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सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद खाली, नगर निगमों में अधूरी सत्ता व्यवस्था

 अंबाला  प्रदेश के नगर निगमों में अजीब तस्वीर दिखाई दे रही है। शहरों को मेयर मिल चुके हैं, सदन बन चुके हैं, पार्षद शपथ ले चुके हैं, लेकिन सत्ता की दो अहम कुर्सियां सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की अब भी खाली हैं। मार्च 2025 में हुए नगर निगम चुनावों के बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, रोहतक, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में मेयरों ने कामकाज संभाल लिया। मई 2026 में अंबाला, सोनीपत और पंचकूला में भी नए सदन अस्तित्व में आ गए। लेकिन प्रदेश के अधिकांश नगर निगमों में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। मार्च 2025 में मानेसर नगर निगम का भी चुनाव हुआ था केवल यहीं पर सीनियर और डिप्टी मेयर का चुनाव हो सका है। नगर निगम कानून आज भी उस दौर की कहानी कहता है जब मेयर का चुनाव पार्षद किया करते थे। अब मेयर सीधे जनता चुनती है, लेकिन कानून की कई धाराओं में आज भी पार्षदों द्वारा मेयर चुनने का जिक्र दर्ज है। नगर निगम की राजनीति में सीनियर डिप्टी मेयर का पद केवल सम्मान का विषय नहीं होता। इसे अक्सर भविष्य की राजनीति का लांचिंग पैड माना जाता है। पंचकूला का नाम शायद इसलिए भी याद रखा जाएगा क्योंकि वहां 2021 से 2026 तक का पूरा कार्यकाल निकल गया है। अंबाला में हाई कोर्ट की लेनी पड़ी थी शरण अंबाला में 2013 में निगम बनने के बाद मेयर के साथ-साथ निर्धारित समय के भीतर सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव भी हो गया था। दूसरे कार्यकाल में मामला इतना लंबा खिंचा कि चुनाव कराने के लिए तत्कालीन छह पार्षदों जिनमें जसबीर सिंह, फकीर चंद, राजेश मेहता, अमनदीप कौर, राजेश सिंगला इत्यादि को हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी। दिसंबर 2020 में चुनाव हुए, जनवरी 2021 में शपथ ग्रहण हुआ, लेकिन सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के चुनाव आठ दिसंबर 2022 में जाकर हुए। लगभग दो साल तक दोनों कुर्सियां खाली रहीं। इस साल अंबाला में 13 मई को चुनाव परिणाम आए, 28 मई को शपथ ग्रहण होने के बावजूद अगली प्रक्रिया का इंतजार जारी है।

प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून को होगी ग्राम सभा

प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून को होगी ग्राम सभा  आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा रायपुर,  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास, पंचायतों की वित्तीय स्थिति, आवास योजनाओं, रोजगार, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय विकास कार्यों जैसे जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा एवं निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। छत्तीसगढ़ के सभी ग्राम पंचायतों में  24 जून 2026 को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा की जाएगी। आवास हेतु पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची होगी तैयार          ग्राम सभा में विशेष रूप से आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) का अवलोकन एवं वाचन किया जाएगा। ग्राम सभा द्वारा शासन की मार्गदर्शिका एवं एसओपी के अनुसार पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी तथा ग्रामीणों से प्राप्त दावे-आपत्तियों को नियमानुसार प्राप्त कर निराकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची को आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।   वीबी जी राम जी के संबंध में ग्रामीणों को दी जाएगी जानकारी          ग्राम सभा में पूर्व बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन, पंचायतों के आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति, तथा अन्य विकासात्मक विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। ग्राम सभाओं में विकसित भारत, रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी तथा इसके क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने, बेरोजगारी भत्ते के बेहतर प्रावधान, समय पर मजदूरी भुगतान और ग्राम सभा आधारित विकास योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।  ग्राम सभा में अधिक से अधिक सहभागिता हेतु ग्रामीणों से अपील        प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ग्राम विकास से जुड़े निर्णयों में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है। ग्राम सभा में पिछली बैठकों में पारित प्रस्तावों की समीक्षा, पंचायतों के आय-व्यय का अनुमोदन, विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति, आवास प्लस 2.0 की प्रतीक्षा सूची तथा पंचायत संपत्तियों के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के परिणामों को भी ग्रामीणों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

पंजाब में रियल एस्टेट सेक्टर पर सख्ती, डिफॉल्टर बिल्डरों की परियोजनाओं पर लगी रोक

मोहाली  ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथाॅरिटी (गमाडा) ने बकाया सरकारी शुल्क जमा न करने वाले रियल एस्टेट प्रमोटरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 परियोजनाओं और कंपनियों को डिफाॅल्टर घोषित किया है। इन पर एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी), लाइसेंस फीस, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और अन्य मदों के तहत कुल 1,014.03 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है। गमाडा की लाइसेंसिंग शाखा की ओर से जारी पत्र के अनुसार 31 मई 2026 तक के रिकार्ड के आधार पर डिफाॅल्टरों की सूची तैयार की गई है। आदेश में स्पष्ट है कि बकाया जमा न करने वाले इन प्रमोटरों को किसी भी प्रकार की आगे की मंजूरी या भुगतान नहीं दिया जाएगा। डिफाॅल्टर सूची जारी होने के बाद इन परियोजनाओं में निवेश कर चुके खरीदारों की चिंता भी बढ़ गई है। यदि कंपनियां समय पर बकाया राशि जमा नहीं करतीं तो परियोजनाओं के विकास कार्यों और भविष्य की मंजूरियों पर असर पड़ सकता है। पापरा काॅलोनियों पर 312 करोड़ से ज्यादा बकाया     चंडीगढ़ रायल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के 47.89 करोड़ रुपये     शिवालिक साइट प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के 20.55 करोड़ रुपये     बाजवा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के 23.40 करोड़ रुपये     मैजेस्टिक प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के 7.13 करोड़ रुपये     बाजवा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के ही 127.19 करोड़ रुपये     बाजवा दामिनी डेवलपर्स के 10.65 करोड़ रुपये     शिवालिक साइट प्लानर्स (कासा एस्पाना परियोजना) के 15.60 करोड़ रुपये     गीतू कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के 14.79 करोड़ रुपये     राइजिंग स्टार इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के 0.99 करोड़ रुपये     आरकेएम हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-111/112 के 31.07 करोड़ रुपये     इंडियन कोआपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी के (संटेक सिटी) 11.47 करोड़ रुपये     नार्थएज डेवलपर्स एलएलपी के 1.11 करोड़ रुपये     गिल्को डेवलपर्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के भी 0.57 करोड़ रुपये  मेगा प्रोजेक्ट्स पर 701 करोड़ से ज्यादा की देनदारी मेगा प्रोजेक्ट्स की श्रेणी में सात परियोजनाओं पर 701 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया हैं। बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड (मेगा प्रोजेक्ट-1) 209.30 करोड़ रुपये, बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड (मेगा प्रोजेक्ट-2) 168.61 करोड़ रुपये, सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-66ए – 69.06 करोड़ रुपये देनदारी है। इसके अलावा एचपी सिंह एवं अन्य, सेक्टर-122 – 45.78 करोड़ रुपये, जनता लैंड प्रमोटर्स, सेक्टर-82, 90 और 91 – 152.12 करोड़ रुपये, ग्लोबस प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-66ए – 34.53 करोड़ रुपये, प्रीत लैंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-86 – 22.14 करोड़ रुपये देनदारी है।

ईंधन संकट रोकने की तैयारी, केंद्र ने तेल कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया

नई दिल्ली ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. इसी बीच भारत में सरकार ने डीजल और हवाई ईंधन के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफाल टैक्स को बढ़ा दिया है. हालांकि आम नागरिकों के लिए राहत की बात ये है कि मार्केट में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार स्थिर बने हुए हैं. वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेश के अनुसार ये नए रेट्स मंगलवार से लागू हो चुके हैं।  सरकार हर 15 दिन में विंडफाल टैक्स रेट का रिव्यू करती है. अब इन बदलाव के बाद डीजल के एक्सपोर्ट पर स्पेशन एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को 13.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. वहीं दूसरी तरफ हवाई ईंधन के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी 9.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 12.5 रुपये रुपये प्रति लीटर हो गई है. हालांकि पेट्रोल के एक्सपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ।  ड्यूटी बढ़ाने का फैसला क्यों? दरअसल मिडिल ईस्ट क्राइसिस से वैश्विक मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें महंगी हो गईं. जब इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो लोकल तेल कंपनियां मुनाफा कमाने के लिए ऑयल को देश के बाहर एक्सपोर्ट करने लगती हैं. इसे रोकने के लिए सरकार विंडफाल टैक्स लगाती है. इस टैक्स के जरिए देश के अंदर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को कंट्रोल किया जाता है।  आम आदमी पर इसका क्या असर? देखिए, अगर आप सोच रहे हैं कि ये टैक्स बढ़ जाने की वजह से आपके लिए फ्यूल महंगा हो जाएगा, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. सरकार ने साफ किया है कि देश के अंदर बिकने वाले पेट्रोल-डीजल की ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ. यानी आपकी जेब पर इसका सीधा कोई असर नहीं पड़ेगा. हां, हवाई ईंधन पर टैक्स बढ़ने से एयरलाइन कंपनियों के खर्च जरूर बढ़ सकते हैं।  देश में पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं महीनो से चल रहे अमेरिका-ईरान के बीज जंग पर आखिरकार विराम लगता दिखा रहा है. इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं. सप्लाई सुधरने की उम्मीद से मंगलवाल को ब्रेंट क्रूड पुराने सेशन से 5% टूटकर 81 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर आया गया. ऐसे में भारतीय तेल कंपनियों ने 16 जून को पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है. देश के बड़े शहरों में ईंधन के दाम पुराने लेवल पर ही स्टेबल बने हुए हैं।  देश में ईंधन की कोई कमी नहीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की ईंधन कमी की स्थिति नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों और उद्योगों से ऊर्जा का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि, औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र के बड़े उपभोक्ता डीजल की खरीद अपने उपभोक्ता पंपों (कंज्यूमर पंप) से करें, ताकि खुदरा पेट्रोल पंपों पर दबाव कम किया जा सके। ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य… सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है। सभी रिफाइनरियां अपनी क्षमता के अनुसार सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार भी उपलब्ध है।उन्होंने कहा कि, हाल में कुछ स्थानों पर आपूर्ति संबंधी दबाव इसलिए देखा गया क्योंकि मई महीने में लगभग 42 करोड़ लीटर डीजल, जो पहले बड़े उपभोक्ताओं या कंज्यूमर पंपों के माध्यम से वितरित होता था, वह खुदरा पेट्रोल पंपों से उठाया जाने लगा। इससे कुछ क्षेत्रों में अस्थायी दबाव की स्थिति बनी। खुदरा बिक्री पर अस्थायी सीमा लागू… सामान्य उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार ने 11 जून को एक अस्थायी अधिसूचना जारी की है। इसके तहत खुदरा पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 200 लीटर तक सीमित कर दी गई है। औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति सीधे अपने उपभोक्ता पंपों से करें।सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था लगभग 90 दिनों के लिए लागू की गई है और इसका उद्देश्य केवल आम उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाना है। उन्होंने दोहराया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। एलपीजी आपूर्ति भी हुई सामान्य… मंत्रालय के अनुसार, एलपीजी आपूर्ति की स्थिति भी अब पूरी तरह संतुलित हो गई है। पिछले चार दिनों के दौरान देशभर में 1.66 करोड़ एलपीजी बुकिंग प्राप्त हुईं, जबकि 1.84 करोड़ सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। इससे लंबित बुकिंग का समय घटकर केवल 3.3 दिन रह गया है।इसी अवधि में 24,184 टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई। इसके अलावा 2.18 लाख पांच किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर बेचे गए, जिनमें से 14,500 सिलेंडर विशेष शिविरों के माध्यम से वितरित किए गए। पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार… मंत्रालय ने बताया कि, मार्च से अब तक 9.76 लाख घरेलू पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा 3.19 लाख नए कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है और 9.72 लाख नए उपभोक्ताओं का पंजीकरण किया गया है। अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई… पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन और एलपीजी से जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया है। मार्च से अब तक एलपीजी से जुड़े मामलों में 1,330 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 311 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 75,960 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।वहीं, 27 मई से अब तक 12,303 लीटर पेट्रोल और 91,263 लीटर डीजल जब्त किया गया है। इस संबंध में 50 एफआईआर दर्ज की गईं और 49 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। उद्योगों को सीधे आपूर्ति की सलाह… सुजाता शर्मा ने कहा कि यह कदम पूरी तरह अस्थायी है और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोपहिया वाहन चालकों, कार मालिकों और किसानों को खुदरा पंपों पर आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सके।उन्होंने बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील की कि वे फिर से सीधे आपूर्ति व्यवस्था का उपयोग करें, जिससे खुदरा ईंधन केंद्रों पर भीड़ और दबाव कम हो सके।

‘माफिया खत्म होंगे तो प्रदेश आगे बढ़ेगा’, योगी आदित्यनाथ ने बताया अपना सबसे प्रिय विषय

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 वर्षों में पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने सबसे प्रिय विषय का जिक्र किया. सोमवार को आयोजित डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि माफिया का सफाया करना ही उनका सबसे प्रिय विषय है. आगे भी वह इसी तरह माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करते रहेंगे।  कार्यक्रम के दौरान सीएम ने बताया कि लखनऊ में पुलिस विभाग की एक जमीन पर माफिया का कब्जा था. इस मामले को लेकर डीजीपी उनके पास पहुंचे और पूरी जानकारी दी. डीजीपी ने बताया कि संबंधित जमीन पर माफिया ने अवैध कब्जा कर रखा है. ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्देश पर माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।  एफआईआर के अगले ही दिन अवैध कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई. प्रशासन ने माफिया से जमीन खाली करवा ली. खाली कराई गई जमीन पर बाद में फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट का निर्माण कराया गया. सीएम ने इस घटना को कानून-व्यवस्था और माफिया के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का उदाहरण बताया।  बच्चों के प्रति अपने लगाव का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से अपने जुड़ाव का अनुभव भी साझा किया. उन्होंने कहा कि जब वे किसी गांव या सार्वजनिक कार्यक्रम में जाते हैं तो वहां माताएं अपने छोटे बच्चों का अन्नप्राशन कराने के लिए उत्सुकता से खड़ी रहती हैं. यह दृश्य उनके लिए बेहद आत्मीय और भावनात्मक होता है।  उन्होंने बताया कि उन्हें बच्चों का अन्नप्राशन कराना बहुत अच्छा लगता है. कई बार बच्चे अपने माता-पिता या दादा-दादी की गोद में रोते रहते हैं, लेकिन जैसे ही वे उनकी गोद में आते हैं, तो तुरंत मुस्कुरा देते हैं. सीएम ने इसे बच्चों की सहज भावना और विश्वास का प्रतीक बताया. उनके अनुसार यह दिखाता है कि बच्चे किस व्यक्ति के प्रति खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।   मु्ख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाज में बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण बनाना बेहद जरूरी है, ताकि उनका सही विकास हो सके. मेरी सरकार आने के बाद राज्य में अच्छा वातावरण तैयार हुआ है।   

भूकंप के तेज झटकों से कांपा इंडोनेशिया, पालू में अफरा-तफरी और संपत्तियों को क्षति

पालू  इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में मंगलवार (16 जून 2026) को आए 6.7 तीव्रता के बेहद शक्तिशाली भूकंप ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. इस तेज झटके के कारण मध्य सुलावेसी प्रांत की राजधानी पालू और उसके आसपास के इलाकों में व्यापक स्तर पर नुकसान की खबरें आ रही हैं।  भूकंप इतना जोरदार था कि लोग डर के मारे अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे. डराने वाली बात यह है कि पालू वही शहर है जिसने करीब आठ साल पहले एक बेहद विनाशकारी भूकंप और सुनामी का सामना किया था, जिसके जख्म आज भी यहां के लोगों के दिलों में ताजा हैं. इस नए झटके ने एक बार फिर स्थानीय निवासियों के मन में पुरानी और खौफनाक यादों को जिंदा कर दिया है।  अस्पतालों से मरीजों को निकाला गया बाहर, होटल और इमारतों को पहुंचा नुकसान भूकंप के तेज झटकों को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से पालू शहर के कई अस्पतालों से मरीजों को तुरंत बाहर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया. सोशल मीडिया और समाचार एजेंसियों द्वारा जारी तस्वीरों में देखा जा सकता है कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को उनकी ड्रिप और स्ट्रेचर के साथ खुले आसमान के नीचे ले जा रहे हैं।  शहर के एक प्रतिष्ठित फोर-स्टार होटल के जनरल मैनेजर एफेंडी नताली ने बताया कि भूकंप आते ही होटल के सभी कमरों को खाली करा लिया गया था. हालांकि अचानक आए इस झटके से मेहमानों के बीच भारी अफरा-तफरी और घबराहट का माहौल बन गया था, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी सुरक्षित हैं और होटल की इमारत को केवल मामूली नुकसान पहुंचा है. शहर के अन्य हिस्सों से भी छतों के गिरने, दीवारों में दरारें आने और सड़कों पर मलबा बिखरने की तस्वीरें सामने आई हैं।  सुनामी का कोई खतरा नहीं, लेकिन प्रशासन ने जारी की आफ्टरशॉक्स की चेतावनी अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र पालू शहर से लगभग 43 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर था. मुख्य भूकंप के बाद इलाके में कई आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए, जिनमें से सबसे शक्तिशाली झटका 5.2 तीव्रता का मापा गया।  एहतियात के तौर पर तटीय इलाकों के पास रहने वाले लोग समुद्र से दूर सुरक्षित स्थानों पर चले गए ताकि किसी संभावित सुनामी से बचा जा सके. इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकीय एजेंसी (BMKG) ने साफ किया है कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है, लेकिन उन्होंने लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है क्योंकि आने वाले दिनों तक आफ्टरशॉक्स का सिलसिला जारी रह सकता है।  राहत और बचाव कार्य जारी, नुकसान का आकलन कर रही हैं एजेंसियां इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने एक बयान में कहा है कि वे वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों से नुकसान, संभावित हताहतों और विस्थापित हुए लोगों के बारे में सटीक डेटा जुटाने में लगे हैं. मलबे को हटाने और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए राहत दल को सक्रिय कर दिया गया है।  चूंकि इंडोनेशिया 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है, इसलिए यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और लोगों से शांत रहने की अपील की जा रही है। 

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा तबादला आदेश, 101 अधिकारियों की बदली; हुजूर, कोलार और बैरसिया में नई नियुक्तियां

भोपाल राज्य सरकार ने देर रात प्रदेशभर में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 101 तहसीलदारों और प्रभारी तहसीलदारों के तबादले कर दिए। इस व्यापक तबादला सूची में राजधानी भोपाल की तीनों प्रमुख तहसीलों हुजूर, कोलार और बैरसिया के तहसीलदार भी बदल दिए गए हैं। भोपाल से जुड़े साइबर तहसील में पदस्थ तीन अपर तहसीलदारों को भी अन्य स्थानों पर भेजा है। राजस्व विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। भोपाल की तीनों तहसीलों को मिले नए तहसीलदार जारी आदेश के अनुसार, प्रतिभा चौरसिया को पचमढ़ी से तबादला कर भोपाल में पदस्थ किया है। हुगना अवस्थिया को खजुराहो से भोपाल भेजा है, जबकि बृजेन्द्र जैन को जबलपुर से स्थानांतरित कर भोपाल में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को राजधानी की प्रमुख तहसीलों का प्रभार दिया जाएगा। साइबर तहसील से भी हटाए गए तीन अधिकारी राजस्व विभाग ने साइबर तहसील में पदस्थ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया है। साइबर तहसील से जुड़े तीन अपर तहसीलदारों का स्थानांतरण अन्य जिलों में किया गया है। विभाग का मानना है कि प्रशासनिक कार्यों में गति और बेहतर समन्वय के लिए यह बदलाव आवश्यक था। इन अधिकारियों का भी हुआ तबादला     नरेन्द्र परमार को भोपाल (कोलार) से रायसेन भेजा गया।     अनुराग त्रिपाठी को भोपाल (हुजूर) से सागर भेजा गया।     दिलीप कुमार चौरसिया को भोपाल (बैरसिया) से विदिशा भेजा गया।     प्रीतिरानी चौरसिया को सागर से भोपाल स्थानांतरित किया गया।     कुणाल अवस्थ्या को खरगोन से भोपाल भेजा गया है।     आदित्य जंघेला को जबलपुर से भोपाल भेजा गया है।     राजेस राम को भू संसाधन प्रबंधन, रायसेन से भोपाल भेजा गया है।     सुजाता विश्वकर्मा को साइबर तहसील भोपाल से रायसेन भेजा गया।     नेहा दुबे को साइबर तहसील भोपाल से नर्मदापुरुम स्थानांतरित किया गया।     सोनम मौर्य को साइबर तहसील भोपाल से रायसेन भेजा गया है।  

NEET UG परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव सतर्क, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की तैयारियों की समीक्षा

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आगामी रविवार 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (अंडर ग्रेजुएट) परीक्षा-2026 की तैयारियों की समीक्षा की। यह परीक्षा प्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। उन्होंने परीक्षा के सुचारु एवं पारदर्शी संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने परीक्षा से पहले टेलीग्राम मैसेजिंग एप पर रोक लगा दी है। यह अस्थायी रोक 22 जून तक जारी रहेगी वहीं 30 जून तक मैसेज एडिटिंग का ऑप्शन बंद रहेगा। ताकि कोई पुराने मैसेज को एडिट कर परीक्षा को लेकर भ्रामक जानकारी ना फैला सके। नीट यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने और इसके कैंसिल होने के बाद से दूसरी बार परीक्षा 21 जून को होना है। ऐसे में केंद्र सरकार पेपर लीक को रोकने के लिए सभी सख्त कदम उठा रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने भी विद्यार्थियों को निर्देश जारी किया है कि वे सिर्फ आधिकारिक चैनल से जारी निर्देश पर ही भरोसा करें।  

वन मंत्री केदार कश्यप ने बीजापुर को दी 18 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात

वन मंत्री केदार कश्यप ने  बीजापुर जिले को 18 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14वें चरण का शुभारंभ हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का मिला लाभ रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने जिले को 18 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14वें चरण का शुभारंभ करते हुए 16 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 2 करोड़ 9 लाख रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। 16 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन                वन मंत्री कश्यप ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें मिरतुर और बेदरे में ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण, उसूर में वरिष्ठ कृषि अधिकारी भवन, आवापल्ली एवं कुटरू में शासकीय महाविद्यालय भवन, भैरमगढ़ महाविद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण तथा दुगईगुड़ा से चिंताकोंटा तक सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य शामिल हैं।  इन परियोजनाओं से शिक्षा, कृषि सेवाओं और आवागमन सुविधाओं को मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति प्राप्त होगी। जिला अस्पताल सहित कई सुविधाओं का लोकार्पण                लोकार्पित कार्यों में जिला अस्पताल परिसर में रैन बसेरा, दाल-भात केंद्र, अत्याधुनिक अटल आरोग्य लैब, कार्यालय सह गोदाम भवन, विद्यालय भवन, पंचायत भवन, पुलिया निर्माण तथा शैक्षणिक संस्थानों में तार फेंसिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। अटल आरोग्य लैब में अब 134 प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ               कार्यक्रम के दौरान मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14वें चरण का शुभारंभ किया गया। अभियान के माध्यम से जिले में मलेरिया नियंत्रण, समय पर जांच और उपचार के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिससे लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ               कार्यक्रम में विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। स्वामित्व योजना के अंतर्गत वनाधिकार पट्टों का वितरण किया गया। वहीं निष्क्षय योजना के तहत पोषण आहार फूड बॉक्स, पुनर्वासित परिवारों को आयुष्मान कार्ड, गर्भवती महिलाओं को जच्चा-बच्चा कार्ड तथा दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है बीजापुर                वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बीजापुर में अब विकास की नई धारा बह रही है। पहले जिन क्षेत्रों तक पहुंचना कठिन था, वहां आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनकल्याण और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आयुष्मान भारत सहित कई योजनाएं बदल रहीं जीवन               मंत्री कश्यप ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, महतारी वंदन योजना तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संचालित विभिन्न योजनाएं लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं से समाज के सभी वर्गों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बीजापुर आने वाले वर्षों में विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुएगा।               इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी, कलेक्टर विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ डॉ. सागर यादव, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चैबे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

World Cup 2026 में इतिहास दोहराया गया, 68 साल बाद एक दिन के सभी मैच बेनतीजा रहे

लॉस एंजिल्स  फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें दिन का आखिरी मैच ईरान और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया. लॉस एंजिल्स स्टेडियम में ग्रुप G का ये रोमांचक मैच 2-2 से ड्रॉ पर समाप्त हुआ. जिससे दोनों टीमों को एक-एक अंक शेयर करना पड़ा।  यह मैच न केवल मैदान पर रोमांचक खेल के लिए यादगार रहेगा, बल्कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें दिन खेले जाने वाले आखिरी मैच के तौर रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज करा दिया, क्योंकि वो दिन का चौथा ड्रा मैच था. जिसके साथ टूर्नामेंट के इतिहास में एक दिन में चार मैच ड्रॉ होने का अनोखा रिकॉर्ड बन गया।  ऐसा फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में केवल दूसरा बार हुआ है. इससे पहले ऐसी घटना 68 साल पहले 1958 में स्वीडन में हुए टूर्नामेंट में देखने को मिला था. जब 15 जून के दिन खेले गए चार मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए थे. उन मैच का नतीजा नीचे देख सकते हैं।  फीफा वर्ल्ड कप 1958 (15 जून)     स्वीडन बनाम वेल्स (0-0)     इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया (2-2)     पराग्वे बनाम यूगोस्लाविया (3-3)     वेस्ट जर्मनी बनाम नॉर्दर्न आयरलैंड (2-2) 68 साल बाद फिर हुआ ऐसा अब 68 साल बाद दूसरी बार ऐसा हुआ है जब फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें दिन यानी कि 15 जून को खेले गए वर्ल्ड कप के चार मुकाबले बिना किसी विजेता के समाप्त हुए. दिन के पहले मैच में केप वर्डे ने स्पेन को बिना किसी गोल के ड्रॉ पर रोका. बेल्जियम और मिस्र का मैच 1-1 से ड्रॉ रहा, जबकि सऊदी अरब और उरुग्वे के बीच भी मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा और दोनों ने अंक बांटे. दिन के आखिरी मैच में ईरान और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा।  फीफा वर्ल्ड कप 2026 (15 जून)     केप वर्डे बनाम स्पेन (0-0)     बेल्जियम बनाम मिस्र (1-1)     सऊदी अरब बनाम उरुग्वे (1-1)     ईरान बनाम न्यूजीलैंड (2-2)