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अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी पर फहराया तिरंगा, मध्यप्रदेश पुलिस का बढ़ाया गौरव

भोपाल  पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से माउंट किलिमंजारो विजय के उपरांत निरीक्षक मती दीपिका गौतम ने पुलिस मुख्यालय में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर  मकवाणा ने उन्‍हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए डीजीपी ने कहा कि यह सफलता मध्यप्रदेश पुलिस की महिला अधिकारियों की क्षमता, साहस, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि निरीक्षक मती दीपिका गौतम ने अपनी उपलब्धि से प्रदेश की महिलाओं, युवाओं तथा पुलिस बल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी है। इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक एससीआरबी  जयदीप प्रसाद एवं पुलिस महानिरीक्षक एससीआरबी  हरिनारायणचारी मिश्र उपस्थित थे। राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (SCRB), पुलिस मुख्यालय में पदस्थ इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने 29 मई 2026 को अफ्रीका महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो के Gilmans point 5685m पर पहुंचकर तिरंगा एवं मध्यप्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया। इस अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान में वे भारत की एकमात्र प्रतिभागी थीं। इस उपलब्धि के साथ निरीक्षक मती दीपिका गौतम मध्यप्रदेश पुलिस की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने तंजानिया स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्वत शिखर पर सफलतापूर्वक फतह कर प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया है। माउंट किलिमंजारो अभियान पांच दिनों का अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं कठिन अभियान था। इस दौरान तीन बेस कैंप पार करने के बाद अंतिम चढ़ाई रात्रि में प्रारंभ की गई। अभियान के दौरान तापमान माइनस 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था तथा लगातार बदलते मौसम ने परिस्थितियों को और अधिक कठिन बना दिया था। इन चुनौतियों के बावजूद निरीक्षक मती दीपिका गौतम ने अदम्य साहस, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए सफलता प्राप्त की।  

ट्राइबल यूथ हॉस्टल के 13 अभ्यर्थियों ने यूपीएससी प्रीलिम्स में हासिल की सफलता

रायपुर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति की प्रतिभा, परिश्रम और अटूट संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर निर्माण के लिए बेहतर अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन युवाओं की सफलता प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा देगी। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में  गौतम कुमार,  कुलभूषण सिंह पोया,  हरि चंद्र प्रकाश सिंह,  मयंक रात्रे,  मलिकराम पटेल,  आर्यन राठौर,  चेतन लाल,  हरीश कुमार पटेल,  किशन लाल साहू,  सत्यनारायण चंद्राकर, सु दीक्षा दिवाकर,  विकेश कुर्रे तथा  प्रकाश पटेल शामिल हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है। उल्लेखनीय है कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल की स्थापना राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। यहां चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, अध्ययन कक्ष, पुस्तकालय, उत्कृष्ट कोचिंग तथा अनुभवी विशेषज्ञों का नियमित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल जैसे संस्थान प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें उचित दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रारंभिक परीक्षा में सफल ये विद्यार्थी मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रशासनिक सेवाओं में छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएंगे। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार द्वारा युवाओं के लिए उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक अवसरों और मार्गदर्शन व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम है।  UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में 13 अभ्यर्थियों की सफलता ने इस संस्थान की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।

कानपुर में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ में गोसंरक्षण के लाभ बताए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने, प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग गाय का दूध पिएंगे, फिर उन्हें सड़कों पर बेसहारा छोड़ देंगे और जब ये गाय फसलों का नुकसान करेंगी तो दोष मुझे देंगे। हमारा संकल्प व संस्कार है कि गोमाता को कटने नहीं देंगे और देश की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे। उन्होंने सिख गुरुओं के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कोई आक्रांता या कसाई गोहत्या करता था, तो सिख वीर उसका वहीं काम तमाम कर देते थे। यह उस कालखंड की बात है, जब देश गुलाम था और लोग विदेशी आक्रांताओं के साये में जीवन व्यतीत कर रहे थे। कानपुर में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का कोई ऐसा सनातन धर्मावलंबी नहीं होगा, जो गोमाता की उपासना न करता हो, उसे अपने जीवन व परिवार का हिस्सा न मानता हो। गोमाता आधारित खेती न केवल कृषि को सशक्त बनाती है, बल्कि गोमाता की रक्षा भी करती है। साथ ही, यह हम सभी को पुण्य का भागीदार भी बनाती है। विदेशियों की नकल ने भारत को पीछे धकेला मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 2000 वर्ष पहले भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी। मुगलों की लूटपाट के बावजूद भारत की ग्लोबल इकॉनमी में हिस्सेदारी 24 प्रतिशत तक थी। जब तक भारत किसानों, व्यापारियों, नौजवानों और आधी आबादी के सामर्थ्य पर विश्वास करता रहा, तब तक देश समृद्धि की ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहा। लेकिन, जब हमने विदेशियों की नकल करना शुरू कर दिया तो वही भारत विपन्न होते-होते आजादी के समय वैश्विक अर्थव्यवस्था में मात्र दो प्रतिशत हिस्सेदारी तक सिमट गया। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश ने नारी शक्ति, युवाओं, व्यापारियों और किसानों पर फिर से विश्वास किया। इसी का परिणाम है कि आज भारत पूरे विश्व में तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। ज्यादा लागत-कम आय से जूझ रहा था किसान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी-पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। अब भारत बीमारू नहीं, विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर देश है। यह विचार करने की आवश्यकता है कि वे कौन से कारण थे, जिन्होंने इतनी समृद्ध भूमि होने के बावजूद अन्नदाता किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। 2014 से पहले किसान आत्महत्या कर रहा था, क्योंकि लागत अधिक व उत्पादन कम था और उपज का उचित मूल्य भी नहीं मिल पाता था। मोदी सरकार ने दी डेढ़ गुना मूल्य देने की गारंटी सीएम योगी ने कहा कि आजाद भारत में किसानों को उनकी लागत का न्यूनतम डेढ़ गुना मूल्य देने की गारंटी किसी ने दी, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। वर्ष 2004 से 2014 के बीच देश में लाखों किसानों ने आत्महत्या की, लेकिन 2014 के बाद इस पर विराम लग गया। पहली बार सॉइल हेल्थ कार्ड के माध्यम से धरती माता के स्वास्थ्य का परीक्षण शुरू हुआ। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए अन्नदाता किसानों को फसल सुरक्षा की गारंटी मिली। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से सिंचाई की सुविधा बढ़ी। किसानों के लिए प्रोक्योरमेंट सेंटर स्थापित हुए और किसान सम्मान निधि की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाले उर्वरक (फर्टिलाइजर) पर सरकार भारी सब्सिडी दे रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया बैग की कीमत करीब 4000 रुपये तक होती है, जबकि किसानों को एक चौथाई से भी कम कीमत पर इसे उपलब्ध कराया जाता है। किसान प्रति एकड़ रासायनिक उर्वरकों पर 10 से 12 हजार रुपये खर्च कर देता है। किसान की मेहनत को भी इसमें जोड़ दिया जाए तो उसकी कुल लागत 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। इसके बावजूद सालभर की मेहनत के बाद उसे 10 हजार रुपये का शुद्ध लाभ भी नहीं मिल पाता। जहर मुक्त खेती ही बेहतर भविष्य का आधार मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्टिलाइजर व पेस्टीसाइड के अत्यधिक उपयोग की वजह से कई बार हमारा उत्पादन दुनिया के बाजार में स्वीकार नहीं किया जाता, क्योंकि उसमें रासायनिक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। इसका स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव होता है। आज से 30 वर्ष पहले किडनी खराब होने के इतने मामले नहीं होते थे। लोग हैंडपंप व तालाब का पानी पीते थे, मेहनत करते थे और सामान्य स्वस्थ जीवन जीते थे। आज लगभग हर मोहल्ले में दो-तीन किडनी रोगी मिल जाते हैं। लिवर सिरोसिस, ब्लडप्रेशर व डायबिटीज के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हुई है। सीएम ने कहा कि यह केवल व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का दोष है जो केमिकल फर्टिलाइजर व पेस्टीसाइड के उपयोग को बढ़ावा देती है। यदि किसान गो आधारित प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते हैं तो प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये की सीधी बचत रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों पर होने वाले खर्च में ही हो जाएगी। स्वास्थ्य उत्तम होगा तो दवाओं पर भी खर्च बचेगा। आयुष्मान भारत व मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से आर्थिक सहायता तो दी जाती है, लेकिन बीमारी से प्रभावित व्यक्ति की जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है। पूरा परिवार संकट में आ जाता है। लोग स्वस्थ रहेंगे तो अपनी ऊर्जा व प्रतिभा का उपयोग देश-समाज के विकास में कर सकेंगे। 34 जिलों में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रयास शुरू किए गए हैं। प्रदेश के 34 जिले प्राकृतिक खेती को तेजी से अपना रहे हैं। गंगा किनारे स्थित 27 जनपदों तथा बुंदेलखंड के सात जनपदों को प्राकृतिक खेती के लिए चिह्नित किया गया है। बुंदेलखंड के किसानों ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों के सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग व मार्केटिंग पर तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। कृषि मंडियों में इसके लिए व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के बीज से लेकर फसल तैयार होने तक सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया, शोरूम की स्थापना तथा उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने कृषि विज्ञान केंद्रों को प्राकृतिक खेती के प्रदर्शन का आधार … Read more

प्रदेश में समग्र इको सिस्टम को मिलेगी नई गति

भोपाल मध्यप्रदेश को आईटी और सेवा क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। आईटी पार्क-3, आईटी पार्क-4 आईटी पार्क उज्जैन, इंदौर-पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर और निजी क्षेत्र की परियोजनाएं मिलकर एक ऐसा आधुनिक इको सिस्टम तैयार करेगी, जो मध्यप्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन इस परिवर्तन का ग्रोथ इंजन बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर में निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 के निरीक्षण में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर को हम मध्यप्रदेश की आईटी और सेवा क्षेत्र की विकास राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में यहां विकसित होने वाला आईटी पार्कों का समग्र इको सिस्टम प्रदेश को नई आर्थिक गति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी पार्क प्रदेश को आईटी, ग्लोबल केपीबिलिटी सेंटर और सेवा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में एक सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन आईटी पार्क 557 करोड रुपए की लागत से ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह 22 मंजिला भवन 11.25 लाख वर्गफीट के कुल निर्मित क्षेत्रफल के साथ मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ ग्लोबल आईटी पार्क बनने जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, विधायकगण  रमेश मेंदोला,  मधु वर्मा,  मनोज पटेल और पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार, कलेक्टर  शिवम वर्मा, एमपीआईडीसी के सीईओ  हिमांशु प्रजापति सहित जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।  

दिल्ली कैबिनेट का बड़ा फैसला, ग्रुप-C भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण लागू

नई दिल्ली दिल्ली में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है. दिल्ली सरकार ने ग्रुप 'C' के खाली सरकारी पदों पर सीधी भर्ती में पूर्व-अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद अब पूर्व-अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी पाना काफी आसान हो जाएगा।  किन-किन पदों पर मिलेगा फायदा? इस नई आरक्षण नीति के तहत पूर्व-अग्निवीरों को कई महत्वपूर्ण विभागों में सीधी भर्ती का मौका मिलेगा. इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:     दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल     फायरमैन     जेल वार्डन     फॉरेस्ट गार्ड (वन रक्षक)     वाइल्डलाइफ गार्ड उपराज्यपाल ने की समीक्षा इस योजना को जल्द से जल्द और सही तरीके से जमीन पर उतारने के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने एक अहम बैठक की. उन्होंने मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर इस आरक्षण नीति को लागू करने की पूरी योजना की समीक्षा की है. अच्छी बात यह है कि इस कोटे के तहत भर्ती देश के सभी योग्य पूर्व-अग्निवीरों के लिए खुली होगी।  आरक्षण का उद्देश्य उपराज्यपाल ने कहा कि सभी योग्य पूर्व-अग्निवीरों के लिए भर्ती खुली रहेगी। इससे उन्हें समान अवसर मिल सकेंगे। यह देश के लिए उनकी सेवा को मान्यता देने का एक तरीका है। यह कदम उनके अनुभव का लाभ उठाने के लिए उठाया गया है। किन-किन पदों पर मिलेगा लाभ? इसके तहत दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस, जेल और वन एवं वन्यजीव विभागों में ग्रुप 'C' के सीधी भर्ती वाले पदों पर पूर्व-अग्निवीरों को 20 प्रतिशत रिजर्वेशन दिया जाएगा। इसमें दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल, फायर सर्विस में फायरमैन, जेल विभाग में जेल वार्डन और वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड व वाइल्डलाइफ गार्ड के पद शामिल होंगे। सरकार के इस कदम से पूर्व-अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी पाना आसान हो जाएगा।    क्रियान्वयन की समय-सीमा सभी संबंधित विभागों के लिए भर्ती नियमों में बदलाव की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इन जरूरी बदलावों को पूरा करने की समय-सीमा 30 जून तय की गई है। विभागों को इन भर्ती किए गए लोगों की विशेष क्षमताओं का उपयोग करने का अधिकार होगा। यह उपयोग उनकी ऑपरेशनल आवश्यकताओं के अनुसार किया जाएगा। एलजी का पोस्ट दिल्ली के एलजी तरणजीत सिंह संधू के एक्स पोस्ट में लिखा गया, "दिल्ली में चीफ सेक्रेटरी, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और दूसरे सीनियर अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान, अलग-अलग सरकारी डिपार्टमेंट और एजेंसियों में एक्स-अग्निवीरों को रिजर्वेशन का फायदा देने की स्ट्रेटेजी का रिव्यू किया। यह जरूरी पहल भारत सरकार के गाइडिंग विजन के हिसाब से लागू की जा रही है। इन नौजवानों और औरतों के डिसिप्लिन, स्किल्स और ट्रेनिंग का अच्छे से इस्तेमाल करने के लिए, पुलिस कांस्टेबल, फायरमैन, जेल वार्डर, फॉरेस्ट गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड सहित खाली ग्रुप ‘सी’ पोस्ट पर सीधी भर्ती में 20% रिजर्वेशन लागू करने का निर्देश दिया गया।" नियमों में बदलाव के लिए 30 जून की डेडलाइन एलजी के एक्स हैंडल से किए गए पोस्ट में बताया गया कि सभी विभागों को अपनी ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से इन भर्तियों की खास काबिलियत को डिप्लॉय करने और इस्तेमाल करने का अधिकार भी दिया गया है। बराबर मौके पक्का करने और देश के लिए उनकी सेवा को पहचान देने के लिए, इस नियम के तहत सभी एलिजिबल एक्स-अग्निवीरों के लिए भर्ती खुली होगी। सभी संबंधित डिपार्टमेंट के लिए ज़रूरी प्रोसेस और भर्ती नियमों में बदलाव पूरे करने के लिए 30 जून की डेडलाइन तय की गई है। आगे बढ़ेगा विकसित दिल्ली का विजन दिल्ली के एलजी की तरफ से किए गए पोस्ट में कहा गया, "इन डेडिकेटेड और बहुत ट्रेंड लोगों को हमारे सिविक फ्रेमवर्क में आसानी से शामिल करके, हम इंस्टीट्यूशनल रेजिलिएंस को मजबूत करेंगे, पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाएंगे, और एक प्रोग्रेसिव और सुरक्षित विकसित दिल्ली के हमारे कलेक्टिव विजन को आगे बढ़ाएंगे।" इन पदों पर मिलेगी नौकरी पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण के तहत फायरमैन, जेल वार्डर, फॉरेस्ट गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड, और ग्रुप सी के अन्य सरकारी पदों में नौकरी मिलेगी। इसका उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों के अनुशासित जीवन, स्किल्स और ट्रेनिंग का पूरा फायदा उठाना है। विभागों को छूट दी गई है कि वे इन युवाओं को उनकी विशेष क्षमताओं के अनुसार तैनात करें। दिल्ली सरकार की भर्तियों में पूरे देश के अग्निवीर आवेदन कर सकेंगे।  

7 करोड़ PF खाताधारकों को राहत, जल्द ATM-UPI के जरिए होगा PF निकासी का विकल्प

 नई दिल्ली PF Withdrawal Via UPI-ATM:  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ (EPFO) से जुड़ा बड़ा अपडेट आया है. पीएफ खाते (PF Account) में जमा पैसा अब एटीएम और UPI के जरिए निकालने का रास्ता साफ हो गया है, जून खत्म होने से पहले ही ईपीएफओ सदस्यों को ये सुविधा दी जा सकती है. श्रम मंत्रालय की ओर से गुरुवार को ये गुड न्यूज आई है. इसमें कहा गया है कि EPFO ATM card और UPI से पीएफ का पैसा निकालने की योजना इसी महीने से लागू करेगा।  EPFO पर लेबर मिनिस्ट्री से ये अपडेट  लेबर मिनिस्ट्री की ओर से आए बड़े अपडेट पर नजर डालें, तो कहा गया है कि एटीएम और यूपीआई से पीएफ का पैसा निकालने (ATM-UPI PF Withdrawal) की सुविधा आखिरी चरण में है और ये योजना चालू जून महीने के खत्म होने से पहले यानी इसी महीने से लागू होगी।  इसमें आगे कहा गया है कि 2.01 सर्वर शुरू होते ही नई योजना शुरू हो जाएगी. इसके बाद यूपीआई के जरिए सीधे पीएफ अकाउंट से पैसे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जा सकेंगे और फिर इस पैसे को एटीएम कार्ड के जरिए निकाला जा सकता है. श्रम मंत्रालय की ओर से अगले कुछ दिनों में इसे शुरू करते की तैयारी पूरी है।  मंत्री ने पहले ही दिए थे संकेत  EPFO की ओर से आए इस बड़े अपडेट से पहले केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने बीते मई महीने में इसके संकेत दिए थे. उन्होंने कहा था कि अगले महीने यानी जून से आप अपना PF अमाउंट UPI का इस्तेमाल कर ATM से निकाल पाएंगे. केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि EPFO को पूरी तरह से डिजिटलाइज किया जा रहा है, जिससे PF निकालना और भी आसान हो जाएगा, सरकार का लक्ष्य है कि पीएफ खाताधारकों को अपना ही पैसा निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और न ही लंबे-चौड़े फॉर्म भरने पड़ें।  कितनी होगी UPI लिमिट? इस संबंध में बीते कुछ दिनों में आईं रिपोर्ट्स को देखें, तो ATM या UPI के जरिए विड्रॉल की सीमा कस्‍टमर्स के कुल पीएफ बैलेंस के 50% तक सीमित हो सकती है. इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सदस्यों को आधार, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल और IFSC कोड से जुड़ा एक एक्टिव यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) चाहिए होगा।  PF खाते को UPI से जोड़ने के लिए UAN (Universal Account Number) का एक्टिव होना सबसे जरूरी शर्त होगी. इसके साथ ही सदस्य का आधार, बैंक अकाउंट और PAN को UAN से लिंक होना अनिवार्य रहेगा. मोबाइल नंबर भी आधार और बैंक खाते से लिंक होना चाहिए, क्योंकि पूरी प्रक्रिया OTP आधारित वेरिफिकेशन पर होगी।  ये अनुमान भी लगाया जा रहा है कि EPFO पोर्टल या UMANG ऐप में लॉग-इन करने पर वहां एक नया ऑप्शन दिखाई देगा, उदाहरण के लिए 'Link PF with UPI' या फिर 'PF Withdrawal via UPI'. इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद सदस्य को अपनी UPI ID दर्ज करनी होगी. इसके बाद संबंधित UPI ऐप जैसे कि Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM पर एक नोटिफिकेशन आएगा, जहां से PF अकाउंट को जोड़ने की अनुमति देनी होगी।  कब निकलेगा PF का पूरा पैसा? बता दें कि 55 साल की उम्र में रिटायर्ड होने पर पूरी पीएफ का अमाउंट निकाल सकते हैं. विकलांगता, छंटनी, सेल्‍फ रिटायरमेंट, विदेश में स्थायी ट्रांसफर, रिटायरमेंट फंड सेफ्टी जैसे मामलों में पूरा पीएफ निकाल सकते हैं। 

मुख्यमंत्री ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर इंदौर में किया माल्यार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का अद्वितीय साहस, अमर शौर्य और अदम्य राष्ट्रप्रेम संपूर्ण देश के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा। उनका बलिदान मातृभूमि के सम्मान और स्वतंत्रता के लिये सदैव हर भारतीय को प्रेरित करता रहेगा। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अल्पायु में मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर इंदौर में ऐतिहासिक किला मैदान स्थित वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा और चित्र पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के गौरवशाली इतिहास को सहेजने तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इंदौर का यह ऐतिहासिक किला मैदान क्षेत्र भी हमारी ऐतिहासिक धरोहरों और महान वीरों की स्मृतियों का साक्षी है। इस अवसर पर नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव,  सुमित मिश्रा,  सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार और कलेक्टर  शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।  

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राएं जाएंगी IIT गांधीनगर, शिक्षा में यूपी की नई छलांग

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं। यूपी की बेटियां अब केवल स्कूली चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के सर्वोच्च तकनीकी संस्थानों तक कदम बढ़ा रही हैं। इसी शानदार बदलाव की बानगी है— आईआईटी गांधीनगर (गुजरात) के प्रतिष्ठित 'क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27' के लिए उत्तर प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन। यह उपलब्धि न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, बल्कि बेटियों को मुख्यधारा के अवसरों से जोड़ने के सरकारी प्रयासों की बड़ी सफलता है। कौन और कब जा रहा है IIT? विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, 13 से 15 जुलाई 2026 तक आईआईटी गांधीनगर में एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1 (प्रयागराज) और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लोनी नगर पालिका (गाजियाबाद) की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इस राष्ट्रीय मंच पर प्रत्येक चयनित विद्यालय से दो होनहार छात्राएं और एक शिक्षिका उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। कड़ी मेहनत और शानदार आंकड़ों से तय हुआ चयन इन विद्यालयों का चयन यूं ही नहीं हुआ है; यह साल भर की उनकी लगन का नतीजा है। आईआईटी गांधीनगर के 'सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग' (CCL) के अनुसार, पूरे वर्ष चले क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में इन स्कूलों का प्रदर्शन बेजोड़ रहा। प्रयागराज के विद्यालय ने 50 में से 46 सत्रों में हिस्सा लेकर 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई और 39 वर्कशीट जमा कीं। वहीं, गाजियाबाद के विद्यालय ने 50 में से 49 सत्रों में 98 प्रतिशत की शानदार उपस्थिति के साथ 42 वर्कशीट जमा कर यह विशेष स्थान हासिल किया है। नवाचार और विज्ञान की नई दुनिया से होंगी रूबरू आईआईटी गांधीनगर के इस प्रवास के दौरान इन छात्राओं को विज्ञान, गणित और नवाचार (Innovation) की दुनिया को बेहद करीब से देखने और समझने का मौका मिलेगा। रचनात्मक अधिगम (Creative Learning) और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों के जरिए उनके भीतर का वैज्ञानिक दृष्टिकोण और निखरेगा। ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली इन बेटियों के लिए आईआईटी का शैक्षणिक माहौल और रिसर्च कल्चर भविष्य की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। कस्तूरबा विद्यालय बन रहे सशक्तिकरण के केंद्र यह बड़ी उपलब्धि योगी सरकार के उस विजन पर मुहर लगाती है, जिसमें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को 'बालिका सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रभावी केंद्र' के रूप में विकसित किया जा रहा है। डिजिटल शिक्षण, विज्ञान-गणित के विशेष कार्यक्रमों और राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव का ही यह असर है कि आज यूपी की बेटियां आत्मविश्वास से भरी हैं और भविष्य की वैज्ञानिक व शोधकर्ता बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं।  

सीएम ने अनेक लाभार्थियों को दिया स्वीकृति पत्र, चेक, चाबी, नियुक्ति पत्र

उन्नाव मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को विकास योजनाओं के तहत स्वीकृति पत्र, चेक, चाबी, नियुक्ति पत्र आदि प्रदान किया। सीएम योगी के हाथों इन्हें मिला योजनाओं का लाभ…  👉 पार्वती- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख  👉 सोनू- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख 👉 नेहा गुप्ता- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का स्वीकृति पत्र  👉 रमाकांति- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का स्वीकृति पत्र 👉 जगन्नाथ- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति प्रमाण पत्र  👉 मनोज सविता- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति प्रमाण पत्र 👉 रेनू गौड़- स्मार्टफोन- बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार योजना  👉 कर्मावती- स्मार्टफोन- बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार योजना  👉 शशिप्रभा- नियुक्ति पत्र, आंगनबाड़ी सहायिका   👉 मोनी- नियुक्ति पत्र, आंगनबाड़ी सहायिका  👉 कालीचरण- पंचायत कल्याण कोष के तहत स्वीकृति पत्र  👉 अमन कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख का चेक  👉 अभिषेक कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 2.50 लाख का चेक 👉 रेखा- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चाबी  👉 मैकी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चाबी  👉 मनोज सविता- रानी- उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका ग्रामीण मिशन के तहत 4.95 करोड़ का चेक  👉 राजू निर्मल- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रमाण पत्र  👉 परशुराम – प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रमाण पत्र 👉 अंकिता- दिव्यांगजन पेंशन का स्वीकृति पत्र  👉 लीला- आयुष्मान कार्ड  👉 भारती- आयुष्मान कार्ड

गोंडा में वोटर लिस्ट शिकायतों पर कार्रवाई, दोहरे और मृतक मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू

लखनऊ उत्तर पंचायत चुनाव वोटर लिस्ट-2026 के अंतिम प्रकाशन के बाद गोंडा जिले में बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आने पर डीएम प्रियंका निरंजन ने संज्ञान लिया है। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा है कि हर शिकायत का गंभीरता से निस्तारण कर त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पुनरीक्षण कार्यक्रम 2025-26 के तहत 10 जून को पंचायत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया था। इसके बाद दोहरे नाम, मृतक मतदाताओं के नाम, विवाह के बाद दूसरी जगह रहने वाली महिलाओं के नाम और अन्य ग्राम पंचायतों के मतदाताओं के नाम सूची में शामिल होने की शिकायतें बड़ी संख्या में मिली हैं। डीएम ने निर्देश दिया है कि नए नाम जोड़ने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र के साथ दावा प्रपत्र-2 और विधानसभा मतदाता सूची की एस-10, ए-10, आर-0 की प्रति अनिवार्य रूप से ली जाए। जिन पात्र व्यक्तियों के नाम विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज हैं, उन्हें पंचायत मतदाता सूची में शामिल किया जाए। वहीं, दोहरे, मृतक, विवाहित और अन्य ग्राम पंचायतों के नाम हटाने के लिए प्रपत्र-4 पर आवेदन लिया जाएगा। सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नाम हटाए जाएंगे। डीएम ने कहा कि सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाए। किसी भी प्रकार की उदासीनता या शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 2.03 करोड़ के नाम सूची से काटे गए आपको बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 10 जून को बहुप्रतिक्षित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इसमें कुल 12.58 करोड़ मतदाता हैं। पुनरीक्षण में 29 लाख के नाम बढ़े हैं और 2.03 करोड़ के नाम सूची से काटे गए हैं। जौनपुर में सबसे ज्यादा 36.97 लाख और गौतमबुद्धनगर में सबसे कम 2.09 लाख मतदाता हैं। पहली बार सभी मतदाताओं के स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) जारी किए गए हैं। चुनाव में फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) की मदद से फर्जी वोटिंग रोकी जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी की। वर्ष 2021 की मतदाता सूची में 12.29 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल थे। वर्ष 2025-26 की मतदाता सूची में 12.58 करोड़ मतदाता हैं। नई मतदाता सूची में कुल 2.32 करोड़ मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। मृतक व स्थानांतरित इत्यादि 2.03 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। ऐसे में 29.01 लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची में बढ़े हैं। जौनपुर में सबसे अधिक 36.97 लाख वोटर जौनपुर में सबसे अधिक 36.97 लाख, दूसरे नंबर पर आजमगढ़ में 35.76 लाख व तीसरे नंबर पर प्रयागराज में 34.95 लाख मतदाता हैं। सबसे कम गौतमबुद्धनगर में 2.09 लाख मतदाता हैं। सबसे कम मतदाता वाले जिलों में दूसरे नंबर पर महोबा में 5.88 लाख व तीसरे नंबर पर चित्रकूट में 7 लाख मतदाता हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने 23 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की थी, इसमें कुल 12.69 करोड़ मतदाता शामिल थे। इसके बाद मतदाताओं को दावे व आपत्तियों का समय दिया गया और अंतिम मतदाता सूची जारी की गई। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन सभी जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा किया गया है।