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मुख्यमंत्री ने प्राचीन वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर की बावड़ी का किया अवलोकन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी प्राचीन बावड़ियाँ और जल संरचनाएँ हमारी समृद्ध वास्तुकला और उत्कृष्ट जल प्रबंधन की प्रतीक हैं। इन ऐतिहासिक धरोहरों को संजोकर रखना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को इंदौर के प्राचीन  वीरगढ़ी हनुमान मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन बावड़ी का अवलोकन कर यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से जीर्णोद्धार, बावड़ी के मूल ऐतिहासिक स्वरूप को बिना नुकसान पहुँचाए, वैज्ञानिक पद्धति से इसकी सफाई और जीर्णोद्धार कार्य तत्काल प्रारंभ के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और आम जन की सुरक्षा के लिए बावड़ी के चारों ओर मजबूत सुरक्षा जाली अथवा रैलिंग अनिवार्य रूप से लगाई जाए। बावड़ी के प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए तकनीकी उपाय किए जाएं, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। मंदिर और बावड़ी के आस-पास के क्षेत्र का व्यवस्थित सौंदर्यीकरण किया जाए, जिससे यहाँ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समस्त विकास एवं जीर्णोद्धार कार्य एक निश्चित समय-सीमा तय कर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। नगरीय विकास प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, सांसद  शंकर लालवानी, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव,  सुमित मिश्रा,  सुदर्शन गुप्ता, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार और कलेक्टर  शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल को दी बधाई एवं शुभकामनाएँ

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार योग को स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम मानती है। योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि जीवन में अनुशासन, संतुलन और सकारात्मकता का भी संचार करता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जन-जागरूकता एवं योग आधारित स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

उन्नाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गत 12 वर्षों में देश में और 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने जो कार्य किया,  वह कांग्रेस व सपा सरकारें नहीं कर सकीं, क्योंकि भ्रष्ट व क्षमता विहीन ये लोग गरीब के बारे में नहीं, केवल अपने परिवार के बारे में सोचते थे। कांग्रेस ने नेहरू-गांधी परिवार से बाहर कभी नहीं सोचा और सपा के लिए केवल सैफई ही परिवार था। जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत को घर और 140 करोड़ लोगों को ही परिवार माना है। मेरे लिए उत्तर प्रदेश घर और 25 करोड़ लोग परिवार के सदस्य हैं। उनकी समृद्धि के लिए कार्य करना ही हमारा मिशन है। मुख्यमंत्री गुरुवार को 570 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्राम पंचायत डीह, भवानी खेड़ा चौराहा, हिंदु खेड़ा उन्नाव में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। सीएम ने स्थानीय लोगों को जानकारी दी कि वीर शहीद गुलाब सिंह लोधी की स्मृति में निर्मित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की क्षमता भी दोगुनी कर दी गई है। खर-दूषण जैसे थे सपा के सत्तापोषित माफिया सीएम ने कहा कि सपा सरकार के समय गरीब या अन्य राजनीतिक दल आवाज उठाते थे तो इनके गुंडे व माफिया उनकी आवाज दबाने के साथ ही व्यापारियों का अपहरण कर प्रदेश में अराजकता का तांडव करते थे। रामायण काल में खर-दूषण, मारीच व सुबाहु का आतंक ऐसा ही रहा होगा, जैसे सपा सरकार के समय सत्तापोषित माफिया का था। कांग्रेस व सपा के नेताओं को कभी गरीब के लिए आंसू बहाते नहीं देखा होगा। इनके आंसू माफिया के मरने पर बहते हैं। ये गरीबों के प्रति संवेदनहीन बन जाते हैं। सर्वाधिक समय तक शासन करने के बावजूद ये दोनों दल देश-प्रदेश को दुर्गति के गर्त में धकेलने के जिम्मेदार हैं।  अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा है उन्नाव  सीएम ने उन्नाव को अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा बताया। सीएम ने स्थानीय आध्यात्मिक स्थलों, साहित्यकारों, क्रांतिकारियों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए। विधानसभा के पूर्व अध्य़क्ष हृदय नारायण दीक्षित के कार्यों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भारत की अस्मिता पर संकट के समय गुलामी की बेड़ियां तोड़ने के लिए राजा रामबख्श सिंह, वीर गुलाब सिंह लोधी ने अपने बलिदान से ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें उखाड़ दीं।  उन्नाव को कभी पिछड़ने नहीं देंगे  सीएम बोले,  स्वामी साक्षी महाराज जी कहते थे कि लखनऊ व कानपुर के बीच उन्नाव खुद को उपेक्षित महसूस करता है। तब मैंने कहा था कि विकास की हर योजना उन्नाव में भी आएगी। आज उन्नाव की कनेक्टिविटी हर तरफ से फोरलेन की हो गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए उन्नाववासी लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली, प्रयागराज जा सकते हैं। कानपुर के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी बन रहा है। उन्नाव व कानपुर की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए गंगा नदी में अतिरिक्त ब्रिज की मांग भी पूरी की गई। हम उन्नाव को पिछड़ने नहीं देंगे। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर व गंगा एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण हो चुका है। डिफेंस कॉरिडोर के लिए लगभग 700 एकड़ लैंड और लगभग 200 एकड़ लैंड इंडस्ट्री कलस्टर के लिए उन्नाव जनपद के लिए तैयार है। उद्योग लगने से स्थानीय नौजवानों को यहीं रोजगार प्राप्त होगा। दुनिया के लिए प्रेरणा बना भारत का प्रबंधन  सीएम ने कहा कि जब दुनिया ऊर्जा, आर्थिक मंदी और पश्चिम एशिया के संकट के दौर से गुजर रही है, तब भी पीएम मोदी के नेतृत्व में जनता को राहत मिली और संकट से उबारा गया। भारत का प्रबंधन दुनिया के लिए प्रेरणा बना। अमेरिका महंगाई से त्रस्त है, लेकिन भारत ने उक्त संकटों का बखूबी सामना किया। भारत में सुरक्षा, आस्था का सम्मान व अर्थव्यवस्था को मजबूती से बढ़ाया जा रहा है। आतंकवादियों, उग्रवादियों व नक्सलवादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देकर भारत की ताकत का अहसास कराया जा रहा है।  गरीब, किसान, महिला व युवा को केंद्र में रखकर योजनाएं सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री की नजर में चार जातियां (गरीब, किसान, महिला, युवा) ही हैं। योजनाएं इन्हें केंद्र में रखकर ही बन रही हैं। मिशन शक्ति के अंतर्गत नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के कार्यक्रम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए अब गरीब हाथ नहीं फैलाते, बल्कि अधिकारी घर जाकर बताते हैं कि आपका चयन हुआ है। पहले घूस देकर भी योजना का लाभ नहीं मिलता था, आज बिना सिफारिश रसोई गैस, राशन, पेंशन, आयुष्मान आदि सुविधाएं मिल रही हैं।  विपक्षियों के दोहरे चरित्र को देख आती है हंसी  सीएम ने कहा कि विपक्षी दलों के दोहरे चरित्र को देखकर हंसी आती है। प्रदेश को पहचान का संकट देने वाले, माफियाराज, दंगा-कर्फ्यू ग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं। इनमें तनिक भी लज्जा हो तो अपने कार्यकाल को देख लें। जिन दलों ने युवाओं के रोजगार/नौकरियों, स्वाभिमान से खिलवाड़ किया,  यूपी का युवा इन भ्रष्टाचारियों को स्वीकार नहीं करेगा। युवा 2014 से इनसे अपमान का बदला ले रहा है। स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वाले बर्दाश्त नहीं  सीएम ने कहा कि पहले किसान को फसल का दाम और बिजली नहीं मिलती थी। ट्यूबवेल चोरी होते थे, आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाता था। गन्ने का दाम, समय पर बीज-उर्वरक, कुछ नहीं मिलता था, इसलिए किसान भी इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगा। मां जगतजननी की प्रतीक नारी शक्ति खर-दूषण व चंड-मुंड से निपटना जानती है। सपा के नाम पर ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ की चर्चा होती है। नया भारत व नया उत्तर प्रदेश सम्मान, स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शता नहीं है। यूपी पर बरसता है प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद सीएम ने कहा कि यूपी में प्रभु श्रीराम, बांके बिहारी, बाबा विश्वनाथ, मां गंगा का आशीर्वाद बरसता है, यहां पैसे की कमी नहीं है। अब कोई उपद्रव नहीं करता है। हर त्योहार अब गरीबों के लिए भी खुशहाली लाते हैं। गरीब इन त्योहारों पर अच्छे कपड़े पहनकर परिवार के साथ उत्साहित होते हैं।  उन्नाव भी बना एससीआर का अंग  सीएम ने कहा कि उन्नाव भी स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) का अंग बना है। अमर नायक वीर गुलाब सिंह लोधी देश को आजाद कराने के लिए कभी उन्नाव … Read more

देश के प्रतिष्ठित आईआईटी गांधीनगर में आयोजित ओरिएंटेशन सेशन में शामिल होंगी कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राएं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बालिकाओं को केवल विद्यालयी शिक्षा तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, वैज्ञानिक नवाचारों और आधुनिक अधिगम के अवसरों से भी जोड़ रही है। इसी क्रम में आईआईटी गांधीनगर, गुजरात द्वारा संचालित क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन सेशन में उत्तर प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन किया गया है। यह उपलब्धि न केवल इन विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, बल्कि योगी सरकार द्वारा बालिका शिक्षा को नए अवसरों और राष्ट्रीय मंचों से जोड़ने के प्रयासों की भी पुष्टि करती है।  विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 13 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले इस विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में चयनित प्रत्येक विद्यालय से दो छात्राएं और एक शिक्षिका भाग लेंगी। छात्राओं को देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में सीखने और समझने का अवसर प्राप्त होगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को बालिका सशक्तीकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है। डिजिटल शिक्षण, नवाचार आधारित गतिविधियों, विज्ञान एवं गणित कार्यक्रमों तथा राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव जैसी पहलों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश की बेटियां देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच रही हैं। प्रयागराज और गाजियाबाद की छात्राओं का आईआईटी गांधीनगर में चयन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की बालिकाएं अब अवसरों की मुख्यधारा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं और भविष्य के वैज्ञानिक, शोधकर्ता तथा नवप्रवर्तक बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।  पूरे वर्ष क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों का चयन आईआईटी गांधीनगर के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (सीसीएल) द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार चयन उन विद्यालयों का किया गया है जिन्होंने पूरे वर्ष क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज ने कार्यक्रम के 50 में से 46 सत्रों में भागीदारी करते हुए 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की तथा 48 में से 39 वर्कशीट जमा कराईं। वहीं केजीबीवी लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद ने 50 में से 49 सत्रों में भाग लेकर 98 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की तथा 48 में से 42 वर्कशीट जमा कराईं। उत्कृष्ट सहभागिता और बेहतर प्रदर्शन के आधार पर दोनों विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के इस विशेष कार्यक्रम के लिए चुना गया है।  विज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों से परिचित छात्राएं कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को विज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा। वे आईआईटी गांधीनगर के शैक्षणिक वातावरण, शोध संस्कृति और नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल को निकट से समझ सकेंगी। इससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा, जिज्ञासा को नई दिशा मिलेगी और उच्च शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ेगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली छात्राओं के लिए यह अनुभव नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा।

उन्नाव में सड़क, शिक्षा और आवासीय विकास को नई रफ्तार, 101 योजनाओं का शुभारंभ

उन्नाव उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के विकास को आज एक नई रफ्तार मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जिले को 570 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 101 विकास परियोजनाओं का बड़ा तोहफा मिला है. योजनाओं से उन्नाव के शहरी और ग्रामीण इलाकों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. इन 101 परियोजनाओं में उन्नाव के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई अहम काम शामिल हैं. किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा?     आवासीय सुविधाएं: लोगों के रहने के लिए सरकारी आवासीय परिसरों का विस्तार.     सड़क और कनेक्टिविटी: जिले की सड़कों को चौड़ा और मजबूत करना ताकि आवागमन आसान हो सके.     शिक्षा का विकास: नए शिक्षण संस्थानों और कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण.     ग्रामीण विकास: ग्राम पंचायतों में नए पंचायत भवनों का विकास.     रोजगार: युवाओं के लिए नौकरी और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने वाली योजनाएं. लोकार्पण होने वाली मुख्य परियोजनाएं उन्नाव सदर: ₹224 करोड़ की लागत से शहीद गुलाब सिंह लोधी प्रशिक्षण विद्यालय की क्षमता को दोगुना करने के लिए आवासीय और अनावासीय भवनों का निर्माण. साथ ही ₹75 करोड़ से अधिक की लागत से मंधना-गंगा बैराज-शुक्लागंज-पुरवा-मोहनलालगंज मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण. भगवंतनगर: ₹4 करोड़ से बीघापुर में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में आधुनिक कार्यशाला और प्रशिक्षण कक्ष का निर्माण. इसके अलावा ₹3 करोड़ से अधिक की लागत से नगर पंचायत अचलगंज में कल्याण मंडपम का निर्माण. शिलान्यास होने वाली मुख्य परियोजनाएं उन्नाव सदर: ₹26 करोड़ से अधिक की लागत से धाना से जंगेश्वर होते हुए पावा मार्ग का सुदृढ़ीकरण कार्य. ₹24 करोड़ की लागत से चांदपुर में 'मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय' का निर्माण. इसके साथ ही ₹9 करोड़ से अधिक की लागत से नगर पालिका परिषद गंगाघाट में कार्यालय भवन का निर्माण कार्य. भगवंतनगर: ₹28 करोड़ की लागत से बिहार-सरेनी-चैनपुर-भगवंतनगर मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य. साथ ही ₹3 करोड़ से बक्सर (मां चंद्रिका देवी मंदिर) में बाईपास का निर्माण कार्य. इससे संबंधित कार्यक्रम आज यानी 18 जून, 2026 को सुबह 10:00 बजे आयोजित किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ राज्य मंत्री (उच्च शिक्षा) रजनी तिवारी, उन्नाव के सांसद डॉ. स्वामी सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह और क्षेत्र के कई विधायक व माननीय सदस्य मौजूद रहे.

राष्ट्रपति मुर्मु का बैतूल प्रथम आगमन पर परम्परागत लोक नृत्य की प्रस्तुति से किया स्वागत

भोपाल राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु का गुरुवार को बैतूल प्रथम आगमन पर गोंडी जनजातीय कड़पड़ा दल के कलाकारों ने परंपरागत लोक नृत्य की प्रस्तुति कर राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति ब्रह्मकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित “आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण” महासम्मेलन में शामिल हुईं। राष्ट्रपति  मुर्मु के साथ ब्रह्मकुमारी संस्था के सदस्यों ने सामूहिक फोटो क्लिक करवाया। राष्ट्रपति  मुर्मु के आगमन पर घोड़ाडोंगरी विधायक  गंगा उईके, भैंसदेही विधायक श्री महेंद्र सिंह चौहान, मुलताई विधायक श्री चंद्रशेखर देशमुख, आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति ने रुद्राक्ष का पौधा रोपा राष्ट्रपति  मुर्मु ने बैतूल के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में पवित्र एवं औषधीय गुणों से भरपूर रुद्राक्ष का पौधा लगाया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, केंद्रीय राज्य मंत्री जनजातीय कार्य विभाग श्री दुर्गादास उइके, प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शॉल, स्मृति-चिन्ह एवं बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर किया स्वागत

रायपुर लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विश्वविख्यात बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भी उन्हें भेंट की। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला के छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने, संसदीय मर्यादाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने में उनका योगदान प्रेरणादायी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि  बिरला के नेतृत्व और मार्गदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक सशक्त होंगी तथा लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी। सौजन्य मुलाकात के दौरान राज्य के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप तथा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

गांधी मैदान में हुआ भव्य समारोह: होमगार्ड जवानों को आधुनिक प्रशिक्षण और नई जिम्मेदारियों की जानकारी

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बदलते समय के साथ कानून-व्यवस्था की चुनौतियां भी बदल गई हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों को पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ आधुनिक तकनीकों में भी दक्ष होना होगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए अनुशासन और कौशल को अब मैदान में उतारने का समय आ गया है। जनता की सुरक्षा और सहायता ही हमारा पहला धर्म है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अपराधी चुनौती देते हैं तो कभी-कभी उन्हें जवाब देना भी जरूरी हो जाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार अब तेजी से बदल रहा है और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। पांच हजार होमगार्ड जवानों को दी बधाई मुख्यमंत्री गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में आयोजित बिहार गृह रक्षा वाहिनी के 5,000 नवनामांकित जवानों के पारण परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि यहां तक पहुंचना उनके परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी जवान अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करेंगे। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली और जवानों द्वारा प्रदर्शित अनुशासन तथा प्रशिक्षण कौशल की सराहना की। समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, गृह विभाग और बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। होमगार्ड कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार होमगार्ड जवानों के कल्याण और सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। जवानों के लिए आधुनिक बैरकों का निर्माण, बेहतर आवासीय सुविधाएं और कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जवान बिना किसी चिंता के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। बिहार पुलिस की सहयोगी शक्ति मानी जाने वाली गृह रक्षा वाहिनी को अब 5,000 नए प्रशिक्षित जवानों का बल मिला है। इससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। महिला जवानों ने भी दिखाया दमखम पारण परेड की विशेषता यह रही कि बड़ी संख्या में महिला गृह रक्षक जवानों ने भी इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने अपने अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रशिक्षण क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। समारोह के अंत में सभी 5,000 जवानों ने देश और राज्य की सेवा के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ शपथ ली। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने जवानों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अत्याधुनिक प्रशिक्षण से लैस हैं नए जवान नवनामांकित जवानों को केवल सामान्य सुरक्षा प्रशिक्षण ही नहीं दिया गया है, बल्कि उन्हें आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान वीआईपी सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्य, अत्याधुनिक हथियारों के संचालन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण विधाओं का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। इससे वे विभिन्न परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे। 45 डिग्री तापमान में भी दिखा अनुशासन और शौर्य भीषण गर्मी और लगभग 45 डिग्री तापमान के बावजूद गांधी मैदान में जवानों का उत्साह और जोश देखने लायक था। मुख्य मंच के सामने से गुजरते मार्चिंग दस्ते और बिहार गृह रक्षा वाहिनी के विशेष घुड़सवार दस्ते ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। जवानों की शानदार प्रस्तुति पर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बड़ी संख्या में जवानों के परिजन भी कार्यक्रम में मौजूद थे, जिन्होंने अपने प्रियजनों की उपलब्धि और प्रशिक्षण प्रदर्शन को गर्व के साथ देखा। जवानों के अनुशासन, समर्पण और शौर्य ने समारोह को यादगार बना दिया।

भानगढ़ किला का श्राप और इतिहास: जानें तांत्रिक और संत बालू नाथ की कथाएं

अलवर राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ किला भारत की सबसे भूतिया जगहों में से एक माना जाता है। इस किले की कहानी और इसके रहस्यमयी श्राप ने इसे रहस्यमयी और डरावनी जगह बना दिया है। यहां रात में जाना मना है, इस किले का इतिहास रहस्यमयी कहानियों से भरा पड़ा है। और इसके पीछे की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। भानगढ़ किले का निर्माण 16वीं शताब्दी में राजा माधो सिंह ने करवाया था। यह किला अपनी स्थापत्य कला और वास्तुकला के लिए तो मशहूर है ही, लेकिन इसके अलावा यह किला अपने रहस्यों और भूतिया गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। भूतिया श्राप की कहानी भानगढ़ किले की कहानी संत बालू नाथ से जुड़ी हुई है। राजा माधो सिंह ने इस किले का निर्माण करवाया था, लेकिन उन्होंने पहले बालू नाथ से इसकी स्वीकृति ली थी। बालू नाथ जो एक तपस्वी थे, उन्होंने शर्त रखी कि महल की छाया उनके ध्यान स्थल पर नहीं पड़नी चाहिए। जब ​​किले का निर्माण पूरा हुआ तो इसकी छाया बालू नाथ के ध्यान स्थल पर पड़ी। छाया अपने ऊपर पड़ने से संत क्रोधित हो गए और उनका गुस्सा किले के लिए श्राप साबित हुआ। किले के निर्माण के तुरंत बाद ही भानगढ़ नष्ट हो गया और अब तक इसे फिर से बसाया नहीं जा सका है। बालू नाथ की तपस्या स्थली आज भी खंडहर में है, जो इस शापित स्थान के रहस्य को और बढ़ा देता है। राजकुमारी रत्नावती की कहानी भानगढ़ किले के बारे में एक और प्रसिद्ध कहानी यह है कि एक तांत्रिक के श्राप के कारण यह किला पूरी तरह से बर्बाद हो गया था। ऐसा कहा जाता है कि किले की खूबसूरत राजकुमारी रत्नावती इस किले के पतन का मुख्य कारण थी। राजकुमारी से प्यार करने वाले एक तांत्रिक ने उसे पाने के लिए एक चालाक योजना बनाई। लेकिन जब उसकी साजिश का पता चला तो उसे मौत की सजा सुनाई गई। इस तांत्रिक के श्राप के परिणामस्वरूप किला जल्द ही खंडहर में बदल गया और एक प्रेतवाधित स्थान के रूप में जाना जाने लगा। इसके बाद किले में अजीबोगरीब घटनाएं होने लगीं। स्थानीय लोग आज भी दावा करते हैं कि रात में किले से चीखें, चूड़ियाँ टूटने की आवाज़ और संगीत सुनाई देता है। उनका यह भी मानना ​​है कि किले में कभी-कभी परछाइयाँ दिखाई देती हैं और उन्हें लगता है कि कोई उनका पीछा कर रहा है। इन रहस्यमयी घटनाओं ने भानगढ़ किले को एक भूतिया जगह बना दिया है, जहाँ आज भी लोग डर के मारे जाते हैं। भानगढ़ किले का भ्रमण भानगढ़ किला सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है। यह किला राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है, जो जयपुर और दिल्ली के बीच आता है। दिन के समय पर्यटक किले की खूबसूरती और वास्तुकला का लुत्फ़ उठा सकते हैं, लेकिन रात में यहाँ जाने की हिम्मत बहुत कम लोग ही कर पाते हैं। कहा जाता है कि भानगढ़ किले में रात के समय भूत-प्रेतों का वास होता है। रात में यहाँ अजीबोगरीब आवाज़ें भी सुनाई देती हैं, जो इस किले के रहस्यमयी माहौल को और बढ़ा देती हैं। इस किले के बारे में यह भी कहा जाता है कि जो भी रात में किले में प्रवेश करता है, वह सुबह वापस नहीं आ पाता। यही वजह है कि यहाँ रात में जाना मना है।इतना भूतहा किला होने के बाद भी यहां करन-अर्जुन, ट्रिप टू भानगढ़, फियर-फाइल्स और झांसी की रानी जैसे फिल्मों और शोज की शूटिंग हो चुकी है। भानगढ़ किले को भूतिया क्यों माना जाता है? भानगढ़ किले को भूतिया इसलिए माना जाता है क्योंकि यहाँ की स्थानीय मान्यता है कि एक तांत्रिक ने किले को श्राप दिया था, जिसके कारण किला नष्ट हो गया और यहाँ के निवासी भी खत्म हो गए। लोग अजीबोगरीब आवाजें सुनने और रात में परछाई देखने की बात करते हैं, जिसकी वजह से यह किला भूतहा जगह बन गया है। भानगढ़ किले का श्राप क्या था? भानगढ़ किले को एक तांत्रिक ने श्राप दिया था, जिसने कहा था कि किला कभी समृद्ध नहीं होगा और इसके निवासी नष्ट हो जाएंगे। इस श्राप की वजह से किला तेजी से नष्ट हो गया और आज भी इसे भूतहा जगह माना जाता है।

आम आदमी भी ठहरेगा वीआईपी बंगले में? सरकार बना रही खास प्लान

पटना. सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने एवं सरकारी परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है। इसके तहत जल संसाधन विभाग के अधीन राज्यभर में स्थित 217 निरीक्षण भवनों (इंस्पेक्शन बंगला) का कायाकल्प कर उन्हें सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित करने की तैयारी है। सरकार इन भवनों के संचालन एवं रखरखाव पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल देगी। इसके साथ बड़े साहबों के लिए बने निरीक्षण बंगलों में निर्धारित किराया भुगतान कर अब आम आदमी ठहरेगा। अभी तक ये निरीक्षण भवन मुख्य रूप से मंत्री, नेता, विभागीय अधिकारियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अकारियों के ठहरने के लिए उपयोग में आते रहे हैं। अधिकांश भवन नदियों, तटबंधों, बांधों एवं प्रमुख जल संरचनाओं के समीप स्थित हैं। वर्ष के अधिकांश समय इनका उपयोग सीमित रहने के कारण इनके रखरखाव पर सरकार को लगातार भारी भरकम खर्च वहन करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन भवनों का व्यावसायिक उपयोग भी संभव हो सकेगा। योजना के तहत निजी एजेंसियों को भवनों के संचालन, रखरखाव एवं सुविधाओं के उन्नयन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके बदले आम नागरिक और पर्यटक निर्धारित किराया देकर यहां ठहर सकेंगे। इससे एक ओर जहां विभाग को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। वहीं, दूसरी ओर भवनों के रखरखाव पर सरकारी खर्च में भी कमी आएगी। पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार सृजन होगा जल संसाधन विभाग के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि राज्य के कई निरीक्षण भवन प्राकृतिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित हैं। इसमें भवन बांधों बराजों एवं जलाशयों के निकट हैं। यदि इनमें आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाती हैं तो ये देसी-विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कमरे की खिड़की से हरियाली एवं नदियों व जलाशयों का मनोरम दृश्य भी देखने के साथ जल विहार करने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य केवल भवनों को राजस्व का स्रोत बनाना नहीं है, बल्कि वर्षों से कम उपयोग में आ रही सरकारी संपत्तियों को जनोपयोगी बनाना भी है। पीपीपी मॉडल के जरिए निरीक्षण भवनों को आधुनिक गेस्ट हाउस और पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना पर विभागीय स्तर पर मंथन जारी है। योजना को अंतिम रूप मिलने के बाद राज्य में सरकारी परिसंपत्तियों के उपयोग का यह एक नया और अभिनव मॉडल साबित हो सकता है। प्रति वर्ष रख-रखाव पर विभाग करता है 15 करोड़ खर्च जल संसाधन विभाग के अनुसार इन भवनों के रख-रखाव पर ही प्रति वर्ष विभाग 15 करोड़ रुपये खर्च करता हैं। इसमें 58 भवन अब रहने लायक नहीं हैं। ऐसे में इसे तत्काल तोड़कर नए सिरे से बनाया जाएगा। पहले चरण में सभी भवनों को 30 वर्ष के लिए लीज पर पीपीपी के आधार पर देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।