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बस्तर दौरे पर एक्शन मोड में अरुण साव, निर्माण कार्यों का लगातार कर रहे निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बस्तर में निर्माण कार्यों का निरीक्षण जारी  मिशन अमृत के तहत निर्माणाधीन इंटेक-वेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लिया जायजा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का काम भी देखा  रायपुर.  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के चौथे दिन आज सुकमा में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के तहत शबरी नदी पर निर्माणाधीन इंटेक-वेल के कार्यों को भी देखा। उन्होंने पानी टंकी और पाइपलाइन विस्तार के कार्यों को भी तेजी से पूर्ण करते हुए जनवरी-2027 से मिशन अमृत की इस योजना से सुकमा में जल की आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए। केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 के तहत नगर पालिका द्वारा 86 करोड़ की लागत से सुकमा शहर की पेयजल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसका 54 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सुकमा की आगामी 25 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका निर्माण किया जा रहा है। निर्माण और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करना है। काम में तेजी बरकरार रखते हुए नियत समय में इसे पूर्ण करना है।  उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा सुकमा के कुम्हाररास में 11 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से दिसम्बर तक इसे पूर्ण करने को कहा। करीब 10 एकड़ में बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक, इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, प्रशासनिक भवन, बॉक्स-क्रिकेट, स्वीमिंग-पूल जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके निर्माण से सुकमा की खेल प्रतिभाओं को अपने कौशल को निखारने एक सर्वसुविधायुक्त अधोसंरचना और सुविधाएं मिलेंगी। अब तक इसका 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।  तीनों कार्यों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अमित कुमार भी उप मुख्यमंत्री के साथ थे।

टॉस जीतकर इंडिया A की बल्लेबाजी, वैभव सूर्यवंशी सस्ते में आउट

दांबुला रीलंका A और इंडिया A के बीच त्रिकोणीय वनडे सीरीज 2026 का पहला मुकाबला आज (9 जून) दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. दोनों टीमों के लिए यह सीरीज का पहला मैच है. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है. अभी त‍िलक वर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ क्रीज पर मौजूद हैं. इस मुकाबले के लाइव स्कोर और मैच से जुड़े अपडेट को हम लगातार एड ऑन कर रहे हैं. भारत ए की पारी की हाइलाट्स इस मुकाबले में भारत ए की शुरुआत खराब रही, आईपीएल में अपने बल्ले से गदर काटने वाले वैभव सूर्यवंशी सबसे पहले आउट हुए. उन्होंने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए. इसके बाद प्रभस‍िमरन सिंह (2) पर आउट हुए. इस तरह टीम का स्कोर 16/2 हो गया. इसके बाद प्रि‍यांश आर्य (32) और ऋतुराज गायकवाड़ के बीच 53 रनों की पार्टनरश‍िप हुई. लेकिन आर्य रन आउट हो गए. यह मुकाबला ट्राई नेशन A सीरीज इन श्रीलंका 2026 के तहत खेला जा रहा है. टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों के युवा और उभरते खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं की नजरें हैं. ऐसे खिलाड़ियों के लिए यह मंच भविष्य में सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है. भारत A और श्रीलंका A के बीच होने वाला यह मैच सीरीज के शुरुआती समीकरण तय कर सकता है. दोनों टीमों के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है और दांबुला की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम को शुरुआती बढ़त मिल सकती है. इंडिया ए प्लेइंग इलेवन: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर), प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, अनुकूल रॉय, सूर्यांश शेडगे, अंशुल कंबोज, अरशद खान, विप्रज निगम श्रीलंका ए प्लेइंग इलेवन: निरोशन डिकवेला (विकेट कीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवान‍िदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), चमिका करुणारत्ने, रविन्दु फर्नांडो, वानुजा सहान, विजयकांत व्यासकांथ, मोहम्मद शिराज, गरुका संकेथ कहां हो रहा लाइव प्रसारण श्रीलंका में 9 से 21 जून तक होने वाली भारत A, श्रीलंका A और अफगानिस्तान A की त्रिकोणीय सीरीज का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स और सोनी ल‍िव पर होगा. इंडिया A स्कॉड: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, रुतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, अनुकूल रॉय, सूर्यांश शेडगे, अंशुल कंबोज, अरशद खान, विप्रज निगम श्रीलंका  A स्कॉड: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, साहन अराचिगे (कप्तान), चमिका करुणारत्ने, रविंदु फर्नांडो, वनुजा साहन, विजयकांत व्यासकांत, मोहम्मद शिराज, गरुका संकेथ ट्राई सीरीज का फुल शेड्यूल 9 जून 2026- इंड‍िया A vs श्रीलंका A 11 जून 2026- इंड‍िया A vs अफगानिस्तान A 13 जून 2026- अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 15 जून 2026- इंड‍िया A vs श्रीलंका A 17 जून 2026- इंड‍िया A vs अफगानिस्तान A 19 जून 2026- अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 21 जून 2026- फाइनल मुकाबला

सीएम मान ने 355 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, धुरी की रैली को लेकर हरियाणा सरकार पर साधा निशाना

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अलग-अलग विभागों में उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। चंडीगढ़ के म्युनिसिपल भवन में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गयया। अब तक पंजाब सरकार 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है।इस दाैरान मान ने कहा कि आज अलग-अलग विभागों के 355 युवा लड़के-लड़कियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। आने वाले दिनों में पंजाब सरकार इन युवा लड़के-लड़कियों को और भी कई नौकरियां देगी। ये नौकरियां मेरिट के आधार पर दी जाएंगी।  युवाओं ने खुद अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इसके लिए उन्हें कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा और न ही किसी सिफारिश की जरूरत पड़ी। इसलिए मैं सभी को बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं।  भाजपा पर साधा निशाना इस दाैरान सीएम ने भाजपा पर निशाना साधा। मान ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री धुरी आए थे और आप जानते ही हैं कि उनके सामने कितने लोग बैठे थे। वह एक फ्लॉप शो था। पंजाब के लोग भाजपा को बिल्कुल भी पसंद नहीं करेंगे क्योंकि पंजाब की जनता और किसानों ने भाजपा का नफरत भरा चेहरा देख लिया है।   युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब न सिर्फ नौकरियां पैदा कर रहा है बल्कि ऐसे मौके भी पैदा कर रहा है जो युवाओं को अपने प्रदेश में रहने, आगे बढ़ने और सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने हुनरमंद युवाओं के पलायन के रुझान को पलटने, 65,000 ठेका कर्मचारियों के लिए रेगुलर नौकरी का रास्ता खोलने, 25 नई आई.टी.आई. और 13 मौजूदा आई.टी.आई. संस्थानों के अपग्रेडेशन के माध्यम से हुनर विकास में बड़े निवेश की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप सरकार पंजाब के युवाओं को देश में रहकर ही अपना भविष्य बनाने के लिए उन्हें विश्वास भरने, उचित मौके और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, स्थानीय निकायों, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, पशुपालन, लोक निर्माण, आवास निर्माण एवं शहरी विकास तथा अन्य विभागों में नए चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन पंजाब सरकार के राज्य के युवाओं को रोजगार और सुशासन के माध्यम से सशक्त बनाने के चल रहे मिशन में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस अवसर की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज 355 और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे अब तक दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 हो गई है। ये सारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर दी गई हैं। ऐसे समय में जब देश भर में नीट जैसे पेपर लीक हो रहे हैं, पंजाब ने ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करके और शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल करके मिसाल कायम की है। मैं नव-नियुक्त उम्मीदवारों से अपील करता हूं कि वे सरकारी दफ्तरों में वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों के काम को प्राथमिकता दें। ‘आप’ सरकार युवाओं के विदेशों की ओर पलायन को रोकने और उन्हें पंजाब में ही तरक्की के मौके प्रदान करके उनके सपनों को पंख देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नव-नियुक्त उम्मीदवारों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार में उम्मीदवारों के चयन का एकमात्र मापदंड कड़ी मेहनत, समर्पण और योग्यता है। वह दिन गए जब सरकारी नौकरियां रिश्वत, सिफारिशों या राजनीतिक संबंधों के आधार पर बांटी जाती थीं। आज योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से नौकरियां दी जा रही हैं। इन युवाओं ने सफलता प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत की है और यह उनके सफर की सिर्फ शुरुआत है। उनके लिए तरक्की की उड़ान भरने के लिए आसमान खुला है और मैं सभी उम्मीदवारों को आगे और बड़े मुकाम हासिल करने के लिए प्रयासरत रहने की सलाह देता हूं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से ये नव-नियुक्त कर्मचारी सरकारी परिवार का एक अभिन्न अंग बन गए हैं और ये कर्मचारी खुशहाल व रंगला पंजाब के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “हम सब एकजुट होकर रंगला पंजाब की शान को बहाल करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। आपके हर एक की अब समाज और राज्य के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सरकार ने आपको मौके देकर अपना फर्ज निभाया है। अब आपकी बारी है कि आप ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करें। पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के रिकॉर्ड की तुलना देश के अन्य हिस्सों की वर्तमान स्थिति से की। उन्होंने कहा, “2017 से अब तक देश भर में लगभग 93 परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिली है। नीट समेत प्रमुख परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने लाखों युवाओं को निराश किया है। हालांकि, 2022 में हमारी सरकार के सत्ता संभालने के बाद पंजाब में एक भी पेपर लीक होने की घटना सामने नहीं आई है। इसका कारण यह है कि राज्य में एक ईमानदार सरकार काम कर रही है। होनहार विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और मेहनत के आधार पर नौकरियां और मौके मिल रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और हर नियुक्ति भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद या पक्षपात से मुक्त होकर की गई है। शिक्षा क्रांति के तहत सरकार द्वारा किए गए शिक्षा सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में शानदार बदलाव लाया है। उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी तो स्कूल शिक्षा में पंजाब देश भर में 27वें स्थान पर था। आज नीति आयोग के अनुसार पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहले नंबर पर कब्जा कर लिया है। यह उपलब्धि इसलिए संभव हुई क्योंकि हमने सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और विश्व स्तरीय शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर के स्कूल अब … Read more

मुख्यमंत्री साय का संदेश: सकारात्मक सोच और जवाबदेही से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

सकारात्मक सोच, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की विस्तृत समीक्षा लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पीएम आवास निर्माण में तेजी और पीएम सूर्यघर योजना के विस्तार पर दिया विशेष जोर रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और स्वामित्व योजना पर जोर मुख्यमंत्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास और पीएम सूर्यघर योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दें मुख्यमंत्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा। महिला सशक्तिकरण, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष फोकस बिहान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों जिलों में इस कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, कुपोषित बच्चों की संख्या और सुपोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20 हजार 245 तथा बालोद जिले में 36 हजार 312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बरसात पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने टीबी मुक्त पंचायत अभियान, संस्थागत प्रसव तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने आवश्यक रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल, सड़क और डिजिटल सेवाओं की प्रगति की समीक्षा जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 50 किलोमीटर कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मार्गों की भी समीक्षा की जो वर्षा ऋतु में आवागमन के लिए कठिन हो जाते हैं और उन्हें बारिश से पहले दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह संग लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का बटन दबाकर शुभारंभ किया

यूपी के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को साइंटिफिक तरीके से बढ़ाएगा क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्रः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह संग लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का बटन दबाकर शुभारंभ किया यूपी के पास देश के 35-36 फीसदी खाद्यान्न उत्पादन की क्षमता, जरूरत इसे तकनीक के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने की: सीएम योगी सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का जताया आभार, कहा- क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र से होगा यूपी को बड़ा लाभ राज्य सरकार चाहती है कि मौसम की और सटीक जानकारी के लिए उसका अपना सेटेलाइट हो: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्यों के परिणाम स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना से उत्तर प्रदेश को विशेष लाभ मिलेगा। यूपी देश की सबसे बड़ी आबादी का राज्य है। महज 11 फीसदी कृषि योग्य भूमि में यूपी देश का 21 फीसदी खाद्यान्न उत्पादन करता है। समय पर मौसम, बारिश, अतिवृष्टि, अनावृष्टि या ओलावृष्टि की जानकारी नहीं मिलेगी तो हम किसानों के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे। क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना मौसम की और सटीक जानकारी प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  मुख्यमंत्री ने सोमवार को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह संग बटन दबाकर क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का शुभारंभ किया। इसे लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र को परिवर्तित कर स्थापित किया गया है। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि हम लोग सीजन में अतिवृष्टि-अनावृष्टि, आकाशीय बिजली आदि के संबंध में मेट्रोलॉजिकल व अन्य विभागों की बैठक में चर्चा करते थे कि समय पर सटीक जानकारी मिलने से सही रणनीति संभव होती है। आज केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में लखनऊ खुद को मेट्रोलॉजिकल रीजनल सेंटर के रूप में स्थापित कर रहा है। य़ह यूपी के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सीएम ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के प्रति आभार भी जताया।  12 वर्ष में आए परिवर्तन का दिखता है लाभ सीएम ने कहा कि आजादी के बाद इस विषय पर अपेक्षित ध्यान न देने का परिणाम था कि अन्नदाता किसान अपेक्षित प्रगति नहीं कर पाए। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनधन की हानि को रोकने वाले प्रयास भी अधूरे रहे। लेकिन, पिछले 12 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में डॉ. जितेंद्र सिंह ने जो अभियान प्रारंभ किया, उसका परिणाम सभी देख रहे हैं। 12 वर्ष पहले बारिश, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, आकाशीय बिजली के खतरों के बारे में जो जानकारी मिलती थी, होता उससे ठीक उल्टा था, लेकिन अब मौसम की सटीक जानकारी प्राप्त हो रही है। आपदा से तीन घंटे पहले मोबाइल पर अलर्ट  सीएम ने कहा कि 13 मई को आंधी-तूफान से प्रदेश के कुछ जनपदों में जनधन की काफी हानि हुई थी। बैठक में मैंने पूछा कि अर्ली वार्निंग सिस्टम क्यों काम नहीं कर रहा था। पता चला कि सिस्टम तो काम कर रहा है, लेकिन स्थानीय प्रशासन की सक्रियता का अभाव है। फिर रात में पूरे प्रदेश के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मैंने कहा कि जब आपको अलर्ट मिल रहा है तो आपको भी स्थानीय स्तर पर लोगों व संस्थाओं को अलर्ट करना चाहिए। इस बैठक के चौथे-पांचवें दिन भी आपदा आई, लेकिन तीन घंटे पहले सबके मोबाइल पर अलर्ट आना प्रारंभ हो गया।  सीएम ने किया सहारनपुर की घटना का जिक्र सीएम ने सहारनपुर की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वहां शिवालिक पहाड़ी की तलहटी में मां शाकम्भरी देवी का मंदिर है। देहरादून व शिवालिक पहाड़ियों में भारी बरसात हुई। यहां बारिश होने से एकत्र होने वाला जल बाढ़ जैसा माहौल पैदा कर देता है। उस समय मंदिर में कीर्तन चल रहा था, काफी श्रद्धालु मौजूद थे, लेकिन मौसम विभाग ने समय से सही जानकारी दी तो सभी को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया, जिससे जनधन की व्यापक हानि रुक गई। अर्ली वार्निंग सिस्टम का लाभ  सीएम ने कहा कि मीरजापुर, सोनभद्र, चंदौली आदि कई जनपदों में आकाशीय बिजली का खतरा बहुत रहता है। हर वर्ष 100-150 लोगों की मौत होती थी। चार-पांच वर्ष पहले प्रयागराज से पटना के बीच एक ही दिन में 90 मौतें हुई थीं। इसमें यूपी के 30 व बिहार के 60 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एमडीएमए, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की बैठक में मैंने पूछा कि आखिर इन मौतों को कौन रोकेगा। क्या इसे तकनीक से रोका नहीं जा सकता, तब विभाग ने बताया कि यह संभव है। अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने का परिणाम है कि उक्त जिलों में हर वर्ष होने वाली मौत के आंकड़े घटकर महज दर्जन भर रह गए। लोगों को भी ऐसे मौसम में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए, सतर्क रहना चाहिए।   अपना सेटेलाइट चाहती है राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी को सदैव डॉ. जितेंद्र सिंह का सकारात्मक सहयोग मिलता है। मौसम की पूर्व जानकारी किसानों की आमदनी बढ़ाने और आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि, अनावृष्टि व ओलावृष्टि के कारण होने वाली जनधन की हानि को रोकने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमने इसरो से भी अनुरोध किया था कि राज्य सरकार चाहती है कि उसके पास अपना सेटेलाइट हो, जो मौसम की और सटीक जानकारी उपलब्ध करा सके। चिड़िया व जानवरों का व्यवहार बता देता था मौसम का रुख मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य ने जबसे बुद्धिमत्ता का उपयोग प्रारंभ किया होगा, उसके लिए सबसे पहले मौसम की जानकारी, आकाश में चमकती बिजली, बादलों से होने वाली वर्षा जैसी स्थितियां कौतूहल का विषय बनीं। ऋषि-मुनियों ने स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पंचांग का निर्माण किया। आज भी ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर की गई गणना मौसम की सटीक जानकारी का आधार बनती है। लोक कहावतों, लोक परंपराओं में भी हम देखते थे कि अमुक चिड़िया की बोली या जानवरों का व्यवहार परिवर्तन मौसम की पूर्व जानकारी देने का माध्यम बनता था। मौसम चक्र में आया एक महीने का अंतर सीएम ने कहा कि क्लाईमेट चेंज होने से मौसम चक्र में लगभग एक महीने का अंतर आया है। यही हाल रहा … Read more

वनांचल में गूंजा क्रिकेट का रोमांच, अरुण साव ने मैदान में दिखाया बल्लेबाजी का अंदाज

जंगल के बीच क्रिकेट का मैदान और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के हाथ में बैट बदलते बस्तर की खुशनुमा तस्वीर  सुकमा सुकमा के जंगलों के बीच मैदान में युवाओं को क्रिकेट खेलते देख उप मुख्यमंत्री अरुण साव खुद को रोक न सके। उन्होंने गाड़ी रुकवाई, खिलाड़ियों के बीच मैदान में पहुंचे और क्रीज पर जाकर बैट थाम लिया। टूर्नामेंट खेल रहे कुशल गेंदबाजों की गेंदों पर कुछ करारे शॉट भी लगाए। यह बदलते बस्तर की खुशनुमा तस्वीर है। किरंदुल से सुकमा के रास्ते का यह मुनगा गांव था जहां साव ने मैदान में बल्ला भांजा। सुकमा जिले के ग्राम पंचायत कोर्रा का आश्रित गांव है यह। मैदान पर खेलने के लिए जुटे युवाओं से पता चला कि यहां 7 जून से क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा है जिसमें आसपास के गांवों की 16 टीमों ने भाग लिया है। मैदान के एक छोर पर खिलाड़ियों का झुंड तो दूसरे छोर पर दर्शकों का झुंड था। उप मुख्यमंत्री साव ने कुछ गेंदे खेलने के बाद पिच पर ही खिलाड़ियों से अपने सहज-सरल अंदाज में बातचीत शुरू की, जिससे इस टूर्नामेंट की जानकारी मिली। उन्होंने खिलाड़ियों के मांगे बिना ही सभी 16 टीमों को क्रिकेट किट देने का वादा किया, जिससे वे पूरे साजो-सामान के साथ अपने खेल का आनंद ले सकें। साव से चर्चा के बीच खिलाड़ियों ने खेल मैदान की कमी की बात रखी, जिस पर उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित कर समुचित व्यवस्था का आश्वासन दिया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव इन दिनों चार दिनों के बस्तर प्रवास पर हैं। वे रोज दिनभर निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही अधिकारियों की बैठक लेकर इनकी प्रगति की समीक्षा भी कर रहे हैं। बस्तर संभाग के प्रगतिरत काम जल्दी कैसे पूरे हों… अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कर कैसे तेजी से अंजाम तक पहुंचाएं, इन पर बैठकों में मंथन भी कर रहे हैं।

सतर्कता और संवेदनशीलता की मिसाल: पुलिसकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से बची जिंदगी

मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता और दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण आरक्षकों ने सीपीआर देकर बचाई आगंतुक की जान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने आरक्षकों को पुरस्कृत करने की घोषणा की समय पर दिए गए सीपीआर से अचेत आगंतुक को मिला नया जीवन भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों को नियमित रूप से प्रदान किए जाने वाले सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण का सकारात्मक परिणाम लगातार सामने आ रहे है। इसी के परिणामस्‍वरूप आज पुलिस आयुक्त कार्यालय, भोपाल में पदस्थ दो आरक्षकों ने त्वरित सूझबूझ, तत्परता एवं सीपीआर कौशल से एक अचेत नागरिक को समय रहते जीवनरक्षक सहायता प्रदान कर उसकी जान बचाई। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने दोनों पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यालय पुलिस आयुक्त, नगरीय पुलिस भोपाल में एक आगंतुक अचानक अस्वस्थ होकर अचेत अवस्था में जमीन पर गिर पड़ा। घटना को देखते हुए वहां मौजूद चालक आरक्षक क्रमांक 858 मुकेश साहू एवं गनमैन आरक्षक क्रमांक 3685 रंजीत रघुवंशी ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए प्राथमिक उपचार प्रारंभ किया। दोनों आरक्षकों ने प्रशिक्षित दक्षता का परिचय देते हुए अचेत व्यक्ति को तत्काल सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। उन्होंने बारी-बारी से लगातार सीपीआर प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप कुछ ही समय में आगंतुक को होश आ गया। प्राथमिक उपचार के उपरांत उसे बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य लाभ के लिए अस्पताल भेजा गया। उल्‍लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा समय-समय पर पुलिसकर्मियों को सीपीआर एवं अन्य आपातकालीन जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि दुर्घटना, हृदयाघात अथवा अन्य आपात स्थितियों में नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। आज की यह घटना ऐसे प्रशिक्षणों की उपयोगिता और प्रभावशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा एवं सेवा के अपने संकल्प के अनुरूप कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आपात परिस्थितियों में मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रतिबद्ध है।  

पिछले एक दशक में विभागीय आय लगभग तीन गुना, डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर मुख्यमंत्री का जोर

तकनीक की मदद से रजिस्ट्री कार्यालयों को बनाएं पारदर्शिता और जनसुविधा का आदर्श मॉडल: मुख्यमंत्री पिछले एक दशक में विभागीय आय लगभग तीन गुना, डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर मुख्यमंत्री का जोर पेपरलेस रजिस्ट्रेशन, जियो-टैगिंग और एआई आधारित प्रणाली को तेजी से लागू करने के निर्देश पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर विकसित होंगे रजिस्ट्री कार्यालय, नागरिक सुविधाएं होंगी बेहतर मानकीकृत मूल्यांकन व्यवस्था से रुकेगी स्टाम्प शुल्क चोरी, घटेंगे विवाद मुख्यमंत्री का निर्देश, सरल होंगे कानून, कहा,कॉरपोरेट पुनर्गठन, एलएलपी और रेरा से जुड़े प्रावधानों को समयानुकूल बनाने की आवश्यकता लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, निवेश गतिविधियों और शहरीकरण की आवश्यकताओं के अनुरूप विभाग को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, उत्तरदायी और जनसुविधा केंद्रित बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय आमजन के प्रत्यक्ष संपर्क वाले कार्यालय हैं, इसलिए वहां की व्यवस्थाएं आधुनिक, व्यवस्थित और नागरिक केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने उप निबंधक कार्यालयों को चरणबद्ध ढंग से पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर विकसित करने की आवश्यकता बताई।  बैठक में बताया गया कि प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों में प्रतिवर्ष लगभग 2.4 करोड़ लोगों का प्रत्यक्ष संपर्क होता है। इसे देखते हुए हेल्प डेस्क, टोकन एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम, आधुनिक प्रतीक्षालय, महिला एवं शिशु कक्ष, डिजिटल सुविधाएं तथा अन्य नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे नागरिकों को अनावश्यक प्रतीक्षा और असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग राज्य की राजस्व व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2016-17 में विभाग की सकल आय 11,613.84 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 32,598.49 करोड़ रुपये हो गई है। इसी अवधि में पंजीकृत लेखपत्रों की संख्या 28.25 लाख से बढ़कर 49.34 लाख से अधिक हो गई। मुख्यमंत्री ने इस प्रगति को आगे बढ़ाते हुए राजस्व वृद्धि के साथ सेवा गुणवत्ता और नागरिक संतुष्टि को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस विभागीय सुधारों का प्रमुख आधार बनना चाहिए। संपत्ति एवं विवाह पंजीकरण में आधार प्रमाणीकरण, बायोमेट्रिक और आईरिस आधारित सत्यापन, ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन तथा खतौनी आधारित डिजिटल जांच जैसी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाए। पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली, अभिलेखों के डिजिटाइजेशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कार्यप्रणाली तथा जियो-टैगिंग व्यवस्था को तेजी से लागू करने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने, विवाद कम करने और राजस्व अपवंचन रोकने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्तियों के मूल्यांकन में एकरूपता और पारदर्शिता लाने के लिए मानकीकृत मूल्यांकन व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। इससे बाजार आधारित मूल्यांकन सुनिश्चित होगा तथा मूल्यांकन संबंधी विवादों में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से निवेश और औद्योगिक विकास का केंद्र बन रहा है। ऐसे में विधिक व्यवस्थाओं को भी वर्तमान आर्थिक और व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में स्पष्टता होने से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है, अनावश्यक विवाद और मुकदमेबाजी कम होती है तथा कारोबार करने की सुगमता को बल मिलता है। बैठक में कॉरपोरेट पुनर्गठन, विलय, विभाजन, समामेलन, अधिग्रहण, सीमित दायित्व भागीदारी (एलएलपी), शेयरधारिता में परिवर्तन, आवासीय सहकारी समितियों तथा रेरा के अंतर्गत विक्रय करारों से जुड़े विषयों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में स्पष्ट और व्यावहारिक स्टाम्प शुल्क व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न राज्यों की सर्वोत्तम व्यवस्थाओं का अध्ययन करते हुए ऐसा विधिक ढांचा तैयार किया जाए जिससे निवेश को प्रोत्साहन मिले, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मजबूत हो, विवादों में कमी आए और राज्य के राजस्व हित भी सुरक्षित रहें।

योगी सरकार की सतर्कता से निर्बाध बिजली सप्लाई, दिन-रात मैदान में डटे बिजलीकर्मी

भीषण गर्मी में भी बिजली आपूर्ति में उत्तर प्रदेश बना नंबर वन, 31 हजार मेगावाट से अधिक की डिमांड पूरी योगी सरकार की सतर्कता से निर्बाध बिजली सप्लाई, दिन-रात मैदान में डटे बिजलीकर्मी 7 जून को 31,147 मेगावाट बिजली आपूर्ति, देश में सबसे अधिक डिमांड पूरी ट्रांसफार्मर, फीडर और उपकेंद्रों की चौबीसों घंटे निगरानी, मेंटेनेंस कार्य तेज  8 जून को दोपहर 12 बजे 27,838 मेगावाट बिजली सप्लाई, हर घंटे मांग के अनुसार आपूर्ति जारी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में इस समय प्रचंड गर्मी का दौर जारी है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उप्र. पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है। डिमांड बिजली आपूर्ति करने में उत्तर प्रदेश नंबर वन पर है। बढ़ती मांग के बावजूद प्रदेश में सुचारु बिजली व्यवस्था बनाए रखने को लेकर योगी सरकार के प्रयासों की व्यापक सराहना हो रही है। 6 और 7 जून को यूपी में रिकॉर्ड डिमांड बिजली आपूर्ति की गई यूपी इस समय डिमांड बिजली आपूर्ति करने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। 7 जून को प्रदेश में 31,147 मेगावाट की रिकॉर्ड डिमांड बिजली आपूर्ति की गई, जो देश में सबसे अधिक रही। इसी तरह 6 जून को भी डिमांड बिजली आपूर्ति करने में  उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा है। 6 जून को 31049 मेगावाट और 5 जून को 29130 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई थी। लगातार इतनी बड़ी मात्रा में बिजली उपलब्ध कराना यूपीपीसीएल की मजबूत कार्यप्रणाली और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है। 8 जून को दोपहर 12 बजे 27838 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई 7-8 जून की रात 1 बजे 30165 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई। इसी तरह रात 3 बजे 29190 मेगावाट और रात 4 बजे 28482 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई है। इसी तरह 8 जून की सुबह 6 बजे 25463 मेगावाट, सुबह 8 बजे 22666 मेगावाट, सुबह 10 बजे 26288 मेगावाट और सुबह 11 बजे 27138 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई है। ऐसे ही दोपहर 12 बजे 27838 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई है।  विभागीय टीम लगातार मेंटेनेंस कार्य में जुटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसी के अनुरूप यूपीपीसीएल की टीमें चौबीसों घंटे बिजली व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली मांग का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मर, फीडर और अन्य विद्युत उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसे देखते हुए विभागीय टीमें लगातार मेंटेनेंस कार्यों में जुटी हुई हैं।  बिजली कर्मी दिन-रात फील्ड में रहकर कर रहे कार्य दिन के साथ-साथ रात्रिकालीन समय में भी बिजलीकर्मी फील्ड में रहकर आवश्यक तकनीकी कार्यों को पूरा कर रहे हैं। इससे संभावित खराबियों को पहले ही दूर किया जा रहा है और बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने में मदद मिल रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार उपकेंद्रों तथा वितरण तंत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान बिजली व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि उपभोक्ताओं को हर परिस्थिति में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।  प्रदेश में लगातार रिकॉर्ड स्तर पर डिमांड बिजली आपूर्ति की जा रहीः निदेशक वितरण यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन पावर कॉरपोरेशन उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। प्रदेश लगातार रिकॉर्ड स्तर पर डिमांड बिजली आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने बताया कि यूपीपीसीएल की टीमें हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

योगी सरकार की टेक होम राशन योजना से मातृ एवं शिशु पोषण को मिली नई मजबूती

कुपोषण के खिलाफ जंग में यूपी बना मॉडल, 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रहा पौष्टिक आहार  योगी सरकार की टेक होम राशन योजना से मातृ एवं शिशु पोषण को मिली नई मजबूती 4000 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार, महिला स्वयं सहायता समूह संभाल रहे उत्पादन व्यवस्था   जीपीएस, क्यूआर कोड और ओटीपी आधारित सिस्टम से पारदर्शी हुई पूरी वितरण प्रक्रिया महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल से यूपी बना देश में पोषण सुधार का अग्रणी मॉडल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश कुपोषण के खिलाफ अपनी लड़ाई में देश के लिए एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की सक्रिय कार्यशैली के चलते प्रदेश में संचालित टेक होम राशन योजना मातृ एवं शिशु पोषण को नई मजबूती प्रदान कर रही है। पोषण, तकनीक, पारदर्शिता और महिला सशक्तीकरण को एक साथ जोड़ने वाली यह व्यवस्था अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त कर रही है। योगी सरकार ने भारत सरकार की सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 गाइडलाइन तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2023 के अनुरूप रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया है। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इस नई प्रणाली को बड़े पैमाने पर धरातल पर उतारा है। वर्तमान में प्रदेश में हर महीने लगभग 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पौष्टिक आहार पहुंचाया जा रहा है। इनमें छह माह से छह वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं तथा अतिकुपोषित बच्चे शामिल हैं। नाटेपन की दर 39.7 से घटकर 31.5 प्रतिशत तक पहुंची  सीएम योगी के मार्गदर्शन में यह पहल केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सकारात्मक असर स्वास्थ्य संकेतकों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 की तुलना में वर्ष 2019-21 के दौरान प्रदेश में बच्चों में स्टंटिंग यानी नाटेपन की दर 39.7 प्रतिशत से घटकर 31.5 प्रतिशत तक पहुंच गई। इसके अलावा अल्पवजन और दुबलापन जैसी समस्याओं में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि योगी सरकार की पोषण नीति जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही है। विशेष पोषण उत्पाद किए जा रहे तैयार  योगी सरकार में इस योजना के तहत विभिन्न आयु वर्गों के लिए विशेष पोषण उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर और संपूर्ण मातृ आहार जैसे उत्पाद बच्चों और महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं बच्चों के लिए आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण जैसी ऊर्जा युक्त विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। योगी सरकार ने पूरी आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़कर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की है। जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड और ओटीपी आधारित सत्यापन प्रणाली के माध्यम से हर पैकेट की डिजिटल निगरानी की जा रही है। इससे वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हुई है और लाभार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण पोषण सामग्री समय पर पहुंच रही है। 4000 से अधिक महिलाएं उत्पादन इकाइयों से जुड़ीं महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी यह योजना नई मिसाल बन रही है। टेक होम राशन के उत्पादन और आपूर्ति की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। वर्तमान में प्रदेश की 4000 से अधिक महिलाएं इन उत्पादन इकाइयों से जुड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर रही हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।   हर्षिता माथुर, निदेशक, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राज्य पोषण मिशन