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जनकल्याणकारी गतिविधियों से संबंधित कार्यक्रम होंगे आयोजित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 9 जून का दिन विशेष महत्व का है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 12 वर्ष के निरंतर कार्यकाल का आज के बाद रिकॉर्ड बनने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी को मंत्रि-परिषद की ओर से बधाई देते हुए कहा कि इस उपलब्धि के लिए 5 से 21 जून तक प्रदेश में कल्याणकारी गतिविधियों से संबंधित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश के एक लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारियों की 4.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि के लिए राज्य मंत्री मती कृष्णा गौर ने उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जनकल्याण एवं उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाहा को जन्म दिवस की मंगलकामनाएं दीं। प्रत्येक विकासखंड और नगरीय निकायों पर लगेंगे जनकल्याण शिविर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 5 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रत्येक विकास खण्ड, नगरीय निकायों में "एक पेड मां के नाम" अभियान संचालित किया गया। अभियान में प्लास्टिक अपशिष्ट की सफाई एवं शासकीय कार्यालयों, स्कूल एवं छात्रावास में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। अभियान के अंतर्गत 12 से 18 जून 2026 की अवधि में जिले के प्रत्येक विकास खण्ड, नगरीय निकाय मुख्यालयों पर जनकल्याण शिविर आयोजित होंगे। इनमें केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के छूटे हुए पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण किए जायेंगे। शिविर 03 दिवसीय होगा। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 19 एवं 20 जून 2026 को प्रत्येक जिले में 2 स्थानों पर कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और अन्य अनुभवी व्यक्तियों द्वारा प्रदर्शन तथा व्याख्यान सहित प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 प्रत्येक विकासखण्ड और नगरीय निकायों में स्थानीय योग समूह के सहयोग से मनाया जाऐगा। स्थानांतरण की समय-सीमा 15 जून तक ही रहेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने स्थानांतरण के लिए 15 जून की समय-सीमा निर्धारित की है। सभी विभाग 15 जून तक स्थानांतरण नीति का पालन करते हुये स्थानांतरण की कार्यवाही पूरी कर लें। समय-सीमा नहीं बढ़ेगी। सोलर रूफटॉप को करें प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में प्रदेश में अब तक 2 लाख से अधिक उपभोक्ता नामांकित हो चुके है। अगले 6 माह में 6 लाख से अधिक नामांकन करना है। मार्च 2027 तक घरों की छत पर पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेकर सोलर सिस्टम लगवाने वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने प्रभार के जिलों में अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए। लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों को प्रदेश से 3 हजार 835 करोड़ रूपए का हुआ निर्यात मुख्यमंत्री डॉ. यदव ने बताया कि 6 जून 2026 को इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 में लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों के व्यापार प्रतिनिधियों को प्रदेश में निवेश, उत्पदान और नवाचार के लिये आमंत्रित किया। वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को निर्यात बढ़कर 3 हज़ार 835 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वर्ष से 19 प्रतिशत अधिक है। इसमें फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र की विशेष भूमिका रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि इंदौर में आयोजित फोरम में 15 देशों के व्यापार प्रतिनिधि के साथ भारत में उरुग्वे, पेरू, पनामा रिपब्लिक, अल-सल्वाडोर, क्यूबा और ग्वाटेमाला के राजदूत और गुयाना के हाई कमिश्नर शामिल हुये। उर्वरक के लिए हर जिले में नियुक्त करें नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष कमजोर मानसून के पूर्वानुमान और खाड़ी में युद्ध की स्थिति के कारण उर्वरक की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। खाड़ी की वर्तमान स्थिति को देखते हुये उर्वरक की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उर्वरक की उपलब्धता की स्थिति के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी और एक मोबाइल नंबर स्थापित करने के निर्देश दिए। नीति आयोग की बैठक 11 जून को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में 11 जून को नीति आयोग की बैठक "इन्क्लूसिव हृयूमन डेव्हलपमेंट फॉर विकसित भारत @ 2047" थीम पर रखी गई है। मिशन GYAN – गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी इन सभी के समग्र विकास के लिये कार्य किया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि आगामी वर्ष युवा वर्ष होगा, सभी विभाग युवाओं पर केंद्रित योजनाएं बनाए।  

मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर पूनाराम ठाकरे से स्वयं की बात

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव   पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव  राहुल भगत, विशेष सचिव  रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर  पूनाराम ठाकरे से की बात मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर  पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को  ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर  ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है। मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

ट्रैफिक चालानों के लिए नई डिजिटल व्यवस्था, 45 दिन में करना होगा फैसला या भुगतान

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार जल्द ही ट्रैफिक चालानों के निपटारे और शिकायतों के समाधान के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अपने ई-चालान सिस्टम को अपग्रेड कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक नया प्लेटफॉर्म अगले एक महीने के भीतर तैयार हो जाएगा, जिससे चालान जारी करने से लेकर शिकायत दर्ज करने, जुर्माना भरने और अदालत में अपील करने तक की प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी। इस नई व्यवस्था का मकसद ट्रैफिक नियम उल्लंघन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ाना और अदालतों पर पड़ने वाले बोझ को कम करना है। दिल्ली सरकार केंद्र सरकार द्वारा संशोधित मोटर वाहन नियमों को लागू करने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत चालान से जुड़े मामलों के लिए पहले डिजिटल शिकायत निवारण प्रक्रिया अपनानी होगी। ई-चालान सिस्टम में होंगे अहम बदलाव दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के डीसीपी (ट्रैफिक मुख्यालय) एस.के. सिंह ने बताया कि नए नियमों के अनुसार चालान जारी करते समय वाहन चालक, वाहन और चालान करने वाले अधिकारी की तस्वीर लेना अनिवार्य होगा। अपग्रेडेड पोर्टल पर चालान की पूरी प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। 45 दिन में करना होगा फैसला नए नियमों के तहत वाहन चालक को चालान जारी होने की तारीख से 45 दिनों के भीतर जुर्माना जमा करना होगा या फिर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करनी होगी। यदि इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो चालान को स्वीकार माना जाएगा। इसके बाद भुगतान के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा। शिकायत खारिज होने पर अदालत में जाने से पहले चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य होगा। CCTV चालान भी होंगे शामिल नया सिस्टम CCTV कैमरों और अन्य डिजिटल निगरानी प्रणालियों से जारी होने वाले चालानों को भी जोड़ेगा। मोबाइल नंबर उपलब्ध होने पर ई-चालान तीन दिन के भीतर भेजा जाएगा, जबकि नंबर उपलब्ध न होने पर 15 दिन के भीतर नोटिस जारी किया जाएगा। Metroकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

लुधियाना के व्यापारियों का ऐलान, 26 जून से तीन दिन तक बाजार रहेंगे बंद, जानें वजह

दोराहा/लुधियाना. ऑल ट्रेड यूनियन दोराहा की ओर से शहर के समस्त व्यापारिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारी नेताओं और सदस्यों ने भाग लेते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी गर्मियों की छुट्टियों के दौरान निकलने वाली सद्भावना यात्रा के मद्देनजर 26, 27 और 28 जून (शुक्रवार, शनिवार और रविवार) को दोराहा शहर के समस्त बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बंद रखे जाएंगे। बैठक के दौरान व्यापारिक नेताओं ने कहा कि सद्भावना यात्रा केवल एक धार्मिक अथवा सामाजिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, एकता और सांझी संस्कृति का प्रतीक है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए शहर के समस्त व्यापारियों द्वारा इन तीन दिनों के बंद को पूर्ण सहयोग देने का निर्णय लिया गया है, ताकि इस यात्रा को सफल बनाने में अपना योगदान दिया जा सके। यूनियन की ओर से सभी दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की गई कि वे तीन दिनों के दौरान अपनी दुकानें बंद रखकर सद्भावना यात्रा के प्रति एकता और सामूहिक जिम्मेदारी का परिचय दें। इस बैठक में विशेष रूप से उपस्थित डीएसपी पायल हरमनप्रीत सिंह चीमा ने व्यापारियों द्वारा उठाए गए ट्रैफिक प्रबंधन और पार्किंग से संबंधित मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर कुछ दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर सामान रखकर अवैध कब्जे कर लेते हैं, जिसके कारण न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि ग्राहकों को अपने वाहन खड़े करने में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए ऐसे मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में चेयरमैन प्रीतम सिंह जग्गी, हरकेश कुमार हैप्पी वर्मा, वनीत मकौल, मोहित मल्होत्रा, केशवा नंद, अवतार सिंह मठाड़ू, मनदीप सिंह विक्की ओबराय, राजेश अबलिश, सतपाल तिवाड़ी, राका अबलिश, जसवीर सिंह, राजिंदर सिंह सहित शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

22 लाख महिलाओं का शौर्य! ‘शौर्या दल’ को 2030-31 तक जारी रखने पर MP कैबिनेट की मुहर

शौर्या दल 22 लाख महिलाओं की देश की सबसे बड़ी साइलेंट आर्मी एमपी कैबिनेट ने दी वर्ष 2030-31 तक निरंतरता को मंजूरी भोपाल  मध्यप्रदेश के गांवों और शहरों की गलियों से गुज़रते हुए अगर आपको साड़ी का पल्लू संभाले या कॉलेज का बैग टांगे महिलाओं की कोई टोली दिखाई दे, तो उन्हें सिर्फ राहगीर समझने की भूल मत कीजिएगा। यह मध्यप्रदेश की 'शौर्या दल' सेना है—बिना वर्दी के समाज की वो 'गार्डियन' जो आज देश में महिला सशक्तिकरण की सबसे बुलंद हुंकार बन चुकी है ,जिसने महिला सशक्तिकरण की परिभाषा को कागजों से निकालकर धरातल पर साकार कर दिखाया है। वर्ष 2013  में महज़ 6 जिलों से शुरू हुआ यह कारवां आज प्रदेश के कोने-कोने में फैल चुका है, जिसे देखते हुए सरकार ने इसे अगले 5 साल (2026-27 से 2030-31) तक लगातार जारी रखने का महत्वपूर्ण फैसला किया है। अपराध पर 'प्री-एंट्री बैन': पुलिस से पहले पहुंचती है यह 'जाबांज टोली' शौर्या दल की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि ये अपराध होने के बाद मोमबत्तियां नहीं जलातीं, बल्कि अपराध होने से पहले ही उसकी कमर तोड़ देती हैं। किसी घर में घरेलू हिंसा की सुगबुगाहट हो, किसी गांव में गुपचुप बाल विवाह मंडप सज रहा हो, या कोई संदिग्ध मानव तस्करी (ट्रैफिकिंग) का जाल बुन रहा हो—शौर्या दल का खुफिया नेटवर्क तुरंत एक्टिव हो जाता है। 15 से 45 वर्ष की ये जांबाज महिलाएं पुलिस और कानून के हस्तक्षेप से पहले अपनी 'सामुदायिक समझाइश' के ब्रह्मास्त्र से बड़े-बड़े मामलों को शांति से सुलझा देती हैं। 22 लाख से अधिक की 'साइलेंट आर्मी', जहां किशोरी और गृहणी हैं एक साथ यह देश का शायद सबसे अनोखा और विशाल सामाजिक नेटवर्क है, जिसमें वर्तमान में 22.52 लाख से अधिक महिलाएं और बेटियाँ सीधे तौर पर जुड़ी हैं। इस दल की खूबसूरती देखिए—एक तरफ जहां 7.64 लाख कॉलेज और स्कूल जाने वाली नई पीढ़ी की लड़कियां अपने तकनीकी और आधुनिक विचारों के साथ इसमें शामिल हैं, वहीं दूसरी तरफ 14.88 लाख अनुभवी गृहणियां और बुजुर्ग महिलाएं हैं, जो समाज की विविधताओं से भलीभाँति परिचित हैं। युवा जोश और अनुभव जब एक मंच पर आता है, तो दकियानूसी सोच और नकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण को घुटने टेकने ही पड़ते हैं। आदिवासी अंचलों से शहरों तक हक की हुंकार महिला एवं बाल विकास विभाग की इस पहल ने सुदूर आदिवासी क्षेत्रों से लेकर शहरी वार्डों तक की महिलाओं को अपनी बंदिशें तोड़कर खुलकर सांस लेने का मौका दिया है। आज ये शौर्या दल सिर्फ सुरक्षा कवच नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर महिलाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करने का जरिया बन चुके हैं। महिलाएं अब सिर्फ सरकारी योजनाओं की कतारों में खड़ी नहीं होतीं, बल्कि अपने मौलिक अधिकारों के लिये लड़ना सीख चुकी हैं। देश के लिए नया रोल मॉडल बना 'मध्यप्रदेश' शौर्या दल ने यह साबित कर दिया है कि असली महिला सशक्तिकरण तब आता है जब चाबी खुद महिलाओं के हाथ में सौंप दी जाए। समाज की नकारात्मक सोच और रूढ़ियों पर प्रहार करता मध्यप्रदेश का यह 'शौर्या मॉडल' आज पूरे देश के सामने एक मिसाल है, जो यह संदेश देता है कि जब महिलाएं खुद अपनी और समाज की रक्षक बन जाएं, तो बदलाव को आने से कोई नहीं रोक सकता।। 

सिंहस्थ के लिए प्रगति पर हैं 16 हजार 910 करोड़ रूपए के 148 विकास व निर्माण कार्य ओंकोरश्वर में बनेगा हेलीपेड

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए जारी बेहतर रोड नेटवर्क के लिए इंफ्रॉस्ट्रक्चर निर्माण, शिप्रा घाटों के निर्माण, पुण्य स्नान के लिए जल की पर्याप्त उपलब्धता, श्रद्धालुओं के ठहरने और आवागमन की सुगम व्यवस्था तय समय-सीमा में पूर्ण की जाए। बेहतर प्रबंधन के लिए स्टाफिंग और उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से आरंभ हो। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा के लिए अद्यतन तकनीक के उपयोग और आपदा प्रबंधन व चिकित्सा सुविधाओं के लिए माइक्रो प्लानिंग की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई सिंहस्थ : 2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की छठवीं बैठक में यह दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-मंडलीय समिति ने 491.66 करोड़ रुपये की लागत के 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी दी। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन एवं आसपास के 07 जिलों में जारी 16 हजार 910 करोड़ से अधिक लागत के 148 विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्रालय में संपन्न बैठक में उप-मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, श्रम मंत्री श्री गौतम टेटवाल तथा पर्यटन राज्य मंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उज्जैन के विकास कार्यों को मिली स्वीकृति     उज्जैन में शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहा मार्ग तक पुल और एप्रोच रोड का 30 करोड़ की लागत से निर्माण।     तपोभूमि से पिपलियाराघो पंचक्रोशी मार्ग पर कान्ह नदी पर 12 करोड़ रूपए की लागत से समानन्तर नया पुल।     तपोभूमि से गंगेडी व्हाया राघोपिपल्या तक 5.5 किलोमीटर की 30 करोड़ रूपए लागत की दो लेन की नई सड़क।     देवास रोड से लालपुर होते हुए गरोठ मार्ग तक ढाई किलोमीटर लंबा पंचक्रोशी मार्ग। फोर लेन की यह सड़क 18 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी।     उज्जैन में देवास रोड पर लोक निर्माण विभाग 2.36 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह (रेस्ट हाउस)।     उज्जैन के देवास रोड स्थित पीडब्लयूडी सर्किट हाउस का विस्तार और नवीनीकरण।     लेकोड़ा से टनकारिया रेलवे स्टेशन रोड तक 13.28 करोड़ रुपये से 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क‍।     महाकाल पुलिस थाने से चौबीस खंबा मार्ग तक 4 करोड़ रुपये लागत से 180 मीटर लंबी नई सड़क।     कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक 36.75 करोड़ रुपये लागत से सड़क चौड़ीकरण कार्य। ओंकारेश्वर के निर्माण कार्य स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओंकारेश्वर मंदिर परिसर के 160 करोड़ रूपए लागत के निर्माण कार्य, नगर परिषद ओंकारेश्वर में 12.63 करोड़ रूपए लागत की सीसी रोड निर्माण, ओंकारेश्वर रोड सनावद पर 9.23 करोड़ रूपए लागत के रेलवे आरओबी निर्माण, ओंकारेश्वर में 24.99 करोड़ रूपए लागत की मल्टी लेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, टॉयलेट और एडमिन ब्लॉक निर्माण, ओंकारेश्वर में 1.46 करोड़ रूपए लागत के बैरिक तथा प्रशिक्षण हॉल आदि के निर्माण, 4.74 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल और स्टाफ क्वार्टर, 38 करोड़ रूपए लागत की 3 फ्लोर कुबेर भंडारी पार्किंग और 12.68 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल भवन उन्नयन कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ : 2028 के लिए जारी विभिन्न गतिविधियों की विभागवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनाने और हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह निर्माण आपदा की स्थिति में विशेष रूप से सहायक होंगे। एयर एम्बुलेंस के संचालन में भी इससे मदद मिलेगी। ओंकारेश्वर-बड़वाह क्षेत्र के विकास के लिए पृथक प्राधिकरण गठित करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वाह, ओंकारेश्वर, खेड़ी घाट क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों के लिए पृथक से प्राधिकरण गठित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इससे खंडवा खरगोन जिलों में होने वाले कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और विकास गतिविधियां समय से पूर्ण करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश दिए। क्षिप्रा घाटों के प्रबंधन में आश्रमों और गुरूकुलों को भी जोड़ा जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि उज्जैन में शिप्रा नदी के साथ विकसित हो रहे घाटों का निर्माण चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। घाटों तक आने-जाने के मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का निर्माण भी साथ-साथ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिप्रा नदी पर बन रहे घाटों के पास के आश्रमों तथा गुरुकुलों को घाटों के प्रबंधन से जोड़ा जाए। इससे आश्रम और गुरुकुलों को मदद मिलेगी। साथ ही सिंहस्थ के बाद भी घाटों का दीर्घकालिक उपयोग हो सकेगा। पुलिस-प्रशासन-नगर निगम बेहतर समन्वय के लिए अभी से अभ्यास करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के लिए सम्पर्ण व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन का समन्वय कंट्रोल रूम से होगा। इसका सम्पूर्ण नियंत्रण पुलिस द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम तथा अन्य सभी एजेंसियां बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि इसके लिए प्रशिक्षण और अभ्यास की प्रक्रिया अभी से आरंभ की जाए। अतिक्रमण हटाने में भेदभाव न हो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मार्ग चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कोई भेदभाव न हो, सबके लिए एक समान कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐसे मामलों में तत्काल मुआवजा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचक्रोशी मार्ग पर सघन पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया कि उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है। जनसुविधा उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र का सहयोग लिया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि श्रद्धालुओं के आवागमन में सुगमता और सुविधा के लिए उज्जैन से लगे क्षेत्रों जैसे देवास, इंदौर, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर और खरगोन आदि में भी … Read more

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं, एमडी यादव ने दिए सख्त निर्देश

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : एमडी यादव गुणवत्ता में लापरवाही पर 8 निर्माण एजेंसियाँ होगी ब्लैक लिस्टेड जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा 29 कार्यों में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश बारिश से पहले सड़क एवं पुलों की मरम्मत, सीएम हेल्पलाइन और लोक कल्याण सरोवरों की समीक्षा लोक निर्माण विभाग के 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण भोपाल प्रदेश में अधोसंरचना विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा नियमित रूप से किए जा रहे औचक निरीक्षण अभियान अन्तर्गत दिनांक 5 जून 2026 को मुख्य अभियंताओं के 7 विशेष निरीक्षण दलों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके कार्यों का व्यापक निरीक्षण किया। रायसेन, सिवनी, दतिया, बड़वानी, शहडोल, रतलाम एवं पन्ना जिलों में निरीक्षण किया गया। इसमें कुल 35 निर्माण कार्यों का रेंडमली चयन कर उनकी गुणवत्ता, प्रगति, तकनीकी मानकों एवं रखरखाव की स्थिति का परीक्षण किया गया। निरीक्षण किए गए कार्यों में 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल), 6 कार्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के भवन निर्माण कार्य, 7 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) तथा 1 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपीबीडीसी) से संबंधित था। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के एमडी भरत यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निरीक्षण दलों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (एमपीबीडीसी) अजय श्रीवास्तव, तकनीकी सलाहकार आर.के. मेहरा सहित प्रदेशभर के मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षण दलों के अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे। एमडी यादव ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना निर्माण, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही, निम्न गुणवत्ता अथवा अनुबंधीय शर्तों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियों को चिन्हित करना नहीं बल्कि निर्माण गुणवत्ता में सतत सुधार सुनिश्चित करना है। गंभीर अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई एमडी यादव ने कई कार्यों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन भामौरी से पटना सड़क मार्ग के कार्य में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स आशीष गुप्ता को मुख्य अभियंता रीवा परिक्षेत्र द्वारा ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। पन्ना जिले में करिया से महोद खुर्द मार्ग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.के. ट्रेडर्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, पन्ना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार करिया से महोदकला सड़क निर्माण कार्य में गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित उपयंत्री को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स कुमार कंस्ट्रक्शन कंपनी, छतरपुर को ब्लैक लिस्ट में डालने के निर्देश दिए गए। पन्ना जिले में ही मोहेंद्र-गोलही-पलोही मार्ग, जो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के अंतर्गत है, उसकी स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.एस. इन्फ्रा, सतना के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। रायसेन जिले में एसएच-15 से बासा-धामनपानी-कुचवाड़ा-किटुआ मार्ग के निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी कमियां पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स जगदीप सिंह एंड कंपनी, उत्तर प्रदेश के विरुद्ध ब्लैक लिस्ट करने को कहा गया। अमरावद-चांदपुरा-भिश्ती से मोकलवाड़ा-पालका-मार्ग की 7 किलोमीटर लंबी सड़क, जो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है, की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर वर्तमान एवं तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स चौधरी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, भोपाल को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। रायसेन जिले के गैरतगंज स्थित विश्राम गृह निर्माण कार्य के निरीक्षण में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स शशि कंस्ट्रक्शन कंपनी, मुरैना को ब्लैक लिस्ट में दर्ज करने के निर्देश दिए गए। सिवनी जिले में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्माणाधीन गवर्नमेंट एक्सीलेंस हायर सेकेंडरी स्कूल, धनोरा के कार्य में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। समीक्षा बैठक में संबंधित वर्तमान एवं तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने, परियोजना से जुड़े कंसल्टेंट आईक्यूटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इंदौर को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। 29 कार्यों में सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश निरीक्षण के दौरान अधिकांश कार्यों में सामान्य अथवा आंशिक कमियां पाई गईं। एमडी यादव ने ऐसे कुल 29 कार्यों में संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एमडी यादव ने कहा कि आगामी निरीक्षणों में इन कार्यों की पुनः जांच की जाएगी तथा यदि कमियों का निराकरण नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पुराने निरीक्षण प्रतिवेदनों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश एमडी यादव ने निर्देश दिए कि पूर्व में किए गए औचक निरीक्षणों के प्रतिवेदनों में उल्लेखित सभी कमियों का निराकरण अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निरीक्षण प्रतिवेदन पर की गई कार्रवाई की अलग से समीक्षा की जाएगी और लंबित मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्राप्त शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को समाधान की जानकारी देकर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की रैंकिंग में निरंतर सुधार लाने के लिए शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। वर्षाकाल पूर्व सड़क एवं पुलों की सुरक्षा पर विशेष जोर एमडी यादव ने आगामी वर्षाकाल को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में पुल-पुलियों के मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने तथा सड़कों पर गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कहा गया कि वर्षा के दौरान नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही सभी जलमग्नीय पुलों पर चेतावनी संकेतक बोर्ड, जलस्तर संबंधी जानकारी एवं आपातकालीन सहायता के लिये हेल्पलाइन नंबर 1099 का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक कल्याण सरोवरों के लक्ष्य 30 जून तक पूरे करने के निर्देश बैठक में … Read more

जंगलों की नीलामी नहीं, फिर भी धड़ल्ले से चल रहा केंदुपत्ता व्यापार, ग्रामीणों ने उठाए सवाल

लातेहार  हेरहंज व बारियातू के जंगल इन दिनों एक अजीब कहानी कह रहे हैं। पेड़ों की डालियों से टूटकर गिरते केंदुपत्ते मानो अपनी ही बेबसी का बयान कर रहे हों। जिन जंगलों की हरियाली कभी वन विभाग के राजस्व का आधार हुआ करती थी, वहां आज माफियाओं का साया गहराता दिख रहा है। सुरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध रूप से केंदुपत्ता तुड़वाने और उसकी खरीद-बिक्री का खेल इस कदर फैल चुका है कि जंगलों से अधिक चहल-पहल अब गांवों के खलिहानों में दिखाई दे रही है। खुलेआम अवैध खरीद केंद्र संचालित बिदीर, डोंरांग, इचाक, खीराखाड़, करंदाग समेत कई गांवों में खुलेआम अवैध खरीद केंद्र संचालित होने की चर्चा है। यहां सुबह से शाम तक मजदूर जंगलों से पत्ते ढोते हैं और बदले में उन्हें उनकी मेहनत की कीमत से कहीं कम राशि थमा दी जाती है। पसीना ग्रामीणों का बहता है, जबकि मुनाफे की हरियाली किसी और की झोली में चली जाती है। सूत्रों के अनुसार इस कारोबार की डोर आसपास के कुछ केंदुपत्ता ठेकेदारों से जुड़ी हुई है। स्थानीय लोगों को आगे कर खरीदारी करवाई जा रही है। पत्तों को भरने के लिए बोरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं और रात ढलते ही ट्रैक्टरों तथा अन्य वाहनों पर लादकर इन्हें दूसरे स्थानों तक पहुंचा दिया जाता है। कई जंगलों की नहीं हुई नीलामी दिन में जंगलों में तुड़ाई और रात में परिवहन का यह सिलसिला चर्चा का विषय बना हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस वर्ष हेरहंज व बारियातू क्षेत्र के कई जंगलों की नीलामी ही नहीं हुई। नीलामी नहीं होने से वन विभाग को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद जंगलों से केंदुपत्ता निकल रहा है, खलिहान भर रहे हैं और कारोबार भी चल रहा है।   लगातार बढ़ रहे अवैध हाथ यही सवाल अब ग्रामीणों के बीच गूंज रहा है कि जब नीलामी नहीं हुई तो केंदू पत्ता आखिर किस रास्ते से बाजार तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल केवल पेड़-पौधों का समूह नहीं, बल्कि उनकी आजीविका और क्षेत्र की पहचान हैं। ऐसे में यदि वन संपदा पर अवैध हाथ लगातार बढ़ते रहे तो नुकसान केवल सरकारी राजस्व का नहीं होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की विरासत भी दांव पर लग जाएगी। फिलहाल जंगलों की खामोशी बहुत कुछ कह रही है व लोग यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि वन विभाग इस खेल पर कब और कैसी लगाम लगाता है।

निवेशकों के लिए बड़ी राहत: बिहार में सिंगल विंडो सिस्टम से तेज होगी मंजूरी प्रक्रिया

पटना  बिहार में उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को तेज और निवेशकों के लिए अधिक सरल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि अब बिहार में नए उद्योग लगाने के लिए जरूरी स्वीकृतियां मात्र 30 दिनों के भीतर प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि बिहार ने औद्योगिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सिंगल विंडो स‍िस्‍टम की व्‍यवस्‍था उन्होंने बताया कि निवेशकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने तथा उद्योग स्थापना की प्रक्रियाओं को आसान और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राज्य में सिंगल विंडो प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को एकल नोडल एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया है। इसके माध्यम से विभिन्न विभागों से मिलने वाली अनुमतियों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया एक ही मंच से संचालित होगी। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर मंजूरी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, नई व्यवस्था से विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और अनुमोदन प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनेगी। दूर होंगी प्रशासनिक जटिलताएं साथ ही प्रशासनिक जटिलताओं को भी काफी हद तक समाप्त किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे औद्योगिक परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में मदद मिलेगी और निवेशकों का भरोसा बिहार में और मजबूत होगा। सम्राट चौधरी ने दावा किया कि राज्य सरकार के इस फैसले से बिहार में निवेश को नई रफ्तार मिलेगी। नए उद्योग स्थापित होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के साथ बिहार अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से अग्रसर है।  

इंदौर PTC ग्राउंड पर 988 नए आरक्षकों की पासिंग आउट परेड, महिला जवानों ने जीता दिल

इंदौर   पीटीसी ग्राउंड पर मंगलवार को 988 नए आरक्षकों की दीक्षांत परेड हुई. परेड में शामिल होने के लिए डीजीपी कैलाश मकवाना पहुंचे. परेड में पहली बार 700 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया. महिला आरक्षकों की फुर्ती और दमखम देखकर डीजीपी कैलाश मकवाना फूले नहीं समाए. डीजीपी ने इस मौके पर युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी।  बहुत जल्द 8 हजार आरक्षकों की भर्ती होगी डीजीपी कैलाश मकवाना ने नए आरक्षकों को बताया "पुलिस सेवा में रहकर किस प्रकार जनता की सेवा करना है." पुलिस सेवा में आने वाली चुनौतियों से निपटने के तरीके डीजीपी ने बताए. डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा "मध्य प्रदेश पुलिस में 8 हजार से अधिक वैकेंसी निकलने वाली है. पिछले दिनों साढ़े 7 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति हुई है. आने वाले दिनों में सिंहस्थ की सुरक्षा को लेकर पुलिस बल लगेगा. उसी को देखते हुए आने वाले दिनों में पुलिस बल की कमी को पूरा करने के लिए वैकेंसी निकाली जाएंगी।  पुलिस की वर्दी पहनकर फूले नहीं समाए युवा डीजीपी ने नवआरक्षकों को लेकर कहा "अब ये लोग अपनी-अपनी बटालियन के साथ अलग-अलग जिलों में पदस्थ होंगे. जिन आरक्षकों ने इस परेड में हिस्सा लिया, उन्होंने सालभर अलग-अलग विधाओं में परीक्षाओं को उत्तीर्ण किया. उसके बाद आज वे इस मुकाम पर पहुंचे हैं. कार्यक्रम में महिला आरक्षकों ने अलग-अलग मनमोहक प्रस्तुतियां दी।  महिला आरक्षकों के जोश को देखकर कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अफसरों के चेहरे खिल गए. वहीं नवआरक्षकों ने कहा कि वे पुलिस की वर्दी पहनकर गर्व महसूस कर रहे हैं. वह देश सेवा व जनसेवा के लिए तैयार हैं. उन्हें बेहतरीन तरीके से ट्रेनिंग दी गई है. उनका सपना साकार हो गया है. डीजीपी ने उन्हें काफी मोटिवेट किया है. उनके दिए निर्देशों का वह पूरी तरह से पालन करेंगे।