samacharsecretary.com

सीतामढ़ी में दर्दनाक हादसा: आंधी में घर पर गिरा पीपल का पेड़, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत

पटना पूरे बिहार में मौसम का मिजाज बिहारियों को खूब छका रहा है। कई जिलों में भीषण गर्मी का प्रकोप है तो कई जगहों पर आंधी-बारिश ने लोगों को हैरान कर रखा है। सीतामढ़ी जिले में आंधी-बारिश की वजह से बड़ा हादसा भी हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहां तेज आंधी के बाद एक घर पर पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने की वजह से एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत हो गई है। घटना सोमवर की रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहां एक कच्चे मकान पर पीपल का पेड़ गिर पड़ा। अचानक मकान पर पेड़ गिरने की वजह से मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। रात के वक्त घर के अंदर सो रहे लोग मकान के मलबे में दब गए। हालांकि, गांव वालों ने मौके पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और लोगों को मलबे के नीचे से निकालने की कोशिश शुरू की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्थानीय लोगों ने बताया है कि यह पीपल का पेड़ काफी पुराना था। पेड़ की जड़ें कमजोर हो चुकी थीं। अचानक तेज हवा चलने की वजह से पेड़ मकान पर आ गिरा जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। इधर इस घटना की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीपीओ राजीव कुमार भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। मृतकों में सिकंदर सहनी की 28 वर्षीय पत्नी पूजा देवी, 7 साल का उनका बेटा राजकुमार, 5 साल की बेटी शिवानी, 2 साल के बेटे वीरभद्र कुमार और महीने के बेटे लाइगर कुमार शामिल हैं। इस हादसे में वीरभद्र घायल हो गया था जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान वीरभद्र ने दम तोड़ दिया। आंधी से कई जगह गिरे पेड़ जिले में सोमवार को दिनभर भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान रहे। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। हालांकि शाम होते-होते मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ कई इलाकों में बारिश हुई। जिससे लोगों को काफी राहत मिली। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई। बारिश शुरू होने के साथ तापमान में गिरावट आई और वातावरण सुहावना हो गया। दिनभर की गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ और पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। जिससे कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। बाईपास रोड स्थित चक महिला के राजकीय मध्य विद्यालय के समीप एक बड़ा पेड़ बिजली के तार पर गिर पड़ा। घटना के बाद गौशाला और डुमरा की ओर जाने वाले मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क पर पेड़ गिरने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आगे कैसा रहेगा मौसम इधर सीतामढ़ी जिले में मौसम को लेकर विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि अगले कुछ दिनों तक जिले में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है। हालांकि, कहीं-कहीं हल्के बादल छाने की संभावना है। लेकिन इससे तापमान में विशेष कमी आने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। लगातार बनी गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है और हर किसी को अब मानसून की बारिश का इंतजार है।

26/11 के अनसुने नायकों को मुख्यमंत्री साय का सलाम, ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग में हुए शामिल

26/11 के अनसुने नायकों को सलाम : मुख्यमंत्री श्री साय  ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग में हुए शामिल सेवा, साहस और समर्पण की कहानी है ‘भारत भाग्य विधाता’ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान सेवा और साहस का परिचय देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की अनकही कहानी को समर्पित है फिल्म रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के जोरा मॉल में आयोजित ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिजन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रख्यात अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत, फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया सहित फिल्म जगत से जुड़े कलाकार, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य का विषय है कि सुश्री कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्क्रीनिंग प्रदेश में आयोजित हो रही है और इस अवसर पर वे स्वयं यहां पधारी हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में सुश्री कंगना रनौत का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक ऐसी कहानी है, जो उन अनसुने और अनदेखे नायकों को सम्मान देती है, जिनके असाधारण योगदान को अक्सर पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि आज इस स्क्रीनिंग में सुश्री कंगना रनौत और उनकी टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की बहनों की उपस्थिति इस फिल्म की भावना को और अधिक सार्थक बनाती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की माटी के पुत्र हैं। उन्होंने यहां जन्म लिया, यहीं पले-बढ़े और लंबे समय तक मुंबई में रहकर इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित फिल्म की कहानी लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें अनेक लोगों की जान गई। उस कठिन समय में अस्पतालों में कार्यरत महिला नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जान बचाई और घायलों की सेवा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे अनेक योद्धा होते हैं, जिनकी कहानियां समाज के सामने नहीं आ पातीं। सुश्री कंगना रनौत ने स्वयं नर्स की भूमिका निभाकर उन स्वास्थ्यकर्मियों के साहस, सेवा और समर्पण की कहानी देश के सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे लोग होते हैं, जो बड़े कार्य कर जाते हैं, लेकिन उन्हें उचित पहचान नहीं मिल पाती। यह फिल्म ऐसे ही लोगों को समर्पित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भी अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस फिल्म को ‘भारत भाग्य विधाता’ नाम प्रदान किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से सुश्री कंगना रनौत, उनकी पूरी टीम और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मे हैं, यहीं पले-बढ़े हैं और इस प्रदेश के बेटे हैं। उन्होंने आग्रह किया था कि यदि फिल्म की स्क्रीनिंग छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाए तो यह उनके लिए गर्व का विषय होगा। सुश्री रनौत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों के बीच समय निकालकर इस आयोजन में शामिल होकर कलाकारों और पूरी टीम का सम्मान बढ़ाया है तथा सभी का उत्साहवर्धन किया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में आपातकालीन परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले ‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्री जागेश्वर कुमार धीवर, श्री नारायण सिंह नायक, श्रीमती भुनेश्वरी तिवारी, श्रीमती रोहिणी वर्मा, श्रीमती उर्मिला भगत, श्रीमती रोशनी, श्री विजय शंकर कश्यप, श्रीमती मीना सिंह, श्रीमती ममता कपूर, श्रीमती मीना शर्मा, श्रीमती जमुनाबाई, श्रीमती लक्ष्मी मेनन तथा श्रीमती विजया लक्ष्मी पिल्लई शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत से जुड़े कलाकार तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मेयर चुनाव पर सबकी नजरें, मोहाली की कमान किसे मिलेगी? AAP ने नहीं खोले पत्ते

मोहाली नगर निगम मोहाली को मंगलवार को नया मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर मिलने जा रहा है, लेकिन इन तीनों अहम पदों पर आम आदमी पार्टी किसे जिम्मेदारी सौंपेगी, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर बरकरार है। बहुमत होने के बावजूद पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, जिससे आखिरी समय तक सस्पेंस बना हुआ है। पार्टी सूत्रों के अनुसार नामों पर अंतिम मुहर हाईकमान लगाएगा और इसकी घोषणा चयन से ठीक पहले या मौके पर ही किए जाने की संभावना है। नगर निगम आयुक्त संदीप सिंह के अनुसार मंगलवार दोपहर तीन बजे निगम सदन की विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक की शुरुआत नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह से होगी, जिसके बाद मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी। मतदान हाथ खड़े कराकर कराया जाएगा। नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 27 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके अलावा विधायक कुलवंत सिंह को भी सदन में मतदान का अधिकार प्राप्त है। चार निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा भी पार्टी नेताओं द्वारा किया जा रहा है। ऐसे में तीनों पदों पर आप उम्मीदवारों की जीत तय है। दिलचस्प बात यह है कि बहुमत के बावजूद पार्टी नेतृत्व उम्मीदवारों के नामों को लेकर पूरी गोपनीयता बरत रहा है। मेयर पद के लिए इनके नामों की हो रही चर्चा मेयर पद के लिए सबसे चर्चित नाम लगातार तीसरी बार पार्षद बने सरबजीत सिंह समाना का है। विधायक कुलवंत सिंह के पुत्र होने के साथ साथ संगठन और स्थानीय राजनीति में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि पार्टी के भीतर अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन डाॅ. सनी अहलूवालिया, वरिष्ठ पार्षद गुरमीत कौर तथा चौथी बार चुनाव जीतकर आए सुखदेव सिंह पटवारी को भी संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों को लेकर भी कई नाम सामने आ रहे हैं। रमनप्रीत कौर कुंभड़ा, गुरमीत कौर, आरपी शर्मा, हरपाल सिंह चन्ना और गुरमुख सिंह सोहल के नाम राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पार्टी महिला प्रतिनिधित्व, वरिष्ठता और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला ले सकती है। इस बीच करीब 22 पार्षदों के हिमाचल प्रदेश दौरे की चर्चा भी राजनीतिक हलकों में बनी हुई है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से कई पार्षदों के फोन स्विच आफ हैं और वे हिमाचल प्रदेश के किसी रिसार्ट में ठहरे हुए हैं। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनावी व्यस्तता के बाद सभी पार्षद सामूहिक रूप से विश्राम के लिए गए हैं और मंगलवार को सीधे निगम सदन पहुंचकर शपथ ग्रहण व मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। ये नेता मेयर पद के दावेदार…     विधायक के बेटे का नाम आगे: आम आदमी पार्टी में मेयर पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह के बेटे और पार्षद सरबजीत सिंह समाना का नाम सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वह वार्ड-42 से 458 वोटों के अंतर से अपना चुनाव जीते।     दूसरी और चौथी बार के पार्षद रेस में: वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनी अहलूवालिया रेस में हैं। वे पार्टी के उच्च नेताओं के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपना चुनाव वार्ड-6 से 269 वोटों के अंतर से जीता। इसके अलावा पति-पत्नी दोनों दूसरी बार पार्षद बनने वाली गुरमीत कौर भी मेयर की रेस में हैं। वह वार्ड-3 से 182 वोटों के अंतर से जीतकर पार्षद बनी है। चौथे नंबर पर सुखदेव सिंह पटवारी हैं, जो चौथी बार अपना चुनाव जीते हैं। वह वार्ड-34 से पार्षद बने हैं।     मंत्री कर सकते है नाम का ऐलान: पार्टी सूत्रों का कहना है कि महिला प्रतिनिधित्व, वरिष्ठता और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। संभावना है कि पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा मोहाली पहुंचकर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करें।     कांग्रेस ने निपेंद्र सिंह रंगी पर लगाया दांव: दूसरी ओर कांग्रेस ने चुनाव से एक दिन पहले अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी ने निपेंद्र सिंह रंगी को कांग्रेस पार्षद दल का नेता चुना है। वार्ड-18 से 123 वोटों के अंतर से चुनाव जीते हैं। रंगी ने दावा किया कि कांग्रेस के 12 पार्षद एकजुट हैं और पार्टी निगम सदन में मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। बहुमत के बाद भी बनी हुई है उत्सुकता नगर निगम में बहुमत आम आदमी पार्टी के पास है, इसलिए मेयर पद पर उसका कब्जा लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, उम्मीदवार के नाम को लेकर पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। अब सभी की निगाहें आज होने वाली बैठक और अंतिम क्षणों में होने वाले राजनीतिक फैसलों पर टिकी हैं। 29 मई को आए थे नतीजे बता दें कि मोहाली नगर निगम के चुनाव 26 मई को हुए थे, और इसके नतीजे 29 मई 2026 को घोषित किए गए। मोहाली नगर निगम में कुल 50 पार्षद हैं। बहुमत के लिए यहां 26 वोटों की जरूरत होती है। 50 निर्वाचित पार्षद और 1 स्थानीय विधायक का वोट मिलकर सदन में कुल 51 वोट बनते हैं। इस बार आम आदमी पार्टी (AAP) 27 सीटें, कांग्रेस (INC) 12 सीटें, शिरोमणि अकाली दल (SAD) 4 सीटें, भारतीय जनता पार्टी (BJP) 3 सीटें और निर्दलीय 4 सीटें जीते हैं। विधायक AAP का है, जिससे उनकी वोटों की संख्या 28 है। पिछली बार कांग्रेस के मेयर बने, इस बार चुनाव नहीं लड़े इससे पहले वर्ष 2021 के चुनाव के बाद कांग्रेस के अमरजीत सिंह जीती सिद्धू मोहाली के मेयर बने थे। वह पंजाब के पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के भाई हैं। इस बार वह चुनाव नहीं लड़े। हालांकि, अमरजीत सिंह जीती सिद्धू के परिवार से एडवोकेट कंवरबीर सिंह रूबी सिद्धू (बलबीर सिंह सिद्धू के बेटे) कांग्रेस की टिकट पर वार्ड नंबर 10 से चुनाव लड़े थे। वह चुनाव हार गए। अभी तक किसी नाम पर अंतिम निर्णय नहीं आम आदमी पार्टी की … Read more

पारंपरिक कौशल और आधुनिक तकनीक के समन्वय से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: मुख्यमंत्री

वस्त्रोद्योग के लिए नई कौशल विकास व्यवस्था तैयार हो, ग्रामोद्योग और माटीकला क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को मिले नई गति : मुख्यमंत्री पारंपरिक कौशल और आधुनिक तकनीक के समन्वय से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: मुख्यमंत्री उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार होगा कुशल मानव संसाधन, प्रशिक्षण और रोजगार को जोड़ने पर जोर ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश वित्तीय सहायता, कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन और विपणन सुविधाओं को एकीकृत रूप से विकसित किया जाए लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वस्त्र क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप व्यापक कौशल विकास कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में निवेश, उत्पादन और रोजगार की दृष्टि से देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उद्योगों को समय पर प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित न होकर युवाओं को रोजगार और आजीविका से जोड़ना होना चाहिए। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार समर्थ योजना के अंतर्गत अब तक 2.28 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि 1.60 लाख से अधिक प्रशिक्षार्थियों को रोजगार से जोड़ा गया है। महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है और कुल प्रशिक्षार्थियों में उनका हिस्सा 87 प्रतिशत से अधिक है। वहीं उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से भी बड़ी संख्या में युवाओं को वस्त्र क्षेत्र से संबंधित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वस्त्र क्षेत्र में तकनीकी बदलाव अत्यंत तेजी से हो रहे हैं। ऑटोमेशन, आधुनिक मशीनरी तथा टेक्निकल टेक्सटाइल्स जैसे नए क्षेत्रों के विस्तार को देखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समयानुकूल बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक उपयोगी और रोजगारपरक बनाया जाए। बैठक में अधिकारियों ने वस्त्र क्षेत्र के लिए प्रस्तावित कौशल विकास व्यवस्था की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसमें उद्योगों, प्रशिक्षण संस्थानों तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए प्रशिक्षण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही प्रशिक्षण की गुणवत्ता, पारदर्शिता, निगरानी और रोजगार परिणामों को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित व्यवस्थाओं के विकास पर भी चर्चा हुई। माटीकला क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण रोजगार से सीधे जुड़ा हुआ है। मिट्टी से निर्मित उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बड़ी संख्या में कारीगर परिवारों की आजीविका का आधार भी हैं। उन्होंने माटीकला उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने, कारीगरों को आधुनिक डिजाइन, सोलर चाक उपलब्ध कराने, नई तकनीक, बेहतर उपकरण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के अंतर्गत वर्ष 2019-20 से वर्ष 2025-26 तक 1,331 इकाइयों की स्थापना की गई है। इन इकाइयों में 3,302.37 लाख रुपये का पूंजी निवेश हुआ है तथा 557.18 लाख रुपये की मार्जिन मनी सहायता उपलब्ध कराई गई है। माटीकला महोत्सवों, प्रदर्शनियों और मेलों के माध्यम से कारीगरों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्ष 2025-26 में 300 इकाइयों की स्थापना के लक्ष्य के सापेक्ष बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने लंबित ऋण प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण और लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक उद्योगों को केवल संरक्षण की नहीं, बल्कि नवाचार, ब्रांडिंग, डिजिटलीकरण और आधुनिक बाजार से जुड़ाव की आवश्यकता है। माटीकला के उत्पादों को ई-कॉमर्स, डिजाइन विकास और आधुनिक विपणन प्रणालियों से जोड़कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर प्रशिक्षण, बैंकों से समन्वय बनाकर वित्तीय सहायता, तकनीकी उन्नयन, विपणन और रोजगार सृजन की पूरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

परमा एकादशी 2026: 11 जून को रखा जाएगा दुर्लभ व्रत

एक साल में कुल 24 एकादशी आती हैं, यानी हर महीने दो एकादशी होती हैं, यह बात हम सभी जानते हैं. लेकिन, इन सभी एकादशियों में एक ऐसी भी एकादशी होती है, जो हर साल नहीं आती है. यह है परमा एकादशी, जो केवल अधिक मास के दौरान और वह भी लगभग 3 साल में एक बार ही पड़ती है. यही कारण है कि इसे बेहद विशिष्ट और दुर्लभ एकादशी माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, जब अधिकमास लगता है, तभी कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी कहा जाता है. यह बाकी 24 एकादशियों से अलग है क्योंकि इसका आगमन केवल विशेष संयोग में ही होता है. इसलिए इसका महत्व भी कई गुना अधिक माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सभी एकादशियों पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है और पापों से मुक्ति व पुण्य की प्राप्ति की कामना की जाती है. लेकिन परमा एकादशी को परम यानी सर्वोच्च एकादशी कहा गया है, क्योंकि यह मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है. परमा एकादशी की तिथि और समय इस बार परमा एकादशी को लेकर लोगों में तारीख को लेकर थोड़ा भ्रम है, लेकिन स्पष्ट रूप से यह व्रत 11 जून 2026 को रखा जाएगा. एकादशी तिथि इस बार 10 जून की रात 12 बजकर 57 मिनट से शुरू होते ही 11 जून की रात 10 बजकर 36 मिनट पर समाप्त होगी. इसलिए व्रत 11 जून को ही किया जाएगा. विशेष योग इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग बन रहे हैं, जो बेहद शुभ माने जाते हैं. इस दिन किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है, खासकर व्यापार और करियर से जुड़े कामों में. परमा एकादशी का पौराणिक महत्व पुराणों में वर्णन मिलता है कि धन के देवता कुबेर ने भी परमा एकादशी का व्रत किया था, जिसके प्रभाव से उन्हें धनाध्यक्ष का पद प्राप्त हुआ था. वहीं सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र, जिन्होंने अपना राज्य, परिवार और सब कुछ खो दिया था, उन्होंने भी इस व्रत का पालन किया था. इसके प्रभाव से उन्हें अपना खोया हुआ राज्य, परिवार और वैभव पुनः प्राप्त हुआ था. इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि यह एकादशी जीवन में सुख, समृद्धि और पुनःस्थापना का मार्ग खोलने वाली मानी जाती है. अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि परमा एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु का पूजन करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धा से व्रत और पूजा करता है, उसे वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। परमा एकादशी व्रत विधि व्रत से एक दिन पहले (10 जून) रात में भारी भोजन न करें. सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें. घर के मंदिर की सफाई कर दीपक जलाएं. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. पीले पुष्प विष्णु जी को और लाल पुष्प लक्ष्मी जी को अर्पित करें. गंगाजल से स्नान, तिलक और अक्षत अर्पित करें. फल, मिष्ठान और तुलसी दल के साथ भोग लगाएं आरती करें. मंत्र जाप: ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करें. शाम को पुनः पूजा करें, भजन-कीर्तन करें और भगवान से अपनी मनोकामना प्रार्थना करें. व्रत के लाभ परमा एकादशी का व्रत रखने से मानसिक शांति और स्थिरता मिलती है. जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है. धन और समृद्धि के मार्ग खुलते हैं. कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं आध्यात्मिक उन्नति होती है.

सुशासन तिहार 2026: पुवर्ती में घर-घर पहुंचीं सरकारी सेवाएं, ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ

सुशासन तिहार 2026ः  पुवर्ती में घर-घर पहुंचीं सरकारी सेवाएं पूर्व के घोर नक्सल प्रभावित गांव में लगा सुशासन शिविर, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत रायपुर,   सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ और कभी नक्सल प्रभावित रहे ग्राम पुवर्ती में आयोजित सुशासन तिहार 2026 का शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बन गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत प्रशासन गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। मौके पर वितरित किए गए 100 से अधिक प्रमाण पत्र            कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ तत्काल प्रदान किया गया। शिविर के दौरान 100 से अधिक महत्वपूर्ण दस्तावेज वितरित किए गए, जिनमें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, नवीन खाता, बी-1, खसरा, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवाएं भी पहुंचीं गांव तक          शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। समय और धन की बचत से खुश ग्रामीण          वर्षों तक शासकीय दस्तावेजों और सेवाओं के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर लगाने वाले ग्रामीणों को अब गांव में ही सुविधाएं मिलने लगी हैं। इससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा सुशासन तिहार          सुशासन तिहार केवल शासकीय सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इससे ग्रामीणों में अपनत्व और सहभागिता का माहौल बना। शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वास          ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार शासन उनके घर-आंगन तक पहुंचा है। दूरस्थ क्षेत्रों में आयोजित ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत कर रहे हैं तथा समावेशी विकास की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। इस अवसर पर तहसीलदार श्री योपेंद्र पात्रे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

नारनौल में बारिश से राहत, बाकी हरियाणा में जारी रही भीषण लू

हिसार  प्रदेश में सोमवार शाम को अचानक से मौसम में बदलाव हुआ। राजस्थान सीमा के साथ लगते नारनौल में वर्षा हुई। प्रदेश के बाकी सभी जिलों में मौसम साफ होने के साथ ही सोमवार को लू चली। मंगलवार को भी राजस्थान सीमा के साथ लगते 14 जिलों में लू का यलो अलर्ट जारी किया गया है। यह स्थिति आगामी तीन दिनों तक बनी रह सकती है। 11 जून की रात से मौसम में बदलाव हो सकता और तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को भीषण लू चलने के कारण रोहतक सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं रविवार देर शाम को आंधी चली। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सोमवार सुबह से ही प्रदेश में धूप खिलने के कारण लू चल रही थी। शाम को नारनौल में अचानक से मौसम में बदलाव हुआ और हवाओं के साथ वर्षा हुई। इससे वहां पर गर्मी से राहत मिली। वहीं राजस्थान सीमा के साथ लगते बाकी जिलों में लू चलने के कारण गर्मी अधिक रही। इसके चलते रोहतक सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा हिसार का तापमान 43.6 डिग्री तो अंबाला, करनाल और सिरसा का तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है। 11 जून तक भीषण लू चलने के कारण तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। क्यों अचानक बढ़ा तापमान? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल ही में सक्रिय रहा पश्चिमी विक्षोभ अब आगे बढ़ चुका है। मैदानी इलाकों पर बना इसका प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी अब कमजोर पड़ गया है। वहीं, पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा उत्तर की ओर खिसक गई है। इसके चलते निचले स्तर की हवाओं की दिशा बदलकर गर्म पछुआ (पश्चिमी) हो गई है। शुष्क और गर्म हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण करनाल में सोमवार से बुधवार के बीच अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है, जिससे दोपहर के समय लू का प्रकोप रहेगा।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधिकारी मैदान में बढ़ाएं सक्रियता: अरुण साव

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधिकारी फील्ड में दिखाएं ज्यादा सक्रियता : अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों, शहरी व्यवस्थाओं, जल जीवन मिशन और खेल सुविधाओं की समीक्षा की विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने सुकमा जिले में विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुकमा जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में कहा कि प्रभावी कार्यशैली, नई तकनीकों के उपयोग और नियमित फील्ड मॉनिटरिंग से ही जनसमस्याओं का त्वरित समाधान संभव है। उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली संभावित बाधाओं का पूर्व आकलन कर समय रहते उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा में उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने, ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पेयजल योजनाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल स्रोतों के क्लोरीनेशन, पानी टंकियों की साफ-सफाई और नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन-संधारण पर विशेष जोर दिया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा के दौरान साव ने वर्षा ऋतु से पहले नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई पूर्ण करने, पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच तथा स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल संरक्षण और शहरी निकायों में नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने  बैठक में अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय, जवाबदेही और टीम भावना के साथ कार्य करें तथा फील्ड में सक्रिय रहकर विकास कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करें। सुकमा के कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

बंदी सिखों की रिहाई की मांग पर टोल प्लाजा होगा फ्री, 4 जुलाई को ट्रेन रोकने की चेतावनी

लुधियाना अगर आप आज नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। लुधियाना का लाडोवाल टोल प्लाजा आज दो घंटे के लिए टोल-फ्री रहेगा। कौमी इंसाफ मोर्चा ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के तहत 9 जून को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक टोल वसूली बंद रखने का लिया फैसला।  कौमी इंसाफ मोर्चा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से जेलों में बंदी सिखों कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। उनका आरोप है कि कैदियों की रिहाई तो दूर, उन्हें पैरोल तक नहीं दी जा रही। इसी के विरोध में और अपनी आवाज दिल्ली तक पहुंचाने के लिए मोर्चा ने यह कदम उठाने का फैसला किया है। अलर्ट मोड पर प्रशासन, भारी पुलिस बल तैनात दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाले इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह से अलर्ट है। टोल प्लाजा पर किसी भी तरह की अनहोनी से बचने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस की पैनी नजर हर गतिविधि पर रहेगी। आगे का क्या है प्लान? दी गई सख्त चेतावनी कौमी इंसाफ मोर्चा ने साफ कर दिया है कि यह तो सिर्फ एक ट्रेलर है। अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और भयानक रूप ले लेगा। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि 4 जुलाई: पूरे पंजाब में बड़ा 'रेल रोको' आंदोलन किया जाएगा। 15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सीधे पंजाब के राज्यपाल के घर का घेराव किया जाएगा।  

ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत

उद्योग मंत्री ने किया 40 लाख रूपए के सड़क डामरीकरण कार्य का शुभारंभ ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत रायपुर,   प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्रीलखनलाल देवंागन ने आज नगर कोरबा के दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 54 में 40 लाख रूपये की लागत से किये जाने वाले सड़क डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन व शुभारंभ किया। उन्होने कार्य का शुभारंभ करते हुये पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य संपादन करने एवं शीघ्र कार्य को पूरा किये जाने के निर्देश अधिकारियांे को दिये।  नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा लगातार किये जा रहे विकास कार्याे की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 54 में कुमगरी मुख्य चौक से पण्डाल होते हुये प्राथमिक शाला कुमगरी तक 40 लाख रूपये से सड़क डामरीकरण का कार्य किया जाना हैं। आज उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने उक्त महत्वपूर्ण विकास कार्य का भूमिपूजन किया, शिलान्यास पट्टिका का अनावरण व नारियल तोड़कर का कार्य शुभारंभ कराया। इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवंागन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, चन्द्रलोक सिंह, किशन केंवट आदि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।  ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत  उद्योग मंत्री देवांगन ने इस मौके पर अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आशीर्वाद से विगत ढाई वर्ष के दौरान नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रंातर्गत विभिन्न मदों के अंतर्गत लगभग 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें अनेकों कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, अनेक प्रगति पर हैं तथा शेष कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होने जा रहे हैं। उन्होने वार्ड क्र. 54 में विकास कार्याे का उल्लेख करते हुये कहा कि इस वार्ड में 93 लाख रूपये के विकास कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, वहीं साढे़ 03 करोड़ रूपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं।  उद्योग मंत्री देवंागन ने अपने उद्बोधन में कहा कि निगम क्षेत्र में 15 करोड़ रूपये के सड़क डामरीकरण कार्य कराये जाने हैं, जैसे-जैसे डामर की उपलब्धता होती जायेगी, यह कार्य संपादित होंगे। उन्होेने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का तेजी से विकास हो रहा है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य की विभिन्न योजनाओं से प्रदेश व देश के करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होने कहा कि 15 वर्षाे तक डॉ. रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, उन्होने राज्य का ऐतिहासिक विकास किया तथा विकास पुरूष की छबि अर्जित की, अब पुनः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में विकास को तेज गति व सही दिशा दी जा रही है।  उद्योग मंत्री ने जो वायदा किया था, वह पूरा किया  इस अवसर पर वार्ड क्र. 54 के पार्षद मुकुंद सिंह कंवर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान उद्योग मंत्री लाखनलाल देवंागन इस बस्ती में आये हुये थे, यहॉं की सड़क अत्यंत जर्जर थी, उन्होने वायदा किया था कि इस सड़क का डामरीकरण व जीर्णाेद्धार का कार्य किया जायेगा, आज हम सब बस्तीवासियों के लिये अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि देवंागन ने अपना वह वायदा पूरा किया, और आज बस्ती की सड़क का डामरीकरण व जीर्णाेद्धार का कार्य शुरू हो चुका है। उन्होने कहा कि मेरे वार्ड में अन्य वार्डाे की तरह ही व्यापक रूप से विकास कार्य कराये गये हैं, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री लखनलाल देवंागन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत को धन्यवाद देता हूॅं। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान पार्षद नरेन्द्र देवंागन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, चन्द्रलोक सिंह, किशन केंवट, रतन सिंह कंवर, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, मण्डल अध्यक्ष मनोज लहरे, पूर्व मण्डल अध्यक्ष ईश्वर सिंह साहू व नारायण सिंह ठाकुर, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, अनिल यादव, जोन कमिश्नर लीलाधर पटेल, यशवंत जोगी, रितेश सिंह, चंदन दास, अजय कुर्रे, कृष्णा यादव, प्रकाश यादव, अभय कुर्रे, गणेश दास, अजय भट्ट, भागवत प्रसाद, रामप्रसाद केंवट, सरवन यादव, दुर्गा महंत, विक्की तिवारी, विक्रांत कुर्रे, सरस्वती केंवट, नगीना महंत, प्रीति पटेल, दुलारी श्रीवास, बहारन सिंह, बोधन दास, मीना आदित्य, आदि साथ अन्य लोग उपस्थित थे।