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‘कांग्रेस ने बंटवारे के समय बंगाल को बेसहारा छोड़ा’ कोलकाता से पीएम मोदी का बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुखर्जी के सिद्धातों को ही अपनाकर बीजेपी ने बंगाल में चुनाव लड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस समय बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिशें हो रही थीं, तब कांग्रेस ने साजिश रचने वाली ताकतों को सामने घुटने टेक दिए थे। तभी श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। बंटवारे के समय कांग्रेस ने बंगाल को बेसहारा छोड़ा- पीएम मोदी उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय कांग्रेस ने बंगाल को बेसहारा छोड़ दिया था और आजादी के बाद तुष्टीकरण की राजनीति की।' पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने लोगों को गलत इतिहास पढ़ाने की कोशिश की। हालांकि सच को छिपाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज बंगाल अपने बेड़ियों से मुक्त हो गया है और विकास की नई यात्रा पर निकल पड़ा है। 'बेड़ियों से आजाद हो गया बंगाल' प्रधानमंत्री ने कहा, 'चुनाव और सरकार गठन के बाद, आज मुझे पहली बार आपके बीच आने का सौभाग्य मिला है। बंगाल की हवा में अब एक नई ताजगी है। ऐसा लगता है मानो बंगाल अब अपनी बेड़ियों से आजाद हो गया है और बंगाल का गौरव फिर से लौटने लगा है।' विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि राज्य में हो रहा बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया की ताकत को दिखाता है। सीमा पर बाड़ लगाने में रुकावट डाल रही थी ममता सरकार उन्होंने कहा, 'बंगाल के लोगों के चेहरों पर चमक है और गांवों में खुशी और भरोसे का माहौल है… बंगाल में यह साफ दिखता है कि आपका एक वोट कैसे बदलाव ला सकता है।' पीएम मोदी ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम में तेजी के लिए राज्य सरकार की कोशिशों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इस प्रक्रिया में रुकावट डाली थी। प्रधानमंत्री ने कहा, 'आपने देखा होगा कि पिछली सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपने के काम को रोक दिया था। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में वह प्रक्रिया शुरू हो गई है।' पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पीएम मोदी ने 20 जून के 'पश्चिमबंग दिवस' के ऐतिहासिक महत्व पर जोर दिया और कहा कि नयी पीढ़ी को उन हालात के बारे में पता होना चाहिए जिनकी वजह से यह राज्य बना। मोदी ने कहा, 'हमें बार-बार 'पश्चिमबंग दिवस' के महत्व को रेखांकित करने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उस दौरान क्या हुआ था।' बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए और हजारों लोगों के साथ योग किया। इसके बाद वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर जाएंगे।

‘योग को बनाइए जीवन का हिस्सा’ योग दिवस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बिहारवासियों से आह्वान

पटना आज पूरे देश और दुनिया के साथ-साथ बिहार में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की धूम बेहद उत्साह के साथ देखी जा रही है। इस खास मौके पर राजधानी पटना के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में राज्य स्तरीय मुख्य योग समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई थी, जिसका उद्देश्य बढ़ती उम्र में स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ इस सामूहिक योग शिविर में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय समेत कई वीवीआईपी नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और हजारों की संख्या में आम लोगों व खेल प्रेमियों ने एक साथ मिलकर विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने किया योग कंकड़बाग खेल परिसर के विशाल मैदान में आयोजित इस भव्य शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सूबे के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार योग के रंग में पूरी तरह रंगे नजर आए। दोनों नेताओं ने आम लोगों के साथ चटाई पर बैठकर अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी और सूर्य नमस्कार जैसे कई महत्वपूर्ण योगासनों का अभ्यास किया। इस दौरान मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि योग हमारी प्राचीन सनातन संस्कृति का एक अनमोल उपहार है, जो शरीर और मन दोनों को पूरी तरह संतुलित रखता है। उन्होंने बिहारवासियों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन का उत्सव न बनाएं, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाएं ताकि एक स्वस्थ और समृद्ध बिहार का निर्माण किया जा सके ललन सिंह और मंगल पांडेय भी रहे मौजूद इस राज्य स्तरीय योग महोत्सव में जेडीयू के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय मौजूद रहे। वहीं, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने इस मौके पर कहा कि उनका विभाग राज्य के कोने-कोने तक योग और वेलनेस सेंटरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कंकड़बाग पाटलिपुत्र खेल परिसर में सुरक्षा और डॉक्टरों की टीम के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और कार्यक्रम के समापन पर सभी गणमान्य लोगों ने निरोग रहने और समाज में सकारात्मकता फैलाने का संकल्प लिया।

श्रद्धा और आस्था का सफर: अमृतसर से पाकिस्तान पहुंचेगा सिख जत्था, गुरुधामों में करेगा मत्था टेक

अमृतसर. शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए सिख श्रद्धालुओं का जत्था श्री हरिमंदिर साहिब परिसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) कार्यालय से रवाना हो गया। यह जत्था विभिन्न गुरुद्वारों के दर्शन करने के बाद 30 जून को भारत लौटेगा। एसजीपीसी की ओर से जत्थे की अगुवाई समिति सदस्य बाबा बूटा सिंह करेंगे। उनके साथ जत्थे के डिप्टी लीडर के रूप में खुशविंदर सिंह भाटिया और बीबी हरजिंदर कौर तथा जनरल मैनेजर के रूप में उप सचिव आजाददीप सिंह शामिल होंगे। श्रद्धालुओं को वीजा लगे पासपोर्ट वितरित किए। एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मनन ने कहा कि पाकिस्तान में स्थित सिख गुरुधामों के दर्शन करना प्रत्येक सिख की इच्छा होती है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह है और समिति द्वारा सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार 302 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 12 को वीजा जारी नहीं किया गया। इस प्रकार 290 श्रद्धालुओं को वीजा प्राप्त हुए हैं और उन्हें पासपोर्ट सौंप दिए गए।

12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण, यूरोप और आर्कटिक क्षेत्रों में दिखेगा अद्भुत नजारा

दुनिया भर के वैज्ञानिकों और आसमान में होने वाली घटना को देखने के शौकीन लोगों के लिए अगस्त 2026 का महीना बहुत खास होने वाला है.  इस साल 12 अगस्त को एक अद्भुत खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसे हम पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं.  आइए जानते हैं कि यह क्या है और इसका क्या मतलब है. क्या होता है पूर्ण सूर्य ग्रहण? सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चाँद, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है. जब चांद, सूर्य को पूरी तरह से ढक लेता है और दिन के उजाले में कुछ देर के लिए अंधेरा छा जाता है, तो उसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं.  उस समय सूर्य के चारों ओर एक चमकती हुई रिंग (छल्ला) दिखाई देती है, जो देखने में किसी जादुई नजारे जैसी लगती है. क्या यह भारत में दिखाई देगा? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत में रहने वाले लोग इसे देख पाएंगे? तो इसका जवाब है नहीं.  यह सूर्य ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देग.  यह मुख्य रूप से यूरोप (जैसे स्पेन), ग्रीनलैंड, आइसलैंड और आर्कटिक के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. भारत में इसका असर? चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई ही नहीं देगा, इसलिए भारत में इसका कोई असर नहीं होगा.  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो ग्रहण हमारे देश में नहीं दिखता, उसका सूतक काल (नियम-कानून) भी मान्य नहीं होता.  इसलिए भारत के लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी और पूजा-पाठ बिना किसी चिंता के सामान्य रूप से कर सकते हैं. सावधानी: ग्रहण कैसे देखें? अगर आप ऐसी जगह पर हैं जहां ग्रहण दिखने वाला है, तो एक बात का हमेशा ध्यान रखें: ग्रहण को कभी भी अपनी आंखों से सीधा न देखें. सूर्य की रोशनी इतनी तेज होती है कि वह आपकी आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचा सकती है. इसे देखने के लिए हमेशा बाजार में मिलने वाले खास सोलर फिल्टर वाले चश्मों का ही इस्तेमाल करना चाहिए.  साधारण चश्मे या आंखों के सामने हाथ रखकर इसे देखना बहुत खतरनाक हो सकता है.

मंगल का वृषभ राशि में प्रवेश, 42 दिनों तक सभी राशियों पर पड़ेगा गहरा प्रभाव

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल का हमारे जीवन पर गहरा और सीधा प्रभाव पड़ता है.  साहस, पराक्रम और ऊर्जा के कारक ग्रह मंगल (Mars) का राशि परिवर्तन एक अत्यंत महत्वपूर्ण खगोलीय घटना मानी जाती है. आज, 21 जून 2026 को मंगल अपनी राशि बदलकर वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं. मंगल का यह गोचर 2 अगस्त 2026 तक रहेगा, यानी इसका प्रभाव कुल 42 दिनों तक बना रहेगा. ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, मंगल का यह गोचर सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लाने वाला है.  जहां यह गोचर कुछ लोगों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा, वहीं कुछ राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने का है. मंगल गोचर: क्यों है यह महत्वपूर्ण? मंगल को ग्रहों का सेनापति कहा जाता है. 42 दिनों तक वृषभ राशि में इनका प्रवास ग्रहों की स्थिति में बड़ा फेरबदल लाएगा, जो मुख्य रूप से हमारे आर्थिक निर्णयों, कार्यक्षमता और साहस को प्रभावित करता है. इस दौरान ऊर्जा में उतार-चढ़ाव महसूस किया जा सकता है. इन राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल के वृषभ राशि में रहने के दौरान 4  राशियों के जातकों को  विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है: 1. मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय चुनौतियों से भरा हो सकता है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में समस्या आ सकती है. इस अवधि में अहंकार से दूर रहना और वाणी पर नियंत्रण रखना आपके लिए हितकर होगा. कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले सोच-विचार अवश्य करें. 2. तुला राशि: मंगल का गोचर तुला राशि के जातकों के लिए भी तनावपूर्ण रह सकता है.  कार्यक्षेत्र में वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है. पारिवारिक जीवन में भी संवेदनशीलता बनी रहेगी, इसलिए धैर्य से काम लेना ही समझदारी है. फिजूलखर्चों पर लगाम लगाएं. 3. अन्य चार राशियां: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसके अतिरिक्त अन्य चार राशियां सिंह, मकर, वृश्चिक और कुंभ मंगल की इस स्थिति से प्रभावित होंगी. इन जातकों को अपने निवेश, व्यक्तिगत संबंधों और स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है. इस अवधि में क्या करें? (विशेष सलाह) आर्थिक योजना: मंगल के प्रभाव से आक्रामक निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, इसलिए निवेश करते समय पूरी तरह सतर्क रहें. क्रोध पर नियंत्रण: मंगल ऊर्जा का कारक है, ऐसे में छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना स्वाभाविक है. योग और ध्यान का सहारा लें. वाणी में संयम: घर और कार्यस्थल पर बहस से बचें. अपनी बात को विनम्रता से रखने का प्रयास करें. स्वास्थ्य: अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं और संतुलित दिनचर्या का पालन करें.

चोरी के शक ने ली मासूम की जान, ग्वालियर में बच्ची की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी आमीन गिरफ्तार

ग्वालियर. पुरानी छावनी स्थित बरा गांव में आठ वर्षीय मासूम बालिका को बेरहमी से पीटने वाला आरोपी आमीन खान जेल भेज दिया गया है। बच्ची के शव को स्वजन के सुपुर्द कर दिया था। स्वजन ने शव को दफना दिया। आमीन खान ने पूछताछ में अपना जुर्म कुबूल किया है। उसने कहा कि डंडे से मारपीट की थी, लेकिन उसे यह नहीं लगा था कि उसकी मौत हो जाएगी। बरा गांव में रहने वाली आठ वर्षीय बालिका के पिता मजदूरी करते हैं। वह गुरुवार को काम पर गए थे। बच्ची आसपास के बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी वह पड़ोस में रहने वाले आमीन खान के घर पहुंच गई। आमीन खान के घर के दरवाजे पर ताला लटका था। इस ताले पर लटककर खोल लिया, फिर घर के अंदर पहुंची। यहां गुल्लक में रुपये व आमीन की पत्नी रेशमा का सोने का पेंडेंट रखा हुआ था। जब आमीन घर पहुंचा तब चोरी होने का पता लगा। आसपास के लोगों ने आठ वर्षीय बालिका का नाम बताया। इसके बाद आमीन उसे घर से पकड़कर ले आया। उसने घर के अंदर बालिका को बंधक बना लिया और हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से डंडे बरसाए। रात में उसे आमीन घर छोड़कर आया। सुबह बालिका मृत अवस्था में मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने इस मामले में बालिका के पिता की ओर से आमीन खान व उसकी पत्नी रेशमा खान पर एफआइआर दर्ज की है। आमीन को हिरासत में ले लिया था। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने मारपीट करना स्वीकार किया। उसने बताया कि उसने इस उद्देश्य से नहीं पीटा था कि उसकी मौत हो जाए। बच्ची कितना तड़पी होगी… बालिका के शरीर पर चोट के निशान और डंडे में लगी कील से लगी चोट बताती है वह कितनी तड़पी होगी। उसके पंजे, पिंडली व कलाई में डंडे की कील के 17 निशान हैं। वहीं पुलिस ने फोरेंसिक और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं, जिससे इस मामले में दोषसिद्धि हो सके। आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। इस संबंध में पुरानी छावनी थाना प्रभारी डा. संतोष यादव ने बताया कि बच्ची की पीट-पीटकर हत्या के मामले में आरोपित आमीन खान को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। उसने अपना जुर्म स्वीकार किया है।

झांसी सर्किट हाउस को मिली नई सौगात, मुख्यमंत्री ने आधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ किया

झांसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी प्रवास के दौरान शनिवार शाम सर्किट हाउस पहुंचे। उन्होंने यहां बटन दबाकर 5 सुइट व 10 बेड की डॉरमेट्री का शुभारंभ किया।  सर्किट हाउस में 5 सुइट की सुविधा वीवीआईपी/वीआईपी अतिथियों तथा 10 बेड की डॉरमेट्री की सुविधा कर्मचारियों के लिए की गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों से विकास कार्यों को लेकर प्रगति जानी। सर्किट हाउस पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।  इस दौरान विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, महापौर बिहारी लाल आर्य, विधायक राजीव सिंह, रवि शर्मा, उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता आदि मौजूद रहे।

जर्मनी ने कोटे डी आइवर को 2-1 से हराया, उन्दाव के दो गोल बने मैच का टर्निंग पॉइंट

नई दिल्ली  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में शनिवार का दिन बेहद रोमांचक और बड़े उलटफेरों से भरा रहा, जहां ग्रुप स्टेज के मुकाबलों में टीमों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली। ग्रुप-एफ के एक एकतरफा मुकाबले में नीदरलैंड्स ने ब्रायन ब्रॉबी और कोडी गैकपो के दो-दो गोलों की मदद से स्वीडन को 5-1 से करारी शिकस्त देकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इसी ग्रुप के दूसरे मैच में जापान ने भी ट्यूनीशिया पर 4-0 से धमाकेदार जीत दर्ज कर अपनी दावेदारी मजबूत की। दूसरी ओर, ग्रुप-ई में जर्मनी ने डेनिज उन्दाव के शानदार दो गोलों के दम पर कोटे डी आइवर के खिलाफ 2-1 से रोमांचक वापसी करते हुए राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं, इक्वाडोर और कुरासाओ के बीच खेला गया मुकाबला दोनों टीमों के मजबूत डिफेंस के कारण 0-0 की गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। नीदरलैंड्स ने स्वीडन को रौंदा फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप एफ के मुकाबले में नीदरलैंड्स ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वीडन को 5-1 से रौंदा। इस जीत के साथ ही नीदरलैंड्स ने ग्रुप में पहला स्थान भी हासिल कर लिया है। नीदरलैंड्स ने नॉकआउट स्टेज में पहुंचने की अपनी दावेदारी को मजबूत कर लिया है। नीदरलैंड्स की तरफ से इस मुकाबले में ब्रायन ब्रॉबी और कोडी गैकपो दोनों ने दो-दो गोल किए। मैच की शुरुआत से ही नीदरलैंड्स आक्रामक अंदाज में खेलता नजर आया। टीम ने पांचवें मिनट में ही पहला गोल कर बढ़त बना ली। कोडी गैकपो के शानदार पास पर ब्रायन ब्रॉबी ने गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाकर टीम का खाता खोला। इसके बाद 17वें मिनट में ब्रॉबी ने नीदरलैंड्स की बढ़त को दोगुना कर दिया। डेनजेल डमफ्रीज के लो क्रॉस को उन्होंने करीब से गोल में तब्दील करते हुए टीम की बढ़त को 2-0 कर दिया। स्वीडन ने वापसी का प्रयास किया, लेकिन पहले हाफ में वह नीदरलैंड्स के डिफेंस को भेदने में पूरी तरह से नाकाम रहे। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही नीदरलैंड्स ने मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना ली। 47वें मिनट में कोडी गैकपो ने शानदार फिनिश के साथ टीम के लिए तीसरा गोल किया। इसके सिर्फ सात मिनट बाद उन्होंने अपना दूसरा गोल भी दागा और नीदरलैंड्स की लीड को 4-0 कर दिया। गैकपो ने अंदर की ओर कट करते हुए जोरदार शॉट लगाया, जिसे स्वीडिश गोलकीपर रोकने में नाकाम रहे। स्वीडन के लिए मैच का पहला गोल 59वें मिनट में आया। सबस्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर आए एंथनी एलंगा ने शानदार गोल करते हुए अंतर को कम करने का प्रयास किया। हालांकि, इसके बाद नीदरलैंड्स के डिफेंस ने स्वीडन को गोल करने का कोई और मौका नहीं दिया। मैच के अंतिम मिनटों में भी नीदरलैंड्स का दबदबा जारी रहा। 89वें मिनट में क्राइसेंसियो समरविले ने शानदार गोल कर टीम की जीत पर मुहर लगा दी। 5-1 की धमाकेदार जीत के साथ ही नीदरलैंड्स के अब 2 मुकाबलों में 4 प्वाइंट्स हो गए हैं। वहीं, स्वीडन की टीम दूसरे स्थान पर खिसक गई है। जर्मनी ने जीता अपना मुकाबला फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-ई मुकाबले में जर्मनी ने शानदार वापसी करते हुए कोटे डी आइवर को 2-1 से हराया। टीम की इस जीत के हीरो डेनिज उन्दाव रहे, जिन्होंने दो गोल दागे। कोटे डी आइवर के खिलाफ मिली रोमांचक जीत के साथ ही जर्मनी ने राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली है। यह मुकाबला शुरुआत से लेकर अंत तक बेहद रोमांचक रहा। मुकाबले के शुरुआती मिनटों में ही काई हैवर्ट्ज के पास गोल करने का शानदार मौका था, लेकिन उनका हेडर क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया। इसके बाद जोशुआ किमिच ने एक बेहतरीन क्रॉस दिया, जिस पर हैवर्ट्ज ने फिर कोशिश की, लेकिन कोटे डी आइवर के गोलकीपर याहिया फोफाना ने शानदार बचाव किया। जर्मनी को एक और मौका कॉर्नर किक पर मिला, जब एलेक्जेंडर पावलोविच ने हेडर से गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दी। हालांकि, रेफरी ने फाउल का फैसला देते हुए गोल को अमान्य करार दिया। दूसरी ओर, कोटे डी आइवर ने भी जवाबी हमले जारी रखे। यान डियोमांडे ने बाईं ओर से तेजी से एक लो क्रॉस दिया जो अमाद डियालो के पैरों पर गिरा। हालांकि, नैथेनियल ब्राउन इस शॉट को ब्लॉक करने में सफल रहे, लेकिन वह केसी को रिबाउंड पर गोल करने से नहीं रोक सके। इस गोल के साथ ही कोटे डी आइवर ने मैच में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। दूसरे हाफ में भी अफ्रीकी टीम ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन जर्मनी के कोच जूलियन नेगल्समैन ने समय रहते बदलाव किए। उन्होंने लगभग एक घंटे के खेल के बाद नदीम अमीरी और डेनिज उन्दाव को मैदान पर उतारा। यह फैसला मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। सबस्टिट्यूट खिलाड़ी के तौर पर उतारे गए डेनिज उन्दाव ने दो गोल करते हुए मैच का पासा पलटा। उन्दाव को जब मैदान पर उतारा गया, तो कोटे डी आइवर 1-0 से आगे था। हालांकि, आठ मिनट के अंदर उन्दाव ने पहला गोल दागते हुए स्कोर को 1-1 से बराबर किया। कोटे डी आइवर के पास भी दोबारा बढ़त हासिल करने का शानदार मौका था। निकोलस पेपे और साइमन एडिंगरा ने एक अच्छा हमला बनाया, लेकिन वह अंतिम क्षणों में गेंद पर नियंत्रण नहीं रख सके और मौका हाथ से निकल गया। मैच जब ड्रॉ की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी स्टॉपेज टाइम में जर्मनी के लिए उन्दाव ने निर्णायक गोल किया। लुकास नेमेचा ने उन्दाव को शानदार पास दिया। उन्दाव ने गेंद को नियंत्रित करते हुए बेहतरीन फिनिश किया और जर्मनी की जीत पक्की कर दी। उन्दाव के लिए यह प्रदर्शन खास रहा, क्योंकि जर्मनी के लिए उनके पिछले 8 मैचों में यह 9वां गोल रहा। इक्वाडोर और कुरासाओ का मैच ड्रॉ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में इक्वाडोर और कुरासाओ की टीमें आमने-सामने थीं। फुल-टाइम (निर्धारित समय) खत्म होने तक दोनों ही टीमें गोल करने में नाकाम रहीं, जिसके चलते यह मुकाबला 0-0 की बराबरी पर छूटा। इस मैच में दोनों टीमों के डिफेंस ने शानदार खेल दिखाया और विरोधी फॉरवर्ड लाइन को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। इस गोलरहित ड्रॉ के बाद दोनों टीमों को … Read more

योग और नृत्य का अद्भुत संगम: सारंगढ़ में बच्चों ने संगीत की धुन पर योग मुद्राओं से मोहा मन

​रायपुर. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सारंगढ़ के कृषि उपज मंडी परिसर में जिला स्तरीय वृहद योग कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस वर्ष "योगा 365 डेज एम्ब्रेस योगा" और "बढ़ते उम्र के स्वास्थ्य के लिए योग" की थीम पर आधारित इस शिविर में प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा के साथ भगवान श्री धनवंतरि और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस आयोजन में प्रशासनिक और राजनीतिक अमला एक मंच पर नजर आया। मुख्य अतिथि टंकराम वर्मा के साथ कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, बरमकेला जनपद अध्यक्ष सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पत्रकारों और स्कूली बच्चों समेत लगभग 1,000 नागरिकों ने एक साथ बैठकर योग की विभिन्न विधाओं व प्राणायाम का अभ्यास किया। ​पीएम मोदी के संदेश का वाचन और हस्ताक्षर अभियान कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ राष्ट्र' बनाने के संदेश का वाचन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को बधाई देते हुए जीवन में नियमित योग अपनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर योग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें मंत्री, कलेक्टर, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने अपने हस्ताक्षर किए। ​योग और नृत्य का अद्भुत संगम ​इस जिला स्तरीय योग दिवस का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा नृत्य शैली में किया गया योग प्रदर्शन रहा। मुख्य सत्र के बाद, योग शिक्षिका (व्यायाम शिक्षिका) ममता साहू के मार्गदर्शन में सिम्मी योगा एंड फिटनेस सेंटर, योगाचार्य सुभाष पटेल की टीम और सरिया की योगिनी अकादमी के बच्चों ने 'श्रीरामचंद्र' सहित अन्य भक्ति गीतों पर सामूहिक योग मुद्राओं का विहंगम प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, साक्षी पटेल ने एकल गीत पर योग की अत्यंत कठिन मुद्राओं को सहजता से प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि और उपस्थित जनसमुदाय की खूब वाहवाही बटोरी। अनुशासित भागीदारी और प्रेरक पल आयोजन को सफल बनाने में भारत स्काउट, जूनियर रेडक्रॉस और एनएसएस (NSS) के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्कूल और कॉलेज के इन छात्र-छात्राओं की अनुशासित और ऊर्जावान भागीदारी ने योग के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया। कार्यक्रम में एक भावुक और प्रेरक पल तब देखने को मिला जब मंच से हजार से अधिक नागरिकों को योग का अभ्यास करा रहीं मुख्य योग शिक्षिका ममता साहू के माता-पिता और रिश्तेदार भी इस शिविर में शामिल हुए। अपनी बेटी के इस बेहतरीन नेतृत्व और राज्य स्तर पर मिल रहे सम्मान को देखकर उनके माता-पिता भावविभोर हो उठे। यह अनूठा आयोजन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य और एकजुटता का एक अमूल्य संदेश दे गया।

झिझक से सम्मान तक का सफर, गधहाभाटा अब कहलाएगा सोनपुर

कवर्धा. कबीरधाम जिले का एक ऐसा गांव, जहां के लोग वर्षों तक अपने ही गांव का नाम बताने में झिझक महसूस करते थे, लोगों को उपहास का सामना करना पड़ता था, क्योंकि गांव का नाम गधहाभाटा था। अब गांव का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर करने से ग्रामीणों की यह पीड़ा खत्म हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसका राजपत्र में प्रकाशन भी किया जा चुका है। इसी खुशी के मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्राम सोनपुर पहुंचे और ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपकर नई पहचान के लिए बधाई दी। इस दौरान उन्होंने गांव के विकास के लिए 7 लाख 50 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सिर्फ गांव का नाम ही नहीं बदला, बल्कि अब सोनपुर की तस्वीर भी बदल रही है। गांव में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने गांव का नाम परिवर्तन होने पर उपमुख्यमंत्री का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गधहाभाटा नाम होने के कारण उन्हें कई जगह शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती थी। लोग मजाक उड़ाते थे, जिसका असर सामाजिक रिश्तों और बच्चों के विवाह संबंधों पर भी पड़ता था। अब गांव का नाम सोनपुर होने से ग्रामीण गर्व के साथ अपनी पहचान बता सकेंगे।