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बाल काटकर पहलवान रोहिणी ने रचा इतिहास, ट्रायल में हासिल की जीत

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट का सिर्फ 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से जो दिल टूटा था, उसकी टीस आज भी हर खेल प्रेमी के मन में है। विनेश तो ओलंपिक मेडल से चूक गईं, लेकिन वैसी ही एक अग्निपरीक्षा से गुजरते हुए महाराष्ट्र की 16 साल की युवा पहलवान रोहिणी खानू देवबा ने इतिहास रच दिया है। वजन संतुलित करने के लिए रोहिणी ने महज कुछ ही मिनटों में अपने सिर के बाल कटवा दिए और न सिर्फ वजन कम किया, बल्कि ट्रायल जीतकर अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप की टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। जब कांप गई थी रोहिणी की रूह हरियाणा के सोनीपत में अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए चयन ट्रायल चल रहे थे। यह चैंपियनशिप 27 जुलाई से 2 अगस्त तक बाकू, अजरबैजान में होने वाली है। रोहिणी ने 36kg-40kg भार वर्ग में हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन जब सोमवार को वेइंग मशीन पर उनका वजन लिया गया, तो वह तय सीमा से ठीक 100 ग्राम ज्यादा निकला। रोहिणी के सामने नेशनल टीम में शामिल होने का यह सुनहरा मौका गंवाने का खतरा मंडरा रहा था। ठीक वैसा ही जैसा विनेश फोगाट के साथ पेरिस में हुआ था। लेकिन रोहिणी ने हिम्मत नहीं हारी और कुछ ही मिनटों में अपने कोच से कैंची मंगाकर अपने बाल काटने की जिद पकड़ ली। कोच ने काटे बाल, फिर रोहिणी ने चटाई विरोधियों को धूल साल 2021 से रोहिणी को उनके NIS रेसलिंग सेंटर में ट्रेनिंग दे रहे कोच संदीप पाटिल ने इस भावुक पल को याद करते हुए बताया, 'वह सिर्फ 100 ग्राम वजन की वजह से इतने बड़े मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहती थी। उसने तुरंत फैसला किया और हमने उसके बाल काट दिए।' बाल काटने के बाद रोहिणी ने न सिर्फ अपना वजन बराबर किया, बल्कि मैदान पर उतरकर अपने हुनर का जलवा बिखेरा। उन्होंने फाइनल मुकाबले में हरियाणा की तगड़ी पहलवान वंशिका को धूल चटाते हुए कुल 4 मुकाबले जीते और भारतीय टीम में अपना टिकट कन्फर्म कर लिया। चरवाहे की बेटी, जिसके पास प्रतिभा है पर संसाधन नहीं रोहिणी कोल्हापुर जिले के पट्टन कोडोली गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता खानू देवबा धनगर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और भेड़-बकरियां चराकर अपने परिवार का पेट पालते हैं। वे अक्सर महीनों तक अपने मवेशियों के साथ एक गांव से दूसरे गांव भटकते रहते हैं। चार भाई-बहनों में रोहिणी सबसे बड़ी हैं। रोहिणी की प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह अंडर-15 एशियन चैंपियनशिप में साल 2024 में गोल्ड मेडल और 2025 में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। इसके अलावा वह पढ़ाई में भी काफी होनहार हैं और हाल ही में उन्होंने दसवीं कक्षा में 78 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। कोच का बड़ा संकल्प रोहिणी की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कोच संदीप पाटिल 2021 से उनके रहने, खाने और ट्रेनिंग का पूरा खर्च खुद उठा रहे हैं। संदीप का इरादा रोहिणी को ओलंपिक के मंच तक ले जाने का है। कोच पाटिल ने कहा, 'मैंने रोहिणी के माता-पिता से कह दिया है कि वे उसकी चिंता न करें। अगर कभी पैसों की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ी, तो मैं अपनी जमीन का छोटा सा टुकड़ा गिरवी रख दूंगा, लेकिन पैसों की तंगी की वजह से उसकी इस यात्रा को रुकने नहीं दूंगा। इस समय रोहिणी को सिर्फ थोड़े वित्तीय सहयोग और ज्यादा से ज्यादा इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में खेलने के अनुभव की जरूरत है।' अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप की टीम में जगह बनाने के लिए बाल कटवाना रोहिणी के इस बड़े सफर का पहला कदम था। अब रोहिणी और उनके कोच का अगला लक्ष्य बाकू में तिरंगा लहराकर देश के लिए मेडल जीतना है।  

योग दिवस पर छत्तीसगढ़ में भव्य कार्यक्रम, राज्यपाल और मुख्यमंत्री करेंगे शिरकत

रायपुर. योग दिवस पर इस बार 21 जून को “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं। जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है। राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री ओपी चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि बनाए गए हैं। विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद भोजराज नाग 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। वहीं बीजापुर जिले में विधायक सुलता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक चैतराम अटामी मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन का विस्तार, नागदा, धार और रतलाम भी होंगे शामिल: CM मोहन यादव

इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन शामिल हैं नागदा, धार और रतलाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय को विकसित किया जा रहा है गोपाल कृष्ण को आदर्श मानते हुए घर-घर गाय और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए संकल्पित है राज्य सरकार नागदा के बालाजी धाम में सभी बुनियादी व्यवस्थाएं सुविधाएं होंगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागदा में श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को किया संबोधित उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर बना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरयू के किनारे भव्य मंदिर निर्माण हुआ और हमारा 500 वर्ष का लंबा संघर्ष पूर्ण हुआ। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 12 वर्ष चित्रकूट में बिताए थे। राज्य सरकार दो हजार करोड़ रूपए की लागत से भव्य चित्रकूट धाम का निर्माण कर रही है। प्रदेश में जहां-जहां प्रभु श्रीराम के चरण पड़े, हमारी सरकार उन्हें श्रीराम वन गमन पथ में शामिल कर विकसित कर रही है। भगवान गोपाल कृष्ण से संबंधित धर्म स्थलों को भी श्रीकृष्ण पाथेय के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए हजारों करोड़ के विकास कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। उज्जैन, इंदौर और आसपास के सभी जिलों में विकास को गति मिल रही है। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन में धार, नागदा और रतलाम को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाजी धाम में फर्श, बाउंड्री बाल और पेयजल जैसी सभी बुनियादी व्यवस्थाएं करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन जिले के नागदा में बालाजी धाम में श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा व ध्वज पूजा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बालाजी धाम में भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम के विराट व्यक्तित्व से हमें मानवीय मूल्यों के साथ जीवन जीने की सीख मिलती है। प्रभु श्रीराम त्याग की प्रतिमूर्ति थे, वे एक आदर्श पुत्र, आदर्श पिता, आदर्श भाई थे। रामराज्य में नागरिकों को किसी चीज की कोई कमी नहीं थी। इसी भावना के साथ हमारी सरकार गरीब, किसान और नारी शक्ति के सशक्तिकरण द्वारा अंत्योदय के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। भगवान हनुमान के जीवन का प्रत्येक क्षण प्रभु श्रीराम के लिए समर्पित था। हमें हनुमान जी के जीवन की अच्छाईयों को धारण करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गोपाल कृष्ण को आदर्श मानते हुए घर-घर गाय और दूध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। इसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। योजना अंतर्गत 10 लाख रुपए अनुदान का प्रावधान किया है। प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। राज्य में प्राकृतिक खेती और गौ-पालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति गाय 1100 रुपए महीना सहायता दी जाएगी। शांति के लिए विश्व सनातन धर्म की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है कर्नाटक के राज्यपाल गहलोत ने कहा कि डेलनपुर में भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है। विश्व कल्याण और शांति के लिए दुनिया आज सनातन धर्म की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया ने बालाजी धाम के निर्माण और मंदिर की विस्तार योजना पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में परमपूज्य 1008 नारायण त्यागी महाराज, पूज्य मधुसूदन त्यागी महाराज, विधायक डॉ. तेजबहादुर, विधायक सतीश मालवीय, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक दिनेश जैन, जिलाध्यक्ष राजेश धाकड़, उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल, पूर्व विधायक लालसिंह राणावत, पूर्व विधायक जितेंद्र गहलोत, राकेश यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

झज्जर में विकास को मिली रफ्तार, मुख्यमंत्री सैनी ने करोड़ों की परियोजनाओं का किया लोकार्पण

झज्जर  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झज्जर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश को कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने भारत माता के अमर सपूत और महान योद्धा महाराणा प्रताप जी की जयंती के पावन अवसर पर उनके नाम पर स्थापित महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के अति आधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र सहित कुल 9 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन सभी परियोजनाओं पर कुल 75 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत आई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन अत्यंत प्रेरणादायक, गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक है। शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन हमें सिखाता है कि संसाधनों की कमी कभी भी संकल्प की शक्ति को कमजोर नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं इस इलाके में कृषि एवं बागवानी विकास के साथ-साथ शिक्षा और जन सुविधाओं के एक नए अध्याय का शुभारंभ करेंगी। बागवानी और अनुसंधान क्षेत्र में बड़े कदम मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 9 दिसंबर 2024 को महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के मुख्य कैंपस का शिलान्यास किया गया था। इसी विश्वविद्यालय द्वारा अब झज्जर के रइया में लगभग 100 एकड़ भूमि पर 13 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से आधुनिक अनुसंधान केंद्र शुरू किया गया है। यह केंद्र झज्जर के साथ-साथ पूरे हरियाणा के किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इस केंद्र में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जहाँ फल, सब्जी और पुष्प फसलों की उन्नत किस्मों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले इस विश्वविद्यालय द्वारा जींद, अंबाला, सोनीपत और करनाल में बागवानी अनुसंधान केंद्र खोले जा चुके हैं, जबकि चरखी दादरी में अनुसंधान केंद्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। इसके अलावा, आज मुनीमपुर में पुष्प उत्पादन एवं बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। कृषि विविधीकरण और प्राकृतिक खेती पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समय की मांग है कि हम हरित क्रांति से आगे बढ़कर 'वैल्यू क्रांति' और 'हॉर्टिकल्चर क्रांति' की ओर कदम बढ़ाएं। हमारी डबल इंजन सरकार कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर काम कर रही है। पिछले साढ़े 11 वर्षों में प्रदेश के भीतर बागवानी क्षेत्र का उल्लेखनीय विस्तार किया गया है और इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य में इजराइल तकनीक पर आधारित 14 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। आज प्रदेश के किसान सब्जी व फल उत्पादन, मधुमक्खी पालन और फूलों की खेती में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज कृषि केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक 'एग्री बिजनेस' बन चुकी है। हमें कृषि चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच, नवाचार और सामूहिक प्रयासों से करना होगा, और यह अनुसंधान केंद्र उसी संकल्प का प्रतीक है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र में 2000 एकड़ के क्लस्टर पर 'स्मार्ट एग्रीकल्चर' के नाम से प्राकृतिक खेती शुरू की जाएगी। इसके साथ ही मोरनी ब्लॉक को भी प्राकृतिक व जैविक ब्लॉक के रूप में विकसित किया जा रहा है। बादली विधानसभा क्षेत्र के लिए बड़े ऐलान स्वास्थ्य व खेल: बादली उपमंडल में 50 बेड के अस्पताल का निर्माण करवाया जाएगा। वहीं, भिंडावास स्टेडियम को 'आदर्श स्टेडियम' का दर्जा दिया जाएगा, जहाँ चरणबद्ध तरीके से आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। सड़कें और बुनियादी ढांचा: बादली विधानसभा क्षेत्र में 70 किलोमीटर लंबी 31 सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही मार्केटिंग बोर्ड की सड़कों का भी कायाकल्प होगा। माछरौली में बीडीपीओ भवन का निर्माण करवाया जाएगा। महाग्राम योजना और विकास ग्रांट: महाग्राम योजना के तहत बादली गांव में 50 करोड़ रुपए की लागत से सीवर लाइन और 13 करोड़ रुपए की लागत से पेयजल आपूर्ति का कार्य करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने बादली गांव के विकास कार्यों के लिए अलग से 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।  

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा सम्मान, मध्य प्रदेश पुलिस में 10 उप-निरीक्षक और 50 आरक्षक पद खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित

भोपाल  मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उनके करियर के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। वे पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती फिर शुरू करने जा रहे हैं। इसके लिए गृह विभाग ने 'मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021' में महत्वपूर्ण संशोधन भी कर दिए हैं। इस संबंध में 15 जून को अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है। संशोधित नियमों के माध्यम से उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन, पात्रता एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाया गया है। गौरतलब है कि इन संशोधनों से अब मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शासकीय सेवा के लिए अन्य राज्यों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्हें अपने ही राज्य में मध्यप्रदेश पुलिस के अंतर्गत 10 उप निरीक्षक और 50 आरक्षक के पदों पर सीधी नियुक्ति का अवसर मिलेगा। सीएम डॉ. यादव की यह पहल खिलाड़ियों के लिए सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें अपने खेल प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी को निरंतर जारी रखने में भी सहायक होगी। गृह विभाग नए प्रावधानों के तहत खेल कोटे से भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से हर साल आयोजित करेगा। इससे खिलाड़ियों को स्थायी और संरचित अवसर मिलेंगे। होंगे। यह पहल राज्य में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। मापदंडों में मिलेगी छूट बता दें, नए संशोधन के तहत पुलिस मुख्यालय हर साल आरक्षक और उप निरीक्षक पदों की रिक्तियों का विज्ञापन देंगे। पदक विजेताओं के साथ अब ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमण्डल खेलों में सहभागिता करने वाले खिलाड़ी भी सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मापदंड (ऊंचाई) में पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी। साथ ही, उन्हें लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) से भी छूट रहेगी। उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्तियां किसी आरक्षित वर्ग के अंतर्गत न होकर अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में शामिल की जाएंगी। केवल वे खेल विधाएं मान्य होंगी, जो पिछले तीन ओलंपिक खेलों में शामिल रही हों। मेरिट अंक समान होने की स्थिति में वरिष्ठता का निर्धारण ओलंपिक, एशियाई खेल, विश्व कप आदि की प्राथमिकता तथा खिलाड़ी की आयु के आधार पर किया जाएगा। कौन बन सकेगा उप निरीक्षक उप निरीक्षक पद पर केवल उन उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति प्रदान की जाएगी, जिन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमण्डल खेल, विश्व कप-विश्व चैम्पियनशिप में सहभागिता की हो। इन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत अथवा कांस्य पदक विजेता और सहभागिता करने वाले खिलाड़ी पात्र होंगे। कौन बन सकेगा आरक्षक उप निरीक्षक पद के लिए पात्र सभी खिलाड़ी, जो खिलाड़ी उप निरीक्षक पद हेतु निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, वे आरक्षक पद के लिए भी स्वतः पात्र माने जाएंगे। राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी। अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ी आरक्षक पद के पात्र होंगे।

साइबर क्राइम पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, CJI सूर्यकांत बोले- समाज को नुकसान पहुंचाते हैं ऐसे अपराधी

नई दिल्ली भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने साइबर धोखाधड़ी के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए एक आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया. सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि साइबर अपराधी “परजीवी” की तरह होते हैं, जो लोगों की मेहनत की कमाई ठगकर समाज को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं. CJI ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे अपराधियों के प्रति नरमी नहीं बरती जानी चाहिए और समाज के हित में इन्हें जेल में रखना ही बेहतर है।  साइबर अपराध का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ :  CJI सूर्यकांत उन्होंने यह भी कहा कि साइबर अपराध का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है. आरोपी एक राज्य में ठगी करते हैं और फिर दूसरे राज्यों में जाकर अपनी गतिविधियां जारी रखते हैं, जिससे इन अपराधों पर नियंत्रण पाना और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है. अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे संगठित अपराध से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने जरूरी हैं।  बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ‘डिजिटल अरेस्ट' और साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों का स्वतः संज्ञान लिया था. यह कदम अंबाला के एक बुजुर्ग दंपत्ति द्वारा लिखे गए पत्र के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने अपने साथ हुई ठगी की घटना का हवाला दिया था. इस घटना में उनकी जीवनभर की जमा-पूंजी चली गई थी।  इससे पहले शीर्ष अदालत ने जांच एजेंसी CBI को देशभर में डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई करने की खुली छूट दी थी और केंद्र व राज्य सरकारों को ऐसे मामलों से निपटने के लिए सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। 

कुसुम योजना के तहत लोन प्रक्रिया सरल करने पर डिस्कॉम्स की बैठक

लखनऊ पीएम-कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान) योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ाने के लिए राजस्थान डिस्कॉम्स ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके अन्तर्गत डिस्कॉम्स चेयरमैन एवं जयपुर विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक सुश्री आरती डोगरा ने ऋण लेने में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और बाधाओं को दूर करने के लिए बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा सोलर पावर डवलपर्स के साथ बुधवार को विद्युत भवन में बैठक की। इस दौरान चेयरमैन डिस्कॉम्स ने कहा कि पीएम-कुसुम भारत सरकार द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय महत्व की योजना है। इसका उद्देश्य ऊर्जा के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और कृषि में हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। ऐसे में इस योजना की सफलता में बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। लोनिंग की प्रक्रिया को सरल बनाएं डिस्कॉम्स चेयरमैन ने बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे सोलर पावर डवलपर्स के ऋण आवेदनों पर सकारात्मक रुख अपनाएं। उन्होंने कहा कि बैंक अपनी आवश्यक औपचारिकताएं और प्रक्रिया जरूर पूर्ण करें, लेकिन पात्र आवेदकों को जटिल लोन मिलने में बेवजह देरी न हो। प्रक्रिया को जितना हो सके सुगम और त्वरित बनाया जाए ताकि पात्र डवलपर्स को समय पर वित्तीय मदद मिल सके। इससे प्लांट्स के स्थापित होने की रफ्तार और तेज होगी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है। प्रदेश में कुसुम कम्पोनेंट-ए एवं कम्पोनेंट-सी में 4468 मेगावाट के 2034 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। अब हर महीने जोनल स्तर पर लगेंगे शिविर बैठक में निर्णय किया गया कि अब जुलाई माह से प्रत्येक माह निगम के जोनल स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में बैंकों के प्रतिनिधि, सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए ऋण आवेदन करने वाले डवलपर्स तथा डिस्कॉम के अधिकारियों की उपस्थिति में ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। बैठक में डवलपर्स ने कोलैटरल सिक्योरिटी, लीज रजिस्ट्रेशन, म्यूटेशन, खाता विभाजन, राइट ऑफ वे आदि प्रक्रियाओं के कारण लोन मिलने में आ रही अपनी व्यावहारिक समस्याएं बताईं। बैंकिंग प्रतिनिधियों ने कहा कि कई बार डवलपर्स के स्तर से भी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने की अनदेखी की जाती है। इस कारण ऋण स्वीकृति में स्वाभाविक रूप से विलम्ब होता है। सुश्री डोगरा ने बैंक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे कुसुम योजना के विशिष्ट मॉडल को ध्यान में रखते हुए लोन की शर्तों में व्यावहारिक लचीलापन लाएं। बैंकिंग संस्थानों के अधिकारियों ने चेयरमैन को आश्वस्त किया कि वे योजना के महत्व को समझते हुए ऋण प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाएंगे तथा लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।

राम मंदिर चढ़ावा गबन आरोपों में SIT सक्रिय, ट्रस्ट कर्मचारियों से संपत्ति का हो रहा मिलान

लखनऊ अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा और दान की चोरी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के संदेह के दायरे में चल रहे चार कर्मचारी जांच के लिए पेश हुए हैं, जो दान गिनने में शामिल थे। लखनऊ मंडल के आयुक्त के नेतृत्व में चल रही एसआईटी जांच के दायरे में वो सारे कर्मचारी हैं, जो रुपये गिनने में शामिल थे। जांच टीम ने ट्रस्ट से कर्मचारियों के नाम, पता वगैरह मांगे थे, ताकि उनकी और उनके निकटतम रिश्तेदारों की मौजूदा संपत्ति और पहले की संपत्ति का मिलान हो सके। इसी प्रक्रिया में मंदिर के कर्मचारियों से पूछताछ चल रही है। पूछताछ के लिए बुलाए गए चार संदिग्ध गणनाकर्मी एसआईटी के सामने पेश हुए और उनके परिजन भी पहुंचे। लेकिन कोई एसआईटी के सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। राम मंदिर परिसर के उत्तरी हिस्से में बने ग्रीन हाउस को एसआईटी ने अपना कैंप कार्यालय बना लिया है। इसी में जांच के लिए जरूर प्रबंध किए गए हैं। एसआईटी को जांच के काम में सहूलियत के लिए करीब डेढ़ दर्जन टेक्निकल स्टाफ उपलब्ध कराया गया है। एडीएम, मंदिर मजिस्ट्रेट समेत पुलिस पदाधिकारी भी एसआईटी के सहयोग के लिए लगाए गए हैं। एसआईटी जांच को लेकर ट्रस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण लोगों पर सबकी नजर है, जिनके ऊपर चढ़ावा चोरी को लेकर सबसे ज्यादा हमले हो रहे हैं। ट्रस्ट के ऐसे पदाधिकारियों में महासचिव चंपत राय के अलावा गोपाल राव, अनिल मिश्रा वगैरह शामिल हैं। अपार संपत्ति जुटाने के आरोपों पर चंपत राय के करीबी टुन्नु यादव ने मंगलवार को वीडियो बयान जारी कर कहा था कि ये संपत्ति मंदिर निर्माण से पहले के हैं। टुन्नु यादव ने ऑटो चलाने से हुई कमाई से घर और उसके किराया से आगे की कमाई का दावा किया था। राम मंदिर चढ़ावा चोरी बोले बृजभूषण शरण सिंह- सरकार पर उठ रही है उंगली इस बीच पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर बुधवार को कहा कि यह अब सिर्फ ट्रस्ट तक सीमित नहीं रह गया है। उंगली केंद्र और प्रदेश सरकार तक उठ रही है। उन्होंने कहा कि अगर राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े लोग इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तो सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। बृजभूषण ने कहा कि इस मामले से बहुत झटका लगा है। यह झटका विनय कटियार और बृजभूषण सिंह ने नहीं लगाया है। पूर्व सांसद ने कहा कि यह झटका ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने ही लगाया है। उन्होंने नृपेंद्र मिश्रा को क्लीन चिट देते हुए कहा कि वह नृपेंद्र मिश्रा को पूरी तरह से से निर्दोष मानते हैं। उन्होंने कहा कि बिना आग के कोई धुआं नहीं निकलता है, जो धुआं निकल रहा है, इसमें कुछ ना कुछ सच्चाई जरूर है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कठोर कार्रवाई होगी और सरकार इसमें ठोस कदम उठाएगी। लोकसभा चुनाव में अयोध्या में भाजपा की हार का जिक्र करते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा कि क्या इस बात की विवेचना हुई कि अयोध्या और अगल-बगल की सीट क्यों हारे।

गढ़वा–पलामू क्षेत्र को बड़ी सौगात, 261 किमी रेल परियोजना से विकास को मिलेगी रफ्तार

जागरण (गढ़वा)  गढ़वा एवं पलामू प्रमंडल के लाखों लोगों के लिए बहुप्रतीक्षित बरवाडीह–गढ़वा रोड–रामानुजगंज–अंबिकापुर नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है। रेल मंत्रालय द्वारा 26 मई 2026 को भारत के राजपत्र (संख्या-2568) में प्रकाशित अधिसूचना के माध्यम से 261.838 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को झारखंड एवं छत्तीसगढ़ में 'विशेष रेल परियोजना' घोषित कर दिया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा जारी अधिसूचना संख्या का.आ. 2660(अ) के अनुसार रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 2(37A) के तहत यह निर्णय लिया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही यह प्रभावी हो गई है। परियोजना के अंतर्गत अंबिकापुर, रामानुजगंज, गढ़वा रोड तथा बरवाडीह के बीच नई सिंगल रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य में आएगी तेजी विशेष रेल परियोजना का दर्जा मिलने से भूमि अधिग्रहण, वन एवं पर्यावरण स्वीकृति सहित विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आने की संभावना बढ़ गई है। इससे लंबे समय से लंबित इस परियोजना के निर्माण कार्य में गति आने की उम्मीद जगी है। गढ़वा जिला अंतर्गत भंडरिया एवं बड़गड़ प्रखंड सहित गढ़वा जिले के लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि रेल लाइन बनने से आवागमन की सुविधा बढ़ेगी, व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। गौरतलब है कि बरवाडीह–अंबिकापुर रेल लाइन की मांग कई दशकों से उठती रही है। अब परियोजना को विशेष रेल परियोजना घोषित किए जाने के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और क्षेत्र का वर्षों पुराना रेल संपर्क का सपना साकार हो सकेगा। बरवाडीह–अंबिकापुर रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना घोषित किया जाना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी आएगी और वर्षों से लंबित लोगों की मांग पूरी होने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह निर्णय गढ़वा, पलामू और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। – आनंद प्रसाद सोनी, सांसद प्रतिनिधि बड़गड़। केंद्र सरकार का यह निर्णय क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात है। रेल लाइन बनने से आवागमन आसान होगा और व्यापार, शिक्षा तथा रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। इससे झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच संपर्क और मजबूत होगा तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। – कुंवर सिंह, सांसद प्रतिनिधि, भंडरिया। विशेष रेल परियोजना का दर्जा मिलने से बरवाडीह–अंबिकापुर रेल लाइन निर्माण का सपना अब साकार होता दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्रालय के इस निर्णय से क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। यह परियोजना विकास, रोजगार और बेहतर परिवहन व्यवस्था का नया अध्याय लिखेगी। – बजरंग प्रसाद, भाजपा मंडल अध्यक्ष दशकों से क्षेत्र की जनता इस रेल परियोजना की प्रतीक्षा कर रही थी। विशेष रेल परियोजना घोषित होने से लोगों में नई उम्मीद जगी है कि अब निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा। यह रेल लाइन क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ-साथ युवाओं के लिए भी नए अवसर लेकर आएगी। – मनोज कुमार राज, सामाजिक कार्यकर्ता  

उदयपुर शिविर में लाभार्थियों को मिली सरकारी योजनाओं की सौगात

 उदयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को उदयपुर में शहरी सेवा शिविर का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उदयपुर विकास प्राधिकरण परिसर में आयोजित शिविर में उपस्थित लाभार्थियों से संवाद कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं शिविर के संबंध में फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सेवा शिविरों के माध्यम से पट्टा वितरण, नामांतरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रकरणों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवश्यक जांच अथवा प्रक्रिया के कारण अतिरिक्त समय लगने वाले प्रकरणों के निस्तारण के लिए फॉलोअप शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों में आमजन से जुड़े छोटे से लेकर बड़े कार्यों को भी गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने अधिकारियोें से कहा कि शिविरों में आमजन की समस्याओं का समाधान हर हाल में किया जाए तथा इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और वंचित वर्गों सहित सभी वर्गों को मूलभूत सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों। पार्क, सड़क, नाली, सीवरेज, बिजली तथा अन्य नगरीय सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का भी प्राथमिकता से समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने आमजन से आह्वान किया कि वे अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को शिविरों तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि पात्र व्यक्ति योजनाओं और सेवाओं का लाभ सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से ही इन शिविरों की सार्थकता सुनिश्चित होगी मुख्यमंत्री ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पट्टे, प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति एवं सहायता राशि के चेक तथा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी प्रदान किए। लाभार्थियों ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, उदयलाल डांगी, श्रीचंद कृपलानी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं आमजन उपस्थित रहे।