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मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए खुशखबरी, सीएम मोहन यादव बोले- पुलिस भर्ती प्रक्रिया होगी नियमित

भोपाल. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा है कि पूरी कोशिश है कि पुलिस के स्वीकृत पदों में एक भी रिक्त नहीं रहे। राज्य सरकार हर साल भर्ती करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन कर रही है। अब तक पुलिस विभाग में 22 हजार अलग-अलग पदों पर भर्ती की जा चुकी है। हां, पुलिस अपनी पूरी क्षमता से सुशासन और प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कार्य करे। उन्होंने यह भी कहा कि संभागीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठकें होंगी, जिनमें वह खुद भी उपस्थित रहेंगे। पुलिस मुख्यालय में शनिवार को आईजी कांफ्रेंस में उन्होंने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा, थानों में शुचिता का माहौल रहे। पेट्रोलिंग के लिए छोटी और तंग गलियों में उपयुक्त व्यवस्था हो, गश्त बढ़ाएं। देखें कि पेट्रोलिंग में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आए। वरिष्ठ अधिकारी आकस्मिक निरीक्षण करें और निगरानी भी करें। वर्षाकाल से पहले नगरीय निकायों के सहयोग से खतरनाक बिल्डिंगों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही की जाए। यह देखा जाए कि कोई भी बाजार देर रात तक संचालित न हो। सिंहस्थ-2028, करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है। इस आयोजन में संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता और सेवा भाव से पुलिस, आदर्श व्यवस्था का उदाहरण देश-दुनिया में प्रस्तुत करे। कार्यक्रम में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जिससे शासन की प्राथमिकताओं और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पुलिस कार्यों की नियमित निगरानी होगी। बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, समस्त जोनल पुलिस महानिरीक्षक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साइबर अपराधों की रोकथाम को दें सर्वोच्च प्राथमिकता- सीएम सीएम ने आगे कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरुकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशामुक्ति, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला और बच्चों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में साइबर अपराध, संगठित अपराध, माफिया गतिविधियां, भूमि संबंधी अपराध, सामाजिक चुनौतियों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के साथ कार्य करना होगा। प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन की सहभागिता से व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किए जाने चाहिए। सांप्रदायिक ताकतों पर नियंत्रण के लिए निरंतर सजग रहना जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा, धार में भोजशाला से संबंधित न्यायालय के निर्णय को प्रदेश पुलिस ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर लागू कराया। भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर शांति पूर्ण स्थिति कायम रखने में भी पुलिस की अहम भूमिका रही। सांप्रदायिक ताकतों को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को निरंतर सजग रहना होगा।

नमक उत्पादकों के लिए नए नियम, लीज नवीनीकरण और 6 माह की छूट मंजूर

जयपुर राजस्‍थान सरकार द्वारा नमक उत्‍पादकों के हित को ध्‍यान में रखते हुए भूखंड आवंटन से संबंधित नियमों में संशोधन किया गया है। राज्य में नमक उद्योग को बढावा देने के लिए वतर्मान में प्रचलित नियमों में संशोधन कर राजस्‍थान (लवण क्षेत्रों में भूखंड आवटंन) संशोधन नियम, 2026 जारी किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार, अब नमक उद्योग के लिए भूखंड आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। पूर्व में यह प्रक्रिया लॉटरी आधारित थी। साथ ही, नियमों में अपील किए जाने, नमक इकाइयों के वर्गीकरण संबंधी प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। जिन जिलो में नमक उत्‍पादन हेतु लवणीय भूमि उपलब्‍ध है, उनमें अब  सर्वे सीमांकन और भूखंडो के मापन के बाद आवंटन की कार्यवाही की जा सकेगी। इन नियमों की लंबे समय से नमक उत्‍पादको द्वारा  मांग की जारी रही थी। वर्तमान में लीज नवीनीकरण से वंचित नमक उत्‍पादक इकाइयों का नवीनीकरण किए जाने से नमक उद्यमियों को राहत मिलेगी।  नए लवण क्षेत्रों मे आवंटन की राह खुलेगी, जिससे इस क्षेत्र में और अधिक निवेश होगा। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा। 300 इकाइयां नवीनीकरण से थी वचिंत, अब 6 माह की छूट मिलेगी पूर्व के नियमों में लीज समाप्‍त होने के चार वर्ष पश्‍चात नवीनीकरण करने को कोई प्रावधान नही होने से लगभग 300 नमक उत्‍पादक इकाइयां लीज नवीनीकरण से वंचित थी, जिसके कारण नमक उत्‍पादक काफी परेशान थे। राज्‍य सरकार द्वारा ऐसी इकाईयों को 6 माह की एकमुश्‍त छूट प्रदान कर नमक उत्‍पादकों को काफी राहत प्रदान की है। इस छूट से नमक उत्‍पादक इकाईयों का लीज नवीनीकरण हो सकेगा और राज्‍य सरकार को राजस्‍व में भी लाभ मिलेगा ।

खाद्य प्रसंस्करण में यूपी ने मारी बड़ी छलांग, महाराष्ट्र-बंगाल पीछे

लखनऊ  समृद्ध कृषि आधार और योगी आदित्यनाथ सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों के दम पर उत्तर प्रदेश आज पूरे देश में 'खाद्य प्रसंस्करण महाशक्ति' (Food Processing Powerhouse) के रूप में उभर चुका है। बेहतर बुनियादी ढांचा, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और कुशल कार्यबल की बदौलत प्रदेश में इस समय रिकॉर्ड 3,50,883 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां संचालित हो रही हैं। इस ऐतिहासिक आंकड़े के साथ ही यूपी ने इस क्षेत्र में देश में पहला स्थान हासिल कर लिया है, जो राज्य की बदलती औद्योगिक तस्वीर का सबसे बड़ा प्रमाण है। 3.5 लाख इकाइयों के साथ महाराष्ट्र-बंगाल को पछाड़ा आंकड़ों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े औद्योगिक राज्यों को मीलों पीछे छोड़ दिया है। जहां यूपी में 3,50,883 इकाइयां काम कर रही हैं, वहीं पश्चिम बंगाल (3,22,590) और महाराष्ट्र (2,29,372) काफी पीछे हैं। देश की कुल 24.59 लाख इकाइयों में अकेले उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 14 से 15 प्रतिशत है। मजबूत नीतिगत समर्थन और प्रचुर कच्चे माल की उपलब्धता ने इस सेक्टर को एक नई संजीवनी दी है। रोजगार के अवसर: 2.5 लाख से अधिक श्रमिकों को मिला काम योगी सरकार की कृषि और उद्योग हितैषी नीतियों का सीधा असर रोजगार सृजन पर भी दिख रहा है। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के इस अभूतपूर्व विस्तार से प्रदेश के 2.5 लाख से ज्यादा श्रमिकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। चूंकि यूपी दूध, गन्ना और सब्जियों के उत्पादन में पहले से ही देश में नंबर-1 है, इसलिए इन उद्यमों को कच्चे माल की कभी कमी नहीं होती, जिससे उत्पादन और रोजगार का चक्र निर्बाध रूप से चल रहा है। कृषि प्रधान यूपी: 9 फसलों के उत्पादन में देश का 'नंबर वन' खाद्य प्रसंस्करण की इस सफलता का सबसे बड़ा श्रेय यूपी की उपजाऊ धरती को जाता है। आम, अमरूद, आलू, मटर, लौकी, सिंघाड़ा, तरबूज, खरबूजा और शिमला मिर्च के उत्पादन में उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। देश में उत्पादित होने वाले 336.21 लाख मीट्रिक टन आम में से 61.94 लाख मीट्रिक टन और 50.23 लाख मीट्रिक टन अमरूद में से 11.49 लाख मीट्रिक टन हिस्सा अकेले यूपी का है। आलू और लौकी उत्पादन में बेताज बादशाह सब्जियों के उत्पादन में यूपी का कोई सानी नहीं है। देश के कुल 598.89 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन में यूपी का योगदान 250.66 लाख मीट्रिक टन है। इसी तरह, भारत में मटर के 72.38 लाख मीट्रिक टन उत्पादन में से यूपी 37.62 लाख मीट्रिक टन उगा रहा है। लौकी और सिंघाड़ा के उत्पादन में भी प्रदेश अव्वल है। राष्ट्रीय फल-सब्जी उत्पादन में यूपी का शानदार योगदान तरबूज, खरबूजा और शिमला मिर्च की खेती में भी यूपी के किसानों ने शानदार काम किया है। कुल मिलाकर, देशभर के 1214.75 लाख मीट्रिक टन फल उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी 14.44 प्रतिशत (175.42 लाख मीट्रिक टन) है। वहीं, देश के कुल 2210 लाख मीट्रिक टन सब्जी उत्पादन में यूपी 19.73 प्रतिशत (435.93 लाख मीट्रिक टन) का योगदान दे रहा है।  

डीओपी योजना 2.0 के तहत डाक सेवा ऐप पर बढ़ीं बैंकिंग सुविधाएं

 फरीदाबाद  भारतीय डाक विभाग की डीओपी योजना 2.0 के तहत मोबाइल बैंकिंग एप पर अब उपभोक्ता ई-पासबुक घर बैठे ही डाउनलोड कर सकेंगे। प्राइवेट बैंकों की तरह अपने उपभोक्ताओं को सुविधाएं देने की दिशा में डाक विभाग नियमित रूप से अपनी डिजिटल सेवाओं को लगातार बढ़ा रहा है। प्ले स्टोर पर डाक सेवा के नाम से मौजूद यह ऐप केवल मोबाइल बैंकिंग एप नहीं है, बल्कि डाक विभाग से संबंधित समग्र जानकारी इसी एप्लीकेशन पर मौजूद हैं। फरीदाबाद के सिस्टम इंजीनियरिंग विंग के वरिष्ठ प्रबंधक संजय वर्मा ने बताया कि मोबाइल एप डाक सेवा बहुत तेजी से डाउनलोड की जा रही है। इसे बनाने का मकसद भी यही था कि लोग अपने घर बैठे ही बैंकिंग संबंधी कामकाज निपटा सके। इस एप्लीकेशन पर बैंकिंग संबंधी ई पासबुक सेवा को चालू कर दिया गया है, बाकि लेनदेन संबंधी ऐप भी जल्द ही लांच होगा। बता दें, भारतीय डाक विभाग देश का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क हैं। देश भर में इसके 1.64 लाख से ज्यादा डाकघर हैं, जहां बचत बैंक खाते संचालित किए जाते हैं। अधिकांश लोगों का विश्वास डाक विभाग पर आज भी अन्य प्राइवेट बैंकों के मुकाबले ज्यादा है। अपने उपभोक्ताओं को प्राइवेट बैंकों की तरह सुविधाएं के लिए प्रयासरत विभागीय अधिकारी डिजिटल योजना के तहत नियमित रूप से सुधार की तरफ बढ़ रहे हैं।

Punjab Holiday News: सरकार ने वीरवार को घोषित किया सार्वजनिक अवकाश, सरकारी दफ्तर और स्कूल रहेंगे बंद

चंडीगढ़. गर्मी के बीच कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार पंजाब में गुरुवार, 18 जून को सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस दिन श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस को लेकर सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस दौरान पंजाब में सरकारी दफ्तर, कॉर्पोरेशन, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और दूसरे सरकारी संस्थान बंद रहेंगे। गौरतलब है कि पंजाब के स्कूलों में पहले से ही गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं। इसी बीच इस छुट्टी के चलते विभिन्न दफ्तरों में काम कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।  

रेलवे का बड़ा बदलाव: आलमनगर–उतरेटिया होकर चलेंगी कई ट्रेनें, यात्रियों को वैकल्पिक रूट से सफर

 लखनऊ  रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए ) ने लखनऊ स्टेशन के एयर कानकोर्स निर्माण कार्य के लिए 14 से 23 जून तक प्लेटफार्म नंबर चार का मेगा ब्लाक लिया है। इस कारण 21 ट्रेनें 14 से 23 जून तक लखनऊ न आकर आलमनगर-ट्रांसपोर्टनगर-उतरेटिया होकर चलेंगी। इन ट्रेनों को आलमनगर और उतरेटिया स्टेशन पर पांच मिनट का ठहराव मिलेगा। यह ट्रेनें आलमनगर-ट्रांसपोर्टनगर होकर चलेंगी     14307 प्रयागराज संगम–बरेली एक्सप्रेस     14241 प्रयागराज संगम–सहारनपुर नौचंदी एक्सप्रेस     14242 सहारनपुर–प्रयागराज संगम नौचंदी एक्सप्रेस     15075 शक्तिनगर–टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस     15073 सिंगरौली–टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस     15074 टनकपुर–सिंगरौली त्रिवेणी एक्सप्रेस     15076 टनकपुर–शक्तिनगर त्रिवेणी एक्सप्रेस     13037 हावड़ा–देहरादून एक्सप्रेस     13035 हावड़ा–देहरादून एक्सप्रेस     13038 देहरादून–हावड़ा एक्सप्रेस     13036 देहरादून–हावड़ा एक्सप्रेस     13257 दानापुर–आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस     13258 आनंद विहार टर्मिनल–दानापुर एक्सप्रेस     14523 बरौनी–अम्बाला कैंट एक्सप्रेस     14524 अम्बाला कैंट–बरौनी एक्सप्रेस     15127 बनारस–नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस     15128 नई दिल्ली–बनारस काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस     15119 बनारस–देहरादून जनता एक्सप्रेस     15120 देहरादून–बनारस जनता एक्सप्रेस     14229 प्रयागराज संगम–योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस     14230 योगनगरी ऋषिकेश–प्रयागराज संगम एक्सप्रेस 15 से ऐशबाग तक चलेगी सहारनपुर वंदे भारत  सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस 15 जून से ऐशबाग से संचालित होगी। इसी तरह 55061 नकहा जंगल-डालीगंज पैसेंजर का विस्तार भी 15 जून से ऐशबाग तक होगा। 55061 नकहा जंगल-ऐशबाग पैसेंजर डालीगंज से सुबह 9:12 बजे, लखनऊ सिटी से 9:20 बजे छूटकर ऐशबाग 9:55 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन ऐशबाग से शाम पांच बजे छूटकर लखनऊ सिटी से 5: 11 बजे होते हुए नकहा जंगल की ओर रवाना होगी।  

एमटी सेलेस्टियल जहाज पर भारतीय क्रू मेंबर की मेडिकल वजहों से मौत

 नई दिल्ली मस्कट में भारतीय दूतावास ने शनिवार देर रात बताया कि ओमान के डुक्म पोर्ट पर खड़े जहाज 'एमटी सेलेस्टियल' पर एक भारतीय नागरिक की मेडिकल दिक्कतों के कारण मौत हो गई। दूतावास ने मृतक की पहचान निशांत उर्थनाथन के तौर पर की है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "मृतक के शव को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।" साथ ही यह भी बताया गया कि उनका शव अभी डुक्म पोर्ट पर मौजूद जहाज पर ही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया भर के शिपिंग बेड़े में 3,00,000 से ज्यादा भारतीय नाविक काम करते हैं। देश के शिपिंग मंत्रालय के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते बताया था कि मिडिल ईस्ट में 18,000 से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। अमेरिकी हमले में मारे गए थे तीन भारतीय नाविक यह मौत ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही ओमान के पास एक टैंकर पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए थे, जिसकी वजह से जनता और विपक्षी पार्टियों ने आलोचना की थी। विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे इस हफ्ते के आखिर में होने वाले 'ग्रुप ऑफ सेवन' (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सामने यह मुद्दा उठाएं। विदेश मंत्रालय ने क्या बताया? भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने "नागरिक शिपिंग के खिलाफ घातक बल के इस्तेमाल पर अपनी गहरी चिंता" जाहिर करने के लिए अमेरिका के 'चार्ज डी'अफेयर्स' (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया था। 'फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया' ने शनिवार को सोशल मीडिया पर बताया कि 35 वर्षीय निशांत उर्थनाथन की 11 जून को मौत हो गई थी। उनका शव बिना सही रेफ्रिजरेशन के दो दिन से ज्यादा समय तक जहाज पर ही रखा रहा। यूनियन ने कहा, "क्रू सदस्य शव को सड़ने से बचाने की कोशिश में ठंडे पानी की बोतलों का इस्तेमाल कर रहे हैं यह एक डरावनी और स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरी स्थिति है।"

राजघराना गोलीकांड में नया मोड़: बाबा राजा ने सुनीता सिंह से रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बताई सच्चाई

सतना. नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में 11 जून को हुए चर्चित गोलीकांड में नया मोड़ आ गया है। घटना के चार दिन बाद रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा पहली बार मीडिया के सामने आकर इस पूरे घटनाक्रम में अपना पक्ष रखा। रुपेन्द्र सिंह ने बताया कि सुनीता को बार-बार मेरी दूसरी पत्नी व प्रेमिका बताया जा रहा है जबकि ऐसा नहीं है वह न तो मेरी दूसरी पत्नी है न ही प्रेमिका। बल्कि सुनीता सिंह केवल उनकी वर्किंग पार्टनर व पेट्रेाल पम्प की बतौर मैनेजर कार्यरत है। सुनीता ने डिफेंस में चलाई गोली- बाबा राजा रुपेन्द्र सिंह उर्फ बाबा राजा ने दावा किया कि घटना के दौरान उनके साथ पत्नी योगिता सिंह, साले और अन्य लोगों ने मारपीट की। उनके अनुसार दोपहर करीब 3:30 बजे विवाद शुरू हुआ, जिसमें उन्हें धक्का देकर गिराया गया, चश्मा टूट गया और फोटो फ्रेम लगने से वे घायल हो गए। रूपेंद्र सिंह ने कहा कि सुनीता सिंह उनके पेट्रोल पंप की मैनेजर और बिजनेस पार्टनर हैं। उनके मुताबिक मारपीट और धमकियों के बीच सुनीता ने आत्मरक्षा में दीवार की ओर फायरिंग की। उनका दावा है कि दीवार से टकराकर निकली गोली योगिता सिंह को लगी। उन्होंने कहा कि किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था। बाबा राजा ने अपनी सास के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे घटना स्थल पर मौजूद नहीं थीं। धारा नौ के तहत दायर है तलाक का प्रकरण रूपेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि वैवाहिक संबंधों को बचाने के लिए उन्होंने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत न्यायालय में मामला दायर किया था। उनका आरोप है कि पत्नी और ससुराल पक्ष की नजर उनकी संपत्ति पर है।

सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में वित्तीय संकट गहराया, कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला

 रांची  झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी आदर्श विद्यालय योजना का भविष्य अधर में लटक गया है। सितंबर 2025 में योजना की अवधि समाप्त होने के बाद से अब तक इसे आगे बढ़ाने की मंजूरी नहीं मिली है। इसका सीधा असर राज्य के 80 सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस (एसओई) के संचालन पर पड़ रहा है। सितंबर 2026 में योजना बंद हुए एक वर्ष पूरा हो जाएगा, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। योजना के बंद रहने के कारण सीबीएसई से संबद्ध इन विद्यालयों को संचालन के लिए नियमित फंड नहीं मिल पा रहा है। नतीजतन, विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारु रूप से चलाने में कठिनाइयां बढ़ती जा रही हैं। सीबीएसई मान्यता प्राप्त होने के कारण समय पर परीक्षाओं का आयोजन, छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकों का वितरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना अनिवार्य है, लेकिन फंड की कमी के कारण इन कार्यों में लगातार बाधा आ रही है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों के पास राशि नहीं थी। इसके बाद झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) ने दूसरे मद से करीब 1.20 करोड़ रुपये का भुगतान कर पुस्तक आपूर्तिकर्ता को राशि उपलब्ध कराई, तब जाकर छात्रों को किताबें मिल सकीं। छह माह से वेतन नहीं, कर्मचारी छोड़ रहे हैं विद्यालय फंड संकट का सबसे बड़ा असर स्कूलों में कार्यरत मानव संसाधन पर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, राज्य के 80 एसओई में कार्यरत 30 स्कूल मैनेजर, 240 अन्य कर्मी और तीन राज्य स्तरीय पीएमयू अधिकारी पिछले करीब छह महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, बोकारो और गोड्डा सहित कई जिलों के स्कूल मैनेजर इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं कई अन्य मैनेजर भी जल्द नौकरी छोड़ने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि लगातार छह माह तक वेतन नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। 100 नए एसओई की घोषणा, लेकिन पुराने स्कूलों का भविष्य अनिश्चित कर्मचारियों और स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि एक ओर राज्य सरकार आदर्श विद्यालय योजना के तहत 100 नए सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस शुरू करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर पहले से संचालित 80 विद्यालयों के लिए योजना का नवीनीकरण तक नहीं हो पाया है। इससे सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। योजना को आगे बढ़ाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक है। प्रस्ताव को विभिन्न स्तरों से स्वीकृति मिलने के बाद ही इसे मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जा सकेगा। ऐसे में पूरी प्रक्रिया में अभी कई महीने और लग सकते हैं।

होर्मुज विवाद पर जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से जताई कड़ी आपत्ति

नई दिल्ली ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले कमर्शल शिप को निशाना बनाए जाने और तीन भारतीयों की मौत के बाद अमेरिका के साथ एक बार फिर कहासुनी शुरू हो गई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि उन्होंने फोन पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात करके कड़ी आपत्ति जताई है। तो दूसरे ही दिन रूबियो का बयान आ गया कि होर्मुज में नाकेबंदी का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी बीच ईरान में फंसे कुछ नाविकों ने वीडियो जारी करके सवाल किया है कि आखिर भारतीय शिप को ही क्यो निशाना बनाया जा रहा है। भारतीय नाविक क्यों निशाने पर? वीडियो में एक नाविक कहता है, भारतीय नाविकों पर हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, हम लोग ईरान में हैं। सिर्फ भारतीय जहाजों पर हमला हो रहा है। ऐसा क्यों हो रहा है। हम लोग किसी सेना से तो हैं नहीं। हमें लड़ने की ट्रेनिंग नहीं मिली है। हम केवल देश का बिजनेस बढ़ा रहे हैं। हम कॉन्ट्रैक्ट बेस पर काम कर रहे हैं। हमारी क्या गलती है। कल एक शिप पर अटैक हुआ। उस शिप पर मैंने काम किया था। कैप्टन साहब से बात की तो उन्होंने बताया कि एक वॉर्निंग दी गई और फिर तुरंत मिसाइल से हमला कर दिया गया। आखिर उनकी क्या गलती थी।   उन्होंने कहा, हम लोगों को बीच में क्यों घसीटा जा रहा है। हम 13 लाख सीफेरर्स हैं। हम एक दूसरे की आवाज उठा सकते हैं। सवाल यह है कि सिर्फ भारतीय नाविकों को ही क्यो निशाना बनाया जा रहा है। बता दें कि अमेरिका ने 24 भारतीय चालक दल वाले एक जहाज पर ओमान तट पर हमला कर दिया था। इसमें तीन नाविकों की मौत हो गई थी और 21 को सुरक्षित निकाला जा सका था। कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला कांग्रेस का कहना है कि भारतीय नाविकों की मौत पर सरकार की प्रतिक्रिया शर्मनाक है। राहुल गांधी ने कहा कि मार्को रूबियो अफसोस जताने की बजाय आदेश देने वाली भाषा बोल रहे हैं। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि अमेरिकी कृत्य को अवैध एवं अस्वीकार्य कहा जाना चाहिए था और उससे माफी की मांग की जानी चाहिए थी। इसको लेकर खेड़ा ने 'एक्स' पर लिखा, "भारत को अमेरिकी सैन्य हमले में तीन युवा भारतीय नाविकों की हत्या के लिए बिना शर्त माफ़ी की मांग करनी चाहिए थी। इसके बजाय, अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कथित तौर पर एक चेतावनी जारी करने का फैसला किया, जिसमें घोषणा की गई कि अमेरिकी सेना के आदेशों का पालन न करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"