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80 यात्रियों से भरी बस में अचानक भड़की आग, लुधियाना में अफरा-तफरी का माहौल

लुधियाना. खन्ना के नजदीक लुधियाना–अमृतसर नेशनल हाईवे पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यात्रियों से भरी एक एसी स्लीपर बस में अचानक आग भड़क उठी। बस में करीब 80 यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। गनीमत रही कि चालक और कंडक्टर की सूझबूझ से सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा जानलेवा हादसा टल गया। जानकारी के मुताबिक, यह बस लुधियाना के समराला चौक से उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की ओर जा रही थी। जैसे ही बस बिजा गांव के पास पहुंची, पीछे के केबिन के नीचे बने लगेज कंपार्टमेंट से धुआं निकलने लगा। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरी बस इसकी चपेट में आ गई। धुआं और गर्मी ऊपर के केबिन तक पहुंचते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री घबराहट में अपनी सीटें छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोगों ने तो चलती बस से उतरने की कोशिश भी की, जिसमें उन्हें मामूली चोटें आईं। हालात बिगड़ते देख ड्राइवर ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और कंडक्टर ने तेजी से सभी यात्रियों को नीचे उतारना शुरू किया। हालांकि, आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को अपना सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला। आग की चपेट में आकर सभी यात्रियों का सामान जलकर राख हो गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। घटना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचीं स्वाति तिवाना ने बताया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। प्रशासन की ओर से प्रभावित यात्रियों को प्राथमिक उपचार, आवश्यक सहायता और आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक बस की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों की गहन पड़ताल की जा रही है।

नवनीत कौर और सुनेलिता टोप्पो के गोल से भारत ने फाइनल में दर्ज की शानदार जीत

ऑकलैंड  भारतीय महिला हॉकी टीम ने FIH हॉकी नेशंस कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। ऑकलैंड में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और विपक्षी टीम को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। न्यूजीलैंड की टीम भारत की चुनौती की किसी भी हद तक सामना नहीं कर सकी। नवनीत कौर दिलाई शानदार शुरुआत टीम इंडिया की जीत की नींव मैच के शुरुआती मिनटों में ही पड़ गई थी। चौथे मिनट में नवनीत कौर ने शानदार गोल दागकर टीम इंडिया को 1-0 की बढ़त दिलाई। इस शुरुआती बढ़त ने भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा दिया और टीम ने लगातार न्यूजीलैंड के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा। मेजबान टीम बराबरी का गोल करने की कोशिश करती रही। लेकिन भारत ने हर हमले को नाकाम कर दिया। सुनेलिता टोप्पो ने दागा दूसरा गोल पहले क्वार्टर में बढ़त हासिल करने के बाद भारत ने दूसरे क्वार्टर में भी अपना दबदबा जारी रखा। 15वें मिनट में सुनेलिता टोप्पो ने शानदार फील्ड गोल कर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। इस गोल के बाद न्यूजीलैंड की टीम पर दबाव और बढ़ गया। भारतीय मिडफील्ड और डिफेंस ने शानदार तालमेल दिखाते हुए विरोधी टीम को गोल करने के अवसर नहीं दिए। पूरे टूर्नामेंट में रहा भारत का दबदबा भारत FIH नेशंस कप 2026 में बिना कोई मैच हारे आगे चैंपियन बना है। पहले टीम इंडिया ने USA, जापान और उरुग्वे के खिलाफ एक-एक गोल के अंतर से जीत हासिल की और अपने ग्रुप में टॉप किया। फिर सेमीफाइल में चिली को 6-0 से हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही आपको बता दें कि यह भारत की नेशंस कप में दूसरी खिताबी जीत है। इससे पहले साल 2022 में पहला संस्करण जीता था।  

खराब सड़क ने ली दो जिंदगियां, जबलपुर में तड़पती रही गर्भवती; मां और अजन्मे शिशु की मौत

जबलपुर. स्मार्ट सिटी और विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जबलपुर से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने व्यवस्था की संवेदनशीलता और जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर सीमा से लगे एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड की ब्रजपुरी कॉलोनी में सड़क की बदहाली एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की जिंदगी पर भारी पड़ गई। समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण 22 वर्षीय ममता कुशवाहा और उसके गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की विफलता की कहानी है, जो विकास के दावे तो करती है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाती। प्रसव पीड़ा शुरू हुई, लेकिन रास्ता बना सबसे बड़ी बाधा शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात महीने की गर्भवती ममता कुशवाहा को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उस समय उनके पति अमन कुशवाहा मजदूरी के लिए घर से बाहर गए हुए थे। घर पर मौजूद जेठानी ने तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन कॉलोनी तक पहुंचने वाली सड़क कीचड़, गड्ढों और खराब हालात के कारण वाहन चालकों ने अंदर आने से मना कर दिया। दर्द से कराह रही ममता के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा। मजबूरी में उन्हें जेठानी के सहारे पैदल ही मुख्य सड़क तक जाना पड़ा। करीब दो किलोमीटर का यह सफर उनके लिए किसी यातना से कम नहीं था। हर कदम के साथ दर्द बढ़ता जा रहा था और समय हाथ से निकलता जा रहा था। अस्पतालों के बीच दौड़ती रही जिंदगी मुख्य मार्ग पर पहुंचने के बाद किसी तरह ऑटो मिला और ममता को लेडी एल्गिन अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए तुरंत नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक पहुंचने की इस जद्दोजहद में कीमती समय निकल चुका था। मेडिकल कॉलेज पहुंचते-पहुंचते गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। कुछ ही देर बाद ममता ने भी अंतिम सांस ले ली। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अब सवालों के घेरे में व्यवस्था ब्रजपुरी कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र की खराब सड़क और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ममता और उसके अजन्मे बच्चे की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विकास के दावे तब किस काम के हैं, जब एक गर्भवती महिला को इलाज के लिए दो किलोमीटर पैदल चलना पड़े और उसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़े।

सुकमा की 53 महिलाओं को मिला विशेष प्रशिक्षण, बढ़ेगी आय और मजबूत होगा पर्यावरण संरक्षण

सुकमा/रायपुर. बांस के उपयोग को बढ़ावा देने और इससे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आय के नए साधन अर्जित करने के लिए एक नवाचार के तहत महिलाओं को बांस से ट्री गार्ड निर्माण का विशेष प्रशिक्षण देकर सक्षम बनाया जा रहा है l सुकमा जिले के तोंगपाल में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14 स्व-सहायता समूहों की 53 महिलाओं को बांस से ट्री गार्ड निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है। बांस आधारित उत्पाद निर्माण की दी गई जानकारी प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को बांस से ट्री गार्ड बनाने की तकनीक, डिजाइन और गुणवत्ता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञों ने बताया कि स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर कम लागत में टिकाऊ और उपयोगी ट्री गार्ड तैयार किए जा सकते हैं। पौधों की सुरक्षा में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका प्रशिक्षण के बाद स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले बांस के ट्री गार्डों का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों, सार्वजनिक स्थलों एवं विभिन्न पौधारोपण स्थलों पर किया जाएगा। इससे पौधों को पशुओं और अन्य संभावित नुकसान से सुरक्षा मिलेगी तथा हरित आवरण बढ़ाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। अतिरिक्त रोजगार और आय का अवसर बांस से निर्मित ट्री गार्डों की बढ़ती मांग महिलाओं के लिए आय का नया स्रोत बनेगी। इससे स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं अतिरिक्त आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी सहायक होगी। ‘लखपति दीदी’ अभियान को मिलेगा बढ़ावा यह पहल केंद्र और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन की योजनाओं के अनुरूप है। बांस आधारित आजीविका गतिविधियों से जुड़कर महिलाएं ‘लखपति दीदी’ अभियान के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी। महिला सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण तोंगपाल में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सतत आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ हरित एवं समृद्ध समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

न्यूयॉर्क से टेक्सास तक योग का जश्न, अमेरिका में बढ़ी योग की लोकप्रियता

वॉशिंगटन  टेक्सास के पार्कों और न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर से लेकर राज्य विधानसभाओं और गवर्नर के ऑफिस तक, इस हफ्ते के अंत में पूरे अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। यह दिखाता है कि भारत में शुरू हुई यह परंपरा अब एक देशव्यापी स्वास्थ्य कल्याण आंदोलन बन गई और इसे आम लोगों में कितना पसंद किया जा रहा है। इस साल का थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" रहा, जिसमें निवारक स्वास्थ्य देखभाल, सक्रिय जीवनशैली और मानसिक कल्याण पर विशेष जोर दिया गया। अमेरिका में भारत की सांस्कृति पहचान संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के एक दशक से अधिक समय बाद अब इसका आयोजन पूरे अमेरिका में व्यापक स्तर पर किया जाता है। देशभर के पार्कों, विश्वविद्यालयों, सामुदायिक केंद्रों, सार्वजनिक स्थलों और सरकारी संस्थानों में योग दिवस मनाया जाता है। करोड़ों अमेरिकी नियमित रूप से योग का अभ्यास करते हैं और यह अमेरिका में भारत की सांस्कृतिक पहचान तथा प्रभाव के सबसे प्रमुख उदाहरणों में से एक बन चुका है। सबसे बड़े समारोह में से एक, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को टेक्सास के शुगर लैंड में हुआ। यहां कॉन्सुल जनरल डी.सी. मंजूनाथ, हिंदू स्वयंसेवक संघ और हिंदू युवा के एक इवेंट के लिए ब्रेजोस रिवर पार्क में मेयर कैरल मैककचियन के साथ शामिल हुए। इस इवेंट में लोग, चुने हुए अधिकारी और योग के शौकीन लोग आउटडोर योग सत्र और कल्याणकारी गतिविधियों के लिए इकट्ठा हुए। मंजूनाथ ने "होलिस्टिक हेल्थ, वेल-बीइंग और तालमेल" को बढ़ावा देने में योग की भूमिका के बारे में बात की। न्यूयॉर्क में, भारत के महावाणिज्यदूत ने मुख्य कार्यक्रम से पहले सेंट्रल पार्क में एक योग सत्र आयोजित किया। इसे "जबरदस्त ऊर्जा वाली शाम" बताते हुए, महावाणिज्यदूत ने कहा कि यह इवेंट न्यूयॉर्क शहर के बीचों-बीच वेलनेस का जश्न मनाता है। टाइम्स स्कावयर में बड़े आयोजन की तैयारी हर वर्ष आयोजित होने वाले ‘सोल्स्टिस इन टाइम्स स्क्वायर’ कार्यक्रम में इस बार हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह आयोजन उस परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसके तहत जून महीने में दुनिया के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में से एक टाइम्स स्क्वायर को खुले आसमान के नीचे एक विशाल योग स्टूडियो में बदल दिया जाता है। वाशिंगटन डीसी में, भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को लिंकन मेमोरियल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के आयोजन का नेतृत्व किया। सैकड़ों योग के शौकीन लोग नेशनल मॉल के पीछे वाली जगह में "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" थीम पर एक सामूहिक योग सत्र के लिए इकट्ठा हुए। इस इवेंट में डिप्लोमैट, कानून बनाने वाले, कम्युनिटी लीडर, योग करने वाले और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्य शामिल हुए, जिससे पूरे अमेरिका में योग की बढ़ती अपील पर जोर दिया गया। न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली में योग दिवस का प्रस्ताव इस वर्ष के आयोजनों को अमेरिकी लॉमेकर्स और सरकारी अधिकारियों से व्यापक मान्यता मिली है। न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट ने सीनेटर शेली मेयर द्वारा प्रायोजित प्रस्ताव 'जे1895' को सर्वसम्मति से पारित किया। इस प्रस्ताव के माध्यम से गवर्नर कैथी होचुल से 21 जून 2026 को न्यूयॉर्क राज्य में आधिकारिक तौर पर 'योग दिवस' घोषित करने का आह्वान किया गया है। पारित प्रस्ताव में प्राचीन भारत में योग की ऐतिहासिक जड़ों, अमेरिकी नागरिकों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता और मानसिक तनाव को कम कर समग्र स्वास्थ्य व कल्याण को बढ़ावा देने में इसके लाभों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली में योग दिवस का एक प्रस्ताव पेश किया गया। यह इस साल किसी स्टेट गवर्नमेंट द्वारा योग दिवस को मिले सबसे बड़े आधिकारिक समर्थन में से एक को दर्शाता है। डेलावेयर के गवर्नर मैथ्यू मेयर (मैट मेयर) ने 21 जून 2026 को आधिकारिक रूप से अपने प्रांत में 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाने का घोषणापत्र जारी किया है। पूरे अमेरिका में योग को लेकर कार्यक्रम इसके अलावा, कैलिफोर्निया में, रेडलैंड्स शहर ने भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए समर्थन जताया। वहीं कई दूसरी नगर पालिकाओं ने स्थानीय समारोह के साथ-साथ इसकी सराहना करते हुए समर्थन जताया। वेस्ट कोस्ट पर, सैन फ्रांसिस्को के क्रिसी मैदान में गोल्डन गेट ब्रिज के पास योग दिवस मनाया गया। भारतीय डिप्लोमेटिक मिशन और सामुदायिक संगठन ने लॉस एंजिल्स, सिएटल और पैसिफिक नॉर्थवेस्ट के दूसरे शहरों में योग कार्यक्रम आयोजित किए। शिकागो, अटलांटा, मियामी, डेनवर, डेट्रॉइट, बोस्टन और देश भर के यूनिवर्सिटी कैंपस में भी सामुदायिक योग सत्र की जानकारी सामने आईं। योग दिवस के अवसर पर आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों में न्यूयॉर्क के हेम्पस्टेड स्थित वैदिक हेरिटेज हनुमान मंदिर में ‘ए लोटस इन द मड’ मैगजीन की तरफ से आयोजित भक्ति-आधारित योग कार्यक्रम भी शामिल रहा। इस आयोजन में 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ध्यान, संगीत, नृत्य और ‘आध्यात्मिक विकास के लिए भक्ति एक राजमार्ग’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में पद्म भूषण से सम्मानित और मशहूर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. दत्तात्रेयुडू नोरी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। आयोजक ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद योग के आध्यात्मिक पहलुओं के साथ-साथ इससे होने वाले शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य फायदों को भी हाईलाइट करना था। पूरे अमेरिका में योग दिवस के जश्न का बढ़ना दिखाता है कि यह कैसे एक सालाना डिप्लोमैटिक पहल से बढ़कर एक बड़े पैमाने पर सर्व-कल्याणकारी आंदोलन बन गया है। यह 2014 में भारत की तरफ से पेश किए गए संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव के तौर पर शुरू हुआ था और अब पूरे अमेरिका में राज्य विधानसभाओं, गवर्नर के कार्यालय, सिटी हॉल, सार्वजनिक पार्क और सामुदायिक केंद्रों में मनाया जाता है।  

मकान बनाने के लिए नए मानक लागू, नक्शा पास कराने में अब सख्ती बढ़ेगी

पटना अगर आप बिहार में किसी जगह पर अपना नया मकान बनाना चाहते हैं या फिर आप कोई बिल्डर हैं और नया अपार्टमेंट बनाना चाहते हैं तो आपको यह खबर जरूर पढ़नी चाहिए। राज्य में ने मकानों, रसोईघर या शौचालय की ऊंचाई कितनी हो, इसे लेकर नए मानक बनाए गए हैं। इन मानकों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई भी होगी। दरअसल बिहार में अपार्टमेंट और मकान के कमरे, रसोई, शौचालय आदि के क्षेत्रफल और ऊंचाई के मानक तय कर दिए गए हैं। कमरे की ऊंचाई कम से कम 2.75 वर्गमीटर या 9 फीट और क्षेत्रफल 9 वर्गमीटर या 97 वर्गफीट होगा। इसका उल्लंघन करने वालों पर गाज गिरेगी। नक्शा स्वीकृत नहीं होगा। नगर विकास विभाग ने भवन निर्माण उपविधि के ड्राफ्ट में इसे शामिल किया है। सम्राट चौधरी कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा। ड्राफ्ट में मकान के सभी घटक(कंपोनेंट) की ऊंचाई, चौड़ाई और क्षेत्रफल के मानक निर्धारित किए गए हैं। न्यूनतम मानकों का पालन करना सभी बिल्डर या मकान निर्माण करने वालों के लिए जरूरी होगा। इसके अनुसार रहने योग्य कमरे का क्षेत्रफल कम से कम 9 वर्गमीटर या 97 वर्गफीट, चौड़ाई 2.4 मीटर या 8 फीट और ऊंचाई 2.75 मीटर या 9 फीट होगी। इसी तरह रसोई का क्षेत्रफल 4.5 वर्गमीटर, चौड़ाई 1.8 मीटर या 6 फीट और ऊंचाई 2.75 मीटर या 9 फीट होगी। केवल स्नानागार यानी बाथरूम का क्षेत्रफल कम से कम 1.8 वर्गमीटर, चौड़ाई 1.2 मीटर और ऊंचाई 2.2 मीटर होगी। केवल शौचालय का क्षेत्रफल कम से कम 1.2 वर्गमीटर, चौड़ाई 0.9 मीटर होना चाहिए। इसी तरह प्लिंथ और छत की मुंडेर की ऊंचाई भी निर्धारित की गई है। वर्तमान में निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया जाता है। बिल्डर स्वीकृत ऊंचाई में ज्यादा से ज्यादा फ्लोर बनाने के फेर में कमरे की ऊंचाई कम कर देते हैं। कई जगह आठ फुट तक ऊंचाई होती है। इससे आम लोगों को परेशानी होती है। जाहिर है नई भवन निर्माण उपविधि के लागू होने से ऐसी गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगेगी। घटक – क्षेत्रफल (वर्गफीट) – चौड़ाई (फीट) – ऊंचाई (फीट) कमरा- 97 – 8 – 9 रसोई – 48.5 – 6 – 9 रसोई और डायनिंग – 81 – 7 – 9 केवल स्नानागार – 20 – 4 – 7.25 केवल शौचालय – 13 -3 – 7.25 शौचालय और स्नानागार – 30 – 4- 7.25 छत की मुंडेर – तय नहीं – तय नहीं – 3.95 से 4.92 फीट

LPG–PNG डुप्लीकेट कनेक्शन पर सख्ती, सरकार ने जारी किए नए नियम

नई दिल्ली अगर आप लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, केंद्र सरकार ने नया नियम लागू करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लिया जाएगा, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी (LPG) कनेक्शन सरेंडर करना होगा। यह नियम इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के ग्राहकों पर लागू होगा। इसका मकसद डुप्लिकेट कनेक्शन खत्म करना, सब्सिडी को बेहतर बनाना और सिलेंडर की सप्लाई को उन ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भेजना है जहां पाइप्ड गैस की सुविधा नहीं है। 30 दिन में कनेक्शन सरेंडर करने का नियम बीते मई महीने में सरकार ने LPG (सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन का नियमन) संशोधन आदेश, 2026' को जारी किया था। इन संशोधित नियमों के तहत जो परिवार PNG कनेक्शन लेते हैं, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना मौजूदा LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। अगर उदाहरण से समझें तो अगर कोई परिवार 1 जून को PNG कनेक्शन लेता तो उसे 1 जुलाई तक अपना LPG अकाउंट बंद करना होगा। अगर इस समय-सीमा का पालन नहीं किया जाता है, तो LPG रिफिल पर रोक लग सकती है और अकाउंट बंद भी किया जा सकता है। किसे मिलेगा ट्रांसफर वाउचर ? हालांकि, नौकरी या पढ़ाई के कारण एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष प्रावधान भी किया है। ऐसे उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन सरेंडर करने के बाद ट्रांसफर वाउचर दिया जाएगा। इसके तहत जहां PNG सुविधा नहीं होगी वहां पर एलपीजी कनेक्शन दोबारा हासिल करने में मदद करेगा। इससे किरायेदारों, छात्रों, प्रवासी कर्मचारियों और ट्रांसफरेबल जॉब करने वाले लोगों की बड़ी चिंता दूर होने की उम्मीद है। वर्तमान नियमों के तहत उपभोक्ता अपनी श्रेणी और क्षेत्र के अनुसार 25 दिन, 35 दिन या 45 दिन के अंतराल पर सिलेंडर बुक करा सकते हैं। इस बीच, खबर है कि तेल मार्केटिंग कंपनियां उन ग्राहकों की पहचान करने के लिए डेटाबेस की सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं जिनके पास दोनों तरह के कनेक्शन हैं, ताकि उन्हें पूरी तरह से PNG पर स्विच करने के लिए कहा जा सके, जहां नेटवर्क मौजूद है। अधिकारियों का कहना है कि डुप्लीकेट कनेक्शन खत्म करने से कालाबाजारी रुकती है, सब्सिडी वाले कमर्शियल सिलेंडर के दुरुपयोग को रोका जा सकता है और पूरी तरह से LPG पर निर्भर घरों के लिए ईंधन वितरण को बेहतर बनाया जा सकता है। नए नियम के तहत अब डिलीवरी एजेंट के सिलेंडर सौंपने से पहले, ग्राहकों को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा गया वैलिड वन-टाइम पासवर्ड (OTP) बताना होगा।

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में गड़बड़ी के आरोप, SIT जांच में कई खामियां उजागर

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी के लिए बनाई गई एसआईटी ने छह दिनों तक लगातार जांच के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। 15 जून को अयोध्या आई एसआईटी शनिवार की शाम लखनऊ लौट गई। सोमवार की सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। बताया जा रहा है कि छह दिनों की जांच और करीब डेढ़ सौ लोगों से पूछताछ के बाद एसआईटी को यहां कदम कदम पर गड़बड़ियां और खामियां मिली हैं। हालत यह रही कि व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव ने एसआईटी के सामने ही एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ा है। एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज तक डिलीट मिले हैं। सोना-चांदी के ब्योरे में तो बड़ी गड़बड़ी मिली है। बताया जा रहा है कि इसका ब्योरा ही नहीं रखा जाता था। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट से पहले ही निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी कई संगीन आरोप यहां की व्यवस्था पर लगा दिए हैं। उन्होंने तो चढ़ावे में हुई चोरी को डाका तक करार दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि सीएम योगी को रिपोर्ट मिलते ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है।ट्रस्ट में बड़े स्तर पर बदलाव या पूरी व्यवस्था ही बदलने की संभावना जताई जा रही है। अखिलेश यादव के आरोपों के बाद गरमाया मामला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले राम मंदिर के चढ़ावा में चोरी का आरोप लगाकर सनसनी फैलाई थी। सात जून को अखिलेश ने एक्स पर लिखा कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है। उन्होंने कोर्ट से मामले के स्वतः संज्ञान लेने की मांग की। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को नकार तो दिया लेकिन कुछ भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस पर अखिलेश के हमले और तेज हो गए। अखिलेश के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस ने भी इसे लेकर हमले तेज कर दिए। पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह के आरोपों से बना दबाव अखिलेश यादव के आरोपों के बीच राम मंदिर में चढ़ावा की गिनती करने वाले पूर्व लेखा प्रभारी और विश्व हिंदू परिषद के नेता महिपाल सिंह ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए सीधे चंपत राय और गोपाल राव को निशाने पर ले लिया। महिपाल सिंह ने 2021 से ही चढ़ावा में चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने खुद पांच लाख की चोरी पकड़ी थी। उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह से नोटों की गड्डियों की गलत गिनती करके चोरी हो रही थी। महिपाल सिंह ने दावा किया कि उन्होंने इस चोरी के बारे में गोपाल राव और चंपत राय को बताया। इसके बाद महिपाल को ही वहां से हटा दिया गया। सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट करा दिए गए। अचानक अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा अखिलेश यादव और महिपाल सिंह के आरोपों ने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के साथ ही भाजपा पर भी दबाव बढ़ा दिया। चढ़ावा में गड़बड़ी को लेकर कई खबरें मीडिया में आने लगीं। महिपाल के वीडियो वायरल होने लगे तो चौतरफा दबाव बढ़ा। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा अचानक अयोध्या पहुंचे। उन्होंने मामले को देखा, समझा। कहा गया कि दिल्ली से विशेष निर्देश पर नृपेंद्र मिश्रा यहां आए थे। उन्होंने इशारों में गड़बड़ी की बात भी मानी। बाद में खुलकर बोला तो खबली मच गई। विनय कटियार और संतों के हमले से बैकफुट पर आया ट्रस्ट इसी बीच राम मंदिर आंदोलन के हीरो रहे यहीं के पूर्व सांसद विनय कटियार और कई संतों ने भी ट्रस्ट पर हमला बोल दिया। जांच की मांग कर दी। इससे बैकफुट पर आए ट्रस्ट ने सेना के पूर्व अधिकारी को मामले की जांच सौंप दी। विनय कटियार का सीधा हमला चंपत राय पर भी था। ऐसे में ट्रस्ट की भूमिका पर ही प्रश्नचिह्न लगने लगा। कई और संत भी मैदान में खुलकर सामने आ गए। संतों ने भी ट्रस्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। राम मंदिर आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने वाले संतोष दुबे ने तो ऐसे आरोप लगाए जिसका जवाब किसी के पास नहीं था। एसआईटी जांच का ऐलान अयोध्या के संतों और राम भक्तों के साथ ही पूर्व सांसद विनय कटियार के भी इस मामले पर आक्रामक होते ही मामला और गंभीर हो गया। ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यी एसआईटी का गठन कर दिया। लखनऊ के मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत की अगुवाई में आईजी लखनऊ रेंज किरन एस. और विशेष सचिव वित्त नील रतन को एसआईटी का सदस्य बनाते हुए मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई। एसआईटी को सात दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में फाइनल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। 15 जून को एसआईटी की टीम अयोध्या पहुंची और जांच शुरू कर दी। सबसे पहले चंपत राय से जानकारी श्रीराम मंदिर पहुंचते ही एसआईटी की टीम ने सबसे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूरे मामले की जानकारी ली। गणना कक्ष में ही पूरी व्यवस्थाओं को परखा। वहां मौजूद कर्मचारियों की कार्य प्रणाली को देखा। कई अभिलेखों की जांच कर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद एक-एक कर कर्मचारियों से पूछताछ के लिए लिस्ट बनी और अगले दिन से सभी तलब हुए। चंपत राय के सबसे करीबी टिल्लू यादव से लगातार दो दिनों तक पूछताछ हुई और उससे संपत्ति का ब्यूरो भी मांगा गया। कर्मचारियों से पूछताछ के बाद जांच का दायरा बढ़ा जैसे-जैसे एसआईटी ने जांच को आगे बढ़ाया गड़बड़ियां उतनी ही ज्यादा मिलने लगीं। ऐसे में जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया। जांच की जद में सामानों की आपूर्ति और ट्रस्ट की धनराशि से अलग-अलग स्थानों पर कराए गए निर्माण के अलावा जमीनों की खरीद-फरोख्त को भी शामिल कर लिया गया। आपूर्तिकर्ताओं और ठेकेदारों को भी तलब कर उनसे अभिलेख मांगे गए। छठे और अंतिम दिन शनिवार को राम मंदिर के तीनों महत्वपूर्ण पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई। तीनों ने एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ा। नृपेंद्र मिश्रा के आरोपों ने घेरा, मची खलबली एसआईटी जांच के बीच ही निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी को डाका करार दे दिया। … Read more

सीमा पर योग का संदेश, अटारी-वाघा बॉर्डर पर BSF संग हजारों लोगों ने किया अभ्यास

अमृतसर. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पंजाब फ्रंटियर द्वारा अटारी संयुक्त चेक पोस्ट (जेसीपी) में एक हजार से अधिक लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस दौरान बीएसएफ के अधिकारी, जवान, उनके परिवारजन, विद्यार्थी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और सीमावर्ती गांवों के लोग शामिल हुए। बीएसएफ पंजाब ने अपने हीरक जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था हेतु योग’ के तहत सभी मुख्यालयों, यूनिटों और सीमा चौकियों पर योग सत्र आयोजित किए। मुख्य कार्यक्रम जेसीपी अटारी में हुआ, जबकि गुरदासपुर स्थित करतारपुर साहिब कारिडोर, फिरोजपुर के जेसीपी हुसैनीवाला और फाजिल्का सीमा पर स्थित जेसीपी सादकी में भी विशेष आयोजन किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बीएसएफ पंजाब के महानिरीक्षक अतुल फुलझेले ने कहा कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकता है। नियमित योगाभ्यास मन और शरीर को संतुलित रखने के साथ जीवन के प्रत्येक चरण में सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में सहायक है। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। इस दौरान श्वास संबंधी क्रियाओं और शरीर की सही मुद्रा पर विशेष जोर दिया गया।

योग से स्वस्थ जीवन और सशक्त समाज का निर्माण संभव : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर. राज्यपाल रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन किया एवं सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पूरा छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहने की कामना की। डेका ने प्रदेशवासियों से कहा कि योग को जीवनशैली में शामिल करें, प्रतिदिन योगाभ्यास की आदत बनाए और बच्चों को भी इसकी आदत डाले जिससे उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वे  भविष्य में देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन और भावनाओं को सुदृढ़ बनाकर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवसर पर डेका ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।  योगाभ्यास कार्यक्रम में विधायकगण पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, सुनील सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव विकास शील, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर रायपुर संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए। बलरामपुर में हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के साथ व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के हाई स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया तथा नागरिकों को नियमित योग अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के अनेक देशों में योग को स्वास्थ्य, संतुलन और मानव कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं तथा यह व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन की दिशा प्रदान करते हैं। योग हमारी सांस्कृतिक विरासत और स्वस्थ जीवन का आधार है : ओ.पी. चौधरी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय स्थित भीमा तालाब के जाज्वल्य देव द्वार परिसर में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों के सदस्यों तथा नागरिकों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया। इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी ने जिलेवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों के कारण योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज पूरी दुनिया भारतीय संस्कृति की इस अमूल्य धरोहर को अपना रही है। उन्होंने कहा कि योग “विकास भी, विरासत भी” की अवधारणा का जीवंत उदाहरण है, जिसने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को विश्व मंच पर सम्मान दिलाया है।