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गोबर गैस संयंत्रों के पुनर्जीवन से गांवों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगा नया बल

गोबर गैस संयंत्रों के पुनर्जीवन से ग्रामीण ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई गति रायगढ़ में बंद पड़ा बायोगैस संयंत्र हुआ पुनः चालू, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा रायपुर  गोबर गैस संयंत्रों का पुनर्जीवन ग्रामीण भारत में ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक बेहद प्रभावी कदम है। यह गांवों को एलपीजी (LPG) पर निर्भरता से मुक्त कर पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए उत्तम जैविक खाद प्रदान करता है।  राज्य में बायोगैस संयंत्रों के पुनर्जीवन और प्रभावी संचालन की यह पहल ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर गांवों की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। बड़े देवगांव स्थित  गोबर गैस (बायोगैस) संयंत्र को पुनः क्रियाशील            छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रायगढ़ जिले के ग्राम बड़े देवगांव (जनपद पंचायत खरसिया) स्थित गोबर गैस (बायोगैस) संयंत्र को पुनः क्रियाशील किया गया है। यह पहल राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार, जैविक अपशिष्टों के वैज्ञानिक प्रबंधन और ग्रामीण ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है। बायोगैस से चूल्हा संचालित कर गैस परीक्षण पूरी तरह सफल              मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़ के मार्गदर्शन में संयंत्र का विस्तृत निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान क्रेडा की तकनीकी टीम, जिला पंचायत के अधिकारी तथा ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से संयंत्र की स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य संपन्न किए। इसके बाद संयंत्र को सफलतापूर्वक पुनः चालू कर बायोगैस से चूल्हा संचालित कर गैस आपूर्ति की गुणवत्ता और कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। घरेलू ईंधन की सुलभ उपलब्धता होगी सुनिश्चित            अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए बायोगैस संयंत्रों के नियमित रखरखाव, तकनीकी परीक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को घरेलू ईंधन की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित होगी, एलपीजी पर निर्भरता घटेगी तथा ऊर्जा व्यय में कमी आएगी। गोबर और जैविक अपशिष्टों से बनेगा बायोगैस          बायोगैस संयंत्र न केवल स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराते हैं, बल्कि गोबर और अन्य जैविक अपशिष्टों के प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संयंत्रों से प्राप्त जैविक खाद कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलता है। ग्रामीणों को मिलेगी स्वच्छ ईंधन की सुविधा         इस अवसर पर हितग्राहियों एवं ग्रामीणों को संयंत्र के नियमित संचालन, गोबर की निर्धारित मात्रा में आपूर्ति, पाइपलाइन की समय-समय पर जांच तथा तकनीकी समस्याओं की त्वरित सूचना देने संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई। ग्रामीणों ने संयंत्र के पुनः शुरू होने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उन्हें स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिलेगी, पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और घरेलू खर्च में बचत होगी।

दोपहर में छाया अंधेरा, तेज आंधी-बारिश से हरियाणा के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

 हिसार सुबह तक सामान्य दिख रहा मौसम सोमवार दोपहर अचानक बदला और देखते ही देखते प्रदेश के कई जिलों में धूलभरी आंधी, तेज हवाएं और वर्षा का दौर शुरू हो गया। कई स्थानों पर दोपहर में ही अंधेरा जैसा वातावरण बन गया। हांसी में हल्की ओलावृष्टि हुई और तेज आंधी के कारण एक मोबाइल टावर गिर गया। भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में करीब 100 मीटर ऊंचा धूल का बवंडर दिखाई दिया। गुरुग्राम, सोनीपत, फतेहाबाद, सिरसा, रेवाड़ी, झज्जर और अन्य जिलों में वर्षा दर्ज की गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, लेकिन कई स्थानों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। हांसी क्षेत्र में तेज हवाओं और वर्षा के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई। आंधी इतनी तेज थी कि शहर के बड़सी गेट एरिया में एक मोबाइल टावर गिर गया। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और अवरोध पैदा होने की सूचनाएं भी मिलीं। सिवानी में दिखा धूल का विशाल बवंडर भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में धूल का ऊंचा बवंडर लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। तेज हवाओं के साथ उठे इस बवंडर के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर भी प्रसारित हुए। मौसम विशेषज्ञ इसे अस्थिर वायुमंडलीय परिस्थितियों का परिणाम मान रहे हैं। गुरुग्राम में सड़कों पर भरा पानी गुरुग्राम में तेज वर्षा के बाद कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सोनीपत, फतेहाबाद, रेवाड़ी, झज्जर और सिरसा सहित अनेक जिलों में भी वर्षा दर्ज की गई। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। आने वाले दिनों में भी बदलाव के संकेत मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना भी जताई गई है। फिलहाल प्रदेश में हीटवेव जैसी स्थिति नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिला है। आगामी दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में वर्षा और तेज हवाएं चल सकती हैं। – डॉ. चंद्रशेखर डागर, वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार  

WhatsApp Web पर ग्रुप वॉयस और वीडियो कॉलिंग फीचर शुरू, 32 लोगों तक का सपोर्ट

WhatsApp ने अपने वेब वर्जन के लिए ग्रुप वॉयस और वीडियो कॉलिंग फीचर पेश कर दिया है. अभी बीटा वर्जन में इसकी टेस्टिंग जारी है, जिसके तहत बिना वॉट्सऐप डेस्कटॉप ऐप और फोन के भी ग्रुप वीडियो कॉलिंग और ग्रुप वॉयस कॉलिंग का सपोर्ट मिलेगा. इसकी जानकारी वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर और अपडेट को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Wabetainfo ने शेयर की है. वॉट्सऐप पहले ही वेब वर्जन के लिए पर्सनल चैट पर वॉयस और वीडियो कॉलिंग का सपोर्ट दे चुका है. अभी तक ग्रुप कॉलिंग का फीचर शामिल नहीं किया था. रिपोर्टस के मुताबिक, वॉट्सऐप अपने वेब ग्रुप कॉलिंग सर्विस को एक्सपेंड करने जा रहा है. WhatsApp Web पर 32 लोगों तक का सपोर्ट नया अपडेट मिलने के बाद यूजर्स को लैपटॉप या कंप्यूटर में ब्राउजर की मदद से वॉट्सऐप को ओपन करना होगा. एक बार कॉल बटन दबाने के बाद दो ऑप्शन दिखेंगे, जिसमें वॉयस कॉल और वीडियो कॉल होंगे. यूजर्स अपनी जरूरत के मुताबिक, किसी एक ऑप्शन को चुन सकेंगे. वॉट्सऐप वेब के जरिए वीडियो या वॉयस कॉल में मैक्सिमम 32 लोगों को शामिल किया जा सकेगा. इसकी मदद से ऑफिस मीटिंग आदि भी कर सकते हैं. बार-बार जूम मीटिंग तैयार करने की जरूरत नहीं होगी. सिक्योरिटी का फुल वादा वॉट्सऐप के एंड टू एंड एनक्रिप्शन की सुविधा वेब ग्रुप कॉलिंग पर भी मिलेगी, जिसको लेकर कंपनी पहले ही दावा कर चुकी है कि यह उसका पावरफुल सिक्योरिटी फीचर है. इसकी मदद से यूजर्स का डेटा सुरक्षित रहता है. आने वाले दिनों में शामिल होंगे ये फीचर्स आने वाले दिनों में वॉट्सऐप की मदद से वेब वर्जन के तहत कॉल लिंक और स्क्रीन शेयरिंग फीचर मिलेगा. इसकी मदद से यूजर्स वेब ग्रुप कॉलिंग के दौरान कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन पर मौजूद कंटेंट को आसानी से शेयर कर सकेंगे. यूजर्स कॉल के दौरान प्रेजेंटेशन, दस्तावेज़ या अन्य कंटेंट दिखा सकेंगे.

ब्लैक फिल्म से लेकर हूटर तक, राजस्थान पुलिस का बड़ा अभियान जारी

जयपुर राज्य में सड़क परिवहन को सुगम, सरल एवं सुरक्षित बनाने तथा मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले चालकों को कड़ा सबक सिखाने के लिए राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान पूरी रफ्तार से चल रहा है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के आदेशानुसार महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एवं यातायात अनिल पालीवाल एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी.एल. मीणा के कड़े पर्यवेक्षण में पूरे राज्य में 1 जून से 30 जून  तक यह सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को भी सबसे अधिक कार्रवाई ब्लैक फिल्म लगे वाहनों (2853) पर हुई, जो सड़क सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती है। इसके तहत वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, बिना अनुमति के लाल-नीली बत्ती, हूटर, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म (ब्लैक फिल्म), अनधिकृत शब्द और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने वाले वाहनों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई जारी है, जो सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। एक ही दिन में 7,721 वाहनों पर कार्रवाई अभियान के तहत 14 जून को अकेले पूरे राज्य में 7,721 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें- °  726 वाहन अवैध संरचनात्मक परिवर्तन वाले, °  674 वाहन अनधिकृत लाल-नीली बत्ती एवं हूटर वाले, °  438 वाहन प्रेशर हॉर्न/एयर हॉर्न वाले, °  2,853 वाहन ब्लैक फिल्म लगे, °  1,041 वाहन अनधिकृत शब्द एवं चिन्ह प्रदर्शित करने वाले, °  1,989 वाहन नियम विरुद्ध नंबर प्लेट वाले पाए गए। कोटा शहर सबसे आगे 14 जून की कार्रवाई में कोटा शहर 406 मामलों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। इसके बाद अलवर (388), जयपुर पश्चिम (378), जयपुर ग्रामीण (338) और जयपुर यातायात (303) प्रमुख रहे। वहीं चित्तौड़गढ़ (296) और भीलवाड़ा (297) में भी उल्लेखनीय कार्रवाई दर्ज की गई। सड़क सुरक्षा के लिए जारी रहेगा अभियान डीजे ट्रैफिक पालीवाल का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष चलाया जा रहा है। उन्होंन आमजन से अपील की है कि वे वाहनों में किसी भी प्रकार अवैध संशोधन, ब्लैक फिल्म, प्रेशर हॉर्न, अनधिकृत हूटर अथवा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट का उपयोग न करें तथा यातायात नियमों का पालन कर स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

उद्योग मंत्री देवांगन ने 36.75 करोड़ रुपये की जलप्रदाय योजना विस्तार परियोजना का किया भूमिपूजन

उद्योग मंत्री देवांगन ने पौने 37 करोड़ रूपए के जलप्रदाय योजना विस्तार कार्य का किया भूमिपूजन रायपुर,  वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवंागन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने आज नगर पालिक निगम कोरबा के पौने 37 करोड़ रूपये की लागत वाले जलप्रदाय योजना विस्तार कार्य का भूमिपूजन किया, इस कार्य के पूर्ण हो जाने के पश्चात निगम क्षेत्र की ऐसे बस्तियॉं जहॉं पानी की किल्लत थी, वह समस्या अब दूर होगी तथा समस्याजनित बस्तियों, पारों एवं मोहल्लों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।  नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा जिला खनिज न्यास मद (डीएमएफ) से 36 करोड़ 73 लाख रूपये की लागत से जलप्रदाय योजना का विस्तार कार्य किया जाना हैं, इसके अंतर्गत 20 एमएलडी के जलउपचार संयंत्र के साथ-साथ इमलीडुग्गू में 12 लाख 60 हजार लीटर की क्षमता वाली पानी टंकी, दादरखुर्द में 22 लाख 50 हजार लीटर की क्षमता वाली पानी टंकी एवं रूमगरा में 10 लाख 80 हजार लीटर की क्षमता वाली पानी टंकी यानी उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण किया जाएगा, वहीं 15.3 किलोमीटर पाईप लाईन भी बिछाई जाएगी। योजना के पूर्ण होने पर इमलीडुग्गू मोतीसागरपारा, भिलाईखुर्द, बरबसपुर, कर्रानाला, मानिकपुर, रूमगरा, ढेलवाडीह, खरमोरा, दादरखुर्द, बेलगिरी बस्ती में निवासरत नागरिकों को पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के साथ-साथ निचले स्तर पर स्थित बस्तियों जहॉं पर लो प्रेशर के फलस्वरूप पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही थी, उन समस्त स्थानों में निर्वाध पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी तथा नगर निगम कोरबा क्षेत्र की लगभग 60 हजार जनसंख्या इस कार्य से लाभान्वित होंगे। आज इमलीडुग्गू गौमाता चौक में आयोजित भूमिपूजन कायक्रम के दौरान इस महत्वपूर्ण विकास कार्य का भूमिपूजन उद्योग मंत्री लखनलाल देवंागन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के हाथों सम्पन्न किया गया। जिला खनिज न्यास की बड़ी सौगात दी प्रधानमंत्री मोदी ने  इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हम सबको जिला खनिज न्यास मद के रूप में एक बड़ी सौगात दी है, जिसके परिणाम स्वरूप जिलों में अरबों रूपये के विकास कार्य इस मद के अंतर्गत हो रहे हैं, उन्होने कहा कि आज जिस महत्वपूर्ण पेयजल योजना विस्तार कार्य का शुभारंभ किया गया है, वह भी जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृत हुआ है। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि हर व्यक्ति के पास पक्का मकान हों, हर घर में बिजली की सुविधा व शौचालय हों, हर घर तक पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हों, और इन्ही सब का परिणाम है कि आज इस दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य हो रहे हैं। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश में दर्जनों जनकल्याणकारी व गरीब हितैषी योजनाएं संचालित हो रही हैं, जिसके परिणाम स्वरूप लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठ रहा है, उनकी समस्याएं दूर हो रही हैं। अब नहीं होगी बस्तियों में पानी की किल्लत   इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज इस महत्वपूर्ण कार्य का भूमिपूजन किया गया है, इस कार्य के पूर्ण हो जाने के पश्चात निगम क्षेत्र की ऐसी बस्तियों जहॉं पानी की किल्लत थी तथा पानी की कम आपूर्ति होती थी, वहांॅ पर पर्याप्त पानी की आपूर्ति हो सकेगी तथा पानी की किल्लत दूर होगी। महापौर श्रीमती राजपूत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में देश व प्रदेश का चहुमुंखी विकास हो रहा है, वहीं कोरबा के विकास के लिये उपमुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है।  पेयजल व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा, यह कार्य   इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पेयजल योजना विस्तार का यह कार्य निगम की पेयजल व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा तथा आमनागरिकों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। उन्होने कहा कि विगत 12 साल में केन्द्र सरकार के द्वारा देश व प्रदेश का तेजी से विकास किया गया है, 12 साल में लाखों किलोमीटर सड़कें बन चुकी हैं, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आयें हैं तथा 50 करोड़ लोगों का आयुष्मान योजना में निःशुल्क इलाज हो रहा है।  भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी केसाथ ही पार्षद अशोक चावलानी, नरेन्द्र देवांगन, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, फिरतराम साहू, उर्वशी राठौर, अजय गोंड़, सरोज शंाडिल्य, अजय कुमार चन्द्रा, पार्षद रूबीदेवी सागर, धनसाहू, युगल कैवर्त, सुनीता चौहान, सुलोचना यादव, राधा महंत, राकेश वर्मा, सीमा कंवर, उपेन्द्र पटेल, ईश्वर पटेल, प्रताप सिंह कंवर, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, महामंत्री अजय विश्वकर्मा, सुफलदास महंत, दिनेश शर्मा, सुकेश दलाल, विनय जायसवाल, प्रदीप मजूमदार, राकेश खरे, आत्माराम गंर्धव, रितू जायसवाल, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, मनोज सिंह राजपूत, अनिल यादव आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

फतेहगढ़ साहिब में मानवता की मिसाल, SSP शुभम अग्रवाल ने धूप में राहगीरों की बुझाई प्यास

फतेहगढ़ साहिब  गर्मी के मौसम के मद्देनजर सरहिंद के ज्योति स्वरूप मोड़ के पास हर साल की तरह इस साल भी फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा धार्मिक और सामाजिक सेवा कार्य का आयोजन किया गया। इस धार्मिक समागम के दौरान सबसे पहले श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ के भोग डाले गए, जिसमें भारी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शामिल होकर सरबत के भले के लिए अरदास की। पाठ की समाप्ति के उपरांत भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए राहगीरों के लिए ठंडे-मीठे पानी और चने की छबील लगाई गई। इस मौके पर विशेष रूप से पहुंचे फतेहगढ़ साहिब के जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) शुभम अग्रवाल ने खुद श्रद्धालुओं और राहगीरों को ठंडा-मीठा जल और प्रसाद वितरित कर सेवा की। मीडिया से बातचीत करते हुए जिला पुलिस प्रमुख ने बताया कि यह सारा आयोजन समूह एसपी, डीएसपी और पुलिस मुलाजिमों के आपसी सहयोग से किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा यह आयोजन हर साल निरंतर श्रद्धापूर्वक किया जाता है ताकि परमात्मा की कृपा से पूरे राज्य और जिले में अमन, सुख-शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारा हमेशा बना रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ड्यूटी के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक कार्यों में योगदान देना भी उनका मुख्य कर्तव्य है। इस अवसर पर पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने पुलिस के इस मानवीय प्रयास की सराहना की।  

झारखंड का कृषि मेला शुरू, किसान सीखेंगे नई तकनीक और आधुनिक खेती के तरीके

रांची  राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले भव्य कृषि-व्यापार मेले की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं. झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री ने सोमवार को खुद मोरहाबादी मैदान पहुंचकर मेले की तैयारियों का जमीनी जायजा लिया. यह महत्वपूर्ण मेला मंगलवार (16 जून) से शुरू हो रहा है और आगामी 18 जून तक चलेगा. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्दीख, गोपाल जी तिवारी, कृषि निदेशक बिद्यानंद शर्मा पंकज, मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार, समेति निदेशक विकास कुमार और अन्य वरीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा, स्टॉल और आगंतुकों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की. अधिकारियों को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि मेले की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और किसानों और आम आगंतुकों की सुविधा के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. आधुनिक तकनीकों से सीधे जुड़ेंगे झारखंड के किसान तीन दिनों तक चलने वाला यह मेला राज्य के कृषि, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा. मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार किसानों की आय को दोगुना करने और कृषि व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. यह मेला राज्य के किसानों को नई तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, नवीन नवाचारों और बाजार की नई संभावनाओं से परिचित कराने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करेगा. यहां किसान देश भर से आने वाले कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे. मंत्री ने राज्य के सभी किसान भाई-बहनों, कृषि उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कृषि स्टार्टअप्स और इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं. हर दिन होंगे तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस तीन दिवसीय मेले को ज्ञानवर्धक और आकर्षक बनाने के लिए कई विशेष इंतजाम किए गए हैं. मेले के दौरान प्रतिदिन विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र और परिचर्चा (सेमिनार) का आयोजन किया जाएगा. इन ज्ञानवर्धक सत्रों में देश के कोने-कोने से आए नामचीन कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे और किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफे की खेती के गुर सिखाएंगे. इसके साथ ही, दर्शकों के मनोरंजन के लिए हर शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. इस मेले की सबसे खास बात यह है कि इसमें राज्य के सभी 24 जिलों से किसान प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे यहां से सीखी गई आधुनिक तकनीकों को अपने-अपने क्षेत्रों के अन्य किसानों तक पहुंचा सकें.

वास्तु के अनुसार किस दिशा में सोना है सबसे सही? जानिए पूरा नियम

क्या आपने कभी सोचा है कि सोते समय आपके सिर और पैरों की दिशा क्या होनी चाहिए? हम रोज की जिंदगी में सोते हैं, जागते हैं, खाना खाते हैं और फिर सो जाते हैं. लेकिन अक्सर इस बात पर ध्यान नहीं देते कि हमारी सोने की दिशा भी हमारे स्वास्थ्य और ऊर्जा पर असर डालती है. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का नजरिया ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस दिशा में हम अपने पैर रखते हैं, उसी दिशा में ऊर्जा का प्रवाह होता है. इसलिए सही दिशा में सोना बेहद जरूरी माना गया है. आपको हमेशा अपने सिर को दक्षिण दिशा की ओर और पैरों को उत्तर दिशा की ओर करके सोना चाहिए. इसका कारण यह है कि पृथ्वी की चुंबकीय तरंगें उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर प्रवाहित होती हैं. जब हम इसी दिशा के अनुरूप सोते हैं, तो शरीर और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहता है. इस दिशा में सोने से सुख-समृद्धि, सेहत और आयु में वृद्धि होती है. वास्तु शास्त्र में दिशाओं के देवताओं का विशेष महत्व है. दक्षिण दिशा को 'यम' (मृत्यु और न्याय के देवता) और 'पितरों' की दिशा माना गया है. वहीं, उत्तर दिशा को 'कुबेर' (धन के देवता) की दिशा माना जाता है. जब हम दक्षिण की तरफ सिर करके सोते हैं, तो हमारे पैर उत्तर यानी कुबेर की दिशा की तरफ होते हैं. शास्त्र कहते हैं कि सोते समय पैरों के जरिए सकारात्मक ऊर्जा शरीर में प्रवेश करती है. कुबेर की दिशा से आने वाली ऊर्जा जब पैरों के माध्यम से शरीर में जाती है, तो यह व्यक्ति की बुद्धि, स्वास्थ्य और समृद्धि को बढ़ाती है. यही कारण है कि इस दिशा में सोने वाले घरों में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है और अकाल मृत्यु का भय टल जाता है. पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र और हमारा शरीर हमारी पृथ्वी एक बहुत बड़े चुंबक (Giant Magnet) की तरह काम करती है. इसका अपना एक चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) है, जिसमें चुंबकीय तरंगें लगातार उत्तर ध्रुव (North Pole) से दक्षिण ध्रुव (South Pole) की ओर प्रवाहित होती हैं. ठीक इसी तरह, मानव शरीर का भी अपना एक चुंबकीय प्रवाह होता है. हमारा सिर 'उत्तरी ध्रुव' और पैर 'दक्षिणी ध्रुव' की तरह काम करते हैं. तो हमारे शरीर का चुंबकीय प्रवाह और पृथ्वी का चुंबकीय प्रवाह एक ही दिशा में आ जाते हैं. इससे प्रकृति और शरीर के बीच एक बेहतरीन संतुलन (Harmony) बनता है. इस दिशा में सोने से हमारे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन (रक्त प्रवाह) बिल्कुल सामान्य रहता है. दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता, जिससे हार्ट हेल्थ अच्छी रहती है और सुबह उठने पर व्यक्ति खुद को ऊर्जावान महसूस करता है. गलत दिशा में सोने के गंभीर नुकसान यदि आप इसके विपरीत, यानी उत्तर दिशा में सिर करके सोते हैं, तो विज्ञान और वास्तु दोनों इसे बेहद खतरनाक मानते हैं. जब शरीर का उत्तरी ध्रुव (सिर) और पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव एक साथ आते हैं, तो वे एक-दूसरे को ढकेलते हैं . इस खिंचाव के कारण शरीर का खून दिमाग की तरफ तेजी से भागता है. चूंकि दिमाग की नसें बहुत पतली होती हैं, इसलिए इस दिशा में लंबे समय तक सोने से अनिद्रा, डरावने सपने आना, लगातार सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और भविष्य में ब्रेन हैमरेज या पैरालिसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. जीवन में सफलता का आधार है 'सही नींद' आप जीवन में कितना कमाएंगे, आपका करियर कैसा रहेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका दिमाग कितना शांत और एक्टिव है. दक्षिण दिशा में सिर रखकर सोने से मिलने वाली गहरी नींद (Deep Sleep) आपके मानसिक तनाव को जड़ से खत्म करती है. जब आप सुबह बिना किसी भारीपन के उठते हैं, तो आपकी कार्यक्षमता (Productivity) दोगुनी हो जाती है.

सामाजिक सुरक्षा एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजनाओं से जरूरतमंदों को मिल रहा संबल

महासमुंद जिले के 53 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिली पेंशन राशि सामाजिक सुरक्षा एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजनाओं से जरूरतमंदों को मिल रहा संबल वृद्धजन, विधवा एवं दिव्यांग हितग्राहियों को लंबित पेंशन राशि का भी किया गया भुगतान रायपुर,  छत्तीसगढ़ राज्य में सामाजिक सुरक्षा और मुख्यमंत्री पेंशन योजनाएं वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही हैं । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन से जरूरतमंदों को महंगाई के इस दौर में सम्मानजनक जीवन जीने की वास्तविक सुविधा मिल रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सहायता एवं पेंशन योजनाओं के माध्यम से महासमुंद जिले के हजारों जरूरतमंद हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा योजना और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत कुल 53 हजार 561 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। राज्य शासन की योजनाओं से मिल रहा आर्थिक सहयोग           महासमुंद जिले के उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 24 हजार 253, सुखद सहारा योजना के 9 हजार 76 तथा मुख्यमंत्री पेंशन योजना के 20 हजार 232 हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। इन योजनाओं के माध्यम से वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और अन्य पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके जीवनयापन में सहूलियत मिल रही है। केंद्रीय पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी मिला लाभ          समाज कल्याण विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी लंबित पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। तकनीकी प्रक्रिया के कारण हुई थी देरी          भारत सरकार द्वारा नवीन एसएनए-एस्पर्श प्रणाली लागू किए जाने के कारण पेंशन भुगतान में कुछ समय के लिए विलंब की स्थिति बनी थी। अब प्रक्रिया सुचारु होने के बाद पात्र हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि जारी कर दी गई है। 42 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला भुगतान          केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 32 हजार 52, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 9 हजार 469 तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के 945 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल           सामाजिक सहायता योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। नियमित पेंशन भुगतान से वृद्धजन, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन में सहायता मिल रही है। शासन की इन योजनाओं से हजारों परिवारों को सामाजिक और आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है।

गुरु का पुष्य नक्षत्र गोचर, 4 राशियों की बदलेगी किस्मत

 18 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति का शनि के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र में प्रवेश ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक बेहद महत्वपूर्ण घटना है. पुष्य को नक्षत्रों का राजा माना जाता है, जो पोषण, समृद्धि और विकास का प्रतीक है. गुरु और पुष्य नक्षत्र का यह संयोग कई राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा. पुष्य नक्षत्र में गुरु का गोचर शुभ कार्यों, निवेश और नए बदलावों के लिए एक अत्यंत पवित्र समय माना जाता है. इन चार राशियों के जातकों को इस सकारात्मक ऊर्जा का लाभ उठाने के लिए अपने प्रयासों को और तेज कर देना चाहिए. इस गोचर से मुख्य रूप से 4 राशियों के जीवन में बड़ा और सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है. आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं. मेष राशि (Aries) गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि के जातकों के लिए आर्थिक और व्यावसायिक मोर्चे पर सुनहरे अवसर लेकर आएगा. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई नौकरी के बेहतरीन ऑफर मिल सकते हैं. व्यावसायिक क्षेत्र में अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे. आय के नए स्रोत बनेंगे. पुराना फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है. निवेश के लिए यह समय बेहद अनुकूल है. समाज और कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर मानसिक शांति और पारिवारिक खुशहाली लेकर आ रहा है. परिवार में चल रहे आपसी मतभेद समाप्त होंगे और सौहार्द बढ़ेगा. मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है. छात्रों और ज्ञानार्जन से जुड़े लोगों के लिए यह समय वरदान साबित होगा. आपकी निर्णय क्षमता और बौद्धिक कौशल की सराहना होगी. लंबे समय से चली आ रही किसी स्वास्थ्य समस्या से राहत मिलने के योग हैं. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में जाना भाग्य में वृद्धि और आत्मविश्वास की सौगात लाएगा. लंबे समय से रुके हुए प्रोजेक्ट्स और सरकारी काम इस अवधि में बिना किसी बाधा के पूरे हो जाएंगे. आपका झुकाव धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की तरफ बढ़ेगा, जिससे मानसिक सुकून मिलेगा. व्यापार या शिक्षा के सिलसिले में की गई यात्राएं अत्यधिक लाभकारी और सुखद रहेंगी. तुला राशि (Libra) तुला राशि वालों के लिए यह गोचर भौतिक सुख-सुविधाओं और करियर में स्थिरता लाने वाला रहेगा. नया मकान, जमीन या वाहन खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं. पैतृक संपत्ति से भी लाभ हो सकता है. यदि आप बिजनेस पार्टनरशिप में हैं, तो आपसी तालमेल बेहतर होगा और मुनाफा बढ़ेगा. जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और उनका भरपूर सहयोग मिलेगा.