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ममता बनर्जी ने संगठन में किया बदलाव, महिला मोर्चे की जिम्मेदारी बदली

पश्चिम बंगाल बंगाल में चुनाव के बाद टीएमसी में शुरू हुए बड़े संकट के बीच ममता बनर्जी पार्टी में बड़े बदलाव करने में जुटी हैं। उन्होंने चुनाव के दौरान 'काबा-मदीना' और अन्य गीत गाकर जनता को लुभाने की कोशिश करने वाली सायोनी घोष को युवा मोर्चे के अध्यक्ष पद से हटा दिया है और यह जिम्मेदारी अर्णब बनर्जी को दे दी है। सायोनी घष जादवपुर से सांसद हैं। उन्हें एक सप्ताह पहले ही युवा मोर्चे का अध्यक्ष बनाया गाय था। सायोनी घोष भी बागी गुट में शामिल सूत्रों की मानें तो ममता बनर्जी ने महिाल मोर्चे की अध्यक्ष को भी बदल दिया है।कोलकाता दक्षिण से सांसद माला रॉय अब तक यह जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अब ममता बनर्जी ने नाडिया जिले की कालीगंज सीट से विधायक आलिफा अहमद को महिला मोर्चे का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। बताया जा रहा है कि सायोनी और माला रॉय दोनों ही बागी नेताओं के साथ शामिल हो गई हैं। बताया जा रहा है कि टीएमसी के बागी सांसद सोमवार को लोकसभा स्पीकर से मिलकर अपने गुट को 'वास्तविक टीएमसी' घोषित करने का दावा पेश कर सकते हैं। लोकसभा में एनडीए के समर्थन को तैयार बागी गुट जानकारी के मुताबिक सांसद संदीप बंधोपाध्याय भी बागी गुट में शामिल हो गए हैं। टीएमसी के 28 लोकसभा सांसद हैं जिनमें से 20 बागी गुट में शमिल हैं। सांसद काकोली गोष दस्तीदार ने तो यहां तक कह दिया है कि उनके गुट को टीएमसी का तमगा मिलते ही वे संसद में बीजेपी की अगुआई वाली एनडीए सरकार का समर्थन कर देंगे। बता दें कि विधानसभा में विधायकों की बगावत के बाद ही ममता बनर्जी ने 5 जून को संगठन समिति में बदलाव किए थे। ममता बनर्जी ने पहले की सारी समितियों को भंग कर दिया था और एक नया स्टरक्चर बनाया था। वहीं ममता बनर्जी ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखा था। एक राज्यसभा सांसद ने कहा, ममता बनर्जी ने जिन लोगों को दूध और शहद खिलाया वही आज उनके लिए सांप बन गए हैं। बालाघाट से सांसद कुणाल घोष को पार्टी के उत्तर कोलकाता संगठन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पहले इस पद पर संदीप बंधोपाध्याय थे। चर्चा यह भी चल रही है कि ममता बनर्जी टीएमसी के कांग्रेस में विलय की घोषणा कर सकती हैं। हालांकि डेरेक ओ ब्रायन ने इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया है। ब्रायन ने कहा, 'मैं टीएमसी के किसी दूसरी पार्टी में विलय की इस फर्जी खबर को खारिज करना चाहता हूं। यह निराधार है। हां, मेरे दोस्त केसी वेणुगोपाल ने इसके लिए बिल्कुल सही शब्द इस्तेमाल किया है।'

हाईकोर्ट ने तबादला मामले में दखल से किया इंकार, संविदा कर्मियों को नहीं मिली राहत

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संविदा आधार पर कार्यरत कर्मचारियों के स्थानांतरण (तबादले) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट की एकल पीठ ने साफ किया है कि शासकीय सेवाओं में ट्रांसफर और पोस्टिंग नौकरी का एक अनिवार्य व स्वाभाविक हिस्सा है। किसी भी संविदा कर्मचारी का तबादला किस स्थान पर किया जाना चाहिए, यह तय करना पूरी तरह से संबंधित सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) का विशेषाधिकार है। अदालत ने स्वास्थ्य विभाग के एक संविदा कर्मी की याचिका को खारिज करते हुए राज्य सरकार के निर्णय में किसी भी तरह के हस्तक्षेप से साफ इंकार कर दिया है। इस प्रकार से समक्षें क्या है पूरा मामला प्रशासनिक विशेषाधिकार बहाल: हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों की पदस्थापना और स्थानांतरण पूरी तरह से कार्यपालिका (Executive) का काम है, जिसमें न्यायपालिका सामान्यतः हस्तक्षेप नहीं करेगी। दुर्भावना सिद्ध करना अनिवार्य: अदालत के रुख से साफ है कि ट्रांसफर रुकवाने के लिए केवल संविदा होने का तर्क काफी नहीं है, बल्कि आदेश के पीछे किसी दुर्भावना या नियम के उल्लंघन को साबित करना होगा। अनुच्छेद 226 का हवाला: चीफ जस्टिस की मंशा के अनुरूप कोर्ट ने रिट क्षेत्राधिकार के सीमित उपयोग पर जोर दिया, खासकर तब जब निर्णय किसी विशेषज्ञ वैधानिक संस्था द्वारा लिया गया हो। मुंगेली के संविदा कर्मी को झटका: स्वास्थ्य विभाग द्वारा 6 मई 2026 को किए गए इस अंतर-जिला ट्रांसफर के बाद अब याचिकाकर्ता को नए जिले में ज्वाइनिंग देनी ही होगी। हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका और ये कहा याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच में हुई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा है, शासकीय सेवाओं में ट्रांसफर और पोस्टिंग नौकरी का एक स्वाभाविक हिस्सा है। कोर्ट ने कहा, संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट को स्थानांतरण के मामलों में हस्तक्षेप करने का बहुत ही सीमित अधिकार है, खासकर तब जब निर्णय किसी विशेषज्ञ वैधानिक संस्था द्वारा लिया गया हो। कोर्ट ने राज्य शासन के स्थानांतरण आदेश में किसी प्रकार की अवैधता या विधिक त्रुटि ना होने की बात कहते हुए रिट याचिका को खारिज कर दिया है।

पंजाब में बदलेगा मौसम का मिजाज, 8 जिलों में बारिश-ओले गिरने का अलर्ट; IMD ने जारी की चेतावनी

जालंधर. पिछले कुछ दिनों से पंजाब के मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। कई इलाकों में बारिश और ओले गिरने से तापमान में गिरावट आई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 8.2 डिग्री सेल्सियस कम हो गया है। हालांकि, इस दौरान लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। आज फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में ठंडी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि आज से 18 जून तक बादल छाए रहने, आंधी-तूफान के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 15 जून को अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, नवांशहर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, संगरूर और पटियाला जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। बठिंडा, मानसा, मुक्तसर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, फिरोजपुर और तरनतारन में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने की संभावना है। इसी तरह, 16 जून को फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, मोगा, फरीदकोट और फिरोजपुर जिलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना है। 17 जून को अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला में कई जगहों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बादल छाए रहने की संभावना है। इसके बाद 18 जून को मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा और किसी तरह की कोई चेतावनी नहीं है।

मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात, 37वीं किस्त के 1500 रुपए खाते में ट्रांसफर

सागर. मध्य प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के लिए रविवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले की देवरी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले केसली क्षेत्र से प्रदेश की लाडली बहनों के खातों में योजना की 37वीं किस्त की राशि सफलता पूर्वक ट्रांसफर कर दी। इस बार सरकार ने हर पात्र महिला के खाते में 1500-1500 रुपये की राशि भेजी है। इस सिंगल क्लिक ट्रांसफर के जरिए प्रदेश की लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में कुल 1,835 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि पहुंचाई गई। इस मुख्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल बहनों को आर्थिक संबल ही नहीं दिया, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी रफ्तार दी। सीएम डॉ. यादव ने केसली में 190.85 करोड़ रुपये की लागत वाले कुल 53 विकास कार्यों की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया। इसमें 28 नए कार्यों का भूमिपूजन तथा 25 पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण शामिल है। घर बैठे ऐसे जांचें अपनी भुगतान की स्थिति यदि आप लाडली बहना योजना के लाभार्थी हैं और यह चेक करना चाहते हैं कि आपके खाते में राशि पहुंची है या नहीं, तो आप इसकी ऑनलाइन जांच बेहद आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं। होमपेज पर दिए गए 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' वाले विकल्प को चुनें। इसके बाद मांगी गई जगह पर अपनी समग्र आईडी अथवा रजिस्ट्रेशन संख्या दर्ज करें। अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे दर्ज करके वेरिफाई करते ही आपके स्क्रीन पर भुगतान का पूरा विवरण आ जाएगा। अंतिम सूची में अपना नाम देखने का तरीका अगर आप यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि आपका नाम लाभार्थियों की सूची में बरकरार है या नहीं, तो इसके लिए भी पोर्टल पर व्यवस्था की गई है। आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'अंतिम सूची' के विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें। 'ओटीपी प्राप्त करें' पर क्लिक करने के बाद मोबाइल पर आए वन-टाइम पासवर्ड को भरें। इसे सबमिट करते ही आपके सामने पूरी सूची आ जाएगी, जिसमें आप अपना नाम देख सकती हैं। नए रजिस्ट्रेशनों को लेकर क्या है स्थिति? लाडली बहना योजना के तहत नए आवेदन फॉर्म भरने का इंतजार कर रही महिलाओं को फिलहाल अभी और प्रतीक्षा करनी होगी। साल 2023 के बाद से ही योजना के नए रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से बंद हैं। हालांकि सरकार ने समय-समय पर आर्थिक सहायता राशि में बढ़ोतरी जरूर की है, लेकिन इस बार सागर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी नए फॉर्म भरे जाने को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में नई पात्र महिलाओं को अगली घोषणा तक थोड़ा और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। राशि अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन केसली, जिला सागर में लाड़ली बहना योजना अंतर्गत आयोजित लाड़ली बहनों के खाते में राशि अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण कार्यक्रम में सहभागिता — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 14, 2026

100 दिनों के कामकाज का हिसाब तैयार करेगी बिहार सरकार, उपलब्धियों पर फोकस

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार के 100 दिन 24 जुलाई को पूरे होने वाले हैं। सौ दिनों में भाजपा कोटे के मंत्रियों द्वारा जनहित में कौन-कौन से महत्वपूर्ण फैसला लिया गया? कौन-सी नई योजनाएं संचालित की गईं और योजनाओं के क्रियान्वयन में कितनी प्रभावी प्रगति हुई? इन सब पर भाजपा नेतृत्व ने अपने सभी मंत्रियों से विभागवार उपलब्धियों और कार्यों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। पार्टी का लक्ष्य है कि सम्राट सरकार के 100 दिनों के कामकाज का आकलन कर उसे जनता के बीच प्रभावी ढंग से रखा जाए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में गत दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर पार्टी के मंत्रियों की बैठक हुई। इस दौरान संगठन के रणनीतिकारों ने सम्राट सरकार के ब्रांडिंग की विस्तृत कार्ययोजना तैयारी की। जमकर होगा प्रचार-प्रसार पार्टी नेतृत्व ने मंत्रियों से विभागवार प्रमुख निर्णयों, नई योजनाओं, विकास कार्यों की प्रगति, प्रशासनिक सुधारों तथा जनहित से जुड़े कदमों की जानकारी उपलब्ध कराने की ओर ध्यान आकृष्ट किया। इसके आधार पर सरकार के 100 दिनों की उपलब्धियों का संकलन तैयार किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य यह दिखाना है कि नई सरकार ने कम समय में शासन और विकास के मोर्चे पर क्या-क्या पहल की है। भाजपा संगठन की ओर से जुटाई जा रही जानकारी का उपयोग आगामी जनसंपर्क कार्यक्रमों, मीडिया संवाद और विभिन्न राजनीतिक अभियानों में भी किया जाएगा। पार्टी नेताओं का मानना है कि सरकार के शुरुआती कार्यकाल में लिए गए फैसलों और शुरू की गई योजनाओं को जनता तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि शासन की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है। एक ओर सरकार अपने कामकाज का लेखा-जोखा तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा संगठन उसे जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति बना रहा है। माना जा रहा है कि 100 दिन पूरे होने के मौके पर सरकार की उपलब्धियों को लेकर व्यापक स्तर पर जन संपर्क अभियान भी चलाया जा सकता है।

नई सड़कों और पुलों को लेकर योगी सरकार की बड़ी तैयारी, बजट और टेंडर प्रक्रिया तेज

लखनऊ  अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार विकास कार्यों को रफ्तार देने में जुट गई है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलीय दौरा शुरू कर दिए हैं। इन दौरों में मुख्यमंत्री जन प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। जन प्रतिनिधियों से उनके विधान सभा क्षेत्र में इस वर्ष नई सड़कें व पुल-पुलियों की प्राथमिकता की जानकारी ले रहे हैं। विभाग की तैयारी जुलाई से ही नई योजनाओं के लिए बजट स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को वाराणसी मंडल में जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक मंडलीय दौरे की शुरूआत कर दी। मुख्यमंत्री रविवार को गोरखपुर में गोरखपुर मंडल के जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री का मंडलीय दौरा इसी महीने पूरा हो जाने की उम्मीद है। निर्माण कार्यों की प्राथमिकताएं की जा रहीं तय मंडलीय बैठकों के माध्यम से इस साल विभागीय बजट से नई सड़कें व पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जा रही हैं। जिसके आधार पर पीडब्ल्यूडी निर्माण कार्यों को तेजी से शुरू कराएगा। विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान के मुताबिक जन प्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर सभी जिलों की कार्ययोजना आ गई है। मुख्यमंत्री की मंडलीय बैठकें पूरी हो जाने के बाद चयनित कार्यों का काम तेजी से शुरू कराया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि जुलाई से ही विभाग चयनित कार्यों के लिए बजट स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया का काम शुरू कर देगा। जिससे सितंबर से धरातल पर युद्धस्तर पर काम शुरू कराया जा सके। आवंटित किए 35156 करोड़ इस वित्तीय वर्ष में पीडब्ल्यूडी को निर्माण कार्यो के लिए 35,156 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जिसमें से 11,718 करोड़ रुपये से नई सड़कें व पुल-पुलिया बनाई जाएंगी। शेष बजट पहले से चल रही योजनाओं को पूरा करने पर खर्च किया जाएगा। लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नई सड़कें व पुल-पुलियों का काम इस वर्ष शुरू किया जाना है। विभाग ने तय किया है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पांच करोड़ रुपये तक की लागत वाली योजनाओं को 50 प्रतिशत धनराशि तथा इससे बड़ी योजनाओं के लिए 20 से 30 प्रतिशत तक बजट जारी किया जाएगा।  

महाभारत युद्ध के 18 दिन: हर दिन की प्रमुख घटनाओं का क्रम

 महाभारत इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा युद्ध माना जाता है, जिसमें असंख्य लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 18 दिनों तक चले इस युद्ध में हर दिन नई घटनाएं हुईं और अनेक महान योद्धा वीरगति को प्राप्त हुए. योगेश्वर श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में धर्म की रक्षा की और हर दिन जय-पराजय के नए उदाहरण सामने आए. युद्ध शुरू होने से पहले भीष्म पितामह के सुझाव पर कौरवों और पांडवों ने मिलकर कुछ नियम बनाए. जैसे युद्ध सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही होगा, समान श्रेणी के योद्धा आपस में युद्ध करेंगे, निहत्थे या शरण में आए व्यक्ति पर प्रहार नहीं किया जाएगा और एक योद्धा पर एक से अधिक योद्धा एक साथ आक्रमण नहीं करेंगे. पहला दिन युद्ध आरंभ से पहले अर्जुन मोह में पड़ गए थे, तब श्रीकृष्ण ने उन्हें गीता का उपदेश दिया था. युयुत्सु कौरवों का साथ छोड़कर पांडवों में शामिल हो गया था. पहले दिन पांडवों को भारी हानि हुई थी. दूसरा दिन भीष्म, द्रोण, अर्जुन और सात्यकि के बीच भयंकर युद्ध हुआ था. भीम ने हजारों सैनिकों का वध किया. इस दिन पांडवों को बढ़त मिली. तीसरा दिन भीम और घटोत्कच ने कौरव सेना को पीछे धकेला. भीष्म के प्रकोप को देखकर कृष्ण स्वयं हस्तक्षेप करने आगे बढ़े, लेकिन अर्जुन ने उन्हें रोका. चौथा दिन भीम ने कौरव सेना में भय फैला दिया और गज सेना का संहार किया. कौरवों को भारी नुकसान हुआ. पांचवां दिन भीष्म ने पांडव सेना में हाहाकार मचा दिया. सात्यकि के पुत्रों की मृत्यु हुई. दोनों पक्षों को भारी हानि हुई. छठा दिन मकर और क्रौंच व्यूह में युद्ध हुआ था. भीष्म ने पांचाल सेना का संहार भी किया था. सातवां दिन अर्जुन ने कौरव सेना को तहस-नहस किया. दुर्योधन को पराजय का सामना करना पड़ा. आठवां दिन भीम ने दुर्योधन के कई भाइयों का वध किया था. इरावान मारा गया था. कौरवों को अधिक क्षति हुई. नौवां दिन भीष्म के प्रचंड आक्रमण से पांडवों को भारी नुकसान हुआ. कृष्ण को शस्त्र उठाने की नौबत आ गई. दसवां दिन शिखंडी की सहायता से अर्जुन ने भीष्म पितामह को बाणों की शैय्या पर लिटा दिया था. जिसके कारण कौरवों ने अपना सबसे बड़ा योद्धा खो दिया था. ग्यारहवां दिन द्रोणाचार्य सेनापति बने. उन्होंने युधिष्ठिर को बंदी बनाने का प्रयास किया, लेकिन अर्जुन ने उन्हें बचा लिया. बारहवां दिन कौरवों की योजना फिर असफल रही. अर्जुन ने युधिष्ठिर को बचाया. तेरहवां दिन चक्रव्यूह रचा गया. अभिमन्यु वीरता से लड़ा, लेकिन अंततः अनेक योद्धाओं ने मिलकर उसका वध कर दिया. यह पांडवों के लिए सबसे बड़ी क्षति थी. चौदहवां दिन अर्जुन ने सूर्यास्त से पहले जयद्रथ का वध कर अपनी प्रतिज्ञा पूरी की थी. पंद्रहवां दिन अश्वत्थामा की झूठी खबर फैलाकर द्रोण को निराश किया गया और धृष्टद्युम्न ने उनका वध कर दिया. सोलहवां दिन कर्ण सेनापति बने. उन्होंने भीषण युद्ध किया, लेकिन घटोत्कच को मारने के लिए अपनी अमोघ शक्ति का प्रयोग करना पड़ा. सत्रहवां दिन अर्जुन ने कर्ण का वध किया. कौरव सेना का मनोबल पूरी तरह टूट गया. अठारहवां दिन अंतिम दिन अश्वत्थामा ने रात में पांडव शिविर पर हमला कर द्रौपदी के पुत्रों का वध किया. अंततः भीम ने दुर्योधन का वध किया और पांडवों को विजय प्राप्त हुई थी.

केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन पर बड़ा अपडेट, 8वें पे कमीशन से बढ़ी उम्मीदें

नई दिल्ली 8वें पे कमीशन को लेकर अब प्रक्रिया काफी तेज हो गई है। वित्त आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठकें कर रहा है। कर्मचारी संगठनों से लगातार राय मांगी जा रही है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाह वित्त आयोग की बैठकों और इससे जुड़ी जानकारी पर बनी हुई है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की फिटमेंट फैक्टर पर सबसे अधिक निगाह है। 6वें और 7वें वित्त आयोग के दौरान फिटमेंट फैक्टर ही केंद्र में रहा था। इसी से सैलरी संशोधन, डीए अन्य सभी कैलकुलेट किया जाएगा। बता दें, 28 फरवरी 2014 को 7वें वित्त आयोग का गठन किया गया था। लेकिन इसके लागू होने में 21 महीने का समय लगा था। 19 नवंबर 2015 को 7वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट जमा की थी। 8वें वित्त आयोग की बात करें तो इसका गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग के पास रिपोर्ट जमा करने के लिए 18 महीने का समय है। रिपोर्ट्स के अनुसार पे कमीशन 25 जुलाई 2027 तक सभी पक्षों से बातचीत के आधार पर तय रिपोर्ट को जमा कर सकता है। जिसपर अंतिम फैसला सरकार की तरफ से लिया जाएगा। क्या होता है फिटमेंट फैक्टर? एक तरह से फॉर्मूला होता है जिसके कैलकुलेशन के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी का पता चलता है। इसी फॉर्मूला के जरिए पुराने बेसिक पे की जगह नया रिवाइज बेसिक सैलरी तय किया जाता है। कैसे प्रयोग होता है फॉर्मूला? मौजूदा बेसिक पे x फिटमेंट फैक्टर = नया बेसिक पे सातवें बेसिक पे के वक्त पर फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। जिसके बाद मिनिमम बेसिक सैलरी केंद्रीय कर्मचारियों की 7000 रुपये से बढ़कर 18000 रुपये के स्तर पर पहुचं गया। बता दें, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी में हर 10 साल में एक बार इजाफा होता है। इस बार कितना फिटमेंट फैक्टर रह सकता है? अभी तक 8वें पे कमीशन के लिए कोई आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर का ऐलान नहीं किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार 2.28 से 3.83 फिटमेंट फैक्टर इस बार तय किया जा सकता है। पहले के समय में फिटमेंट फैक्टर नहीं हुआ करता था। जिसकी वजह से पे कमीशन की तरफ से सैलरी रिवीजन के लिए अलग-अलग फैक्टर्स को आधार बनाया जाता था। जिसके बाद कोई फैसला होता था। हालांकि, तब भी मूल में कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और भत्ता ही होते थे। जिसे मार्केट के अनुसार बढ़ाया जाता था। बता दें, 8वें पे कमीशन के फैसलों का असर 1.1 केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा।

रफ्तार बनी मौत की वजह, दिल्ली-कटड़ा हाईवे पर ट्रक से भिड़ी कार, दो लोगों ने गंवाई जान

भवानीगढ़/संगरूर. दिल्ली-कटड़ा हाईवे पर गांव फग्गुवाला के निकट रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे की सूचना कंट्रोल रूम 112 को रात करीब 2:30 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही एसएसएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम में एएसआई शमशेर सिंह, कांस्टेबल बलविंदर सिंह तथा कांस्टेबल जसप्रीत सिंह ने हादसे का जायजा लिया। जानकारी के अनुसार दिल्ली नंबर की एक टोयोटा हाइराइडर कार (DL14CJ1807) दिल्ली से आ रही थी। गांव फग्गूवाला के पास हाईवे पर तकनीकी खराबी के कारण खड़े एक ट्रक (HR64A 5487) से कार पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीनों लोग वाहन में फंस गए। एसएसएफ टीम ने राहगीरों की सहायता से काफी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला। हादसे में कार चालक प्रिंस कुमार (27 वर्ष) निवासी बुद्ध नगर जिला गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं माहीरा (16 वर्ष) पुत्री मोहम्मद अशफाक निवासी बटला हाउस दिल्ली ने सिविल अस्पताल भवानीगढ़ पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। हादसे में घायल सानिया (21 वर्ष) पुत्री मोहम्मद अशफाक निवासी बटला हाउस दिल्ली को एसएसएफ टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर सिविल अस्पताल भवानीगढ़ में भर्ती करवाया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद हाइड्रा मशीन की सहायता से दोनों वाहनों को सड़क किनारे हटाकर यातायात सुचारू कराया गया। मामले की आगे की कार्रवाई के लिए थाना भवानीगढ़ के ड्यूटी अधिकारी एएसआई गुरदीप सिंह को सौंप दिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

RBI का DEA Fund: 10 साल से निष्क्रिय खातों का पैसा ऐसे करें वापस क्लेम

नई दिल्ली क्या आपके या आपकी फैमिली के किसी मेंबर का पुराना बैंक अकाउंट लंबे टाइम से यूज नहीं हुआ है? या फिर किसी फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD की मैच्योरिटी के बाद उसकी रकम को किसी ने भी क्लेम नहीं किया है, तो ऐसे मामलों में आपका ये डिपाजिट हमेशा के लिए गायब नहीं होता बल्कि आप इस पैसे को वापस पा सकते हैं। जी हां, भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के पास ऐसी रकम को सुरक्षित रखने की खास व्यवस्था है और सही प्रोसेस अपनाकर इसे दोबारा हासिल किया जा सकता है। RBI ने ऐसे निष्क्रिय और बिना दावे वाले एकाउंट्स की रकम को संभालने के लिए Depositor Education and Awareness यानी DEA Fund बना रखा है। मई 2014 में शुरू किए गए इस फंड में उन एकाउंट्स का पैसा ट्रांसफर किया जाता है, जो लगातार 10 साल तक इनएक्टिव हैं या जिनकी जमा राशि पर कोई दावा नहीं किया गया है कब 'अनक्लेम्ड डिपॉजिट' बन जाती है आपका पैसा? RBI के रूल्स के अनुसार अगर किसी सेविंग्स या करंट अकाउंट में 10 साल तक कोई लेनदेन नहीं होता या किसी FD की मैच्योरिटी के 10 साल बाद तक रकम नहीं निकाली जाती, तो उस पैसे को इस Unclaimed Deposit में रखा जाता है। इसके बाद बैंक उस राशि को DEA Fund में भेज देता है। हालांकि सबसे अच्छी बात ये है कि बैंक अकाउंट होल्डर या उसके कानूनी उत्तराधिकारी बाद में भी इस रकम को ले सकते हैं। ब्याज वाले अकाउंट के मामले में लागू रूल्स के मुताबिक ब्याज भी दिया जाता है। UDGAM Portal से कैसे ढूंढे अपना भुला हुआ पैसा? इस काम को आसान बनाने के लिए RBI ने UDGAM यानी Unclaimed Deposits-Gateway to Access Information पोर्टल काफी पहले लॉन्च किया था। आज आप इस पोर्टल के जरिए एक ही जगह पर कई बैंक अकाउंट में मौजूद अनक्लेम्ड डिपॉजिट की डिटेल्स देख सकते हैं। सबसे पहले तो इसके लिए आपको अपना नाम और मोबाइल नंबर एंटर करके रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। इसके बाद अकाउंट होल्डर का नाम, बैंक का नाम और PAN, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या जन्मतिथि जैसी डिटेल्स देकर सर्च करना होगा। अगर आपके पास इनमें से कोई डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं है तो भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। आप अकाउंट होल्डर का एड्रेस एंटर करके भी सर्च कर सकते हैं। कैसे वापस मिलेगा Unclaimed पैसा? अनक्लेम्ड पैसा वापस लेने के लिए सबसे पहले तो अकाउंट होल्डर या कानूनी उत्तराधिकारी को संबंधित बैंक में दावा करना होगा। इसके बाद बैंक वेरिफिकेशन प्रोसेस को पूरा करेगा। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ग्राहक को रकम और लागू ब्याज दिया जाएगा। क्लेम करना है काफी आसान     सबसे पहले अपने बैंक की किसी भी ब्रांच में जाएं।     आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे KYC डाक्यूमेंट्स के साथ क्लेम फॉर्म जमा करें।     डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होने के बाद बैंक आपकी राशि वापस कर देगा। किन अकाउंट का पैसा DEA Fund में जाती है? दरअसल DEA Fund में सेविंग्स अकाउंट, करंट अकाउंट, FD, RD, कैश क्रेडिट अकाउंट, अनक्लेम्ड डिमांड ड्राफ्ट, बैंकर चेक, NEFT क्रेडिट बैलेंस, प्रीपेड कार्ड बैलेंस और कई तरह के अन्य इनएक्टिव अकॉउंटस की राशि इसमें शामिल की जाती है।