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एक मंच पर साथ, मैदान में आमने-सामने! कांग्रेस और ममता के रिश्तों पर उठे सवाल

 नई दिल्ली INDIA ब्लॉक की बैठक से एक तस्वीर आई है, जिसमें ममता बनर्जी और सोनिया गांधी गले मिल रही हैं. ममता बनर्जी का चेहरा सामने होने के कारण भाव का पता चल रहा है, लेकिन सोनिया गांधी के मन में क्या चल रहा है, कैमरे के सामने नहीं होने के कारण नहीं मालूम।  मीटिंग में ममता बनर्जी को सोनिया गांधी की ठीक बगल में सीट दी गई थी. सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठी हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे के पास राहुल गांधी और अखिलेश यादव को सीट मिली थी. ममता बनर्जी के लिए मुस्कुराने का मौका सिर्फ उस हाल के अंदर था, जहां मीटिंग हो रही थी. बाहर तो जैसे बर्बादी की सुनामी आई हुई थी. पश्चिम बंगाल में राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे के बीच दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के सांसद बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव से मिलने पहुंचे थे – और गौर करने वाली बात यह थी कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे।  ममता बनर्जी के चेहरे पर थोड़े सुकून के जो भाव थे, उसकी वजह कांग्रेस से मिल रहा सपोर्ट समझा जा सकता है. मुश्किल यह है कि ममता बनर्जी को कांग्रेस से सपोर्ट सिर्फ दिल्ली में ही मिल रहा है, पश्चिम बंगाल में नहीं. ऐसा क्यों? दिल्ली में दोस्ती, कोलकाता में दुश्मनी 2024 के आम चुनाव से पहले राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर निकले थे. पश्चिम बंगाल में राहुल गांधी के दाखिल होने से ठीक पहले ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के अकेले दम पर लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी. मतलब, कांग्रेस के साथ कोई चुनावी गठबंधन नहीं. लेकिन, इंडिया ब्लॉक छोड़ने जैसी कोई बात नहीं कही गई थी. नीतीश कुमार की तरह. तब राहुल गांधी के बिहार पहुंचने से पहले नीतीश कुमार महागठबंधन छोड़कर एनडीए में शामिल हो गए थे. चुनावों के दौरान ममता बनर्जी का व्यवहार भी नीतीश कुमार जैसा ही था. ममता बनर्जी का स्टैंड अघोषित था।  ममता बनर्जी ने अपने जानी सियासी दुश्मन कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ गुजरात से लाकर पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान को मैदान में उतार दिया. अधीर रंजन चौधरी चुनाव हार गए, और कांग्रेस ने एक सीट गंवा दी. कांग्रेस ने बंगाल में एक सीट भले खो दी, लेकिन बाकी राज्यों में 2014 और 2019 के मुकाबले बेहतरीन प्रदर्शन किया. हां, अधीर रंजन चौधरी चुनाव जीत गए होते तो कांग्रेस का शतक पूरा हो गया होता. चुनावी गठबंधन की उम्मीद न होने के बावजूद कांग्रेस नेता ममता बनर्जी के मामले में हमलावर होने से परहेज करते देखे गए. ममता बनर्जी के व्यवहार में तो कोई तब्दीली नहीं आई, लेकिन राहुल गांधी को पूरा संयम बरतते देखा गया।  तृणमूल कांग्रेस ने भी 2019 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करते हुए बीजेपी को पांच साल बाद कम ही सीटों पर समेट दिया. कांग्रेस की हार के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हुए कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता भी बन गए. लेकिन, स्पीकर के चुनाव में कांग्रेस के विपक्ष की तरफ से अपना उम्मीदवार उतार देने पर ममता बनर्जी खफा हो गई।  तब ममता बनर्जी की नाराजगी दूर करने के लिए राहुल गांधी ने खुद फोन किया, और फिर वो मान भी गईं. बाद के दिनों में ममता बनर्जी अपनी जरूरत के हिसाब से इंडिया ब्लॉक से कभी बाहर तो कभी भीतर होने का एहसास दिलाती रहीं. और, पश्चिम बंगाल चुनाव आते आते कांग्रेस के लिए नो-एंट्री की फिर से घोषणा कर दी. लेकिन, उस स्थिति में भी ममता बनर्जी चाहती थीं कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की पहल करे. हां, महिला आरक्षण संशोधन और परिसीमन बिल के खिलाफ ममता बनर्जी कांग्रेस के साथ डटकर खड़ी रहीं, और बीजेपी की केंद्र सरकार का बिल गिर गया।  ममता बनर्जी को भी अब ये तो समझ में आ गया है कि फिलहाल कांग्रेस के साथ मिलकर चलने में ही भलाई है, वरना पश्चिम बंगाल में तो जो हो रहा है, देश देख ही रहा है. कांग्रेस के साथ जो होना था, वह तो 2014 में ही हो गया था. जो कुछ बचा था, वह 2019 में हो गया. राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हार गए. अगर वायनाड से चुनाव नहीं लड़े होते तो लोकसभा से दूर ही रहना पड़ा होता. कुछ दिनों के लिए तो संसद की सदस्यता भी गंवानी पड़ी थी।  दिल्ली में तो नहीं, लेकिन पश्चिम बंगाल चुनाव कैंपेन के दौरान राहुल गांधी ने कुछ दिन के लिए अपनी सदस्यता चले जाने के साथ साथ अपने खिलाफ चल रहे मुकदमों का जोर देकर जिक्र किया, और पूछा – क्या ममता बनर्जी के साथ ये सब होता है? इंडिया ब्लॉक की मीटिंग से पहले दिल्ली पहुंचते ही ममता बनर्जी ने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की. ममता बनर्जी हमेशा ही अरविंद केजरीवाल को विपक्षी खेमे में साथ रखने की पक्षधर रही हैं. विपक्ष की बैठकों में भी ममता बनर्जी को अरविंद केजरीवाल की पैरवी करते देखा गया है. लेकिन, राहुल गांधी का व्यवहार ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल से एक जैसा ही देखने को मिला है. 2025 का दिल्ली विधानसभा चुनाव और हालिया पश्चिम बंगाल चुनाव मिसाल हैं – राहुल गांधी ममता बनर्जी के खिलाफ उन्हीं मुद्दों के साथ हमलावर दिखे, जिन मुद्दों के साथ दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ थे।  बंगाल में कांग्रेस बनाम तृणमूल कांग्रेस जैसे दिल्ली चुनाव में राहुल गांधी ने अरविंद केजरीवाल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों और शीशमहल के बहाने हमला बोला था, पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी ही उनके निशाने पर देखी गईं. पश्चिम बंगाल में राहुल गांधी ने ममता बनर्जी पर भ्रष्टाचार और बीजेपी की मददगार होने का भी इल्जाम लगाया था।  2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तो राहुल गांधी ने अधीर रंजन चौधरी को भेजा ही खास मकसद से था. तब अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में कांग्रेस और विपक्ष के नेता हुआ करते थे. लेकिन, चुनाव से पहले उनको पश्चिम बंगाल कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था. और, इस बार के चुनाव में भी बंगाल यूनिट को खुली छूट दी गई थी. अधीर रंजन को तो पश्चिम बंगाल अध्यक्ष पद से पहले ही हटा दिया … Read more

24×7 हेल्पलाइन और परामर्श व्यवस्था से लोगों को मिल रही मदद

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मद्यनिषेध विभाग के जरिए नशा मुक्त भारत अभियान को नई गति मिली है। योगी सरकार नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने और युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरण अभियान चला रही है। इसके तहत जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ हेल्पलाइन, परामर्श और पुनर्वास सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान संचालित किया जा रहा है। स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया जा रहा है। कई स्थानों पर लोगों को नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई जा रही है। 37 हजार से अधिक लोगों तक पहुंचाई गई सहायता  केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्त भारत अभियान के तहत योगी सरकार लगातार प्रयासरत है। 24×7 हेल्पलाइन नंबर 14416 और अन्य परामर्श सेवाओं के माध्यम से नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों और उनके परिवारों को मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, हेल्पलाइन और परामर्श व्यवस्था के जरिए प्रदेश में अब तक 37 हजार से अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा चुकी है। इससे जरूरतमंद लोगों को समय पर मार्गदर्शन और विशेषज्ञों की सलाह मिल रही है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025- 26 में 4 लाख से अधिक मोबाइल नंबरों पर एसएमएस तथा आकाशवाणी के एफएम रेनबो चैनल पर 232 स्पॉट्स प्रसारित किए गए हैं। सीएम योगी के निर्देश पर कराया गया वीडियो वैन का संचालन यूपी में वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सोनभद्र और प्रयागराज के माघ मेला-2026 में वीडियो वैन का संचालन, 829 सांस्कृतिक कार्यक्रम, 1800 वालपेंटिंग, 1767 गोष्ठियां और नशा छोड़ने/ उपचार के लिए 3026 प्रेरित किया है चूंकि नशे के खिलाफ जनभागीदारी आवश्यक है इसलिए राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नशा छोड़वाना नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देकर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।  नशामुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रयास  उत्तर प्रदेश में नशामुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योगी सरकार की मंशा के अनुरूप नशा मुक्ति केंद्रों और पुनर्वास सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं, ताकि नशे की लत से बाहर आए लोग सम्मानपूर्वक समाज में पुनः स्थापित हो सकें। इन केंद्रों में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मदद से मरीजों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।     आर.एल. राजवंशी, राज्य मद्यनिषेध अधिकारी

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और JDA में बदलाव, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

जयपुर राजस्थान सरकार ने प्रदेश के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है.  पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी की गई तबादला सूची में 141 उप पुलिस अधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है.  लंबे इंतजार के बाद प्रदेश में यह तबादला सूची जारी की गई है.  प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था स्थापित करने के लिए अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिली है. यह तबादला सूची अतिरिक्त महानिदेश पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ ने जारी की है. इस सूची में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में भी कई अहम बदलाव किये गये है. रमेश कुमार पारीक, ओम प्रकाश मीणा और सुरेश कुमार स्वामी को JDA में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है. राजधानी में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) भी लगाए गए हैं.   और किन अधिकारियों का हुआ तबादला? इसके अलावा हरजी लाल यादव को सहायक पुलिस आयुक्त बस्सी, हेमेन्द्र शर्मा को ACP मानसरोवर, सत्येन्द्र सिंह नेगी को ACP सोडाला और शिवकुमार भारद्वाज को ACP झोटवाड़ा की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके साथ ही राम सिंह को ACP मेट्रो, जयपुर का कार्यभार दिया गया है. बांदीकुई में DSP रोहिताश देवन्दा के स्थान पर लक्ष्मीकांत शर्मा को नियुक्त किया गया है. लक्ष्मी सुथार को ACP (आदर्श नगर) से सीओ कोटपूतली बहरोड की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस तबादला सूची में लंबे समय से एक ही जगह जमे हुए अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इस सूची में शामिल अधिकारियों को जल्द ही अपने नए स्थान पर ज्वाइन करने के आदेश दिए गए हैं. इसी संबंध में लिविंग और ज्वाइनिंग संबंधी कागजी कार्रवाई शुरू की गई है. पुलिस विभाग में हुए इस व्यापक फेरबदल का उद्देश्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना है. मुबारिक खान को पत्रकारिता में करीब 8 सालों का अनुभव है. उन्होंने राजस्थान की राजनीतिक खबरों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट, एजुकेशन और मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी ख़बरों की रिपोर्टिंग की है. 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में राजस्थान की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग की. आनंदपाल एनकाउंटर और लॉरेंस बिश्नोई गैंग की मैडम माया पर स्टोरी ने खूब सुर्खियां बटोरी. मुबारिक खान ने राजस्थान यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद बीजेएमसी में डिप्लोमा प्राप्त किया.

राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों और परिवहन मंत्री ने की समीक्षा

रायपुर छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए तकनीक आधारित निगरानी, बेहतर चालक प्रशिक्षण, वाहनों की वैज्ञानिक फिटनेस जांच और यातायात नियमों के प्रभावी पालन पर सरकार ने विशेष जोर दिया है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा तथा परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विधायक  अनुज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।           बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक वाहन फिटनेस केंद्रों, ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, एएनपीआर कैमरों और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम का विस्तार किया जा रहा है। जनवरी से मई 2026 तक 31 हजार 604 वाहनों की फिटनेस जांच की गई, जबकि 61 हजार से अधिक चालान तकनीकी निगरानी तंत्र के माध्यम से जारी किए गए।          उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जवाबदेही है। दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़क इंजीनियरिंग, प्रभावी प्रवर्तन और जन-जागरूकता के समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने तथा जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।         उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से यातायात नियमों के पालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही युवाओं और विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।          परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए तकनीक, प्रशिक्षण, जन-जागरूकता और प्रभावी प्रवर्तन व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने तथा सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी का अभियान बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।          बैठक में जानकारी दी गई कि रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ सहित विभिन्न जिलों में संचालित आधुनिक फिटनेस केंद्रों में जनवरी से मई 2026 के दौरान 31 हजार 604 वाहनों की फिटनेस जांच की गई है।            सुरक्षित और कुशल ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए कई जिलों में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक संचालित किए जा रहे हैं, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में आठ नए जिलों में इनके निर्माण की प्रक्रिया जारी है। बिलासपुर और जगदलपुर में क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र तथा 14 जिलों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।         प्र. देश में यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए 174 एएनपीआर कैमरे और सात लिडार आधारित स्पीड कैमरे स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से जनवरी से मई 2026 तक 61 हजार से अधिक चालान जारी किए गए। वहीं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक 2 लाख 68 हजार 316 वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जा चुके हैं।         नवा रायपुर स्थित आईडीटीआर में वाहन चालकों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2025 में 15 हजार 779 तथा वर्ष 2026 में अप्रैल तक 4 हजार 64 वाहन चालकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर जनवरी से अप्रैल 2026 तक 2.86 लाख वाहनों से 62.21 करोड़ रुपये का शमन शुल्क वसूला गया है। गंभीर उल्लंघनों के मामलों में वर्ष 2025-26 के दौरान 7 हजार 434 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किए गए हैं।

इन महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मिलेगा पक्का मकान

लखनऊ योगी सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी सशक्तीकरण को लेकर लगातार नए कदम उठा रही है। इसी क्रम में योगी सरकार ने तीन तलाक तथा एसिड अटैक जैसी गंभीर सामाजिक त्रासदियों से प्रभावित महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योगी सरकार इन पीड़ित महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से लाभान्वित करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही निराश्रित महिलाओं को भी इन सभी योजनाओं का लाभ देने की तैयारी शुरू कर दी गयी है। कई विभागों से समन्वय स्थापित कर एकत्रित किया जा रहा डाटा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला कल्याण विभाग ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही महिला कल्याण विभाग तीन तलाक एवं एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं के साथ निराश्रित महिलाओं का विस्तृत डाटा एकत्रित किया जा रहा है, ताकि पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जा सके। शासन स्तर पर इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और शासनादेश (जीओ) तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है। महिला कल्याण विभाग द्वारा पीड़ित महिलाओं का सत्यापित विवरण एकत्रित किया जा रहा है। इसके आधार पर लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा। योगी सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी पात्र महिला को केवल जानकारी के अभाव या प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण सरकारी योजनाओं से वंचित न रहना पड़े। इसके लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को दिए थे निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये थे कि जिन महिलाओं को तीन तलाक या एसिड अटैक जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है और जिनके पास स्थायी आवास नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही इन महिलाओं और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का भी लाभ दिया जाए। मालमू हो कि एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक इलाज, सर्जरी और पुनर्वास की आवश्यकता होती है। वहीं, तीन तलाक से प्रभावित कई महिलाएं आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करती हैं। ऐसे में आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों उपलब्ध कराकर योगी सरकार उनके जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

डीजीपी कैलाश मकवाणा के मुख्य आतिथ्य में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर में 78वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र का दीक्षांत समारोह सम्पन्न

भोपाल देशभक्ति, अनुशासन और जनसेवा के मूल्यों से ओतप्रोत 78वें नव आरक्षकों ने मंगलवार को पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में कठिन प्रशिक्षण के उपरांत भव्य दीक्षांत परेड के माध्यम से अपनी दक्षता, अनुशासन और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश पुलिस के महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने बतौर मुख्य अतिथि परेड की सलामी ली तथा खुली जिप्सी में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया। लगभग एक वर्ष के कठिन, अनुशासित एवं बहुआयामी प्रशिक्षण के उपरांत 983 नव आरक्षक विधिवत रूप से मध्यप्रदेश पुलिस की मुख्यधारा में शामिल हुए, जिनमें 787 महिला एवं 196 पुरुष नव आरक्षक सम्मिलित हैं। दीक्षांत समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण)  रवि कुमार गुप्ता, पुलिस आयुक्त इंदौर  संतोष कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक इंदौर ग्रामीण जोन  अनुराग, पुलिस महानिरीक्षक विसबल इंदौर  चंद्रशेखर सोलंकी, पुलिस महानिरीक्षक आरएपीटीसी इंदौर  धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, उप पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) पुलिस मुख्यालय  मनीष कुमार अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक इंदौर ग्रामीण  राजेन्द्र कुमार वर्मा, सेनानी प्रथम वाहिनी  अभिषेक आनंद, सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  अनिल कुमार,  दिनेश चंद्र सागर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षुओं के अभिभावक एवं पुलिस परिवारजन उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि आज का दिन सभी नव आरक्षकों के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण, गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने परेड के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि यह दीक्षांत परेड प्रदेश के प्रशिक्षण संस्थानों में आयोजित होने वाले सबसे बड़े एवं प्रभावशाली पासिंग आउट समारोहों में से एक है। उन्होंने प्रशिक्षण संस्थान की उपलब्धियों, उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था तथा देश के सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल होने पर संस्थान के अधिकारियों एवं प्रशिक्षण स्टाफ को बधाई दी। डीजीपी  मकवाणा ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी शक्ति उसके हथियार, अधिकार अथवा कानून नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है। जब कोई पीड़ित व्यक्ति पुलिस के पास आता है तो वह केवल कानूनी सहायता नहीं, बल्कि विश्वास, संवेदनशीलता और न्याय की अपेक्षा लेकर आता है। यह विश्वास किसी नियम पुस्तिका से नहीं मिलता, बल्कि पुलिसकर्मी के व्यवहार, कार्यशैली और मानवीय दृष्टिकोण से अर्जित होता है। उन्होंने कहा कि आज अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आधुनिक अपराधी डिजिटल माध्यमों, मोबाइल, लैपटॉप, सोशल मीडिया और तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डाटा एनालिटिक्स, डिजिटल फॉरेंसिक एवं स्मार्ट पुलिसिंग के इस युग में पुलिसकर्मी को केवल शारीरिक रूप से सक्षम होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी रूप से दक्ष, मानसिक रूप से संतुलित, निर्णयक्षम और नैतिक रूप से दृढ़ होना भी आवश्यक है। प्रशिक्षण भले ही आज पूर्ण हो रहा हो, लेकिन सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। उन्होंने नव आरक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्दी शक्ति का नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व का प्रतीक है। वर्दी अधिकार अवश्य देती है, लेकिन उससे कहीं अधिक जिम्मेदारी भी देती है। समाज पुलिसकर्मी को उसकी वर्दी से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और चरित्र से पहचानता है। वर्दी की वास्तविक प्रतिष्ठा उसके अधिकार में नहीं, बल्कि उसे पहनने वाले व्यक्ति के आचरण और संवेदनशीलता में निहित होती है। डीजीपी  मकवाणा ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस का लक्ष्य केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक आधारित, जनसहभागी, पारदर्शी, जवाबदेह और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार पुलिस व्यवस्था का निर्माण करना है। हमारा उद्देश्य मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सबसे आधुनिक, संवेदनशील और विश्वसनीय पुलिस संस्थाओं में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलवाद जैसी गंभीर आंतरिक सुरक्षा चुनौती को समाप्त कर मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। इसके लिए उन्होंने प्रदेश पुलिस एवं सभी सुरक्षा बलों को बधाई दी। डीजीपी ने साइबर अपराध और नशे को समाज एवं युवा पीढ़ी के सामने उभरती दो सबसे बड़ी चुनौतियां बताते हुए कहा कि ये ऐसे शत्रु हैं जो दिखाई कम देते हैं लेकिन समाज को भीतर से खोखला कर सकते हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में चलाए गए ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का व्यापक आंदोलन था। उन्होंने नव आरक्षकों से इस अभियान को आगे बढ़ाने और समाज को सुरक्षित एवं नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने आगामी सिंहस्थ-2028 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विश्व के सबसे बड़े मानव समागमों में से एक है। सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और तकनीकी समन्वय में पुलिस की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज प्रशिक्षण पूर्ण कर रहे अनेक नव आरक्षक उस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।  मकवाणा ने कहा कि ईमानदारी, संवेदनशीलता, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति एवं उत्कृष्ट चरित्र ही एक सफल पुलिसकर्मी की पहचान है। उन्होंने सभी नव आरक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान ली गई शपथ को जीवनभर स्मरण रखने और मध्यप्रदेश पुलिस के मूल मंत्र ‘देशभक्ति-जनसेवा’ को अपने आचरण से चरितार्थ करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं के अभिभावकों को विशेष बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपने परिवार के सदस्य को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के लिए तैयार किया है। उनके संस्कार, त्याग और विश्वास का ही परिणाम है कि आज उनके बेटे-बेटियां इस गौरवपूर्ण अवसर का हिस्सा बने हैं। उत्कृष्ट प्रशिक्षण और नवाचारों का राष्ट्रीय स्तर पर गौरव पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर मती वाहनी सिंह ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर देश के प्रतिष्ठित आरक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। बीपीआरएंडडी, नई दिल्ली द्वारा इसे दो बार देश के सर्वश्रेष्ठ आरक्षक प्रशिक्षण संस्थान के रूप में सम्मानित किया जा चुका है। संस्थान में अब तक 77 बुनियादी प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से 27 हजार से अधिक आरक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर पुलिस सेवा में योगदान दे चुके हैं। आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, साइबर जागरूकता, हार्टफुलनेस, वात्सल्य छात्रावास, किलकारी झूलाघर, पर्यावरण संरक्षण एवं अन्य नवाचारों के माध्यम से संस्थान पुलिस प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई मिसाल स्थापित कर रहा है। सांस्कृतिक संध्या में झलकी भारतीय संस्कृति, प्रतिभा और रचनात्मकता दीक्षांत समारोह के पूर्व 08 जून को पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में 78वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन किया गया। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के मुख्य आतिथ्य एवं विशेष पुलिस … Read more

कॉलोनियों से जुड़ी समस्याओं, नागरिक सुविधाओं एवं आवासीय परियोजनाओं के मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओपी चौधरी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न आवासीय कॉलोनियों एवं हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में रायपुर क्षेत्र की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा अपनी-अपनी कॉलोनियों से संबंधित समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों से मंत्री के समक्ष अवगत कराया। मंत्री  ओपी चौधरी ने सभी प्रतिनिधियों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण कर व्यवहारिक एवं विधिसम्मत समाधान की दिशा में कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर शहरी अधोसंरचना, पारदर्शी प्रशासन एवं नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए शासन प्रतिबद्ध है तथा आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों की समस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री  चौधरी ने आवास विभाग, नगरीय निकायों, रेरा, बिल्डर संगठनों तथा रहवासी कल्याण संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित समय-समय  पर स्टेकहोल्डर मीटिंग आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न पक्षों के बीच सतत संवाद स्थापित हो तथा समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं, अधोसंरचना विकास, सड़क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री  चौधरी ने कहा कि शासन और नागरिकों के बीच निरंतर संवाद से समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है तथा जनसहभागिता से शहरी विकास को नई गति मिलेगी। बैठक के दौरान आवासीय समितियों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक को एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि संभवतः छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार आवास एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा आवासीय सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का प्रत्यक्ष संवाद आयोजित किया गया है। उन्होंने इसे राज्य ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक अनुकरणीय पहल बताया। बैठक में प्रतिनिधियों ने रियल एस्टेट परियोजनाओं, नागरिक सुविधाओं, रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित परियोजनाओं के हस्तांतरण तथा संस्थागत सुधारों से जुड़े विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। साथ ही आवासीय समितियों को सशक्त बनाने, "आवास मितान" डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने, सलाहकार समिति गठित करने तथा बड़े आवासीय परिसरों में मतदान सुविधाओं के विस्तार जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक में नगर तथा ग्राम निवेश आयुक्त  अवनीश शरण सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही पार्थिव पैसिफिक, कुबेर सोसायटी, सिटी ऑफ ड्रीम्स, आनंदम वर्ल्ड सिटी, पाम बेलाजियो, साई वाटिका, अविनाश सनसिटी, मारुति लाइफस्टाइल, अविनाश सिग्नेचर होम्स, रालास एन्क्लेव, क्रेस्ट ग्रीन्स, सिंगापुर सिटी, सैफायर ग्रीन्स, लास विस्टास, जैनम हाइट्स, पार्थिवी प्रोविंस, बरसाना एन्क्लेव, गैलेक्सी आईलैंड, सृष्टि पैलाजो एवं क्रॉसविंड्स सहित विभिन्न आवासीय परियोजनाओं के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

बोकारो में नई व्यवस्था लागू, कस्टमर आईडी से आसान होगा पार्सल ट्रैकिंग और बुकिंग

 बोकारो  डाक विभाग ने पार्सल बुकिंग की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कस्टमर आईडी जारी करने का निर्णय लिया है। यह कदम ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करने और पार्सल बुकिंग के अनुभव को सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। कस्टमर आईडी के माध्यम से ग्राहक अपनी पार्सल बुकिंग की स्थिति को आसानी से ट्रैक कर सकेंगे। इसके अलावा, यह आईडी ग्राहकों को विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाने में भी मदद करेगी। डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी पार्सल सेवाओं का उपयोग कर सकें। इस नई प्रणाली के तहत, ग्राहक को अपनी पहचान के लिए एक विशेष आईडी प्रदान की जाएगी, जिसे वे अपनी पार्सल बुकिंग के समय उपयोग कर सकेंगे। यह आईडी न केवल बुकिंग प्रक्रिया को तेज करेगी, बल्कि ग्राहकों को अपनी पार्सल की स्थिति की जानकारी भी समय पर उपलब्ध कराएगी। डाक विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कस्टमर आईडी सभी ग्राहकों के लिए अनिवार्य होगी, और इसे प्राप्त करने के लिए ग्राहकों को अपने व्यक्तिगत विवरण प्रदान करने होंगे। विभाग का मानना है कि इस पहल से पार्सल बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों का विश्वास भी मजबूत होगा। इस नई प्रणाली का कार्यान्वयन जल्द ही शुरू किया जाएगा, जिससे ग्राहकों को बेहतर और सुविधाजनक सेवा मिल सकेगी। डाक विभाग ने सभी ग्राहकों से अपील की है कि वे इस नई सुविधा का लाभ उठाएं और अपनी पार्सल बुकिंग को और अधिक सरल बनाएं।

रियल-टाइम ग्रिड प्रबंधन से बढ़ेगी उत्पादन दक्षता

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने विद्युत उत्पादन क्षेत्र में तकनीकी आधुनिकीकरण और ग्रिड प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी की  सिंगाजी ताप विद्युत गृह, दोंगलिया के सभी विद्युत उत्पादन इकाइयों में केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग के नवीनतम निर्देशों के अनुरूप उन्नत Deviation Settlement Mechanism (DSM) System को सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया गया है। यह प्रणाली विद्युत गृह को वास्तविक समय में ग्रिड की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सटीक, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से संचालन करने में सक्षम बनाएगी। इसके साथ ही पॉवर जनरेटिंग कंपनी राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने, निर्धारित विद्युत उत्पादन के अनुपालन और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा चुकी है। इस उपलब्धि पर मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि, “डीएसएम विद्युत उत्पादन कंपनियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रणाली है। सटीक पूर्वानुमान, स्मार्ट जनरेशन प्रबंधन तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग में इसकी भूमिका निर्णायक है। इस उन्नत का सफल क्रियान्वयन न केवल ग्रिड संतुलन को और मजबूत करेगा, बल्कि कंपनी को आधुनिक, दक्ष एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्युत उत्पादन प्रणाली विकसित करने में भी यहां भूमिका निभाएंगी।” क्या होता है DSM सिस्टम विद्युत उत्पादन क्षेत्र में केवल बिजली उत्पादन ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ग्रिड के साथ उसका संतुलित समन्वय भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से केन्द्रीय नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2024 में Deviation Settlement Mechanism (DSM) Regulations लागू किए गए हैं। DSM एक ऐसी नियामकीय व्यवस्था है, जिसके माध्यम से निर्धारित (Scheduled) एवं वास्तविक (Actual) विद्युत उत्पादन अथवा उपभोग के बीच होने वाले अंतर की निगरानी और प्रबंधन किया जाता है। इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रिड अनुशासन को सुदृढ़ करना तथा विद्युत प्रणाली को सुरक्षित, स्थिर और विश्वसनीय बनाए रखना है। डीएसएम प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह उत्पादन इकाइयों को निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप संचालन के लिए सक्षम बनाती है। इससे ग्रिड स्थिरता में सुधार, परिचालन दक्षता में वृद्धि, डीएसएम शुल्कों में कमी तथा नियामकीय अनुपालन को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। वर्तमान समय में जब नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और ग्रिड संचालन अधिक जटिल होता जा रहा है, ऐसे में उन्नत डीएसएम प्रणाली आधुनिक विद्युत गृहों के लिए एक अनिवार्य तकनीकी उपकरण के रूप में उभर रही है।  सिंगाजी ताप विद्युत गृह में स्थापित उन्नत डीएसएम सिस्टम के माध्यम से अब ग्रिड फ्रीक्वेंसी, घोषित क्षमता (Declared Capacity), शेड्यूल्ड जनरेशन (Scheduled Generation) तथा वास्तविक विद्युत उत्पादन की लाइव मॉनिटरिंग एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। नियंत्रण कक्ष में स्थापित बड़ी डिस्प्ले स्क्रीन पर उपलब्ध यह जानकारी संचालन अभियंताओं को त्वरित निर्णय लेने, उत्पादन को ग्रिड की आवश्यकताओं के अनुरूप समायोजित करने तथा संभावित विचलनों को न्यूनतम रखने में बेहद मददगार साबित होगी।  

धनबाद होमगार्ड भर्ती का इंतजार खत्म! जिला प्रशासन ने जारी किया रिजल्ट, यहां देखें नाम

धनबाद. झारखंड गृह रक्षा वाहिनी, धनबाद के तत्वावधान में संचालित गृह रक्षकों की नव-नामांकन प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कर लिया गया है। इसकी मेधा सूची जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर मंगलवार को जारी कर दिया गया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत धनबाद जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के योग्य महिला व पुरुष अभ्यर्थियों के चयन की औपबंधिक मेधा सूची को सार्वजनिक कर दिया गया है। सुरक्षा और निष्पक्षता के पुख्ता इंतजाम इस बार की संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया तकनीकी सुगमता और कड़े प्रशासनिक नियंत्रण के कारण विशेष चर्चा में रही है। आयोजित शारीरिक जांच परीक्षा तथा हिन्दी लेखन क्षमता परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और निष्पक्षता के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए गए थे कि संपूर्ण बहाली के दौरान कदाचार या किसी भी प्रकार की अनियमितता की एक भी घटना सामने नहीं आई। यह पारदर्शी चयन प्रणाली का एक नया कीर्तिमान है। कनीकी दक्षता जांच परीक्षा का आयोजन  शारीरिक एवं लिखित परीक्षा में सफल तकनीकी रूप से दक्ष अभ्यर्थियों की जांच हेतु विषय विशेषज्ञों के विशेष दल द्वारा 'तकनीकी दक्षता जाँच परीक्षा' का आयोजन किया गया था। पूर्व में प्रकाशित सूची की गहन समीक्षा एवं संशोधन करते हुए, सभी अनिवार्य योग्यताओं व अर्हताओं को पूर्ण करने वाले ग्रामीण (प्रखण्डवार) एवं शहरी (तकनीकी/गैर तकनीकी) अभ्यर्थियों की अंतिम संशोधित औपबंधिक मेधा सूची पारदर्शी तरीके से पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है। उपायुक्त आदित्य रंजन ने इस सफल, त्वरित और स्वच्छ बहाली प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों, पुलिस बल और शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। इन कारणों से रद होगी उम्मीदवारी यह पूर्णतः एक औपबंधिक चयन सूची है। यदि किसी भी स्तर पर चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में कोई त्रुटि पाई जाती है, अथवा चरित्र सत्यापन एवं चिकित्सीय जाँच में अभ्यर्थी अयोग्य पाए जाते हैं, तो संबंधित अभ्यर्थी की उम्मीदवारी किसी भी स्तर पर तत्काल प्रभाव से रद कर दी जाएगी। इस लिंक पर मिलेगी मेधा सूची: आधिकारिक वेबसाइट www.dhanbad.nic.in पर https://cdn.s3waas.gov.in/s337f0e884fbad9667e38940169d0a3c95/uploads/17809410199791.pdf