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श्रम विभाग में अधिकारियों को तनावमुक्त और कार्यकुशल बनाने के लिए ऑनलाइन सत्र आयोजित

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि हमारे अधिकारी निरंतर भारी दबाव में जनसेवा का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी भलाई और मानसिक स्वास्थ्य हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री  पटेल श्रम विभाग के अधिकारियों के लिए आयोजित 'उच्च-तनाव वाली लोक सेवा भूमिकाओं में बर्नआउट की रोकथाम' विषय पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  पटेल ने कहा कि कार्यस्थल पर तनाव से जुड़े फीडबैक तंत्र को लागू कर विभागीय टीमों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इस सत्र में राज्य से 79 वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। दिनभर की भागदौड़, लगातार बजते फोन और फाइलों के दबाव से जूझने वाले अधिकारियों की मानसिक सेहत को सुदृढ़ बनाने और कार्यस्थल पर उनके दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से यह सत्र आयोजित किया गया था। आर्डेन विश्वविद्यालय, लंदन की व्याख्याता और स्वास्थ्य मनोविज्ञान विशेषज्ञ  मुक्ति सिंह ठाकुर ने सत्र का मुख्य संचालन किया। उन्होंने एक व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि अत्यधिक तनाव के साथ-साथ यह मानना कि 'तनाव सेहत बिगाड़ रहा है', मृत्यु के जोखिम को 43 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। वहीं, जो लोग तनाव को हानिकारक नहीं मानते, उनमें ऐसा कोई खतरा नहीं देखा गया।  ठाकुर ने तनाव प्रबंधन का एक बेहद सरल और प्रभावी उपाय साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में उद्वेलित होने से पहले महज 30 सेकंड का ठहराव लें और आस-पास की किसी आम चीज़, जैसे छत का पंखा, खिड़की या अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। यह संक्षिप्त ठहराव मस्तिष्क को 'सुरक्षित' होने का गहरा संकेत देता है, जिससे तंत्रिका तंत्र का झूठा अलार्म बंद हो जाता है। लंबी सांस छोड़ने और धीमी सांस लेने की यह प्राणायाम तकनीक दिल को शांत कर रक्तचाप को तुरंत नियंत्रित करती है। विशेषज्ञ  ठाकुर ने कहा कि रोज़-रोज़ की अनियंत्रित तनावपूर्ण प्रतिक्रियाएं शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ा देती हैं। यही स्थिति आगे चलकर उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और टाइप-2 मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गंभीर बीमारियों की छिपी वजह बनती है। उन्होंने आईसीएमआर-इण्डियाब अध्ययन (2023) का संदर्भ देते हुए बताया कि देश में करीब 10.1 करोड़ लोग मधुमेह से ग्रस्त हैं। अत्यधिक तनाव से निर्णय लेने की क्षमता और याददाश्त कमजोर हो जाती है, जो अधिकारियों को गंभीर बर्नआउट की ओर धकेल देती है।  

कार्यस्थल पर जाकर बायपास, अंडरपास और पुल का काम भी देखा, अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यस्थलों पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को प्रगतिरत सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। सरगुजा के कलेक्टर  अजीत वसंत और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में वर्षा ऋतु को देखते हुए सड़कों के रखरखाव एवं गड्ढा मरम्मत के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए बारिश शुरू होने के पहले सभी आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने समय पर पुल-पुलियों की भी मरम्मत करने के निर्देश दिए, ताकि बरसात में आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को सड़कों और पुलों का नियमित निरीक्षण कर उनकी स्थिति पर सतत निगरानी रखने को कहा। विभागीय सचिव ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मैदानी अधिकारियों ने कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित व प्रगतिरत कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।     बंसल ने अंबिकापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग बायपास के निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अंडरपास, पुल एवं अन्य संरचनात्मक निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेकर निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों को परेशानी से बचाने सड़कों व पुलों के काम को हर हाल में समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा, ताकि लोगों को शीघ्र बेहतर यातायात की सुविधा मिले।  लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को मेडिकल कॉलेज के भवन के निर्माण कार्य को प्राथमिकता से तेज गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होना चाहिए।

सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिले नियमित गरम भोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सह संचालन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश दिए हैं कि राज्य की सभी शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को योजना के तहत अनिवार्य रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण प्रदान किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि स्कूलों में योजना के संचालन की लगातार जमीनी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और भोजन पकाने के लिए नियमित रूप से रसोई गैस (एलपीजी ईंधन) की आपूर्ति सुनिश्चित हो। शहरी और आस-पास के क्षेत्रों में सेंट्रल किचन व्यवस्था पर जोर           बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना और सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन पकाने की व्यवस्था पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के शहरी क्षेत्रों और उनके आस-पास स्थित स्कूलों में पीएम पोषण शक्ति योजना के तहत सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन तैयार कर सप्लाई किया जाना चाहिए, ताकि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का स्तर उत्कृष्ट रहे। महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा बढ़ावा, परोसी जाएंगी ताजी सब्जियां           योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण से जोड़ते हुए मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भोजन तैयार करने वाले महिला स्व-सहायता समूहों को सब्जी और मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें। इससे स्कूलों में बच्चों को ताजी व हरी सब्जियां मिलेंगी और साथ ही इन महिला समूहों की आमदनी में भी इजाफा होगा। छत्तीसगढ़ में योजना की वर्तमान स्थिति           बैठक में अधिकारियों ने योजना से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। राज्य के 56 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में यह योजना संचालित है। इन स्कूलों के माध्यम से 29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को दैनिक रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण दिया जा रहा है। भोजन तैयार करने के कार्य में 86 हजार से ज्यादा रसोइया जुड़े हुए हैं। बैठक में उच्चाधिकारियों की रही मौजूदगी          इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की विशेष सचिव व संचालक नागरिक आपूर्ति निगम सुश्री इफ्फत आरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वित्त, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को किया सम्मानित

कानपुर , 18 जून : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व मिनीकिट भी प्रदान किया।  👉 छोटेलाल- पैगूपुर 👉 राजेश कुमार त्रिपाठी- शिवराजपुर  👉 आशीष कुमार- कल्याणपुर  👉 सुनील सिंह कटियार-बिल्हौर 👉 फूल सिंह यादव- झींझक  👉  दिनेश कुमार- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपये का चेक 👉 उमा सिंह- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपये का चेक 👉 विपिन्न शुक्ला- श्री अन्न की मिनीकिट  👉 आशीष कुमार- श्री अन्न की मिनीकिट

एएफडी फ्रांस वित्त पोषित परियोजना में हरित विकास और जल संरक्षण पर जोर

 जयपुर राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना की तीसरी उच्चाधिकार समिति की बैठक गुरुवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में  शासन सचिवालय में आयोजित हुई। बैठक में एएफडी, फ्रांस द्वारा वित्त पोषित इस परियोजना के विभिन्न घटकों की विस्तृत समीक्षा कर वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों में लक्ष्य पूर्ति के साथ परिणाम जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गतिविधि का प्रभाव स्थानीय समुदाय, पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों पर सकारात्मक एवं परिवर्तनकारी रूप में परिलक्षित होना चाहिए। परियोजना कार्यों में दिखे परिवर्तन, सफलता की कहानियां बनें प्रेरणा मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों की सफलता के उदाहरण सामने आने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मॉडल विकसित किए जाएं जिनसे क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ने, भूजल स्तर में सुधार, जैव विविधता संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे। उन्होंने कहा कि परियोजना के कार्य परिवर्तनकारी होने चाहिए। इनका लाभ आमजन प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर सकें।  हितग्राहकों और स्थानीय जनसमुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य सचिव ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े हितग्राहकों एवं स्थानीय समुदायों के विचारों और सुझावों को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यों की योजना बनाकर उनका क्रियान्वयन किया जाए। तकनीकी मानकों के अनुरूप हो कार्यों का क्रियान्वयन मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों का निष्पादन निर्धारित तकनीकी मापदंडों एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने परियोजना के प्रत्येक घटक की नियमित मॉनिटरिंग एवं समय-समय पर प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण और उच्च घनत्व हरित क्षेत्र हो विकसित मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधारोपण एवं चारागाह विकास कार्यों में स्थानीय एवं क्षेत्र विशेष के अनुकूल प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने उच्च घनत्व वाले हरित क्षेत्र विकसित करने, बड़े आकार के पौधों के रोपण तथा उन्नत एवं बड़ी नर्सरियों के विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। परिवर्तन के सूचकांक का निर्धारण किया जावे मुख्य सचिव महोदय ने निर्देश दिये कि परियोजना में किये जा रहे कार्यों के प्रभाव का आंकलन करने के लिए परिवर्तन के सूचकांकों का निर्धारण कर परियोजना के प्रारम्भ एवं वर्तमान स्थिति की तुलनात्मक समीक्षा करें। जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधार के प्रयास हों प्रभावी उन्होंने कहा कि परियोजना के माध्यम से जल संरक्षण संरचनाओं का विकास इस प्रकार किया जाए कि भूजल स्तर में वृद्धि हो तथा स्थानीय जल संसाधनों का पुनर्भरण सुदृढ़ हो। मृदा एवं जल संरक्षण गतिविधियों के दीर्घकालिक प्रभावों का भी नियमित मूल्यांकन किया जाए। एएफडी ऋण अनुबंध और लंबित वित्तीय मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश मुख्य सचिव ने फ्रांसीसी विकास एजेंसी एएफडी की द्वितीय ट्रांच से संबंधित ऋण अनुबंध प्रक्रिया को आगामी जुलाई  तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। अंतर-विभागीय समन्वय से हासिल होंगे बेहतर परिणाम मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के उद्देश्यों की प्रभावी प्राप्ति के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना कार्यों को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं परिणामोन्मुखी ढंग से पूर्ण किया जाए। इससे विकसित राजस्थान के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन विभाग श्री आनंद कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हाफ) श्री अरिजीत बनर्जी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास सुश्री शिखा मेहरा, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्री के. सी.ए. अरूण प्रसाद, राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना निदेशक श्री राजेश गुप्ता एवं वित्त, कृषि, आयोजना, महिला बाल विकास, पर्यटन, ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

झाबुआ, इंदौर और खरगोन में सबसे बड़ी कार्रवाई, शराब के साथ वाहन भी जब्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए जून माह में अब तक 2 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना है, बल्कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना भी है। सबसे बड़ी कार्रवाई झाबुआ जिले में की गई, जहां थांदला, राणापुर और झकनावदा चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 176 से अधिक पेटी अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल वाहनों सहित लगभग 47.71 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। वहीं इंदौर और इंदौर ग्रामीण पुलिस ने संयोगितागंज, द्वारकापुरी और बड़गोंदा क्षेत्रों में कार्रवाई कर करीब 37.81 लाख रुपये की अवैध शराब और वाहन जब्त किए। खरगोन जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और अन्य वाहनों सहित लगभग 28.96 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की। सागर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर 26.95 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब और वाहन पकड़े गए। पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र में दो मामलों में 2,484 लीटर से अधिक अवैध शराब और पिकअप वाहन सहित 22.50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई। बड़वानी, छिंदवाड़ा, छतरपुर, नरसिंहपुर, सिंगरौली, विदिशा, सीधी, उज्जैन, भिंड, जबलपुर, नर्मदापुरम, खंडवा, मुरैना, आगर मालवा, डिंडोरी, दमोह और भोपाल ग्रामीण सहित कई जिलों में भी बड़ी मात्रा में अवैध शराब और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया गया। कई स्थानों पर पुलिस ने ऑपरेशन ईगल क्लॉ के तहत विशेष कार्रवाई करते हुए शराब तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया। पुलिस मुख्यालय के अनुसार प्रदेशभर में अवैध शराब के कारोबार, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस नशे के अवैध कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

माइंस विभाग की समीक्षा बैठक: राजस्व बढ़ाने और खनन प्रक्रिया को समयबद्ध करने पर जोर

जयपुर अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने खान एवं भूविज्ञान विभाग के फील्ड अधिकारियों को डेलिनियेशन से लेकर आॅक्शन तक के लिए मिनरल ब्लाॅक तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मिनरल ब्लाॅकों की समय पर नीलामी से वैध खनन को बढ़ावा, अवैध खनन पर प्रभावी रोक, माइनिंग सेक्टर में निवेश और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। एसीएस माइंस श्रीमती अपर्णा अरोरा गुरुवार को खनिज भवन में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की हाईब्रिड मोड पर बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मिनरल ब्लाॅकों के तैयार करने से नीलामी तक की प्रक्रिया का क्रियान्वयन टाइमलाइन बनाकर किया जाए ताकि क्रियान्वयन व प्रभावी मोनेटरिंग संभव हो सके। उन्होंने कहा कि इससे राज्य सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा माइनिंग सेक्टर में राजस्थान को अग्रणी प्रदेश बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ जीरो टाॅलरेंस की नीति पर कार्य करने के निर्देश है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए विभाग द्वारा वैध खनन को बढ़ावा देने के लिए मिनरल ब्लाॅकों के ऑक्शन पर जोर दिया जा रहा है। श्रीमती अरोरा ने कहा कि विभाग को राजस्व संग्रहण का बड़ा लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अभी से कार्ययोजना बनाने के साथ ही पुराने बकाया और अवैध खनन गतिविधियों पर कार्यवाही की बकाया राशि की वसूली पर भी फोकस करना होगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय होने से राजस्व में बढ़ोतरी और अवैध खनन गतिविधियों पर कारगर रोक लग सकेगी। एसीएस माइंस श्रीमती अपर्णा अरोरा ने निर्माण कार्य से जुड़ी संस्थाओं से उपलब्ध एम-सेंड के अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया ताकि बजरी के विकल्प के रुप में एम-सेंड को प्रोत्साहित किया जा सकें। उन्होंने बजट घोषणाओं की क्रियान्विति प्रगति, राजस्व संग्रहण सहित महत्वपूर्ण बिन्दुओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  

भोपाल को अतिक्रमण मुक्त और सुरक्षित बनाने में मंत्री सारंग ने की बड़ी पहल

भोपाल  सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मंत्रालय में भोपाल शहर एवं नरेला विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों, आवासीय परियोजनाओं, अतिक्रमण, नागरिक सुरक्षा तथा आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में भोपाल कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, नगर निगम कमिश्नर, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री  सारंग ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा आमजन से जुड़े विषयों का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भोपाल को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित और बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर बनाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। भू-माफियाओं और अवैध निर्माणों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरे भोपाल में अभियान चलाकर भू-माफियाओं और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक उपयोग की भूमि तथा विकास परियोजनाओं में बाधा बनने वाले सभी अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाया जाए। उन्होंने अवैध प्लॉटिंग और अवैध भवन निर्माण को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में केवल अतिक्रमण हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। जहां-जहां अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं या अवैध निर्माण हो रहे हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मोती नगर, रेलवे भूमि और अशोका गार्डन से हटेंगे अवैध कब्जे बैठक में मोती नगर क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मंत्री  सारंग ने रेलवे और पीडब्ल्यूडी की प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन और सुभाष नगर क्षेत्र के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। साथ ही अशोका गार्डन थाना परिसर के पीछे हुए अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री  सारंग ने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अतिक्रमण रोकने में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई मंत्री  सारंग ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिक्रमण रोकने में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। शासन की मंशा स्पष्ट है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जनहित के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। पीएम आवास योजना और ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं को मिलेगी नई गति प्रधानमंत्री आवास योजना एवं ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री  सारंग ने निशांतपुरा में पुलिस लाइन विकसित करने की संभावनाओं पर भी कार्यवाही आगे बढ़ाने के सुझाव दिए। साथ ही रचना नगर, नयापुरा, गैस राहत कॉलोनी, कस्तूरबा नगर और पलासी क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। मंत्री  सारंग ने रचना नगर की भूमि को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर वहां आवासीय परियोजना विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराये जा सकें। चांदबढ़ की कपड़ा मिल भूमि पर विकसित होगी नई आवासीय परियोजना चांदबढ़ स्थित कपड़ा मिल की उपलब्ध भूमि पर भी चर्चा हुई। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को सुझाव दिए कि इस भूमि पर ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के अंतर्गत नई आवासीय परियोजना विकसित करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए, जिससे जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा सके। बरसात से पहले जर्जर भवनों पर होगी सख्त कार्रवाई आगामी मानसून को देखते हुए मंत्री  सारंग ने नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ऐशबाग के 600 जर्जर मकान होंगे खाली ऐशबाग स्थित जनता क्वार्टरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री  सारंग ने बताया कि यहां लगभग 600 मकान अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मकानों को तत्काल खाली कराया जाए और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, जिससे बरसात के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि न हो। गौतम नगर के जर्जर पुलिस क्वार्टरों पर भी होगी कार्रवाई मंत्री  सारंग ने गौतम नगर क्षेत्र स्थित जर्जर पुलिस आवासों की समीक्षा करते हुए कहा कि इन भवनों में निवासरत परिवारों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने ऐसे भवनों को असुरक्षित घोषित कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पूरे शहर में होगा प्री-मानसून सुरक्षा सर्वे मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि नगर निगम, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से प्री-मानसून सर्वे करें तथा जर्जर भवनों, कमजोर संरचनाओं, जलभराव संभावित क्षेत्रों और अन्य जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करें। अन्ना नगर में स्थायी बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अन्ना नगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं की समीक्षा करते हुए मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीएचईएल और ऊर्जा विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर स्थायी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। सुभाष नगर में अस्पताल निर्माण का मार्ग होगा प्रशस्त जोन-12 अंतर्गत सुभाष नगर क्षेत्र में प्रस्तावित अस्पताल परियोजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि अस्पताल निर्माण संबंधी स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। गोकुल धाम के रहवासियों की समस्या के समाधान के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना नरेला विधानसभा स्थित गोकुल धाम क्षेत्र की आवासीय समस्या पर चर्चा करते हुए मंत्री  सारंग ने बताया कि यहां बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं, लेकिन संबंधित बिल्डर द्वारा परियोजना अधूरी छोड़ दिए जाने के कारण रहवासियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक समग्र और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे वर्षों से लंबित इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके और रहवासियों को राहत मिल … Read more

संतोष चौबे होंगे कर्मवीर सम्मान–2026 से सम्मानित

भोपाल माधवराव सप्रे संग्रहालय, भोपाल द्वारा अपने 43वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में वरिष्ठ कवि–कथाकार, विश्व रंग के निदेशक एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति  संतोष चौबे को प्रतिष्ठित 'कर्मवीर सम्मान–2026' से सम्मानित किया जाएगा।  यह सम्मान समारोह 19 जून (शुक्रवार) को सुबह 10.30 बजे सप्रे संग्रहालय, भोपाल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल के मुख्य आतिथ्य और तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष  रघुनंदन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित होगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र के निदेशक तथा वैश्विक हिंदी पत्रकारिता के अध्येता डॉ. जवाहर कर्नावट को भी कर्मवीर सम्मान प्रदान किया जाएगा। साथ ही इतिहास एवं पुरातत्व के अध्येता डॉ. सुभाष अत्रे, संस्कृति मर्मज्ञ  राम तिवारी तथा वरिष्ठ पत्रकार  नुरूल हसन 'नूर' भी सम्मानित होंगे।  इस अवसर पर मध्यप्रदेश अभिलेखागार के पूर्व संचालक  शंभुदयाल गुरू द्वारा प्रदत्त साहित्य से इतिहास प्रभाग का शुभारंभ भी होगा।

डिग्री में नाम का अनुवाद कर दिया! ‘गुलाब’ बने ‘Rose’, विश्वविद्यालय की लापरवाही उजागर

रांची. रांची विश्वविद्यालय एक और कारनामा सामने आया है। बैचलर ऑफ एजुकेशन की डिग्री में विवि ने हिंदी में गुलाब एक्का लिखा है और फिर नीचे अंग्रेजी में रोज एक्का लिखा हुआ है। यह सब काम परीक्षा विभाग का अंक पत्र से लेकर डिग्री देने का जिम्मा संभालने वाली निजी एजेंसी एनसीसीएफ (नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) का कमाल है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। अभी फरवरी महीने में ही सिल्ली एवं वीमेंस कॉलेज के 130 से अधिक छात्र-छात्राओं का एडमिट कार्ड में भी नाम गलत प्रिंट कर दिया था। सिल्ली के 81 छात्र-छात्राओं के गलत नाम सिल्ली के कुल 81 छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड में उनका नाम गलत प्रकाशित किया, वहीं रांची वीमेंस कालेज यूजी सत्र 22–26 के गणित एवं टीआरएल विषय के 40 से अधिक छात्राओं का नाम भी एडमिट कार्ड में गलत प्रिंट किया था। एजेंसी जब से आई है, वह लगातार ऐसी गड़बड़ियां करती आ रही हैं। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं को फेल करना या किसी विषय में शून्य अंक अंकित कर देना इस एजेंसी के लिए बड़ी बात नहीं। इसके बाद फिर छात्र परेशान होते हैं। एनसीसीफ को ब्लैकलिस्टेड करने की गुहार इस निजी परीक्षा एजेंसी की कार्यशैली को लेकर बार-बार लोक भवन से गुहार लगाई गई और मांग की गई कि इसे ब्लैकलिस्टेड किया जाए। रांची विवि भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। अबुआ अधिकार मंच यूथ व स्टूडेंट वेलफेयर इंचार्ज अभिषेक शुक्ला ने कहा कि एनसीसीएफ की लापरवाह कार्यप्रणाली का सीधा एवं प्रतिकूल प्रभाव विश्वविद्यालय में पठन-पाठन करने वाले विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। छात्र-छात्राएं त्रुटि ठीक कराने के लिए विश्वविद्यालय कार्यालय का लगाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई एवं मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ता है। रांची विवि ने 2022 में सौंपा काम रांची विवि ने इस एजेंसी को, जिसका मुख्य काम आलू-प्याज बेचना है, उसे परीक्षा विभाग का काम 2022 में सौंप दिया गया। इसके पहले परीक्षा विभाग रांची विश्वविद्यालय के अधीन था तब उसका सालाना आय चार करोड़ व खर्च करीब दो करोड़ के अंदर ही था। एजेंसी आने के साथ ही परीक्षा शुल्क में वृद्धि की गई और रांची विवि एनसीसीएफ को इसी काम के लिए सालाना लगभग 15 करोड़ रुपये का भुगतान करता है। सबसे बड़ी बात यह है कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्रों का डाटा सुरक्षित रखना विवि का काम है, लेकिन अब ये डाटा निजी एजेंसी के हाथों में हैं। विवि ने किसी लाभ के कारण इस एजेंसी को काम सौंपा है, पता नहीं। परीक्षा विभाग में जो कर्मचारी थे, उन्हें इधर-उधर विभागों में रख दिया। बेकार पड़ा है एग्जामिनेशन डेटा प्रोसेसिंग सेल रांची विवि का मोरहाबादी स्थित एग्जामिनेशन डेटा प्रोसेसिंग सेल बेकार पड़ा है। यहां रिजल्ट प्रकाशन से लेकर मार्कशीट, प्रोविजनल, माइग्रेशन, डिग्री का प्रिंटिंग होता था। सेल जब तक कार्यरत रहा, समय से रिजल्ट का प्रकाशन होता था। छात्रों को परेशानी नहीं होती थी। एक दर्जन लोग यहां काम करते थे। और इन सब कामों में वार्षिक खर्च करीब एक करोड़ से नीचे ही होता था। लेकिन तत्कालीन कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने एनसीसीएफ को दिसंबर 2022 काम सौंप दिया। एजेंसी सीनेट हाल से ही अपना पूरा काम ऑपरेट करता है।