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जेनिफर विंगेट की दूसरी शादी की चर्चा: सिंगापुर के बिजनेसमैन विलियम इश्माइल से कर सकती हैं विवाह

टीवी गलियारों में जल्द ही शहनाई बजने वाली है. मशहूर एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट 41 की उम्र में दूसरी शादी करने जा रही हैं. जेनिफर को लेकर खबरें हैं कि वो जल्द ही अपने सिंगापुर बेस्ड बिजनेसमैन बॉयफ्रेंड विलियम इश्माइल संग शादी रचाकर नई जिंदगी की शुरुआत करेंगी. शादी क्रिश्चियन रीति-रिवाजों से होगी. कौन हैं जेनिफर का दूल्हा? जेनिफर की दूसरी शादी की खबरें हर तरफ छाई हुई हैं. उनकी शादी की रिपोर्ट्स सामने आते ही फैंस खुशी से गदगद हो गए हैं. जेनिफर का घर फिर से बसते देखने के लिए फैंस सुपर एक्साइटेड हैं. लेकिन कई लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर जेनिफर का होने वाला हमसफर कौन है? तो आइए जानते हैं… HT की रिपोर्ट के मुताबिक, जेनिफर विंगेट लंबे समय से सिंगापुर बेस्ड बिजनेसमैन विलियम इश्माइल को सीक्रेटली डेट कर रही हैं. विलियम बिजनेस वर्ल्ड में एक्टिव हैं. मगर वो इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से ताल्लुक नहीं रखते. रिपोर्ट्स की मानें तो वो फाइनेंशियल सेक्टर में काम करते हैं. उन्होंने डिजिटल एसेट्स, ट्रेनिंग और फॉरेन एक्सचेंज मार्केट्स में काम किया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि विलियम को लाइमलाइट में रहना पसंद नहीं है. वो मीडिया की चकाचौंध से दूर रहते हैं. यह भी बताया गया है कि विलियम से मिलने जेनिफरअक्सर सिंगापुर ट्रैवल करती हैं. वहां दोनों मीडिया के कैमरों से दूर साथ में क्वालिटी टाइम स्पेंड करते हैं. एक मुलाकात के दौरान विलियम ने जेनिफर को शादी के लिए प्रपोज किया था और एक्ट्रेस ने हां कह दिया था. दोनों अब अपनी शादी की तैयारियों में बिजी हैं. कब होगी शादी? रिपोर्ट में इनसाइडर के हवाले से बताया गया है- जेनिफर और विलियम एक साथ बहुत खुश हैं. उन्हें और उनके प्यारे रिश्ते को देखना बहुत अच्छा लगता है. छुट्टियों के दौरान विलियम ने जेनिफर को प्रपोज किया था और उन्होंने हां कह दिया था. अब वो अपनी शादी की प्लानिंग कर रहे हैं. जेनिफर शादी के लिए वेंडर्स की लिस्ट बना रही हैं. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जेनिफर और विलियम की शादी इस साल सितंबर या अक्टूबर के महीने या फिर दिसंबर-जनवरी में हो सकती है. वेडिंग डेट अभी फाइनल नहीं हुई है. हालांकि, जेनिफर ने अब तक अपनी शादी की रिपोर्ट्स को कंफर्म नहीं किया है. बता दें कि जेनिफर की पहली शादी एक्टर करण सिंह ग्रोवर से साल 2012 में की थी. मगर 2 साल बाद 2014 में दोनों तलाक लेकर अलग हो गए थे. अब जेनिफर की दूसरी शादी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है.  

सेहत से खिलवाड़! पंजाब में खाद्य पदार्थों की जांच में चौंकाने वाला खुलासा, हर सातवां नमूना असफल

चंडीगढ़  पंजाब में खाद्य पदार्थों में बड़े स्तर पर मिलावट का खेल चल रहा है और हर सात में एक एक सैंपल फेल हो रहा है। मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। डेयरी उत्पादों में अधिक मिलावट हो रही है और यहां तक कि केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।  फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ साल से खाद्य पदार्थों में मिलावट बढ़ती जा रही है। वर्ष 2025-26 के दौरान खाद्य पदार्थों के 6054 सैंपल लिए गए जिसमें से 852 हो गए। सरकार अलग-अलग खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी का पता लगाने के लिए सैंपल ले रही है। साथ ही मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई भी कर रही है बावजूद इसके इस पर रोक नहीं लग पा रही है। वर्ष 2024-2025 के दौरान विभाग की तरफ से 4131 सैंपल लिए गए जिसमें से 748 खाने योग्य नहीं पाए गए। इसी तरह 2023-2024 के दौरान 6041 सैंपल जांच के लिए भेज गए जिसमें से 929 मानकों पर खरे नहीं उतरे। वर्ष 2022-2023 के दौरान 8179 सैंपल लिए गए और इस दौरान 1724 सैंपलों में मिलावट सामने आई जबकि वर्ष 2021-2022 में 6768 सैंपलों की जांच की गई और 1059 में मिलावट सामने आई है। केंद्र सरकार का सभी राज्यों में सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर है ताकि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। दूध, पनीर, घी, मिठाई, मसाले, तेल, बिस्कुट, नमकीन समेत अन्य खाद्य पदार्थों में अधिक मिलावट हो रही है। पंजाब में दूसरे राज्यों से तैयार घटिया पनीर व अन्य पदार्थों की आपूर्ति हो रही है जिन्हें बनाने में केमिकल तक का इस्तेमाल होता जो सेहत के लिए खतरनाक है। यह कैंसर को न्योता दे रहा है। हरियाणा में भी चल रहा मिलावट का खेल हरियाणा में भी बड़े स्तर पर मिलावट का खेल चल रहा है और राज्य में वर्ष 2025-26 के दौरान खाद्य पदार्थों के 900 सैंपल लिए गए जिनमें से 34% यानी 309 फेल हो गए। इसी तरह वर्ष 2024-2025 में 2233 सैंपल लिए गए जिनमें से सैंपल फेल पाए गए। वहीं वर्ष 2023-2024 के दौरान 3485 में से 856 और 2022-2023 में 4445 में से 1425 और वर्ष 2021-2022 के दौरान 4235 में से 1182 सैंपल फेल पाए गए हैं। नियमित से की जा रही जांच एफएसएसएआई के क्षेत्रीय कार्यालय और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें मिलावट का पता लगाने के लिए भी नियमित रूप से निगरानी, निरीक्षण और खाद्य पदार्थों के नमूने लेती हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत अथॉरिटी की तरफ से कार्रवाई की जाती है जिसमें जुर्माना लगाना और लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है। विभाग की तरफ से फूड सेफ्टी ऑन व्हील पर नियमित रूप से जांच की जा रही है। इन टेस्टिंग वैन में दूध, पनीर, पानी और अन्य रोजाना के प्रयोग वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करने की सुविधा है। विशेष अभियान चला रही सरकार स्वास्थ्य डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच के लिए सरकार विशेष अभियान चला रही है। पिछले महीने दो दिन विशेष अभियान चलाकर पूरे राज्य की स्थानीय डेयरियों की जांच की गई, जिसके दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरियों, प्रोसेसिंग यूनिटों और खुदरा दुकानों से पनीर के 211 सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा दूध के भी कुल 204 सैंपल एकत्र किए गए थे, जिनमें से 68 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए।  

ड्यूटी के दौरान मिर्गी आने पर गई नौकरी, दो दशक बाद हाई कोर्ट के फैसले से मिला पेंशन का हक

चंडीगढ़. सीमा की सुरक्षा करते हुए बीएसएफ में सेवा देने वाले एक जवान को मिर्गी (एपिलेप्सी) की बीमारी के कारण नौकरी से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद शुरू हुई कानूनी लड़ाई 21 साल बाद उसके पक्ष में समाप्त हुई। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बीएसएफ की अपील खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी जवान को भर्ती के समय स्वस्थ पाया गया था और बाद में सेवा के दौरान बीमारी सामने आई, तो उसे सेवा से जुड़ी बीमारी माना जाएगा। ऐसे कर्मचारी को दिव्यांगता पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। मामला भिवानी निवासी अजमेर सिंह का है, जो वर्ष 1990 में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में भर्ती हुए थे। सेवा के दौरान वर्ष 1996 में उन्हें पहली बार मिर्गी का दौरा पड़ा। बाद में मेडिकल बोर्ड ने उन्हें ‘ग्रैंडमल एपिलेप्सी’ से पीड़ित बताते हुए आगे की सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। इसके आधार पर 30 नवंबर 2005 को उन्हें मेडिकल आधार पर सेवा से मुक्त कर दिया गया। गलत तरीके से सेवा से हटाया गया अजमेर सिंह का कहना था कि उन्हें गलत तरीके से सेवा से हटाया गया और वे दिव्यांगता पेंशन के हकदार हैं। साथ ही उनकी लगभग 50 हजार रुपये की ग्रेच्युटी राशि भी लंबित थी। उन्होंने इसके लिए सिविल अदालत का दरवाजा खटखटाया। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने 2008 में उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद जिला जज , भिवानी की अदालत में अपील दायर की गई। अपीलीय अदालत ने 2010 में ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए अजमेर सिंह के पक्ष में निर्णय दिया और उन्हें राहत प्रदान की। इस फैसले को बीएसएफ अधिकारियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट में बीएसएफ का तर्क था कि मिर्गी ऐसी बीमारी नहीं है जिसे सेवा के दौरान उत्पन्न हुई बीमारी माना जाए, इसलिए अजमेर सिंह दिव्यांगता पेंशन के पात्र नहीं हैं। वहीं कर्मचारी की ओर से कहा गया कि भर्ती के समय वह पूरी तरह स्वस्थ थे और बीमारी सेवा के दौरान सामने आई। जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने क्या कहा? जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले धर्मवीर सिंह बनाम भारत संघ का हवाला देते हुए कहा कि यदि रिकार्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो कि कर्मचारी भर्ती के समय बीमारी से ग्रस्त था, तो यह माना जाएगा कि वह पूरी तरह स्वस्थ था और बाद में स्वास्थ्य में आई गिरावट सेवा के कारण हुई। अदालत ने पाया कि अजमेर सिंह को पहला दौरा भर्ती होने के छह वर्ष बाद पड़ा था। उन्हें किसी अनुशासनहीनता या कदाचार के कारण नहीं बल्कि केवल मेडिकल आधार पर सेवा से हटाया गया था। ऐसे में बीमारी और सेवा के बीच संबंध को नकारा नहीं जा सकता। हाई कोर्ट ने जिला न्यायाधीश के फैसले को सही ठहराते हुए बीएसएफ की अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही अजमेर सिंह की दिव्यांगता पेंशन का रास्ता साफ हो गया।

WWDC 2026 में iOS 27 की झलक, Siri से लेकर कैमरा ऐप तक मिलेंगे नए AI अपग्रेड

ऐपल अपना एक बड़ा इवेंट आयोजित करने जा रहा है, जिसका नाम वर्ल्डवाइड डेवलपर कॉन्फ्रेंस 2026 (WWDC 2026) है. इस दौरान कंपनी कई बड़े ऐलान करेगी, जिसमें अधिकतर सॉफ्टवेयर संबंधित होंगे. इस साल कंपनी iOS27 को पेश किया जाएगा, जिसकी खूबियों के बारे में कंपनी ऑफिशियली तौर पर बताएगी. भारतीय समयनुसार WWDC 2026 कीनोट की शुरुआत सोमवार रात 10:30 बजे होगी. इस इवेंट के दौरान iPhone से लेकर Apple Watch को मिलने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम के न्यू वर्जन को लॉन्च करेगी, जिनके नाम  iPadOS 27, macOS 27, watchOS 27 होंगे. iOS 27 में क्या नया मिलेगा? iOS 27 का इंतजार अधिकतर आईफोन यूजर्स को है. लीक्स रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी AI पर फोकस रखेगी और भी कई बड़े ऐलान भी होने की उम्मीद रहेगी. Siri को ChatGPT जैसी ज्यादा नेचुरल बातचीत करने की काबिलियत मिल सकती है. कैमरा, फोटोज, वॉलेट और शॉर्टकट जैसे सिस्टम ऐप्स में इंटीग्रेशन देखने को मिलेगा. AI बेस्ड फोटो एडिटिंग टूल्स का ऐलान किया जाएगा. स्मार्ट राइटिंग असिस्टेंस फीचर्स को शामिल किया जा सकता है. कैमरा और फोटोज ऐप में बड़ा बदलाव रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यू iOS 27 के तहत कैमरा ऐप को बीते साल की तुलना में बड़ा अपडेट देखने को मिल सकता है. कैमरा ऐप के अंदर Siri-पावर्ड कैमरा मोड को शामिल किया जा सकता है. साथ ही प्रोफेशनल फोटोग्राफी करने वाले यूजर्स को ज्यादा कस्टमाइजेशन के ऑप्शन मिलेंगे. AI का इस्तेमाल करके फोटो का बैकग्राउंड बदला जा सकेगा. ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन ने iOS 27 की तुलना Mac OS X Snow Leopard से की है, जिसका पूरा फोकस परफॉर्मेंस और बग्स फिक्स को लेकर था. iOS 27 का अपडेट कब जारी होगा iOS 27 का पहला डेवलपर बीटा लॉन्च इवेंट के तुरंत बाद जारी किया जा सकता है. वहीं पब्लिक बीटा जुलाई में आने की उम्मीद है. फिर सितंबर में iOS27 का फाइनल वर्जन जारी कर दिया जाएगा. कई पुराने हैंडसेट से हट जाएगा सपोर्ट iOS 27 की लॉन्चिंग के साथ ऐलान कर दिया जाएगा कि इसका सपोर्ट किन-किन आईफोन मॉडल्स को मिलेगा. साथ ही कई पुराने मॉडल्स के लिए सपोर्ट बंद कर दिया जाएगा. एक टिप्स्टर के मुताबिक, iOS 27 केवल iPhone 12 सीरीज और उसके बाद लॉन्च होने वाले नए मॉडल्स को ही मिलेगा.  ये जानकारी सही होती है तो ऐप्पल iPhone 11, iPhone 11 Pro, iPhone 11 Pro Max और सेकेंड जनरेशन iPhone SE से सपोर्ट हटा देगा. रिपोर्ट के मुताबिक, iOS 27 का सपोर्ट इन iPhone सीरीज को मिलेगा.   iPhone 12 सीरीज iPhone 13 सीरीज iPhone 14 सीरीज iPhone 15 सीरीज iPhone 16 सीरीज iPhone 17 सीरीज आदि होंगे. हालांकि अभी तक ऐपल ने ऑफिशियली तौर पर iOS 27 सपोर्टेड डिवाइस की लिस्ट जारी नहीं की है.

SAFF फाइनल 2026: भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया

नई दिल्ली  भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन (SAFF) में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने फाइनल में बांग्लादेश को हराया और खिताब पर कब्जा जमाया। भारत ने सात सालों से चले आ रहे सूखे को इसी के साथ समाप्त कर दिया। टीम इंडिया फाइनल में पहुंच रही थी लेकिन खिताबी जंग में उन्हें लगातार निराशा मिल रही थी लेकिन इस मुकाबले में भारत ने अंतिम बाधा को भी पार कर लिया। भारत ने इससे पहले साल 2019 में इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था लेकिन उसके बाद टीम इंडिया खिताब नहीं जीत सकी थी। हालांकि, भारत ने अब इस सूखे को समाप्त कर दिया है और चैंपियन बनी है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महिला टीम के चैंपियन बनने पर खुशी जताई है और उन्हें बधाई दी है। मैच में भारत का दबदबा भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म दिखाई। टीम ने सभी मैच जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल खाया। फाइनल में भी भारत की टीम शुरू से ही आक्रामक रही। बांग्लादेश पिछले दो टूर्नामेंट (2022 और 2024) की चैंपियन थी, लेकिन इस बार उसे खिताब बचाने का मौका नहीं मिला। प्यारी जक्सा का शानदार खेल पहले हाफ के अंत में भारत को बढ़त मिली। प्यारी जक्सा ने पेनल्टी एरिया में अच्छा फुटवर्क दिखाया और शॉट मारा। बांग्लादेश की डिफेंडर पर लगे डिफ्लेक्शन के बाद गेंद गोलकीपर के ऊपर से जाल में चली गई लेकिन बांग्लादेश ने हार नहीं मानी। स्टॉपेज टाइम में रितु पूर्णा चकमा ने लेफ्ट साइड से कमजोर शॉट मारकर स्कोर बराबर कर दिया। यह टूर्नामेंट में भारत का पहला और आखिरी गोल था। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही भारत ने फिर बढ़त बना ली। प्यारी जक्सा ने दाहिनी तरफ से क्रॉस किया, जिसे संफिदा नोंग्रुम ने हेडर से गोल में बदल दिया। गेंद पोस्ट से लगकर अंदर गई। मैच के 82वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी लिंडा कोम सेरतो ने डिफेंस की गलती का फायदा उठाया और गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया। इस जीत के साथ भारत ने खिताब पर कब्जा जमाया। सात साल का इंतजार खत्म 2019 के बाद भारत दो टूर्नामेंट में फाइनल तक नहीं पहुंच पाया था। इस बार घरेलू मैदान पर टीम ने पूरा जोर लगाया और पुराना गौरव वापस हासिल किया। मनीषा कल्याण समेत कई खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। यह जीत भारतीय महिला फुटबॉल के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगे आने वाले बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयारियां मजबूत होंगी।  

चंडीगढ़ को दहलाने की साजिश नाकाम, बम धमकी मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा

चंडीगढ़. देशभर में विभिन्न संस्थानों को भेजी जा रही बम धमकियों की जांच में गिरफ्तार बांग्लादेश मूल के आरोपित सौरव विश्वास से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। चंडीगढ़ पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपित ने अपने यूट्यूब चैनल पर लाइक, कमेंट, फॉलो, शेयर और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए टेलीग्राम के जरिये किसी अज्ञात व्यक्ति से करीब 300 पुरानी और डीएक्टिवेट ई-मेल आईडी खरीदी थीं। इन आईडी का इस्तेमाल कर बाद में आरोपित ने 219 ई-मेल आईडी बांग्लादेश में एक व्यक्ति को बेच दीं। सूत्रों के अनुसार अब इन्हीं ई-मेल आईडी से देशभर में बम से उड़ाने की धमकियां भेजी जा रही है। सौरव विश्वास वर्ष 2017 में एक ब्रोकर की मदद से अवैध तरीके से जंगल के रास्ते से भारत में दाखिल हुआ था। भारत आने के बाद वह पश्चिम बंगाल में रहने लगा भारत आने के बाद वह पश्चिम बंगाल में रहने लगा। शुरुआती दिनों में उसने करीब दो महीने तक मजदूरी की। इसके बाद वह एक साइबर कैफे में काम करने लगा, जहां से उसे इंटरनेट और तकनीकी गतिविधियों की जानकारी मिली। साइबर कैफे की नौकरी छोड़ने के बाद आरोपित ने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया और उस पर थ्री-डी एनिमेशन वीडियो अपलोड करने लगा। चैनल को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उसने टेलीग्राम के माध्यम से पुरानी और डीएक्टिवेट ई-मेल आईडी खरीदी । जांच में सामने आया है कि वह एक-एक ई-मेल आईडी का पासवर्ड जनरेट कर उसे सक्रिय करता था और फिर उन्हीं आईडी के माध्यम से अपने यूट्यूब और फेसबुक चैनल पर लाइक, कमेंट और सब्सक्रिप्शन बढ़ाता था। इस तरीके से आरोपित का यूट्यूब चैनल तेजी से बढ़ा और उसके करीब पांच लाख सब्सक्राइबर हो गए। इसके बाद उसने डिजिटल मार्केटिंग का काम भी शुरू कर दिया और फेसबुक विज्ञापन तैयार करने सहित अन्य ऑनलाइन प्रचार गतिविधियों से जुड़ गया। इससे उसकी आय भी बढ़ने लगी थी। हालांकि बाद में कॉपीराइट के कारण उसका यूट्यूब चेनल बंद हो गया। ई-मेल आईडी का पूरा रिकॉर्ड एक्सेल शीट में रखा था जांच में सामने आया है कि आरोपित ने खरीदी और बेची गई ई-मेल आईडी का पूरा रिकॉर्ड एक्सेल शीट में तैयार कर रखा था। सूत्रों के अनुसार गुजरात पुलिस को सबसे पहले आरोपित से जुड़ा महत्वपूर्ण सुराग मिला था। इसके बाद पुलिस ने टेलीग्राम पर उससे संपर्क किया और ई-मेल आईडी खरीदने के लिए बात की। आरोपी ने गुजरात पुलिस को आम व्यक्ति समझकर एक्सेल शीट भेज दी। एक्सेल शीट देखते ही पुलिस को पता चला कि जिन ईमेल से बम धमकियां दी जा रही हैं, वह सौरव ने ही बेची हैं। जिसके बाद तकनीकी जांच, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपित तक पहुंच गई। 145 यूएसडीटी में बेचीं 219 ई-मेल आईडी पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित ने अपने पास मौजूद 219 ई-मेल आईडी टेलीग्राम के माध्यम से बांग्लादेश में रहने वाले मामुनुर राशिद नामक व्यक्ति को बेच दी थीं। सूत्रों के अनुसार यह सौदा 145 यूएसडीटी में हुआ था। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 13 हजार रुपये बैठती है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन्हीं ई-मेल आईडी का इस्तेमाल बाद में बम धमकी वाले ई-मेल भेजने में किया गया। सूत्रों के अनुसार जिन ई-मेल आईडी को आरोपित ने बेचा था, उनका इस्तेमाल विभिन्न संस्थानों को धमकी भरे संदेश भेजने में किया गया। चंडीगढ़ और मोहाली में भी स्कूलों और अदालतों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, मेयर कार्यालय, पासपोर्ट कार्यालय, डाकघर, सचिवालय और अन्य संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। तीन लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन हुए बरामद गुजरात पुलिस ने आरोपित के कब्जे से तीन लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे। इन उपकरणों की जांच के दौरान ई-मेल आईडी से संबंधित डेटा भी मिला। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि जिन ई-मेल आईडी से धमकी भरे संदेश भेजे गए, वह आरोपित सौरव विश्वास ने ही बेची हुई है। दिल्ली और अमृतसर पुलिस भी कर चुकी पूछताछ गिरफ्तारी के बाद आरोपित गुजरात पुलिस की हिरासत में था। इसी दौरान चंडीगढ़ पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने पहुंची, लेकिन उससे पहले दिल्ली पुलिस उसे अपने साथ ले गई। दिल्ली पुलिस की पूछताछ के बाद आरोपित को अमृतसर पुलिस ने भी पूछताछ के लिए लिया। बाद में उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर आरोपित को चंडीगढ़ लाकर पूछताछ की। शहर में सेक्टर-17 और सेक्टर-3 थाना क्षेत्र में दर्ज दो अलग-अलग एफआईआर में उससे पूछताछ हुई। पहले सेक्टर-17 थाना पुलिस ने पूछताछ की और बाद में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद शुक्रवार को आरोपित को दोबारा तिहाड़ जेल भेज दिया गया। बिस्वास को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 1 मार्च को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया था। चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश , गुजरात और महाराष्ट्र में ईमेल से बम धमकियां आ चुकी हैं।

वास्तु टिप्स: झाड़ू रखने के सही नियम, घर में बढ़ती है सुख-समृद्धि

वास्तु शास्त्र में झाड़ू का स्थान केवल एक सफाई उपकरण से कहीं ज्यादा है.  इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है.  घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए झाड़ू के उपयोग से जुड़े वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है.  गलत तरीके से झाड़ू लगाना न केवल घर में नकारात्मकता लाता है, बल्कि आर्थिक तंगी का कारण भी बन सकता है. झाड़ू लगाने का सही तरीका और दिशा वास्तु के अनुसार घर की सफाई की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देना चाहिए. घर की सफाई हमेशा मुख्य दरवाजे के पास से शुरू करके घर के अंदर के हिस्सों (जैसे रसोई, बेडरूम या लिविंग रूम) की ओर करनी चाहिए. प्रवेश द्वार को सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत माना जाता है, इसलिए वहां से सफाई शुरू करने से घर में खुशहाली का आगमन होता है. इसके विपरीत, कभी भी घर के अंदर से बाहर की ओर झाड़ू नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इससे घर की लक्ष्मी बाहर चली जाती है और सकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है. सफाई का उचित समय और सावधानियां वास्तु शास्त्र में समय का चुनाव घर की ऊर्जा को प्रभावित करता है: झाड़ू लगाने के लिए सुबह का समय, विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त, सबसे शुभ और उत्तम माना गया है. सूर्यास्त के बाद या शाम के समय झाड़ू लगाना वर्जित माना जाता है, क्योंकि इस समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है. यदि किसी अनिवार्य स्थिति में शाम को झाड़ू लगानी भी पड़े, तो भूलकर भी घर का कचरा बाहर नहीं फेंकना चाहिए, क्योंकि इससे आर्थिक हानि की संभावना बढ़ जाती है. झाड़ू के रखरखाव से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें झाड़ू का अपमान करने से बचना चाहिए और इसके रखरखाव में सावधानी बरतनी चाहिए: सफाई के बाद कचरे को घर में लंबे समय तक जमा न रखें, बल्कि इसे तुरंत बाहर फेंक दें, क्योंकि जमा हुआ कचरा दरिद्रता को आमंत्रित करता है. झाड़ू को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए और न ही इसे घर में कहीं भी खुले में खड़ा रखना चाहिए. इसे हमेशा किसी ऐसी सुरक्षित जगह पर छिपाकर रखें जहां बाहर से आने वाले लोगों की नजर इस पर न पड़े. वास्तु के अनुसार, नई झाड़ू का उपयोग हमेशा शनिवार या किसी शुभ तिथि से शुरू करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.

चार घंटे के थ्रिलर में ज्वेरेव की जीत: पांच सेटों के संघर्ष के बाद मिला फ्रेंच ओपन खिताब

 पेरिस  जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने वर्षों की निराशा को पीछे छोड़ते हुए आखिरकार अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीत लिया। ज्वेरेव ने रविवार को फ्रेंच ओपन पुरुष सिंगल्स के फाइनल में इटली के फ्लावियो कोबोली को चार घंटे और 16 मिनट तक पांच सेट चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में 6-1, 4-6, 6-4, 6-7 (5), 6-1 से हराकर रोलां गैरो का खिताब अपने नाम किया। 29 वर्षीय ज्वेरेव के करियर का यह सबसे बड़ा क्षण रहा। इससे पहले वह तीन बार ग्रैंडस्लैम फाइनल में हार चुके थे, जिसमें 2024 का फ्रेंच ओपन फाइनल भी शामिल था। इस जीत के साथ वह पिछले 30 वर्षों में ग्रैंडस्लैम सिंगल्स खिताब जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले 1996 में बोरिस बेकर ने आस्ट्रेलियन ओपन जीता था। एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने पहले ही सेट में बनाया दबाव फिलिप चैट्रियर कोर्ट पर खेले गए फाइनल में ज्वेरेव ने शानदार शुरुआत की। उन्होंने पहले सेट में कोबोली को पूरी तरह दबाव में रखते हुए 6-1 से जीत दर्ज की। हालांकि 10वीं वरीयता प्राप्त कोबोली ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की। सातवें गेम में सर्विस ब्रेक हासिल कर उन्होंने सेट 6-4 से जीत लिया और मुकाबला बराबरी पर ला दिया। तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन कोबोली की एक अनफोर्स्ड गलती ने ज्वेरेव को सेट प्वाइंट दे दिया, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाकर 6-4 से सेट अपने नाम किया। चौथे सेट में ज्वेरेव एक समय मजबूत स्थिति में थे, लेकिन दबाव के क्षणों में उनकी लय बिगड़ गई। टाईब्रेक में कोबोली ने आक्रामक खेल दिखाते हुए सेट जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक पांचवें सेट तक खींच दिया। एलेक्जेंडर ज्वेरेव की सूझबूझ आई काम निर्णायक सेट में ज्वेरेव का अनुभव और मानसिक मजबूती काम आई। उन्होंने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बना लिया और कोबोली को कोई मौका नहीं दिया। 6-1 से सेट जीतकर उन्होंने अपने करियर का बहुप्रतीक्षित पहला ग्रैंडस्लैम खिताब हासिल कर लिया। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। ज्वेरेव ने अपने 125वें ग्रैंडस्लैम मैच जीत के बाद पहला मेजर खिताब जीता। इससे पहले किसी खिलाड़ी ने अपने पहले ग्रैंडस्लैम खिताब के लिए इतनी अधिक जीत का इंतजार नहीं किया था। टूर्नामेंट में इस बार कई बड़े उलटफेर हुए। कई दिग्गज पहले ही हो गए थे बहर कार्लोस अलकराज की अनुपस्थिति में विश्व नंबर एक जानिक सिनर, 24 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता नोवाक जोकोविक दूसरे सप्ताह से पहले ही बाहर हो गए थे, जिसके बाद ज्वेरेव पर खिताब जीतने का दबाव और उम्मीद दोनों बढ़ गई थीं। आखिरकार उन्होंने उस चुनौती को स्वीकार किया और अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। फ्रेंच ओपन 2026 का यह खिताब न केवल ज्वेरेव के लिए, बल्कि जर्मन टेनिस के लिए भी एक नई शुरुआत माना जा रहा है।  

CM साय के रिप्लाई ने जीता दिल, ‘समधी भेंट’ को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा

रायगढ़. सियासत की बिसात पर अक्सर तनाव, तीखे बयान और तल्खियों की ही खबरें सुर्खियां बनती हैं। लेकिन कभी-कभी राजनीति की इस रूखी जमीन पर कुछ तस्वीरें ऐसी सामने आ जाती हैं, जो सारे समीकरणों और कयासों के बीच एक खुशनुमा माहौल बना देती हैं। प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक ऐसी ही तस्वीर और उसके पीछे की दिलचस्प कहानी ने सबका ध्यान खींचा है। हमेशा अपने तीखे और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले सूबे के एक कद्दावर विधायक और प्रदेश के मुखिया के बीच जो सार्वजनिक स्नेह देखने को मिला है, उसने राजनीतिक गलियारों में चल रही तमाम अफवाहों को एक झटके में शांत कर दिया है। यह वाकया सिर्फ एक तस्वीर खिंचवाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोनों नेताओं के बीच हुए आत्मीय संवाद ने रिश्तों की एक नई इबारत लिख दी है। ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज और जनता की वो खास मांग यह पूरा दिलचस्प और ठेठ देसी घटनाक्रम एक ग्रामीण इलाके में आयोजित बड़े सामाजिक महाधिवेशन के दौरान सामने आया। जब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कुरुद के वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर धमतरी जिले के ग्राम छाती में चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय महाधिवेशन में एक साथ पहुंचे, तो वहां का माहौल ही बदल गया। ग्रामीण परिवेश और अपनी माटी की संस्कृति के बीच जब ये दोनों बड़े नेता एक साथ नजर आए, तो वहां मौजूद समाज के लोगों ने सहज भाव से कह दिया कि दोनों एक बार समधी भेंट कर लें। ग्रामीण अंचलों में रिश्तों की प्रगाढ़ता दर्शाने के लिए समधी, मामा या भांजा जैसे शब्द एक बेहद प्यारे और आत्मीय संबोधन माने जाते हैं। जनता के इस अपनत्व भरे आग्रह को दोनों ही नेताओं ने पूरे सम्मान के साथ सिर माथे लिया और मुस्कुराते हुए एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर एक शानदार तस्वीर खिंचवाई। विधायक ने एक्स पर साझा किया अपना अगाध प्रेम इस खूबसूरत वाकये के बाद विधायक अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वह तस्वीर साझा कर दी। अपनी पोस्ट में उन्होंने अपने दिल की बात लिखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के प्रति उनके मन में अगाध आदर है और वह उन्हें स्नेह से ‘समधी जी’ कहते हैं। उन्होंने पूरी बेबाकी से बताया कि कैसे समाज के लोगों के आग्रह पर यह तस्वीर ली गई और मुख्यमंत्री ने अपनी चिरपरिचित सहजता से इस पल को हमेशा के लिए यादगार बना दिया। इस पोस्ट के सामने आते ही इंटरनेट और राजनीतिक चौपालों पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। लोग इस खुलेपन और आत्मीयता की जमकर तारीफ करने लगे। मुख्यमंत्री के जवाब ने जीत लिया सबका दिल असली राजनीतिक और सामाजिक मिठास तब सामने आई, जब खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पोस्ट पर अपना जवाब दिया। सीएम साय ने अपने आधिकारिक हैंडल से अजय चंद्राकर की पोस्ट को कोट करते हुए उसे रिट्वीट किया। उन्होंने बेहद प्यार भरे अंदाज में लिखा कि अजय जी का यह स्नेहपूर्ण संबोधन उन्हें हमेशा आत्मीयता से भर देता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्राम छाती में समाज के आग्रह पर हुई यह ‘समधी भेंट’ उनके लिए भी एक स्मरणीय पल बन गई है। उन्होंने विधायक के सहज अपनापन, मिलनसार स्वभाव और समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने यह भी संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की यही पारिवारिक संस्कृति, अपनापन और आपसी सम्मान हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

कहीं बारिश तो कहीं लू का कहर, राजस्थान का मौसम बदलेगा रंग

 जयपुर राजस्‍थान में आज आंधी-बारिश के साथ हीटवेव का अलर्ट है. मौसम  विभाग ने अलवर, भरतपुर, दौसा डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़ के लिए आंधी बारिश का अलर्ट जारी किया है. हनुमानगढ़ और पश्चिमी राजस्थान के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. जयपुर में हुई बारिश रविवार को प्रदेश में मिला जुला मौसम रहा. उमस से लोग बेहाल नजर आए. दिन भर खिली धूप ने गर्मी से लोगों को परेशान किया. हालांकि, देर शाम राजधानी जयपुर समेत कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बरसात हुई. इससे रात को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली.   हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के ऊपर बने परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से राज्य के कुछ भागों में आंधी बारिश की गतिविधियां आगामी 2-3 दिन तक जारी रहने की संभावना है. इसके बाद पूर्वी राजस्थान में छुटपुट स्थानों पर मध्यम दर्जे का मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में आज से 11 जून के दौरान कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री से. दर्ज होने व कहीं-कहीं हीटवेव चलने की संभावना है.   श्रीगंगानगर में पारा 44 डिग्री प्रदेश में सर्वाधिक तापमान श्रीगंगानगर में 44.8 डिग्री दर्ज किया गया.  वहीं, अन्य शहरों में भी अब तापमान धीरे धीरे बढ़ने लगा है.  जयपुर में तापमान में 4 डिग्री से भी ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई.  राजधानी में पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया.