का दबाव दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से पश्चिम एशिया के संकट ने कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है. इस कारण भारतीय रुपये पर भी दबाव बढ़ा है. हालांकि मौजूदा तिमाही में भारत की खुदरा महंगाई दर 4 से 4.1 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान है, लेकिन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की हालिया आर्थिक शोध रिपोर्ट के अनुसार, अगली तीन तिमाहियों में यह फिर से 5 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर सकती है. यही कारण है कि आरबीआई कोई भी जल्दबाजी भरा कदम उठाने से बच रहा है।  आर्थिक विकास दर (जीडीपी) के अनुमान एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की चौथी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिससे पूरे वित्त वर्ष की विकास दर 7.5 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर पहुंच सकती है. हालांकि, बाहरी वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए अगले वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए विकास दर धीमी होकर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है. यदि वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं, तो आरबीआई को अपने विकास अनुमानों में कटौती और महंगाई के अनुमानों में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।  वैकल्पिक उपायों पर जोर विशेषज्ञों का कहना है कि दरों को स्थिर रखते हुए भी आरबीआई बाजार को नियंत्रित करने के लिए अन्य नीतिगत उपकरणों का उपयोग कर सकता है. उदाहरण के लिए, बाजार में नकदी और बॉन्ड यील्ड को संतुलित करने के लिए केंद्रीय बैंक 'ऑपरेशन ट्विस्ट' जैसे कदमों का सहारा ले सकता है. इसके तहत लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड खरीदे जाते हैं और कम अवधि के बॉन्ड बेचे जाते हैं, जिससे मुख्य ब्याज दरों को बिना बदले ही वित्तीय बाजार को स्थिरता दी जा सकती है. कुल मिलाकर, आगामी नीति पूरी तरह से आंकड़ों और वैश्विक परिस्थितियों पर आधारित होगी। 

बिजली उपभोक्ताओं को राहत: यूपी में टली 10% बिजली महंगाई, आयोग ने UPPCL को दिया झटका

लखनऊ उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा फ्यूल सरचार्ज के नाम पर बिजली के दाम बढ़ाने के प्रयासों पर रोक लग गई है. विद्युत नियामक आयोग ने 10% टैरिफ को अवैध बताया है. नियामक आयोग ने बढ़े टैरिफ पर रोक लगा दी है. UPPCL ने इसी महीने से 10 फीसदी फ्यूल सरचार्ज वसूली की योजना बनाई थी. हर 100 रुपये पर 10 रुपये तक बढ़ोतरी की आशंका थी. उपभोक्ता परिषद की आयोग की दलीलों पर आयोग ने ये आदेश सुनाया है।  यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बिजली की कीमतें बढ़ाने का पिछले हफ्ते फैसला किया था. UPPCL ने फ्यूल सरचार्ज 10 प्रतिशत जून से वसूलने का आदेश दिया था. मार्च में 10 प्रतिशत बकाया वसूली शुरू होनी थी. यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने प्रति 100 रुपये के बिजली बिल पर बिजली ग्राहकों को 10 रुपये अतिरिक्त चुकाने की बात थी. ये शुल्क हर महीने बिजली के बिल में ऐड करना होता है. इस बार जून महीने में ये शुल्क 10 फीसदी आएगा. UPPCL जून के बाद के महीनों में भी शुल्क बढ़ा सकता है।  यूपीपीसीएल का कहना था कि मार्च 2026 महीने के लिए 10% ‘फ्यूल एंड पावर परचेस एडजस्टमेंट सरचार्ज' (FPPAS) अब जून के बिल में जोड़ा जाएगा. उसका कहना था कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने अधिसूचना के जरिये नियम बनाया था कि किसी एक महीने का फ्यूल सरचार्ज चौथे महीने के बिल में जोड़ा जाएगा।  किस आधार पर बढ़ाया गया है बोझ? बता दें कि बीते सोमवार को विद्युत नियामक आयोग ने यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड से जवाब तलब किया था. आयोग ने प्रारंभिक तौर पर इस शुल्क वृद्धि पर सवाल उठाते हुए इस फैसले को नियमों के विपरीत बताया था. साथ ही यूपीसीएल को सात दिन के अंदर स्पष्ट करने को कहा गया था कि आखिर किस आधार पर उपभोक्ताओं पर यह अतिरिक्त बोझ डाला गया है।  हर हाल में यूपीपीसीएल को यह फैसला लेना होगा वापस भीषण गर्मी के बीच बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर पहले से ही उपभोक्ताओं में नाराजगी थी. ऐसे में आयोग की इस सख्त टिप्पणी के बाद करोड़ों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. हालांकि आयोग की इन टिप्पणियों के बाद यह तो साफ हो गया है कि यूपीपीसीएल को अपना यह फैसला वापस लेना होगा।  हालांकि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन का कहना है कि पावर टैरिफ यानी बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी. यह फ्यूल सरचार्ज है और इसका ज्यादा अंतर बिजली के बिल में नहीं पड़ेगा।  उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद ने फ्यूल सरचार्ज को चुनौती देते हुए जनहित में एक प्रस्ताव पेश किया था. उसने इसे उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ अनुचित है. परिषद ने नियामक आयोग से दखल देने की मांग की थी. उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) को अब 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज लगाने के अपने फैसले को वापस लेना होगा. इस फैसले से पूरे राज्य में लाखों बिजली उपभोक्ताओं को फायदा होगा। 

EZI Hypevolt के साथ EV मार्केट में एंट्री करेगी Keeway, जून में होगा बड़ा लॉन्च

मुंबई   भारत का इलेक्ट्रिक स्कूटर मार्केट तेजी से बेहतर हो रहा है. बाजार में अगले माह एक नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की एंट्री होने वाली है. स्कूटर निर्माता कंपनी Keeway जून में अपनी EZI Hypevolt ई-स्कूटर लॉन्च करने वाला है।  बता दें कि Keeway – Adishwar Auto Ride India (AARI) का हिस्सा, जो QJ Motor और Benelli को भी हैंडल करता है. Keeway भारतीय बाजार में एक छोटी इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनी है, और पहले ही Vieste 300 और Sixties 300i जैसे हाई-कैपेसिटी वाले पेट्रोल स्कूटर बेच रही है. हालांकि, Keeway अब भारतीय मार्केट में अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर ला रहा है, जिसे चीन में उसके 'EZI' सब-ब्रांड से लिया गया है।  क्या है EZI इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की एक रेंज बाजार में उतारने के लिए, Keeway ने साल 2020 में EZI शुरू किया. EZI की चीन के ज़ियांग, सिचुआन में एक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है, और यह कंपनी अभी कई तरह के स्कूटर और इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बनाता है, जिसमें स्क्रैम्बलर, क्रूज़र और मैक्सी-स्कूटर वगैरह शामिल हैं।  Keeway EZI Hypevolt का डिजाइन डिज़ाइन की बात करें तो, Keeway EZI Hypevolt कुछ लोगों को BMW CE 04 की याद दिलाता है, क्योंकि इसका आकार लंबा और नया है. इसमें BMW CE 04 जैसी बेंच सीट भी दी गई है, जो राइडर और पीछे बैठने वाले के लिए अलग-अलग हिस्सों में बंटी हुई है।  Keeway EZI Hypevolt में स्प्लिट LED हेडलाइट्स हैं, जिनके दोनों तरफ वर्टिकल LED डेटाइम रनिंग लाइट्स लगाई गई हैं, और इसका स्टांस ऊंचा होगा, क्योंकि इसमें बड़े, 14-इंच के एलॉय व्हील्स लगे हैं. सीट की ऊंचाई 770 mm है, और स्कूटर का वज़न 145 kg है।  Keeway EZI Hypevolt का पावरट्रेन चीनी बाजार में, Keeway EZI Hypevolt दो 2.5 kWh बैटरी के साथ पेश किया जाएगा, जिनकी कुल क्षमता 5 kWh है. अपने घरेलू बाज़ार में, यह स्कूटर हब मोटर या मिड-ड्राइव मोटर के साथ मिल बेची जाती है. मिड-ड्राइव मोटर का कंटीन्यूअस आउटपुट 6 kW (8 bhp) है, जबकि पीक आउटपुट 12 kW (16 bhp) है. EZI के अनुसार, इसकी टॉप स्पीड 115 kmph है।  Keeway EZI Hypevolt सेफ्टी और फीचर्स नई EZI Hypevolt के सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो इसमें आगे और पीछे डिस्क ब्रेक दिए जाएंगे, और चीन में यह कॉम्बी-ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) वाले एक वेरिएंट के साथ आता है, लेकिन भारत में संभावना है है कि इंडिया-स्पेक स्कूटर डुअल-चैनल एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) के साथ आएगा।  इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में दूसरे ज़रूरी सेफ्टी इक्विपमेंट के तौर पर ट्रैक्शन कंट्रोल, हिल डिसेंट कंट्रोल और हिल होल्ड कंट्रोल शामिल हैं. दिलचस्प बात यह है कि अपने होम मार्केट में, Hypevolt में रियर कैमरा और ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन सिस्टम भी मिलता है, लेकिन यह देखना बाकी है कि इंडिया-स्पेक स्कूटर में ये फीचर्स शामिल किए जाते हैं या नहीं।  Keeway EZI Hypevolt की कीमत इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को जून के बीच में लॉन्च किया जा सकता है, जिसके साथ, EZI Hypevolt एक नई जगह पर जाएगा, क्योंकि यह एक महंगा ई-स्कूटर होने की संभावना है. हालांकि यह BMW जितना महंगा नहीं होगा, जैसा कि यह दिखता है, लेकिन Hypevolt – अपनी ट्विन बैटरी और इक्विपमेंट लेवल के साथ – की कीमत 3 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से ज़्यादा होने की उम्मीद है। 

छोटे कारोबारियों के लिए वरदान साबित हो रही पीएम स्वनिधि योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पीएम स्वनिधि योजना से देश के लाखों रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के सपनों को मिली नई उड़ान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के सफलतम 6 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार प्रदेश के 9 लाख से अधिक पथ-विक्रेता हो चुके हैं लाभांवित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के सम्मान का आधार बनी 'पीएम स्वनिधि' योजना के सफलतम 6 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'पीएम स्वनिधि' ने देशभर के लाखों रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के सपनों को नई उड़ान और सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार दिलवाया है। उन्होंने कहा कि इस जनकल्याणकारी योजना से जुड़कर अब तक प्रदेश के 9 लाख से अधिक पथ-विक्रेता लाभान्वित हो चुके हैं।  

लू, आकाशीय बिजली और सर्पदंश से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील

लू-तापघात, आकाशीय बिजली एवं सर्पदंश से बचाव के लिये परामर्श जारी भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह विभाग, द्वारा प्रदेश में लू-तापघात, आकाशीय बिजली एवं सर्पदंश जैसी मौसमी एवं प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से संचार माध्यमों से जनजागरूकता करते हुए परामर्श दिया जा रहा है। सचिव (गृह) एवं समन्वयक मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण श्रीमती कृष्णावेणी देशावतु ने बताया कि विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए आमजन तक सुरक्षा संबंधी संदेश पहुँचाए जा रहे हैं, जिससे शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकाधिक नागरिकों को समय रहते आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके। अभियान का उद्देश्य लोगों में जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित एवं उचित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रीष्मकाल में बढ़ता तापमान लू-तापघात की स्थिति उत्पन्न कर सकता है। विशेष रूप से बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, हल्के एवं सूती वस्त्र पहनने तथा शरीर में जल की कमी न होने देने संबंधी आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मानसून अवधि में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएँ अनेक बार गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। इस संबंध में नागरिकों को सलाह दी गई है कि मौसम में अचानक परिवर्तन, तेज गर्जना एवं बिजली की चमक को संभावित खतरे के संकेत के रूप में गंभीरता से लें। ऐसे समय में खुले स्थानों, खेतों, जलाशयों, विद्युत खंभों तथा बड़े वृक्षों के नीचे रुकने से बचें तथा सुरक्षित भवनों में शरण लें। नागरिकों को आकाशीय बिजली संबंधी पूर्व चेतावनी प्राप्त करने के लिए “दामिनी” मोबाइल ऐप के उपयोग के लिये भी प्रेरित किया जा रहा है। किसानों एवं पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। जलभराव एवं प्राकृतिक आवास प्रभावित होने के कारण साँप मानव बस्तियों के समीप आ सकते हैं। ऐसी परिस्थितियों में घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखना, झाड़ियों एवं कबाड़ को हटाना, जूते एवं कपड़ों को उपयोग से पूर्व सावधानीपूर्वक जांचना तथा खेतों, जंगलों एवं जल स्रोतों के समीप अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है। सर्पदंश की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र ले जाने तथा किसी भी प्रकार के अंधविश्वास अथवा अप्रमाणित उपचार से बचने की सलाह दी गई है। मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों एवं परामर्शों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना अथवा संकट की स्थिति में तत्काल डायल-112 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त करें। सतर्कता, जागरूकता एवं समय पर अपनाई गई सावधानियाँ जनहानि एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी उद्देश्य से राज्य स्तर पर निरंतर जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।