samacharsecretary.com

दांबुला में इंडिया A की दमदार बल्लेबाजी, अफगानिस्तान A के खिलाफ बड़ा स्कोर खड़ा किया

 नई दिल्ली श्रीलंका में जारी ट्राई नेशन A सीरीज 2026 में अफगानिस्तान ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है.शुरुआती झटकों के बावजूद भारत ए ने शानदार वापसी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में मजबूत स्कोर खड़ा किया और अफगानिस्तान ए के सामने 320 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा. इंडिया ए ने 50 ओवरों में 319/9 रन बनाए. इंडिया-ए के लिए प्रियांश आर्य और वैभव सूर्यवंशी ने पारी का आगाज किया है. वैभव 38 रन बनाकर आउट हुए. प्रियांश आर्य (58) के बाद  ऋतुराज गायकवाड़ (30) का विकेट गिरा. कुमार कुशाग्र (58) ने भी फिफ्टी लगाई. सूर्यांश शेडगे (7) भी लौटे. तिलक वर्मा ने 59 रन बनाए. विप्रज निगम  (30) का विकेट गिरा. अनुकूल रॉय (4) रन आउट हुए. अंंशुल कंबोज (0) भी रन आउट हुए. निशांत सिंधु 21 रन बनाकर नाबाद लौटे. यह मुकाबला दांबुला के रणगिरि इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. अफगानिस्तान ए के गेंदबाज फरीदून दाऊदजई ने भारत ए की सलामी जोड़ी को तोड़ दिया. उन्होंने शॉर्ट गेंद पर वैभव सूर्यवंशी को फंसाया. सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में चली गई, जिसे खालिद तानीवाल ने पॉइंट पर शानदार कैच लपक लिया. वैभव सूर्यवंशी- 38 रन (28 गेंद, 4 चौके, 2 छक्के), स्ट्राइक रेट 135.71 भारत ए को सातवां झटका, विप्रज निगम की तेज पारी का अंत पारी के अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोर रहे विप्रज निगम का विकेट फरमानुल्लाह सफी ने हासिल किया. धीमी गति की गेंद पर निगम ने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले पर सही तरीके से नहीं आई. शॉट में दूरी नहीं थी और गेंद हवा में ऊंची चली गई. खालिद तानीवाल ने लॉन्ग-ऑन से दौड़ते हुए मिड-ऑन के पास शानदार कैच पकड़ लिया. विप्रज निगम- 30 रन (20 गेंद, 4 चौके), स्ट्राइक रेट 150.00 निगम ने अंत में आक्रामक बल्लेबाजी कर भारत ए के रनगति को बढ़ाया, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए। उनका विकेट भारत ए के लिए अंतिम ओवरों में एक अहम झटका साबित हुआ। भारत ए को बड़ा झटका, तिलक वर्मा अर्धशतक के बाद आउट अफगानिस्तान ए के गेंदबाज अब्दुल्लाह अहमदजई ने भारत ए को बड़ा झटका देते हुए कप्तान तिलक वर्मा को पवेलियन भेज दिया. ऑफ स्टंप के बाहर पड़ी लेंथ गेंद पर तिलक ने बल्ला चलाया, लेकिन गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर मोहम्मद इशाक के दस्तानों में समा गई. तिलक ने एक छोर संभालते हुए जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम के लिए अहम अर्धशतक जमाया, लेकिन अंतिम ओवरों में तेजी लाने की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे. तिलक वर्मा- 59 रन (75 गेंद, 5 चौके), स्ट्राइक रेट 78.66 यह अहमदजई का मैच में दूसरा विकेट रहा और उन्होंने भारत ए के मध्यक्रम को बड़ा झटका दिया. भारत ए को पांचवां झटका, सूर्यांश शेडगे सस्ते में आउट अफगानिस्तान ए के स्पिनर जहीर खान ने भारत ए को पांचवां झटका दिया। सूर्यांश शेडगे बड़े शॉट की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे. उन्होंने जहीर की गेंद पर जोरदार स्लॉग स्वीप खेला, लेकिन गेंद डीप मिडविकेट बाउंड्री पार नहीं कर सकी. वहां मौजूद फैसल शिनोजादा ने आसान कैच लपक लिया. सूर्यांश शेडगे – 7 रन (9 गेंद), स्ट्राइक रेट 77.77 भारत ए को चौथा झटका, कुमार कुशाग्र की अर्धशतकीय पारी समाप्त अफगानिस्तान ए के तेज गेंदबाज फरीदून दाऊदजई ने भारत ए को बड़ा झटका देते हुए कुमार कुशाग्र को बोल्ड कर दिया. कुशाग्र पिच से बाहर निकलकर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लेंथ गेंद को पूरी तरह मिस कर बैठे. गेंद सीधे जाकर मिडिल स्टंप से टकराई और उनकी पारी का अंत हो गया. कुशाग्र ने मुश्किल समय में जिम्मेदारी निभाते हुए अर्धशतक जमाया और टीम की पारी को संभाला. तिलक वर्मा के साथ 104 रनों की पार्टनरशिप की. कुमार कुशाग्र – 58 रन (67 गेंद, 5 चौके), स्ट्राइक रेट 86.56 भारत ए को तीसरा झटका, ऋतुराज गायकवाड़ आउट अफगानिस्तान ए ने भारत ए को तीसरा झटका दिया. अब्दुल्लाह अहमदजई ने ऋतुराज गायकवाड़ को 30 रन के स्कोर पर आउट किया. फुल टॉस जैसी गेंद लेग साइड की ओर थी, जिस पर गायकवाड़ ने फ्लिक खेलने की कोशिश की। विकेटकीपर मोहम्मद इशाक ने कैच की अपील की और अंपायर ने आउट दे दिया. गायकवाड़ इस फैसले से खुश नजर नहीं आए, लेकिन उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा. ऋतुराज गायकवाड़ – 30 रन (31 गेंद, 4 चौके), स्ट्राइक रेट 96.77 भारत ए को दूसरा झटका, प्रियांश आर्य आउट अफगानिस्तान ए के गेंदबाज फरमानुल्लाह सफी ने भारत ए को दूसरा झटका दिया. उन्होंने प्रियांश आर्य को 58 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा. आर्य ने ऑफ स्टंप के बाहर की लेंथ गेंद पर कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बैकवर्ड पॉइंट की तरफ गई, जहां शम्स उर रहमान ने कैच लपक लिया. कैच को लेकर मैदानी अंपायर ने टीवी अंपायर की मदद ली, जिसमें साफ हुआ कि फील्डर की उंगलियां गेंद के नीचे थीं. प्रियांश आर्य-  58 रन (42 गेंद, 9 चौके, 1 छक्का), स्ट्राइक रेट 138.09 वैभव सूर्यवंशी का ऐसा रहा प्रदर्शन अब तक वैभव सूर्यवंशी का हालिया प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है. इंडिया ए के लिए खेलते हुए उन्होंने इस सीरीज में अब तक चार पारियों में 117 रन बनाए हैं. 9 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ उन्होंने 14 रन बनाए, जबकि 11 जून को अफगानिस्तान ए के खिलाफ 44 रनों की पारी खेली. 15 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ वह 21 रन बना सके. वहीं आज अफगानिस्तान ए के खिलाफ उन्होंने 28 गेंदों में 38 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे, लेकिन फरीदून दाऊदजई की गेंद पर आउट हो गए.    

एक दिन में 5000 ट्रांसफर, प्रदेश में मचा प्रशासनिक भूचाल; सरकार का बड़ा एक्शन

भोपाल  मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद तबादला नीति के तहत अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा तबादलों की समय-सीमा 16 जून की रात 12 बजे तक बढ़ाए जाने के बाद शासन-प्रशासन में मानो तबादलों की सुनामी आ गई। कुछ ही घंटों के भीतर प्रदेशभर में करीब 5 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों को नई पदस्थापना दे दी गई, जिससे सरकारी तंत्र में व्यापक बदलाव की तस्वीर सामने आई है। दरअसल, तबादलों की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित थी, लेकिन कई विभागों में मंत्रियों की स्वीकृति मिलने के बावजूद तकनीकी कारणों और ई-ऑफिस पर बढ़ते दबाव के चलते आदेश जारी नहीं हो पाए थे। यह मामला मंगलवार को कैबिनेट बैठक में उठा, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने एक दिन की अतिरिक्त मोहलत देने का फैसला किया। सामान्य प्रशासन विभाग ने भी तत्काल आदेश जारी कर दिए। मुख्यमंत्री की सहमति मिलते ही विभिन्न विभागों में अधिकारियों की गतिविधियां तेज हो गईं। दोपहर से लेकर आधी रात तक तबादला आदेशों की झड़ी लग गई। सबसे ज्यादा फेरबदल स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य, वन और राजस्व विभाग में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले भेजा गया। इससे पहले सोमवार देर रात राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की बड़ी सूची जारी की गई थी। इसमें 56 अतिरिक्त जिला दंडाधिकारियों (ADM) सहित कुल 155 अधिकारियों के तबादले किए गए। इनमें वे अधिकारी भी शामिल रहे जिन्हें पदोन्नति तो मिल चुकी थी, लेकिन लंबे समय से वरिष्ठ पदों पर पदस्थापना का इंतजार था। इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। तबादलों की यह प्रक्रिया 1 जून से शुरू हुई थी, लेकिन अधिकांश विभागों में तैयारी और तकनीकी व्यवस्था समय पर पूरी नहीं हो सकी। कई कर्मचारियों और अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया और अनुमोदन के लिए अंतिम दिनों तक इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद अंतिम 24 घंटों में जिस तेजी से आदेश जारी हुए, उसने पूरे प्रशासनिक ढांचे को हिला दिया। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे मोहन सरकार के कार्यकाल की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए फेरबदल का असर जिलों के प्रशासनिक कामकाज और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर किस रूप में दिखाई देता है।

रोनाल्डो के आखिरी विश्व कप की उम्मीदों के साथ पुर्तगाल उतरेगा मैदान में

नई दिल्ली फीफा विश्व कप 2026 में पुर्तगाल अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को ग्रुप-के के मुकाबले में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआर कांगो) के विरुद्ध करेगा। ये मुकाबला बुधवार रात 10:30 बजे ह्यूस्टन में खेला जाएगा। 41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए यह विश्व कप संभवतः आखिरी मौका हो सकता है, जहां वह अपने शानदार करियर में विश्व कप ट्रॉफी जोड़ने का सपना पूरा करना चाहेंगे। दूसरी ओर 52 वर्षों बाद विश्व कप में लौटी डीआर कांगो की टीम इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पुर्तगाल की रणनीति कोच रॉबर्टो मार्टिनेज की टीम आमतौर पर 4-3-3 या 4-2-3-1 फार्मेशन में खेलती है। टीम का पूरा खेल मिडफील्ड में गेंद पर नियंत्रण और विंग्स से आक्रमण तैयार करने पर आधारित रहता है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो अग्रिम पंक्ति में मुख्य स्ट्राइकर की भूमिका निभाएंगे जबकि राफेल लियाओ और बर्नार्डो सिल्वा जैसे खिलाड़ी दोनों किनारों से गति और रचनात्मकता प्रदान करेंगे। मिडफील्ड में ब्रूनो फर्नांडिस और वितिन्हा खेल की गति नियंत्रित करने के साथ-साथ आक्रमण को धार देंगे। डिफेंस में रुबेन डियास टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं। यदि डियास पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो पुर्तगाल की रक्षापंक्ति थोड़ी कमजोर पड़ सकती है। कांगो की रणनीति कोच सेबास्टियन डेसाब्रे की टीम तकनीकी रूप से पुर्तगाल से कमजोर मानी जा रही है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी ताकत सामूहिक खेल और तेज काउंटर अटैक हैं। कांगो संभवतः 4-5-1 या 4-3-3 फॉर्मेशन के साथ मैदान में उतर सकती है, जिसमें प्राथमिक लक्ष्य पुर्तगाल को मिडफील्ड में जगह न देना होगा। टीम के खिलाड़ी यूरोप की विभिन्न लीगों में खेलते हैं और शारीरिक रूप से काफी मजबूत हैं। कांगो की कोशिश होगी कि वह रोनाल्डो और ब्रूनो फर्नांडिस को गेंद पर कम समय दे तथा तेज ट्रांजिशन के जरिए पुर्तगाल की रक्षा पर दबाव बनाए। सेट पीस भी उनके लिए बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं।  

11 जुलाई 2026 को बन रहा त्रिपुष्कर योग, कई राशियों के लिए खुलेगा भाग्य का द्वार

11 जुलाई 2026 की सुबह ज्योतिष शास्त्र के लिहाज से बेहद खास और शुभ होने जा रही है. इस दिन सुबह 11 बजकर 03 मिनट पर एक अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली योग का निर्माण होने जा रहा है, जिसे त्रिपुष्कर योग कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र में त्रिपुष्कर योग को एक 'मल्टीप्लायर' (गुना करने वाला) योग माना जाता है. मान्यता है कि इस योग के दौरान आप जो भी शुभ कार्य, निवेश या खरीदारी करते हैं, उसका फल आपको तीन गुना होकर वापस मिलता है. ऐसे में यह योग कई राशियों की किस्मत के बंद ताले खोलने आ रहा है, तो वहीं कुछ राशियों को इस दौरान बेहद संभलकर रहने की जरूरत होगी. आइए जानते हैं कि इस शक्तिशाली त्रिपुष्कर योग का आपकी राशि पर क्या गहरा प्रभाव पड़ने वाला है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए यह योग धन लाभ के नए रास्ते खोलेगा. यदि आप इस समय कहीं निवेश (Investment) करते हैं, तो भविष्य में उससे तीन गुना लाभ मिलने के योग हैं. पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद सुलझ सकता है. इस दिन सोने के गहने, भूमि या वाहन खरीदना आपके लिए अत्यंत शुभ रहेगा. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के नौकरीपेशा और बिजनेसमैन लोगों के लिए यह समय स्वर्णिम साबित हो सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है जिससे मुनाफा उम्मीद से तीन गुना ज्यादा हो सकता है. नए स्टार्टअप की शुरुआत के लिए दिन बेस्ट है. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लग सकती है. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और धार्मिक कार्यों की ओर झुकाव बढ़ेगा. कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं तो इस समय का सदुपयोग करें. इन राशियों को रहना होगा सावधान! वृषभ राशि (Taurus) इस दिन पैसों के लेन-देन से पूरी तरह बचें. किसी को भी उधार न दें, अन्यथा वह पैसा तीन गुना होकर डूब सकता है. किसी भी तरह के कानूनी विवाद या झगड़े से दूर रहें, नहीं तो बात बहुत आगे बढ़ सकती है. वृश्चिक राशि (Scorpio) सेहत और यात्रा के मामले में आपको सावधान रहना होगा. वाहन चलाते समय लापरवाही न बरतें. इस दिन चोट लगने की आशंका रहेगी और अगर कोई बीमारी इस समय शुरू हुई तो वह लंबा खींच सकती है. त्रिपुष्कर योग में क्या करें और क्या न करें? क्या करें: बैंक में एफडी कराएं, कीमती धातुएं खरीदें, नए व्यापार का अनुबंध (Agreement) करें या कोई धार्मिक अनुष्ठान शुरू करें. इस समय किया गया दान भी तीन गुना पुण्य देता है. क्या न करें: इस दिन किसी से कर्ज या उधार न लें और न ही किसी को दें. कोई पुराना सामान या कबाड़ न बेचें और घर में क्लेश बिल्कुल न होने दें.

30 से ज्यादा नाम सामने आए, फिर भी कार्रवाई सीमित; धान घोटाले में कई आरोपी अब भी फरार

यमुनानगर 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले के खुलासे के बाद 237 दिन बीत चुके हैं, पर जांच अभी भी धीमी गति से चल रही है। पांच थाना प्रभारियों की एसआइटी गठित होने के बावजूद कार्रवाई तीन आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित है। जांच के दौरान 30 से ज्यादा अधिकारी, कर्मचारी व अन्य लोगों के नाम सामने आ चुके हैं, पर अभी भी कई आरोपित पकड़ से बाहर हैं। घोटाले के मुख्य आरोपित छछरौली निवासी राइस मिलर संदीप सिंगला को फिलहाल जमानत नहीं मिली है। मामले की सुनवाई 27 जुलाई को होगी। गिरफ्तारी नहीं होने से जांच टीम पर भी सवाल उठने लगे हैं। संदीप सिंगला को दो दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। उसे तीन चरणों में 18 दिन तक एसआइटी ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ में सामने आया था कि उसके नियंत्रण में सात राइस मिलें हैं, जिनमें पांच पुरानी व दो नई हैं। पुलिस ने संदीप सिंगला व रीतिका सिंगला के खिलाफ तीन थानों में केस दर्ज किए थे। पावर आफ अटार्नी संदीप के नाम होने के कारण रितिका को राहत मिल गई थी। पूछताछ में 30 से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारियों के नाम सामने आए थे। जांच प्रभावित न हो। इसलिए पुलिस ने नाम सार्वजनिक नहीं किए। नाम होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। महानिदेशक की जांच में घोटाले का खुलासा जांच में सामने आई गड़बड़ियों के बाद मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण, मंडी गेट पास, मिल आवंटन, स्टाक सत्यापन व सरकारी रिकार्ड की जांच की थी। आरोप है कि नियमों के विपरीत कम धान की खरीद दिखाकर स्टाक में हेराफेरी की गई और सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। 13 नवंबर को खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के महानिदेशक अंशज सिंह की जांच में घोटाले का खुलासा हुआ था। जांच में धान के स्टाक और रिकार्ड में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद विशेष जांच दल का गठन किया गया था। इसमें पांच थाना प्रभारी शामिल किए गए थे, पर इसके बाद भी जांच की रफ्तार तेज नहीं हो सकी। मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां जांच में फर्जी गेट पास व दस्तावेजों के माध्यम से स्टाक में हेराफेरी कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई थी। जांच के दौरान 30 से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों के नाम सामने आए थे, लेकिन पुलिस ने इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए। अब तक मामले में तीन ही गिरफ्तारियां हुई हैं। संदीप सिंगला के अलावा एसआइटी द्वारा हैफेड के सीनियर मैनेजर शैलेंद्र कुमार व परचेज मैनेजर अनिल कुमार को गिरफ्तार किया था। बर्खास्तगी के आगे नहीं बढ़ा जांच दायरा प्रशासनिक स्तर पर इंस्पेक्टर मनोज यादव, सविता, विनोद कुमार व एएफएसओ देवेंद्र कुमार को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। बावजूद इसके जांच अभी उन्हीं बिंदुओं तक सीमित है। कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं। प्रतापनगर में एक ही परिसर में चार लाइसेंस जारी होने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि नियमानुसार एक स्थान पर एक लाइसेंस दिया जा सकता है, जबकि वहां एक से अधिक लाइसेंस संचालित पाए गए। अदालत ने हैफेड व खाद्य आपूर्ति विभाग को तीन माह में एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे, पर समय सीमा बीत चुकी है। कोर्ट ने कहा था कि जिम्मेदारी तय किए बिना केवल औपचारिक रिपोर्ट पर्याप्त नहीं होगी। रणजीतपुर में एक ही स्थान पर दो राइस मिल चल रही थी। हैफेड व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से मिल में धान भेजा गया था। घोटाले के बाद बचे धान पर दोनों विभागों ने अपना दावा किया था। बाद में कोर्ट के आदेश पर दोनों विभागों को 50-50 प्रतिशत धान उठाने की अनुमति दी थी। हैफेड ने अपना हिस्सा उठा लिया, पर डीएफएससी की ओर से धान उठाने में देरी की। जिस कारण काफी धान खराब भी हुआ। वहीं जगाधरी डीएसपी राजीव मिगलानी का कहना है कि इस मामले में जांच जारी है, इसमें अभी कुछ नया सामने नहीं आया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई निश्चित तौर पर होगी।

30 दिन में शिकायत का निस्तारण नहीं तो अधिकारी होंगे निलंबित, सिवान में CM का बड़ा ऐलान

सिवान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को पचरुखी प्रखंड के पपौर पंचायत भवन में आयोजित सहयोग सह जनकल्याण शिविर में जिले के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं उन्होंने कहा कि सिवान में शीघ्र ही चीनी मिल स्थापित की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी को उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिवान शहर को व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही जिले में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सहयोग शिविर आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन चुका है। अब तक प्राप्त 3.03 लाख से अधिक आवेदनों में से करीब 2.61 लाख मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। 30 दिन तक कार्रवाई नहीं हुई तो शुरू होगी निलंबन की प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही तय की गई है। किसी आवेदन पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया जाएगा। यदि 30 दिनों तक भी कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध स्वतः निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 15 अगस्त से स्थानीय स्तर पर होगा मरीजों का इलाज स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल और जिला अस्पतालों को सुदृढ़ किया जा रहा है। ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है कि आगामी 15 अगस्त से सामान्य मरीजों को इलाज के लिए बाहर रेफर नहीं करना पड़े। स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों में ही उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। केवल गंभीर और जटिल मामलों में ही मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा। गरीब परिवारों को मिलेंगे सोलर पैनल मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में राज्य के 25 लाख गरीब परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज और मॉडल स्कूल स्थापित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। 2030 तक एक करोड़ युवाओं को रोजगार का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा अनुग्रह अनुदान योजना के लाभुकों को सांकेतिक चेक और प्रमाणपत्र भी वितरित किए।

डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : मुख्यमंत्री

चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना से छत्तीसगढ़ के विकास और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी नई शक्ति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ₹755 करोड़ की परियोजना को मंजूरी देने पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति जताया आभार डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : मुख्यमंत्री मोदी सरकार के विशेष फोकस से छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को मिली नई ऊंचाई : रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से साकार हो रहा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प – मुख्यमंत्री साय रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय रेल द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत ₹755 करोड़ की लागत से चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ के विकास, औद्योगिक प्रगति और देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में रेल अधोसंरचना का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी, परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी तथा भविष्य में अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे आम नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरबा देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में महत्वपूर्ण पहचान रखता है और यहां से देश के विभिन्न हिस्सों तक कोयले की आपूर्ति होती है। चांपा-कोरबा रेल खंड साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) तथा महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) की खदानों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इस परियोजना के पूर्ण होने से कोयला परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक आधार और अधिक मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में  तीसरी रेल लाइन का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया दूरदर्शी निर्णय है। इससे अतिरिक्त माल परिवहन को सुगम बनाया जा सकेगा और रेल परिचालन अधिक दक्ष एवं प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजना केवल कोयला परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी व्यापक लाभ मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से उद्योगों को मजबूती मिलेगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे कोरबा, जांजगीर-चांपा सहित आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति को नई ऊर्जा प्रदान करेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि मजबूत रेल नेटवर्क, सुदृढ़ लॉजिस्टिक व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ देश के विकास में और अधिक प्रभावी योगदान देने के लिए निरंतर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत वर्षों में छत्तीसगढ़ को रेल अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्राथमिकता मिली है। प्रदेश के रेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, तीसरी-चौथी लाइन और आधुनिक रेलवे स्टेशनों के विकास के माध्यम से कनेक्टिविटी को लगातार सशक्त किया जा रहा है। हाल ही में धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किया जाना भी इसी विकास दृष्टि का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में स्वीकृति मिलना जशपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष स्नेह और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। लंबे समय से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे जशपुरांचल को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह परियोजना केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई आधारशिला है। इससे पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा वनांचल क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेल एवं शहरी परिवहन अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विकास पर 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 1853 से 2014 तक 161 वर्षों में छत्तीसगढ़ में लगभग 1100 रूट किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में  प्रदेश का रेल नेटवर्क बढ़कर  2200 रूट किलोमीटर से अधिक होने जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश की रेल परियोजनाओं के लिए जहां लगभग 300 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, वहीं वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को 1,680 करोड़ रुपये की लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

हाईकोर्ट ने खारिज की HCS परीक्षा परिणाम चुनौती, कहा- HPSC की चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी

चंडीगढ़. हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) प्रारंभिक परीक्षा-2026 की उत्तर कुंजी और परिणाम को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अदालतें शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में विशेषज्ञों की राय का स्थान नहीं ले सकतीं। जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा कि जब तक उत्तर कुंजी में त्रुटि प्रत्यक्ष, स्पष्ट और संदेह से परे साबित न हो, तब तक न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर यदि संदेह या अस्पष्टता हो तो उसका लाभ परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था को दिया जाना चाहिए, न कि अभ्यर्थी को। हाईकोर्ट एचसीएस (कार्यकारी शाखा) एवं संबद्ध सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। याचिकाकर्ताओं ने 26 अप्रैल को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम और अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने क्या पाया? उनका कहना था कि सामान्य अध्ययन और सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट) के कई प्रश्नों के उत्तर गलत हैं तथा प्रमाणिक स्रोतों के विपरीत हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि परीक्षा के बाद हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने 28 अप्रैल को अस्थायी उत्तर कुंजी वेबसाइट पर अपलोड कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी थीं। प्राप्त आपत्तियों को विषय विशेषज्ञों के पास भेजा गया, जिनकी राय के आधार पर कुछ उत्तरों में संशोधन किया गया और 2 मई को संशोधित उत्तर कुंजी जारी की गई। इसके बाद 4 मई को परिणाम घोषित किया गया।हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश देकर यह भी जानकारी मांगी थी कि कुल कितनी आपत्तियां प्राप्त हुईं और उन्हें निपटाने में कितना समय लगा। इसके साथ ही विशेषज्ञ समिति के सदस्यों की टिप्पणियां भी तलब की गई थीं। आयोग ने जवाब में बताया कि अदालत के निर्देश के बाद विवादित प्रश्नों पर विशेषज्ञों से दोबारा राय ली गई, लेकिन उन्होंने अंतिम उत्तर कुंजी में किसी अतिरिक्त बदलाव की आवश्यकता नहीं बताई।याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि अंतिम उत्तर कुंजी तैयार करने से पहले उन्हें अन्य अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देने का अवसर नहीं दिया गया। हालांकि, अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि ऐसा कोई नियम, विनियमन या विज्ञापन की शर्त नहीं है जो आयोग को ऐसी प्रक्रिया अपनाने के लिए बाध्य करती हो। जस्टिस बंसल ने अपने फैसले में विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाले अभ्यर्थी पर यह साबित करने का दायित्व होता है कि त्रुटि इतनी स्पष्ट है कि उसके लिए किसी अनुमान या विस्तृत तर्क की आवश्यकता न पड़े। अदालत ने कहा कि रिकार्ड से यह साबित नहीं होता कि विशेषज्ञों द्वारा स्वीकार किए गए उत्तर प्रत्यक्ष रूप से गलत हैं। इसलिए विशेषज्ञों की राय को प्रतिस्थापित करने का कोई आधार नहीं बनता। फैसले में अदालत ने यह भी कहा कि यदि हर आपत्ति पर पुन आपत्ति और फिर पुनर्विचार की अनुमति दी जाए तो भर्ती प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं हो सकेगी। चूंकि यह केवल प्रारंभिक परीक्षा थी और मुख्य परीक्षा इसी माह के अंत में प्रस्तावित है, इसलिए कुछ असफल अभ्यर्थियों की मांग पर पूरी चयन प्रक्रिया रोकना सार्वजनिक हित और सफल उम्मीदवारों दोनों के लिए नुकसानदेह होगा। इसी आधार पर सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

उज्जैन दौरे पर CM मोहन यादव, 207 करोड़ रुपए से ज्यादा के विकास कार्यों का करेंगे शुभारंभ

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को उज्जैन जिले की झारड़ा तहसील में 188.42 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सामाकोटा बैराज का लोकार्पण करेंगे। छोटी कालीसिंध नदी पर बने इस बैराज से क्षेत्र के 18 गांवों के करीब 11 हजार से अधिक किसान परिवारों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। परियोजना की जल संग्रहण क्षमता 17.57 मिलियन घन मीटर है और इससे 7236 हेक्टेयर कृषि भूमि में पाइप लाइन पद्धति से सिंचाई हो सकेगी। सामाकोटा बैराज परियोजना से नलखेड़ा, पनोडिया, नीमखेड़ा, घट्टियाजस्सा, मेलाखेड़ी, खोरियापदमा, खेरला, लसूड़ियानहाटा, नागपुरा, छज्जुखेड़ी, देलाखेड़ी, डूंगरखेड़ी, खेड़ामद्दा, कसोन, महिदपुरिया, सोमचिड़ी और झारड़ा सहित कई गांवों के किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री इस दौरान 19 करोड़ रुपए से अधिक लागत के अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण करेंगे। इनमें उच्च शिक्षा विभाग के 4.35 करोड़ रुपए लागत के महाविद्यालय भवन, लोक शिक्षण विभाग के तहत सेमलिया, महिदपुर रोड और कुंडीखेड़ा में कन्या स्कूल भवन, मोचीखेड़ा में 33/11 केवी उपकेंद्र तथा झारड़ा क्षेत्र के 13 उप स्वास्थ्य केंद्र भवन शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 207 करोड़ रुपए के विकास कार्य जनता को समर्पित किए जाएंगे।

गोंद कतीरा का सेवन हर किसी के लिए नहीं है फायदेमंद, इन लोगों को हो सकता है गंभीर नुकसान

 गर्मियों के इन दिनों में अपने शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए अक्सर हम घरेलू उपाय अपनाना पसंद करते हैं. इन्हीं उपायों में से एक है गोंद कतीरा. लोग इसे काफी ज्यादा पसंद करते हैं और अक्सर इसका सेवन पानी में मिलाकर या फिर शर्बत में डालकर करते हैं. वैसे तो गोंद कतीरा को काफी फायदेमंद माना जाता है लेकिन, फिर भी इसका सेवन हर किसी को नहीं करना चाहिए. कुछ लोगों के लिए इसका सेवन करना हानिकारक भी साबित हो सकता है. आज की इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं लोगों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, ताकि आपको भी समझ में आ जाए कि किसे इसका सेवन करना चाहिए और किसे नहीं. जिन लोगों को है डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम्स अगर आपको पेट से जुड़ी प्रॉब्लम्स जैसे कि गैस, अपच या फिर कमजोर डाइजेस्टिव सिस्टम की प्रॉब्लम है, तो आपको गलती से भी गोंद कतीरा का सेवन नहीं करना चाहिए. जिन लोगों को इस तरह की प्रॉब्लम रहती है अगर वे गोंद कतीरा का सेवन कर लें, तो उन्हें भारीपन या फिर ब्लोटिंग जैसी प्रॉब्लम्स भी हो सकती है. अगर आप फिर भी गोंद कतीरा का सेवन करना चाहते ही हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरुर ले लें. लो ब्लड प्रेशर वाले लोग गोंद कतीरा सिर्फ आपके शरीर को ठंडा ही नहीं करता है, इसका काफी गहरा असर आपके ब्लड प्रेशर पर भी पड़ सकता है. अगर आप उन लोगों में से हैं जिनका ब्लड प्रेशर पहले से ही कम रहता है, तो इसके सेवन से आपको चक्कर आ सकते हैं या फिर कमजोरी भी महसूस हो सकती है. इसलिए लो ब्लड प्रेशर वालों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए. प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाएं गोंद कतीरा का सेवन उन महिलाओं को कभी नहीं करना चाहिए जो प्रेग्नेंट हैं या फिर स्तनपान करवाती हैं. इस समय आपको अपना खास ख्याल रखना चाहिए. गोंद कतीरा का असर आपके शरीर पर ठंडा होता है, जो इस समय में शरीर के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं माना जाता है. अगर आप इसका सेवन कर लेते हैं, तो हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ सकता है. अगर आप प्रेग्नेंट हैं या फिर स्तनपान करवा रही हैं, तो इसके सेवन से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें.